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बांग्लादेश में चुनाव से पहले हिंदू व्यापारी की हत्या से बढ़ी चिंता…

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बांग्लादेश में हिंदू व्यापारी की हत्या

बांग्लादेश में चुनाव से पहले एक हिंदू व्यापारी की क्रूर हत्या ने वहां के हिंदू समुदाय में गहरी चिंता पैदा कर दी है। पिछले शासन के दौरान हिंदुओं पर हुए अत्याचारों की यादें अभी भी ताजा हैं, और अब फिर से वही डर सताने लगा है कि कहीं इतिहास खुद को न दोहराए।

हत्या की घटना

9 फरवरी की रात मयमनसिंह जनपद के दक्षिणकांदा गांव में 62 वर्षीय चावल व्यापारी सुषेन चंद्र सरकार की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उन्हें धारदार हथियार से वार कर दुकान के अंदर लहूलुहान छोड़ दिया और लाखों टका लूटकर फरार हो गए। परिवार ने जब खोजबीन की, तो वह खून से सने मिले। चिकित्सकों ने अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके बेटे सुजन सरकार ने कहा कि उनके पिता की किसी से दुश्मनी नहीं थी, फिर भी उनकी हत्या की गई। उन्होंने हत्यारों की शीघ्र पहचान और सजा की मांग की है।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर सवाल

इस क्षेत्र में एक अन्य हिंदू युवक दिपु चंद्र दास की भी भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बांग्लादेश में अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं? पिछले एक वर्ष में हत्या, आगजनी, और मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं बढ़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों ने चेतावनी दी है कि राजनीतिक बदलाव के बाद अल्पसंख्यकों पर दबाव बढ़ा है। भारत ने भी चिंता जताई है कि बार-बार हो रहे हमलों को साधारण विवाद बताकर टालना दोषियों का हौसला बढ़ाता है।

चुनाव की तैयारी

12 फरवरी को बांग्लादेश में होने वाले चुनाव में 300 में से 299 सीटों पर मतदान होगा। इस बार अवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी गई है, जिसका शेख हसीना ने विरोध किया है। उनके करीबी पूर्व वित्त मंत्री हसन महमूद ने चुनाव को पूर्व नियोजित बताते हुए कहा है कि यह प्रक्रिया एक खास सोच को सत्ता में बनाए रखने के लिए बनाई गई है।

मुख्य राजनीतिक दलों के बीच टक्कर

चुनावी मैदान में मुख्य टक्कर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात ए इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन के बीच मानी जा रही है। एक जनमत सर्वेक्षण में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के गठजोड़ को बढ़त दिखाई गई है। सर्वेक्षण के अनुसार, 200 से अधिक स्थान इस गठजोड़ को मिल सकते हैं।

बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति

बांग्लादेश में हिंदू और उदार सोच वाले वर्ग में यह भावना बढ़ रही है कि वे दो पाटों के बीच पिस रहे हैं। एक ओर जमीनी स्तर पर हमले और दूसरी ओर भारत की बदलती नीति। 2001 से 2006 के दौरान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और जमात के शासन में हजारों हिंदू देश छोड़ने पर मजबूर हुए थे।

नई पीढ़ी की सोच

बांग्लादेश की नई पीढ़ी लोकतंत्र और स्वाभिमान की बात कर रही है। विश्वविद्यालयों की दीवारों पर लिखे नारे बताते हैं कि युवा पीढ़ी भारत के प्रभाव को संदेह की नजर से देखती है। चुनावी अनिश्चितता और अल्पसंख्यक सुरक्षा का सवाल बांग्लादेश के लिए एक कठिन मोड़ है।

निष्कर्ष

बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति यह दर्शाती है कि लोकतंत्र केवल चुनावों से नहीं, बल्कि नागरिक सुरक्षा और विश्वास से चलता है। सुषेन चंद्र सरकार की हत्या केवल एक अपराध नहीं, बल्कि राज्य की विश्वसनीयता पर चोट है। भारत और बांग्लादेश के रिश्ते केवल कूटनीति नहीं, बल्कि इतिहास और संस्कृति से जुड़े हैं।

“महाशिवरात्रि 2026: विशेष तिथियाँ और शुभ योग”

