Home Blog Page 358

OPEN SCHOOL :  परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया, ओपन स्कूल द्वारा अब साल में तीन बार परीक्षा आयोजित की जा रही है…

0

नवंबर-दिसंबर में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही है। ओपन स्कूल द्वारा अब साल में तीन बार परीक्षा आयोजित की जा रही है।

ओपन स्कूल ने दूसरी परीक्षा के नतीजे किए घोषित;

छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल ने अगस्त में आयोजित दूसरी परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। 12वीं में 46.28 प्रतिशत और 10वीं में 30.02 फीसदी विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। अब तीसरी परीक्षा नवंबर-दिसंबर में आयोजित की जाएगी. परीक्षा के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही है। ओपन स्कूल द्वारा अब साल में तीन बार परीक्षा आयोजित की जा रही है।

मार्च-अप्रैल को पहली और अगस्त में दूसरी परीक्षा आयोजित की गई थी। 12वीं एवं 10 वीं की दूसरी परीक्षा का परिणाम सोमवार की शाम को जारी किया गया। कक्षा 12वीं की परीक्षा के लिए 15036 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। इनमें 14269 विद्यार्थी सम्मिलित हुए. 128 विद्यार्थियों के आवेदन को निरस्त किया गया। 2540 विद्यार्थी आरटीडी के तहत शामिल हुए।

वहीं 11 परीक्षार्थियों का परिणाम रोका गया है। इस तरह 11,718 विद्यार्थियों का परिणाम जारी किया गया। इनमें 46.28 प्रतिशत विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए. 903 विद्यार्थी प्रथम, 2168 द्वितीय तथा 2247 विद्यार्थी तृतीय श्रेणी में आए हैं। 106 विद्यार्थी पास श्रेणी से सफल हुए। उत्तीर्ण विद्यार्थियों में 45.22 प्रश बालक एवं 47.64 प्रश बालिकाएं है।

कक्षा 10वीं की दूसरी परीक्षा के लिए प्रदेश के 19,249 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 17834 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी. 13 परीक्षार्थियों का परिणाम विभिन्न कारणों से रोका गया। 17,821 विद्यार्थियों का परिणाम घोषित किया गया। इनमें 30.02 फीसदी उत्तीर्ण हुए। 749 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी से परीक्षा उत्तीर्ण की। 2008 द्वितीय और 2554 विद्यार्थी तृतीय में आए हैं. 39 पास श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। परीक्षा में उत्तीर्ण बालकों का प्रतिशत 28.35 और बालिकाओं का 32.67 प्रश रहा।

फेल छात्रों को नवंबर की परीक्षा में मिलेगा अवसर;

ओपन स्कूल की तीसरी परीक्षा नवंबर-दिसंबर में आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारी भी चल रही है। अगस्त में हुई दूसरी परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों के लिए आगामी अवसर तथा आरटीडी अवसर परीक्षा में सम्मिलित होने हेतु आवेदन करने अतिरिक्त समय दिया गया है। वे बिना विलंब शुल्क के साथ परीक्षा आवेदन 15 अक्टूबर तक कर सकते हैं। शेष विद्यार्थियों को पूर्व में जारी तिथि पर आवेदन करना होगा। पूर्व में जारी निर्देश के अनुसार बिना विलंब शुल्क के साथ 8 अक्टूबर एवं विलंब शुल्क के साथ 15 अक्टूबर तक फॉर्म भरा जा सकेगा।

CG: मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। प्रदेश के कुछ इलाकों में मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना…

0

बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बीते 24 घंटों में दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई।

बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बीते 24 घंटों में दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और बस्तर संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। वहीं सरगुजा संभाग में रिमझिम बरसात का दौर जारी है।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है। प्रदेश के कुछ इलाकों में मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है।

विभाग का अनुमान है कि 7 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश, 8 अक्टूबर को हल्की वर्षा और 9 अक्टूबर को बादल तो रहेंगे लेकिन बारिश नहीं होगी। दिन और रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी।

मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि अक्टूबर की शुरुआत में बारिश कम होने की संभावना थी, लेकिन बंगाल की खाड़ी में निम्न दाब का क्षेत्र बनने से परिस्थितियां बदल गईं और मध्य छत्तीसगढ़ में मानसून दोबारा सक्रिय हो गया।

राजधानी रायपुर में सोमवार को 8.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री और न्यूनतम 22.5 डिग्री रहा, जो सामान्य से क्रमशः 1.6 और 1.4 डिग्री कम है। मंगलवार को शहर का आकाश सामान्यतः मेघमय रहेगा और बिजली कड़कने के साथ वर्षा होने की संभावना है।

बारिश के आंकड़ों के अनुसार नारायणपुर और फरसगांव में 60-60 मिमी, हरदी बाजार में 50 मिमी, मुंगेली, विनोरा और माना रायपुर में 40 मिमी, जबकि रायपुर शहर, महासमुंद और मरवाही में 30-30 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

