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SSC GD Constable Result: SSC GD फाइनल रिजल्ट जल्द होगा जारी, कटऑफ और

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कर्मचारी चयन आयोग यानी SSC किसी भी समय SSC GD फाइनल रिजल्ट 2025 जारी कर सकता है. आयोग यह रिजल्ट अपनी आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जारी करेगा. लंबे समय से रिजल्ट का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों की नजर अब आयोग की वेबसाइट पर टिकी हुई है.

SSC की ओर से जारी होने वाला GD फाइनल रिजल्ट पुरुष और महिला उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग सूची में होगा. इस रिजल्ट में उन उम्मीदवारों के नाम और रोल नंबर होंगे, जिन्हें अलग-अलग बलों के लिए चयनित किया गया है. रिजल्ट PDF फॉर्मेट में जारी किया जाएगा, जिसे उम्मीदवार आसानी से डाउनलोड कर सकेंगे.

कब तक आ सकता है SSC GD फाइनल रिजल्ट

मीडिया रिपोर्ट्स और सूत्रों के अनुसार, SSC GD फाइनल रिजल्ट 2025 केआज जारी होने की उम्मीद है. हालांकि आयोग की ओर से अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है. जैसे ही रिजल्ट जारी होगा, उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर इसे देख सकेंगे.

कटऑफ भी होगी जारी

SSC GD फाइनल रिजल्ट के साथ-साथ आयोग SSC GD कटऑफ 2025 भी जारी करेगा. कटऑफ पुरुष और महिला उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग होगी. यह कटऑफ सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी, दिव्यांग और अन्य वर्गों के लिए अलग-अलग तय की जाएगी.

कटऑफ सूची में बल के अनुसार, राज्य के अनुसार, क्षेत्र के अनुसार और श्रेणी के अनुसार अंक बताए जाएंगे. SSC की ओर से कटऑफ भी PDF फॉर्मेट में जारी की जाएगी, जिसे उम्मीदवार डाउनलोड कर सकेंगे.

किन आधारों पर तय होगी कटऑफ

पोस्टिंग की बात करें तो उसमें करीब 2 से 4 महीने का समय लग सकता है. SSC GD फाइनल कटऑफ कई चरणों के आधार पर तय की जाएगी. इसमें कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT), शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET), शारीरिक मानक परीक्षा (PST) और मेडिकल जांच के प्रदर्शन को शामिल किया जाएगा. सभी चरणों को पास करने वाले उम्मीदवारों को ही फाइनल मेरिट लिस्ट में जगह मिलेगी.

रिजल्ट कैसे चेक करें

रिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवारों को SSC की वेबसाइट पर जाना होगा. वहां SSC GD रिजल्ट का लिंक दिया जाएगा. इस लिंक पर क्लिक करते ही रिजल्ट की PDF खुल जाएगी. उम्मीदवार इसमें अपना नाम या रोल नंबर खोज सकते हैं. वेबसाइट पर लॉगिन करने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए यह जानकारी पहले से तैयार रखें.

चीन ने दुनिया का पहला रोबोट लॉन्च किया जो 24/7 अपने आप चल सकता है – नए फुटेज में इसे अपनी बैटरी बदलते हुए देखें

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वहां कई हैं वहाँ अजीब और अद्भुत ह्यूमनॉइड रोबोट हैंलेकिन इस साल लॉन्च की गई सबसे अधिक ध्यान खींचने वाली मशीनों में से एक अपना बैटरी पैक बदल सकती है – जिससे यह सप्ताह के सातों दिन, दिन में 24 घंटे स्वायत्त रूप से चलने में सक्षम हो जाती है।

चीनी कंपनी यूबीटेक द्वारा बनाया गया वॉकर एस2 रोबोट 5 फुट 3 इंच (162 सेंटीमीटर) लंबा है और इसका वजन 95 पाउंड (43 किलोग्राम) है – जो इसे एक छोटे वयस्क के आकार और वजन के बराबर बनाता है।

