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“इजरायल की एक हरकत से अब्राहम अकॉर्ड भी दांव पर लगा, 60 मुसलमान देश एकजुट हो गए”

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15 सितंबर 2020 से लेकर 2025 में इसी तारीख तक काफी कुछ बदल चुका है। वाइट हाउस के कॉरिडोर में 2020 में अब्राहम अकॉर्ड हुआ था, जिसके तहत बहरीन और यूएई जैसे मुसलमान देशों ने इजरायल के साथ आने पर सहमति जताई थी।

ईसाई, इस्लाम और यहूदी मजहब में अब्राहम ऐसी शख्सियत हैं, जिनकी समान रूप से मान्यता है। ऐसे में उनके ही नाम पर यह अहम समझौता हुआ था। लेकिन दिलचस्प बात है कि जिस 15 सितंबर की तारीख को यह समझौता हुआ था, उसी दिन इजरायल के खिलाफ 60 मुसलमान देशों का कतर की राजधानी दोहा में जुटान हुआ।

पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई समेत 60 मुसलमान देशों के इस समिट में इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव पारित हुआ। इसके अलावा फिलिस्तीन को अंतरराष्ट्रीय मान्यता देने वाले देशों की संख्या बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव लाने की भी बात हुई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गाजा में इजरायल की ओर से जारी हमलों ने हालात बदल दिए हैं। जो अरब देश कभी इजरायल के करीब जाने का विचार बना रहे थे, उन्हें अब लगता है कि उससे करीबी बढ़ाने का नुकसान हो सकता है। उन्हें इस्लामिक देशों के बीच ही अपनी साख खोनी पड़ सकती है। इसीलिए ये देश इस्लामिक अरब समिट में पहुंचे और इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव में भी साथ दिया।

दरअसल इजरायल की ऐसी सैकड़ों कंपनियां हैं, जिन्होंने अब्राहम अकॉर्ड के बाद संयुक्त अरब अमीरात से काम करना शुरू किया था। इसके अलावा अमीरात की कंपनियों ने इजरायली टेक स्टार्टअप्स में इन्वेस्ट किया था और गैस एवं तकनीक से जुड़े क्षेत्रों में पैसा लगाया। लेकिन गाजा के युद्ध ने एक झटके में बहुत कुछ बदल दिया। जुलाई 2025 तक इजरायल और यूएई के बीच का कारोबार 293 मिलियन डॉलर पहुंच गया था। यह बीते साल के मुकाबले 4 फीसदी अधिक था। इसके अलावा एक और मुसलमान देश मोरक्को के साथ भी कारोबार में 32 फीसदी का इजाफा हुआ। लेकिन अब चीजें बदल गई हैं।

पाकिस्तान में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के 31 आतंकवादी मारे गए…

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पाकिस्तान में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के 31 आतंकवादी मारे गए हैं। सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने बयान जारी करके यह जानकारी दी।

इसमें कहा गया कि दो अलग-अलग खुफिया-आधारित अभियान 13 और 14 सितंबर को खैबर पख्तूनख्वा के लक्की मरवात व बन्नू जिलों में चलाए गए। पहले अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों के ठिकाने पर हमला किया और भीषण गोलीबारी के बाद 14 आतंकवादी मारे गए।

बयान में कहा गया कि बन्नू में एक और अभियान चलाया गया, जहां गोलीबारी में 17 आतंकवादी मारे गए। इससे पहले शनिवार को आईएसपीआर ने कहा था कि सेना ने 10 से 13 सितंबर के बीच 45 आतंकवादियों को मार गिराया है। वहीं, खैबर पख्तूनख्वा में इन अभियानों के दौरान 19 सैनिक भी मारे गए। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि अफगानिस्तान को आतंकवादियों का साथ देने या पाकिस्तान के साथ खड़े होने के बीच चुनाव करना होगा।

आतंकवादी गतिविधियों में आई तेजी पाकिस्तान में हाल ही में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि देखी गई है, खास तौर से अफगानिस्तान की सीमा से लगे प्रांतों में। इसी महीने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आईईडी और विस्फोटक विशेषज्ञ सहित 8 आतंकवादियों को मार गिराया था। पुलिस ने बताया कि सेना ने अफगानिस्तान की सीमा से लगे उत्तरी वजीरिस्तान जिले के खारसीन, डोगा मचाह और दत्ता खेल इलाकों में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। मारे गए आतंकवादी हाफिज गुलबहादुर बहादुर और जैश-ए-महदी कारवां से थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि लगभग 30-35 आतंकवादी आसपास के घरों में शरण लिए हुए हैं। ड्रोन और हवाई हमलों से बचने के लिए महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

