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”छत्तीसगढ़ को नई अमृत भारत एक्सप्रेस की सौगात, PM मोदी करेंगे शुभारंभ”

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प्रधानमंत्री मोदी आज ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ का शुभारंभ करेंगे। यह ट्रेन ओडिशा से गुजरात तक छत्तीसगढ़ के रास्ते चलेगी। नियमित परिचालन 5 और 6 अक्टूबर से शुरू होगा।

छत्तीसगढ़ होते हुए नए अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन दौड़ेगी। इसका ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महासमुंद, रायपुर, दुर्ग और गोंदिया स्टेशनों पर दिया गया है। दरअसल ब्रह्मपुर (ओडिशा) से उधना (सूरत, गुजरात) के बीच इस नई ट्रेन को चलाया जाएगा। इसका शुभारंभ शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा।

यह नई ट्रेन ओडिशा से गुजरात तक सीधी लंबी दूरी की कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी और पूर्वी, मध्य व पश्चिम भारत के अनेक महत्वपूर्ण जिलों और शहरों को जोड़ेगी। इसके बाद नियमित समयसारिणी में परिचालन होगा। इससे प्रदेश के यात्रियों को छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और गुजरात के बीच सीधी रेल सुविधा मिलेगी।

नई ट्रेन 09021 उधना-ब्रहपुर स्पेशल एक्स. 10.50 बजे उधना से रवाना होकर मध्य रात्रि 1.20 बजे गोंदिया, 3.33 बजे दुर्ग, 4.15 बजे रायपुर स्टेशन आएगी। यहां से होते हुए अगले दिन शाम 5.35 बजे ब्रहपुर स्टेशन पहुंचेगी। इसी प्रकार ट्रेन 09022 ब्रहपुर-उधना दोपहर 12.00 बजे ब्रहपुर से निकलेगी। जो कि रायपुर मध्य रात्रि 2.20 बजे, 3.15 बजे दुर्ग, 5.25 बजे गोंदिया स्टेशन होते हुए उसी दिन रात्रि 9.00 बजे उधना स्टेशन पहुंचेगी।

इस ट्रेन का नियमित परिचालन 5 अक्टूबर से उधना व 6 अक्टूबर 2025 से ब्रहपुर से प्रारंभ होगा। 19021 उधना-ब्रहपुर अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक रविवार को सुबह 07.10 बजे उधना से निकलेगी। जो कि गोंदिया स्टेशन पर रात 9.40 बजे, 11.53 को दुर्ग, रात 12.35 बजे रायपुर स्टेशन होते हुए दोपहर 1.55 बजे ब्रहपुर पहंचेगी।

इसी तरह 19022 ब्रहपुर-उधना अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार को रात 11.45 बजे ब्रहपुर से प्रस्थान करेगी। जो कि दोपहर 2.55 बजे रायपुर स्टेशन आएगी। यहां से 3.50 को दुर्ग, 5.55 को गोंदिया होते हुए तीसरे दिन सुबह 08.45 बजे उधना पहुंचेगी।

 

CG: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर में छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा में शामिल हुए…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर में छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा में शामिल हुए।

उन्होंने ओलंपिक में भाग लेने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 21 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। श्री साय ने खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार के प्रयासों पर जोर दिया जिसमें खेल अलंकरण समारोह की शुरुआत और खेलो इंडिया परिसरों का विकास शामिल है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित सर्किट हाउस सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन की वार्षिक आम सभा की बैठक में शामिल हुए। इस दौरान बैठक में वर्ष 2024-25 की ऑडिट रिपोर्ट का अनुमोदन, वर्ष 2025-26 का वार्षिक बजट प्रस्तुतिकरण एवं अनुमोदन, वर्ष 2025-26 हेतु ऑडिटर की नियुक्ति सहित अन्य महत्वपूर्ण एजेंडा पर चर्चा की गई।

