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“PM-SETU, कर्पूरी ठाकुर स्किल यूनिवर्सिटी, ITI टॉपर्स को सम्मान…, प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार को दी बड़ी सौगातें”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार दोपहर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया. इस अवसर पर पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति में 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की युवा-केंद्रित विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ भी किया.

प्रधानमंत्री ने देश भर के आईटीआई छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को सराहा और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया. इस दौरान उन्होंने युवाओं को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया जो देश के विकास में उनकी भूमिका को मजबूत करेगा.

62,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ

उधर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम मोदी ने बिहार समेत कई राज्यों में युवाओं के लिए तैयार की गई 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की शुभारंभ/ शिलान्यास किया. इन योजनाओं में रोजगार सृजन, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली पहल शामिल हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस अवसर पर बिहार में इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन का आश्वासन दिया.

भारत में कौशल को प्राथमिकता

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, ‘कुछ साल पहले हमारी सरकार ने आईटीआई के विद्यार्थियों के लिए व्यापक स्तर पर दीक्षांत समारोह की नई परंपरा शुरू की. इसी परंपरा की कड़ी के एक और साक्षी हम सभी बन रहे हैं. मैं इस कार्यक्रम में जुड़े सभी आईटीआई के सभी युवाओं को शुभकामनाएं देता हूं. साथियों आज का ये विशेष समारोह इस बात का प्रतीक है. आज का भारत कौशल को इतनी प्राथमिकता देता है. आज देश भर के नौजवानों के लिए शिक्षा और कौशल विकास की दो बड़ी योजनाएं जुड़ गई हैं.’

‘ITI के छात्रों में पैदा हो विश्वास’

उन्होंने आगे कहा कि जब तक हम श्रम को प्रतिष्ठित नहीं देंगे, हुनर के लिए जो लोग काम करते हैं अगर उनका सार्वजनिक सम्मान नहीं होगा. तो शायद वो अपने आप को कम महसूस करेगा, ये मानसिकता बदलने एक अभियान है. हम श्रमेव जयते भी कहते हैं और श्रमेव पूजते भी कहता हैं इसलिए उसी भाव को लेकर देश भर में आईटीआई के शिक्षार्थी हैं उनमें भी एक विश्वास पैदा हो कि कहीं नहीं जा पाए तो यहां आए हैं, बल्कि यहां भविष्य बहुत अच्छा है इसलिए आए हैं. और राष्ट्र निर्माण में कौशल का योगदान बहुत है.

पीएम ने कहा, ’21वीं सदी की मांग है कि हम देश की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, लोकल टैलेंट, लोकल रिसोर्सेस और लोकल नॉलेज को तेजी से आगे बढ़ाएं और इसमें हमारे हजारों ITIs की बहुत बड़ी भूमिका है.’

PM-SETU का शुभारंभ

पीएम ने ‘युवा संवाद’ के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 60,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ केंद्र प्रायोजित योजना पीएम- सेतु योजना का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य बिहार के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री निश्चय और सहायता भत्ता योजना का भी शुभारंभ किया गया. ये योजनाएं बिहार के युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके कौशल विकास पर केंद्रित है. इस योजना में 1,000 सरकारी आईटीआई को हब-एंड-स्पोक मॉडल में उन्नत करने की परिकल्पना की गई है, जिसमें 200 हब आईटीआई और 800 स्पोक आईटीआई शामिल हैं.

PM ने कहा, ‘आज PM-SETU योजना की शुरुआत की गई है. देशभर में हमारे 1,000 से ज्यादा ITIs को इसका लाभ मिलेगा. PM-SETU के माध्यम से इन ITIs को अपग्रेड किया जाएगा. PM-SETU योजना दुनिया की SKILL DEMAND से भारत के युवाओं को जोड़ेगी.’

कर्पूरी ठाकुर स्किल यूनिवर्सिटी का उद्घाटन

पीएम मोदी ने जन नायक कर्पूरी ठाकुर स्किल्ड यूनिवर्सिटी परियोजना का भी उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल तैयार करने के लिए उद्योग-उन्मुख पाठ्यक्रम और व्यावसायिक शिक्षा प्रदान करना है. इसके अलावा उच्च शिक्षा के अवसरों को बेहतर बनाने के दृष्टिकोण के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को आगे बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री PM-USHA (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत बिहार के चार विश्वविद्यालयों- पटना विश्वविद्यालय, मधेपुरा में भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, छपरा में जय प्रकाश विश्वविद्यालय और पटना में नालंदा ओपन विश्वविद्यालय में नई शैक्षणिक और अनुसंधान सुविधाओं की आधारशिला रखी.

PM ने कहा कि भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर ने अपना पूरा जीवन समाज की सेवा और शिक्षा के विस्तार में लगाया. उनके नाम पर बनने वाली स्किल यूनिवर्सिटी, उसी सपने को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनेगी. आज भारत, दुनिया के युवा देशों में से एक है और बिहार उन राज्यों में शामिल है, जहां आबादी के अनुपात में सबसे ज्यादा युवा हैं. इसलिए जब बिहार के युवाओं का सामर्थ्य बढ़ता है तो देश की ताकत भी बढ़ती है. बिहार के युवाओं के सामर्थ्य को और बढ़ाने के लिए NDA सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है.