Tourism: रायपुर से 50km दूर ये चिड़ियाघर बना नया पर्यटन केंद्र…

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CG Tourism: वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर इस जगह को और भी आकर्षक बनाया है। लगभग 20 लाख रुपये की लागत से बैठने की जगह, ट्रैकिंग पाथ और छोटे-छोटे व्यू-प्वाइंट्स भी बनाए गए हैं। इन अद्भुत कलाकृतियों को 10 कलाकारों की टीम ने कई महीनों की मेहनत से तैयार किया है। हर आकृति को इस तरह तराशा गया है कि वह देखने में प्राकृतिक और जीवंत लगे।

गरियाबंद जिले के चिंगरापगार में पत्थरों से बने जीव-जंतुओं के शिल्प पर्यटकों को खूब लुभा रहे हैं। ये कलाकृतियां इतनी जीवंत हैं कि इन्हें देखकर ऐसा लगता है मानो ये अभी हिलने-डुलने लगेंगी। रायपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित यह जगह एक नया पर्यटन केंद्र बनकर उभर रही है।

चिंगरापगार की खासियत

यहां के पत्थरों पर अजगर (पायथन), शेर, बिच्छू, चील (ईगल), घोंघा, पैंगोलिन और मगरमच्छ जैसे 24 जानवरों की आकृतियां उकेरी गई हैं। ये कलाकृतियां झरने और हरियाली के बीच बनी हैं, जिससे यहां का माहौल और भी शांत और मनमोहक हो जाता है।

पर्यटन को बढ़ावा

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर इस जगह को और भी आकर्षक बनाया है। लगभग 20 लाख रुपये की लागत से बैठने की जगह, ट्रैकिंग पाथ और छोटे-छोटे व्यू-प्वाइंट्स भी बनाए गए हैं, जिससे यह जगह परिवार के साथ घूमने के लिए एक बेहतरीन पिकनिक स्पाट बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल रायपुर के आसपास के पर्यटन को बढ़ावा देगी।

10 कलाकारों का कमाल

इन अद्भुत कलाकृतियों को 10 कलाकारों की टीम ने कई महीनों की मेहनत से तैयार किया है। हर आकृति को इस तरह तराशा गया है कि वह देखने में प्राकृतिक और जीवंत लगे। कलाकारों का मानना है कि यह प्रयास न केवल कला को बढ़ावा देगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी खोलेगा। सप्ताहांत पर सैकड़ों की संख्या में पर्यटक यहां आ रहे हैं और इस अनूठे “पत्थरों के चिड़ियाघर” का आनंद ले रहे हैं। एक पर्यटक ने बताया कि यह जगह बिल्कुल किसी पत्थर की जंगल सफारी जैसी है।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि क्रांति अभियान के तहत किसान कॉल सेंटर एग्रीबिड और क्यू आर कोड आधारित जी कॉम इंडिया का शुभारंभ…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कृषि क्रांति अभियान के तहत किसान कॉल सेंटर एग्रीबिड और क्यू आर कोड आधारित जी कॉम इंडिया का शुभारंभ किया। अब किसान क्यू आर कोड से देश में कहीं भी अपनी फसल बेच सकेंगे बिचौलियों से छुटकारा मिलेगा और उचित मूल्य मिलेगा। कॉल सेंटर से विशेषज्ञों द्वारा किसानों को सहायता मिलेगी। किसानों को कृषि विकास के लिए शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा गया।

जिले के किसानों के हित में चलाई जाने वाले कृषि क्रांति अभियान अंतर्गत आज किसान कॉल सेंटर एग्रीबिड और बाजार व्यवस्था को सरल बनाने के उद्देश्य से क्यू आर कोड आधारित जी कॉम इंडिया का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा अपने बगिया स्थित निज निवास कार्यालय से किया गया। इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय, विधायक जशपुर मती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिले में कृषि के साथ उद्यानिकी फसलों के लिए भी उपयुक्त वातावरण उपलब्ध है। वर्तमान में जिले में आम, लीची, नाशपाती के साथ चाय, टाऊ, कटहल जैसी फसलों का भी बहुतायत में उत्पादन हो रहा है। ऐसे में किसानों के पास बाजारों के विकल्प के ना होने से उन्हें औने पौने दामों में अपनी फसलों को बिचौलियों को बेचना पड़ता था।

अब क्यू आर कोड के माध्यम से सीधे उपार्जकों तक पहुंच एवं बेचने की व्यवस्था होने से जिले के किसान देश के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को अपनी फसल को बेच सकेंगे, जिससे किसानों को अनावश्यक बिचौलियों, कोचियों जैसे लोगों से छुटकारा मिलेगा और उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त होगा। कॉल सेंटर से किसानों को विशेषज्ञों द्वारा किसी भी समस्या पर सहायता प्राप्त होगी। इन दोनों पहलों से कृषि के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा और किसानों को उचित मूल्य मिलने से किसानों की आय में वृद्धि होगी।

उन्होंने बताया कि एनडीडीबी के साथ मिलकर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 06 जिलों में पायलेट प्रोजेक्ट के तहत उत्तम किस्म के दुधारू पशुओं के वितरण के साथ ग्रामीणों को पशुपालन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय ने कहा कि किसानों के लिए प्रारम्भ किया गया कॉल सेंटर जिले में कृषि के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा, किसानों को इसके दूरगामी परिणाम प्राप्त होंगे। विधायक जशपुर मती रायमुनी भगत ने कहा कि जिले में नाशपाती, लीची के साथ कटहल की फसल भी बहुतायत में होती है। जिसके प्रसंस्करण और विकास के लिए जशपुर में विगत दिनों कटहल मेला भी आयोजित किया गया था। ऐसे में इन नवीन पहलों से किसान उत्पादन के साथ उचित मूल्य पर उत्पादों का निर्यात भी कर सकेंगे।

किसानों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

किसानों को नवाचारी कृषि और कृषि के विकास हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कृषि क्रांति एवं आत्मा योजनांन्तर्गत 35 कृषकों के दल को रायपुर एवं दुर्ग के शैक्षणिक भ्रमण हेतु मुख्यमंत्री साय द्वारा हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया। इसमें कुनकुरी के 15 एवं कांसाबेल के 20 किसान शामिल हैं। यह किसान वहां जाकर वैज्ञानिक पद्धति से खेती और खाद्य प्रसंस्करण के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे, जिसे वे जिले में आकर अपना सकेंगे। बीएनआर सीड रायपुर एवं इंडस मेगा फूड पार्क रायपुर द्वारा इस भ्रमण में कृषकों को जानकारी प्रदान की जाएगी।

किसान कॉल सेंटर में 08069378107 नम्बर पर किसानों को मिलेगी सहायता

इस किसान कॉल सेंटर के माध्यम से जिले के किसान खेती से जुड़े प्रश्नों एवं समास्याओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा प्राप्त कर पाएंगे। इसके लिए आज मुख्यमंत्री साय के समक्ष जिला प्रशासन एवं एग्रिबिड के मध्य एमओयू पर भी हस्ताक्षर किया गया। इस कॉल सेंटर से किसानों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ योजना का लाभ लेने हेतु लोगों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

इसके माध्यम से किसान अपनी समस्याओं को भी बिना किसी देरी के अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे, जिससे किसानों को उनकी छोटी छोटी समस्याओं का सीधा निराकरण प्राप्त हो सकेगा। इसके लिए 12 विशेषज्ञों का दल कार्य करेगा, जिसमें विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं अन्य कृषि विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो कॉल, मैसेज, व्हाट्सप्प द्वारा किसानों से जुड़ेंगे। किसानों को केवल कॉल सेंटर के नम्बर 08069378107 पर सम्पर्क करना होगा।

