Home Blog Page 37

cg” आधार संचालकों का वृहत प्रशिक्षण आयोजित, शंकाओं का किया गया समाधान….”

0

राजनांदगांव। आधार पंजीयन एवं अद्यतन कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं सुचारू बनाने के उद्देश्य से जिले के आधार संचालकों का वृहत प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के प्रतिनिधि श्री शुभान जी द्वारा आधार संचालन से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण के दौरान आधार संचालकों की शंकाओं एवं व्यावहारिक समस्याओं का विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।

साथ ही आधार नामांकन एवं अद्यतन कार्यों में निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने तथा नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने की जानकारी दी गई।

अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय ने आधार सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में संचालकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।

प्रशिक्षण के दौरान जिले के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, सहायक प्रबंधक श्री आशीष स्वर्णकार, जिला समन्वयक आधार श्री अंकित सिंह सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं आधार संचालक उपस्थित थे।

” इंडिया ग्लोबल फोरम की यूके-इंडिया वीक 2026 के दौरान एक बातचीत में गोयल ने कहा…”

0

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत की शानदार विकास यात्रा लचीलेपन, लगातार सीखने की भावना और असफलताओं को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने के दृढ़ संकल्प से आकार ले रही है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को कहा कि भारत की शानदार विकास यात्रा लचीलेपन, लगातार सीखने की भावना और असफलताओं को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने के दृढ़ संकल्प से आकार ले रही है।

लंदन में आयोजित इंडिया ग्लोबल फोरम की यूके-इंडिया वीक 2026 के दौरान एक बातचीत में गोयल ने कहा कि ऐसे मंच लोगों को एक-दूसरे से सीखने और साझेदारी को मजबूत करने का बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं।

अपने शुरुआती शैक्षणिक जीवन को याद करते हुए गोयल ने बताया कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई के दौरान उन्हें एक बड़ा झटका लगा था।

उन्होंने कहा कि बॉम्बे यूनिवर्सिटी में कानून (लॉ) विषय में दूसरा स्थान हासिल करने के बावजूद चार्टर्ड अकाउंटेंसी की परीक्षा में कानून विषय में अपेक्षा से काफी कम अंक मिलने से वह बेहद निराश हो गए थे।

गोयल ने बताया कि परिणाम से असंतुष्ट होकर वह अपनी उत्तर पुस्तिका और अंकों की समीक्षा कराने के लिए दिल्ली तक गए थे।

उन्होंने याद किया कि उस दौरान उन्होंने इंस्टीट्यूट के पूर्व अध्यक्ष के.जी. सोमानी के साथ पूरा दिन बिताया था। सोमानी ने उन्हें समझाया कि किसी परीक्षा में प्राप्त अंक या रैंक किसी व्यक्ति के भविष्य को निर्धारित नहीं करते।

गोयल के अनुसार, सोमानी ने उन्हें सलाह दी थी कि जीवन में सफलता केवल किसी परीक्षा में पहला या दूसरा स्थान प्राप्त करने से तय नहीं होती।

उन्होंने कहा कि भविष्य की दिशा रैंकिंग से नहीं, बल्कि व्यक्ति के प्रयासों, सीखने की क्षमता और आगे बढ़ने की सोच से तय होती है।

मंत्री ने कहा कि बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वह असफलता वास्तव में उनके लिए एक महत्वपूर्ण सीख थी, जिसने जीवन और सफलता को देखने का उनका नजरिया बदल दिया।

पीयूष गोयल ने आगे कहा कि युवा अवस्था में लोग अक्सर रैंकिंग और उपलब्धियों को जरूरत से ज्यादा महत्व देते हैं। लेकिन समय के साथ जीवन हमें चुनौतियों को स्वीकार करना और उनसे सीखकर आगे बढ़ना सिखाता है।

उन्होंने कहा कि जीवन के अनुभव, असफलताएं और अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों से मिलने का अवसर व्यक्ति के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं।

दैनिक जीवन के उदाहरण देते हुए गोयल ने कहा कि कुछ चीजें ऐसी होती हैं जिन्हें हमेशा योजना बनाकर या नियंत्रित करके नहीं चलाया जा सकता।

उन्होंने कहा कि जैसे लंदन और बेंगलुरु जैसे शहरों में ट्रैफिक की स्थिति का सटीक अनुमान लगाना मुश्किल होता है, उसी तरह जीवन में भी कई परिस्थितियां हमारे नियंत्रण से बाहर होती हैं।

मंत्री ने कहा कि मित्रों, सहकर्मियों और विभिन्न कार्यक्रमों में मिलने वाले लोगों के अनुभव हमें नई सीख देते हैं और प्रेरणा का स्रोत बनते हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि लगातार सीखते रहना और दूसरों की राय व सुझावों के प्रति खुले रहना व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ देश की प्रगति के लिए भी बेहद जरूरी है।

पीयूष गोयल ने कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती। जो व्यक्ति और देश लगातार सीखते रहते हैं, वही आगे बढ़ते हैं और नई ऊंचाइयों को हासिल करते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा भी इसी सोच पर आधारित है, जहां चुनौतियों को अवसर में बदलने और हर अनुभव से सीखने की संस्कृति देश को नई सफलता की ओर ले जा रही है।

नगर निगम का कर्मचारी बनकर अटल आवास एवं हाउसिंग बोर्ड में मकान दिलाने के नाम पर 8.17 लाख रुपये की ठगी करने वाला शातिर आरोपी गिरफ्तार….

0

बसंतपुर पुलिस की प्रभावी कार्यवाही, लंबे समय से फरार आरोपी को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दबोचकर भेजा गया जेल

👉 स्वयं को नगर निगम राजनांदगांव का कर्मचारी/बाबू बताकर लोगों को झांसे में लेकर की थी धोखाधड़ी।

👉 अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से अच्छी पहचान होने का झूठा दावा कर लोगों का जीता विश्वास।

👉 अटल आवास एवं हाउसिंग बोर्ड में मकान दिलाने के नाम पर प्रार्थी एवं अन्य लोगों से हड़पे 8,17,000 रुपये।

👉 पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं सतत पतासाजी के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपी

योगेश्वर पाण्डे उर्फ सोनू पाण्डे, पिता स्व. सुरेश पाण्डे, उम्र 40 वर्ष, निवासी ग्राम मोहतरा थाना लोरमी जिला मुंगेली, हाल पता इन्द्रप्रस्थ कॉलोनी रायपुर थाना डी.डी. नगर जिला रायपुर।

मामले का संक्षिप्त विवरण

प्रार्थी ईशनिवय सिंह पिता जोगेन्द्र सिंह परिहार द्वारा थाना बसंतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि माह दिसम्बर 2024 में वह अपने मित्र प्रकाश कौशिक के साथ अटल आवास/हाउसिंग बोर्ड योजना के अंतर्गत मकान प्राप्त करने संबंधी जानकारी लेने नगर निगम राजनांदगांव गए थे। इस दौरान उनकी मुलाकात योगेश्वर पाण्डे नामक व्यक्ति से हुई, जिसने स्वयं को नगर निगम राजनांदगांव का बाबू बताते हुए अटल आवास एवं हाउसिंग बोर्ड में मकान दिलाने का भरोसा दिलाया।

आरोपी ने स्वयं की अधिकारियों एवं नेताओं से अच्छी पहचान होना बताते हुए प्रार्थी एवं अन्य लोगों को विश्वास में लिया तथा निर्माणाधीन मकानों का निरीक्षण कराकर उन्हें योजना का लाभ दिलाने का झांसा दिया। इस प्रकार आरोपी ने कई लोगों से कुल 8,17,000 रुपये प्राप्त कर धोखाधड़ी की।

रिपोर्ट पर थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 166/2026 धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

पुलिस कार्यवाही

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा (भा.पु.से.) के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती वैशाली जैन (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में आरोपी की गिरफ्तारी हेतु विशेष टीम गठित की गई।

निरीक्षक एमन साहू, थाना प्रभारी बसंतपुर के नेतृत्व में टीम द्वारा लगातार पतासाजी एवं संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी योगेश्वर पाण्डे उर्फ सोनू पाण्डे को रायपुर से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध करना स्वीकार किया, जिसके पश्चात उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

सराहनीय भूमिका

उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी बसंतपुर निरीक्षक एमन साहू, सउनि गोवर्धन देशमुख, सउनि जीवराज रावटे, प्रधान आरक्षक दीपक जायसवाल, आरक्षक कीर्तन अहीर, फागू साहू, चन्द्रशेखर श्रीवास एवं थाना स्टाफ की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।

कर्नाटक भाजपा ने राज्य निर्वाचन आयोग पर साधा निशाना…

0

कर्नाटक भाजपा ने गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए उस पर समानांतर, अनधिकृत और परस्पर विरोधी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया चलाने का आरोप लगाया। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावादी नारायणस्वामी, प्रदेश प्रवक्ता प्रकाश शेषराघवाचार, भाजपा विधि प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक वसंत कुमार, बेंगलुरु उत्तर जिला अध्यक्ष एस. हरीश और बेंगलुरु मध्य जिला अध्यक्ष सप्तगिरि गौड़ा शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने बेंगलुरु के के.आर. सर्किल स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय पहुंचकर शिकायत सौंपी।

शिकायत सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में चलावादी नारायणस्वामी ने कहा कि निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पहले से ही मतदाता सूची में दर्ज दोहरे नामों की पहचान कर उन्हें हटाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया चला रहा है।

उन्होंने कहा, “यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में एक से अधिक बार दर्ज है तो उन प्रविष्टियों की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह मतदाता भाजपा, कांग्रेस या किसी अन्य दल से जुड़ा है। प्रत्येक व्यक्ति को मतदाता सूची में केवल एक वैध प्रविष्टि का अधिकार है।”

मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित तौर पर मतदाताओं के नाम जोड़ने या हटाने को लेकर उठ रही आशंकाओं पर नारायणस्वामी ने कहा कि ऐसे सभी मुद्दों का समाधान निर्वाचन आयोग के निर्धारित ढांचे के भीतर होना चाहिए।

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “जब निर्वाचन आयोग स्वयं एसआईआर प्रक्रिया चला रहा है, तो फिर राज्य निर्वाचन आयोग बेंगलुरु के 27 वार्डों में समान प्रकार की कवायद कैसे शुरू कर सकता है? इसे किसने अनुमति दी? निर्वाचन आयोग की सहमति के बिना इस तरह की प्रक्रिया चलाना पूरी तरह गलत है।”

नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार राज्य निर्वाचन आयोग को प्रभावित कर रही है।

उन्होंने कहा, “यह सब कांग्रेस सरकार के इशारे पर किया जा रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग, निर्वाचन आयोग से ऊपर नहीं हो सकता। दुर्भाग्य से एसईसी राज्य सरकार की कठपुतली बनता नजर आ रहा है। यह स्वीकार्य नहीं है।”

उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया को तत्काल वापस लिया जाए और मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य केवल निर्वाचन आयोग की निगरानी में ही किया जाए।

उन्होंने कहा, “एसआईआर प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की देखरेख में ही होनी चाहिए। मतदाताओं के बीच अनावश्यक भय और भ्रम फैलाने की जरूरत नहीं है। पुनरीक्षण प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों के साथ समान व्यवहार किया जाएगा। कांग्रेस सरकार बेवजह लोगों में डर और भ्रम पैदा कर रही है।”

नारायणस्वामी ने चेतावनी दी कि यदि यह प्रक्रिया जारी रही तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, “हमने मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार को शिकायत सौंप दी है। साथ ही इसकी प्रति निर्वाचन आयोग को भी भेजी जा रही है। यदि यह सिलसिला जारी रहता है तो राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग दोनों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे। अब हम निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार करेंगे और उसी के आधार पर आगे की रणनीति तय करेंगे।”

सावन 2026! सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के बीच जाने इसके शुभ-अशुभ प्रभाव…

0

ज्योतिष शास्त्र में माना जाता है कि ग्रहों और नक्षत्रों की चाल का हमारे जीवन पर गहरा असर पड़ता है। जब भी कोई बड़ी खगोलीय घटना होती है, तो उसका असर आम लोगों के साथ-साथ देश और दुनिया की राजनीति पर भी पड़ता है। साल 2026 के श्रावण महीने में ऐसे ही कुछ अहम और संवेदनशील बदलाव देखने को मिलेंगे। इस दौरान – यानी भगवान शिव को प्रिय श्रावण महीने में – सिर्फ़ 16 दिनों के अंदर दो बड़े ग्रहण लगेंगे।

साल का सबसे बड़ा सूर्य ग्रहण श्रावण अमावस्या (श्रावण महीने की अमावस्या तिथि) को लगेगा, जबकि चंद्र ग्रहण श्रावण पूर्णिमा (पूर्णिमा तिथि) को लगेगा, जो रक्षाबंधन के शुभ त्योहार के दिन ही पड़ रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब 15 या 16 दिनों के छोटे अंतराल में दो या उससे ज़्यादा ग्रहण लगते हैं, तो इसे बड़े बदलावों का संकेत और प्राकृतिक व आध्यात्मिक नज़रिए से बहुत संवेदनशील समय माना जाता है। आइए, इन दोनों ग्रहणों की तारीखों और देश-दुनिया पर इनके संभावित असर के बारे में जानते हैं।