“PoK में बगावत, क्या भारत सिर्फ मूकदर्शक बनकर रहेगा?”

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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान के खिलाफ जबरदस्त आंदोलन चल रहा है. हालांकि खबर आ रही है कि पाक सरकार ने आंदोलनकारियों की मांगे मान ली हैं पर ऐसे आंदोलन कभी खत्म नहीं होते हैं.

यह धीरे धीरे ऐसा विकराल रूप ले रहा है जो लंबे समय से चले आ रहे कश्मीर विवाद को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है. अवामी एक्शन कमिटी (AAC) के नेतृत्व में सितंबर 2025 से शुरू हुआ ये विरोध प्रदर्शन आर्थिक शोषण, बुनियादी अधिकारों की अनदेखी और पाकिस्तानी सेना की क्रूरता के खिलाफ है. हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं, दुकानें बंद हैं, चक्का-जाम हड़ताल हो रही है, और मुजफ्फराबाद, कोटली, बाघ जैसे जिलों में हिंसा भड़क चुकी है, जिसमें कम से कम 12 नागरिक मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं.

पाकिस्तानी सेना ने पंजाब से यहां हजारों सैनिक तैनात किए हैं. इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दीं गई हैं, और गोलीबारी की, लेकिन प्रदर्शनकारी ‘लॉन्ग मार्च’ जारी रखे हुए हैं. यह आंदोलन पाकिस्तान की ‘आजाद कश्मीर’ की जबरन बनाई छवि को चूर-चूर कर रहा है, और भारत के लिए PoK को वापस लेने, आतंकवाद पर लगाम लगाने, और क्षेत्रीय वर्चस्व स्थापित करने की संभावनाएं खोल रहा है. हालांकि, ये अवसर जोखिम से भरे हो सकते हैं, जैसे पाकिस्तान का और आक्रामक होना या अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप आदि पर नामुमकिन भी नहीं है.

PoK में यह विद्रोह अचानक नहीं उभरा; यह दशकों की असंतोष की परिणति है. 1947 के विभाजन के बाद पाकिस्तान ने PoK पर कब्जा किया, लेकिन स्थानीय लोगों को कभी वास्तविक स्वायत्तता नहीं दी. AAC ने 38 मांगें रखीं, जिनमें मुख्य हैं पाकिस्तान में बसे कश्मीरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 विधानसभा सीटों को समाप्त करना, जो स्थानीय प्रतिनिधित्व को कमजोर करता है; जलविद्युत परियोजनाओं (जैसे मंगला डैम और नीलम-झेलम) से उत्पन्न बिजली का लाभ PoK को मिलना, क्योंकि 60% बिजली पंजाब को चली जाती है; आटा और बिजली पर सब्सिडी; और सेना का हस्तक्षेप समाप्त करना.

प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे हैं, कश्मीर हमारा है, हम इसका फैसला करेंगे. पाक सेना और रेंजर्स हर संभव प्रयास इस आंदोलन को दबाने के लिए कर रहे हैं. पीओके में कर्फ्यू लगा दिया गया है. इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया गया है. X पर तमाम ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं,जो वहां की खराब स्थिति को बयां कर रहे हैं. नागरिक सैनिकों पर हमला कर रहे हैं और कंटेनर हटा रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि भारत के लिए यह एक सुनहरा मौका हो सकता है.पर क्या यह भारत के लिए इतना आसान है?

कश्मीर पर पाकिस्तान को बेनकाब करने का मौका यह आंदोलन भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता को चुनौती देने का अवसर देता है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में PoK के मुद्दे उठाए जा सकते हैं, जहां यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने पाकिस्तान की दमनकारी कार्रवाई की निंदा की और वैश्विक हस्तक्षेप की मांग की है.

भारत PoK में पाकिस्तानी अत्याचारों को हाइलाइट कर सकता है, जैसा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने UNGA में पाकिस्तान को ‘वैश्विक आतंकवाद का केंद्र’ बताया था.हालांकि पाकिस्तान भारत को दोष दे रहा है, लेकिन वीडियो और स्थानीय बयान इसकी पोल खोल रहे हैं. भारत कूटनीतिक रूप से PoK के लोगों के अधिकारों का समर्थन कर सकता है, जो पाकिस्तान की ‘आजाद कश्मीर’ की झूठे प्रचार को कमजोर करेगा. X पर तमाम ऐसे पोस्ट दिखते हैं कि PoK युवा पाकिस्तानी सेना के प्रॉक्सी युद्ध के खिलाफ हैं, जो भारत के आतंकवाद विरोधी नैरेटिव को मजबूत करता है .