छत्तीसगढ़ ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बड़ी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि अब छत्तीसगढ़ से ओलंपिक में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को 21 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। इन प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और निखारने के लिए हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है। हमने पूर्व में बंद हुए खेल अलंकरण समारोह को पुनः प्रारंभ किया है और जल्द ही उत्कृष्ट खिलाड़ी सम्मान समारोह भी प्रारंभ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया के नए परिसरों की शुरुआत की गई है।

कुछ महीने पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया का भी छत्तीसगढ़ आगमन हुआ था, जहां हमने उनसे खेल अधोसंरचना के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की। विशेषकर ओलंपिक खेलों को लेकर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने हेतु हमने विशेष तैयारी की है। ओलंपिक खेलों में प्रदेश के स्वर्ण पदक विजेताओं को तीन करोड़ रुपये, रजत पदक विजेताओं को दो करोड़ रुपये तथा कांस्य पदक विजेताओं को एक करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया गया है। स्वाभाविक रूप से इससे खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन होगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि खेलों का बजट बढ़ाया जाए और कॉरपोरेट क्षेत्र की सहभागिता को भी प्रेरित किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2036 में हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओलंपिक खेलों के लिए भारत की मेजबानी का प्रस्ताव रखा है और अहमदाबाद शहर को इसके लिए प्रस्तावित किया गया है। स्वाभाविक रूप से केंद्र सरकार का पूरा ध्यान देश में खेलों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर है, ताकि एक दशक के भीतर हम खेलों के क्षेत्र में महाशक्ति के रूप में उभर सकें। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ में भी हमें राष्ट्रीय स्तर के खेलों के आयोजन हेतु सामूहिक प्रयास करने होंगे।

कैबिनेट मंत्री एवं संघ के उपाध्यक्ष केदार कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर ओलंपिक जैसी खेल प्रतियोगिताओं की शुरुआत हुई है, जिससे सुदूर वनांचल की खेल प्रतिभाओं को एक सुनहरा मंच मिला है।

इस अवसर पर सचिवीय प्रतिवेदन का वाचन महासचिव विक्रम सिसोदिया ने किया। कार्यक्रम में उपाध्यक्ष हिमांशु द्विवेदी, गजराज पगारिया एवं कोषाध्यक्ष संजय मिश्रा सहित खेल संघ से जुड़े पदाधिकारी एवं सदस्यगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

फिर विदेश यात्रा पर निकले राहुल गांधी, 4 देशों में करेंगे भारत की बात

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कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी दक्षिण अमेरिका के चार देशों के दौरे पर रवाना हो गए हैं. कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रभारी पवन खेड़ा ने एक्स पर यह जानकारी देते हुए बताया कि राहुल गांधी इस दौरे में विभिन्न देशों के राष्ट्रपतियों, वरिष्ठ नेताओं, कारोबारी वर्ग और विश्वविद्यालय के छात्रों से संवाद करेंगे. हालांकि कांग्रेस ने यह नहीं बताया कि राहुल गांधी कितने दिनों के लिए विदेश में रहेंगे.
कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी ब्राजील और कोलंबिया में विश्वविद्यालय के छात्रों से बातचीत करेंगे. पार्टी ने कहा कि वे कई देशों के राष्ट्रपतियों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर लोकतांत्रिक और रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करेंगे. इसके साथ ही कारोबारी नेताओं से भी बातचीत करेंगे ताकि अमेरिकी टैरिफ के बाद व्यापार और साझेदारी के नए अवसरों को तलाशा जा सके.

कांग्रेस इस दौरे को राहुल गांधी की अंतरराष्ट्रीय पहुंच बढ़ाने और वैश्विक संवाद को मजबूत करने का प्रयास बता रही है, जबकि बीजेपी इसे भारत विरोधी एजेंडा करार दे रही है.
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर लिखा, ‘राहुल गांधी एक और विदेशी दौरे पर निकल पड़े हैं. देखना यह होगा कि इस बार वे बंद कमरों में किस नए भारत विरोधी तत्व से मुलाकात करेंगे. राहुल भारतीय लोकतंत्र और इंडियन स्टेट के खिलाफ लड़ना चाहते हैं. वे इसके लिए वैश्विक गठजोड़ बना रहे हैं और इसमें उनके मेंटर जॉर्ज सोरोस का हाथ हो सकता है.’

भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अतीत में भारत के लोकतंत्र में विदेशी हस्तक्षेप की मांग की थी, भारत विरोधी माने जाने वाले चेहरों जैसे इल्हान उमर से मिले थे और खालिस्तानी समर्थक पन्नू से समर्थन हासिल किया था. उन्होंने पोस्ट में यह भी कहा कि जिस वक्त उनके ‘वैचारिक सहयोगी’ सोनम वांगचुक को एनएसए के तहत गिरफ्तार किया गया, उसी वक्त राहुल गांधी विदेश रवाना हो गए.

गृह मंत्री अमित शाह की सुरक्षा में गंभीर चूक, काफिले में घुसी कार, हर तरफ मचा हड़कंप

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केंद्रीय गृह मंत्री अम‍ित शाह चुनावी राज्‍य बिहार के दौरे पर हैं. उनसे जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. उनकी सुरक्षा में गंभीर चूक हुई है. उनके काफिले में अचानक से एक अज्ञात कार घुस आई. आनन-फानन में उस फोर व्‍हीलर को साइड किया गया. बिहार में विधानसभा चुनाव होना है, ऐसे में दिग्‍गज नेताओं का प्रदेश में आना जाना लगा है. देश के गृह मंत्री और भाजपा के दिग्‍गज नेता अमित शाह भी चुनाव के सिलसिले में बिहार में हैं. वह पटना एयरपोर्ट जाने के लिए निकले थे, जब उनकी सुरक्षा में चूक हुई. हालांकि, सुरक्षा दस्‍ते की टीम ने तत्‍काल एक्‍शन लिया और हालात को नियंत्रण में किया.

“मेक-इन-सिलिकॉन: राष्ट्रीय सिंपोजियम ऑन एनेबलिंग इंडिजिनस सेमीकंडक्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर” के पोस्टर और आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ…

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ट्रिपल आईटी-नया रायपुर के निदेशक प्रो. ओमप्रकाश व्यास ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी 7–8 नवम्बर 2025 को ट्रिपल आईटी-नया रायपुर में आयोजित होगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में “मेक-इन-सिलिकॉन: राष्ट्रीय सिंपोजियम ऑन एनेबलिंग इंडिजिनस सेमीकंडक्टर इन्फ्रास्ट्रक्चर” के पोस्टर और आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया। यह संगोष्ठी भारत में सेमीकंडक्टर मिशन को नई दिशा देने और देश में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने की पहल है।

ट्रिपल आईटी-नया रायपुर के निदेशक प्रो. ओमप्रकाश व्यास ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि यह राष्ट्रीय संगोष्ठी 7–8 नवम्बर 2025 को ट्रिपल आईटी-नया रायपुर में आयोजित होगी। इसमें देशभर के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, शिक्षाविद और नीति-निर्माता शामिल होंगे। संगोष्ठी का उद्देश्य भारत की घरेलू सेमीकंडक्टर व्यवस्था को मज़बूत बनाने के लिए ठोस रणनीति बनाना है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्रीय सेमीकंडक्टर मिशन में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों को मिलकर नवाचार करना होगा और नेतृत्व की भूमिका निभानी होगी। उनके अनुसार, स्वदेशी सेमीकंडक्टर अधोसंरचना ही भारत की डिजिटल और आर्थिक मजबूती की नींव है।

यह आयोजन भारत सरकार के “सेमीकंडक्टर इंडिया मिशन” और छत्तीसगढ़ सरकार की तकनीकी आत्मनिर्भरता की सोच के अनुरूप है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगे। इस अवसर पर संयोजक डॉ. मनोज मजूमदार, डॉ. दीपिका गुप्ता और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित थे।

