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|” युवाओं के लिए एक बेहतरीन मौका ड्रग इंस्पेक्टर समेत अलग-अलग कुल 450 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति आधिकारिक अधिसूचना जारी…”

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सरकारी नौकरी की तैयारी करने के साथ रिक्तियों के जारी होने का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है। दरअसल, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने विभाग/मंत्रालय में ड्रग इंस्पेक्टर समेत अलग-अलग कुल 450 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन आमंत्रित किए हैं।

यूपीएससी की ओर से जारी 450 रिक्तियों में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय से संयुक्त निदेशक (फसल विकास निदेशालय) के 6; आयुष मंत्रालय से चिकित्सा अधिकारी/अनुसंधान अधिकारी (सिद्ध) का 1; नागरिक उड्डयन मंत्रालय से एयरोनॉटिकल अधिकारी (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के 11 और लीगल ऑफिसर (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) के 12; कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय से कंपनी प्रॉसिक्यूटर के 18; संस्कृति मंत्रालय से उप अधीक्षण पुरातत्वविद् (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) के 2; रक्षा मंत्रालय से वरिष्ठ फोटोग्राफिक अधिकारी (जनसंपर्क निदेशालय) के 4, फोटोग्राफिक अधिकारी (जनसंपर्क निदेशालय) के 2, नागरिक सहायक सुरक्षा अधिकारी (भारतीय सेना के निचले गठन और डीजीक्यूए) के 7 और स्टोर ऑफिसर (नागरिक), सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशालय के 4 पद शामिल हैं।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से विशेषज्ञ ग्रेड III (हड्डी रोग) के 4, विशेषज्ञ ग्रेड III सहायक प्रोफेसर (कार्डियोलॉजी) के 9, असिस्टेंट प्रोफेसर (ऑर्थोपेडिक्स) – स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर के 2, स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर (पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी) का 1, स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर (पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी) का 1, स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर (फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन) के 6, स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर (सोशल एंड प्रिवेंटिव/कम्युनिटी मेडिसिन) के 11 और स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर (यूरोलॉजी) के 6 पद शामिल हैं।

गृह मंत्रालय से असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ सेंसस ऑपरेशन्स (टेक्निकल) – रजिस्ट्रार जनरल एंड सेंसस कमिश्नर के 9 और असिस्टेंट डायरेक्टर (डिजास्टर मैनेजमेंट) के 4; जल शक्ति मंत्रालय से लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन ऑफिसर (सेंट्रल ग्राउंड वॉटर बोर्ड) का 1; श्रम और रोजगार मंत्रालय से सब-रीजनल एम्प्लॉयमेंट ऑफिसर (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ एम्प्लॉयमेंट) के 11; खान मंत्रालय से असिस्टेंट एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिस (इंडियन ब्यूरो ऑफ माइन्स) का 1 और असिस्टेंट केमिस्ट (इंडियन ब्यूरो ऑफ माइन्स) के 4; पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय से शिप सर्वेयर-कम-डिप्टी डायरेक्टर जनरल (टेक्निकल) – नौवहन महानिदेशालय का 1, इंजीनियर एंड शिप सर्वेयर-कम-डिप्टी डायरेक्टर जनरल (टेक्निकल) – नौवहन महानिदेशालय के 9, असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल ऑफ शिपिंग (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ शिपिंग) – नौवहन महानिदेशालय का 1 पद शामिल हैं।