यदि भारत UN, यूरोपीय संघ और अमेरिका जैसे सहयोगियों के साथ PoK को मानवाधिकार मुद्दा बनाता है, तो पाकिस्तान पर GSP (यूरोपीय संघ का एक व्यापारिक कार्यक्रम है, जो विकासशील देशों को कम या शून्य शुल्क पर EU बाजारों में निर्यात की सुविधा देता है. यह मानवाधिकार, श्रम, पर्यावरण और सुशासन के मानकों के पालन पर आधारित है. पाकिस्तान को इसका लाभ मिलता है) जैसे कई अन्य संगठनों के व्यापार लाभों पर दबाव बढ़ सकता है. इससे भारत की वैश्विक छवि मजबूत होगी और कश्मीर पर पाकिस्तानी दावों को कमजोर करेगा. इसके अलावा, आंदोलन PoK में आतंकवादी भर्ती को प्रभावित कर सकता है.

सैन्य और सुरक्षा संबंधी संभावनाएं

सैन्य दृष्टि से, PoK में अस्थिरता पाकिस्तानी सेना को कमजोर कर रही है, जो भारत के लिए LoC पर दबाव कम करने का मौका है. पाकिस्तान ने पंजाब से सैनिक भेजे, लेकिन यदि विद्रोह फैलता है, तो सेना का ध्यान आंतरिक दमन पर केंद्रित हो जाएगा.

भारत सर्जिकल स्ट्राइक या ऑपरेशन सिंदूर जैसे कदमों से आतंकी ठिकानों को निशाना बना सकता है, जैसा कि 2025 में पहलगाम हमले के बाद हुआ. PoK में संसाधनों (जल, खनिज) का शोषण बंद होने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी, जो भारत को सिन्धु जल संधि पर मजबूत स्थिति देगा.

हालांकि, यदि पाकिस्तान दमन बढ़ाता है, तो शरणार्थी भारत की ओर आ सकते हैं, जो मानवीय संकट पैदा करेगा लेकिन भारत के लिए बांग्लादेश जैसी कार्रवाई करने का मौका भी दे सकता है. भारत को अपनी सेना को सतर्क रखना चाहिए, क्योंकि LoC पर गोलीबारी बढ़ सकती है.

आर्थिक और सामरिक लाभ

PoK भारत के लिए जल संसाधनों का खजाना है. मंगला डैम जैसी परियोजनाएं पाकिस्तान को लाभ पहुंचाती हैं, लेकिन आंदोलन से ये प्रभावित हो सकती हैं. CPEC (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) पर असर पड़ेगा, जो भारत के लिए सामरिक लाभ है, क्योंकि यह ग्वादर बंदरगाह के माध्यम से चीन को गल्फ तक पहुंच देता है. यदि PoK में विद्रोह बालोचिस्तान से जुड़ता है, तो पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा कमजोर होगी.

भारत को मानवीय सहायता प्रदान कर PoK लोगों को आकर्षित करना चाहिए, लेकिन सैन्य कार्रवाई से बचना चाहिए जब तक आवश्यक न हो.

“‘मेक इन इंडिया’ से जुड़े 6,000 से ज्यादा यूरोपीय फर्म, 30 लाख को दी नौकरियां… FTA पर 6 अक्टूबर से फिर चर्चा”

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भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान ने यूरोपीय कंपनियों का रुझान तेजी से अपनी ओर खींचा है. अब यूरोप भारत को न सिर्फ निवेश, बल्कि रोजगार और विनिर्माण साझेदारी का अहम केंद्र मान रहा है.

इसी को ध्यान में रखते हुए दोनों पक्षों के बीच FTA वार्ता का 14वां दौर 6 अक्टूबर को ब्रसेल्स में शुरू होगा.

दिल्ली में आयोजित फेडरेशन ऑफ यूरोपियन बिजनेस इन इंडिया (FEBI) की दूसरी वार्षिक आम बैठक में यूरोपीय संघ (EU) के भारत में राजदूत हर्वे डेल्फिन ने कहा कि भारत पहले से ही बड़ी संख्या में यूरोपीय कंपनियों की मौजूदगी का गवाह है और अगर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) होता है तो संभावनाएं कई गुना बढ़ जाएंगी.

FEBI के नए सर्वे के मुताबिक, भारत में 6,000 से अधिक यूरोपीय कंपनियां सक्रिय हैं, जिन्होंने अब तक 30 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा की हैं. ये कंपनियां न केवल निवेश करती हैं, बल्कि भारत से निर्माण, इनोवेशन और निर्यात भी करती हैं, जो सीधे तौर पर ‘मेक इन इंडिया’ दृष्टि से जुड़ा है.

ईयू भारत का बड़ा व्यापारिक साझेदार

यूरोपीय संघ वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. दोनों के बीच वस्तु व्यापार 120 अरब यूरो तक पहुंच गया है, जो अमेरिका और चीन से भी आगे है. सेवाओं को जोड़ने पर यह आंकड़ा 180 अरब यूरो तक जाता है.

