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आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण हुई सम्पन्न

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जिले के जनपद पंचायत सभाकक्ष मनेंद्रगढ़ में आयोजित आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह प्रशिक्षण 02 सितम्बर 2025 को प्रारंभ हुआ था, जिसका समापन 04 सितम्बर 2025 को हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य आदिवासी बहुल ग्रामों तक शासन की सभी योजनाओं को प्रभावी रूप से पहुँचाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना रहा। तीन दिवसीय प्रशिक्षण में ग्राम स्तर पर आदि साथी, सरकारी सेवक जैसे डॉक्टर और शिक्षक आदि सहयोगी तथा मास्टर ट्रेनर्स यानी आदि कर्मयोगी की जिम्मेदारियों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान आदिवासी ग्रामों में सड़क, आवास, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं तथा वन विभाग संबंधी विकास योजनाओं के लिए मांग प्रपत्र तैयार करने और ग्रामों को आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में कार्ययोजना बनाई गई। सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग द्वारा आगामी विकासखंड स्तरीय और ग्राम स्तरीय प्रशिक्षण 2 अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए, साथ ही प्रत्येक ग्राम में 20 सदस्यीय आदि साथी दल के गठन पर बल दिया गया। समापन अवसर पर सभी प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सहायक आयुक्त अंकिता मरकाम, जनपद सीईओ वैशाली सिंह और मंडल संयोजक संजय श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित रहे।

चिरमिरी-नागपुर रेल परियोजना के अंतर्गत छह ग्रामों की भूमि अधिग्रहण सर्वेक्षण 8 सितम्बर से होगी प्रारंभ

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कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (रा०) मनेंद्रगढ़ द्वारा सर्वसाधारण आमजनता, ग्रामीणजन और कृषकजनों को सूचित किया गया है कि चिरमिरी-नागपुर रोड हाल्ट रेल परियोजना (17 किलोमीटर) हेतु प्रस्तावित ग्राम बंजी, चिरईपानी, चित्ताझोर (तहसील चिरमिरी), खैरबना, सरोला और सरभोका में भूमि अधिग्रहण के संबंध में धारा 20E का प्रकाशन किया जा चुका है। अधिसूचना के उपरांत रेल अधिनियम 1989 की धारा 20(च) अंतर्गत मुआवजा निर्धारण हेतु आवश्यक सर्वेक्षण कार्य संपन्न किया जाएगा। इस सर्वेक्षण में प्रस्तावित भूमि पर स्थित संरचनाओं, भूमि उपयोग प्रवर्ग, पेड़, कुआं, नलकूप आदि का पंचनामा, फोटोग्राफ और अक्षांश-देशांतर सहित प्रतिवेदन तैयार किया जाएगा।
संयुक्त सर्वे टीम द्वारा यह सर्वेक्षण 08 सितम्बर 2025, सोमवार को प्रातः 11 बजे ग्राम बंजी से प्रारंभ किया जाएगा। सर्वेक्षण में लगने वाला समय प्रत्येक ग्राम में प्रभावित खसरों और उनमें निर्मित संरचनाओं की संख्या पर निर्भर करेगा। ग्राम बंजी की 56 प्रभावित खसरा और सरोला की 11 प्रभावित खसरा का सर्वेक्षण 08 से 12 सितम्बर 2025 तक होगा। इसके साथ ग्राम चिरई पानी की 45 प्रभावित खसरा एवं सरभोका की 14 प्रभावित खसरा का सर्वेक्षण 15 से 20 सितम्बर 2025 तक होगा। वहीं ग्राम खैरबना की 57 प्रभावित खसरा एवं चित्ताझोर की 23 प्रभावित खसरा का सर्वेक्षण 22 से 26 सितम्बर 2025 तक किया जाएगा। कुल मिलाकर इन छह ग्रामों में 206 खसरे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में प्रभावित होंगे।
इस संबंध में सभी भूमि स्वामी, सह-स्वामी और कृषकगण को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने भूमि संबंधी दस्तावेज जैसे खसरा, बी-1, ऋण पुस्तिका, विक्रय पत्र, नामांतरण, डायवर्जन, न्यायालयीन प्रकरणों से संबंधित जानकारी एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों सहित स्थल पर अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर सहयोग प्रदान करें। यदि कोई भूमिस्वामी सर्वेक्षण के समय अनुपस्थित रहता है और आवश्यक तथ्य प्रस्तुत नहीं करता तो भविष्य में वादबहुल्यता की स्थिति में उसकी स्वयं की जिम्मेदारी होगी। ऐसे मामलों में आगे की कार्यवाही स्थल जांच और उपलब्ध राजस्व अभिलेखों सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर ही की जाएगी।