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भगवान शिव को समर्पित महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है, जबकि महाशिवरात्रि विशेष रूप से फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष में आती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी रात भगवान शिव शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे।

मनोकामनाओं की पूर्ति शास्त्रों के अनुसार, शिवलिंग मन, चेतना, ब्रह्म, माया, आत्मा, बुद्धि, आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी के मिलन का प्रतीक है। इसीलिए महाशिवरात्रि पर की जाने वाली पूजा और ध्यान भक्तों को आध्यात्मिक पुण्य प्रदान करते हैं।

महाशिवरात्रि 2026 की तिथि

महाशिवरात्रि 2026 को लेकर कुछ भ्रम है कि यह 15 फरवरी को मनाई जाएगी या 16 फरवरी को।

हिंदू पंचांग के अनुसार:

  • चतुर्दशी तिथि आरंभ: 15 फरवरी 2026, शाम 5:04 बजे
  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 फरवरी 2026, शाम 5:34 बजे

हालांकि हिंदू त्योहार आमतौर पर उदय तिथि (सूर्योदय) के अनुसार मनाए जाते हैं, महाशिवरात्रि निषित काल के दौरान चतुर्दशी के दिन मनाई जाती है। इस नियम के अनुसार, महाशिवरात्रि 15 फरवरी, 2026 को मनाई जाएगी।

निशिता काल मुहूर्त

  • निशिता काल: 12:09 AM से 1:01 AM (देर रात)

महाशिवरात्रि पर पूजा का समय

  • पहला प्रहर: शाम 6:11 बजे से रात 9:23 बजे तक
  • दूसरा प्रहर: 9:23 अपराह्न – 12:35 पूर्वाह्न (16 फरवरी)
  • तीसरा प्रहर: रात 12:35 बजे से सुबह 3:47 बजे तक (16 फरवरी)
  • चौथा प्रहर: सुबह 3:47 – सुबह 6:59 (16 फरवरी)

300 वर्षों के बाद दुर्लभ शुभ योग

महाशिवरात्रि 2026 को अत्यंत शुभ माना जा रहा है क्योंकि लगभग 300 वर्षों में एक बार कई दुर्लभ ग्रहों का संयोजन बन रहा है।

इस दिन;

  • बुध और शुक्र के संयोजन से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनेगा।
  • बुध और सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग बनेगा।
  • सूर्य और शुक्र के एक सीध में आने से शुक्रदित्य योग बनेगा।
  • शनि के कुंभ राशि में रहने से शश महापुरुष राजयोग बनेगा।

कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की एक साथ उपस्थिति से एक शक्तिशाली चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा। ज्योतिषियों का मानना है कि ये योग भक्तों के आध्यात्मिक विकास, समृद्धि और सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा देते हैं।

दिल्ली में बढ़ती हिंसा पर आम आदमी पार्टी का भाजपा पर हमला…

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दिल्ली में बढ़ती हत्या की घटनाएं

दिल्ली में भाजपा की चार इंजन वाली सरकार की लापरवाहियों के कारण निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, जबकि सरकारी तंत्र चुप्पी साधे हुए है। आम आदमी पार्टी ने राजधानी में बढ़ती हत्या और नालों में गिरकर होने वाली मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है और भाजपा सरकार पर तीखा हमला किया है।

केजरीवाल का आरोप

आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को भाजपा सरकार की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा ने सिर्फ एक साल में दिल्ली का सत्यानाश कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा को जनता की जान की कोई परवाह नहीं है।

सौरभ भारद्वाज की टिप्पणी

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, जो नदी-नालों के विशेषज्ञ माने जाते हैं, का विभाग दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में कई जगहों पर खुले नाले हैं, जिनमें गिरकर लोग मर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उपराज्यपाल पहले खुद को लोकल गार्जियन कहते थे, लेकिन अब एक साल से गायब हैं। भाजपा की सरकार की पोल खुल चुकी है।

भाजपा की जिम्मेदारी

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि आज अगर कहीं गड्ढा है या नाला खुला है, तो वह भाजपा की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 24 घंटे के भीतर कई हत्याएं हो रही हैं, जिनमें स्कूल के बच्चों की भी जान जा रही है।

इसके बावजूद उपराज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही है।

दिल्ली की दो तस्वीरें

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में दो अलग-अलग वास्तविकताएं हैं। एक दिल्ली वह है जहां लोग हत्याओं का शिकार हो रहे हैं, और दूसरी दिल्ली वह है जहां मुख्यमंत्री समारोहों में व्यस्त हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कोई माँ अपने बेटे के साथ ऐसा होने पर चुप रह सकती है?