रेल मंत्रालय से राजभाषा अधिकारी (इंडियन रेलवेज)- ऑफिशियल लैंग्वेज डायरेक्टरेट के 7; मेडिकल ऑफिसर (आयुर्वेद), डायरेक्टरेट ऑफ आयुष, गवर्नमेंट ऑफ एनसीटी दिल्ली के 2; केंद्र-शासित प्रदेश लद्दाख के प्रशासन से कंसल्टेंट बायोकेमिस्ट्री (स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग) का 1, कंसल्टेंट डेंटिस्ट्री/डेंटल सर्जन/पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री (स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग) के 2, सलाहकार आपातकालीन चिकित्सा (स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग) का 1, सलाहकार फोरेंसिक विशेषज्ञ (स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग) का 1, सलाहकार ईएनटी (स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग) के 2, सलाहकार बाल रोग विशेषज्ञ (स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग) के 3, सलाहकार चिकित्सक (स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग) के 6, सलाहकार मनोचिकित्सक (स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग) के 2, सलाहकार रेडियोलॉजिस्ट (स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग) के 3, सलाहकार सर्जन (स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग) के 5, सलाहकार टीबी (स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग) का 1, सहायक अभियंता (सिविल) – सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग/सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के 11, साइंटिफिक ऑफिसर (डॉक्यूमेंट और फिंगर प्रिंटिंग, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, होम डिपार्टमेंट) का 1, साइंटिफिक ऑफिसर (डीएनए, बायोलॉजी और सीरोलॉजी, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, होम डिपार्टमेंट) का 1 और साइंटिफिक ऑफिसर (नारकोटिक्स, केमिस्ट्री और टॉक्सिकोलॉजी, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, होम डिपार्टमेंट) का 1 पद शामिल हैं।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर (फोरेंसिक मेडिसिन) के 3, स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर (प्लास्टिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी) के 5 और स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर (ऑर्थोपेडिक्स) के 8, स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर (बाल रोग) के 14, स्पेशलिस्ट ग्रेड III असिस्टेंट प्रोफेसर (बाल चिकित्सा सर्जरी) के 9 और ड्रग इंस्पेक्टर (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) के 186 पद; चंडीगढ़ प्रशासन से लेक्चरर/असिस्टेंट प्रोफेसर इन स्पेशल एजुकेशन (एमआर/आईडी) – (गवर्नमेंट रिहैबिलिटेशन इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटीज) का 1; केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख प्रशासन के लद्दाख जेल विभाग से सुपरिंटेंडेंट जेल का 1 पद शामिल हैं।

इन सभी रिक्तियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 25 जून से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 17 जुलाई तय की गई है। ऐसे में जो पात्र उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्त होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि के शाम 6 बजे तक या उससे पहले अपना रजिस्ट्रेशन फॉर्म जमा कर सकते हैं।

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से संबंधित पद अनुसार लॉ में डिग्री; सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री; फार्मेसी या फार्मास्युटिकल साइंसेज या मेडिसिन में डिग्री, जिसमें क्लिनिकल फार्माकोलॉजी या माइक्रोबायोलॉजी में स्पेशलाइजेशन हो; एमबीबीएस के साथ संबंधित स्पेशलिटी में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल डिग्री (एमडी/एमएस/डीएनबी); एरोनॉटिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल या मेटालर्जिकल इंजीनियरिंग में डिग्री; सिद्ध में डिग्री; एग्रीकल्चरल इकोनॉमिक्स/एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन/एग्रोनॉमी/एंटोमोलॉजी/निमेटोलॉजी/जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग/एग्रीकल्चर बॉटनी/प्लांट बायो-टेक्नोलॉजी/प्लांट पैथोलॉजी/प्लांट फिजियोलॉजी/सीड साइंस एंड टेक्नोलॉजी/सॉइल साइंस एंड एग्रीकल्चरल केमिस्ट्री में मास्टर डिग्री, आदि होना चाहिए। इसी के साथ कैंडिडेट्स के पास पद के अनुसार निर्धारित प्रासंगिक क्षेत्र में तय वर्षों का अनुभव और अन्य निर्धारित पात्रता व कौशल का होना भी अनिवार्य है।

आवेदकों की अधिकतम आयु पोस्ट के अनुसार 30 से 40 वर्ष के बीच तय की गई है। वहीं, आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

योग्य अभ्यर्थियों का चयन आवेदकों की स्क्रीनिंग, शॉर्टलिस्टिंग, भर्ती परीक्षा (आरटी)/संयुक्त भर्ती परीक्षा (सीआरटी) – यदि लागू हो, व्यक्तित्व परीक्षण/साक्षात्कार, अंतिम मेरिट सूची, आदि चरणों के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी पोस्ट के अनुसार 7वें सीपीसी के अनुसार पे मैट्रिक्स में लेवल 7 से 11 के बीच होगी। इसी के साथ कैंडिडेट्स को अन्य लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे।

एप्लीकेशन फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को अपने वर्ग अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस (पुरुष उम्मीदवार) के लिए 25 रुपए तय किया गया है। वहीं, महिला उम्मीदवार (सभी कैटेगरी), एससी/एसटी (पुरुष) और बेंचमार्क दिव्यांगता वाले व्यक्ति – पीडब्ल्यूबीडी (सभी) को रजिस्ट्रेशन फीस में छूट दी गई है।

