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Kamada Ekadashi Vrat Paran 2026: एकादशी या द्वादशी कब करें कामदा एकादशी व्रत पारण, जानें सही तिथि, विधि और समय…

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Kamada Ekadashi Vrat Paran Date 2026: पारण का अर्थ होता है व्रत खोलना. पारण किसी भी पूजा-अनुष्ठान की सबसे महत्वपूर्ण विधि होती है, जिसके बिना व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता. इसलिए किसी भी व्रत में पारण करना बेहद जरूरी माना जाता है.

लेकिन इसी के साथ जरूरी होता है कि, पारण सही दिन, सही विधि और सही मुहूर्त में किसा जाए, तभी व्रत और पूजा का फल प्राप्त होता है.

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का बहुत अधिक महत्व बताया गया है. हर महीने शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की एकादशी यानी 11वीं तिथि को एकादशी व्रत रखा जाता है. रविवार, 29 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि है, जिसे कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, कामदा एकादशी का व्रत रखने से पापकर्मों से मुक्ति मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

कामदा एकादशी व्रत पारण 2026 कब (Kamada Ekadashi Vrat Paran 2026 Kab)

कामदा एकादशी के दिन शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु की पूजा की जाती है और व्रत नियमों का पालन किया जाता है. लेकिन सबसे जरूरी चरण यह होता है कि, एकादशी व्रत का पारण कब और कैसे किया जाए. कई लोग एकादशी व्रत के दिन फलाहार ग्रहण करते हैं, तो वहीं कुछ निर्जला व्रत रखकर अगले दिन पारण करते हैं.

एकादशी का व्रत आपने फलाहार रखा हो या निर्जला, यह जरूरी है कि अगले दिन या द्वादशी तिथि में एकादशी व्रत का पारण किया जाए. इसलिए कामदा एकादशी का व्रत रखने वाले जातक सोमवार 30 मार्च को व्रत का पारण जरूर करें. आइए जानते है कामदा एकादशी व्रत के पारण की जानकारी.

कामदा एकादशी व्रत पारण का समय

एकादशी व्रत का पारण सूर्योदय के बाद ही करना चाहिए. कामदा एकादशी व्रत का पारण 30 मार्च को सुबह 06 बजकर 14 मिनट से 07 बजकर 09 मिनट तक कर सकते हैं. इस समय के भीतर आप व्रत का पारण कर लें. यदि किसी कारण इस समय में पारण न कर पाएं तो मध्याह्न (दोपहर) में, जब तक द्वादशी तिथि और हरिवासर (द्वादशी की शुरुआत का समय) न हो, तब पारण कर सकते हैं. हालांकि सुबह के समय में पारण करना सबसे शुभ माना जाता है.

कामदा एकादशी व्रत पारण का विधि और नियम

कामदा एकादशी पारण के लिए समय के साथ ही विधि और नियमों का भी पालन करें, क्योंकि एक गलती से व्रत और पूजा का फल निष्फल भी हो सकता है. इसलिए स्टेप-बाय-स्टेप जान लें कामदा पारण की विधि और नियम.

कामदा एकादशी के पारण के लिए अगले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहन लें. सबसे पहले सूर्य देव को जल से अर्घ्य दे.

पारण से पहले भगवान विष्णु की पूजा कर उन्हें पंचामृत का भोग लगाएं और तुलसी अर्पित करें.

पारण करने से पहले ब्राह्मण और जरूरतमंदों में दान-दक्षिणा करें. इसके बाद तुलसी का पत्ता मुंह में रखकर व्रत का पारण करें.

पारण के दिन भी सात्विक भोजन ही ग्रहण करें. एकादशी पारण के दिन चावल खाना शुभ माना जाता है.