पीएम मोदी पहुंचे झारसुगुड़ा, ओडिशा को देंगे 50 हजार करोड़ की सौगात

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओडिशा दौरे पर झारखुगुड़ा पहुंच गए हैं. यहां वे 50 हजार करोड़ी की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करने के साथ-साथ ब्रम्हपुर में एक विशाल युवा सम्मेलन को संबोधित करेंगे, जहां वे युवाओं के साथ संवाद करेंगे. उधर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा आज केरल दौरे पर रहेंगे. नड्डा वहां माता अमृतानंदमयी की 72वीं जयंती समारोह में शामिल होंगे और पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक करेंगे.
इसके अलावा, नई दिल्ली में ‘अखिल भारतीय मुस्लिम महासम्मेलन 2025’ का आयोजन होने वाला है, जहां 10,000 बुद्धिजीवी मुसलमानों की दशा-दिशा पर चर्चा करेंगे. वहीं, दिल्ली के धौला कुआं इलाके में हुए भयावह BMW हादसे में आरोपी गगनप्रीत की जमानत याचिका पर आज कोर्ट का फैसला आने वाला है.

पीएम मोदी ने ओडिशा को दी 50 हजार करोड़ की सौगात, स्वदेशी 4जी नेटवर्क का भी शुभारंभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दूरसंचार, रेलवे, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कौशल विकास और ग्रामीण आवास सहित विभिन्न क्षेत्रों में 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया.

राष्ट्रीय संचार अवसंरचना को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए, प्रधानमंत्री ने स्वदेशी तकनीक से लगभग 37,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 97,500 से अधिक मोबाइल 4G टावरों का लोकार्पण किया.

अमेरिका में टिकटॉक की एंट्री! ट्रंप ने कितना लगाया दाम, मुनाफे में चीन को कितना हिस्‍सा मिलेगा….

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लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार चीन के टिकटॉक को अमेरिका में एंट्री मिल ही गई. राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और उनके प्रशासन ने टिकटॉक की कीमतों में करीब 70 फीसदी कटौती कर दी है. अमेरिका ने बेहद कम मूल्‍यांकन पर टिकटॉक को अमेरिका में आने की अनुमति दी है. एक्‍सपर्ट ने जो अनुमान डील से पहले लगाया था, उसका महज 30 फीसदी रकम ही ट्रंप प्रशासन ने लगाई है. हालांकि, इससे होने वाले मुनाफे में चीन को बराबर का हिस्‍सा देने की बात कही है.
ट्रंप प्रशासन ने टिकटॉक का वैल्‍यूएशन महज 14 अरब डॉलर (1.23 लाख करोड़ रुपये) लगाया है, जबकि डील से पहले एक्‍सपर्ट का अनुमान था कि इसका वैल्‍यूएशन करीब 40 अरब डॉलर (3.54 लाख करोड़ रुपये) तक जा सकता है. ट्रंप प्रशासन के इस वैल्‍यूएशन से टिकटॉक में निवेश करने को तैयार बैठी अमेरिकी कंपनियां भी सकते में आ गई हैं. अमेरिका की टेक कंपनी ओरैकल कॉर्प के फाउंडर लैरी एलिसन और सिल्‍वर लेक मैनेजमेंट एलएलसी ने मिलकर इसमें निवेश का प्‍लान बनाया था.

किसने की डील की अगुवाई
अमेरिका के उप राष्‍ट्रपति जेडी वान्‍स ने डील की अगुवाई की और चीन की शॉर्ट वीडियो फर्म बाइटडांस के साथ टिकटॉक के अमेरिकी वर्जन पर मोलभाव करके 14 अरब डॉलर के मूल्‍यांकन पर डील को पक्‍का किया. अमेरिकी निवेशकों ने भी इसका स्‍वागत किया है और कम कीमत लगाए जाने से निवेश के आसान होने की बात कही है. हालांकि, एक्‍सपर्ट का कहना है कि यह डील पिछले एक दशक में हुए किसी भी टेक अधिग्रहण में सबसे सस्‍ता रहा है. अमेरिका ने जो भी कीमत लगाई है, वह टिकटॉक की वास्‍तविक कीमत का महज 30 फीसदी ही है.