मदकू द्वीप क्षेत्र के विकास के शिल्पी शांताराम को दी गई श्रद्धांजलि

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मदकू द्वीप क्षेत्र के विकास के शिल्पी और छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक स्वर्गीय श्री शांताराम को केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित अनेक मंत्रीगणों एवं जनप्रतिनिधियों ने मदकू द्वीप पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और अंतिम यात्रा में शामिल हुए। शांताराम जी का निधन न केवल श्री मदकू द्वीप बल्कि पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी स्मृतियाँ और आदर्श, भावी पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।

कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, छ.ग. वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर सलीम राज, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, पूर्व विधायक श्री गौरी शंकर अग्रवाल, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, क्रेडा के अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा, प्रांतीय संघ संचालक श्री टोपलाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक 94 वर्षीय स्वर्गीय श्री शांताराम भारतीय स्टेट बैंक में प्रबंधक के पद को त्याग कर हिंदू समाज के उत्थान हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्णकालिक कार्यकर्ता बने। संघ में रहते हुए उन्होंने जिला, विभाग, प्रांत प्रचारक और क्षेत्र सम्पर्क प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। वर्ष 1990 में उन्होंने श्री हरिहर क्षेत्र मदकू द्वीप को विकसित करने का मिशन अपने हाथ में लिया। उनके अथक प्रयासों से मदकू द्वीप धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से पुनर्जीवित हुआ तथा श्रद्धालुओं और शोधकर्ताओं का प्रमुख केंद्र बना।

उन्होंने बैतलपुर की कुष्ठ बस्ती चंदरपुर में शिव मंदिर निर्माण, चिकित्सा सेवाएँ और सामाजिक कार्यों के साथ-साथ नवागढ़ के शमी गणेश मंदिर के पुनर्निर्माण में भी योगदान दिया। उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार आज प्रातः 08 से 10 बजे तक उनका पार्थिव शरीर रायपुर स्थित जागृति मंडल में अंतिम दर्शन हेतु रखा गया। तत्पश्चात मध्याह्न 01 बजे श्री हरिहर क्षेत्र मदकू में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन पुलिस लाइन कॉलोनी पहुंच कर दी श्रद्धांजलि, शोक संतृप्त परिवार जनों से मुलाकात कर बांटा दुख

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कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन आज शनिवार को कोरबा के पुलिस लाइन कॉलोनी पहुंच कर तालाब में डूबने से दिवंगत बच्चों को पुष्प अर्पित कर परिवार जनों को ढाँढस बंधाकर दुख बांटा।

एक दिन पहले पुलिस कॉलोनी के तीन बच्चों की तालाब में डूबने से मृत्यु हो गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने पुलिस अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली थी।

शनिवार को मंत्री श्री देवांगन ने दिवंगत बच्चे के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। शोकाकुल परिवार जनों से भेंट कर ढाँढस बंधाया। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत,राकेश नागरमल अग्रवाल, अभिषेक पालीवाल, अनिल यादव भी उपस्थित रहे।

केन्द्र सरकार की अभिनव पहल ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना’

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प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना एक ऐसी योजना है जिसमें सौर ऊर्जा के माध्यम से घरों तक रोशनी पहुंचाई जा रही है। योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत हितग्राहियों को केन्द्र सरकार की ओर से 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार तक की सब्सिडी दी जा रही है साथ ही प्रतिमाह 300 यूनिट फ्री बिजली का भी प्रावधान है। योजना के तहत बिलासपुर जिला चांटीडीह निवासी श्री अशोक साहू ने अपने दो घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाया है, उन्होंने चार किलोवाट और तीन किलोवाट के दो सोलर पैनल लगवाएं हैं जिनमें से एक उनकी पत्नी श्रीमती प्रीति साहू के नाम है। उन्होंने बताया कि सोलर पैनल से हो रहे बिजली उत्पादन से अब उन्हें महंगे बिजली के बिल से राहत मिल रही है और उनके दोनों घरों का बिजली बिल शून्य हो गया है। इस महत्वपूर्ण योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