कैंडिडेट्स को भर्ती, योग्यता, चयन प्रक्रिया, आदि से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित पोस्ट के लिए जारी विस्तृत नोटिफिकेशन को चेक करने की सलाह दी जाती है।

भारत की कंपनियों पर अमेरिका-ईरान संघर्ष का सीमित प्रभाव…

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संघर्ष का प्रभाव

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के चलते ऊर्जा आपूर्ति में सुधार होने से पश्चिम एशिया के संघर्ष का भारतीय कंपनियों पर पड़ने वाला प्रभाव पहले की अपेक्षा कम होगा। रेटिंग एजेंसी”

एजेंसी का अनुमान है कि यह संघर्ष वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय कंपनियों के परिचालन मुनाफे में लगभग एक प्रतिशत की कमी लाएगा। पहले, लंबे समय तक संघर्ष जारी रहने की स्थिति में दो प्रतिशत की गिरावट का अनुमान लगाया गया था।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

यह संशोधित अनुमान तब आया है जब अमेरिका-ईरान के बीच हुए नाजुक समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल गया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है। हालांकि, क्रिसिल ने चेतावनी दी है कि भू-राजनीतिक जोखिम अभी भी मौजूद हैं और गैस आपूर्ति को सामान्य होने में समय लग सकता है।

क्षेत्रीय प्रभाव

युद्धविराम बना रहता है, तो उनके आकलन के अनुसार 34 क्षेत्रों में से दो-तिहाई पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। पहली छमाही में दबाव की भरपाई दूसरी छमाही में मुनाफे में सुधार से हो जाएगी। हालांकि, संघर्ष बढ़ने का खतरा बना हुआ है। आकलन में यह भी पाया गया कि चालू वित्त वर्ष में ब्रेंट कच्चे तेल का औसत मूल्य 80-85 डॉलर प्रति बैरल रहने की संभावना है।

उद्योगों पर प्रभाव

संशोधित परिदृश्य में केवल 10 क्षेत्रों की लाभप्रदता में महत्वपूर्ण गिरावट की आशंका है, जबकि पहले के तनावपूर्ण परिदृश्य में 22 क्षेत्रों पर असर का अनुमान था। विमानन, सिरेमिक, फ्लेक्सिबल पैकेजिंग, विशेष रसायन, पॉलिएस्टर वस्त्र और हीरा पॉलिश जैसे क्षेत्रों पर दबाव बना रह सकता है।

एजेंसी ने कहा कि कच्चे तेल की कम कीमतें और गैस की उपलब्धता में सुधार से अधिकांश उद्योगों को राहत मिलेगी।

सरकारी उपाय और जोखिम

तेल विपणन कंपनियां और उर्वरक निर्माता ऊर्जा कीमतों में नरमी के सबसे बड़े लाभार्थियों में से हो सकते हैं। मार्च और मई के बीच सरकारी ईंधन खुदरा विक्रेताओं को 40,000-45,000 करोड़ रुपये की शुद्ध कम वसूली का सामना करना पड़ा।

हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के साथ चालू वित्त वर्ष में उनके फिर से परिचालन लाभ में लौटने की उम्मीद है।

दो प्रमुख जोखिमों की ओर भी इशारा किया है: पहला, अमेरिका-ईरान के बीच का अंतरिम समझौता, और दूसरा, अल नीनो की स्थिति, जिससे मानसून कमजोर पड़ सकता है।

भविष्य की संभावनाएं

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और गैस आपूर्ति से जुड़े दबाव में कमी से भारतीय कंपनियों को राहत मिली है। हालांकि, पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति अभी भी अस्थिर है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी सरकार को पूंजीगत व्यय जारी रखने में मदद करेगी।

” किसानों की अनोखी परंपरा का पुनरुत्थान ” कप्पाथल्ली आटा: एक प्राचीन परंपरा “

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किसानों की अनोखी परंपरा का पुनरुत्थान

आसमान में बादलों की कमी और सूखे के कारण किसानों को एक बार फिर पुरानी परंपराओं का सहारा लेना पड़ा है। तेलंगाना के जनगांव जिले के एक गांव से एक अनोखी घटना सामने आई है, जहां लंबे समय से बारिश न होने के कारण किसान इंद्र देव को प्रसन्न करने के लिए मेंढकों की विशेष पूजा कर रहे हैं और पूरे गांव में उनकी भव्य शोभायात्रा निकाल रहे हैं।

