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CG: पांच शक्तिपीठों के कॉरिडोर के लिए राज्य सरकार ने सुरक्षा और सुविधाओं की तैयारी…

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छत्तीसगढ़ सरकार ने पांच शक्तिपीठों के कॉरिडोर का विकास शुरू किया। नवरात्रि 2025 से पहले मां दंतेश्वरी और मां महामाया शक्तिपीठ में सौंदर्यीकरण, सुरक्षा और सुविधाओं की तैयारी।

छत्तीसगढ़ की पांच शक्तिपीठों के कॉरिडोर के लिए राज्य सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने की कवायद शुरू कर दी है। राज्य सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने काम करना भी शुरू कर दिया है।

जिला प्रशासन को इसके लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है, जिसमें शक्तिपीठों को पर्यटन क्षेत्र में विकसित करने के साथ ही जमीनों के चिन्हांकन के साथ अन्य सुविधाएं शामिल हैं। मंडल ने इस प्रोजेक्ट के लिए कंसलटेंसी की नियुक्ति की है। दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर व रतनपुर स्थित मां महामाया शक्तिपीठ में डेवलपमेंट का प्रस्ताव जिला प्रशासन से पर्यटन मंडल को प्राप्त हो चुका है।

शक्तिपीठों में यह सुविधाएं; नीलू शर्मा, चेयरमैन, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल: सौंदर्यीकरण, गार्डन, ठहने की व्यवस्था, लाइटिंग, हवन-पूजन स्थल, रेलिंग, पानी, सामुदायिक शौचालय, बैठने की व्यवस्था, रोप-वे, पर्यटन मंडल का केंद्र, सीसीटीवी कैमरा, सुरक्षा व्यवस्था और होम स्टे आदि। छत्तीसगढ़ की पांच शक्तिपीठों की परियोजना के लिए जिला प्रशासन से प्रस्ताव मंगाया जा रहा है। यह राज्य सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना है। श्रीराम वन गमन प्रोजेक्ट में अधूरे कार्य पूरे होंगे।

प्रोजेक्ट पर रोक हटेगी; श्रीराम वन गमन प्रोजेक्ट में अघोषित रोक हटाई जाएगी। आस्था के इस महत्वपूर्ण विषय पर राज्य सरकार इस पर काम शुरू कर सकती है। सरकार बदलने के बाद श्रीराम वन गमन प्रोजेक्ट में इस समय कार्य बंद हैं। पिछली सरकार ने प्रोजेक्ट के अंतर्गत 75 स्थानों को विकसित करने का निर्णय लिया था, जिसके एवज में निर्माण एजेंसियों को 82 करोड़ रुपके के करीब भुगतान हो चुका है। सत्ता के गलियारों में प्रोजेक्ट के नाम पर संशोधन आदि विषय पर भी चर्चा गर्म है।

मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़

1600 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर छत्तीसगढ़ ही नहीं देश-विदेशों में भक्तों के लिए आस्था का केंद्र हैं। मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास 2500 वर्ष से भी प्राचीन बताया जाता है। केंद्र सरकार ने यहां प्रसाद योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर की परियोजना की घोषणा की है।

मां महामाया मंदिर रतनपुर

बिलासपुर-कोरबा मार्ग पर महामाया देवी का यह मंदिर 1050 ईसवी में बनना बताया जाता है। राजा रत्नदेव प्रथम द्वारा स्थापित मंदिर क्षेत्र को कलचुरियों की राजधानी माना जाता है।

मां दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा

दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर आदिवासियों के साथ आम लोगों के लिए आस्था का प्रतीक है। 14वीं शताब्दी का यह मंदिर द्रविड़ शैली में निर्मित है जो कि डंकिनी, शंखिनी नदियों के संगम तट पर स्थित है।

मां बागेश्वरी कुदरगढ़ धाम

सूरजपुर जिले के ओडगी विकासखंड स्थित बागेश्वरी माता को राक्षसों के संहार के लिए जाना जाता है। 1500 फीट ऊंचे पहाड़ों पर स्थित यह मंदिर चारों ओर घने जंगलों से घिरा है।

मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर

जांजगीर-चांपा के सक्ती जिला स्थित मां चंद्रहासिनी मंदिर का इतिहास काफी प्राचीन है। यह चंद्रपुर की पहाड़ी पर स्थित हैं। मंदिर की सुंदर कलाकृति प्राचीनता का अनुभव कराती है। लोगों की माता को लेकर बड़ी आस्था है।

 

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री चौधरी ने कहा- बीजेपी की नीति स्पष्ट है कि तुष्टिकरण किसी का नहीं, न्याय सभी को…

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छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि अंग्रेजों के कौन कितना करीब था, किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी, और राजे-रजवाड़े किस प्रकार का जीवन व्यतित करते थे, यह पूरा देश जानता है। भारतीय जनता पार्टी की नीति बिल्कुल स्पष्ट है कि तुष्टिकरण किसी का नहीं, न्याय सभी को। कैबिनेट मिनिस्टर ओपी ने कहा कि कांग्रेस की हमेशा से तुष्टिकरण की नीति रही है, और यही वजह है कि आज देश की जनता कांग्रेस को नकार चुकी है।

”उद्योग और व्यापार जगत को बड़ी राहत, किसानों को होगा सीधा फायदा”

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छत्तीसगढ़ में 22 सितंबर से लागू हो रहे जीएसटी 2.0 को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इसका सीधा असर आम लोगों, उद्योगों और किसानों पर दिखाई देगा।

इस सुधार से उद्योग और व्यापार जगत को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, कृषि उपकरण और कीटनाशकों की कीमतें कम होंगी, जिससे किसानों की लागत घटेगी और उन्हें सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब जीएसटी के स्लैब घटकर केवल दो रह गए हैं – 5% और 18%। पहले 28% वाला स्लैब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है और इसे घटाकर 18% कर दिया गया है। इस तरह कुल 10 प्रतिशत की कटौती हुई है।

उन्होंने कहा कि इस सुधार से उद्योग और व्यापार जगत को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, कृषि उपकरण और कीटनाशकों की कीमतें कम होंगी, जिससे किसानों की लागत घटेगी और उन्हें सीधा लाभ मिलेगा।

 

NSUI: युवा कांग्रेस में अच्छा काम करने वालों को मूल कांग्रेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी ।

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प्रदेश हाई कमान ने निर्णय लिया है कि NSUI में अच्छा काम करने वाले पदाधिकारियों को युवक कांग्रेस में और युवा कांग्रेस में अच्छा काम करने वालों को मूल कांग्रेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी ।

युवक कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी की पिछले दिनों हुई महत्वपूर्ण रिव्यू मीटिंग में नहीं आने वाले 100 से अधिक जिला अध्यक्षों और प्रभारियों व अन्य पदाधिकारियों को युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने नोटिस दिया है। इस बैठक में युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और प्रभारियों के कामकाज की समीक्षा की गई थी।

इसके आधार पर आने वाले दिनों में अच्छा काम करने वाले युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों को प्रमोशन दिया जाना है। वहीं अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से पालन नहीं करने वाले पदाधिकारियों की छुट्टी की जाएगी। इस बैठक में अच्छा काम करने वाले NSUI के पदाधिकारियों के काम भी चर्चा हुई ।

हम आपको बता दें कि प्रदेश हाई कमान ने निर्णय लिया है कि NSUI में अच्छा काम करने वाले पदाधिकारियों को युवक कांग्रेस में और युवा कांग्रेस में अच्छा काम करने वालों को मूल कांग्रेस में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी ।

युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने बताया कि युवा कांग्रेस की नई टीम दशहरा के पहले तैयार हो जाएगी । नई टीम सबसे पहले महंगी बिजली और रोजगार के मुद्दे पर प्रदेश भर में साय सरकार के खिलाफ मुहिम चलाएगी धरना, प्रदर्शन, आंदोलन करेगी । इसके अलावा पंचायत स्तर के कांग्रेस मेंटेलिटी के जनप्रतिनिधियों को पार्टी से जोड़ने का अभियान चलाया जाएगा ।