जिले के किसानों की उत्पादों कोे पूरे देश से मिलेंगे खरीददार

जी कॉम इंडिया के क्यू आर कोड से देश के किसी भी कोने के क्रेता से जिले के किसान से सीधे संपर्क कर व्यापार कर पाएंगे। जिला प्रशासन द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान से जिले के किसानों को स्थानीय मंडी पर निर्भर ना रहते हुए पूरे देश की सभी मंडियों से संपर्क हो सकेगा। देश के किसी भी कोने में बैठे खरीददार ऐप के माध्यम से किसान के पास उपलब्ध उत्पाद की जानकारी प्राप्त करने के साथ साथ उनसे संपर्क कर व्यवसाय कर सकेंगे।

इस ऐप के माध्यम से यदि किसी व्यक्तिगत किसान के पास उत्पाद की मात्रा उपलब्ध ना हो तो वह समुदाय के अपने साथी किसानों के पास उपलब्ध मात्रा को जोड़कर क्रेता को उपलब्ध करा सकते हैं, इससे सभी का सामूहिक विकास सुनिश्चित होगा। इस अभियान से किसानों को धान के साथ साथ उनकी तिलहन, दलहन, नगदी फसलों को घर बैठे उचित मूल्य प्राप्त होगा। किसान को केवल अपने पास उपलब्ध फसलों की मात्रा और उसकी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

 

मौसम ने ली करवट सड़कों पर नज़ारा बदला गर्मी से मिली राहत मौसम विभाग का अलर्ट…

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राजधानी रायपुर में बूंदाबांदी से मौसम सुहाना, पारा गिरा… उमस और गर्मी से मिली राहत, रायपुर में सोमवार को बूंदाबांदी का दौर चला। बूंदाबांदी से तापमान घट गया। मौसम सुहाना हो गया। लोगों को गर्मी से राहत मिली।

छत्तीसगढ़ के रायपुर में सोमवार को बूंदाबांदी का दौर चला। बूंदाबांदी से तापमान घट गया। मौसम सुहाना हो गया। लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि बारिश से बचने के लिए राहगीरों को रेनकोट और छतरी लेकर निकलना पड़ा। शहर के शास्त्री चौक पर लोग बारिश के बीच गुजरते नजर आए।

सुबह से आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई थी। दोपहर तक उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया था, लेकिन शाम को हुई बूंदाबांदी ने तापमान में गिरावट ला दी। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में पारा सामान्य से नीचे दर्ज किया गया है।

बारिश के बीच शास्त्री चौक, फाफाडीह, तेलीबांधा तालाब और जीई रोड पर लोग छतरियों और रेनकोट के साथ गुजरते दिखे। कई जगह युवाओं और बच्चों ने बूंदाबांदी का आनंद उठाया। वहीं, अचानक हुई फुहारों से सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को थोड़ी परेशानी का सामना भी करना पड़ा।

लगातार कई दिनों से राजधानी में उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी। अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर और न्यूनतम भी औसत से अधिक दर्ज हो रहा था। लेकिन बूंदाबांदी के बाद मौसम में ताजगी घुल गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजधानी समेत आसपास के इलाकों में अगले 24 से 48 घंटों तक हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।

 

शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी 50 लाख रुपये, परमवीर चक्र विजेताओं को 1 करोड़ की अनुग्रह राशि, साय सरकार ने बड़ी घोषणा…

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छत्तीसगढ़ के साय सरकार ने बड़ी घोषणा की है. घोषणा के अनुसार, युद्ध और सैनिक कार्रवाई में शहीद सैनिकों की पत्नी या उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है.

युद्ध और सैनिक कार्रवाई में शहीद  सैनिकों की पत्नी या उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है. अब  इन सैनिकों को 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया जाएगा. इसके साथ ही युद्ध और सैनिक कार्रवाई में विभिन्न वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है. अब परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को 40 लाख रुपये की जगह 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिया गया है.

शहीद सैनिकों के आश्रितों को मिलेगी 20 लाख की जगह 50 लाख की अनुग्रह राशि

आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण विभाग की 6वीं राज्य सैनिक समिति की बैठक सम्पन्न हुई. इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर करते हैं. हम उनके शौर्य और बलिदान को नमन करते हैं. सरकार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है. बैठक में शहीदों की वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके आश्रितों के लिए राज्य द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई.

परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को मिलेगी 1 करोड़ की अनुग्रह राशि

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने समिति की छठवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा में हमारे वीर जवान दिन-रात तत्पर रहते हैं. भारत मां की सेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले इन वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्तव्य है. बीते सोमवार को हुई बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके परिजनों के हित में सार्थक चर्चा हुई है. बैठक में लिए गए निर्णयों का लाभ भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचेगा. भूतपूर्व सैनिकों की बेहतरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी सदस्यों द्वारा दिए गए हैं, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा.

भूमि या गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक स्टाम्प शुल्क में दिया जाएगा छूट

बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके आश्रितों के हित में कई महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर निर्णय लिए गए. इनमें युद्ध और सैनिक कार्रवाई में शहीद (बैटल कैजुअल्टी) सैनिकों की पत्नी और आश्रितों को अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करना, विभिन्न शौर्य अलंकरण प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली राशि में वृद्धि करना शामिल है. अब परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सैनिक को 40 लाख की जगह 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. इसी प्रकार सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली जंगी इनाम राशि 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है. युद्ध और सैनिक कार्रवाई में दिव्यांग हुए सैनिकों की अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है. साथ ही सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और विधवाओं को प्रथम भूमि या गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक के स्टाम्प शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया.

 

IFS Transfer: भारतीय वन सेवा के अफसरों के तैनाती और प्रभार में बड़ा बदलाव अरण्य भवन से आदेश जारी…

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IFS Transfer: भारतीय वन सेवा के अफसरों के तैनाती और प्रभार में बड़ा बदलाव अरण्य भवन से आदेश जारी…

वन मंत्रालय ने शासन के आदेश पर 13 भारतीय वन सेवा के अफसरों के तैनाती और प्रभार में बड़ा बदलाव किया गया है। हालाँकि आदेश से किसी भी वनमंडल के डीएफओ प्रभावित नहीं हुए है। छत्तीसगढ़ के वन्य महकमें में बड़ा तबादला हुआ है। वन मंत्रालय ने शासन के आदेश पर 13 भारतीय वन सेवा के अफसरों के तैनाती और प्रभार में बड़ा बदलाव किया गया है। हालाँकि आदेश से किसी भी वनमंडल के डीएफओ प्रभावित नहीं हुए है।

 

 

 

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांकेर जिले के नरहरपुर में आदिवासी समाज से आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नरहरपुर में ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में भाग लेकर विकास कार्यों की घोषणाएं कीं. अर्जुन मुंडा व जनप्रतिनिधियों संग आदिवासी परंपराओं और शिक्षा पर बल दिया.

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 14 सितम्बर 2025 को कांकेर जिले के नरहरपुर में आदिवासी समाज से आयोजित ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में शामिल हुए. इस अवसर पर उनके साथ झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा भी उपस्थित थे.

मुख्यमंत्री साय ने ठाकुर जोहारनी कार्यक्रम में आदिवासी समाज के इष्ट आराध्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की.  उन्होंने कहा कि नई उद्योग नीति में आदिवासी विकास को प्राथमिकता देते हुए, बस्तर सहित सरगुजा को विशेष तौर पर फोकस किया गया है.

आदिवासी परंपरा और शिक्षा पर मुख्यमंत्री का जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ब्लॉक मुख्यालय नरहरपुर के उन्मुक्त खेल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री साय ने आदिवासी समाज के इष्ट देवी-देवताओं का जयघोष करते हुए उपस्थित लोगों को ठाकुर जोहारनी और नवाखाई की बधाई दी.

उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की यह अनूठी परंपरा आगे भी जीवित रहनी चाहिए और समाज की एकजुटता हमेशा बनी रहनी चाहिए. छत्तीसगढ़ के युवा आगे बढ़ें और सुशिक्षित बनें, इसके लिए पूरे प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू की गई है.

शिक्षा विकास के साथ माओवाद समाप्ति का वादा

मुख्यमंत्री ने बताया कि IIT, IIM, ट्रिपल IIT जैसी राष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षण संस्थान प्रदेश में संचालित हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध हो सके. इसी तरह, प्रयास और एकलव्य जैसे श्रेष्ठ संस्थानों के माध्यम से भी लगातार सुधार के प्रयास हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में ट्राइबल यूथ हॉस्टल संचालित है और प्रदेशभर में नालंदा परिसर स्थापित किए जा रहे हैं. सुरक्षा बलों को माओवाद के विरुद्ध अभियान में लगातार बड़ी सफलताएं मिल रही हैं. उन्होंने 31 मार्च 2026 तक माओवाद के खात्मे का संकल्प दोहराया.

ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता के लिए डिजिटल पहल

मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुरूप, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से पशुपालन और मुर्गीपालन जैसी रोजगारमूलक गतिविधियों से लोगों को जोड़ने का कार्य प्रदेश सरकार कर रही है.

उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक में वृद्धि, चरणपादुका वितरण, रामलला दर्शन योजना सहित ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं.

जल, जंगल, जमीन और लोकसंस्कृति की रक्षा

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार की पीएम जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से आदिवासियों के सतत और समग्र विकास को अमलीजामा पहनाया जा रहा है. विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह हमारा उत्सव का कार्यक्रम है.

उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और अपनी परंपराओं, लोकनृत्य, गीत, मांदर और मृदंग के साथ जीने वाले आदिवासियों की अपनी विशिष्ट पहचान है. अपनी जड़ों को मजबूत करते हुए, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधिकारों के प्रति सजग रहना नितांत आवश्यक है.

नरहरपुर में कई विकास योजनाएं घोषित

कार्यक्रम को सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेताम और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम सहित गोंडवाना समाज के संभागीय अध्यक्ष सुमेर सिंह नाग, जिला अध्यक्ष राजेश भास्कर और राजाराम तोड़ेम ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने नरहरपुर क्षेत्र के लिए अनेक घोषणाएं भी की.

इनमें 30 करोड़ रुपये की लागत से बागोड़ एनीकट का निर्माण, नरहरपुर में 132 केवी विद्युत सब-स्टेशन स्थापना हेतु 30 करोड़ रुपये, नरहरपुर में मावा मोदोल लाइब्रेरी के लिए 20 लाख रुपये, ग्राम ढोढ़रापहार में गोंडवाना सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 20 लाख रुपये, नरहरपुर में मोबाइल टॉवर की स्थापना करने की घोषणा शामिल हैं.

इंग्लिश मीडियम स्कूल हेतु आवश्यक सहयोग की घोषणा 

साथ ही, नरहरपुर में सर्वसुविधायुक्त विश्राम गृह निर्माण के लिए 80 लाख रुपये और नरहरपुर विकासखंड के गोंडवाना समाज के सभी 12 मुड़ा क्षेत्रों में 12 टीन शेड निर्माण हेतु 10–10 लाख रुपये के मान से कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत करने की घोषणा शामिल हैं.

इसके अतिरिक्त ग्राम धनेसरा में गोंडवाना समाज से संचालित जंगोरायतार इंग्लिश मीडियम स्कूल हेतु आवश्यक सहयोग की घोषणा भी की गई. कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग, कांकेर विधायक आशाराम नेता, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, नगरपालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष अरुण कौशिक, कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी और समाज के प्रमुखजन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे.

 

CG; असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 600 से अधिक पदों पर भर्ती, वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दिया बड़ा अपडेट…

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Assistant Professor Vacancy in Chhattisgarh 2025 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा उच्च शिक्षा में विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती हेतु बड़ा निर्णय लिया गया है जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी और शासकीय महाविद्यालयों में रिक्त पदों की कमी को दूर किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार तथा उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने 700 पदों पर भर्ती की अनुमति प्रदान की है। यह आदेश प्रदेश के युवाओं के लिए आशा और अवसर की नई किरण लेकर आया है।

625 सहायक प्राध्यापक पदों पर भर्ती

Assistant Professor Vacancy in Chhattisgarh 2025 भर्ती हेतु स्वीकृत पदों में सहायक प्राध्यापक के 625 पद शामिल किए गए हैं। इन पदों पर भर्ती होने से महाविद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता और शोध कार्यों में अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।

क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों पर भर्ती

इसी क्रम में क्रीड़ा अधिकारी के 25 पदों पर भर्ती की स्वीकृति दी गई है। इन पदों की नियुक्ति से महाविद्यालयों में खेलकूद और शारीरिक शिक्षा की गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।

ग्रंथपाल के 50 पदों पर भर्ती

इसके अतिरिक्त ग्रंथपाल के 50 पदों पर भी भर्ती की स्वीकृति दी गई है। ग्रंथपालों की नियुक्ति से पुस्तकालयों का बेहतर संचालन होगा और विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री अधिक व्यवस्थित रूप से उपलब्ध हो सकेगी।

यह निर्णय प्रदेश के युवाओं को रोज़गार के नए अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और अधिकारियों की संख्या बढ़ने से विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन प्राप्त होगा। प्रदेश सरकार का यह कदम महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण निर्मित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे शिक्षण-अध्यापन का स्तर उन्नत होगा और संकायों की मजबूती सुनिश्चित होगी। इस पहल से विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और सीखने के अवसर प्राप्त होंगे। बेहतर संसाधनों और शिक्षकों की उपलब्धता से विद्यार्थियों की अकादमिक क्षमता और भी निखरेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उच्च शिक्षा संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण वातावरण निर्मित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। महाविद्यालयों में रिक्त 700 पदों पर भर्ती होने से न केवल महाविद्यालयों में शैक्षणिक स्तर सुदृढ़ होगा, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सीखने के अवसर भी प्राप्त होंगे। यह पहल आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सशक्त बनाने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करेगी।

वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। शासकीय महाविद्यालयों में 700 पदों पर भर्ती की स्वीकृति इसी दिशा में एक बड़ा निर्णय है। इस पहल से एक ओर जहाँ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की उच्च शिक्षा प्रणाली को नई मजबूती मिलेगी। वित्त विभाग द्वारा दी गई यह अनुमति भविष्य की पीढ़ी को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार लगातार विभिन्न विभागों में भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा विगत 21 माह में महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका, स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ चिकित्सकों और चिकित्सा अधिकारियों, आदिम जाति विकास विभाग में छात्रावास अधीक्षक सहित अन्य विभिन्न विभागों के अनेक पदों पर भर्ती की जा चुकी है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री साय की घोषणा के अनुरूप शिक्षकों के 5000 पदों सहित अन्य पदों पर भर्ती की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, तकनीक और प्रशासनिक सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं को बड़े पैमाने पर अवसर उपलब्ध कराए जाएं। इन सतत प्रयासों से छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति का बेहतर उपयोग होगा और प्रदेश विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुँचेगा।

 

CG Crime News: निजी फार्म में चल रही थी नशे की पार्टी, पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार…

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”रायपुर पुलिस ने नाईट पार्टी के खिलाफ बड़ा एक्शन, तेलीबांधा पुलिस ने देर रात एक निजी फार्म में छापा, पुलिस ने फार्म से दो आरोपियों को गिरफ्तार”

छत्तीसगढ़ पुलिस अवैध नशे और रात के समय में फार्म हॉउस में होने वाली नाईट पार्टियों को लेकर सख्त रुख अपना रही है। इसी कड़ी में एक बार फिर रायपुर पुलिस ने नाईट पार्टी के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। रायपुर की तेलीबांधा पुलिस ने देर रात एक निजी फार्म में छापेमार कार्रवाई की है। यहां पुलिस को बड़ी मात्रा में हुक्का पॉट और विदेशी शराब की बोतलें मिली है।

निजी फार्म में चल रही थी नशे की पार्टी

मिली जानकारी के अनुसार, तेलीबांधा पुलिस को सूचना मिली की वीआईपी रोड स्थित एक निजी फार्म में नशे की पार्टी हो रही है। इसके बाद पुलिस की टीम फार्म में पहुंची। इस दौरान पुलिस ने देखा कि, फार्म में खुलेआम नशे की पार्टी हो रही है और इस पार्टी में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ दूसरे राज्य के लोग भी शामिल थे।

पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने देर रात छापेमार कार्रवाई करते हुए आरोपी रविन्द्र सिंह चावला समेत एक अन्य को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान फ़ार्म में मौजूद लोगों ने पुलिस के साथ बदतमीजी भी की। तेलीबांधा पुलिस ने इस पार्टी में चरस और चिट्टा के उपयोग की जानें की आशंका जताई है। पुलिस की टीम ने फार्म से बड़ी मात्रा में हुक्का पॉट और विदेशी शराब की बोतलें जब्त की है। पुलिस ने इस मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों से पूछताछ कर रही है। ऐसा माना जा रहा है कि, पूछताछ में बड़े नाम सामने आ सकते हैं।