“ट्रंप टैरिफ के जवाब में भारत ने तेज की FTA पर बातचीत, FDI के साथ निर्यात बढ़ाने में भी मिलेगी मदद”

0

अपने सबसे बड़े ट्रेड पार्टनर अमेरिका की तरफ से टैरिफ (Trump tariffs) के रूप में व्यापार बाधा खड़ी करने के बाद भारत ने मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) के जरिए निर्यात बढ़ाने की कोशिशें तेज कर दी हैं।

इस तेजी की एक झलक इन बातों से मिलती है – सोमवार को ब्रुसेल्स में भारत-यूरोपीय यूनियन के बीच FTA के लिए 14वें दौर की वार्ता शुरू होगी। खाड़ी देश कतर के साथ एफटीए वार्ता आगे बढ़ाने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 6-7 अक्टूबर को दोहा का दौरा कर रहे हैं। इंग्लैंड के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर इसी हफ्ते भारत आने वाले हैं, और उनके साथ वार्ता में एफटीए के कार्यान्वयन पर फोकस की उम्मीद है। इससे पहले 1 अक्टूबर को यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) के साथ भारत का व्यापार समझौता लागू हो गया जिसे पारंपरिक FTA से भी बढ़कर माना जा रहा है। हालांकि इन समझौतों पर आगे बढ़ना आसान नहीं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में निर्यात बढ़ाने के लिए यह जरूरी है।

भारत की जीडीपी में EU की कंपनियों की 5% हिस्सेदारी

ब्रुसेल्स में यूरोपीय यूनियन के साथ 14वे दौर की वार्ता आज शुरू हो रही है। भारत-ईयू आर्थिक साझेदारी के बारे में बताते हुए यूरोपीय यूनियन के राजदूत हर्वे डेल्फिन ने कहा कि भारत में ईयू की कंपनियों ने 2024 में कुल 186 अरब यूरो का कारोबार किया, जो भारतीय अर्थव्यवस्था का लगभग 5% है। इन कंपनियों ने 23.5 अरब यूरो का निर्यात किया, जो भारत के कुल वस्तु निर्यात का लगभग 6% है। उन्होंने कहा कि वार्ता दल के सदस्य कड़ी मेहनत कर रहे हैं, हालांकि बातचीत चुनौतीपूर्ण है और महत्वपूर्ण मुद्दों को सुलझाना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि ईयू और भारत एक निवेश संरक्षण समझौते (Investment Protection Agreement) पर भी बात कर रहे हैं जिसका उद्देश्य निवेशकों के लिए एक सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण बनाना है, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था में उच्च स्तर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आ सके। उन्होंने कहा, एफटीए वार्ता के 13वें दौर में अपेक्षित सफलता नहीं मिली। यूरोपीय यूनियन एक सार्थक पैकेज के लिए तैयार था और अब भी तैयार है।

ईयू चाहता है कि भारत ऑटोमोबाइल पर आयात शुल्क कम करे। इसके अलावा वह वाइन तथा अन्य कृषि उत्पादों का निर्यात भी बढ़ाना चाहता है। भारत की मांग ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ श्रम सघन सेक्टर के लिए ड्यूटी-फ्री एक्सेस की है। भारत की एक और चिंता जनवरी 2026 से लागू होने वाला कार्बन टैक्स है। इससे भारत के लिए स्टील, एल्युमिनियम, सीमेंट और उर्वरकों का निर्यात मुश्किल होगा।

द्विपक्षीय व्यापार अभी कतर के पक्ष में

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 6 से 7 अक्टूबर को कतर की राजधानी दोहा के दौरे पर हैं। उनकी इस यात्रा में एफटीए पर व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस को अंतिम रूप दिया जा सकता है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि गोयल की इस यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय व्यापार की समीक्षा, मौजूदा व्यापार बाधाओं और नॉन-टैरिफ मुद्दों के समाधान पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है।

बयान में कहा गया है, “वित्त, कृषि, पर्यावरण, पर्यटन, संस्कृति और स्वास्थ्य सेवा जैसे अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग भी भारत और कतर के बीच बहुआयामी साझेदारी को गहरा करने के उद्देश्य से होने वाली चर्चाओं का एक अभिन्न अंग होगा।” भारत-कतर संयुक्त व्यापार परिषद की पहली बैठक के लिए गोयल के साथ उद्योग प्रतिनिधिमंडल भी जा रहा है। दोनों देश इस हफ्ते ट्रेड डील का ऐलान कर सकते हैं।

थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव (GTRI) के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-कतर व्यापार 14.15 अरब का रहा, जिसमें ज्यादातर हिस्सा ऊर्जा का था। कतर से भारत के कुल आयात में 89% हिस्सा पेट्रोलियम का था, जिसकी वजह से भारत का व्यापार घाटा 10.78 अरब डॉलर रहा। भारत ने कतर को 1.68 अरब डॉलर मूल्य की वस्तुओं का निर्यात किया, जिसमें लोहा और इस्पात, बासमती चावल और आभूषण प्रमुख थे। आयात बढ़कर 12.46 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। कतर में 8 लाख से अधिक भारतीय रहते और काम करते हैं, जो रेमिटेंस का एक प्रमुख स्रोत है।

GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव के मुताबिक पिछले महीने दोहा में इजराइली हमले ने सुरक्षा को लेकर अमेरिका की सीमाओं को उजागर किया है। उस घटना के बाद कतर दूसरे देशों के साथ संबंधों में विविधता लाने के प्रयास कर रहा है। कतर भारत को निवेश, टेक्नोलॉजी और रणनीतिक सहयोग के लिए एक स्थिर एशियाई साझेदार के रूप में भी देखता है।

भारत के लिए भी कतर पश्चिम एशिया रणनीति में एक महत्वपूर्ण साझेदार है। कतर भारत के एलएनजी और एलपीजी के प्रमुख सप्लायरों में से एक है। श्रीवास्तव के अनुसार, दोहा के साथ घनिष्ठ राजनीतिक संबंध भारत को खाड़ी क्षेत्र में, विशेष रूप से क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्विता के बीच, संबंधों को संतुलित करने में मदद करते हैं।

श्रीवास्तव का सुझाव है कि भारत को रसायनों, उर्वरकों और धातुओं में औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा देकर आयात में विविधता लानी चाहिए। इंजीनियरिंग वस्तुओं, मशीनरी और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों के निर्यात का विस्तार करना चाहिए। इसके अलावा रणनीतिक संबंधों को गहरा करने के लिए ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर में संयुक्त उद्यमों की संभावनाएं तलाशनी चाहिए।

स्टारमर के भारत दौरे में एफटीए कार्यान्वयन पर बात

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने के बाद कीर स्टारमर पहली बार भारत आ रहे हैं। इस यात्रा में बढ़ती आर्थिक साझेदारी और मुक्त व्यापार समझौते के कार्यान्वयन पर चर्चा होने की उम्मीद है। खबरों के अनुसार मुंबई में 9 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्टारमर ‘विज़न 2035’ के अनुरूप भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी में प्रगति का जायजा लेंगे। दोनों नेता उद्योगपतियों के साथ भी चर्चा करेंगे।

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता दुनिया की पांचवीं और छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ता है। ब्रिटेन ने एफटीए के तहत 99.1% टैरिफ लाइन पर जीरो ड्यूटी की पेशकश की है। कुल 26 अध्याय वाला यह एफटीए सबसे व्यापक है। यह समझौता भारतीय बिजनेस को कपड़ा, चमड़ा, जूते, खेल के सामान और खिलौने, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, ऑटो पार्ट्स और इंजन जैसे क्षेत्रों में बाजार पहुंच प्रदान करेगा।

EFTA से भारत में विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद

भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) 1 अक्टूबर से लागू हो गया है। EFTA में स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन शामिल हैं। उद्योग चैंबर फिक्की की डायरेक्टर जनरल ज्योति विज ने एक लेख में लिखा है कि यह समझौता अन्य पारंपरिक FTA से कहीं बढ़कर है। यह पहला व्यापार समझौता है जिसमें अगले 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के निवेश और 10 लाख से ज्यादा रोजगार सृजन की प्रतिबद्धताएं शामिल हैं। TEPA सुनिश्चित करता है कि व्यापार उदारीकरण सीधे तौर पर ‘मेक इन इंडिया’ का समर्थन करे और वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग में इसके इंटीग्रेशन को मजबूत करे।

यह समझौता भारत के लिहाज से इसलिए महत्वपूर्ण है कि इसके तहत अगले 15 वर्षों में होने वाला निवेश भारत की 4 ट्रिलियन (लाख करोड़) डॉलर की अर्थव्यवस्था को 20 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उच्च आय वाली अर्थव्यवस्था बनने के लिए भारत को निवेश दर मौजूदा लगभग 30% से बढ़ाकर कम से कम 33-34% करना होगा।

फिक्की की डीजी के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में कुल लगभग 750 अरब डॉलर का एफडीआई आया है। लेकिन उच्च आय वाली अर्थव्यवस्था बनने के लिए वर्ष 2035 तक 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक और 2040 तक और 2.4 ट्रिलियन डॉलर के एफडीआई की आवश्यकता है। नई दिल्ली में आयोजित भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन यह उम्मीद देता है कि TEPA के तहत 100 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य बहुत कम समय में पूरा हो जाएगा।

ज्योति विज के अनुसार, यदि भारत अगले 10 वर्षों में EFTA से 75-100 अरब डॉलर आकर्षित करने में कामयाब रहा तो तो भारत में कुल FDI प्रवाह में इन चार देशों की हिस्सेदारी लगभग 4-5% होगी, जो अभी 1.6% है। यदि भारत अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ TEPA मॉडल को दोहराने में कामयाब होता है, तो यह निवेश आधारित विकास के चक्र को गति प्रदान कर सकता है।

“PM मोदी इस महीने करेंगे 2 इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स का उद्घाटन, पढ़ें क्यों खास होंगे ये हवाई अड्डे?”