इस पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस की सभी बॉडी में अंतरकलह चल रही है । युवा कांग्रेस के नेता भी अलग-अलग नेताओं के गुट में बंटे हुए । कोई किसी की नहीं सुन रहा है । ऐसे में यह पहले अपने आप को संभाल रहे फिर नए लोगों को जोड़ें ।

 

”कोयला लेवी और शराब ‘घोटाले’ में दो कारोबारियों के परिसरों पर छापेमारी”

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छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ईओडब्ल्यू/एसीबी) ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित कोयला लेवी और शराब घोटालों के सिलसिले में कई जगहों पर रविवार को छापेमारी की। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि शराब ‘घोटाले’ की जांच के तहत छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में व्यवसायी अवधेश यादव और उसके सहयोगियों से कथित तौर पर जुड़े सात ठिकानों पर तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि इन सात ठिकानों में छत्तीसगढ़ में तीन और बिहार तथा झारखंड में दो-दो ठिकाने शामिल हैं।

अधिकारी ने कहा, “छापेमारी के दौरान मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संपत्ति के दस्तावेज और नकदी जब्त की गई। इनका विश्लेषण किया जा रहा है। संदिग्धों/आरोपियों से पूछताछ जारी है।”

उन्होंने बताया कि कथित कोयला लेवी घोटाले में रायपुर और जांजगीर-चांपा जिले में जयचंद कोशेले के आवासों पर छापेमारी की गई।

अधिकारी के मुताबिक, कोशेले मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया का कथित तौर पर एक प्रमुख सहयोगी है, जिस पर लेवी के माध्यम से अवैध रूप से एकत्र किए गए लगभग 50 करोड़ रुपये के वितरण का आरोप है।

उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आदि मिले।

जनवरी 2024 में छत्तीसगढ़ ईओडब्ल्यू/एसीबी ने कथित कोयला लेवी और शराब घोटालों से जुड़े धन शोधन मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की शिकायत के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की थीं।

यह कदम 2023 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्तारूढ़ कांग्रेस को हराने के एक महीने बाद उठाया गया था।

कोयला लेवी ‘घोटाले’ की प्राथमिकी में नामजद 35 आरोपियों में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक यूडी मिंज, गुलाब कामरो, चंद्रदेव प्रसाद राय, शिशुपाल सोरी और बिरहस्पत सिंह, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी समीर बिश्नोई और रानू साहू के साथ-साथ सीएमओ में तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया शामिल हैं।

प्राथमिकी के अनुसार, वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, नेताओं और बिचौलियों से जुड़े एक गिरोह ने कोयले पर 25 रुपये प्रति टन की दर से जबरन वसूली की। प्राथमिकी में कहा गया है कि इस गिरोह ने जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच 540 करोड़ रुपये की वसूली की।

ईडी ने मामले के धन शोधन पहलू की जांच के दौरान 11 लोगों को गिरफ्तार किया और 220 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अस्थायी रूप से कुर्क की।

ईडी के मुताबिक, कथित शराब घोटाले से सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। निदेशालय ने कहा कि इससे 2,161 करोड़ रुपये की आपराधिक आय अर्जित की गई।

शराब ‘घोटाले’ की प्राथमिकी में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड समेत 70 व्यक्तियों व कंपनियों को नामजद किया गया है।

ईओडब्ल्यू/एसीबी ने अब तक मामले में एक आरोपपत्र और चार पूरक आरोपपत्र दायर किए हैं तथा एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।

ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा, व्यवसायी अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और अन्य को गिरफ्तार किया है।

 

”EOW Raids : राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने तीन राज्यो में करीब 07 ठिकानों पर तलाशी कार्यवाही”

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बताया जा रहा है कि अवधेश यादव, कवासी लखमा का खास आदमी बताया जा रहा है और कवासी के बेटे हरीश लखमा के इशारे पर पूरे बस्तर संभाग में सरकारी शराब दुकानों से पूर्ववर्ती सरकार के समय शराब सिंडिकेट की शराब की अफरातफरी करने का आरोप है।