राहुल गांधी का संसद में सरकार पर हमला: पीएम की आंखों में डर और अडानी का जिक्र…

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कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में सरकार पर जोरदार हमला किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री की आंखों में डर की मौजूदगी का उल्लेख करते हुए इसे एपस्टीन फाइल्स और अडानी मामले से जोड़ा।

इस दौरान सत्ता पक्ष ने विरोध किया, जिससे सदन में हंगामा मच गया। राहुल ने कहा कि तीन मिलियन फाइलें अभी भी बंद हैं, जिनमें कई रहस्य छिपे हुए हैं।

पीएम की आंखों में डर का कारण

राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री की आंखों में स्पष्ट डर दिखाई देता है। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं: पहला एपस्टीन मामला और दूसरा अडानी। उन्होंने रक्षा बजट पर केंद्र की पकड़ का उल्लेख करते हुए कहा कि अडानी कोई साधारण व्यवसायी नहीं हैं।

उनकी कंपनी पर अमेरिका में मुकदमा चल रहा है, लेकिन निशाने पर प्रधानमंत्री हैं। राहुल ने यह भी कहा कि अडानी की कंपनी बीजेपी की आर्थिक संरचना का हिस्सा है। इस पर भाजपा के नेताओं रविशंकर प्रसाद और किरेन रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई।

अनिल अंबानी पर सवाल उठाते हुए

राहुल ने अनिल अंबानी का नाम लेते हुए पूछा कि वे जेल में क्यों नहीं हैं। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में कुछ नाम हैं जिन पर आपराधिक आरोप हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का जिक्र करते हुए राहुल ने सदन में मौजूद सदस्यों पर निशाना साधा।

सत्ता पक्ष ने इसे निराधार आरोप बताया और स्पीकर जगदंबिका पाल से हस्तक्षेप की मांग की। राहुल ने स्पीकर पर भी टिप्पणी की कि वे भाजपा के पूर्व सदस्य हैं।

भारत को ‘बेचने’ का आरोप

राहुल गांधी ने सरकार पर अमेरिका के दबाव में निर्णय लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोल दिया गया है, जबकि किसानों की चिंता नहीं की गई। अमेरिका का टैरिफ 3% से बढ़कर 18% हो गया है, जिससे भारत को नुकसान हुआ है।

राहुल ने सवाल उठाया कि भारत को बेचकर सरकार को शर्म क्यों नहीं आती। उन्होंने कहा कि कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री ऐसी व्यापारिक डील पर हस्ताक्षर नहीं करता जब तक कि दबाव न हो।

140 करोड़ की जनता का ‘सरेंडर’

राहुल ने दावा किया कि भारत ने अपना डेटा अमेरिका को सौंप दिया है और किसानों को विदेशी कंपनियों के सामने झुका दिया है। यह पूरा सरेंडर है – न केवल पीएम का, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का। इसके पीछे बीजेपी की आर्थिक संरचना है। सदन में हंगामे के बीच राहुल ने कहा कि देश के फैसले अमेरिका कैसे तय कर रहा है।

भारत में 12 फरवरी को श्रमिकों का प्रदर्शन: स्कूल और कॉलेज बंद रहने की संभावना…

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देशव्यापी हड़ताल की तैयारी

केंद्रीय श्रमिक संघ और किसान संगठन 12 फरवरी, 2026 को नए श्रम कानूनों और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ एक व्यापक प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों – INTUC, AITUC, HMS, CITU, AIUTUC, TUCC, SEWA, AICCTU, LPF और UTUC – ने इस हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है और दैनिक गतिविधियाँ बाधित हो सकती हैं। इस कारण, विभिन्न राज्यों में स्कूल और कॉलेजों के बंद रहने की संभावना है।

बाजार और सेवाओं पर प्रभाव

हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शैक्षणिक संस्थानों के अलावा, कई राज्यों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, सरकारी कार्यालय, परिवहन सेवाएं और बाजार भी बंद रहने की संभावना है।

क्या खुलेगा और क्या बंद रहेगा

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (कम क्षमता के साथ कार्य कर सकते हैं).