0

देश के लिए यह महीना बेहद खास होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही भारत को दो बड़े एयरपोर्ट की सौगात देने जा रहे हैं। पीएम मोदी अक्टूबर महीने में नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (जेवर) का उद्घाटन करेंगे।

यह दोनों एयरपोर्ट लंदन के हीथ्रो और अमेरिका के न्यूयॉर्क एयरपोर्ट्स को टक्कर देते नजर आएंगे।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने नवी मुंबई एयरपोर्ट को पहले ही एयरोडोम का लाइसेंस दे दिया है। जेवर एयरपोर्ट को भी जल्द ही लाइसेंस मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को नवी मुंबई एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। 1,160 हेक्टेयर में फैला यह एयरपोर्ट 19,647 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है। इस एयरपोर्ट का काम 5 चरणों में पूरा होगा।

पहले चरण के तहत यह एयरपोर्ट हर साल 2 करोड़ पैसेंजर्स और 5 लाख टन कार्गो की क्षमता का वहन कर सकता है। वहीं, एयरपोर्ट का काम पूरा होने के बाद यहां 4 टर्मिनल होंगे, जिससे इसकी क्षमता बढ़कर 9 करोड़ पैसेंजर्स और 3.25 मिलियन टन कार्गो की हो जाएगी।

एयर इंडिया, इंडिगो और अकासा एयर जैसी देश की टॉप एयरलाइन कंपनियों के विमान नवी मुंबई एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे। यह एयरपोर्ट महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम और अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड का संयुक्त उद्यम है, जिसमें अडानी एयरपोर्ट का 74 प्रतिशत हिस्सा है।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर)

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को करेंगे। इससे दिल्ली एनसीआर के लोगों के लिए हवाई यात्रा काफी आसान हो जाएगी।

उद्घाटन के 45 दिन बाद जेवर एयरपोर्ट पर विमानों के उड़ान भरने की संभावना है। पहले चरण के तहत सिर्फ एक रनवे शुरू होगा, जिसकी क्षमता सालाना 1.2 करोड़ पैसेंजर्स की होगी।

जेवर एयरपोर्ट पूरी तरह से बनकर तैयार होने के बाद इसकी क्षमता बढ़कर सालाना 7 करोड़ पैसेंजर्स की हो जाएगी। यह एयरपोर्ट 2 बिलियन डॉलर (लगभग 17,756 करोड़ रुपये) की लागत से बनकर तैयार होगा।

टिकट बुकिंग

नवी मुंबई एयरपोर्ट के लिए टिकट बुकिंग शुरू हो चुकी है। वहीं, नोएडा एयरपोर्ट के लिए टिकट बुकिंग नवंबर के आखिर या दिसंबर के पहले हफ्ते में शुरू होने की संभावना है।

CG: सीजीएमएससी खरीदी घोटाले की कीमत चुका रहे मरीज, अस्पतालों में नहीं मिल रही दवाएं…

0

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कार्पोरेशन (सीजीएमएससी) में हुए खरीदी घोटाले की कीमत मरीजों को चुकानी पड़ रही है। घोटाला उजागर होने के बाद पिछले करीब दो वर्षों से दवाओं और उपकरणों की निविदाएं (टेंडर) नहीं खोली जा सकी हैं।

इसकी वजह से राज्य के अस्पतालों में पैरासिटामोल जैसी सामान्य और अति आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।

16 निविदाएं दो वर्षों से लंबित

सीजीएमएससी द्वारा दवा एवं औषधियों की खरीद के लिए जारी की गई कुल 16 निविदाएं दो वर्षों से लंबित हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 614 दिन बीतने के बावजूद एक भी निविदा की ‘कवर ए’ तक नहीं खोली गई है। इनमें से कई टेंडर 2023-24 और 2024-25 की अवधि के हैं और उनमें बार-बार पूर्व की कंपनियों से ही री-टेंडर किया जा रहा है। सबसे पुराने टेंडर को 614 दिन हो चुके हैं। इसके अलावा सबसे नए को 246 दिन हुए हैं। कुछ निविदाओं में 100 से अधिक दवा व उपकरण शामिल हैं।

क्वालिटी जांच में फेल फिर भी हो रही खरीदी

नई निविदाएं न होने के कारण सीजीएमएससी में पुराने टेंडर पर ही खरीदी हो रही है। बीते आठ माह में बिना नए टेंडर के तकरीबन 100 करोड़ रुपये की खरीदी हो चुकी है। चुनिंदा दवाओं का रेट अनुबंध डेढ़ साल पहले खत्म हो चुका है। सिर्फ नाइन एम फार्मा कंपनी से बिना नए टेंडर के 100 प्रकार की दवाएं खरीदी जा रही है, जबकि इसी कंपनी की आधा दर्जन गुणवत्ताहीन दवाएं सप्लाई करने के मामले सामने आ चुके हैं। इस कंपनी के प्रोडक्ट क्वालिटी जांच में फेल हो चुके हैं।