चांटीडीह निवासी श्री अशोक साहू ने बताया कि उनके दो घर हैं एक उनकी पत्नी के नाम और एक स्वयं उनके नाम पर, घर बड़ा और संयुक्त परिवार होने के कारण बिजली की खपत काफी अधिक थी जिससे बिल काफी अधिक आता था। सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के विषय में जानकारी मिलने पर उन्होंने भी इसे लगवाने का निर्णय लिया और दोनों घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाया। उन्होंने बताया कि तीन किलोवाट की लागत 190000 थी जो 90 प्रतिशत उनकी पत्नी के नाम पर फाइनेंस हो गया। वहीं चार किलोवाट की लागत 240000 थी जिसमें से केंद्र द्वारा सब्सिडी के रूप में 78000 और राज्य सरकार की सब्सिडी 30000 रुपए उनके खाते में आ गए हैं। वहीं उनकी पत्नी के नाम पर लगे सोलर पैनल की सब्सिडी भी जमा हो गई है। उन्होंने बताया कि जब से उन्होंने अपने दोनों घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाया है, उनके बिजली बिल शून्य हो गया है। सोलर पैनल के जरिए छत पर हो रहे बिजली उत्पादन से उनकी प्रतिमाह बिजली पर होने वाले खर्च की बचत हो रही है। श्री साहू ने बताया कि दोनों घरों की छत पर 7 किलोवाट का सोलर पैनल लगा है, जिससे हो रहे बिजली उत्पादन से प्रतिमाह बिजली बिल की अब चिंता नहीं रही, वहीं वे उत्पादक के रूप में भी बिजली की सप्लाई भी कर रहे हैं जो गर्व की बात है। सोलर पैनल लगवाने के बाद उनके घर का बिजली बिल शून्य हो गया है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत केवल 1 बार निवेश करना है जिसके बाद 25 वर्षाे तक बिजली की आपूर्ति होती रहेगी। लंबे समय के लिए यह एक बेहद किफायती योजना है जिसके लिए बैंक द्वारा कम ब्याज दर पर ऋण की भी सुविधा दी जाती है। उन्होंने बताया कि एक बार सोलर पैनल लगवाने के बाद इस पर किसी प्रकार का मेंटेनेन्स खर्च नहीं है और पैनल लगाने वाली कंपनी द्वारा 5 साल तक निःशुल्क सविर्सिंग की सुविधा दी जाती है। उन्होंने कहा कि यह पर्यावरण की दृष्टि से बेहद उपयोगी है। इस माध्यम से हम सौर ऊर्जा कर उपयोग कर बिजली का उत्पादन कर पा रहे हैं, जो ग्रीन एंनर्जी को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इस योजना को अपनाकर सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनें और पर्यावरण संवर्धन में अपना योगदान दें।

उल्लेखनीय है कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत शासन द्वारा शहरी एवं ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफ टॉप सोलर प्लाण्ट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उक्त स्थापित प्लाण्ट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से जुड़ेगा जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आमदनी भी मिल जाती है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से कम बिजली बिल, बिजली उत्पादन कर आत्मनिर्भरत और नवीन रोजगार का भी सृजन हो रहा है। इससे नवीनीकृत ऊर्जा स्त्रोत के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। शासन द्वारा इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान भी दिया जाता है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन करा सकते हैं।

रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित टाटीबंध में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मध्य भारत के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के प्रथम रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम ‘देव हस्त’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम है। यह ऐतिहासिक क्षण प्रदेश की जनता को अत्याधुनिक और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं ‘देव हस्त’ पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन कर इस अत्याधुनिक तकनीक की औपचारिक शुरुआत की। यह सिस्टम मध्य भारत के किसी शासकीय स्वास्थ्य संस्थान में स्थापित होने वाला पहला रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एम्स रायपुर में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भर्ती होने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा हेतु एम्स रायपुर में सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास निर्माण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे हमें जीवन प्रदान करते हैं। आज जिस रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ हो रहा है, उसे ‘देव हस्त’ नाम दिया गया है। इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि एम्स रायपुर में भर्ती होने वाले अन्य राज्यों के मरीजों को भी मिलेगा। एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार मील का पत्थर साबित हो रहा है।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एम्स रायपुर से मुझे विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि “जब रायपुर एम्स के निर्माण को स्वीकृति मिली, उस समय मैं सांसद था और प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी से छत्तीसगढ़ में एम्स की शाखा स्थापित करने का आग्रह किया था। यह आवश्यक था ताकि दिल्ली स्थित एकमात्र एम्स पर मरीजों का दबाव कम हो और अन्य राज्यों के लोगों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उनके राज्य में ही उपलब्ध हो। हमारा सौभाग्य है कि जिन छह राज्यों में एम्स स्थापित करने की स्वीकृति मिली, उनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल था।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने परिजन निवास की घोषणा करते हुए कहा कि “दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा कितनी आवश्यक है, यह मैं भली-भांति समझता हूं। सांसद रहते हुए दिल्ली स्थित मेरे आवास को लोग ‘मिनी एम्स’ कहते थे क्योंकि वहां मैं मरीजों के परिजनों की रुकने की व्यवस्था करता था। जनसेवा का यह कार्य मेरे दिल के बेहद करीब है। 2014 से 2019 के संसदीय कार्यकाल में मैंने लगभग 12 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से मरीजों को दिलवाए थे। रायपुर में भी कुनकुरी सदन में मरीजों के परिजनों की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश के लोग उठाते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 20 महीनों में सरकार बनने के बाद राज्य में पाँच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जीवनशैली और खान-पान में बदलाव के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि हुई है और इनका इलाज भी महंगा होता है। इसी वजह से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना प्रारंभ की, जिसके अंतर्गत गरीब वर्ग के लोगों को पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। अब वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के मरीजों को भी यह सुविधा प्रदान की जा रही है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि समय के साथ जहाँ चिकित्सा सुविधाएँ बढ़ रही हैं, वहीं बीमारियों का दायरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रोबोटिक सर्जरी का विशेष महत्व है। इसके माध्यम से चिकित्सकीय क्षमता और गुणवत्ता में कई गुना वृद्धि की जा सकती है। छत्तीसगढ़ को ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का अत्यधिक लाभ मिलेगा और शीघ्र ही राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘देव हस्त’ के नामकरण हेतु आयोजित प्रतियोगिता की विजेता सुश्री ज्योत्स्ना किराडू को पाँच हजार रुपये की पुरस्कार राशि भेंट की। कार्यक्रम में एम्स रायपुर के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डॉ. अशोक जिंदल, विभागाध्यक्ष डॉ. देवज्योति मोहंती, बड़ी संख्या में चिकित्सा छात्र और गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया एरोकॉन 2025 का शुभारंभ, कैंसर उपचार और शोध में मिलेगी नई दिशा