क्‍यों इतना अहम है अमेरिका का बाजार
अमेरिका में टिकटॉक सबसे पॉपुलर सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म में से एक है. सिर्फ अमेरिकी बाजार में इसके प्‍लेटफॉर्म पर 17 करोड़ एक्टिव यूजर हैं, जो हर साल 10 अरब डॉलर (करीब 88 हजार करोड़ रुपये) का रेवेन्‍यू पैदा करते हैं. इस लिहाज से अमेरिका की ओर से लगाया गया वैल्‍यूएशन काफी कम है. 14 अरब डॉलर की कीमत इसके प्राइस टूट सेल्‍स का 1.4 गुना ही होता है. एक एक्‍सपर्ट का कहना है कि अमेरिका की ओर से लगाया गया यह वैल्‍यूएशन दिनदहाड़े लूट है. डील को 120 दिनों के अंदर पूरा करना जरूरी है.

टिकटॉक का कितना हिस्‍सा और मुनाफा
अमेरिका ने इस डील में टिकटॉक की हिस्‍सेदारी घटाकर 20 फीसदी कर दी है, ताकि उसकी सुरक्षा की चिंता न रहे. हालांकि, दिग्‍गज एक्‍सपर्ट ने इस डील की आलोचना की है. उनका कहना है कि इस डील में अमेरिका ने बाइटडांस की कनपटी पर बंदूक लगाकर ‘बेचो या बंद कर देंगे’ जैसे अंदाज में डील पूरी कराई है. हालांकि, डील में भले ही अमेरिकी निवेश्‍कों को ज्‍यादा हिस्‍सेदारी दी गई है, लेकिन अमेरिका में इसके ऑपरेशन से जो भी मुनाफा होगा, उसका 50 फीसदी बाइटडांस को दिया जाएगा.

सरकार लेने जा रही 6.77 लाख करोड़ रुपये कर्ज, कौन देगा इतना पैसा और कहां होगा खर्च, आम आदमी पर क्‍या असर

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केंद्र सरकार ने वित्तवर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में 6.77 लाख करोड़ रुपये बाजार से उधार लेने की योजना बनाई है. इससे चालू वित्तवर्ष के लिए कुल उधारी का अनुमान 10,000 करोड़ रुपये कम हो गया है. वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि बजट 2025-26 में सरकार ने 14.82 लाख करोड़ रुपये की कुल उधारी का अनुमान जताया था. अब सवाल ये है कि सरकार इतनी मोटी रकम कहां से जुटाएगी और इन पैसों को किस पर खर्च किया जाएगा.
वित्तवर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में सरकार की उधारी 5,000 करोड़ रुपये कम हुई. इसके अलावा दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) के अनुमान में भी 5,000 करोड़ रुपये की कटौती कर दी गई है. इस तरह देखा जाए तो पूरे वित्‍तवर्ष में उधारी में 10 हजार करोड़ रुपये की कमी आएगी. अब चालू वित्तवर्ष के लिए कुल उधारी 14.72 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो बजट अनुमान से 10,000 करोड़ रुपये कम होगा.

सरकार कहां से जुटाएगी इतना पैसा
वित्त मंत्रालय ने कहा है कि दूसरी छमाही के लिए 6.77 लाख करोड़ रुपये की उधारी में से 10,000 करोड़ रुपये सरकारी हरित बॉन्ड के जरिये जुटाने की योजना है. पहली छमाही में सरकार ने 8 लाख करोड़ रुपये उधार लेने की योजना बनाई थी, जिसमें से 7.95 लाख करोड़ रुपये ही उधार लिए गए. सरकार दूसरी छमाही में उधारी की योजना को 22 साप्ताहिक नीलामी के माध्यम से छह मार्च 2026 तक पूरा करेगी.