कप्पाथल्ली आटा: एक प्राचीन परंपरा

इस संकट के समय में ग्रामीणों ने अपनी पारंपरिक रस्म ‘कप्पाथल्ली आटा’ का आयोजन किया। इस अनोखे समारोह में गांव के लोगों ने पहले मेंढकों को पकड़ा, फिर महिलाओं ने उन्हें हल्दी लगाई और फूलों की मालाओं से सजाकर एक सजे-धजे थाल में रखकर पूरे गांव में जुलूस निकाला। सरपंच रामकृष्ण के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में गांव के युवा, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल हुए। महिलाएं पारंपरिक लोकगीत गाते हुए घर-घर पहुंचीं और प्रकृति व बारिश के देवता से राहत की गुहार लगाई।

किसानों की चिंता और बेबसी

खेती का मुख्य सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन बारिश न होने से किसान चिंतित हैं। ग्रामीणों और सरपंच का कहना है कि पानी की कमी के कारण कपास और धान जैसी फसलों की बुवाई पूरी तरह से रुक गई है। खासकर छोटे किसानों की स्थिति बेहद खराब है, जिनके पास सिंचाई के साधन नहीं हैं। कई खेत अब तक जोते नहीं जा सके हैं। किसानों को डर है कि अगर जल्द बारिश नहीं हुई, तो उनका पूरा साल बर्बाद हो जाएगा और आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।

कमजोर मॉनसून की चुनौतियाँ

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार एल नीनो के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कमजोर हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की रिपोर्ट में बताया गया है कि जून में सामान्य से कम और असमान बारिश हुई है, जिससे जमीन में नमी की कमी हो गई है। जिन किसानों के पास थोड़ी बहुत व्यवस्था है, वे महंगे भूजल का सहारा ले रहे हैं, जबकि अन्य किसान सिर्फ आसमान की ओर देख रहे हैं। नेल्लुटला गांव के लोग मानते हैं कि यह आयोजन केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि धरतीपुत्रों की चिंता और उनकी आखिरी उम्मीद का प्रतीक है।

” नेपाल और भारत के बीच बढ़ते विवाद के बीच, नेपाली सरकार ने अपनी चाय फैक्ट्रियां फिर से खोलने का फैसला जानिए क्या है पूरा मामला…”

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नेपाल और भारत के बीच बढ़ते विवाद के बीच, नेपाली सरकार ने अपनी चाय फैक्ट्रियां फिर से खोलने का फैसला किया है। भारत के साथ चल रहे विवाद ने नेपाल के पूरे चाय उद्योग को प्रभावित किया था, जिससे कामकाज लगभग ठप हो गया था।

हालांकि नेपाली सरकार के आश्वासन के बाद फैक्ट्रियां फिर से खुल गई हैं, लेकिन भारत के कड़े नियमों के कारण दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।

23 जून को, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने HSN कोड 0902 के तहत आने वाली चाय के लिए जोखिम-आधारित निरीक्षण प्रणाली लागू करने का एक नया निर्देश जारी किया। इन नए नियमों के तहत, घरेलू खपत के लिए भारत आने वाली चाय की खेप (consignments) में से 20 प्रतिशत को तत्काल प्रभाव से प्रयोगशाला परीक्षण के लिए रैंडम तरीके से चुना जाएगा।

नेपाली चाय उद्योग को बड़ा झटका

इस फैसले ने नेपाली चाय उद्योग को बड़ा झटका दिया है। *द काठमांडू पोस्ट* की एक रिपोर्ट के अनुसार, नेपाली चाय निर्यातकों को भारतीय सीमा पर लंबी देरी का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि प्रयोगशाला परीक्षण के लिए खेप को रोका जा रहा है। उद्योग के सूत्रों का कहना है कि लगभग 300,000 किलोग्राम प्रोसेस्ड चाय भारतीय गोदामों में फंसी हुई है, जबकि दस लाख किलोग्राम से अधिक चाय नेपाल में जमा हो गई है। इन बाधाओं के कारण, इलाम में चाय प्रोसेसर्स ने 15 जून से अपनी फैक्ट्रियां बंद कर दीं, और उसके बाद झापा में निर्माताओं ने 18 जून को कामकाज रोकने का फैसला किया। भारत के इस कदम से पूर्वी नेपाल में लगभग 99 चाय फैक्ट्रियां प्रभावित हुईं और विभिन्न आकारों के 50 से अधिक चाय बागानों में काम रुक गया। इससे चाय तोड़ने का काम भी बाधित हुआ और हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए।

चाय विवाद कैसे शुरू हुआ?