शराब घोटाले मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने तीन राज्यो में करीब 07 ठिकानों पर तलाशी कार्यवाही शुरू की है। मिली जानकारी के अनुसार इस घोटाले से जुड़े कारोबारी अवधेश यादव के रायपुरा देवनगरी सोसाइटी स्थित मकान समेत उसके दो करीबियों के अलावा झारखंड में 02 ठिकाने और बिहार में 02 ठिकानों पर दबिश दी।

बिहार, झारखंड में कारोबारी अवधेश यादव के रिश्तेदारों के घर पर भी EOW की टीम ने दबिश दी है। बताया जा रहा है कि अवधेश यादव, कवासी लखमा का खास आदमी बताया जा रहा है और कवासी के बेटे हरीश लखमा के इशारे पर पूरे बस्तर संभाग में सरकारी शराब दुकानों से पूर्ववर्ती सरकार के समय शराब सिंडिकेट की शराब की अफरातफरी करने का आरोप है।

25 लाख हर महीना कवासी लखमा तक पहुंचाता था अवधेश यादव

बताया ये भी जा रहा है कि अवधेश यादव के द्वारा सिडिंकेट की शराब को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने तक का काम किया जाता था। पुख्ता सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक कारोबारी अवधेश यादव ही 25 लाख रूपये महीना कवासी लखमा तक पहुंचाता था। EOW इससे जुड़े कांकेर और कोंडागाव के दो सहयोगियों की भी तलाश में जुटी है लेकिन वो फरार बताये जा रहे हैं।

आपको बता दें कि EOW में दर्ज अपराध कमांक 04/2024 के तहत ये छापेमारी कार्रवाई की गई। EOW की इस छापेमारी कार्यवाही के दौरान घोटाले से जुडे महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाईल फोन, इलेक्ट्रानिक उपकरण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज एवं नगद रकम जप्त किये गये हैं। जप्त किये गये सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है और संदेहियों/आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही प्रकरण में अग्रिम कार्यवाही जारी है।

सौम्या चौरसिया का निज सहायक के ठिकानों पर छापा

वही अवैध कोल लेवी वसूली घोटाले मामले में भी EOW ने रेड़ कार्यवाही की है। ये रेड़ कार्रवाई जयचंद कोसले के रायपुर और जांजगीर-चांपा स्थित ठिकानों पर की गई है। EOW से मिली जानकारी के मुताबिक कोसले के बारे में बताया जा रहा है कि पूर्ववर्ती सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया का निज सहायक रहा है और घोटाले में मुख्य सहयोगी के रूप में काम करता था। जयचंद कोसले द्वारा इस घोटाले से करीब 50 करोड़ रुपये की काली कमाई की गई है।

आरोपी जयचंद कोसले के सेजबहार स्थित अविनाश ग्रीन सिटी स्थित निवास और जांजगीर-चांपा स्थित ठिकानों से घोटाले से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाईल फोन, इलेक्ट्रानिक उपकरण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज जप्त किये गये हैं। जप्त किये गये सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है, साथ ही रायपुर स्थित निवास पर मिले आरोपी जयचंद से पूछताछ की जा रही है और प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

फिलहाल रायपुर के ठिकानों पर दबिश कार्यवाही खत्म हो चुकी है लेकिन बिहार और झारखंड स्थित ठिकानों से टीमें वापस नहीं लोटी हैं।

 

”350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर आयोजित नगर कीर्तन यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय”

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के सेरीखेड़ी में गुरु श्री तेगबहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी के अवसर पर आयोजित नगर कीर्तन यात्रा में शामिल हुए।मुख्यमंत्री श्री साय ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेककर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी की अगुवाई कर रहे पंच प्यारों का सम्मान भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को पवित्र सिरोपा और कृपाण भेंट की गई।

”धुरवा समाज द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री श्री साय”

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के वन विद्यालय परिसर में धुरवा समाज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण कर समाज को समर्पित किया। इस दौरान धुरवा समाज द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत से अभिभूत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धुरवा समाज ने छतड़ी, तुवाल, कोटी और तीरधनुष भेंट कर जो स्नेह सम्मान दिया, वह हमारी गहरी सांस्कृतिक जड़ों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपरा ही छत्तीसगढ़ की असली पहचान है।

