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CG : धान खरीदी के संबंध में बैठक सह प्रशिक्षण, समर्थन मूल्य पर किसानों से धान उपार्जन के सफल क्रियान्वयन हेतु बैठक…

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कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव की अध्यक्षता में 25 अक्टूबर 2025 को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में दो पालियों में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान उपार्जन के सफल क्रियान्वयन हेतु बैठक सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। प्रथम पाली सुबह 10 बजे राजनांदगांव एवं डोंगरगांव विकासखंड तथा द्वितीय पाली दोपहर 1 बजे छुरिया एवं डोंगरगढ़ विकासखंड के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे।

ग्राम चवेली में खनिज चूना पत्थर के अवैध उत्खनन प्रकरण के संबंध में शिकायतकर्ता श्री विवेक कुमार शर्मा को न्यायालय अपर कलेक्टर राजनांदगांव में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश.

न्यायालय अपर कलेक्टर राजनांदगांव में 30 अक्टूबर 2025 सुबह 11 बजे राजनांदगांव तहसील के ग्राम चवेली में खनिज चूना पत्थर के अवैध उत्खनन प्रकरण के संबंध में शिकायतकर्ता श्री विवेक कुमार शर्मा को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।

न्यायालय अपर कलेक्टर राजनांदगांव से प्राप्त जानकारी अनुसार राजनांदगांव तहसील के ग्राम चवेली पटवारी हलका नंबर 22 में मनिन्दर सिंह गरचा द्वारा खनिज चूना पत्थर का अवैध उत्खनन प्रतिवेदन खनि अधिकारी राजनांदगांव के माध्यम से प्राप्त हुआ है।

प्रस्तुत प्रकरण में शिकायतकर्ता के साथ-साथ पंचनामा के साक्ष्य भी है।  न्यायालय अपर कलेक्टर राजनांदगांव द्वारा प्रकरण के संबंध में श्री विवेक कुमार शर्मा की उपस्थिति हेतु उचित माध्यम से नोटिस तामिली हेतु भेजा गया है, किन्तु प्रतिवेदन में उल्लेखित कारणों से नोटिस की तामिली नहीं हुई है। सुनवाई तिथि में उपस्थित नहीं होने पर प्रकरण में एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

CG : प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बनी ऊर्जा सशक्तिकरण की दिशा में मील पत्थर…

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प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बनी ऊर्जा सशक्तिकरण की दिशा में मील पत्थर
– श्री रामलाल पालीवाल को बिजली के बिल से मिली मुक्ति, बिजली की बचत एवं उत्पादन से मिली राहत

”प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का सभी को लेना चाहिए लाभ”

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लोकहित में कारगर साबित हो रही है। सौर ऊर्जा का उपयोग कर बिजली उत्पादन करने की यह योजना ऊर्जा सशक्तिकरण की दिशा में मील पत्थर साबित हो रही है।

राजनांदगांव शहर के बसंतपुर वार्ड नंबर 43 के निवासी श्री रामलाल पालीवाल ने बताया कि उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में जानकारी मिली।

जिसके बाद उन्होंने विद्युत विभाग एवं वेंडर से संपर्क किया एवं अपने घर में 3 किलोवाट का सोलर प्लांट लगवाया है। जिसकी लागत 1 लाख 75 हजार रूपए है।

शासन की ओर से 78 हजार रूपए अनुदान राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि पहले बिजली के बिल से परेशान थे। 1200 से 1500 रूपए तक बिजली बिल आता था। वही गर्मियों में बढ़कर 2000 रूपए से अधिक बिजली का बिल देना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अब बिजली के बिल से मुक्ति मिल गई है और अतिरिक्त बिजली 446 यूनिट जमा है। प्रतिदिन लगभग 12 से 15 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रतिदिन लगभग 10 यूनिट बिजली का उपयोग होता है। श्री रामलाल पालीवाल ने बताया कि अब बिजली बिल से राहत मिली है और बिजली की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बहुत उपयोगी है। इसका लाभ सभी को लेना चाहिए। रूफ टॉप सोलर प्लांट पर्यावरण मित्र होने के साथ ही ऊर्जा के संरक्षण की दिशा में उपयोगी है। उन्होंने बताया कि बैंक से ऋण लेने में कोई दिक्कत नहीं हुई 1 लाख 75 हजार रूपए बैंक से तत्काल ऋण मिल गया। ईएमआईके माध्यम से आसान किस्तों में ऋण का भुगतान कर रहे है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अपने घर की छत पर ही ऊर्जा का उत्पादन करने की यह पहल बिजली के बिल से मुक्ति दिलाने तथा ऊर्जा संरक्षण की दिशा में लाभदायक साबित हो रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित होगा, जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है।

शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 30 हजार रूपए से 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार लागत राशि एवं सब्सिडी अलग-अलग है। उपभोक्ता द्वारा सोलर प्लांट के ब्रांड चयन कर सकते है। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का प्लांट लगाने पर अधिकतम 78 हजार रूपए तक सब्सिडी का प्रावधान है।

प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट pmsuryaghar.gov.in या पीएम सूर्यघर मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा। निर्धारित अनुबंध हस्ताक्षरित होने के पश्चात वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है।

स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन जारी कर दी जाती है। इस दौरान यदि उपभोक्ता इच्छुक हो तो शेष राशि का प्रकरण 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु बैंकों को जनसमर्थन पोर्टल द्वारा ऑनलाईन प्रेषित किया जाता है।

CG: प्रदेश में 6 सरकारी फिजियोथैरेपी कॉलेज, प्रत्येक कॉलेज 13 करोड़ 93 लाख 71 हजार रुपए की लागत से बनाया जाएगा, सभी कॉलेजों के लिए 83 करोड़ 62 लाख 26 हजार रुपए की राशि मंजूर…

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प्रदेश में 6 सरकारी फिजियोथैरेपी कॉलेज बनेगा। प्रत्येक कॉलेज 13 करोड़ 93 लाख 71 हजार रुपए की लागत से बनाया जाएगा। हालांकि पढ़ाई अगले साल से शुरू होने की संभावना है। ये कॉलेज मनेंद्रगढ़, जशपुर, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग एवं जगदलपुर में खुलेंगे। सभी कॉलेजों के लिए 83 करोड़ 62 लाख 26 हजार रुपए की राशि मंजूर की गई है।

अभी रायपुर में एकमात्र सरकारी फिजियोथैरेपी कॉलेज है। जबकि प्रदेश में 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों का संचालन किया जा रहा है। कायदे से सभी मेडिकल कॉलेज वाले स्थानों पर फिजियोथैरेपी कॉलेज होना चाहिए। दरअसल अब हड्डी के अलावा ज्यादातर बीमारियों में इलाज के पहले या बाद में फिजियोथैरेपी कराने की जरूरत पड़ती है।

इसके लिए बीपीटी या एमपीटी डिग्रीधारी फिजियोथैरेपिस्ट की जरूरत होती है। न्यूरो सर्जरी के मरीज यानी लकवा, ऑब्स एंड गायनी में डिलीवरी के पहले व बाद में फिजियो का सुझाव दिया जाता है।

CG: खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है, खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है…

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प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। राज्य गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है।

छत्तीसगढ़ यह नाम अब केवल हरियाली और संस्कृति का पर्याय नहीं रहा, बल्कि भारत की खनिज राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। देश के कुल खनिज भंडार का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की धरती में छिपा है। यही कारण है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिजों का योगदान लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। राज्य गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है। 25 साल में राज्य का खनिज राजस्व में 34 गुना बढ़ गया है। वन एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है।

यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 1980 से अब तक वनसंरक्षण अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में केवल 28 हजार 700 हेक्टेयर भूमि ही खनन के लिए दी गई है, जो कि राज्य के वन क्षेत्र 59.82 लाख हेक्टेयर का 0.47 प्रतिशत और राज्य के कुल भू-भाग 135 लाख हेक्टेयर का 0.21 प्रतिशत है। खनन क्षेत्र में कटाई के साथ 5 से 10 गुना वृक्षारोपण को अनिवार्य किए जाने से राज्य के वन क्षेत्र में 68 हजार 362 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक है।