नेपाली प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद कार्यालय से यह आश्वासन मिलने के बाद कि सरकार निर्यात की बाधाओं को दूर करने के लिए तत्काल राजनयिक और प्रशासनिक कदम उठाएगी, फैक्ट्री मालिकों ने कामकाज फिर से शुरू करने पर सहमति व्यक्त की। चाय विवाद भारत के चाय बोर्ड द्वारा शुरू किए गए एक नए नियम से उत्पन्न हुआ। इस नियम के तहत, नेपाल से भारत आने वाली चाय की हर खेप का अनिवार्य प्रयोगशाला परीक्षण किया जाता है। पहले, भारत केवल 5 से 20 प्रतिशत नमूनों की रैंडम जांच करता था, और एक ट्रक के निरीक्षण पास करने के बाद पूरी खेप को मंजूरी दे दी जाती थी; लेकिन अब, सीमा पर हर ट्रक से नमूने लिए जाते हैं और उन्हें कोलकाता की एक केंद्रीय प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजा जाता है।

नेपाल में कोई अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला नहीं

फिलहाल, नेपाल में कोई अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला नहीं है। नतीजतन, कोलकाता से रिपोर्ट मिलने में 15 से 20 दिन लग जाते हैं। इस दौरान, ट्रकों और गोदामों में रखी चाय खराब होने लगती है। इसके परिणामस्वरूप, लगभग 13 लाख किलोग्राम नेपाली चाय सीमा पर फंसी रही। भारत के इस कड़े कदम का नेपाल पर गंभीर असर पड़ा; पूर्वी नेपाल के झापा और इलाम जिलों में 100 से अधिक चाय कारखाने और बागान बंद होने की कगार पर आ गए। इससे लगभग 60,000 दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका खतरे में पड़ गई। इसके अलावा, चाय की पत्तियों की कीमत ₹40-60 प्रति किलोग्राम से गिरकर ₹15 प्रति किलोग्राम हो गई, जिससे किसानों को हर दिन करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

भारतीय चाय उत्पादकों की शिकायतें

भारतीय चाय उत्पादकों ने शिकायत की है कि नेपाल से आयात की जाने वाली सस्ती और कम गुणवत्ता वाली चाय को भारत की प्रीमियम दार्जिलिंग चाय के साथ मिलाया जा रहा है। इस काम से भारतीय ब्रांडों की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा खराब हो रही थी। इसके अलावा, नेपाली चाय में कीटनाशकों और रसायनों की अधिक मात्रा होने की भी शिकायतें मिलीं।

ITR Filing 2026: नए ITR फॉर्म तक हुए बड़े बदलाव, ITR फाइल करने की नई डेडलाइन, ITR फॉर्म में क्या बदलाव किए गए हैं?

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इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने का सीज़न शुरू हो गया है और इस बार टैक्सपेयर्स के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। भले ही इनकम टैक्स एक्ट, 2025 लागू हो गया है, लेकिन फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (FY26) के लिए ITR अभी भी इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत ही भरा जाएगा।

फाइलिंग की डेडलाइन, ITR फॉर्म, F&O ट्रेडिंग और जानकारी देने की ज़रूरतों से जुड़े कई बदलाव हुए हैं, जिनके बारे में टैक्सपेयर्स को पता होना चाहिए।

ITR फाइल करने की नई डेडलाइन
ITR-1 या ITR-2 भरने वाले सैलरीड लोगों के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 है। वहीं, ITR-3 और ITR-4 (जहां अकाउंट ऑडिट ज़रूरी नहीं है) भरने वाले लोग अब 31 अगस्त, 2026 तक अपना रिटर्न फाइल कर सकते हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स आखिरी समय तक इंतज़ार करने के बजाय ITR फाइल करने की सलाह देते हैं।

ITR फॉर्म में क्या बदलाव किए गए हैं?

