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Tarot Readings: सावधान! अपनों से ही मिलेगा बड़ा ‘धोखा’, टैरो कार्ड्स ने मीन और धनु राशि को किया आगाह, जानें 30 मार्च 2026 का राशिफल…

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Tarot Card Reading 30 March 2026: टैरो कार्ड्स की रहस्यमयी दुनिया आज आपकी राशि के लिए करियर, धन और रिश्तों को लेकर क्या संकेत दे रही है? आइए जानते हैं 30 मार्च 2026 का विशेष टैरो राशिफल.

मेष टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मेष राशि के जातक आज खर्चों से संबंधित मुद्दों पर अपने घर परिवार के लोगों के साथ बातचीत कर सकते हैं. आपको शीत प्रकृति के रोग, ज्वर आदि से पीड़ित होंगे. खान पान की अनियमितता से बचना चाहिए.

वृषभ टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृषभ राशिवालों के लिए आज भाई बहन बंधु बांधव से संबंधित मामले कुछ कमजोर बने रहेंगे. आजीविका क्षेत्र में परिवर्तन का भी मन बनेगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन कष्टप्रद रहेगा.

मिथुन टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मिथुन राशि के लोगों को फिलहाल, धन संग्रह करने में कुछ बाधाएं आ सकती हैं. साथ ही आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है. मित्रों के सहयोग से समस्या का समाधान हो सकेगा.

कर्क टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, कर्क राशिवालों को फिलहाल, जल्दबाजी में कोई काम न करें. आज आप आप विपरीत लिंगी के प्रति आकर्षित हो सकते हैं. व्यापार में लाभकारी परिवर्तन हो सकते हैं.

सिंह टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि सिंह राशिवालों को इस समय कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है और कठिन परिश्रम के बाद व्यापार अच्छा चलेगा. जीवनसाथी के व्यवहार में अनुकूलता रहेगी.

कन्या टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स बता रहे हैं कि कन्या राशि के लोगों को आज धनार्जन के अवसरों में वृद्धि होगी. साथ ही साथ एक से अधिक प्रेम संबंध स्थापित हो सकते हैं. स्थायी संपत्ति की प्राप्ति के भी योग हैं.

तुला टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि तुला राशि के जो लोग विदेशी व्यापार में कार्यरत हैं या विदेशी स्रोतों के द्वारा कार्य कर रहे हैं उनके लिए समय बेहतर है, पूर्ण रूप से यह समय आप के लिए एक भाग्यशाली अवधि है.

वृश्चिक टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स के अनुसार, वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक मामलों में भाग्यशाली रहने वाला है. आज आप विभिन्न स्रोतों के माध्यम से पैसा कमा सकते हैं. यदि आपका धन कही अटक गया है कि आपको धन प्राप्त हो सकता है.

धनु टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि धनु राशि के जातकों को इस अवधि के दौरान दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मतभेद उत्पन्न हो सकते है. आपको सलाह है कि फिलहाल, बोलचाल में कटुता न आने दें.

मकर टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मकर राशिवालों को आज अपने प्रतिस्पर्धियों के साथ प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है. बुद्धि चातुर्य से अनेक कठिनाइयां दूर हो सकेंगी.

कुंभ टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कुंभ राशि के जातक आज अपने काम के स्थान पर आदर और सम्मान प्राप्त कर सकेंगे, कार्य व्यवसाय में आशातीत सफलता मिल सकेगी.

मीन टैरो राशिफल

टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मीन राशि के जातक किसी मुसीबत में फंस सकते हैं. आपको विश्वासघात करने के कारण सजा भी मिल सकती है, स्थायी संपत्ति क्रय करने में जल्दी न करें.

10 साल में असम आतंकवाद मुक्त बना, अब घुसपैठिया मुक्त बनाना है: अमित शाह…

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अमित शाह ने असम के सोनितपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आपको वोट सिर्फ विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं करना है, बल्कि आपको वोट घुसपैठिया मुक्त असम बनाने के लिए करना है.