खनिज राजस्व से न केवल प्रदेश को आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खनिज संपदा के दोहन को पर्यावरणीय संतुलन और जनहित से जोड़कर “खनिज से विकास” की नई परिभाषा गढ़ रही है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिजों में से महत्वपूर्ण कोयला, ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। राज्य में कोयले का भंडारण 74,192 मिलियन टन है, जो देश के कोयल भण्डार का लगभग 20.53 प्रतिशत है। कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ राज्य की देश में 20.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। देश के कोयला उत्पादक राज्यों में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। प्रदेश के कोयले का उपयोग ताप विद्युत संयंत्रों, सीमेंट, इस्पात और कोयला आधारित मध्यम व लघु उद्योगों में किया जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता में छत्तीसगढ़ का योगदान पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।

लौह अयस्क देश के इस्पात उद्योग की रीढ़ है, जो छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। कबीरधाम से लेकर दल्लीराजहरा से होते हुए दंतेवाड़ा बैलाडीला तक फैली पर्वत श्रृंखलाओं में 4,592 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 19.09 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 16.64 प्रतिशत है। एनएमडीसी की बैलाडीला खदानें (दंतेवाड़ा) और दल्ली-राजहरा खदानें (बालोद) देश के इस्पात उद्योगों की जीवनरेखा हैं। यहां से भिलाई इस्पात संयंत्र और देशभर के उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क मिलता है। लौह अयस्क उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में द्वितीय स्थान है।

छत्तीसगढ़ में 992 मिलियन टन बाक्साइट भंडार है, जो देश का 20 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 4.3 प्रतिशत है। सरगुजा, बलरामपुर और कबीरधाम जिलों में हिन्डाल्को, वेदांता और सीएमडीसी जैसी कंपनियाँ सक्रिय हैं। बाक्साइट से निर्मित एल्युमिनियम ऊर्जा, निर्माण और रक्षा उद्योग के लिए अहम है।

चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का मेरुदंड है। राज्य में 13,211 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार है, जो देश के कुल भंडार का 5.8 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 11 प्रतिशत है। बलौदाबाजार, रायपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में अल्ट्राटेक, एसीसी, अम्बुजा, श्री सीमेंट, ग्रासिम जैसे संयंत्र कार्यरत हैं। बलौदाबाजार को अब ‘सीमेंट हब’ कहा जाता है।

देश का 100 प्रतिशत टिन उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। सामरिक महत्व के टिन अयस्क का यहां 30 मिलियन टन का भंडार उपलब्ध है। दंतेवाड़ा और सुकमा में मिलने वाला यह खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अनुसूचित जनजाति की सहकारी समितियों के माध्यम से क्रय करने का प्रावधान राज्य सरकार ने लागू किया है।

राज्य में 992 मिलियन टन डोलोमाइट भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 20 प्रतिशत है। मुख्यतः रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में पाया जाता है। यह खनिज इस्पात उद्योग में फ्लक्स मटेरियल के रूप में उपयोगी है। गरियाबंद जिले के बेहराडीह और पायलीखंड क्षेत्रों में हीरा का प्रमाणित भंडार है। बलौदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में 2780 किलोग्राम स्वर्ण भंडार के अतिरिक्त जशपुर, महासमुंद और कांकेर जिलों में भी स्वर्ण और हीरा खनिज की संभावनाएं पाई गई हैं।

छत्तीसगढ़ में गौण खनिजों की भी बड़ी भूमिका है। राज्य में 37 प्रकार के गौण खनिज जैसे-रेत, मुरम, ईमारती पत्थर, साधारण मिट्टी, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, डोलोमाइट और ग्रेनाइट की खुदाई लगभग हर जिले में होती है। रेत और मिट्टी का उपयोग सड़क, भवन और पुल निर्माण में व्यापक रूप से किया जा रहा है। गौण खनिजों से राज्य को स्थानीय राजस्व, रोजगार और पंचायत निधि का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है।

जिला पंचायतों और नगर निकायों को इन खनिजों से प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलती है। खनिज विकास के साथ-साथ राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और खनन प्रभावित इलाकों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया है। डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़कों जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।