दोहरी-बैटरी प्रणाली में 48-वोल्ट लिथियम बैटरी का उपयोग करके, रोबोट दो घंटे तक चल सकता है या अपनी बिजली खत्म होने से पहले चार घंटे तक खड़ा रह सकता है। एक बार ख़त्म होने के बाद बैटरी को पूरी तरह रिचार्ज होने में 90 मिनट का समय लगता है।

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इसकी सबसे दिलचस्प विशेषता – जिसे यूबीटेक प्रतिनिधियों का कहना है कि यह दुनिया में सबसे पहले है – यह है कि अपने बैटरी पैक को हटाने और रिचार्ज करने के लिए मानव ऑपरेटर पर निर्भर रहने के बजाय, मशीन इस कार्य को पूरी तरह से अपने दम पर कर सकती है।

यूट्यूब पर 17 जुलाई को प्रकाशित नए प्रचार फुटेज में, वॉकर एस2 रोबोट अपनी बैटरी की आपूर्ति को बदलने के लिए बैटरी चार्जिंग स्टेशन के पास जाता हुआ दिखाई दे रहा है। स्टेशन से दूर की ओर मुख करके, यह अपनी भुजाओं का उपयोग करके इसके पीछे लगे बैटरी पैक को निकालता है और इसे रिचार्ज करने के लिए एक खाली स्लॉट में रख देता है। फिर यह यूनिट से एक ताजा बैटरी पैक निकालता है और इसे अपने पोर्ट में डालता है।

यदि किसी एक बैटरी की शक्ति समाप्त हो जाती है तो रोबोट अपनी स्वयं की बैटरी बदल देगा। चीनी प्रकाशन की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह यह पता लगाने में भी सक्षम है कि इसमें कितनी बिजली बची है और यह निर्णय लेता है कि अपने कार्यों की प्राथमिकता के आधार पर अपनी बैटरी में से किसी एक को बदलना या चार्ज करना सबसे अच्छा है या नहीं।

वॉकर एस2, जिसे कारखानों जैसी सेटिंग में या सार्वजनिक स्थानों पर ग्राहकों से मिलने और स्वागत करने के लिए मानव-जैसे रोबोट के रूप में उपयोग करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, इसमें 20 डिग्री की स्वतंत्रता है (जोड़ों या तंत्रों को स्थानांतरित करने के तरीकों की संख्या) और यह वाई-फाई और ब्लूटूथ के साथ भी संगत है।

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बंपर मुनाफे का लालच देकर ठगी, 76 लोगों को लगाया चूना, गिरफ्तार हुआ आरोपी

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छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन ठगी, साइयबर ठगी और अब क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग के नाम पर फ्रॉड ने पुलिस की चुनौती बढ़ा दी है. दुर्ग भिलाई पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 3.80 करोड़ रुपए की ठगी के आरोपी को गिरफ्तार किया है.

बंपर मुनाफे का लालच देकर ठगी

पूरी वारदात भिलाई के सुपेला थाने की है. आरोपी हार्दिक कुदेशिया ने क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में निवेशकों को बंपर मुनाफे का लालच दिया और 76 लोगों से ठगी की वारदात को अंजाम दिया. आरोपी निवेशकों को हर माह 6 प्रतिशत मुनाफे का लालच देकर लोगों को झांसे में लिया और निवेश कराकर एक ऐप के माध्यम से इंडियन करेंसी को डॉलर में कन्वर्ट करता था. कुछ माह तक आरोपी ने निवेशकों को मुनाफा दिया और मूलधन अपने पास ही रखा. इसके बाद अपना दफ्तर बंदकर भाग गया. उसके बाद से वह फरार था.

कैसे ठगी का हुआ खुलासा ?

भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि सुपेला थाने में सुमित साहू और उसके पिता ने साल 2025 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पीड़ित ने बताया कि हार्दिक कुदेशिया ने उन्हें क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच दिया. इस लालच में आकर सुमित ने 20 लाख रुपये उसे दे दिए. कुथ दिन तक उसको 6 प्रतिशत के हिसाब से हार्दिक कुदेशिया ब्याज देता रहा. उसके बाद अक्टूबर 2025 से वह फरार हो गया. उसका दफ्तार बंद मिला. जिसके बाद नवंबर 2025 में पीड़ित सुमित साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई.