भारत को ईयू राजदूत ने बताया चुनौतीपूर्ण बाजार

डेल्फिन ने कहा, “भारत को ईयू व्यवसाय एक आकर्षक लेकिन चुनौतीपूर्ण बाजार मानते हैं. यहां बड़े अवसर हैं और कंपनियां इसका लाभ उठाते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था में सीधा योगदान देती हैं. वे नौकरियां बनाती हैं, निवेश करती हैं, विनिर्माण और इनोवेश करती हैं. संक्षेप में कहें तो वे ‘मेक इन इंडिया’ करती हैं.”

EU पक्ष का मानना है कि समझौते के बाद निवेश प्रवाह और सप्लाई चेन सहयोग में बड़ी वृद्धि होगी. ईयू के राजदूत ने कहा, “अगर FTA हो गया तो 80% यूरोपीय कंपनियां भारत में निवेश और रोजगार बढ़ाने की योजना बना रही हैं.”

“अमेरिका में हैदराबाद के छात्र की गोली मारकर हत्या, विधायक ने शव वापस लाने की अपील की”

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अमेरिका में एक दुखद घटना में हैदराबाद के छात्र चंद्रशेखर पोले की गोलीबारी में मौत हो गई. इस घटना की जानकारी पूर्व मंत्री और बीआरएस विधायक टी हरीश राव ने शनिवार को दी. हरीश राव ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद है और उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि चंद्रशेखर, जो एल.बी. नगर का रहने वाला था और दलित समुदाय से संबंधित था, ने भारत में बीडीएस (Bachelor of Dental Surgery) की पढ़ाई पूरी की थी. इसके बाद वह अपनी उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका के डालास शहर गए थे.

हरीश राव ने कहा, “यह अत्यंत दुखद है कि चंद्रशेखर पोले, जो एक मेहनती छात्र था, सुबह के समय कुछ अपराधियों द्वारा की गई गोलीबारी में अपनी जीवन गंवा बैठा. यह हमारे लिए बहुत ही बड़ी क्षति है.”

इस दुखद घटना के बाद हरीश राव ने तेलंगाना सरकार से आग्रह किया है कि वे आवश्यक कदम उठाकर छात्र के शव को अमेरिका से भारत लाने की व्यवस्था करें. उन्होंने कहा कि यह परिवार के लिए न्याय और सम्मान का मामला है और सरकार को इसमें त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए.

हरीश राव ने साथ ही यह भी कहा कि बीआरएस और अन्य पार्टी नेताओं ने मृतक के परिवार से मिलकर उन्हें हर संभव मदद और सहानुभूति देने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर एक उत्कृष्ट और मेहनती छात्र थे, जिन्होंने अपनी शिक्षा के लिए विदेश में कठिन मेहनत की थी, और उनकी अकाल मृत्यु ने परिवार और समाज को गहरा झटका दिया है.

अमेरिका में छात्र सुरक्षा और विदेश में पढ़ाई के दौरान होने वाली घटनाओं की चिंता को लेकर इस घटना ने भारतीय परिवारों में एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है. अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी पुलिस मामले की जांच कर रही है और इस मामले में दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है.

“उद्धव ठाकरे ने फडणवीस को बताया कमजोर CM, कहा- BJP सरकार भ्रष्टाचार रोकने में रही नाकाम”

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शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर से बीजेपी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है. ठाकरे ने महाराष्ट्र और केंद्र में बीजेपी की सरकार को असफल बताया. पुणे में शनिवार (4 अक्टूबर) को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी महाराष्ट्र या केंद्र में शासन करने में असमर्थ है.

साथ ही सीएम फडणवीस एक कमजोर नेता हैं जो भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में असमर्थ हैं.

पुणे यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स द्वारा आयोजित एक संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) को बीजेपी से हिंदुत्व पर प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है, जो देश के अंदर दीवारें खड़ी कर रही है. उन्होंने कहा कि भारत एक खूबसूरत देश है. इसकी एक महान संस्कृति है. हालांकि बीजेपी ने पूरे माहौल को बिगाड़ दिया है और इसे नर्क बना दिया है. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने देश के भीतर दीवारें खड़ी कर दी हैं. मैं इसे और बिगड़ने से रोकने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं.

BJP राज्य या केंद्र में सरकार नहीं चला सकती शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार कश्मीर और मणिपुर के मुद्दों को सही से नहीं संभाल पाई है. उन्होंने कहा ‘मैंने बार-बार कहा है कि भाजपा राज्य या केंद्र में सरकार नहीं चला सकती’. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी देश को तानाशाही के रास्ते पर ले जा रही है.

सीएम फडणवीस पर उद्धव ठाकरे का हमला

वहीं महाराष्ट्र की सीएम फडणवीस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा ‘मैं किसी को भी दुश्मन नहीं मानता, प्रधानमंत्री को भी नहीं. लेकिन राज्य की मौजूदा स्थिति को देखते हुए (भाजपा नीत महायुति) के पास प्रचंड बहुमत होने के बावजूद मुख्यमंत्री कमजोर दिख रहे हैं. भ्रष्टाचार के कई मामलों के बावजूद सीएम भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में असहाय दिख रहे हैं’.