“भारतीयों के लिए खुशखबरी! ट्रंप ने  H-1B वीजा पर किया नया ऐलान, कहा- 83 लाख रुपए का शुल्क सिर्फ…”

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एच-1बी वीजा के लिए एक लाख अमेरिकी डॉलर का नया शुल्क नये आवेदकों के लिए है और उन्हें इस शुल्क का एकमुश्त भुगतान करना होगा।

यह स्पष्टीकरण अमेरिका में काम कर रहे हज़ारों पेशेवरों के लिए बड़ी राहत की बात है जो इस नए नियम से प्रभावित होने को लेकर चिंतित हैं, इनमें बड़ी संख्या में भारतीय हैं । अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने शनिवार को एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का नया एच-1बी वीज़ा शुल्क केवल नए आवेदकों पर लागू होगा।

ट्रंप प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 21 सितंबर की प्रभावी घोषणातिथि से पहले जमा किया गया एच1 बी वीजा आवेदन इससे प्रभावित नहीं होगा। इसके अलावा वर्तमान में अमेरिका से बाहर रहने वाले वीज़ा धारकों को भी देश में दोबारा प्रवेश के लिए शुल्क का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ”राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी कामगारों को प्राथमिकता देने का वादा किया था और यह समझदारी भरा कदम उसी का परिणाम है। उन्होंने कहा, ”यह उन अमेरिकी व्यवसायों को भी निश्चितता प्रदान करता है जो वास्तव में हमारे महान देश में बेहद कुशल कामगारों को लाना चाहते हैं, लेकिन प्रणाली की गड़बड़ी के कारण उन्हें आगे नहीं आने दिया जा रहा है।”

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि एक लाख अमेरिकी डॉलर का शुल्क एकमुश्त है जो केवल नये आवेदन पर लागू होता है। ”यह केवल नए वीज़ा पर लागू होता है, नवीनीकरण या मौजूदा वीज़ा धारकों पर नहीं…।” यूएससीआईएस निदेशक जोसेफ एडलो ने एक ज्ञापन में कहा कि ट्रंप की ओर से शुक्रवार को जारी की गई घोषणा केवल उन पर लागू होगी जो अब आवेदन करेंगे। यह घोषणा उन लोगों पर लागू नहीं होती है जो “उद्घोषणा की प्रभावी तिथि से पहले दायर किये गये आवेदनों के लाभार्थी हैं, वर्तमान में स्वीकृत आवेदनों के लाभार्थी हैं, या जिनके पास वैध रूप से जारी एच-1बी गैर-आप्रवासी वीज़ा हैं।”

“हरिद्वार में पितृ विसर्जन अमावस्या पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किया पितरों का तर्पण और पिंडदान”

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पितृ विसर्जन अमावस्या के अवसर पर रविवार को हरकी पैड़ी सहित गंगा तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही हजारों की संख्या में लोगों ने गंगा स्नान कर अपने पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की और तर्पण अर्पित किया।

मान्यता है कि पितृ विसर्जन अमावस्या वर्ष की सबसे बड़ी अमावस्या होती है। इसी दिन श्राद्ध पक्ष की पूर्णाहुति होती है और पितरों को विदाई देकर पितृलोक के लिए प्रेषित किया जाता है। हरिद्वार के सतीघाट, राजघाट, शीतला माता घाट, दक्षेश्वर महादेव मंदिर घाट, कुशा घाट, गणेश घाट और विशेष महत्व रखने वाली नारायणी शिला पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से अपने पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान कर मोक्ष की कामना की।

गंगा तट पर दिनभर मंत्रोच्चार, भजन और श्रद्धालुओं की आस्था का अछ्वुत संगम दिखाई दिया। धार्मिक आस्था के इस पर्व को लेकर हरिद्वार में विशेष तैयारियां की गई थीं। पुलिस और प्रशासन की ओर से घाटों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो। धार्मिक मान्यता है कि नारायणी शिला पर पितृ कार्य करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी कारण पितृ विसर्जन अमावस्या पर यहां सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली।