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दानवती आर्माे बनीं लखपति दीदी

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गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के देवरीखुर्द गांव की दानवती आर्माे ने अपने कठिन परिश्रम और नवाचार से एक ऐसी मिसाल कायम की है, जो पूरे जिले की महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। कभी महज़ 90 डिसमिल भूमि पर सब्ज़ी की खेती से शुरुआत करने वाली दानवती आज 7 एकड़ भूमि में आधुनिक पद्धति से खेती कर रही हैं। तुलसी महिला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष के रूप में वे न केवल स्वयं आर्थिक रूप से सक्षम बनीं, बल्कि अनेक ग्रामीण महिलाओं को भी स्वरोजगार उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बना रही हैं।

दानवती आर्माे ने खेती को पारंपरिक पद्धति से आगे बढ़ाते हुए ड्रीप सिंचाई प्रणाली और मल्चिंग तकनीक को अपनाया। इससे जल संरक्षण के साथ उत्पादन क्षमता भी बढ़ी। लौकी और तोरई जैसी सब्जियों की उन्नत खेती के अलावा उन्होंने बकरी पालन और मछली पालन जैसे आय के वैकल्पिक स्रोत विकसित किए, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत हुई।

बिहान योजना से जुड़ने के बाद दानवती को तकनीकी जानकारी, विपणन कौशल और बैंक से ऋण सुविधा प्राप्त हुई। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और वे योजनाबद्ध तरीके से कृषि और आजीविका के अन्य कार्यों को आगे बढ़ाने लगीं। दानवती के साथ काम करने वाली महिलाएं बताती हैं कि दानवती दीदी से जुड़कर हमने न केवल खेती और उद्यमिता सीखी, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन जीने का नजरिया भी पाया। महतारी वंदन योजना और बिहान जैसी योजनाओं ने इन महिलाओं को आर्थिक मजबूती दी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिलाओं को सशक्त बनाने का जो अभियान चल रहा है, वह ग्रामीण जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। अब गांव की साधारण महिलाएं भी लखपति दीदी बनकर आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ रही हैं।

फरसाबहार में बन रहा है सर्वसुविधायुक्त एकलव्य विद्यालय

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जशपुर जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु फरसाबहार में 37.80 करोड़ रुपये की लागत से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन का निर्माण तीव्र गति से किया जा रहा है।

नवीन भवन आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त होगा, जिसमें शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस विद्यालय में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। वर्तमान में फरसाबहार स्थित विद्यालय में कक्षा 8वीं तक शिक्षा दी जा रही है, जिसे अब 12वीं तक विस्तारित करने की योजना है।

आधुनिक भवन में निःशुल्क शिक्षा, गणवेश, पुस्तकें, भोजन, छात्रावास, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, खेल मैदान तथा विकलांग विद्यार्थियों के लिए सुलभ अवसंरचना जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। साथ ही ई-लर्निंग, जीवन कौशल विकास और कैरियर मार्गदर्शन जैसी सेवाओं से भी विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा। यह विद्यालय विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण केन्द्र होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल से जशपुर जिले के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक नया अवसर प्राप्त हो रहा है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने की वन विभाग के काम-काज की समीक्षा

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वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने इको पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना बनाने को कहा है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर संभाग में देखने, घूमने-फिरने और मनोरंजन के लिए कई आकर्षक केंद्र हैं। इन केन्द्रों तक आसान पहुंच मार्ग और कुछ बुनियादी सुविधाएं विकसित किए जाएं, तो और बड़ी संख्या में लोग पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी बढ़ेगी। श्री कश्यप आज बिलासपुर जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में बिलासपुर वन वृत्त के वरिष्ठ वन अधिकारियों की बैठक लेकर वन विभाग के काम-काज की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में पीसीसीएफ एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, प्रबंध संचालक, लघु वनोपज सहकारी संघ अनिल साहू, पीसीसीएफ वन्य प्राणी अरुण पाण्डेय सहित अरण्य भवन के एपीसीसीएफ, सीसीएफ और वृत्त के सभी वन मंडल के डीएफओ उपस्थित थे।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बैठक में विभागीय योजनाओं की वनमंडल वार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने तेंदूपत्ता पारिश्रमिक के बचे हुए भुगतान को दीपावली के पहले करने के निर्देश दिए। बैंक खाता की तकनीकी दिक्कतों का निदान कर तत्काल हितग्राही के खाते में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि अगले वर्ष में लगभग 12 लाख पुरुष संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण किया जाएगा। इसके लिए उनके पैर का नाप जोख कर जल्दी भिजवाएं ताकि खरीदी की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर से शुरू की जा सके। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने बंद पड़ी चरणपादुका योजना को फिर से शुरू की है। इस साल लगभग 12 लाख महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरित किया गया है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने अचानकमार अभ्यारण में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि पर खुशी जाहिर की। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शावक मिलाकर बाघों की संख्या पिछले दो-तीन साल में 5 से बढ़कर 18 हो गई है। श्री कश्यप ने कहा कि अचानकमार सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा पर्यटन हब बन सकता है। नजदीक में हवाई, रेल सहित सभी तरह की आवागमन की सुविधा यहां तक पहुंचाने के लिए अनुकूल हैं। उन्होंने अचानकमार से लगे क्षेत्रों में बड़े सेलिब्रिटी बुलाकर कार्यक्रम आयोजित प्रचार प्रसार करने के निर्देश दिए। मंत्री श्री कश्यप ने कहा की तखतपुर के कोपरा जलाशय को रामसर साइट बनाने के कार्य में तेजी लाया जाए। इसी तरह संभाग के वन क्षेत्रों में औरापानी, खुड़िया, कोटमी सोनार मगरमच्छ पार्क, गोमडॉ अभयारण्य, रामझरना रायगढ़, सत रेंगा कोरबा, बुका पिकनिक स्पॉट कटघोरा आदि अनेक दर्शनीय पर्यटन स्थल हैं, जिन्हें विकसित कर लोगों के लिए और आकर्षण का केंद्र बनाया जा सकता है। वन मंत्री श्री कश्यप ने हाथी मानव द्वंद्व पर कहा की हमें हाथी के साथ रहने की आदत डालना होगा। उन्हें उनके रहवास से दूर अन्यत्र भागना नहीं है। लेकिन यह भी देखना होगा कि वह जनहानि या अन्य किसी तरह की हानि न कर पाए इसके लिए हमें स्वयं ही सचेत रहना पड़ेगा ताकि वे नुकसान ना कर सकें। कटघोरा वन मंडल में हाथी जागरूकता के लिए एआई आधारित ऐप की उपयोगिता की उन्होंने प्रशंसा की।

मंत्री श्री कश्यप ने कहा की मैदानी क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में आदिवासी लोग रहते हैं। वन विभाग की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ उन्हें कैसे मिले इसे हमें देखना चाहिए। उन्होंने वन पट्टा के नामांतरण एवं बटवारा की प्रगति की भी समीक्षा की। संभाग के अंतर्गत इस तरह के 366 आवेदन मिले हैं जिसमें से केवल 84 का निराकरण किया गया है। उन्होंने लंबित सभी 280 प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। कोरबा वन मंडल में ज्यादा संख्या में नामांतरण के प्रकरण लंबित बताए गए। उन्होंने बैठक में ई कुबेर ऐप, किसान वृक्षमित्र योजना, वन भूमि में अतिक्रमण, एक पेड़ मां के नाम सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की और इनमें तेजी से काम कर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।

”मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम”

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित सिंधु पैलेस में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 126वीं कड़ी का श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ करोड़ों देशवासियों को जोड़ने, उन्हें प्रेरित करने तथा नवाचार और बेहतर कार्यों को सामने लाने का सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह और स्वर कोकिला लता मंगेशकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पुण्य स्मरण किया। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को शक्ति उपासना के पर्व नवरात्रि की शुभकामनाएँ भी दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शक्ति उपासना के इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री ने देश की दो बहादुर बेटियों, लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा की ‘नाविका सागर परिक्रमा’ का उल्लेख किया। दोनों अधिकारियों ने 47 हजार 500 किलोमीटर की समुद्री यात्रा 238 दिनों में पूरी की और दुनिया के सबसे सुदूर स्थान ‘नीमो प्वाइंट’ पर तिरंगा फहराकर देश का गौरव बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय देशभर में ‘जीएसटी बचत उत्सव’ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जीएसटी दरों में हुई कटौती से लोगों को दैनिक जरूरतों की वस्तुओं से लेकर वाहनों, कृषि उपकरणों और मशीनों तक में बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत का आह्वान करते हैं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना इस दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तुएँ खरीदते हैं, तो हम केवल सामान नहीं लेते, बल्कि एक परिवार की उम्मीद, एक कारीगर की मेहनत और एक उद्यमी के सपनों को सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा कि खादी उत्पादों की लोकप्रियता पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ी है और हम सभी को खादी के वस्त्रों और उत्पादों का उपयोग करना चाहिए।

इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक  उपस्थित थे।

 

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा आयोजित मैत्री महोत्सव में शामिल हुए।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में सकल दिगम्बर जैन समाज द्वारा आयोजित मैत्री महोत्सव में शामिल हुए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में पूज्य आर्यिकारत्न 105 अंतर्मति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में आयोजित गुरु शरणम् – मैत्री महोत्सव – क्षमादान उत्सव में विधायक श्री राजेश मूणत, जैन समाज के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंच पर पूज्य आर्यिकारत्न 105 अंतर्मति माताजी ससंघ को श्रीफल भेंटकर आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में जैन समाज की पारंपरिक पगड़ी और गमछा पहनाकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया तथा आचार्य विद्यासागर कल्याण सेवा संस्था के लोगो का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मैत्री महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक जागृति और शुद्धिकरण का पावन अवसर है। भारत की पुण्यभूमि केवल सभ्यता और संस्कृति की जननी ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता की जीवंत प्रयोगशाला भी रही है। यहाँ धर्म केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन जीने की कला है।

उन्होंने कहा कि भगवान महावीर स्वामी ने ‘जियो और जीने दो’ का संदेश दिया। हाल ही में मनाए गए क्षमादान पर्व का सार यही है कि ‘उत्तम क्षमा, सबसे क्षमा और सबको क्षमा’—यही बड़प्पन है और यही वसुधैव कुटुम्बकम का वास्तविक संदेश है। जैन धर्म ने इस भावना को सबसे सुंदर और गहन रूप में प्रस्तुत किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन समाज परोपकारी समाज है और इसके सेवा भाव का लाभ छत्तीसगढ़ को निरंतर मिलता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकांत के सिद्धांत समरस समाज की आधारशिला हैं। मैं पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के पावन स्मरण और पूज्य आर्यिकारत्न 105 अंतर्मति माताजी ससंघ के मंगल सान्निध्य में उन सभी संतों को नमन करता हूँ, जिन्होंने अपने संयम, तप और साधना से समाज को दिशा दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी का जीवन-दर्शन हम सबके लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने सिखाया कि सच्चा धर्म त्याग, सेवा और आत्मसंयम में है। यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि आचार्य जी ने अपने कठोर साधना के अनेक वर्ष यहाँ व्यतीत किए और चंद्रगिरी तीर्थ पर समाधि ली।

श्री साय ने कहा कि जैन धर्म के तीर्थंकरों के दिए आदर्श—अहिंसा परमो धर्मः, अनेकांतवाद, सत्य और संयम—केवल जैन समाज की धरोहर नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की आत्मा हैं।

कार्यक्रम में सकल दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष श्री विनोद बड़जात्या ने आचार्य विद्यासागर कल्याण सेवा संस्था द्वारा संचालित आचार्य विद्यासागर कल्याण योजना की जानकारी दी और समाज के सभी लोगों से इस योजना से जुड़ने की अपील की। सीआईआई के अध्यक्ष श्री संजय बड़जात्या ने भी सभा को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जैन तीर्थों के निर्माण और संरक्षण के लिए श्री मनीष जैन, आयुर्वेद सेवा के लिए श्री विजय गोधा तथा समाज सेवा के लिए श्री सुनील संगोलिया को सम्मानित किया। उन्होंने चांदी पर उत्कीर्ण गुरु-स्मृति तथा आचार्य श्री विद्यासागर द्वारा रचित हाइकू, जिसे चांदी पर उत्कीर्ण किया गया है, का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर जैन समाज के अनेक पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इनमें सर्वश्री नरेन्द्र जैन, यशवंत जैन, रतनलाल बड़जात्या, सुधीर बाकलीवाल सहित अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल थे।

“NDA हो या INDIA गठबंधन, बिहार में जल्द हो सकता है सीटों का बंटवारा”

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बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे एनडीए और इंडिया गठबंधन (INDIA bloc) दोनों ही खेमों में सहयोगी दलों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। सहयोगी लगातार सीट बंटवारे पर दबाव बना रहे हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक औपचारिक बातचीत चुनाव आयोग द्वारा तारीखों की घोषणा के बाद ही शुरू होगी।

आपको बता दें कि फिलहाल तारीखों का ऐलान नहीं हुआ। नवरात्रि की समाप्ति के बाद चुनाव आयोग की तरफ से कभी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका ऐलान किया जा सकता है।

एनडीए के छोटे सहयोगी दल पहले से ही सार्वजनिक रूप से अपनी मांगें उठा रहे हैं। एलजेपी (रामविलास) नेता अरुण भारती सोशल मीडिया पर सम्मानजनक हिस्सेदारी की माग कर रहे हैं और भाजपा व जदयू पर दबाव डाल रहे हैं। वहीं, हम (से.) प्रमुख जीतन राम मांझी ने भी अपनी अपेक्षाओं को खुले मंच से सामने रखा है। हाल ही में केंद्रीय मंत्री व एलजेपी (रामिवालास) नेता चिराग पासवान और आरएलपी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की दिल्ली में मुलाकात हुई, जिसमें दोनों नेताओं ने मगध-शाहाबाद क्षेत्र में पर्याप्त सीटें मिलने की इच्छा जताई।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के दौरे पर थे। उन्होंने बैक टू बैक कई बैठकें कीं और रैलियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि दुर्गा पूजा के बाद एनडीए के सहयोगियों के बीच सीटों का बंटवारा कर लिया जाएगा।

इंडिया गठबंधन में भी खींचतान इंडिया गठबंधन के भीतर कांग्रेस ने आरजेडी से जल्द सीटों पर समझौते को अंतिम रूप देने की मांग की है। सीपीआई (एमएल) ने 2020 में 19 सीटों पर चुनाव लड़ी और 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2024 लोकसभा चुनाव में सीट शेयरिंग में दो सीटें हासिल हुई। इस बार बड़ा हिस्सा चाहती है। वहीं, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने तो यहां तक कह दिया है कि यदि गठबंधन सत्ता में आता है तो उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए।

आरजेडी का क्या है रुख बिहार में महागठबंधन का अगुआ आरजेडी के सूत्रों के मुताबिक सहयोगी दलों के बीच औपचारिक बैठक और सीटों का बंटवारा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद ही होगा।

“छत्तीसगढ़: कोयला परमिट का दुरुपयोग कर 570 करोड़ का घोटाला, 10 IAS-IPS के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश”

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छत्तीसगढ़ में चर्चित कोल लेवी घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा कदम उठाया है. ईडी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर 10 वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई करने की सिफारिश की है.

यह पत्र मुख्य सचिव अमिताभ जैन और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को भेजा गया है.

यह 570 करोड़ रुपये का घोटाला है जिसमें आरोप है कि ऑनलाइन कोल परमिट को ऑफलाइन मोड में बदलकर अवैध लेवी वसूली की गई. 15 जुलाई 2020 को तत्कालीन खनिज निदेशक आईएएस समीर विश्नोई ने आदेश जारी किया था, जिसके बाद कोल ट्रेडर्स से अवैध वसूली की प्रक्रिया शुरू हुई.

इस मामले के मुख्य आरोपी बिजनेसमैन सूर्यकांत तिवारी माने जा रहे हैं. इनके साथ आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई, रानू साहू और सौम्या चौरसिया (जो उस समय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी थीं) के नाम भी सामने आए. इन सभी को जनवरी 2024 में ईओडब्ल्यू द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था. हालांकि वर्तमान में सभी आरोपी जमानत पर बाहर हैं.

कोल परमिट का हुआ दुरुपयोग, रकम वसूली का मामला ईडी की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि इस पूरे घोटाले का संचालन सुनियोजित तरीके से किया गया, जहां कोल परमिट का दुरुपयोग कर बड़ी रकम वसूली गई. अधिकारियों और व्यापारियों के बीच कोऑर्डिनेशन के जरिए यह पूरा नेटवर्क खड़ा किया गया था.

कस्टम मिलिंग स्कैम मामले में ईडी की रेड इधर, इसी बीच ईडी ने कस्टम मिलिंग स्कैम मामले में भी छापेमारी की कार्रवाई की है. रायपुर, बिलासपुर और धमतरी में स्थित रहेजा और सुल्तानिया ग्रुप के ठिकानों पर तलाशी ली गई. इस दौरान कई दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं. ईडी का कहना है कि इन दस्तावेजों की जांच कर मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध ट्रांजैक्शन की सच्चाई सामने लाई जाएगी.

कस्टम मिलिंग स्कैम में चावल मिलर्स और संबंधित ग्रुप पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी योजनाओं के तहत धान की मिलिंग और चावल आपूर्ति में गड़बड़ी की. ईडी की टीम का मानना है कि इस मामले में भी फंड्स की हेराफेरी और अवैध ट्रांजैक्शन का जाल बिछा हुआ है.

“PM के नेतृत्व में हो रहा है रेड टेरर का सफाया, मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त हो जाएगा देश: अमित शाह”

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नई दिल्ली में आयोजित ‘नक्सल मुक्त भारत: मोदी के नेतृत्व में रेड टेरर का अंत’ कार्यक्रम के समापन सत्र को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई केवल सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नहीं, बल्कि समाज की जागरूकता और वैचारिक स्तर पर मुकाबला करने से ही पूरी तरह सफल होगी.

अमित शाह ने अपने बयान में कहा, “मैंने पहले भी कहा है और आज दोहराता हूं कि 31 मार्च 2026 तक देश नक्सलवाद से मुक्त होगा लेकिन हमें यह भी समझना होगा कि आखिर इस देश में नक्सलवाद की समस्या क्यों पनपी, क्यों बढ़ी और क्यों विकसित हुई. इसका वैचारिक पोषण किसने किया.”

गृह मंत्री ने आगे कहा कि जब तक भारतीय समाज नक्सलवाद के विचारधारा को पोषित करने वाले लोगों को नहीं पहचानता, और उन्हें मुख्यधारा में वापस नहीं लाता, तब तक यह लड़ाई अधूरी रहेगी. उन्होंने कहा, “जब मोदी जी ने भारत के प्रधानमंत्री का पद संभाला, तब देश के सामने तीन बड़े आंतरिक सुरक्षा संकट थे – जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित इलाका.”

गृह मंत्री ने कहा, “ये क्षेत्र करीब चार-पांच दशकों से अशांति के केंद्र रहे, जहां हजारों लोगों की जान गई और शांति-स्थिरता लगातार बाधित होती रही. इतना ही नहीं, देश के बजट का बड़ा हिस्सा, जो गरीबों के कल्याण पर खर्च हो सकता था, इन चुनौतियों को सुलझाने में लगाना पड़ा. मोदी जी के पद संभालने के बाद सरकार ने इन तीनों क्षेत्रों को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता माना और लंबे समय के लिए एक ठोस और स्पष्ट रणनीति बनाई, ताकि इन समस्याओं का समाधान निकाला जा सके.”

प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे विकास के काम इस कार्यक्रम के दौरान बीजेपी के एक्स हैंडल से भी जानकारी साझा की गई. उसमें बताया गया कि मोदी सरकार ने वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में अब तक 14,400 किलोमीटर सड़क का निर्माण करवाया है. सरकार का मानना है कि विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे के विस्तार से नक्सल प्रभावित इलाकों में हालात में बड़ा बदलाव आया है.

नक्सलवाद के खिलाफ बीजेपी की जीरो टॉलरेंस की नीति!

बीजेपी की पोस्ट में लिखा गया कि मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के कारण नक्सली हिंसा में भारी कमी आई है और उग्रवाद जल्द ही इतिहास के पन्नों में सिमट जाएगा. गृह मंत्री ने यह भी जोर दिया कि नक्सलवाद के खिलाफ अब तक जो उपलब्धियां हासिल हुई हैं, वे मोदी सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम हैं. उन्होंने कहा कि विकास और सुरक्षा, दोनों पहियों पर चलकर ही यह लड़ाई जीती जा सकती है.

 

“संसदीय स्थायी समितियों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी में सरकार, जल्द चर्चा की संभावना”

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सरकार संसदीय स्थायी समितियों का कार्यकाल एक साल से बढ़ाकर दो साल करने पर विचार कर रही है। इस मुद्दे पर जल्द ही लोकसभा और राज्यसभा के पीठासीन अधिकारियों से चर्चा होने की संभावना है।

समितियों का कार्यकाल बढ़ाने की जरूरत क्यों?

दरअसल, कई सांसदों ने शिकायत की है कि मौजूदा एक साल का कार्यकाल बहुत कम होता है, जिससे समितियां कानून बनाने और संसद की निगरानी जैसी जिम्मेदारियों में सार्थक योगदान नहीं दे पातीं। आमतौर पर इन समितियों का नया कार्यकाल सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में शुरू होता है।

संसद सूत्रों के मुताबिक, कुछ सदस्यों ने सरकार से आग्रह किया है कि कार्यकाल कम से कम दो साल का हो ताकि समितियां चुने गए विषयों पर गहराई से चर्चा कर सकें।

संसदीय समिति क्या होती है?

संसदीय समितियां नई लोकसभा के गठन के बाद राजनीतिक दलों से परामर्श करके बनाई जाती हैं। इनमें समितियों के अध्यक्षों का चयन दलों की ताकत के अनुपात में होता है। आमतौर पर लोकसभा के कार्यकाल की शुरुआत में चुना गया अध्यक्ष अपनी भूमिका में बना रहता है, जब तक कि किसी राजनीतिक दल की ओर से बदलाव की मांग न हो।

कभी-कभी सदस्य भी समिति बदलने की इच्छा जताते हैं, जिसे संबंधित सदन के पीठासीन अधिकारी मान भी लेते हैं। 24 विभागीय स्थायी समितियों में से 8 राज्यसभा सांसदों की अध्यक्षता में और 16 लोकसभा सांसदों की अध्यक्षता में काम करती हैं। इसके अलावा संसदीय व्यवस्था में वित्तीय समितियां, अस्थायी समितियां और अन्य समितियां भी समय-समय पर बनाई जाती हैं, जो विधेयकों और अन्य मुद्दों की जांच करती हैं।

CM विष्णु देव साय ने किया सरस्वती महाविद्यालय भवन का लोकार्पण, मेधावी छात्रों का सम्मान”

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विद्या भारती संस्था भारत की संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने में विशेष भूमिका निभा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण और गौरव बढ़ाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

बिलासपुर में सरस्वती महाविद्यालय भवन का लोकार्पण मुख्यमंत्री श्री साय बिलासपुर के कोनी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर पहुँचे और वहाँ नव-निर्मित सरस्वती महाविद्यालय भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर विद्या भारती द्वारा आयोजित भव्य सम्मान समारोह में प्रदेश के 33 जिलों से चयनित 24 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियों और महोत्सवों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि और गणमान्यजन समारोह की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव मौजूद रहे। इस अवसर पर बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक और तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित हुए।

पूजा-अर्चना के साथ भवन का उद्घाटन मुख्यमंत्री और सभी अतिथियों ने नव-निर्मित महाविद्यालय भवन का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया। इसके बाद लखीराम सभा भवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि मेहनत, अनुशासन और संस्कारों से विद्यार्थी प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। नया महाविद्यालय भवन शिक्षा और ज्ञान के विस्तार का प्रतीक है, जो समाज को नई दिशा देगा।

उच्च शिक्षा और तकनीकी अवसर मुख्यमंत्री ने बताया कि सरस्वती महाविद्यालय ने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय और इसरो, बेंगलुरु के साथ एमओयू किए हैं। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी क्षेत्र में अधिक अवसर मिलेंगे। साथ ही, यहां पं. सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय का स्टडी सेंटर भी शुरू होगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत विद्यार्थियों को स्थानीय भाषा में शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, हाइटेक लाइब्रेरी, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए दृढ़ संकल्प और परिश्रम से आगे बढ़ने का आह्वान किया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव का संदेश उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि विद्या भारती संस्था शिक्षा के साथ संस्कार देने का कार्य कर रही है। उन्होंने संस्था द्वारा ज्ञान परंपरा और भारतीय संस्कृति को सहेजने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

विद्या भारती की उपलब्धियां विद्या भारती के प्रांतीय संगठन मंत्री श्री देव नारायण ने संस्था की विचारधारा और कार्यप्रणाली के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि संस्था ने अब तक छत्तीसगढ़ में तीन महाविद्यालय स्थापित किए हैं और सात प्रकल्प संचालित कर रही है। ग्राम भारती योजना के अंतर्गत 1,100 से अधिक विद्यालय कार्यरत हैं। इन संस्थानों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जा रहा है, जिससे राष्ट्र के प्रति समर्पित और योग्य विद्यार्थी तैयार हो रहे हैं।

बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्रीमती पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष श्री राम भरोसा सोनी, सरस्वती ग्राम शिक्षा समिति के अध्यक्ष श्री रतन चंद्राकर, सरस्वती शिशु मंदिर कोनी के अध्यक्ष श्री मुनेश्वर कौशिक, सचिव श्री संतोष तिवारी, श्री बृजेंद्र शुक्ला, श्री पुरनंदन कश्यप, श्री रामपाल, श्री सुजीत मित्रा, श्री सुदामा राम साहू, प्रांत प्रमुख श्रीमती दिव्या चंदेल, संचालकगण, आचार्य/प्राचार्यगण, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम में नन्हे बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।