खनिज विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का जो उदाहरण छत्तीसगढ़ ने प्रस्तुत किया है, वह आज पूरे देश के लिए एक सस्टेनेबल ग्रोथ मॉडल बन गया है। यहां विकास और हरियाली विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीति में दूरदृष्टि और क्रियान्वयन में संवेदनशीलता हो, तो खनिज संपदा केवल भूमि की गहराई में नहीं, बल्कि जनजीवन की समृद्धि में भी झलक सकती है।

“रिसर्च करनी हो या बनाने हो डॉक्यूमेंट्स, स्टूडेंट्स का काम आसान कर देंगे ये फ्री AI टूल्स”

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वर्किंग प्रोफेशनल के साथ-साथ स्टूडेंट्स के लिए भी AI टूल्स जरूरी हो गए हैं. किसी नए कॉन्सेप्ट को समझना हो या रिसर्च करनी हो, AI टूल्स स्टूडेंट्स के कई काम आसान बना देते हैं. ऐसे में अगर आप स्टूडेंट हैं और आपको रिसर्च, किसी विषय को समझने या डॉक्यूमेंट बनाने आदि कामों के लिए AI टूल्स की जानकारी नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं है.

आज हम आपके लिए ऐसे ही टूल्स की जानकारी लेकर आए हैं, जो हर काम में आपकी सहायता करेंगे.

कॉन्सेप्ट समझने के लिए

कॉन्सेप्ट समझने के लिए गूगल जेमिनी का Guided Learning मोड शानदार साथी हो सकता है. यह सीधे जवाब बताने की बजाय एक इंटरेक्टिव कंपेनियन के तौर पर काम करता है. यानी यह आपसे सवाल भी पूछेगा ताकि यह समझ सके कि किसी कॉन्सेप्ट के बारे में आप कितना समझ पाए हैं. इसके अलावा यह प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने के लिए स्टेप वाइज तरीका अपनाता है और डायाग्राम, वीडियो और क्विजेज के जरिए किसी विषय को समझाने की कोशिश करता है.

पर्सनल ट्यूशन के लिए

ChatGPT का स्टडी मोड टीचिंग के लिए एक शानदार टूल है. यह पहले स्टूडेंट के मौजूदा लेवल को समझता है और फिर उस हिसाब से जवाब देता है. कॉन्टेक्स्ट समझाने के लिए इस पर लेक्चर स्लाइड, PDF चैप्टर और होमवर्क आदि के फोटो अपलोड किए जा सकते हैं.

डॉक्यूमेंट क्रिएशन के लिए

माइक्रोसॉफ्ट का Copilot डॉक्यूमेंट क्रिएशन के लिए एक अच्छा टूल है. यह वर्ड फाइल में आउटलाइन ड्राफ्ट करने, पेपर समराइज करने और साइटेशन में मदद जैसे कई काम आसानी से कर देता है. टीम्स में यह मीटिंग और लेक्चर की स्ट्रक्चर्ड समरी तैयार कर सकता है. इसके अलावा यह टॉपिक्स और क्विज आदि के जवाब भी दे सकता है.

रिसर्च के लिए Perplexity का AI मोड साइटेशन के साथ जवाब देता है. साथ ही रिसर्च के लिए यह जर्नल, पेपर और स्कॉलर डेटाबेस से डेटा लेता है. इसके जवाब में इन-लाइन साइटेशन होता है, जिस पर क्लिक कर उस जानकारी को वेरिफाई किया जा सकता है. इस पर PDF फाइल अपलोड कर भी सवालों के जवाब लिए जा सकते हैं.

“Activa और Pulsar को पीछे छोड़ गई ये बाइक, माइलेज में सबको दी मात, फिर बनी नंबर-1”

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भारत का टू-व्हीलर बाजार सितंबर 2025 में पूरी रफ्तार पर रहा. त्योहारों के मौसम, नए मॉडल लॉन्च और GST 2.0 सुधारों की वजह से बिक्री के आंकड़े नई ऊंचाई पर पहुंच गए. कुल 14,62,687 यूनिट्स की बिक्री के साथ इस महीने टू-व्हीलर सेगमेंट में 6.3% की ग्रोथ दर्ज हुई. आइए विस्तार से जानते हैं.