इस बार ITR फॉर्म में कई नए बदलाव किए गए हैं। जिन लोगों के पास खुद के इस्तेमाल वाले दो घर हैं, वे अब कुछ शर्तों के साथ ITR-1 या ITR-4 फाइल कर सकते हैं। फॉर्म में ‘अनरियलाइज़्ड रेंट’ (ऐसा किराया जो मिलना था लेकिन नहीं मिला) की जानकारी देने के लिए एक कॉलम जोड़ा गया है। इसके अलावा, 2024 के बजट में लाए गए नए कैपिटल गेन्स टैक्स नियमों के हिसाब से फॉर्म को अपडेट किया गया है।

F&O और इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए नया नियम
अगर आप फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) या इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं, तो आपको ITR-1 या ITR-2 के बजाय ITR-3 फाइल करना पड़ सकता है। हालांकि, अगर आप सेक्शन 44AD के तहत प्रिजम्पटिव टैक्स स्कीम के लिए योग्य हैं और उसे चुनते हैं, तो आप ITR-4 फाइल कर सकते हैं। सही ITR फॉर्म चुनना ज़रूरी है, क्योंकि गलत फॉर्म भरने से आपका रिटर्न डिफेक्टिव माना जा सकता है।

F&O ट्रेडर्स को अब ज़्यादा जानकारी देनी होगी
नए ITR फॉर्म में F&O, इंट्राडे ट्रेडिंग और बायबैक ट्रांज़ैक्शन से जुड़ी ज़्यादा डिटेल्ड जानकारी देनी होगी। अब व्यापारियों को ये जानकारी देनी पड़ सकती है:

कुल टर्नओवर
खरीद और बिक्री की जानकारी
स्टॉक की ओपनिंग और क्लोजिंग (शुरुआती और आखिरी स्टॉक)
डायरेक्ट खर्च
अकाउंट में दिखने वाला प्रॉफ़िट या लॉस
सरकार का मकसद टैक्स नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित करना है।

कैपिटल गेन्स टैक्स रिपोर्टिंग नियमों में बदलाव
बजट 2024 में लाए गए नए कैपिटल गेन्स टैक्स सिस्टम के हिसाब से ITR फ़ॉर्म को अपडेट किया गया है। नई टैक्स दरों ने पुरानी दरों की जगह ले ली है।

अगर आपने शेयर, म्यूचुअल फ़ंड या दूसरी संपत्तियों को बेचकर कैपिटल गेन्स कमाया है, तो ITR प्रोसेस के दौरान दिक्कतों से बचने के लिए नए नियमों के अनुसार सही जानकारी देना ज़रूरी है।

डोनेशन और विदेशी रिटायरमेंट अकाउंट से जुड़े बदलाव
अगर आप किसी राजनीतिक पार्टी को दिए गए डोनेशन के लिए सेक्शन 80GGC के तहत टैक्स छूट का दावा करते हैं, तो अब आपको उस राजनीतिक पार्टी का नाम और PAN बताना होगा।

इसके अलावा, विदेशी रिटायरमेंट अकाउंट रखने वाले निवासी टैक्सपेयर्स अब ITR-1 या ITR-4 फ़ाइल करते समय सेक्शन 89A के तहत राहत का दावा नहीं कर पाएंगे।

अब छोटी-छोटी गलतियां भी पकड़ी जा सकती हैं
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट तेज़ी से टेक्नोलॉजी और रियल-टाइम डेटा वेरिफिकेशन का इस्तेमाल कर रहा है। दूसरे शब्दों में, अगर आपके ITR में कोई जानकारी छूट गई है, गलत भरी गई है या अलग-अलग डॉक्युमेंट्स में मेल नहीं खाती है, तो इसका पता जल्दी चल जाएगा। इसलिए, बाद में नोटिस या दूसरी मुश्किलों से बचने के लिए अपना ITR फ़ाइल करने से पहले सभी जानकारियों को अच्छी तरह से वेरिफ़ाई कर लें।

“cg_ डोंगरगांव की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी, बना नगर पालिका” राज्य शासन ने जारी की अधिसूच_”

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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव से डोंगरगांव के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मिलकर जताया आभार

राज्य शासन ने डोंगरगांववासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए डोंगरगांव नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। डोंगरगांव नगर पंचायत की सीमाएं ही डोंगरगांव नगर पालिका की सीमाएं होंगी। राज्य शासन के इस निर्णय से पूरे शहर में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है।

डोंगरगांव नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन के बाद वहां के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने आज उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव से मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इससे डोंगरगांव के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी तथा शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने डोंगरगांव के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि नगर पालिका बनने के बाद डोंगरगांव में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नगरवासियों तक पहुंच सकेगा। इस दौरान डोंगरगांव नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती अंजू त्रिपाठी, पार्षद श्री मनबोधी पटेल, श्रीमती पदमनी ठाकुर, श्रीमती गायत्री यादव, श्रीमती लीला मंडलोई, श्री डीकेश साहू, श्री दीना पटेल और श्री रामकुमार गुप्ता भी मौजूद थे।