उद्धव ठाकरे ने किसानों की मदद में सरकार की नाकामी पर भी सवाल उठाए और कहा कि अभी तक किसानों के कर्ज माफी की घोषणा नहीं की गई है, जबकि जब वो मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने यह कदम उठाया था. उन्होंने कहा कि सितंबर में राज्य के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश के बीच फडणवीस सरकार किसानों की मदद करने में विफल रही. उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक किसानों के लिए कर्ज माफी की घोषणा नहीं की है, जबकि मैंने मुख्यमंत्री रहते हुए कर्ज माफी की थी.

BJP ने सौगात-ए-मोदी अभियान शुरू किया था हिंदुत्व का दामन छोड़ने की आलोचना (2019 में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के साथ गठबंधन के बाद) का जवाब देते हुए, शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि मुसलमानों को खुश करने के लिए बीजेपी ने ही सौगात-ए-मोदी अभियान शुरू किया था. उन्होंने सवाल किया कि पहलगाम आतंकवादी हमले में लोगों का धर्म पूछकर उन पर गोलियां चलाई गईं बीजेपी ने क्या किया?.

मुझे BJP से हिंदुत्व पर प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं ठाकरे कहा कि कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के लिए बीजेपी उन पर निशाना साध रही है, लेकिन उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या (आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री) चंद्रबाबू नायडू और (बिहार के मुख्यमंत्री) नीतीश कुमार कट्टर हिंदुत्व समर्थक हैं. उन्होंने कहा, ‘मुझे बीजेपी से हिंदुत्व पर किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है. मेरे दादा (प्रभोदनकर ठाकरे) एक प्रसिद्ध सुधारक थे. हमारा हिंदुत्व प्रगतिशील रहा है’.

“Hyundai Venue 2025: नए डिजाइन, फीचर्स और दमदार इंजन के साथ लौट रही है SUV क्वीन, क्या मिलेंगे Creta जैसे फीचर्स?”

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नेक्स्टजनरेशन की हुंडईवेन्यू 4 नवंबर 2025 को यानी दिवाली के ठीक बाद, शोरूम में आने के लिए पूरी तरह तैयार है. वाहन निर्माता कंपनी ने इस नए मॉडल की टेस्टिंग तेजी से शुरू कर दी है. इसके कारण कार के डिजाइन और फीचर्स की जानकारी कई स्पाई शॉट्स और वीडियो में देखने को मिली है.

कोडनेमQU2i वाली 2025 हुंडईवेन्यू में क्रेटा से इंस्पायर बेहतर स्टाइलिंग और ज्यादा फीचर्स से लैस इंटीरियर होने की उम्मीद है. हालांकि, इंजन और गियरबॉक्स के ऑप्शन मौजूदा जनरेशन वाले ही रहने की संभावना है.

बिल्कुलनयाफ्रंटफेसिया होगा

बिल्कुल नई वेन्यू अपने अपराइट और बॉक्सीस्टांस को बरकरार रखेगी, लेकिन इसमें बिल्कुलनयाफ्रंटफेसिया होगा. आगे कीतरफ, इसमेंएक बड़ा और नए डिजाइन वाला ग्रिल, स्प्लिटपैटर्न वाले हेडलैंप और एक वर्टिकलएलईडीडीआरएलएलिमेंट होगा. साइडप्रोफाइल में नए 16-इंच के अलॉयव्हील, व्हीलआर्च के चारों ओर मोटी बॉडीक्लैडिंग और शार्पविंगमिरर होंगे. पीछे का हिस्सा नए कनेक्टेडएलईडी टेल लैंपसेटअप और नए डिजाइन वाले ग्लास हाउस के साथ नया लुक देगा.

New-Gen Hyundai Venue फीचर्स

नई 2025 हुंडईवेन्यू के इंटीरियर की जानकारी अभी सामने नहीं आई है. हालांकि, इस बिल्कुल नए मॉडल में नए डिजाइन वाला डैशबोर्ड, बड़ा टचस्क्रीन, नएस्विचगियर वाला सेंटर कंसोल, 360-डिग्री कैमरा, वेंटिलेटेडफ्रंट सीटें और अपडेटेडADAS (ऑटोनॉमस ड्राइवर असिस्टेंटसिस्टम) सूट होने की उम्मीद है.

New-Gen Hyundai Venue इंजन खरीदारों के पास तीन इंजन ऑप्शन रहेंगे – 83 बीएचपी, 1.2 लीटरनैचुरलीएस्पिरेटेडपेट्रोल, 120 बीएचपी, 1.0 लीटरटर्बोपेट्रोल और 100 बीएचपी, 1.5 लीटर डीजल. बेसनैचुरलीएस्पिरेटेडपेट्रोल इंजन के साथ 5-स्पीड मैनुअलगियरबॉक्स दिया जाएगा, जबकि टर्बो-पेट्रोल इंजन 6-स्पीड मैनुअल और 7-स्पीड डीसीटीट्रांसमिशन के साथ आता रहेगा. डीजल वेरिएंट में 6-स्पीड मैनुअलगियरबॉक्स मिलेगा.