मोबाइल एप के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेड

भिलाई पुलिस ने खुलासा किया है कि आरोपी मोबाइल एप के जरिए क्रिप्टो करेंसी में ट्रेड करता था. वह ट्रेड के जरिए मिलने वाले डॉलर को ऐप के जरिए ही भारतीय रुपये में तब्दील करता था. उसके बाद उसे बैंक खाते में जमा करता था.

आरोपी हार्दिक कुदेशिया फाइनेंस एप में लगभग 4 से 5 महीने तक ट्रेडिंग का काम किया है. वह मूलधन के लाभ और उससे मुनाफे की 6 प्रतिशत राशि को निवेशकों को देता था. उसके बाद 3 फीसदी राशि अपने अन्य साथी को कमीशन के रूप देता था. इसके बाद जो मूलधन का पैसा बचता था उसे आरोपी अपने पास रखता था. इस तरह बाद में पैसा देना बंद कर वह ठगी की वारदात को अंजाम देता था.

आरोपी ने कुल 76 निवेशकों से धोखाधड़ी की है. उनसे करीब तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी को अंजाम दिया है. पुलिस ने आरोपी से रुपये गिनने की मशीन बरामद किया है. इसके अलावा डिजिटल डिवाइस भी आरोपी से बरामद किए गए हैं. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है.

गलन भरी रातों से आफत, अलाव का सहारा ले रहे लोग, कब मिलेगी इस कड़कड़ाती ठंड से राहत?

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छत्तीसगढ़ में ठंड का कहर

छत्तीसगढ़ के तमाम जिलों में भी ठंड का कहर देखने को मिल रहा है. वहीं धमतरी जिले की बात की जाए तो धमतरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है. यहां सुबह और रात का तापमान लगभग 10.4 सेल्सियस दर्ज किया गया. जिससे लोग गर्म कपड़े का सहारा ले रहे हैं.

लोगों का कहना है कि जिले में काफी ज्यादा ठंड पड़ रही है… लेकिन नगर निगम के द्वारा कोई व्यवस्था नहीं किया जा रहा है. इस ठंड में चौक चौराहों पर अलाव की व्यवस्था होनी चाहिए. लोगों ने बताया कि वो स्वयं से ही लकड़ी, पेपर इकट्ठा करके आग जलाकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं.

ठंड इतना ज्यादा बढ़ गया है कि लोग घर से भी बाहर कम निकल रहे हैं.. इधर, नगरी सिहावा क्षेत्र के वनांचल इलाके में कोहरा भी देखने को मिल रहा है. लोग अपनी गाड़ियों के हेडलाइट चालू करके सफर कर रहे हैं. हालांकि कोहरे के कारण यहां कई हादसे भी हो चुके हैं.

अलाव के सहारे बैठे लोग

सूरजपुर में ठंड का सितम जारी है. सुबह के वक्त यहां का न्यूनतम पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज की गई, जिससे सुबह काम पर जाने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मौसम विभाग की माने तो शीतलहर और ठंड अभी कुछ दिन और रहने की संभावना है

DA Hike: कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, केंद्र के समान मिलेगा महंगाई भत्ता, CM साय ने की घोषणा…

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DA Hike: छत्तीसगढ़ से एक बड़ी खबर है. यहां अधिकारी-कर्मचारियों के हित में सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. आइए जानते हैं…

Increased Dearness Allowance: छत्तीसगढ़ में अधिकारी-कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. सरकार ने प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है. राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता मिलेगा. सीएम विष्णु देव साय ने इसकी घोषणा कर दी है.

रायपुर में प्रदेश अधिवेशन का हो रहा है आयोजन

दरअसल आज रविवार को राजधानी रायपुर के रोहनीपुरम में राज्य कर्मचारी संघ के आठवें प्रदेश अधिवेशन का आयोजन किया जा रहा है. इस अधिवेशन में प्रदेशभर के कर्मचारी शामिल हुए हैं. यहां सीएम विष्णु देव साय भी पहुंचे. कर्मचारियों को उन्होंने संबोधित किया. इसी बीच उन्होंने कर्मचारियों के हित में बढ़ा फैसला लेते हुए महंगाई भत्ता बढ़ाने की घोषणा कर दी.

अब इतना मिलेगा

सीएम साय ने कर्मचारियों के हित में घोषणा करते हुए कहा कि अब राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता मिलेगा. अब 55% से बढ़कर 58% महंगाई भत्ता मिलेगा. 3 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी गई है. कर्मचारियों के हित में लिए इस फैसले के बाद कर्मचारी संघ में काफी खुशी देखने को मिली.

राज्य में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान ने राजनीतिक हलचल

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राज्य में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं। एक ओर लाखों नाम हटाने की..

वोटर लिस्ट पर सियासी घमासान

  • 27 लाख 40 हजार 759 नाम हटाने के आवेदन
  • 79,787 फार्म नए नाम जोड़ने के लिए आए
  • राजनीतिक दलों की ओर से 38,846 दावे दर्ज

राज्य में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल मचा दी है। आंकड़े चौंकाने वाले हैं। एक ओर लाखों नाम हटाने की प्रक्रिया चल रही है, तो दूसरी ओर हजारों नए मतदाता अपने अधिकार के लिए आवेदन कर रहे हैं। चुनाव आयोग को ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले प्रदेश में 27 लाख 40 हजार 759 फार्म-7 प्राप्त हो चुके हैं। इनमें नाम विलोपन की मांग की गई है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे नाम शामिल हैं जिन्हें अनकलेक्टेबल बताया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार 23 दिसंबर से अब तक 23,096 मतदाताओं ने नाम सुधार के लिए आवेदन किया है। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद प्राप्त आवेदनों में 79,787 फार्म 6/6ए नए नाम जोड़ने के लिए, 2,140 फार्म 7 नाम हटाने के लिए और 23,096 फार्म 8 नाम में सुधार के लिए आए हैं। इससे स्पष्ट है कि बड़ी संख्या में युवा, नवविवाहित और स्थानांतरित मतदाता अपने अधिकार को लेकर जागरूक हुए हैं और सूची में नाम दर्ज कराने आगे आए हैं।

राजनीतिक दलों की ओर से दावे

राजनीतिक दलों को भी दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अधिकार है। 23 दिसंबर 2025 से सात जनवरी 2026 शाम चार बजे तक केवल 15 दिनों में एक करोड़ 84 लाख 95 हजार 920 दावे और आपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं। इन आंकड़ों ने सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है। आने वाले चुनाव से पहले मतदाता सूची सबसे बड़ा रणक्षेत्र बन चुकी है।

राष्ट्रीय दलों में सबसे आगे भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हैं। भारतीय जनता पार्टी ने 20,017 बीएलए के माध्यम से 183 नाम शामिल कराने के लिए दावे दर्ज किए हैं। कांग्रेस ने 17,681 बीएलए सक्रिय करते हुए नाम जोड़ने के लिए दावे प्रस्तुत किए हैं। बहुजन समाज पार्टी ने 501 बीएलए के जरिए दावे लगाए हैं। आम आदमी पार्टी ने 119 बीएलए मैदान में उतारे हैं। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने 528 आवेदन प्रस्तुत किए हैं। कुल मिलाकर राजनीतिक दलों की ओर से 38,846 दावे और आपत्तियां दाखिल की गई हैं, जिनमें से 228 मामलों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

एफिडेविट से नहीं आया कोई मामला

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 2(ग) के तहत किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दिए जाने वाले शपथपत्र के माध्यम से न तो समावेशन और न ही विलोपन के लिए कोई आवेदन प्राप्त हुआ है। इसका अर्थ है कि अब तक अधिकांश दावे सीधे मतदाताओं या राजनीतिक दलों के माध्यम से ही आए हैं।

अधिकारियों का क्या कहना

नवीन ठाकुर, उप निर्वाचन अधिकारी, रायपुर का कहना है कि “यह अभियान मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए है। केवल वही आवेदन मान्य होंगे जो निर्धारित फार्म और आवश्यक घोषणा के साथ प्रस्तुत किए गए हैं। सामान्य शिकायतें या बिना दस्तावेज के दिए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।”

बैंक जाने वालों के लिए अलर्ट; 12 जनवरी को किन शहरों में बैंक बंद

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Bank Holiday January 2026: जनवरी में बैंक से जुड़े काम करने वालो के लिए छुट्टियों की जानकारी लेना बहुत जरूरी है. क्योंकि इस महीने अलग-अलग कारणों से बैंक बंद रहने वाले हैं. जिससे बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहने वाली हैं.

आज 11 जनवरी को रविवार की साप्ताहिक छुट्टी है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) पहले से बैंक हॉलिडे की पूरी लिस्ट जारी करता हैं. जिसमें यह साफ बताया जाता है कि किस दिन और किस शहर में बैंक बंद रहेंगे. लिस्ट के मुताबिक, कल यानी 12 जनवरी को भी छुट्टी की घोषणा की गई है. ऐसे में अगर आप बैंक ब्रांच जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले अपने शहर की छुट्टियों की जानकारी जरूर चेक कर लें…

12 जनवरी को कहां रहेंगे बैंक बंद?

आरबीआई की छुट्टियों की लिस्ट के मुताबिक, कल पश्चिम बंगाल में बैंक बंद करने का ऐलान किया गया है. ऐसे में राज्य के ग्राहकों को सलाह है कि वे बैंक से जुड़े जरूरी काम किसी और दिन निपटा सकते हैं. वहीं, पश्चिम बंगाल को छोड़कर देश के बाकी सभी राज्यों में 12 जनवरी को बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे.

पश्चिम बंगाल में कल बैंकों में छुट्टी स्वामी विवेकानंद की जयंती को लेकर दी गई है. स्वामी विवेकानंद की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के तौर पर मनाया जाता है.

बैंकों की ऑनलाइन सेवाएं रहेगी चालू

बैंकों में भले ही कल छुट्टी की घोषणा की गई है. लेकिन ग्राहकों की ऑनलाइन सुविधाएं प्रभावित नहीं होंगी. नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, एटीएम और ऑनलाइन फंड ट्रांसफर जैसी सेवाएं पहले की तरह चालू रहेंगी. जिससे ग्राहक घर बैठे ही अपने काम आसानी से कर सकेंगे. हालांकि, जिन कामों के लिए बैंक ब्रांच जाने की आवश्यकता होती है, वैसे काम प्रभावित होंगे.

26 जनवरी की परेड में होना चाहते हैं शामिल, जानें कहां से मिलेगा टिकट!

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गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड 26 जनवरी को नई दिल्ली के राजपथ पर आयोजित होगी. इसके बाद 28 और 29 जनवरी को बीटिंग द रिट्रीट समारोह होगा. जो पूरे उत्सव का शानदार समापन माना जाता है. इन दोनों ही कार्यक्रमों के लिए टिकट लेना जरूरी होता है और इन्हें पहले से बुक करना सबसे बेहतर रहता है.

अगर आप घर बैठे टिकट लेना चाहते हैं. तो रक्षा मंत्रालय के आमंत्रण पोर्टल से ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं. यहां मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करके लॉगिन करना होता है. इसके बाद आपको परेड या बीटिंग द रिट्रीट में से इवेंट चुनना होता है और सीटिंग ऑप्शन सेलेक्ट करना होता है.

इवेंट चुनने के बाद टिकट की संख्या भरें. फिर अपनी जरूरी जानकारी डालें और वैलिड फोटो आईडी अपलोड करें, जैसे आधार या वोटर आईडी. इसके बाद ऑनलाइन पेमेंट करें. पेमेंट पूरा होते ही आप अपना ई टिकट डाउनलोड कर सकते हैं. चाहें तो उसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं.

जो लोग ऑनलाइन टिकट नहीं लेना चाहते. उनके लिए दिल्ली में सरकारी ऑफलाइन काउंटर भी लगाए जाते हैं. यहां ओरिजनल फोटो आईडी दिखाकर सीधे टिकट खरीदे जा सकते हैं. सेना भवन, शास्त्री भवन, जंतर मंतर, संसद भवन, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन और कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर काउंटर उपलब्ध रहते हैं.

कार्यक्रम में जाते समय वही फोटो आईडी साथ रखें, जो बुकिंग में दी गई थी. टिकट सिर्फ चुनी गई तारीख और इवेंट के लिए मान्य होता है. कम से कम 1 से 2 घंटे पहले पहुंचना बेहतर रहता है. सभी गेट्स पर सुरक्षा जांच होती है, इसलिए प्रतिबंधित सामान न लेकर जाएं.

गणतंत्र दिवस के दिन राजपथ और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक सीमित रहता है. ऐसे में पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना सबसे सही विकल्प होता है. मोबाइल में ई टिकट सेव रखें या प्रिंट कॉपी साथ रखें. थोड़ी प्लानिंग के साथ आप इस ऐतिहासिक परेड का पूरा आनंद ले सकते हैं.

Somnath Temple: सोमनाथ मंदिर में पीएम की शिव पूजा, मंत्र जाप

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Somnath Temple: 2026 गुजरात के सोमनाथ मंदिर के लिए 2 वजहों से खास है. साल 1026 में महमूद गजनवी ने मंदिर पर हमला कर ध्वस्त कर दिया था, जिसके 1000 साल पूरे हो रहे हैं. हाल में प्रधानमंत्री ने मंदिर को लेकर एक भावनात्मक लेख लिखा था.

अब इसके बाद पीएम ने सोमनाथ मंदिर में ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए और शिव साधना की.

दूसरा कारण ये है कि 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष हो गए हैं, इस अवसर पर 8 जनवरी से 11 जनवरी तक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है.

ड्रोन शो में दिखाई प्राचीन आस्था की झलक

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत सोमनाथ मंदिर परिसर में अरब सागर के तट पर भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया. ड्रोन शो में सनातन की भव्यता दिखाई गई. करीब 3000 ड्रोन के जरिए आकाश में सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण का दृश्य, त्रिशूल, ओम, भगवान शिव का तांडव और पीएम की आकृति दिखाई.

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने एक वीडियो शेयर किया है जिसमें 1000 साल भी बाद सोमनाथ मंदिर की भव्यता और दिव्यता की झलक दिखाई गई. समुद्र की लहरों के सामने खड़ा सोमनाथ मंदिर सिर्फ एक स्थापत्य नहीं, बल्कि भारत की उस जीवंत परंपरा का प्रतीक है जो सदियों से अपनी अस्मिता को बचाए हुए है.

सोमनाथ मंदिर पर क्यों हुए हमले

सोमनाथ मंदिर पर हमले का सबसे बड़ा कारण इसकी संपत्ति थी. मंदिर को राजाओं, व्यापारियों, विदेशी यात्रियों से भारी दान मिलता था. सोमनाथ मंदिर का खजाना सदियों से भारत की समृद्धि का प्रतीक रहा है, जिसे महमूद गजनवी ने 1026 ईस्वी में लूटा था, जिसमें भारी मात्रा में सोना, चांदी और कीमती रत्न शामिल थे.

ऐतिहासिक प्रसिद्धि के लिए मुगलों ने मंदिर को निशाना बनाया. आक्रमणकारी जानते थे, मंदिर पर हमला इतिहास में दर्ज होगा. प्रसिद्ध स्थल पर हमला आक्रमणकारी की सत्ता और भय का संदेश देता था.

ईरान से क्या-क्या मंगवाता है भारत, यहां बदली सरकार तो किसे होगा ज्यादा

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मध्य पूर्व का अहम देश ईरान एक बार फिर उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. सड़कों पर विरोध, सत्ता को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक राजनीति की हलचल के बीच दुनिया की नजर ईरान पर टिकी है. ऐसे में भारत के लिए भी यह सवाल बेहद अहम हो जाता है कि ईरान से उसका रिश्ता सिर्फ कूटनीतिक है या आर्थिक भी है.

अगर ईरान में सत्ता बदलती है, तो क्या भारत को नुकसान होगा या फायदा? इस रिपोर्ट में आपको हर पहलू का जवाब साफ शब्दों में देते हैं.

ईरान में हालात क्यों बने चिंता का कारण

ईरान में हाल के समय में हिंसा और विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आ रही हैं. इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने अंतरराष्ट्रीय माहौल को और गरमा दिया है. उन्होंने कहा है कि ईरान के लोग अब आजादी की ओर देख रहे हैं और इस बदलाव में अमेरिका उनके साथ है. ऐसे बयानों के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि अगर ईरान की सरकार में बड़ा बदलाव होता है, तो इसका असर सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसके व्यापारिक साझेदार भी प्रभावित होंगे.

भारत और ईरान का आर्थिक रिश्ता

भारत और ईरान के बीच संबंध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत हैं. भारत दुनिया में कच्चे तेल का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है और अपनी 85 फीसदी से ज्यादा जरूरतें आयात से पूरी करता है. लंबे समय तक ईरान भारत के लिए कच्चे तेल का एक अहम स्रोत रहा है, क्योंकि वहां का तेल गुणवत्ता के साथ-साथ कीमत के लिहाज से भी अनुकूल माना जाता रहा है.

भारत ईरान से क्या-क्या मंगवाता है

ईरान से भारत का सबसे बड़ा आयात कच्चा तेल रहा है. इसके अलावा भारत ईरान से सूखे मेवे जैसे पिस्ता और खजूर, कुछ खास केमिकल्स, पेट्रोकेमिकल उत्पाद और कांच से बने बर्तन भी मंगवाता है. ये सभी सामान भारतीय बाजार में अपनी अलग पहचान रखते हैं. खासकर सूखे मेवों की मांग त्योहारों और शादियों के मौसम में काफी बढ़ जाती है.

भारत ईरान को क्या निर्यात करता है

भारत भी ईरान को कई जरूरी सामान भेजता है. इसमें सबसे प्रमुख है बासमती चावल, जिसका ईरान बड़ा खरीदार रहा है. इसके अलावा चाय, चीनी, दवाइयां, ऑटो पार्ट्स और कुछ इंजीनियरिंग के सामान भी भारत से ईरान जाते हैं. इन निर्यातों से भारत के कृषि और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा मिलता है.

ईरान की अर्थव्यवस्था किन पर टिकी है

ईरान की अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत आधार कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस है. ईरान दुनिया के सबसे बड़े तेल और गैस भंडार वाले देशों में गिना जाता है. सरकारी आय का बड़ा हिस्सा तेल निर्यात से आता है. इसके अलावा पेट्रोकेमिकल, उर्वरक और ऊर्जा से जुड़े उद्योग भी उसकी अर्थव्यवस्था को संभाले हुए हैं. हालांकि अमेरिकी और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण ईरान को कई बार अपने तेल निर्यात में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है.

अगर ईरान में सरकार बदली तो नुकसान किसे

अगर ईरान में सत्ता परिवर्तन होता है और नीतियों में बड़ा बदलाव आता है, तो सबसे पहले असर तेल व्यापार पर पड़ सकता है. भारत जैसे देश, जो ऊर्जा के लिए आयात पर निर्भर हैं, उन्हें वैकल्पिक स्रोतों की ओर देखना पड़ सकता है. वहीं ईरान को भी नुकसान हो सकता है, क्योंकि भारत जैसे बड़े खरीदार के बिना उसके तेल निर्यात पर असर पड़ना तय है. इसके साथ ही सूखे मेवे और अन्य गैर-तेल व्यापार भी प्रभावित हो सकता है.