श्रावण अमावस्या पर सूर्य ग्रहण

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को लगने वाला ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। यह मुख्य रूप से उत्तरी गोलार्ध के विभिन्न हिस्सों में दिखाई देगा। अमावस्या तिथि आध्यात्मिक साधना और पूर्वजों के सम्मान के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन सूर्य ग्रहण लगने से इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व और बढ़ जाता है। माना जाता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान वातावरण में सूक्ष्म बदलाव होते हैं; इसलिए, इस समय पूजा-पाठ, मंत्रों का जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है। हालाँकि, ग्रहण के दौरान कुछ भी खाने या कोई शुभ काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण

सूर्य ग्रहण के लगभग 16 दिन बाद, 28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा – जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के दिन ही पड़ रहा है। यह ग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। पूर्णिमा का संबंध चंद्रमा से होता है, और चंद्र ग्रहण स्वाभाविक रूप से पूर्णिमा के दिन ही लगता है। रक्षाबंधन भाई-बहनों के बीच प्यार और भरोसे का त्योहार है; इसलिए, इस दिन ग्रहण लगने की खबर से लोगों में चिंता होती है। ज्योतिषियों के अनुसार, चंद्र ग्रहण किसी व्यक्ति की भावनाओं, मानसिक स्थिति और निर्णय लेने की क्षमता पर असर डाल सकता है। हालाँकि, इसका असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग होता है, जो उनकी जन्म कुंडली और ग्रहों-नक्षत्रों की स्थिति पर निर्भर करता है।

क्या एक ही महीने में दो ग्रहण का होना अशुभ संकेत है?

ज्योतिष शास्त्र में, 15 दिनों के भीतर दो ग्रहण का होना कोई आम बात नहीं मानी जाती है। कई विद्वान इसे बड़े बदलावों, मौसम में बदलाव, प्राकृतिक घटनाओं और देश-दुनिया पर असर डालने वाली अहम घटनाओं का संकेत मानते हैं। हालाँकि, इसका मतलब हमेशा पूरी तरह से अशुभ नतीजा ही नहीं होता है। ज्योतिष के नज़रिए से, ग्रहण बदलाव का प्रतीक है; इसलिए इसे सिर्फ़ डर या नकारात्मकता के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

सावन के महीने में ग्रहण का धार्मिक महत्व

सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे शुभ समय माना जाता है। इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं और शिव मंत्रों का जाप करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के समय भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना बहुत फलदायी माना जाता है। कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षा मिलती है। ग्रहण खत्म होने के बाद, कई भक्त स्नान करते हैं और दान-पुण्य के काम भी करते हैं।

ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, मंत्रों का जाप और ध्यान करना शुभ माना जाता है। इसके उलट, इस समय कुछ भी खाने, नई चीज़ें खरीदने या कोई शुभ काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। ग्रहण खत्म होने के बाद, घर पर स्नान करना और गंगाजल छिड़कना भी शुभ माना जाता है।

नागर विमानन मंत्रालय ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) के सहयोग से गुरुवार को ‘एयर सुविधा 2.0’ लॉन्च…

0

नागर विमानन मंत्रालय ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) के सहयोग से गुरुवार को ‘एयर सुविधा 2.0’ लॉन्च किया। यह पूरी तरह से कॉन्टैक्टलेस (बिना संपर्क वाला) और उन्नत पैसेंजर हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन पोर्टल है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को और मजबूत बनाना है।

नागर विमानन मंत्रालय ने दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डीआईएएल) के सहयोग से गुरुवार को ‘एयर सुविधा 2.0’ लॉन्च किया। यह पूरी तरह से कॉन्टैक्टलेस (बिना संपर्क वाला) और उन्नत पैसेंजर हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन पोर्टल है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को और मजबूत बनाना है।

यह कदम इबोला बीमारी के मौजूदा प्रकोप को देखते हुए उठाया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, यह नया प्लेटफॉर्म विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) और युगांडा में इबोला/बुंडिबुग्यो वायरस बीमारी के प्रकोप को 17 मई को अंतरराष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति (पीएचईआईसी) घोषित किए जाने के बाद शुरू किया गया है।

यह घोषणा अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियम (आईएचआर) 2005 के तहत की गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा प्रकोप की पुष्टि बुंडिबुग्यो वायरस डिजीज (बीवीडी) के रूप में हुई है।

डब्ल्यूएचओ के ताजा आकलन के अनुसार, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा से सटे देशों, जैसे दक्षिण सूडान, को भी संक्रमण फैलने के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में रखा गया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) के सहयोग से विकसित इस पोर्टल के माध्यम से भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को एक अनिवार्य ऑनलाइन हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा।

इस फॉर्म में यात्रियों को पिछले 21 दिनों की यात्रा का विवरण, संभावित संपर्क या एक्सपोजर की जानकारी और यदि कोई लक्षण हों तो उसकी जानकारी देनी होगी। यह प्रक्रिया इमिग्रेशन क्लियरेंस से पहले पूरी करनी होगी।

‘एयर सुविधा 2.0’ को इस तरह तैयार किया गया है कि यात्रियों को सुविधाजनक और परेशानी-मुक्त अनुभव मिले, साथ ही स्वास्थ्य निगरानी भी प्रभावी तरीके से हो सके।

अधिकारियों के अनुसार, यह सिस्टम यात्रियों की जानकारी को रियल-टाइम में कई एजेंसियों के साथ साझा करेगा, जिनमें एयरपोर्ट हेल्थ ऑफिसर, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन, इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) और राज्य निगरानी अधिकारी शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि यह एकीकृत डेटा शेयरिंग व्यवस्था उन यात्रियों की तेजी से पहचान करने में मदद करेगी जो संक्रमण के जोखिम में हो सकते हैं।

इसके जरिए जरूरत पड़ने पर समय रहते निगरानी, रेफरल और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय किए जा सकेंगे।

साथ ही पूरी प्रक्रिया कॉन्टैक्टलेस होगी, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट पर कागजी फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

अधिकारियों ने बताया कि एयर सुविधा सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म (एसडीएफ) भारत पहुंचने से 24 घंटे पहले तक भरा जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे उड़ान में सवार होने से पहले, विशेष रूप से वेब चेक-इन के दौरान यह फॉर्म भर लें, ताकि भारत पहुंचने के बाद उनकी प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके।

फॉर्म भरने के बाद यात्रियों को केवल डाउनलोड किया हुआ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म अंतरराष्ट्रीय यात्रा स्वास्थ्य डेस्क या इमिग्रेशन काउंटर पर दिखाना होगा।

इससे आगमन प्रक्रिया में देरी कम होगी और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।

अधिकारियों ने कहा, “सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म सही और समय पर भरें।”

उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए….

0

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर मानसून से जुड़ी तैयारियों को पूरी तरह मजबूत किया जाए और खराब मौसम के कारण होने वाली बाधाओं को कम करने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएं।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर मानसून से जुड़ी तैयारियों को पूरी तरह मजबूत किया जाए और खराब मौसम के कारण होने वाली बाधाओं को कम करने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएं।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) के अनुसार, यह निर्देश उन समीक्षा बैठकों के दौरान दिए गए, जिनमें तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता, रखरखाव और प्रगति का आकलन किया गया।

इन परियोजनाओं में तेलंगाना के 4,931 किलोमीटर, जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के 2,035 किलोमीटर और लद्दाख के 804 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं।

मंत्रालय के अनुसार, यह समीक्षा मीडिया रिपोर्टों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिली प्रतिक्रियाओं और अधिकारियों, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), नेशनल हाईवेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) और परियोजना ठेकेदारों से प्राप्त जानकारी के आधार पर की गई।

बैठकों के दौरान गडकरी ने चल रही परियोजनाओं, रखरखाव कार्यों और सुरक्षित, टिकाऊ एवं प्रभावी राजमार्ग बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की।

गडकरी ने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर देते हुए कहा कि गुणवत्ता और जवाबदेही के उच्चतम मानकों को बनाए रखना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों और कार्यान्वयन एजेंसियों को निगरानी व्यवस्था मजबूत करने, समय पर काम पूरा करने तथा आधुनिक निर्माण तकनीकों और बेहतर कार्य पद्धतियों को अपनाने के निर्देश दिए।

उनका कहना था कि इससे सड़कों की मजबूती, यात्रा सुविधा और राजमार्गों का दीर्घकालिक प्रदर्शन बेहतर होगा।

मानसून के दौरान संभावित चुनौतियों को देखते हुए मंत्री ने अधिकारियों को प्रभावी ड्रेनेज प्रबंधन, ढलानों की स्थिरता (स्लोप स्टेबिलाइजेशन) और सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने मौसम से जुड़ी आपात स्थितियों से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली (रैपिड रिस्पॉन्स सिस्टम) तैनात करने पर भी जोर दिया।

मंत्री के अनुसार, ये कदम राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर निर्बाध यातायात, सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी हैं।