New-Gen Hyundai Venue कीमत

इस जनरेशनलअपग्रेड के चलते कीमत में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना है. हाल ही में हुए जीएसटी कट के बाद, मौजूदा जनरेशन वाली हुंडईवेन्यू की कीमत में 1.33 लाख रुपए तक की कटौती हुई है और अब इसकी कीमत 7.26 लाख रुपए से 12.32 लाख रुपए तक हो गई है.

“क्या है ‘मिशन सुदर्शन चक्र’? बॉर्डर से सटे इलाकों में हवाई हमलें होंगे नेस्तनाबूद, सेना खरीदेगी AK-630 एयर डिफेंस गन सिस्टम”

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने पाकिस्तान से सटे आबादी वाले इलाकों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को और मजबूत करने का फैसला किया है. इसके लिए अब 6 नए AK-630 एयर डिफेंस गन सिस्टम खरीदेगी.

सेना ने इन हथियारों के लिए सरकारी कंपनी एडवांस्ड वेपन एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (AWEIL) को टेंडर भी जारी कर दिया है. सेना ने बताया कि ये गन मिशन सुदर्शन चक्र का हिस्सा हैं. इसी के जरिए पाक से सटे इलाकों और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की जाएगी.

दरअसल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की तरफ से जम्मू-कश्मीर और पंजाब के इलाकों और धार्मिक स्थलों पर हमले किए गए थे. इस दौरान पाक सेना ने इन इलाकों को काफी नुकसान पहुंचाया था. जिसके बाद भारतीय सेना को इन इलाकों की सही तरीके से सुरक्षा की काफी चिंता महूसस हुई थी. जिसके बाद सेना ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है. अब इनकी तैनाती से इन इलाकों में हवाई खतरों से बेहतर सुरक्षा मिलेगी.

क्या है मिशन सुदर्शन चक्र? पीएम मोदी ने लाल किले से की थी घोषणा

बताया जाता है कि ये गन सिस्टम मिशन सुदर्शन चक्र का हिस्सा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से दिए अपने भाषण में सुदर्शन चक्र मिशन की घोषणा की थी. इसका लक्ष्य 2035 तक एक स्वदेशी, मल्टी-लेयर सुरक्षा कवच तैयार करना है, जिसमें निगरानी, साइबर सुरक्षा और एयर डिफेंस सिस्टम शामिल होंगे. सेना के अधिकारियों के मुताबिक, इस हथियार से हवाई खतरों को आसानी गिराया जा सकता है.

सेना प्रमुख ने पाकिस्तान को दी थी चेतावनी

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को भारत में आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ पाकिस्तान को चेतावनी देते कहा था कि भारत ऑपरेशन सिंदूर 2.0 में कोई संयम नहीं दिखाएगा. भारतीय सेना ने इसके लिए एडवांस्ड वेपन एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (AWEIL) के साथ छह AK630 एयर डिफेंस गन सिस्टम की खरीद के लिए टेंडर जारी किया है.

एयर डिफेंस गन की क्या है खासियत?

सेना के मुताबिक, AK-630 गन सिस्टम की सबसे बड़ी ताकत है इसकी स्पीड और एक्यूरेसी है. ये सिस्टम एक मिनट में करीब 3000 राउंड तक फायर कर सकता है. इसका इफेक्टिव रेंज लगभग 4 किलोमीटर तक है. यानी कोई भी दुश्मन ड्रोन, रॉकेट या मोर्टार बॉर्डर के पास पहुंचने से पहले ही तबाह हो जाएगा. वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में गुजरात के भुज में आर्मी एयर डिफेंस सैनिकों का दौरा किया, जहां उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई पाकिस्तानी हमलों को विफल करने पर सेना की तारीफ की थी. साथ ही इस गन सिस्टम का भी जिक्र किया था.

“तैरते कमल की डिजाइन, ट्रांसपैरंट पंखुड़ियां..नवी मुंबई एयरपोर्ट से मिलेगी देश को नई रफ्तार”

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मुंबई के बारे में कहा जाता है कि यह शहर रात को भी नहीं सोता है. रात में भी मुंबई में दिन जैसी चहल-पहल होती है. दुनिया के सबसे व्यस्त सिंगल-रनवे हवाई अड्डों में से एक, छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (CSMIA) , लंबे समय से भीड़ से भरा रहा है.

लेकिन अब, मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) अपनी विमानन यात्रा में एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार है.

8 अक्टूबर को, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (NMIA) का उद्घाटन करेंगे, जो एक ग्रीनफील्ड चमत्कार है जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बदलने और भारत के विमानन मानचित्र को बदल देगा.

नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करने के लिए पीएम मोदी 8 अक्टूबर को दोपहर 2.40 पर एयरपोर्ट पर लैंड करेंगे. उसके बाद वह एयरपोर्ट का जायजा लेंगे और फिर उद्घाटन के बाद एक पब्लिक मीटिंग को संबोधित करेंगे.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस एयरपोर्ट का नाम सामाजिक कार्यकर्ता डीबी पाटिल के नाम से रखने का प्रस्ताव दिया है.

नौ करोड़ यात्री की क्षमता करेगा वहन

पूरी तरह से चालू होने के बाद, एनएमआईए सालाना 9 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक बन जाएगा. अपने पहले चरण में, यह हवाई अड्डा लगभग 400 दैनिक उड़ानों के साथ सालाना 2 करोड़ यात्रियों को सेवा प्रदान करेगा.

पहले महीने में 60 दैनिक उड़ानों के साथ परिचालन सामान्य रूप से शुरू होगा, और छह महीनों के भीतर 240-300 उड़ानों तक बढ़ाया जाएगा.

एनएमआईए का लक्ष्य पहले दिन से ही घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों उड़ानें संचालित करना है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो दोनों श्रेणियों की उड़ानें निश्चित रूप से अक्टूबर के भीतर शुरू हो जाएंगी. नियोजित अनुपात घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय क्षमता के बीच 4:1 है, लेकिन मांग के आधार पर वैश्विक मार्गों को बढ़ाने की लचीलापन भी है.

कनेक्विटी बन सकती है बड़ी चुनौती

हालांकि शुरुआती कनेक्टिविटी एक चुनौती हो सकती है, एनएमआईए को भारत के “सबसे अच्छी तरह से जुड़े” हवाई अड्डे के रूप में डिजाइन किया गया है. भविष्य की योजनाओं में सड़क, रेल, मेट्रो, एयर टैक्सी और यहां तक कि जल परिवहन के साथ एकीकरण शामिल है.

इसके अतिरिक्त, हवाई अड्डे के निकट एक एयरोसिटी का विकास किया जा रहा है, जिसमें बजट से लेकर लक्जरी तक के होटल हैं, जो इसे न केवल परिवहन के लिए बल्कि व्यापार और अवकाश के लिए भी एक केंद्र बनाता है.

मुंबई क्षेत्र के लिए, एनएमआईए केवल सीएसएमआईए में भीड़भाड़ को कम नहीं करेगा. यह आर्थिक विकास, नई नौकरियों और मजबूत अंतरराष्ट्रीय स्थिति प्रदान करेगा. जैसे-जैसे भारत एक वैश्विक विमानन केंद्र बनने की ओर अग्रसर है, दशकों से बन रही यह परियोजना एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

जानें रणनीतिक रूप से कैसे है खास

नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा रणनीतिक रूप से प्रमुख केंद्रों के पास स्थित है. यह जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) से केवल 14 किमी, एमआईडीसी तलोजा औद्योगिक क्षेत्र से 22 किमी, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक के माध्यम से मुंबई पोर्ट ट्रस्ट से 35 किमी, ठाणे से 32 किमी और क्षेत्र के प्रसिद्ध पावरलूम शहर भिवंडी से 40 किमी दूर पर स्थित है.

सिडको एमडी विजय सिंघल ने बताया कि 1160 एकड़ में फैले इस एयरपोर्ट के फेज 1 का उद्घाटन पीएम मोदी के हाथो संपन्न होगा. फेज 2 साल 2029, फेज 3 साल 2032 और फेज 4 का उद्गाटन साल 2036 तक पूरा होगा.

उन्होंने कहा कि दिसंबर महीने से एयरपोर्ट से नेशनल और इंटरनेशन फ्लाईट के साथ कार्गो विमान भी यहां से उड़ान भर सकेंगे. फेज एक का काम पूरा करने में करीब 19 हजार 640 करोड़ रुपए खर्च आया है और पूरे एयरपोर्ट का काम पूरा करने में लगभग 1 लाख करोड़ रुपए का खर्च आने की संभावना है. फिलहाल इस एयरपोर्ट की सालाना क्षमता 2 करोड़ यात्रियों की होगी और पूरा एयरपोर्ट शुरू होने के बाद सालाना 9 करोड़ यात्री यहां से यात्रा कर सकेंगे.

“CID ने परिवार को सौंपी जुबीन गर्ग की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, गिरफ्तार बैंडमेट ने सिंगर की मौत पर किया बड़ा दावा”

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मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट उनकी पत्नी को सौंपी असम पुलिस ने शनिवार को जुबीन की दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग को सौंप दी।

सिंगापुर में हुए पहले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट गुरुवार को उन्हें दी गई थी।

सीआईडी के एक सूत्र ने बताया कि एसआईटी के एक अधिकारी गुवाहाटी के काहिलीपारा इलाके में गरिमा के घर (दूसरी) रिपोर्ट सौंपने गया था।