राजकोषीय घाटा कितना होगा
आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर ने कहा कि कुल सकल उधारी अब 14.72 लाख करोड़ रुपये है, जो प्रारंभिक अनुमान से थोड़ा कम है. उन्होंने कहा कि मैं यह बात फिर कहूंगी कि सरकार राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने के प्रति प्रतिबद्ध है. सरकार का लक्ष्य वित्तवर्ष 2025-26 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.4 प्रतिशत तक लाना है, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 4.8 प्रतिशत था.
आम आदमी पर क्‍या असर
सरकार जरूरी खर्चे पूरे करने और इन्‍फ्रा योजनाओं को फंडिंग देने के लिए हर साल बाजार से बॉन्‍ड के जरिये मोटा कर्ज उठाती है. देश पर 31 मार्च, 2025 तक करीब 181 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लदा हुआ है, जो देश की जीडीपी का 56 फीसदी है. इस कर्ज में केंद्र सरकार और राज्‍यों का भी लोन शामिल है. इसके अलावा भारत पर विदेशी कर्ज भी लदा है, जो पिछले एक साल में 10 फीसदी बढ़कर करीब 61 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है. देश पर कर्ज लदने से हर व्‍यक्ति पर भी देनदारी बढ़ जाती है.

वाहनों के इंजन में फिर होगा बदलाव, नए मानक लागू करने की तैयारी, बढ़ जाएगी गाडि़यों की ताकत और माइलेज

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ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) ने यात्री वाहनों के लिए नए ‘कॉरपोरेट औसत ईंधन दक्षता-3’ (कैफे-3) मानक प्रस्तावित किए हैं, जो वाहन कंपनियों को साझा प्रयास करने, छोटी कारों को छूट देने और फ्लेक्स-ईंधन, हाइब्रिड एवं इलेक्ट्रिक मॉडलों को भी शामिल करने की सुविधा देता है. बीईई का कहना है कि वाहनों की ईंधन दक्षता बढ़ाने के नए मानक एक अप्रैल, 2027 से 31 मार्च, 2032 तक लागू होंगे. देश में फिलहाल कैफे-2 मानक लागू हैं, जिन्‍हें कैफे 3 से बदला जाएगा.
प्रस्तावित कैफे-3 नियमों के तहत साल भर में औसत ईंधन खपत के मानक को पूरा करने के लिए अधिकतम तीन वाहन विनिर्माता आपस में मिलकर एक ‘पूल’ भी बना सकते हैं. इस स्थिति में पूल को एक ही वाहन विनिर्माता माना जाएगा. हालांकि एक वाहन विनिर्माता केवल एक पूल में ही शामिल हो सकता है. पूल के ‘पूल प्रबंधक’ के रूप में नामित विनिर्माता पूल के संपर्क बिंदु के रूप में काम करेगा. वही ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के तहत लगाए गए किसी भी जुर्माने का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार होगा.

क्‍या है इस मानक में खास
नए मानक फ्लेक्स-ईंधन वाहन (एथनॉल मिश्रित पेट्रोल से चलने वाले) और इलेक्ट्रिक वाहन को भी कैफे-3 मानकों के दायरे में शामिल करते हैं. इन्हें कॉरपोरेट औसत ईंधन खपत मानक 2027-32 (कैफे 2027) कहा जाएगा. बीईई ने प्रस्तावित नियमों पर 21 दिनों के भीतर संबंधित पक्षों से टिप्पणियां आमंत्रित की हैं. नए नियमों से वाहन विनिर्माता अपनी कारों में ईंधन बचत को बढ़ाने, इलेक्ट्रिक एवं हाइब्रिड कारों को बढ़ावा देने और पर्यावरण को फायदा पहुंचाने के लिए जरूरी बदलाव कर सकेंगे.