उन्होंने कहा आपको वोट शांत और विकसित असम बनाने के लिए करना है. आपको बड़ी-बड़ी इंटस्ट्री से लैस असम के युवाओं को असम में ही रोजगार मिल पाए, इसके लिए वोट करना है. उन्होंने कहा कि एक ओर भाजपा है, जिसने 10 साल में असम को आतंकवाद मुक्त बना दिया. दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी है जिसके शासन में यहां गोलीबारी और बम धमाके होते थे, सैकड़ों युवा मौत के घाट उतार दिए जाते थे.

अमित शाह ने कहा कि आज मोदी जी के नेतृत्व में हमने कई सारे समझौते करके 10 हजार युवाओं को हथियार छुड़वाकर, असम में शांति की प्रस्थापना करने का काम भाजपा ने किया है. हम अभी तक असम से घुसपैठियों को हटाने में सफल नहीं हो पाए हैं. हालांकि, पिछले दस सालों में हम आगे की घुसपैठ को रोकने में कामयाब रहे हैं.

‘अवैध घुसपैठियों को हटाना भी है’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि लेकिन सिर्फ घुसपैठ को रोकना ही काफी नहीं है. उन्होंने कहा कि हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि जो लोग अवैध रूप से प्रवेश कर चुके हैं, उन्हें भी असम से हटाया जाए. उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिए हमारे युवाओं से रोजगार के अवसर छीन रहे हैं और उन संसाधनों का उपभोग कर रहे हैं, जिन पर सही हक असम के लोगों का है. उन्होंने कहा कि इस जमीन पर उनका कोई वैध दावा नहीं है. हमें तीसरे कार्यकाल के लिए समर्थन दें. अगले पांच सालों में हम अपने राज्य से हर घुसपैठिए की पहचान करने और उसे हटाने का संकल्प लेते हैं.

‘वो भूल गए यहां मोदी की सरकार है’

अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी देश की सुरक्षा को अपना मुद्दा नहीं माना. आए दिन पाकिस्तान के आतंकवादी यहां घुसते थे, बम धमाका करते थे और धड़ल्ले से चले जाते थे. हमारी सरकार आने के बाद पाकिस्तानी आतंकवादियों ने उरी, पुलवामा और पहलगाम में हमला किया, लेकिन वो ये भूल गए यहां अब कांग्रेस की नहीं, मोदी जी की सरकार है.

उन्होंने कहा कि उरी में हमला किया तो मोदी जी ने सर्जिकल स्ट्राइक करी, पुलवामा में हमला किया तो मोदी जी ने एयर स्ट्राइक करी, और जब पहलगाम में हमला किया तो ऑपरेशन सिंदूर करके आतंकवादियों को सफाया करने का काम किया.

“ईरान युद्ध के बीच भारत बढ़ाया मदद का हाथ, श्रीलंका को दिया 38000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम”

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अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की जंग और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से उत्पन्न ऊर्जा संकट के बीच भारत ने श्रीलंका को बड़ी राहत दी है. भारत ने आपातकालीन मदद के रूप में कुल 38,000 मीट्रिक टन पेट्रोलियम उत्पाद श्रीलंका को सप्लाई किए, जिसमें 20,000 मीट्रिक टन डीजल और 18,000 मीट्रिक टन पेट्रोल शामिल हैं.

श्रीलंका ने इस मदद के बाद खुले तौर पर भारत का आभार जताया. कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग के अनुसार, यह सप्लाई ऐसे समय में की गई जब ईरान युद्ध के कारण वैश्विक सप्लाई चेन बाधित हो चुकी थी और श्रीलंका को गंभीर ईंधन संकट का सामना करना पड़ रहा था. श्रीलंका के प्रमुख विपक्षी नेता सजिथ प्रेमदासा ने भी भारत का धन्यवाद करते हुए कहा कि असली रिश्तों की पहचान संकट के समय होती है, और भारत ने इस कठिन घड़ी में साथ देकर इसे साबित किया है.

चीन ने नहीं दी मदद

श्रीलंका ने जनवरी में चीन की सरकारी ऊर्जा कंपनी सिनोपेक के साथ हंबनटोटा बंदरगाह के पास 200,000 बैरल क्षमता वाली तेल रिफाइनरी बनाने के लिए 3.7 अरब डॉलर का समझौता किया था. लेकिन होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से उत्पन्न संकट के समय चीन ने अब तक कोई मदद नहीं दी. प्रेमदासा के इस बयान को चीन की परोक्ष आलोचना के रूप में देखा जा रहा है.