गडकरी ने कहा कि अच्छी तरह से विकसित और रखरखाव वाली सड़कें क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने, आर्थिक विकास को गति देने, पर्यटन को बढ़ावा देने और यात्रियों की सुविधा सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि समय पर परियोजनाओं का पूरा होना, गुणवत्ता सुनिश्चित करना और आधुनिक इंजीनियरिंग समाधानों को अपनाना सड़क क्षेत्र की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।

“बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस से जुड़ी एक बड़ी खबर” मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन फर्नांडिस”

0

बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर स्पेशल लीव पिटीशन (विशेष अनुमति याचिका) को वापस लेने की इजाज़त दे दी। 30 मई 2026 को, स्पेशल PMLA कोर्ट ने ₹200 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन फर्नांडिस के खिलाफ आरोप तय किए थे। उन्होंने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि, सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने सख्ती दिखाई, तो जैकलीन के वकील ने याचिका वापस लेने और कोई दूसरा कानूनी रास्ता अपनाने की इजाज़त मांगी; जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने यह अनुरोध मान लिया।

पूरा मामला क्या है?

यह विवाद अगस्त 2021 का है, जब अदिति सिंह नाम की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर ने एक बड़े सरकारी अधिकारी बनकर उन्हें करीब ₹200 करोड़ का चूना लगाया था। दिल्ली पुलिस की इस FIR के आधार पर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया।

सुकेश चंद्रशेखर ने जैकलीन फर्नांडिस पर करोड़ों खर्च किए

ED का दावा है कि सुकेश ने इस धोखाधड़ी से मिले पैसों का इस्तेमाल जैकलीन फर्नांडिस समेत कई मशहूर हस्तियों को महंगे तोहफे और लग्ज़री चीज़ें देने में किया। ED के मुताबिक, धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति ने उन पर काफी पैसे खर्च किए; उन पर करीब ₹5.71 करोड़ के महंगे तोहफे और सुविधाएं लेने का आरोप है। इन तोहफों में लग्ज़री बैग, कीमती गहने, महंगी घड़ियां और उनके परिवार के लिए गाड़ियां शामिल थीं। इसके अलावा, सुकेश ने जैकलीन के परिवार के सदस्यों के विदेशी बैंक खातों में भी पैसे ट्रांसफर किए थे।

जैकलीन फर्नांडिस ने हाई कोर्ट का रुख किया

खिलाफ चल रहे मामले और चार्जशीट को रद्द करने की मांग की थी। हालांकि, 3 जुलाई 2025 को हाई कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने साफ कहा कि जैकलीन की मंशा, उन्हें इस बारे में जानकारी थी या नहीं, या घोटाले में उनकी खास भूमिका क्या थी, इन मुद्दों का फैसला सिर्फ़ ट्रायल के दौरान ही हो सकता है। इस मामले को आरोप तय होने से पहले के चरण में खत्म नहीं किया जा सकता, और पूरे ट्रायल के बिना जांच एजेंसी के दावों को खारिज करना जल्दबाजी होगी।

इंस्पिरेशन डे पर आईबी ग्रुप की बड़ी पहल: किसानों, कर्मचारियों और समाज के उत्थान के लिए कई योजनाओं का शुभारंभ…

0

आईबी ग्रुप ने 22 जून को अपने प्रबंध निदेशक (एमडी) बहादुर अली के जन्मदिवस को “इंस्पिरेशन डे” के रूप में उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। इस अवसर पर कृषि, पोषण, कर्मचारी कल्याण, हरित ऊर्जा और खेल प्रोत्साहन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं, जो समाज और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली साबित होंगी।

कार्यक्रम के दौरान आईबी ग्रुप और छत्तीसगढ़ शासन के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य खरीफ फसलों में पानी की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए किसानों को कम पानी में उगाई जाने वाली फसलों के लिए प्रोत्साहित करना है। आईबी ग्रुप ऐसी फसलों की किसानों से बेहतर एवं लाभकारी मूल्य पर खरीद करेगा, जिससे किसानों की आय और मुनाफे में वृद्धि होगी तथा जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

भारत प्रोटीन मिशन की शुरुआत

इंस्पिरेशन डे के अवसर पर आईबी ग्रुप ने “भारत प्रोटीन मिशन” की भी शुरुआत की। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत देशभर के लगभग 400 गांवों में पूरे वर्ष यानी 365 दिनों तक प्रोटीन जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक क्षेत्र के अग्रणी किसान इस मिशन के ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करेंगे और अपने क्षेत्र की महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को प्रोटीन के महत्व के प्रति जागरूक करेंगे।