दवाओं की कमी से मरीज परेशान

प्रदेश के अस्पतालों में पैरासिटामाल जैसी अहम दवाओं की कमी है। इसके अलावा मौसमी बीमारियों में उपयोग होने वाली दवाएं लोगों को बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। नईदुनिया ने रायपुर जिला अस्पताल, पीएचसी, सीएचसी और हमर अस्पताल की पड़ताल की तो पाया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को लिखी जाने वाली दवाओं में से अधिकांश अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं, जबकि अस्पतालों में लोकल परचेजिंग के लिए अलग से बजट की व्यवस्था है।

स्वास्थ्य मंत्री, श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, ‘जिन दवाओं और उपकरणों की निविदा लंबित है, उन्हें जल्द ही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) से खरीदी की जा रही है।’

“माओवादियों से कोई बातचीत संभव नहीं, पहले वे सरेंडर करें- जगदलपुर में बोले अमित शाह”

0

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज शनिवार को माओवादियों से किसी भी तरह से बातचीत की संभावना से इंकार करते हुए कहा कि पहले वे आत्मसमर्पण करें और फिर बस्तर के विकास में सहभागी बनें.

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले 10 सालों में छत्तीसगढ़ में विकास से जुड़े कामों के लिए 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक दिए हैं. साथ ही आदिवासियों के सम्मान में अलग-अलग कई योजनाएं भी शुरू की गई हैं.

जगदलपुर के लालबाग परेड मैदान में आयोजित बस्तर दशहरा लोकोत्सव, 2025 और स्वदेशी मेला के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने एक बार फिर अगले साल 31 मार्च तक देश से नक्सलवाद के पूरी तरह से खात्मे के संकल्प को दोहराया.

शांति भंग करने वालों को देंगे मुंहतोड़ जवाबः अमित शाह

नक्सलियों पर सख्त रूख दिखाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि हथियारों के बल पर बस्तर की शांति भंग करने वालों को सुरक्षा बल मुंहतोड़ जवाब देंगे. उन्होंने कहा, “मैं सभी आदिवासी भाइयों- बहनों को यह कहना चाहता हूं कि आपके गांव के युवाओं को हथियार डालने के लिए समझाइए. वे हथियार डाल दें और मुख्यधारा में लौट आएं. साथ ही बस्तर के विकास में सहभागी बनें.”

उन्होंने कहा, “कुछ लोग बातचीत की बात करते हैं, मैं फिर से यह साफ कर देता हूं कि हमारी दोनों सरकारें (छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार) बस्तर और नक्सल प्रभावित हर क्षेत्र के विकास को समर्पित है, अब किस चीज को लेकर बात करनी है, हमने बहुत ही मोहक आत्मसमर्पण नीति तैयार की है, आइए आप हथियार डाल दीजिए. हथियार के बल पर अगर किसी ने बस्तर की शांति को छिन्न-भिन्न करने का काम किया तो हमारे सशस्त्र बल इसका जोरदार जवाब देंगे. 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को इस देश की भूमि पर से विदाई देने के लिए तय है.”

नक्सलवाद को विकास का रोड़ा बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “दिल्ली में कुछ लोगों ने कई सालों तक यह भ्रांति फैलाई कि नक्सलवाद का जन्म विकास की लड़ाई है, लेकिन मैं आदिवासी भाइयों को यह बताने आया हूं कि पूरा बस्तर विकास से महरूम रहा, आप लोगों तक विकास पहुंचा ही नहीं, क्योंकि इसकी बड़ी वजह नक्सलवाद रह. आज देश के हर गांव में बिजली, पीने का पानी, रोड, हर घर में शौचालय, पांच लाख तक का स्वास्थ्य का बीमा, पांच किलो मुफ्त चावल और आपके धान को 3100 रुपये (प्रति क्विंटल) तक पहुंचाने की व्यवस्था हुई है. लेकिन इन सब चीजों में बस्तर कहीं पीछे रह गया है.”

नक्सल मुक्त गांव को मिलेंगे 1 करोड़ रुपयेः शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “मैं आज (पीएम नरेंद्र) मोदी की ओर से आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि अगले साल 31 मार्च के बाद नक्सलवादी आपके विकास को नहीं रोक पाएंगे. आपके अधिकार को नहीं रोक पाएंगे. इसको लेकर काफी कुछ काम हुआ है और काफी कुछ काम होना बाकी है.”

बस्तर के लोगों से नक्सलवाद से दूर रहने का अनुरोध करते हुए अमित शाह ने कहा, “मैं आप सभी से यह अपील करने आया हूं कि जो बच्चे गुमराह होकर नक्सलवाद से जुड़े हैं, आप ही के गांव के ही लोग हैं, आप लोग उन्हें समझाइए कि शस्त्र डाल दें और मुख्य धारा में आ जाएं. छत्तीसगढ़ सरकार ने देश में सबसे अच्छी आत्मसमर्पण नीति बनाई है. एक ही महीने में 500 से ज्यादा लोगों ने हथियार डाल दिए हैं. सभी लोग हथियार डालें. यहां के गांव नक्सली मुक्त होते ही इसके विकास के लिए एक करोड़ रुपए छत्तीसगढ़ शासन आपको देगा. नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होगा.”

शाह ने की जगदलपुर में मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना

साथ ही अमित शाह ने कहा, “आज सुबह मैंने दंतेश्वरी माई का दर्शन और पूजन किया. मां के चरणों में प्रार्थना की है कि 31 मार्च, 2026 को पूरे बस्तर क्षेत्र को लाल आतंक से मुक्त करने की हमारी सुरक्षा बलों को शक्ति दे.

केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने इससे पहले जगदलपुर में मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की और विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा उत्सव के तहत आयोजित होने वाले पारंपरिक आयोजन मुरिया दरबार में हिस्सा लिया. मुरिया दरबार में शाह ने पुजारियों और आदिवासी समुदाय के नेताओं से बातचीत की.

“जिंदगी का आखिरी ‘फैमिली ट्रिप’. बोलेरो और ट्रक की जोरदार टक्कर, 5 मौतों का जिम्मेदार कौन?”

0

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में रविवार शाम को रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे- 30 पर बड़ा सड़क हादसा हो गया. यहां चिल्फी थाना क्षेत्र में हाइवे पर अकलघरिया गांव के पास एक ट्रक और बोलेरो में आमने-सामने हुई जोरदार भिडंत हो गई. इस दर्दनाक हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं.

घटना के बाद वहां चीख-पुकार मच गई. हादसे की सूचना पर पहुंची चिल्फी थाना पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया.

बताया जा रहा है कि मृतक और घायल सभी कोलकाता निवासी शिक्षक और उनके परिजन हैं. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया पुलिस ने बताया- ये लोग पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में कान्हा राष्ट्रीय उद्यान घूमने के बाद कोलकाता जाने वाली ट्रेन पकड़ने के लिए बिलासपुर जा रहे थे. तभी ये हादसा हो गया.

बोलेरो कार में सवार थे 10 लोग

जानकारी के अनुसार, बोलेरो को वाहन सतना से किराये पर ली गई थी. बताया जा रहा है कि बोलेरो में कुल 10 लोग सवार थे. इस दौरान जब बोलेरो रायपुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर अकलघरिया के पास पहुंची. इस दौरान सामने से आ रहे एक ट्रक से बोलेरो की जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए. हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य ने उपचार के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया.

स्थानीय लोगों ने की घायलों की मदद

जैसे ही यह हादसा हुआ, मौके पर आस-पास के लोग मदद के लिए पहुंचे. उन्होंने घायलों को क्षतिग्रस्त बोलेरो से बाहर निकाला और मामले की सूचना पुलिस को दी. चिल्फी थाना पुलिस और डॉयल 112 टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को ग्रामीणों की मदद से बोड़ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. जहां डॉक्टरों ने 1 को मृत घोषित कर दिया, जबकि 3 की उपचार के दौरान मौत हो गई. गंभीर रूप से घायल अन्य पांच लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद कवर्धा जिला अस्पताल रेफर किया गया है. मृतकों में तीन महिलाएं, एक बच्ची और एक पुरुष शामिल है. वहीं, पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस हादसे के पीछे गलती किसकी थी?

CG: बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को 13 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया…

0

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. कोर्ट उनको फिर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है…

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को सोमवार को विशेष अदालत में पेश किया गया. ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) की 13 दिवसीय रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. चैतन्य को 13 अक्टूबर तक रायपुर सेंट्रल जेल में रखा जाएगा. बता दें कि शराब घोटाले में चैतन्य बघेल बीती जुलाई से जेल में हैं.

चैतन्य के वकील फैजल रिजवी ने बताया, ईओडब्ल्यू ने केवल एक दिन की पूछताछ के लिए रिमांड ली थी, लेकिन कोर्ट ने पूर्ण अवधि स्वीकृत की. उन्होंने ईओडब्ल्यू कोर्ट में चैतन्य की जमानत याचिका दायर की है, जिस पर 8 अक्टूबर को सुनवाई होगी. रिजवी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया, जबकि ईओडब्ल्यू का दावा है कि पूछताछ से मनी ट्रेल और अन्य आरोपीयों से लिंक उजागर हुए.

इस बीच, पूर्व सीएम भूपेश बघेल कोर्ट पहुंचे और चैतन्य से मिले. भूपेश ने इसे केंद्र सरकार की साजिश करार दिया, लेकिन न्याय पर भरोसा जताया. ईडी की जांच में चैतन्य पर 16.70 करोड़ रुपये के अवैध धन को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश करने का आरोप है. यह घोटाला 2019-2022 के दौरान भूपेश सरकार में आबकारी विभाग में अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें 2,000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ.

बता दें कि चैतन्य बघेल जुलाई से जेल में हैं. ईओडब्ल्यू ने कस्टम मिलिंग घोटाले के आरोपी दीपेन चावड़ा को भी पेश किया. मामले में 45 से अधिक आरोपी नामित हैं. अगली सुनवाई में जमानत पर फैसला महत्वपूर्ण होगा.

चैतन्‍य बघेल को अपने जन्‍मदिन 18 जुलाई को भिलाई स्थित आवास से ED ने हिरासत में लिया था. शुरुआती जांच में सामने आया था कि शराब घोटाले से राज्‍य के खजाने को भारी नुकसान हुआ है और लगभग 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई लाभार्थियों तक पहुंचाई गई है.

“10 साल बाद लिया गया बड़ा फैसला, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बदल गया जरूरी नियम, होगा फायदा- समझें”

0

केंद्र सरकार ने 10 साल बाद केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) की दरों में बड़ा संशोधन किया है, जो 13 अक्टूबर से लागू होगा। इससे करीब 46 लाख कर्मचारी और पेंशनर्स को राहत मिलेगी।

नई दरें अब अस्पताल कैटेगरी, शहर कैटेगरी और वार्ड टाइप के आधार पर तय होंगी। इससे निजी अस्पतालों को भी लाभ होगा, क्योंकि दरें औसतन 25-30% तक बढ़ाई गई हैं। सरकार ने सभी अस्पतालों को नई दरें स्वीकार करने का निर्देश दिया है, वरना उन्हें सूची से हटाया जाएगा। इस कदम से कैशलेस इलाज की सुविधा में सुधार और अस्पतालों की आय दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

क्यों जरूरी था बदलाव’

पिछले कई सालों से सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स शिकायत कर रहे थे कि CGHS से जुड़े अस्पताल कैशलेस इलाज देने से इनकार करते हैं। मरीजों को पहले इलाज के पैसे खुद देने पड़ते थे और फिर महीनों बाद रिफंड मिलता था। दूसरी ओर, निजी अस्पतालों का कहना था कि पुरानी दरें बहुत कम थीं और मौजूदा मेडिकल खर्चों के अनुसार नहीं थीं। बता दें कि आखिरी बार CGHS की दरों में बड़ा बदलाव 2014 में किया गया था। तब से अब तक सिर्फ छोटे सुधार हुए थे, कोई व्यापक संशोधन नहीं हुआ था।

कर्मचारी यूनियनों की मांग का असर’

इस साल अगस्त में नेशनल फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज यूनियन्स ने सरकार को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने कहा था कि कैशलेस सुविधा न मिलने से कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक कठिनाई हो रही है। इसके बाद सरकार ने यह अहम फैसला लिया।

नई CGHS दरें कैसे तय होंगी’

नई दरें अब चार मुख्य बातों पर आधारित होंगी:

  1. अस्पताल का एक्रेडिटेशन (NABH/NABL)
  2. अस्पताल का प्रकार (जनरल या सुपर स्पेशियलिटी)
  3. शहर की श्रेणी (X, Y, Z)
  4. मरीज का वार्ड प्रकार (जनरल, सेमी-प्राइवेट, प्राइवेट)

नए नियमों के अनुसार, जो अस्पताल NABH/NABL प्रमाणित नहीं हैं, उन्हें 15% कम दरें मिलेंगी। सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों को 15% अधिक दरें मिलेंगी।

शहरों की श्रेणी के अनुसार दरें-

Y (टियर-II) शहर: X शहरों से 10% कम

Z (टियर-III) शहर: X शहरों से 20% कम

पूर्वोत्तर राज्य, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख – Y श्रेणी के अंतर्गत रखे गए हैं।

वार्ड के हिसाब से दरें-

  • जनरल वार्ड: 5% कम
  • प्राइवेट वार्ड: 5% ज्यादा
  • ओपीडी, रेडियोथैरेपी, डेकेयर और छोटी प्रक्रियाओं की दरें पहले जैसी रहेंगी।
  • कैंसर सर्जरी की दरें भी समान रहेंगी, लेकिन कीमोथैरेपी और रेडियोथैरेपी की दरें संशोधित की गई हैं।

अस्पतालों के लिए अनिवार्यता’

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि वे 13 अक्टूबर तक नई दरों को स्वीकार करें। जो अस्पताल ऐसा नहीं करेंगे, उन्हें डि-एम्पैनल (CGHS सूची से हटाया) जा सकता है।

कैशलेस इलाज में सुधार की उम्मीद’

नई दरों के बाद उम्मीद है कि अस्पताल अब CGHS मरीजों को आसानी से कैशलेस इलाज देंगे। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को जेब से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और रिफंड की झंझट खत्म होगी।

CGHS पैकेज में क्या-क्या शामिल है’

CGHS पैकेज में इलाज से जुड़ी लगभग सारी सुविधाएं शामिल हैंकमरे और बेड का खर्च भर्ती शुल्क एनेस्थीसिया, दवाइयां और मेडिकल सामान डॉक्टर और विशेषज्ञ की फीस ICU/ICCU खर्च ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, ऑपरेशन थिएटर शुल्क फिजियोथेरेपी, टेस्ट, ब्लड ट्रांसफ्यूजन आदि 90 दिन में नई MoA पर साइन जरूरी अस्पतालों को अब 90 दिनों के भीतर नया समझौता (MoA) साइन करना होगा। पुरानी MoA की वैधता 13 अक्टूबर को खत्म हो जाएगी।

कुल मिलाकर क्या फायदा होगा’

यह संशोधन कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बेहतर और कैशलेस इलाज सुनिश्चित करेगा, जबकि अस्पतालों को उचित दरों पर भुगतान मिलेगा। लगभग एक दशक बाद हुआ यह सुधार CGHS सिस्टम को अधिक व्यवहारिक, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

“बिहार चुनाव में 17 नई पहल, देश भर में होंगी लागू; CEC ने बताया क्या हो रहे हैं बदलाव”

0

बिहार चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले चुनाव आयोग ने 17 नई पहल की ऐलान किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह 17 नई पहल, बिहार चुनाव में लागू होंगी।

बिहार चुनाव के बाद इन्हें देश भर में भी लागू किया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इन बदलावों के तहत, एक पोलिंग बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर नहीं होंगे। इसके अलावा एक अहम बदलाव यह भी है कि अब मोबाइल फोन बूथ तक ले जा सकेंगे। फोन बाहर जमाकर वोट डालेंगे और वापस लौटते समय वहां से ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम सूची में नए जुड़े हैं या फिर जिनके पते आदि बदल गए हैं, उन्हें नए वोटर आईडी कार्ड दिए गए हैं। इस तरह 14 लाख मतदाता नए हैं और इन सभी को वोटर आईडी दिए गए हैं।

इसके अलावा अब पोलिंग बूथ से 100 मीटर दूर तक उम्मीदवार कैंप लगा सकेंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के पास कुल 40 ऐप हैं, ये सभी ECINET पर उपलब्ध हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि अब ECINET के माध्यम से BLO से संपर्क किया जा सकेगा। इसके अलावा इलेक्शन कमिशन से बात करने के लिए 1950 डायल कर सकते हैं। इस नंबर को डायल करने से पहले +91 लिखना है और संबंधित एरिया का एसटीडी कोड लिखना है। फिर 1950 डायल करना है। मतदाता 243 ईआरओ और पटना में सीईओ से भी संपर्क कर सकते हैं।

इसके अलावा हर सीट पर एक पर्यवेक्षक होगा। यह जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाएगी। जो अलग-अलग राज्यों से आएंगे। इनके नंबर भी ECINET और वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि ईवीएम में ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर को लेकर भी शिकायत थी।इसलिए निर्वाचन आयोग ने निर्णय लिया है कि ईवीएम में उम्मीदवारों की तस्वीर रंगीन होगी और क्रम संख्या का फॉन्ट बड़ा होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि आयोग ने राजनीतिक दलों की मांग के अनुरूप और पारदर्शिता के लिहाज से तय किया है कि मतगणना में ईवीएम के अंतिम दो दौर से पहले डाक मतपत्रों की गिनती करना अनिवार्य होगा।

यह हैं सभी 17 बदलाव

  1. मतदान केंद्रों पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा।
  2. सभी पोलिंग बूथों पर 100% वेबकास्टिंग।
  3. मतदाताओं के मोबाइल फोन जमा करने के काउंटर।
  4. ईवीएम बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो।
  5. बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण।
  6. विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का सफल समापन।
  7. डिजिटल इंडेक्स कार्ड का शीघ्र वितरण।
  8. वन स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म।
  9. वोटर आईडी कार्ड का 15 दिनों में वितरण।
  10. बूथ लेवल अधिकारियों के लिए पहचान पत्र।
  11. फॉर्म 17C और ईवीएम में विसंगति पर VVPAT काउंटिंग।
  12. पोस्टल बैलोट की प्रारंभिक गणना।
  13. हाई-राइज सोसाइटियों में अतिरिक्त बूथ।
  14. 100 मीटर से बाहर अनौपचारिक आईडी स्लिप बूथ।
  15. राजनीतिक दलों के BLA का उपयोग।
  16. पुलिस अधिकारियों का विशेष प्रशिक्षण।
  17. पोलिंग और काउंटिंग स्टाफ का पारिश्रमिक दोगुना होगा।