फोर्स मेज्योर और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई में बाधा

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कई अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स ने ‘फोर्स मेज्योर’ का हवाला देते हुए ईंधन की आपूर्ति करने से मना कर दिया. जहाजों की कमी और समुद्री रास्तों में बाधा के कारण श्रीलंका गंभीर संकट में फंस गया. ऐसे में भारत ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के जरिए तुरंत आपातकालीन सप्लाई उपलब्ध कराई.

इससे पहले 24 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार डिसानायके के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें पश्चिम एशिया के हालात, सप्लाई चेन में रुकावट और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा हुई. वहीं, 23 मार्च को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथ के बीच भी बातचीत हुई.

श्रीलंका में ईंधन संकट का असर

श्रीलंका में ईंधन संकट के चलते हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25% तक वृद्धि की गई. पेट्रोल की कीमत 398 रुपये प्रति लीटर और डीजल 382 रुपये प्रति लीटर कर दी गई. हालात इतने गंभीर हो गए कि सरकार ने चार दिन का वर्किंग वीक लागू किया और वर्क फ्रॉम होम को भी बढ़ावा दिया.

होर्मुज स्ट्रेट का महत्व

होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया के करीब 20% तेल की आपूर्ति होती है. इसके बंद होने से हालात और बिगड़ गए. श्रीलंका पूरी तरह आयातित तेल पर निर्भर है, ऐसे में भारत की यह मदद उसके लिए संजीवनी साबित हुई.

शेयर बाजार में रिकॉर्ड बिकवाली, विदेशियों ने एक महीने में बेचे 1.14 लाख करोड़ के शेयर…

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मार्च 2026 का महीना भारतीय शेयर बाजार के लिए एक गहरे झटके की तरह सामने आया है. दलाल स्ट्रीट पर विदेशी निवेशकों की ऐसी बेतहाशा बिकवाली पहले कभी नहीं देखी गई. आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने इस एक महीने में लगभग 1.14 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम बाजार से निकाल ली है. यह भारतीय इक्विटी बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा मासिक आउटफ्लो है.

आखिर टूट क्यों रहा है भरोसा?

भारतीय बाजार ने विदेशी निवेशकों का ऐसा ‘एग्जिट’ पहले कभी महसूस नहीं किया था. इससे पहले अक्टूबर 2024 में 94 हजार करोड़ रुपये की बिकवाली का रिकॉर्ड दर्ज था, लेकिन मार्च 2026 ने इस पुराने आंकड़े को बहुत पीछे छोड़ दिया है. नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़े बताते हैं कि इस साल अब तक कुल निकासी 1.27 लाख करोड़ रुपये के चिंताजनक स्तर तक पहुंच गई है. हैरानी की बात यह है कि ठीक एक महीने पहले, फरवरी में बाजार ने 22 हजार करोड़ रुपये का निवेश देखा था. फिर स्थिति एकदम उलट गई और महज 27 मार्च तक ही कैश मार्केट में विदेशी निवेशकों ने 1.13 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले.

पश्चिम एशिया से लेकर अमेरिका तक… कहां से आ रही है घबराहट?

इस अभूतपूर्व बिकवाली की जड़ें केवल भारत में नहीं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में फैली हैं. पश्चिम एशिया में गहराता भू-राजनीतिक तनाव इस घबराहट का एक सबसे बड़ा कारण है. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपया भारतीय अर्थव्यवस्था की मुश्किलें बढ़ा रहा है. विदेशी निवेशकों को डर है कि इन परिस्थितियों के कारण भारत की आर्थिक वृद्धि दर (ग्रोथ) और कंपनियों के मुनाफे पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे उन्होंने अत्यधिक सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है.

यह ट्रेंड केवल भारत तक सीमित नहीं है. ताइवान और दक्षिण कोरिया जैसे अन्य प्रमुख उभरते बाजारों से भी विदेशी निवेशक तेजी से अपना पैसा निकाल रहे हैं. दूसरी ओर, अमेरिका में बॉन्ड यील्ड लगातार बढ़ रही है और ग्लोबल मार्केट में लिक्विडिटी कम हो रही है. जब सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी बॉन्ड में अच्छा रिटर्न मिलने लगता है, तो निवेशक इक्विटी जैसे जोखिम भरे बाजारों से मुंह मोड़कर सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करने लगते हैं.

निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?

जब विदेशी निवेशक इस पैमाने पर शेयर बेचते हैं, तो बाजार में भारी दबाव और गिरावट का अंदेशा बढ़ जाता है. आम निवेशक, जो अपनी गाढ़ी कमाई प्रत्यक्ष तौर पर या म्यूचुअल फंड के जरिए लगाते हैं, उनके लिए यह समय बेचैनी भरा हो सकता है. यह सच है कि हालिया गिरावट के बाद कुछ शेयरों के वैल्यूएशन में थोड़ी नरमी आई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय बाजार के कई हिस्से अभी भी महंगे हैं. अगर वैश्विक अस्थिरता और तनाव के हालात जल्द नहीं सुधरते हैं, तो शेयर बाजार में यह उतार-चढ़ाव आगे भी बना रह सकता है. यह इतनी बड़ी बिकवाली बाजार के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है. ऐसे माहौल में निवेशकों के लिए यह बेहद जरूरी है कि वे बाजार की इस चाल को समझें और घबराहट में आने के बजाय अत्यधिक सतर्क रहकर सोच-समझकर अपने निवेश के फैसले लें.

देश की सबसे सस्ती डीजल ऑटोमैटिक SUV कौन-सी हैं? खरीदने से पहले यहां जानिए डिटेल्स…

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आज के समय में ऑटोमैटिक कारें लोगों में काफी पॉपुलर हो रही हैं. इसके पीछे वजह यह है कि इन्हें ट्रैफिक में ड्राइव करना आसान होता है. वहीं डीजल ऑटोमैटिक SUV उन लोगों के लिए बेहतर होती हैं जो लंबी ड्राइव और कम फ्यूल खर्च चाहते हैं.

अगर आप डीजल ऑटोमैटिक कार खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए जानना जरूरी है कि 15 लाख रुपये के बजट में आपको कौन-सी गाड़ियां मिल जाएंगी?

Kia Sonet इस लिस्ट में पहला नाम Kia Sonet का है, जो कि एक पॉपुलर सब-4 मीटर SUV है. इसमें 1.5-लीटर डीजल इंजन मिलता है और यह 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स के साथ आती है. गाड़ी में बड़ा टचस्क्रीन, आरामदायक सीटें और स्मार्ट फीचर्स मिलते हैं. इस गाड़ी की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 9.78 लाख रुपये एक्स-शोरूम है.

दूसरी डीजल ऑटोमैटिक कार Hyundai Venue है. यह गाड़ी 1.5-लीटर डीजल और ऑटोमैटिक वर्जन के साथ आती है. Venue को मॉडर्न डिजाइन, बेहतर इंटीरियर और शानदार फीचर्स जैसे बड़ी स्क्रीन, ADAS और अच्छी सेफ्टी के साथ पेश किया गया है. गाड़ी की कीमत 11.81 लाख से शुरू होती है.

Tata Nexon आपके लिए तीसरा ऑप्शन Tata Nexon है. यह भारत में सबसे पसंद की जाने वाली SUV है. डीज़ल + AMT ऑप्शन के साथ Nexon में मजबूत बॉडी, बड़ा केबिन, 360° कैमरा और सेफ ड्राइविंग जैसे फीचर्स मिलते हैं. इस गाड़ी की कीमत 10.54 लाख रुपये से शुरू होती है.

आपके लिए Mahindra XUV 3XO भी एक अच्छा ऑप्शन है. इसमें पावरफुल 1.5-लीटर डीज़ल इंजन और AMT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स मिलता है, और यह SUV बड़े केबिन और फीचर्स के लिए जानी जाती है. इसकी कीमत 10.85 लाख रुपये से शुरू होती है.

Kia Seltos इसके अलावा अगर आप थोड़ा प्रीमियम फील चाहते हैं तो Kia Seltos भी आपके लिए अच्छा ऑप्शन है. इसमें भी डीजल + ऑटोमैटिक ऑप्शन है और यह दिखने में स्टाइलिश और प्रीमियम फीचर्स के साथ आती है.

Kamada Ekadashi Vrat Paran 2026: एकादशी या द्वादशी कब करें कामदा एकादशी व्रत पारण, जानें सही तिथि, विधि और समय…

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Kamada Ekadashi Vrat Paran Date 2026: पारण का अर्थ होता है व्रत खोलना. पारण किसी भी पूजा-अनुष्ठान की सबसे महत्वपूर्ण विधि होती है, जिसके बिना व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता. इसलिए किसी भी व्रत में पारण करना बेहद जरूरी माना जाता है.

लेकिन इसी के साथ जरूरी होता है कि, पारण सही दिन, सही विधि और सही मुहूर्त में किसा जाए, तभी व्रत और पूजा का फल प्राप्त होता है.

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत अधिक महत्व बताया गया है. हर महीने शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की एकादशी यानी 11वीं तिथि को एकादशी व्रत रखा जाता है. रविवार, 29 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि है, जिसे कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, कामदा एकादशी का व्रत रखने से पापकर्मों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

कामदा एकादशी व्रत पारण 2026 कब (Kamada Ekadashi Vrat Paran 2026 Kab)

कामदा एकादशी के दिन शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत नियमों का पालन किया जाता है. लेकिन सबसे जरूरी चरण यह होता है कि, एकादशी व्रत का पारण कब और कैसे किया जाए. कई लोग एकादशी व्रत के दिन फलाहार ग्रहण करते हैं, तो वहीं कुछ निर्जला व्रत रखकर अगले दिन पारण करते हैं.

एकादशी का व्रत आपने फलाहार रखा हो या निर्जला, यह जरूरी है कि अगले दिन या द्वादशी तिथि में एकादशी व्रत का पारण किया जाए. इसलिए कामदा एकादशी का व्रत रखने वाले जातक सोमवार 30 मार्च को व्रत का पारण जरूर करें. आइए जानते है कामदा एकादशी व्रत के पारण की जानकारी.

कामदा एकादशी व्रत पारण का समय

एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही करना चाहिए. कामदा एकादशी व्रत का पारण 30 मार्च को सुबह 06 बजकर 14 मिनट से 07 बजकर 09 मिनट तक कर सकते हैं. इस समय के भीतर आप व्रत का पारण कर लें. यदि किसी कारण इस समय में पारण न कर पाएं तो मध्याह्न (दोपहर) में, जब तक द्वादशी तिथि और हरिवासर (द्वादशी की शुरुआत का समय) न हो, तब पारण कर सकते हैं. हालांकि सुबह के समय में पारण करना सबसे शुभ माना जाता है.

कामदा एकादशी व्रत पारण का विधि और नियम

कामदा एकादशी पारण के लिए समय के साथ ही विधि और नियमों का भी पालन करें, क्योंकि एक गलती से व्रत और पूजा का फल निष्फल भी हो सकता है. इसलिए स्टेप-बाय-स्टेप जान लें कामदा पारण की विधि और नियम.

कामदा एकादशी के पारण के लिए अगले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहन लें. सबसे पहले सूर्य देव को जल से अर्घ्य दे.

पारण से पहले भगवान विष्णु की पूजा कर उन्हें पंचामृत का भोग लगाएं और तुलसी अर्पित करें.

पारण करने से पहले ब्राह्मण और जरूरतमंदों में दान-दक्षिणा करें. इसके बाद तुलसी का पत्ता मुंह में रखकर व्रत का पारण करें.

पारण के दिन भी सात्विक भोजन ही ग्रहण करें. एकादशी पारण के दिन चावल खाना शुभ माना जाता है.

35 हजार रुपये सस्ता खरीद सकते हैं Samsung का ये प्रीमियम फोन! यहां मिल रही जबरदस्त डील, ऐसे उठाएं फायदा…

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Samsung Galaxy S25 Ultra 5G: अगर आप नया प्रीमियम स्मार्टफोन लेने की सोच रहे हैं या Samsung Galaxy S25 Ultra 5G के सस्ता होने का इंतजार कर रहे थे तो आपके लिए शानदार मौका है. यह सैमसंग का टॉप-एंड डिवाइस अब भारी डिस्काउंट के साथ उपलब्ध है जिससे इसे खरीदना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है.

कैसे मिल रहा है 35,000 रुपये तक का फायदा?

Flipkart पर इस स्मार्टफोन के 12GB RAM और 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत अब 1,29,999 से घटकर करीब 1,09,886 रुपये हो गई है. यानी सीधा लगभग 15% की कटौती. इतना ही नहीं, अगर आप Flipkart Axis बैंक क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करते हैं तो आपको अतिरिक्त 4,000 रुपये की छूट भी मिल सकती है. सबसे बड़ा फायदा एक्सचेंज ऑफर में है.

आप अपने पुराने फोन को बदलकर 47,000 रुपये से ज्यादा तक का बोनस पा सकते हैं (यह आपके पुराने डिवाइस की कंडीशन और उपलब्धता पर निर्भर करेगा). अगर आपका पुराना फोन करीब 25,000 रुपये का एक्सचेंज वैल्यू देता है तो यह फ्लैगशिप फोन आपको 80,000 रुपये से भी कम कीमत में मिल सकता है.

दमदार परफॉर्मेंस और डिस्प्ले

Samsung Galaxy S25 Ultra 5G में लेटेस्ट Qualcomm Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर दिया गया है जो हाई-एंड गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए बनाया गया है. इसके साथ Adreno 830 GPU ग्राफिक्स को और भी स्मूथ बनाता है. फोन में 6.9 इंच का बड़ा Dynamic LTPO AMOLED 2X डिस्प्ले मिलता है जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 2600 निट्स की पीक ब्राइटनेस के साथ आता है. यानी धूप में भी स्क्रीन साफ नजर आती है.

कैमरा जो DSLR को दे टक्कर

इस स्मार्टफोन का कैमरा सेटअप इसकी सबसे बड़ी ताकत है. इसमें चार रियर कैमरे दिए गए हैं 200MP का मेन कैमरा, 50MP अल्ट्रा-वाइड लेंस, 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो, 10MP टेलीफोटो सेंसर और सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इसमें 12MP का फ्रंट कैमरा मिलता है जो शानदार डिटेल कैप्चर करता है. फोन में 5,000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है जो पूरे दिन आराम से चल जाती है. साथ ही 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है जिससे फोन जल्दी चार्ज हो जाता है.

iPhone Air पर भी मिल रहा धांसू ऑफर

ई-कॉमर्स साइट Flipkart पर Apple के सबसे स्लिम फोन iPhone Air पर भी शानदार डिस्काउंट ऑफर दिया जा रहा है. दरअसल, इस फोन के 256GB वेरिएंट की असल कीमत 1,19,900 रुपये है लेकिन डिस्काउंट के बाद ये महज 99,900 रुपये में लिस्टेड है. इसके अलावा इस फोन को आप महज 8322 रुपये की EMI पर भी खरीद सकते हैं. वहीं, अगर आपके पास फ्लिपकॉर्ट एक्सिसल बैंक का क्रेडिट कार्ड है तो आपको 4000 रुपये की एक्सट्रा छूट भी मिलेगी. फोन में आपको कई सारे शानदार फीचर्स भी देखने को मिल जाते हैं.

LPG Shortage in CG: गैस रिफिल कराने अचानक जागे छत्तीसगढ़ के लोग! एक ही दिन में दोगुनी हुई सिलेंडर बुकिंग…

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पश्चिम एशिया संकट के चलते पूरे देश में एलपीजी की किल्लत शुरू हो गई है। छत्तीसगढ़ में भी जगह-जगह से घरेलू गैस सिलेंडर की कमी की तस्वीर सामने आ रही है। लोग परेशान हो रहे हैं और इस पर सियासत भी खूब हो रही है, लेकिन क्राइसिस में लोग अब धड़ल्ले से एलपीजी बुकिंग करा रहे हैं। इसके साथ ही कालबाजारी करने वाले लोग भी सक्रिय हो गए हैं।

दरअसल, छत्तीसगढ़ ऑयल कंपनियों की रिपोर्ट बताती है कि छत्तीसगढ़ में घरेलू गैस उपभोक्ताओं की संख्या 66.62 लाख हैं। इनमें से सिर्फ 10 प्रतिशत उपभोक्ता यानी 6.86 लाख उपभोक्ता ही हर महीने एलपीजी सिलेंडर बुक कराते थे। 24.98 लाख यानी 38% उपभोक्ता ऐसे थे जो 1 से 3 महीने में एक सिलेंडर की बुकिंग कराते थे। 19.54 लाख यानी 29% उपभोक्ताओं ने पिछले एक साल कभी भी एक भी सिलेंडर की बुकिंग नहीं कराई। इसी 66.62 लाख उपभोक्ताओं में से 15.22 लाख यानी 23 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे थे जो 6 महीने में एक सिलेंडर बुक कराते थे। इसी आधार पर पश्चिम एशिया युद्ध शुरू होने से पहले छत्तीसगढ़ में हर दिन सिर्फ 74 हजार गैस सिलेंडर की बुकिंग होती थी, लेकिन जैसे ही युद्ध का संकट शुरू हुआ, एक दिन में गैस सिलेंडर की बुकिंग का आंकड़ा 1.42 लाख सिलेंडर की बुकिंग तक चली गई।

जानिए राजधानी रायपुर का हाल

राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां हर दिन साढ़े 4 हजार से लेकर 5 हजार गैस सिलेंडर की ही बुकिंग होती थी। युद्ध संकट शुरू हुआ तो एक दिन में बुकिंग का आंकड़ा 16 हजार तक चला गया। आंकड़े साफ साफ बता रहे हैं कि जो लोग कभी सिलेंडर बुक नहीं कराते थे, वहीं लोग अब धड़ल्ले से एलपीजी बुकिंग करा रहे हैं।

कौन है इसके पीछे?

छत्तीसगढ़ 38 लाख यानी एलपीजी उपभोक्ताओं में से आधे से अधिक उपभोक्ता उज्जवला गैस कनेक्शन वाले हैं। इनमें से अधिकांश लोग साल भर में दो चार सिलेंडर ही रिफिल कराते हैं, लेकिन क्राइसिस के दौर में इस कैटेगरी की बुकिंग में अचानक उछाल आया है। माना जा रहा है कि जब होटल, रेस्टॉरेंट, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कॉमर्शियल गैस सप्लाई की आपूर्ति 20 प्रतिशत तक सीमित की गई, तब दूसरे तरीके से रास्ता निकाला गया और समान्य दिनों में जो लोग घरेलू गैस सिलेंडर नहीं लेते थे, उनकी बुकिंग कराकर इस जरूरत को पूरा किया गया। क्राइसिस दौर में जमाखोरी भी बढ़ी और उसके लिए भी इसी कैटेगरी से गैस सिलेंडर को हासिल किया गया।

CG: जमाखोरी के खिलाफ अभियान में 3,841 एलपीजी सिलेंडर जब्त, 97 मामले दर्ज…

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छत्तीसगढ़ में अधिकारियों ने रसोई गैस की जमाखोरी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पिछले दो सप्ताह से अधिक समय के दौरान 3,841 एलपीजी सिलेंडरों को जब्त किया तथा इस संबंध में 97 मामले दर्ज किए। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे रसोई गैस और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण व वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी सुनिश्चित करें तथा जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

अधिकारियों के मुताबिक साय ने पश्चिम एशिया में मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

उन्होंने बताया कि बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी सिलेंडर, उर्वरकों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

साय ने ‘एक्स’ पर कहा, “पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के मद्देनजर आज (शनिवार को) निवास कार्यालय में प्रदेश के उच्च अधिकारियों, आयुक्त, आईजी एवं जिलाधिकारियों के साथ पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता व आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा बैठक की।”

उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ में आवश्यक वस्तुओं, पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। आपूर्ति पूरी तरह सुचारू एवं सामान्य है और इसमें किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।”

साय ने कहा, “ अधिकारियों को रसोई गैस व पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण एवं आपूर्ति की सतत निगरानी और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।”

उन्होंने कहा, “ राज्य के प्रत्येक नागरिक तक समय पर सेवाएं पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेशवासियों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।”

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कहा, ”हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि और संवेदनशील नेतृत्व के कारण कोविड-19 महामारी जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी देश एकजुट रहा और सफलतापूर्वक उसका सामना किया। मौजूदा समय में कोविड-19 महामारी जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूर है। राज्य में पेट्रोलियम पदार्थों, गैस सिलेंडरों और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, इसलिए नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।”

साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट पर सभी राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है और यह आश्वस्त किया गया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। राज्य स्तर पर नियंत्रण केंद्र की स्थापना की गई है तथा उच्चस्तरीय समिति द्वारा स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में भी नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए तथा प्रभारी सचिव और जिलाधिकारी नियमित रूप से इसकी समीक्षा करें। अफवाहों और भ्रामक खबरों से बचने के लिए आमजन तक समय पर तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिया कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के भंडारण और आपूर्ति की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए हर परिस्थिति में आमजन तक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राज्य में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है तथा आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित है।

अधिकारियों ने बताया कि उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए 45 दिन तथा सामान्य गैस कनेक्शन के लिए 25 दिन की समय सीमा निर्धारित है और वर्तमान में उसी अंतराल के अनुसार बुकिंग की जा रही है। पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन में भी किसी प्रकार की बाधा नहीं है और पूरे प्रदेश में स्थिति सामान्य है।

CG: सीएम साय ने 79 हजार से अधिक श्रमिकों को एक क्लिक में ट्रांसफर किए 27 करोड़, पेट्रोल-डीजल की किल्लत पर दिया ये बड़ा बयान…

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  • 79,340 निर्माण श्रमिकों और उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपए DBT से ट्रांसफर।
  • मुख्यमंत्री ने पेट्रोल, डीज़ल और LPG को लेकर अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की।
  • श्रमिकों के लिए 12 योजनाओं का लाभ और कई आर्थिक सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई।

जशपुर में आयोजित श्रमिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 79 हजार से ज्यादा निर्माण श्रमिकों के खातों में 27.15 करोड़ रुपए की राशि सीधे ट्रांसफर की। इस दौरान उन्होंने ईंधन आपूर्ति को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर भी बड़ा बयान दिया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 79,340 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपए की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर है, लेकिन केंद्र सरकार की प्रभावी विदेश नीति और विभिन्न देशों के साथ मजबूत संबंधों के कारण आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम का वातावरण बन रहा है।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल, डीज़ल या गैस का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे पहले ईंधन की उपलब्धता बनी रही है, वैसे ही आगे भी निर्बाध रूप से मिलती रहेगी।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित 12 विभिन्न योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20,000 रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा मकान निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा खरीदने में भी सहायता दी जा रही है, जिसे पहले 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। यदि किसी श्रमिक का बच्चा 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करता है, तो उसे 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

CM Vishnu Deo Sai Jashpur, इसके साथ ही मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पहले 100 बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 200 सीट कर दिया गया है।मुख्यमंत्री साय ने बताया कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए “दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” संचालित की जा रही है, जिसके तहत ऐसे मजदूरों को सालाना 10,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में लाखों भूमिहीन मजदूरों के खातों में लगभग 495 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि जनधन खातों के माध्यम से अब योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रहा है।उन्होंने कहा कि पहले भेजी गई राशि का बड़ा हिस्सा बीच में ही खत्म हो जाता था, लेकिन अब पूरी राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रोविडेंट फंड (PF) प्रणाली को यूनिवर्सल बनाया गया है, जिससे श्रमिक देश के किसी भी हिस्से में काम करने पर अपना पीएफ लाभ जारी रख सकते हैं। PF NEWS इसके अलावा न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर 1000 रुपए किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को बेहतर और निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन के अंत में श्रमिकों को प्रदेश के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके परिश्रम और योगदान से ही राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी श्रमिकों का सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

प्रदेशभर में आयोजित हो रहे श्रमिक सम्मेलन—श्रम मंत्री

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि श्रमिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 20,000 रुपए, मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही 10वीं और 12वीं में टॉप-10 में आने वाले श्रमिकों के बच्चों को 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले सवा दो वर्षों में 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे ट्रांसफर की गई है।

इसके अलावा “अटल शिक्षा योजना” के तहत श्रमिकों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि श्रमिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने भी राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए श्रमिकों से इनका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

इस अवसर पर श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यशप्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर गंगाराम भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रमिक बंधु एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।