आईबी ग्रुप की लगभग 400 शाखाओं से जुड़े 25 से 30 हजार किसान इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। मिशन का उद्देश्य चिकन को एक सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण प्रोटीन स्रोत के रूप में स्थापित करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण संबंधी जागरूकता को बढ़ाना है।

कर्मचारियों के लिए तीन नई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा

आईबी ग्रुप ने अपने कर्मचारियों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया, जिन पर कंपनी लगभग 12 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

  1. श्रमिक प्रगति योजना

इस योजना के अंतर्गत अगले दो वर्षों में कर्मचारियों को लगभग 400 मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई जाएंगी। कर्मचारियों को यह सुविधा 15 प्रतिशत सब्सिडी के साथ प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी आवागमन संबंधी जरूरतें आसान हो सकें।

  1. कर्मचारी उत्थान योजना

इस योजना के तहत 20 हजार रुपये तक मासिक वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए विशेष आर्थिक सहायता एवं सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके।

  1. आईबी ग्रीन एनर्जी योजना

कर्मचारी में सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत सोलर एवं अन्य ऊर्जा परियोजनाओं पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी के अतिरिक्त आईबी ग्रुप 10 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करेगा। आवश्यकता पड़ने पर कंपनी लाभार्थियों को वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध कराएगी।

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच

कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत आईबी ग्रुप ने “अज़ीज़ फुटबॉल क्लब” की शुरुआत की। इस पहल के माध्यम से अंडर-14 आयु वर्ग के बच्चों को फुटबॉल प्रतियोगिताओं एवं प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को उचित मंच मिल सके और कई अन्य फुटबॉल क्लब के खेलने के अवसर प्रदान कर उन्हें खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके।

सैंड आर्ट के जरिए दिखाई आईबी ग्रुप की प्रेरणादायक यात्रा

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण इंडियाज गॉट टैलेंट फेम प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट नितीश भारती रहे। उन्होंने अपनी अद्भुत सैंड आर्ट के माध्यम से आईबी ग्रुप की स्थापना से लेकर वर्तमान उपलब्धियों तक की पूरी प्रेरणादायक यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। उनकी कला ने उपस्थित लोगों को भावुक करने के साथ-साथ कंपनी की विकासगाथा को एक नई अभिव्यक्ति दी।

इस अवसर पर आईबी ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) सुल्तान अली, डायरेक्टर जोया अफरीन आलम, डायरेक्टर जीशान अली एवं डायरेक्टर तनाज अज़ीज़ सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए एमडी बहादुर अली ने कहा कि आईबी ग्रुप द्वारा शुरू की गई सभी योजनाएं और मिशन तभी सफल होंगे, जब समाज स्वस्थ होने के साथ-साथ भारत प्रोटीन युक्त स्वस्थ जीवनशैली को भी अपनाएगा। उन्होंने कहा कि प्रोटीन शरीर के समुचित विकास और बेहतर स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रोटीन चाहे शाकाहारी स्रोतों से प्राप्त हो या मांसाहारी स्रोतों से, लोगों को अपने दैनिक आहार में उसका नियमित सेवन अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत प्रोटीन मिशन का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि देश को प्रोटीन संपन्न बनाने की दिशा में एक जन आंदोलन खड़ा करना है।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि इंस्पिरेशन डे केवल जन्मदिवस का आयोजन नहीं, बल्कि किसानों, कर्मचारियों और समाज के समग्र विकास के लिए आईबी ग्रुप की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। कृषि, पोषण, हरित ऊर्जा, कर्मचारी कल्याण और खेल विकास से जुड़ी ये पहलें आने वाले समय में हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करेंगी।

एयर इंडिया की उड़ान एआई 479 ने अनजाने में पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया….

0

हाल ही में एयर इंडिया की उड़ान एआई 479 ने अनजाने में पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया, जिससे सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। यह घटना तब हुई जब विमान अमृतसर हवाई अड्डे पर लैंडिंग के लिए तैयार था। नागर विमानन महानिदेशालय ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है और एयर इंडिया ने भी घटना की पुष्टि की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।

भारतीय विमान का पाकिस्तान में प्रवेश

“सावधान रहिए… भारतीय विमान हमारे हवाई क्षेत्र में दाखिल हो चुका है…” यह संदेश पाकिस्तान के लाहौर हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष में गूंजा, जिससे वहां के अधिकारियों की नजरें तुरंत रडार स्क्रीन पर टिक गईं। रात का समय था और पहले से ही तनावपूर्ण माहौल में भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई क्षेत्र पर कड़े प्रतिबंध लागू थे। ऐसे में भारतीय विमान का पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में पहुंचना एक संवेदनशील घटना बन गई।