सरकारी कार्यालय और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (कम उपस्थिति के साथ).

सार्वजनिक परिवहन सेवाएं, जैसे बसें और टैक्सियाँ (कम आवृत्ति पर).

कारखाने और औद्योगिक इकाइयां (कार्यस्थल स्थगित होने की संभावना).

स्कूल और कॉलेज (संभवतः बंद रहेंगे).

बाजार और स्थानीय दुकानें (बंद होने की संभावना).

खुली सेवाएं

अस्पताल और आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं

एम्बुलेंस सेवाएं

चिकित्सा भंडार और फार्मेसियां

अग्निशमन एवं बचाव सेवाएं

दूध की आपूर्ति

समाचार पत्र वितरण

हवाई अड्डे और उड़ान संचालन

एटीएम

नए श्रम कानूनों का विरोध

श्रमिक संघ चार नए श्रम कानूनों का विरोध कर रहे हैं, जो पिछले वर्ष लागू हुए 29 श्रम कानूनों को दरकिनार कर देते हैं। विरोधियों का कहना है कि ये नए कानून श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करेंगे, नौकरी की सुरक्षा को कम करेंगे और नियोक्ताओं को कर्मचारियों की भर्ती और बर्खास्तगी में आसानी प्रदान करेंगे। इसके अलावा, उन्होंने निजीकरण, वेतन संबंधी मुद्दों और सामाजिक सुरक्षा की कमी पर भी आपत्ति जताई है।

यूनियनों के अनुसार, विरोध नोटिस विभिन्न क्षेत्रों और उद्योगों में वितरित किए गए हैं। वे चार श्रम संहिताओं और नियमों को हटाने, बीज विधेयक का मसौदा, विद्युत संशोधन विधेयक और सतत परमाणु ऊर्जा दोहन एवं विकास (शांति) अधिनियम को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वे एमजीएनआरईजीए को बहाल करने और विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 को निरस्त करने का अनुरोध कर रहे हैं।

राज्यसभा में विदेश जाने वाले युवाओं के लिए एफिडेविट का प्रस्ताव…

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राज्यसभा में उठी महत्वपूर्ण चिंता

बुधवार को राज्यसभा में एक संवेदनशील मुद्दा प्रस्तुत किया गया। इसमें सुझाव दिया गया कि विदेश यात्रा करने वाले व्यक्तियों से एफिडेविट लिया जाए।

इस एफिडेविट के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विदेश जाने वाले युवा अपने माता-पिता की देखभाल करेंगे और उनसे नियमित संपर्क बनाए रखेंगे।

बुजुर्गों की देखभाल का मुद्दा

राज्यसभा में बताया गया कि हाल के दिनों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां विदेश में रहने वाले युवाओं ने अपने बुजुर्ग माता-पिता की सेहत का ध्यान नहीं रखा। यहां तक कि कुछ माता-पिता की मृत्यु होने पर भी उनके बच्चे वापस नहीं लौटे। भाजपा सांसद राधा मोहनदास अग्रवाल ने इस विषय को उठाते हुए कहा कि देश में लगभग साढ़े तीन करोड़ लोग विदेशों में निवास करते हैं, जिनमें से कई के माता-पिता भारत में हैं।

सरकारी कानून की कमी

अग्रवाल ने सदन में बताया कि कई माता-पिता ने अपने बच्चों को विदेश भेजने के लिए अपनी संपत्ति तक बेच दी है। उन्होंने इंदौर और दिल्ली की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ माता-पिता की मृत्यु के बाद भी उनके बच्चे वापस नहीं आए, जिससे उनका अंतिम समय अकेलेपन में बीता। उन्होंने कहा कि मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन एक्ट, 2007, अभी भी पूरी तरह से प्रभावी नहीं है।

एफिडेविट का सुझाव

अग्रवाल ने सुझाव दिया कि विदेश जाने वाले व्यक्तियों से एफिडेविट लिया जाए, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि वे अपने माता-पिता की देखभाल करेंगे, स्वास्थ्य बीमा कराएंगे और नियमित संपर्क बनाए रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऐसा प्रमाण हर छह महीने में नहीं मिलता, तो भारत सरकार को उनके पासपोर्ट निरस्त करने का अधिकार होना चाहिए।