GST 2.0 सुधारों ने दी बिक्री को रफ्तार

22 सितंबर 2025 से लागू हुए GST 2.0 सुधारों ने टू-व्हीलर उद्योग को बड़ा बूस्ट दिया. अब 350cc तक की बाइक्स और स्कूटर पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है. ये वही कैटेगरी है जिसमें देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली मोटरसाइकिलें और स्कूटर आते हैं. टैक्स में कमी का असर तुरंत देखने को मिला- शो-रूम्स में ग्राहकों की भीड़ बढ़ी और त्योहारों की सेल्स को नई उड़ान मिली.बाइक निर्माताओं जैसे Hero, Honda, TVS, Suzuki और Bajaj को सितंबर महीने में बिक्री के नए रिकॉर्ड बनाने का मौका मिला.

Hero Splendor फिर बनी नंबर 1 बाइक

Hero Splendor ने एक बार फिर टॉप पोजीशन अपने नाम की, कुल 3.82 लाख यूनिट्स बिककर उसने 26% मार्केट शेयर हासिल किया. हीरो मोटोकॉर्प ने हाल ही में 125 मिलियन यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार किया है और इस मौके पर कंपनी ने Splendor+, Passion+ और Vida VX2 के स्पेशल एडिशन भी लॉन्च किए हैं. किफायती दाम, भरोसेमंद माइलेज और लो मेंटेनेंस कॉस्ट Splendor को अब भी आम लोगों की पहली पसंद बनाए हुए हैं.

Activa को मिली कड़ी टक्कर

स्कूटर कैटेगरी में लंबे समय से बादशाहत कायम रखने वाली Honda Activa की बिक्री इस बार थोड़ी घटी है, लेकिन इस कमी का फायदा TVS Jupiter और Suzuki Access 125 ने उठाया है. ग्राहक अब बेहतर माइलेज, स्टाइलिश डिजाइन और ब्लूटूथ, डिजिटल कंसोल जैसे फीचर्स की ओर तेजी से झुक रहे हैं. TVS Jupiter ने शानदार रिटर्न किया है और Suzuki Access ने भी बिक्री में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की है.

परफॉर्मेंस बाइक सेगमेंट में भी गर्माहट

युवाओं के बीच स्पोर्ट्स और परफॉर्मेंस बाइक्स की मांग लगातार बढ़ रही है. इस सेगमेंट में Bajaj Pulsar और TVS Apache जैसी बाइक्स ने एक बार फिर मजबूत पकड़ दिखाई है. Bajaj ने अपने Pulsar सीरीज़ में नए डिजाइन और फीचर्स के साथ युवाओं को आकर्षित किया है, जबकि Apache RTR सीरीज अपने स्पोर्टी इंजन और एडवांस्ड राइडिंग मोड्स की वजह से पॉपुलर बनी हुई है. हालांकि बिक्री के आंकड़ों में ये दोनों Splendor जैसी कम्यूटर बाइक्स से पीछे रहीं, लेकिन ग्रोथ ट्रेंड पॉजिटिव रहा.

फेस्टिव सीजन ने दी बाजार को नई ऊर्जा

त्योहारी सीजन के आगमन ने दोपहिया बाजार को और भी तेज कर दिया है. बैंक ऑफर्स, फाइनेंस स्कीम्स और डिस्काउंट्स के चलते अक्टूबर और नवंबर में बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है.कई कंपनियां आने वाले हफ्तों में नए मॉडल लॉन्च करने और स्पेशल फेस्टिव एडिशन लाने की योजना बना रही हैं. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि GST राहत और त्योहारी खरीदारी के कॉम्बिनेशन ने भारत के टू-व्हीलर उद्योग को फिर से रफ्तार पर ला दिया है.

सितंबर 2025 का सबक

सितंबर 2025 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत में -चाहे माइलेज बाइक्स हों या प्रीमियम स्कूटर्स , दोपहिया वाहनों की पॉपुलेरिटी कभी खत्म नहीं हो सकती. Splendor ने जहां भरोसे और माइलेज से लोगों का दिल जीता, वहीं Activa और Pulsar जैसी बाइक्स ने अपने-अपने वर्ग में मजबूत पकड़ बनाए रखी. यह महीना दोपहिया उद्योग के लिए एक संकेत है कि भारतीय सड़कों पर बाइक का क्रेज अभी बरकरार है और आने वाले महीनों में यह और बढ़ेगा.

“‘अबकी बार मोदी सरकार’, स्लोगन देने वाले एड गुरु पीयूष पांडे का निधन, भारतीय विज्ञापन जगत को बड़ा झटका”

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भारतीय विज्ञापन जगत को बड़ा झटका लगा है. एड गुरु के नाम से मशहूर पीयूष पांडे का निधन हो गया है. उन्होंने 70 साल की उम्र में मुंबई में आखिरी सांस ली. हालांकि मौत के कारण का अभी तक खुलासा नहीं हुआ है.

पीयूष पांडे ने ‘ अबकी बार मोदी सरकार ‘ और ‘ ठंडा मतलब कोका कोला ‘ समेत कई मशहूर विज्ञापन लिखे थे.

पीयूष ने 27 साल की उम्र में विज्ञापन जगत की दुनिया में कदम रखा था. उन्होंने अपने भाई प्रसून पांडे के साथ ही करियर की शुरुआत की थी. दोनों रेडियो जिंगल्स के लिए अपनी आवाज दिया करते थे. उन्होंने 1982 में विज्ञापन कंपनी ओगिल्वी के साथ काम करना शुरू किया. इसके बाद 1994 में उन्हें ओगिल्वी के बोर्ड में नॉमिनेट किया गया. अहम बात यह है कि उन्हें 2016 में भारत सरकार ने पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित किया.

पीयूष गोयल ने पीयूष पांडे के निधन पर शेयर की इमोशनल पोस्ट

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पीयूष पांडे के निधन पर दुख जाहिर किया. उन्होंने एक्स पर लिखा, ” पद्मश्री पीयूष पांडे के निधन पर दुख जाहिर करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं. विज्ञापन जगत में एक अभूतपूर्व व्यक्तित्व, उनकी रचनात्मक प्रतिभा ने कहानी कहने की कला को नई परिभाषा दी और हमें कभी न भूलने वाली कहानियां दीं.”

उन्होंने लिखा,” मेरे लिए वे एक ऐसे मित्र थे जिनकी प्रतिभा उनकी प्रामाणिकता, गर्मजोशी और बुद्धिमता से झलकती थी. मैं हमारी आकर्षक बातचीत को हमेशा संजो कर रखूँगा. वे अपने पीछे एक गहरा शून्य छोड़ गए हैं, जिसे भरना मुश्किल होगा. उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना. ओम शांति!”

हंसल मेहता ने जताया दुख

फिल्ममेकर हंसल मेहता समेत सिनेमा जगत के कई दिग्गजों ने पीयूष पांडे के निधन पर दुख जाहिर किया है. हंसल मेहता ने एक्स पर लिखा, ” फेविकोल का जोड़ टूट गया. आज एड वर्ल्ड ने अपना ग्लू खो दिया. ”

बता दें कि पीयूष पांडे ने कोका कोला कंपनी के लिए ‘ ठंडा मतलब कोका कोला ‘ , कैडबरी के लिए , ‘ कुछ मीठा हो जाए ‘ समेत कई और मशहूर विज्ञापन लिखे थे.

“112 Drug Samples Fail Quality Tests: बाजार में बिक रहीं ये 112 दवाएं कर देंगी बीमार, यह मेडिसिन तो निकली नकली”

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मरीजों की सेहत को दुरुस्त करने वाली दवाइयों की क्वालिटी को लेकर सरकार ने चौंकाने वाली जानकारी दी है. दरअसल, सितंबर 2025 के दौरान बाजार में दवाओं की जांच की गईं, जिनमें 112 दवाओं के सैंपल क्वालिटी चेक में फेल हो गए.

इसका मतलब यह है कि मरीजों को ठीक करने वाली ये 112 दवाएं उन्हें बीमार कर सकती हैं. इन 112 में 52 सैंपल्स की जांच सेंट्रल ड्रग्स लैबोरेट्रीज ने की, जबकि 60 सैंपल्स को स्टेट लैब्स ने ‘नॉट ऑफ स्टैंडर्ड क्वालिटी’ (NSQ) यानी मानक गुणवत्ता से कम पाया. वहीं, छत्तीसगढ़ में दवा का एक सैंपल नकली भी पाया गया. यह जानकारी हेल्थ मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने गुरुवार को दी.

क्या हैं NSQ दवाइयां?

हेल्थ मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया कि हर महीने दवाइयों की क्वालिटी चेक की जाती है. इसके लिए सेंट्रल और स्टेट की लैब्स में सैंपल्स टेस्ट किए जाते हैं. सितंबर में हुई इस जांच में कुल 112 दवाइयों के सैंपल मानक गुणवत्ता पर खरे नहीं उतरे. NSQ का मतलब है कि ये दवाइयां एक या उससे ज्यादा क्वालिटी पैरामीटर्स में फेल हो गईं. इनमें दवा का असर करने वाला तत्व सही मात्रा में नहीं था या कोई और कमी थी.

अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि यह खराबी सिर्फ उन सैंपल्स के बैच में थी, जिनकी जांच की गई. इसका मतलब यह नहीं कि उस कंपनी की दूसरी दवाइयां या उनके अन्य बैच भी खराब हैं. लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. यह जांच सिर्फ एक खास बैच की थी. मार्केट में उपलब्ध दूसरी दवाइयों पर इसका असर नहीं है.

एक दवा मिली नकली

इन 112 सैंपल्स के अलावा छत्तीसगढ़ में एक दवा का सैंपल नकली पाया गया। इस दवा को ऐसी कंपनी ने बनाया था, जिसके पास लाइसेंस ही नहीं था. इस कंपनी ने किसी दूसरी कंपनी के ब्रांड नेम का गलत इस्तेमाल किया. इसका मतलब यह है कि यह दवा पूरी तरह फर्जी थी. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच शुरू कर दी है.

हर महीने होती है जांच

दवाइयों का क्वालिटी चेक रेगुलर प्रोसेस है. केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) हर महीने दवाइयों के सैंपल्स की जांच करता है. इसके बाद जो दवाइयां क्वालिटी टेस्ट में फेल हो जाती हैं या नकली पाई जाती हैं, उनकी लिस्ट CDSCO की वेबसाइट पर डाली जाती है. सितंबर 2025 की इस लिस्ट में कुल 112 NSQ सैंपल्स और एक नकली दवा शामिल है.

ऐसी दवाओं से कैसे बचें?

पर्चे की जांच करें: दवा खरीदने से पहले उसका बैच नंबर और मैन्युफैक्चरिंग डेट चेक करें. CDSCO की वेबसाइट पर जाकर आप NSQ दवाइयों की लिस्ट देख सकते हैं.

लाइसेंस्ड दुकान से खरीदें: हमेशा किसी विश्वसनीय और लाइसेंस्ड मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदें.

डॉक्टर से सलाह लें: अगर आपको दवा की क्वालिटी पर शक हो तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

“बिहार चुनाव 2025: AAP का बड़ा ऐलान, 300 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं को 3000 महीना”

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2025 के बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अलग-अलग दलों की ओर से वादे किए जा रहे हैं. इस बीच आम आदमी पार्टी (आप) की बिहार इकाई ने विधानसभा चुनाव को लेकर बीते गुरुवार (23 अक्टूबर, 2025) को अपना घोषणा पत्र जारी किया.

इसमें कई लुभावने वादे जनता से किए गए हैं.

घोषणापत्र में वादा किया गया है कि सरकार बनने पर 300 यूनिट फ्री बिजली दी जाएगी. अभी तक तेजस्वी यादव यह कहते आ रहे हैं कि महागठबंधन की सरकार बनी तो 200 यूनिट बिजली फ्री होगी. यानी आम आदमी पार्टी एक कदम आगे चल रही है.

माफ होंगे सारे पुराने बिजली बिल

इसके साथ ही यह भी वादा किया गया है कि बिजली के जो पुराने बिल हैं वो सारे माफ कर दिए जाएंगे. सोलर सब्सिडी योजना भी लागू होगी. आम आदमी पार्टी ने महिलाओं का पूरा ख्याल रखा है. वादा किया गया है कि सरकारी बसों में महिलाएं मुफ्त में यात्रा करेंगी.

10 लाख तक मिलेगा ब्याज मुक्त लोन

दूसरी ओर मैया सम्मान योजना के तहत हर माह महिलाओं को तीन हजार रुपये दिए जाएंगे. इसके अलावा 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन की सुविधा दी जाएगी. वहीं रसोइयों और सहायिकाओं को 12,000 प्रतिमाह वेतन मिलेगा.

इसके अलावा फ्री कोचिंग, ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे. बेटी प्रोत्साहन योजना को लागू किया जाएगा. इसके तहत 10वीं पास बेटियों को एक लाख और 12वीं पास को दो लाख रुपये दिए जाएंगे. वहीं ग्रेजुएशन होने पर पांच लाख की आर्थिक मदद की जाएगी.

यह भी संकल्प लिया गया है कि दिल्ली और पंजाब के मॉडल पर हर पंचायत में आधुनिक स्कूल बनेगा. स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लैब्स, प्रशिक्षित और प्रेरित शिक्षक की सुविधा होगा. इसके अलावा बिहार के युवाओं को कोचिंग के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. फ्री में SSC/UPSC/NEET/JEE की वे कोचिंग कर सकेंगे.

“Chhath Puja 2025: कौन है छठी मैया, जाने सुख-समृद्धि और संतान की रक्षा करने वाली देवी का रहस्य!”

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Chhath Puja 2025: छठ पूजा का महापर्व इस साल 25 अक्टूबर से शुरू होगा, जिसका समापन 28 अक्टूबर को होगा. यह त्योहार 4 दिन तक मनाया जाता है. जिसमें सूर्य देव और छठी मैया की विशेष पूजा की जाती है.

इस पर्व को व्रती अपने संतान के स्वास्थय, सफलता और लंबी आयु की मनोरथ के लिए रखती है.

कई लोग यह व्रत रख तो लेते हैं, मगर उन्हें इस महापर्व के बारे में नहीं पता होता, कि संतान की रक्षा करने वाली यह छठी मैया कौन है या उनका क्या महत्व है? आइए जानते है.

छठी मैया किस की है बहन?

हिंदू धर्म में छठी मैया को भगवान सूर्यदेव की बहन माना जाता है. यह संतानों की दीर्घ आयु, स्वास्थ्य, सफलता और सुरक्षा की देवी मानी गई हैं. छठी मैया को देवी षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है.

इनका यह नाम रखे जाने के पीछे एक पौराणिक कथा है, जिसमें बताया गया है कि जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि को बनाया, तब उन्होंने संतानों की रक्षा और वृद्धि के लिए देवी षष्ठी को निर्मित किया. तब से ही माता षष्ठी को हर नवजात बच्चे की रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है.

इनकी पूजा नवजात बच्चे के जन्म के छठे दिन कि जाती है.

छठी मैया और सूर्य देव का संबंध

छठ पूजा में छठी मैया और सूर्य देव की उपासना की जाती है. आराधना के वक्त व्रती महिलाएं जल, फल और अर्घ्य अर्पित करती हैं. ऐसी मान्यता है कि इनके आशीर्वाद से बच्चे निरोगी, लंबी आयु और भाग्यशाली बनते हैं. इस महापर्व के वक्त सूर्य की ऊर्जा और प्रकृति के तत्वों से पवित्रता का मिलन होता है, जिससे जीवन में नई चेतना आती है.

छठ पूजा के चार दिन

  1. नहाय-खाय (25 अक्टूबर)

इस दिन व्रती स्नान कर घर की सफाई करके पवित्र करती हैं. इसके बाद सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत की शुरुआत होती है.

  1. खरना (26 अक्टूबर)

दूसरे दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को गुड़-चावल की खीर और रोटी का प्रसाद बनाकर छठी मैया को अर्पित करती हैं.

  1. संध्या अर्घ्य (27 अक्टूबर)

तीसरे दिन व्रती डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं और सूर्यदेव व छठी मैया से परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करती हैं.

  1. उषा अर्घ्य (28 अक्टूबर

अंतिम दिन व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करती हैं. इसके साथ ही व्रत का विधिवत समापन होता है और भक्त एक-दूसरे को बधाई देते हैं.