घटना का विवरण

यह मामला एयर इंडिया की उड़ान एआई 479 से संबंधित है, जो दिल्ली से अमृतसर जा रही थी। सोमवार रात लगभग 10 बजे एयरबस ए 321 विमान अमृतसर हवाई अड्डे पर लैंडिंग के लिए तैयार हो रहा था। इसी दौरान, एक अन्य उड़ान में पक्षी टकराने की सूचना मिली, जिसके कारण रनवे का निरीक्षण शुरू किया गया। सुरक्षा कारणों से कई उड़ानों को हवा में ही रुकने के निर्देश दिए गए।

विमान का पाकिस्तान में प्रवेश

नागर विमानन महानिदेशालय के अनुसार, एयर इंडिया के विमान को अमृतसर के ऊपर चक्कर लगाने और आगे बढ़ने के निर्देश दिए गए। रडार दिशा-निर्देशों के दौरान विमान अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब पहुंच गया और कुछ ही क्षणों में उसने पाकिस्तान के लाहौर हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर लिया। सूत्रों के अनुसार, विमान लगभग तीन मील तक पाकिस्तान की सीमा के भीतर चला गया था।

सुरक्षा समन्वय

जैसे ही यह स्थिति बनी, अमृतसर और लाहौर के हवाई यातायात नियंत्रण विभागों के बीच तुरंत संपर्क स्थापित किया गया। अधिकारियों ने यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ मिनट बाद, विमान फिर से भारतीय हवाई क्षेत्र में लौट आया।

वापसी और जांच

हालांकि, घटना यहीं समाप्त नहीं हुई। विमान ने अमृतसर में उतरने की एक और कोशिश की, लेकिन ईंधन कम होने की सूचना मिलने पर उसे वापस दिल्ली भेजने का निर्णय लिया गया। विमान ने रात 11:27 बजे दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग की।

नागर विमानन महानिदेशालय की कार्रवाई

इस घटना के बाद, नागर विमानन महानिदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। संस्था ने एयर इंडिया के संचालन दल और संबंधित हवाई यातायात नियंत्रक को ड्यूटी से हटा दिया है। प्रारंभिक कार्रवाई का कारण घटना की समय पर जानकारी नहीं देना बताया गया है। नियामक संस्था ने कहा कि रिपोर्टिंग में गंभीर चूक हुई है, जिसके चलते जांच शुरू की गई है।

एयर इंडिया की प्रतिक्रिया

एयर इंडिया ने भी इस घटना की पुष्टि की है, जिसमें कहा गया कि अमृतसर हवाई अड्डे पर दोबारा चक्कर लगाने के दौरान विमान ने सीमित रूप से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया था। कंपनी ने कहा कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है और आंतरिक जांच जारी है। एयर इंडिया ने यह भी कहा कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।

हवाई अड्डा अधिकारियों की जानकारी

हवाई अड्डा अधिकारियों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब अमृतसर हवाई अड्डे पर निगरानी सेवाएं सीमित थीं। इससे पहले, इंडिगो की एक उड़ान ने पक्षी टकराने की सूचना दी थी, जिसके कारण लगातार आने वाली पांच उड़ानों को रोका गया था। एयर इंडिया की उड़ान उतरने की कतार में चौथे स्थान पर थी।

विशेषज्ञों की राय

विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि सामान्य परिस्थितियों में किसी भी विमान को दूसरे देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होती। पूर्व पायलट और भारतीय पायलट महासंघ के अध्यक्ष कप्तान सीएस रंधावा ने कहा कि ऐसी घटनाएं बेहद संवेदनशील होती हैं। उन्होंने बताया कि यदि किसी विमान को दूसरे देश के हवाई क्षेत्र में जाना पड़ता है, तो संबंधित हवाई यातायात नियंत्रण विभाग से विशेष अनुमति लेना आवश्यक होता है।

भारत-पाकिस्तान संबंधों पर प्रभाव

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनावपूर्ण हालात में किसी भी नागरिक विमान की ऐसी गतिविधि सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। दोनों देशों ने एक-दूसरे की विमान सेवाओं के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर रखा है। ऐसे में किसी भी अनियोजित प्रवेश को गंभीरता से लिया जाता है।

अगले कदम

हम आपको बता दें कि अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद मई में दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंध और अधिक तनावपूर्ण हो गए थे। इसी के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे की विमान सेवाओं के लिए हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था। ऐसे माहौल में एयर इंडिया के विमान का पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में पहुंच जाना सुरक्षा, विमानन प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय समन्वय से जुड़े कई सवाल खड़े कर रहा है।