बुजुर्गों की सुरक्षा की आवश्यकता

अग्रवाल ने सदन से आग्रह किया कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाए ताकि देश के वरिष्ठ नागरिकों को अकेलेपन और अनदेखी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि विदेश में पढ़ाई करने वाले बच्चों के माता-पिता अक्सर अपने सुख को त्यागकर उन्हें विदेश भेजते हैं। समय के साथ, उनका अपने माता-पिता के प्रति लगाव कम होता जाता है।

अंतिम समय में बच्चों की अनुपस्थिति

उन्होंने इंदौर की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक व्यक्ति के माता-पिता की मृत्यु के बाद उनके बच्चे 20 दिन तक लौटकर नहीं आए। ऐसे मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे बुजुर्गों का जीवन दुखदायी हो जाता है।

सरकार से अपील

अग्रवाल ने विदेश मंत्री से अनुरोध किया कि विदेश जाने वाले व्यक्तियों से एक एफिडेविट लिया जाए, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाए कि वे अपने माता-पिता की देखभाल के लिए एक निश्चित राशि भेजेंगे और नियमित रूप से उनसे संपर्क करेंगे।

विजया एकादशी: जानें इस दिन के महत्वपूर्ण नियम और व्रत की विधि…

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विजया एकादशी का महत्व;

13 फरवरी को मनाई जाएगी विजया एकादशी

विजया एकादशी का व्रत विशेष महत्व रखता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्री राम ने लंका पर विजय पाने के लिए इसी दिन का व्रत किया था।

2026 में यह पर्व 13 फरवरी को मनाया जाएगा। यदि आप अपने जीवन में बाधाओं को दूर करना चाहते हैं और सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, तो इस दिन कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना आवश्यक है।

विजया एकादशी पर क्या करें?

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ पीले वस्त्र पहनें। भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं।

इस दिन सामर्थ्य अनुसार अन्न, जल या गर्म कपड़ों का दान करें। ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को भोजन कराना उत्तम माना जाता है।

संभव हो तो रात में सोएं नहीं, बल्कि भजन-कीर्तन करते हुए भगवान का ध्यान करें।

विजया एकादशी पर क्या न करें?

एकादशी के दिन चावल खाना धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है।

इस दिन प्याज, लहसुन, मांस या मदिरा का सेवन न करें।

एकादशी का व्रत संयम का प्रतीक है। इस दिन किसी को अपशब्द न बोलें, गुस्सा न करें और न ही किसी की बुराई करें।

भगवान विष्णु को तुलसी प्रिय है, लेकिन एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। पूजन के लिए पत्ते एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।

इस दिन दिन के समय सोने से बचें और अपना समय प्रभु की भक्ति में लगाएं।

लोकसभा में केंद्रीय बजट पर गरमागरम बहस, राहुल गांधी ने उठाए गंभीर सवाल…

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बजट चर्चा में तीखी नोकझोंक

बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026 पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है और देश को विदेशी ताकतों के सामने ‘समर्पण’ कर दिया है।

उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष ने जोरदार विरोध किया।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के दौरान भारत के हितों को शर्मनाक तरीके से गिरवी रख दिया। उन्होंने इसे ‘नॉनसेंस’ कदम बताते हुए कहा कि सरकार ने कृषि, आईटी, डेटा और लोगों के हितों से जुड़े कई मामलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकाव दिखाया है।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई। उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणियों को ‘बेतुका’ करार दिया और कहा कि आलोचना रचनात्मक होनी चाहिए। रिजिजू ने मांग की कि असंसदीय शब्दों को कार्यवाही से हटाया जाए। सदन की कार्यवाही देख रहे अध्यक्षीय पीठासीन सदस्य जगदंबिका पाल ने भी राहुल गांधी से आपत्तिजनक शब्दों से बचने को कहा। राहुल गांधी ने इसे स्वीकार किया, लेकिन सरकार को घेरना जारी रखा।

सदन में उस समय हंगामा और नारेबाजी शुरू हो गई जब विपक्षी सदस्यों ने राहुल के ‘सरेंडर’ वाले आरोप का समर्थन किया, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्य उनका विरोध करते रहे।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि यह सरकार देश, किसानों, आईटी सेक्टर और ऊर्जा सुरक्षा को बेच चुकी है और अमेरिका के सामने पूरी तरह झुक गई है।