23 सितंबर को हुआ था दूसरा पोस्टमार्टम

दूसरा पोस्टमार्टम 23 सितंबर को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में किया गया था, जिसके बाद उसी दिन उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। जीएमसीएच में पोस्टमार्टम के बाद विसरा का नमूना विस्तृत जांच के लिए दिल्ली स्थित केंद्रीय फोरेंसिक प्रयोगशाला (सीएफएल) भेजा गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा था कि राज्य सरकार ने सिंगापुर में किए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट गुरुवार को गरिमा को सौंप दी है।

गिरफ्तार बैंडमेट ने किया बड़ा दावा

इन सब के बीच गायक जुबीन गर्ग के बैंडमेट (संगीत मंडली के साथी) शेखर ज्योति गोस्वामी ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा है कि जुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत ने उन्हें सिंगापुर में जहर दिया था जिसके कारण उनकी मौत हो गई, जैसा कि पुलिस के पास मौजूद आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, ‘गिरफ्तारी के विस्तृत आधार’ या रिमांड नोट में बताया गया है।

जुबीन के मैनेजर को किया गया गिरफ्तार

उल्लेखनीय है कि इस मामले में फेस्टिवल के आयोजक, जुबीन के मैनेजर और बैंड के दो सदस्यों ( शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रभा महंत) को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें 14 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।

तैरने के दौरान हुई थी जुबीन की मौत

जुबीन की सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह श्यामकानु महंत और उनकी कंपनी द्वारा आयोजित चौथे नार्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में भाग लेने के लिए सिंगापुर गए थे। सीआइडी का नौ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआइटी) जुबीन की मौत की जांच कर रहा है।

असम सरकार ने जांच के लिए गठित की कमेटी

असम सरकार ने भी जांच के लिए गौहाटी हाईकोर्ट के जस्टिस सौमित्र सैकिया की अध्यक्षता में एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है जो छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। एसआइटी सदस्य और वरिष्ठ एसपी रोजी कलिता द्वारा हस्ताक्षरित नोट में कहा गया है, ”जब जुबीन सांस लेने के लिए तड़प रहे थे और लगभग डूबने की स्थिति में थे तो सिद्धार्थ शर्मा को ‘जाबो दे, जाबो दे’ (उसे जाने दो, उसे जाने दो) चिल्लाते हुए सुना गया।

जुबीन के मौत मामले की जांच जारी

गवाह ने जोर देकर कहा कि जुबीन एक कुशल तैराक थे, इसलिए डूबने से उनकी मृत्यु नहीं हो सकती थी। शेखर ज्योति ने आरोप लगाया कि सिद्धार्थ और श्यामकानु ने उन्हें जहर दिया था और अपनी साजिश छिपाने के लिए जानबूझकर एक विदेशी जगह चुनी थी। सिद्धार्थ ने उन्हें नौका के वीडियो किसी के साथ साझा न करने का भी निर्देश दिया था।

CG: सीएम ने 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को आरंग तहसील के भंडारपुरी धाम में गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला में शामिल हुए। इस मौके पर सीएम ने 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शुक्रवार को आरंग तहसील के भंडारपुरी धाम में गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला में शामिल हुए। इस मौके पर सीएम ने 162 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाले 16 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। साथ ही मेला स्थल पर डोम निर्माण, तेलासी-भंडारपुरी मार्ग में स्ट्रीट लाइट लगवाने तथा कुटेसर प्राथमिक विद्यालय को माध्यमिक विद्यालय में उन्नयन किए जाने की घोषणा की।

सीएम ने कहा कि यदि समाज से पांच युवा पायलट बनना चाहें तो उनका पूरा खर्च सरकार वहन करेगी और उन्हें पायलट बनाया जाएगा। आगे कहा कि बाबा गुरु घासीदास के आदर्शों पर चलकर हमें विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है। उनके आदर्शों में मानवता और समानता की सीख निहित है। सीएम ने कहा कि पिछले वर्ष जब मैं यहां आया था, तब आपके समाज के गुरु खुशवंत साहेब विधायक थे, अब वे मंत्री बने हैं। उन्हें अनुसूचित जाति और जनजाति के विकास तथा युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है।

आपके समाज के गौरव से हमें अपार उम्मीदें हैं। धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब ने कहा कि यह मेला सामाजिक सौहार्द और एकजुटता का प्रतीक है। सतनामी समाज ही नहीं, बल्कि पूरा प्रदेश आज विकास की राह पर अग्रसर है। कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री अरुण साव और मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, बाबा गुरु ढालदास साहेब, गुरु मकसूदन साहेब, गुरु सोमेश बाबा, गुरु सौरभ साहेब, सांसद कमलेश जांगड़े सहित अन्य वरिष्ठजन मौजूद थे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कुतुब मीनार से भी ऊंचा जैतखाम छत्तीसगढ़ के गिरौदपुरी में है। यह किसी व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि गुरु बाबा घासीदास की प्रेरणा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरीबों के उत्थान और प्रदेश को आगे बढ़ाने का जो संकल्प लिया है, वह साकार हो रहा है। किसानों, महिलाओं, युवाओं और मजदूरों के हित में योजनाएं बन रही हैं।