” कांग्रेस की राजनीतिक हताशा का परिचायक___” लोकतंत्र पर भाषण देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है”___- भाजपा पार्षद रवि सिन्हा “

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“राजनांदगांव। भाजपा पार्षद एवं शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय के अध्यक्ष रवि सिन्हा ने नेता प्रतिपक्ष नगर पालिक निगम के बयान को कांग्रेस की राजनीतिक हताशा का परिचायक बताते हुए कहा है कि जिस दल ने देश पर आपातकाल थोपकर लोकतंत्र का गला घोंटा, हजारों राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जेल में डाला, प्रेस की स्वतंत्रता समाप्त की और संविधान की मूल भावना को कुचलने का प्रयास किया, उसे लोकतंत्र पर भाषण देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”

“भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस आज भी आपातकाल को “संवैधानिक” बताकर उस काले अध्याय को उचित ठहराने का प्रयास कर रही है। यह देश की जनता और लोकतंत्र के प्रति कांग्रेस की सोच को उजागर करता है। आपातकाल केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं था, बल्कि करोड़ों भारतीयों के मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला था, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता।”

“भाजपा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में लोकतांत्रिक संस्थाएं पहले से अधिक मजबूत हुई हैं। चुनाव आयोग, न्यायपालिका, मीडिया और संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं। यदि किसी व्यक्ति या नेता पर जांच एजेंसियों द्वारा कार्रवाई होती है तो वह कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होती है, न कि राजनीतिक प्रतिशोध के कारण।”

“नेता प्रतिपक्ष द्वारा बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की स्थिति को लेकर लगाए गए आरोपों पर सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में रिकॉर्ड स्तर पर आधारभूत संरचना का विकास किया है, करोड़ों लोगों को आवास, शौचालय, गैस कनेक्शन और मुफ्त राशन उपलब्ध कराया है।”

“किसानों के खातों में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई जा रही है। युवाओं के लिए स्टार्टअप, मुद्रा योजना और स्वरोजगार के अनेक अवसर सृजित किए गए हैं।”

“सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस को जनता की समस्याओं की चिंता कम और अपनी घटती राजनीतिक प्रासंगिकता की चिंता अधिक है। कांग्रेस आज भी पांच दशक पुराने अपने पापों का प्रायश्चित करने के बजाय उन्हें सही साबित करने में लगी हुई है।”

“सिन्हा ने स्पष्ट कहा कि देश की जनता कांग्रेस के दोहरे चरित्र को भली-भांति समझ चुकी है। लोकतंत्र की रक्षा का सबसे बड़ा प्रमाण जनता का लगातार बढ़ता विश्वास और चुनावों में भाजपा को मिल रहा जनादेश है। कांग्रेस को जनता को भ्रमित करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर देश और प्रदेश की जनता ने उसे बार-बार क्यों नकारा है।”

cg__प्रकाशित पात्र-अपात्र सूची के संबंध में 8 जुलाई तक दावा-आपत्ति आमंत्रित__

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राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत स्वीकृत रिक्त संविदा पदों पर भर्ती के लिए प्राप्त आवेदन पत्रों के परीक्षण उपरांत पात्र-अपात्र सूची जारी की गई है। प्रकाशित पात्र-अपात्र सूची के संबंध में 8 जुलाई 2026 शाम 5.30 बजे तक कार्यालय जिला पंचायत राजनांदगांव के आवक-जावक शाखा में निर्धारित प्रारूप में आवश्यक अभिलेख सहित रजिस्टर्ड व स्पीड पोस्ट या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर दावा आपत्ति प्रस्तुत कर सकते है। प्रकाशित पात्र-अपात्र सूची का अवलोकन राजनांदगांव जिले की वेबसाईट पर किया जा सकता है।

cg_जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता…

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– अब तक 43028 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण”
– अब तक 11544 क्विंटल बीजों का वितरण”

राजनांदगांव। जिले में खरीफ सीजन में खेती-किसानी के लिए तैयारी जोरों पर है और किसानों में उत्साह है। किसान को सहकारी समितियों के माध्यम से खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जा रहा है।

जिले में 68960 मीट्रिक टन उर्वरक के लक्ष्य रखा गया है, लक्ष्य के विरूद्ध 54393 मीट्रिक टन का भंडारण किया जा चुका है। जिसमें सरकारी क्षेत्र में 39088 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 15304 मीट्रिक टन का भंडारण किया गया है।