इस पर किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा कि कोई भी ऐसा नहीं है जो देश को बेच सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के अब तक के सबसे मजबूत नेता हैं।

राहुल गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर भी निशाना साधते हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और विदेशी क्लाउड सेवा कंपनियों को कथित टैक्स छूट को देश के आर्थिक और रणनीतिक हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘वित्त मंत्री मुस्कुरा रही हैं, उन्हें मुस्कुराना पसंद है। बड़ी कंपनियों को 20 साल की टैक्स छुट्टी दे दी, क्या हमारे डेटा के साथ यही किया गया?’

कांग्रेस सांसदों पर किरन रिजिजू का गंभीर आरोप, स्पीकर के कक्ष में गाली गलौज का मामला…

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संसद में हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप

संसद के बजट सत्र में हंगामे का दौर जारी है। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने बुधवार को कांग्रेस के सांसदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कई कांग्रेस सांसद स्पीकर के कक्ष में गए और उनके साथ अभद्रता की।

इस घटना से लोकसभा स्पीकर काफी दुखी हैं। रिजिजू ने इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष से बातचीत की है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि लगभग 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के कक्ष में पहुंचे और उनके साथ गाली गलौज की। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना के समय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल भी वहां मौजूद थे।

इसके अलावा, रिजिजू ने सदन में बोलने को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने एक निर्णय लिया था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें बोलने के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है और वे अपनी मर्जी से बोलेंगे। इस पर रिजिजू ने स्पष्ट किया कि संसद में नियम स्पष्ट हैं, बिना अध्यक्ष की अनुमति के कोई भी सदस्य नहीं बोल सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री भी तभी बोलते हैं जब अध्यक्ष अनुमति देते हैं। सभी सदस्यों को नियमों का पालन करना आवश्यक है। रिजिजू ने कहा कि स्पीकर का स्वभाव बहुत शांत है, अन्यथा इस तरह की घटना पर कड़ी कार्रवाई हो सकती थी। दरअसल, हाल ही में कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिसके बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की होगी स्थापना…

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सीएम विष्णुदेव साय की मौजूदगी में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विभाग छत्तीसगढ़ और एसटीपीआई के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता। नवाचार, स्टार्टअप और कौशल आधारित रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।

छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी देश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को ज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

आधुनिक अधोसंरचना, प्रभावी ई-गवर्नेंस प्रणाली और निवेश-अनुकूल नीतियों के चलते छत्तीसगढ़ आज आईटी, आईटीईएस एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 10 फरवरी को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के मध्य हुए महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू, MoU) के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

सीएम साय ने कहा कि युवाओं में उद्यमिता विकसित करने और उन्हें आईटी एवं आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय अवसर राज्य के भीतर ही उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल की गई है। इस एमओयू के तहत राज्य में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप (CoE) एवं इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वन एवं औषधीय उत्पाद आधारित मेडटेक, स्मार्ट सिटी समाधान तथा स्मार्ट कृषि जैसे चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्टअप को प्रोत्साहन मिलेगा।

साथ ही, एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड डेवलपमेंट (ESDD) सेंटर की स्थापना की जाएगी, जो प्रति वर्ष लगभग 30 से 40 हार्डवेयर स्टार्टअप और एमएसएमई (MSME) को प्रोडक्ट डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग, कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण की सुविधाएं प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस पहल से प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर ही इनक्यूबेशन (Incubation), मेंटरशिप, फंडिंग और आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे उच्च कौशल वाले युवाओं का बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने एसटीपीआई जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्था के सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि देशभर में 68 केंद्रों और 24 सेक्टर-विशेष सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से एसटीपीआई (STPI) का व्यापक अनुभव छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम (Ecosystem) को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने विश्वास व्यक्त किया कि यह एमओयू राज्य के आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा और छत्तीसगढ़ को डिजिटल नवाचार, तकनीकी उद्यमिता और स्टार्टअप (Startup) के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, इलेक्ट्रॉनिक और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, एसटीपीआई के निदेशक रवि वर्मा, चिप्स (CHIPS) के सीईओ प्रभात मलिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।