अभी चल रहा बीएस 6 मानक
सरकार ने साल 2020 से वाहनों के इंजन से उत्‍सर्जन को कम करने के लिए बीएस-6 मानक लागू किए हैं. इसका मकसद वाहनों से प्रदूषण को कम करना है. वर्तमान में सभी वाहन विनिर्माता कंपनियां बीएस 6 मानक वाली गाडि़यां ही बनाती हैं. बीएस-6 के तहत पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों में उत्‍सर्जन को कम करने के लिए जरूरी बदलाव किए गए हैं. संभावना है कि आगे सरकार बीएस-7 मानक भी लागू करेगी.

वाहन के साथ ईंधन में भी बदलाव
सरकार की तैयारी वाहनों के इंजन में जरूरी बदलाव करने के साथ ही ईंधन को भी अपग्रेड करना है. इसके लिए पेट्रोल में एथनॉल मिलाया जा रहा है. फिलहाल सभी पेट्रोल पंप पर 10 फीसदी एथनॉल वाला पेट्रोल मिल रहा है, जिसे जल्‍द ही बढ़ाकर 20 फीसदी किए जाने की संभावना है. सरकार का मानना है कि इससे वाहनों की क्षमता में तो विस्‍तार होगा ही, साथ ही देश का अरबों डॉलर क्रूड आयात के रूप में भी बचाया जा सकेगा.

रूसी सेना में भर्ती किए गए 27 भारतीयों को छुड़ाने की अपील, यूक्रेन के खिलाफ भेजा था जंग में

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भारत ने रूस से 27 और भारतीय नागरिकों को सेवा मुक्त करने की अपील की है, जिन्हें हाल में रूसी सेना में भर्ती किया गया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि नई दिल्ली को पता चला है कि रूसी सेना में और भी भारतीय सेवा दे रहे हैं तथा उनके परिवारों से नई जानकारी मिल रही है.
जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, “हमारी जानकारी के अनुसार, 27 भारतीय नागरिक वर्तमान में रूसी सेना में सेवारत हैं. हम इस मामले में उनके परिवारों के साथ भी लगातार संपर्क में हैं.” उन्होंने कहा, “हम एक बार फिर सभी भारतीय नागरिकों से रूसी सेना में सेवा देने के लिए मिलने वाले प्रस्तावों से दूर रहने का आग्रह करते हैं क्योंकि ये खतरों और जोखिम से भरे हैं.”
जायसवाल ने कहा कि भारत ने रूसी अधिकारियों के समक्ष इस मामले को जोरदार तरीके से उठाया है. उन्होंने कहा, “हमने मॉस्को में रूसी अधिकारियों और नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास के समक्ष इस मामले को जोरदार तरीके से उठाया है और उन्हें (भारतीयों को) जल्द से जल्द सेवा मुक्त करने का अनुरोध किया है.” उन्होंने कहा, “हम उन्हें (वहां से) बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं.”

ऐसी खबरें आई हैं कि छात्र और बिजनेस वीजा पर आए कुछ भारतीयों को यूक्रेन में युद्ध के मोर्चे पर तैनात रूसी सैन्य इकाइयों में जबरन भर्ती किया गया है. भारत बार-बार रूस से अनुरोध करता रहा है कि वह रूसी सैन्य इकाइयों में रसोइया और हेल्पर जैसे सहायक कर्मियों के रूप में काम कर रहे सभी भारतीयों को सेवा मुक्त करे.

पिछले साल अपनी रूस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी यह मुद्दा उठाया था. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, रूसी सेना में भर्ती किये गए भारतीयों की संख्या अब 150 से अधिक है. यूक्रेन में संघर्ष के अग्रिम मोर्चे पर लड़ते हुए कम से कम 12 भारतीय मारे गए, जबकि 96 को रूसी अधिकारियों ने सेवा मुक्त कर दिया. अन्य 16 को लापता घोषित किया गया है.