भंडारित उर्वरकों का वितरण किसानों को समितियां के माध्यम से 31352 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है एवं निजी क्षेत्र से भी 11676 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को हो चुका है।

इसी प्रकार कुल 43028 मीट्रिक टन का वितरण हो गया है।

वर्तमान में समितियां में यूरिया उर्वरक 3768 मीट्रिक टन, डीएपी 436 मीट्रिक टन, एनपीके खाद 1126 मीट्रिक टन, सिंगल सुपर फास्फेट 1274 मीट्रिक टन एवं पोटाश 1130 मीट्रिक टन कुल 7736 मीट्रिक टन उर्वरक समितियों में वर्तमान में उपलब्ध है।

इसके साथ ही निजी क्षेत्र में 3628 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।

इसी प्रकार खरीफ 2026 के लिए धान सहित विभिन्न दलहनी एवं तिलहनी फसलों के लिए 14331 क्विंटल बीज की मांग का आंकलन किया गया है।

इसके विरूद्ध अब तक 14288 क्विंटल बीजों का भंडारण सहकारी समितियों में किया जा चुका है।

किसानों द्वारा लगातार बीजों का उठाव किया जा रहा है तथा अब तक 11544 क्विंटल बीजों का वितरण किया जा चुका है।

कृषि विभाग द्वारा किसानों से खरीफ फसलों की बुआई के लिए आवश्यक खाद एवं बीज का समय पर उठाव करने तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाकर बेहतर उत्पादन प्राप्त करने की अपील की है।

ई-चालान के नाम पर हो रही साइबर ठगी से रहे सावधान….

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– नागरिकों से वास्तविक ई-चालान की जानकारी के लिए केवल परिवहन विभाग की अधिकृत वेबसाइट का उपयोग करने की अपील

राजनांदगांव। परिवहन विभाग द्वारा नागरिकों को ई-चालान के नाम पर हो रही साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील की गई है। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि साइबर अपराधी परिवहन विभाग की वेबसाइट के समान क्लोन पेज तैयार कर नागरिकों को ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का भय दिखाते हुए फर्जी संदेश एवं लिंक भेज रहे हैं।

इन लिंक पर क्लिक करने के बाद नागरिकों से उनकी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता, डेबिट-क्रेडिट कार्ड अथवा यूपीआई संबंधी जानकारी प्राप्त कर धोखाधड़ी की जा रही है। उन्होंने नागरिक से किसी भी संदिग्ध लिंक, शॉर्ट लिंक अथवा अज्ञात वेबसाइटों पर क्लिक नहीं करने कहा है।

ऐसे फर्जी लिंक प्राय: अज्ञात मोबाइल नंबरों से भेजे जाते हैं तथा इनमें शासकीय डोमेन के स्थान पर संदिग्ध डोमेन नामों का उपयोग किया जाता है। इन संदेशों में तत्काल भुगतान करने अथवा कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर लोगों पर दबाव बनाया जाता है।

कई मामलों में लिंक खोलने पर सीधे कार्ड, बैंक खाता अथवा यूपीआई संबंधी जानकारी मांगी जाती है तथा कभी-कभी मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने के लिए भी कहा जाता है।

उन्होंने कहा कि वास्तविक ई-चालान की जानकारी प्राप्त करने के लिए केवल परिवहन विभाग की अधिकृत वेबसाइट https://echallan.parivahan.gov.in का ही उपयोग करें।

वेबसाइट के पेज ऑनलाईन विकल्प में जाकर चालान नंबर एवं कैप्चा कोड दर्ज कर गेट डिटेल पर क्लिक करने के पश्चात मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से चालान का विवरण देखा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि पुलिस एवं परिवहन विभाग के प्रवर्तन अमले द्वारा किए गए प्रत्येक वैध ई-चालान की सूचना वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर केवल अधिकृत ई-चालान प्रणाली के माध्यम से ही भेजी जाती है।

नागरिकों से किसी भी अज्ञात व्यक्ति को ऑनलाइन भुगतान नहीं करने तथा बैंकिंग व डिजिटल लेन-देन के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक अथवा मोबाइल एप्लीकेशन के संबंध में निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं अथवा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

परिवहन विभाग द्वारा साइबर ठगी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नागरिकों से सतर्क, जागरूक एवं सुरक्षित रहने का आग्रह किया गया है।