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में वित्तीय संसाधन कभी बाधा नहीं बनेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘एरोकॉन 2025’ छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश चैप्टर के दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ कर विशेषज्ञों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज रायपुर के छात्रों के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से नए छात्रावास निर्माण की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हजारों मरीज आज विशेषज्ञ चिकित्सकों के परिश्रम और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों के कारण संजीवनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में कैंसर की प्रारंभिक पहचान और उपचार के क्षेत्र में हुए शोध से भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्रदेश में अनेक मरीजों का इलाज संभव हुआ है। जीएसटी में कैंसर की दवाइयों और उपकरणों को सस्ता किए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। श्री साय ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आज ही एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ किया जा रहा है, जो यह प्रमाणित करता है कि सरकारी अस्पताल नवीनतम तकनीक अपनाने में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कैंसर की पहचान में बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में इसे तेजी से शामिल कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य बजट में वृद्धि कर रही है और नये मेडिकल कॉलेज खोल रही है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार हर विकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरगुजा, धरमजयगढ़ और बस्तर में नये अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एरोकॉन 2025 संगोष्ठी कैंसर की रोकथाम और उपचार की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एरोकॉन 2025 के सातवें आयोजन में कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर आए हैं। इससे इस बीमारी के इलाज में नये आयाम खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यभारत के अन्य राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। भविष्य में अत्याधुनिक तकनीकों और मशीनों के माध्यम से यहां चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रायपुर राज्य का सबसे बड़ा कैंसर सेंटर है, जहाँ आधुनिकतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रदेश में छह फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे, बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ होंगे, मानसिक रोगियों के लिए पृथक चिकित्सालय और नेचुरोपैथी कॉलेज खोले जाएंगे। मेकाहारा में 232 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों की वृद्धि की जाएगी तथा रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी नवीनतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, मेडिकल कॉलेज रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पात्रा, विशेषज्ञ चिकित्सकगण, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय श्री शांताराम जी को दी श्रद्धांजलि

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित जागृति मंडल, पंडरी पहुँचकर छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांत प्रचारक श्रद्धेय श्री शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय शांताराम जी संघ के वरिष्ठ प्रचारक थे और उनका मेरे साथ गहरा आत्मीय संबंध रहा है। वे सदैव अभिभावक के समान स्नेह और मार्गदर्शन प्रदान करते रहे। उनका निधन संघ परिवार, समाज और प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा सभी शुभचिंतकों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्रद्धेय शांताराम जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे हमारे लिए पिता तुल्य थे। उन्होंने मदकूदीप को पुनर्जीवित कर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी विनम्रता तथा जीवन मूल्यों से सभी के आदर्श बने। संघ के वरिष्ठ प्रचारक के रूप में उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता और स्वयंसेवकों को परिवार मानकर निरंतर मार्गदर्शन किया। मुख्यमंत्री रहते हुए भी मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके निधन से पूरा प्रदेश शोकाकुल है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा, श्री गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडे, विधायक सर्वश्री अनुज शर्मा एवं मोतीलाल साहू, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक एवं आमजन उपस्थित थे।

CG: रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम…

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CG: रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम…

”एम्स रायपुर में ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने स्वयं किया ‘देव हस्त’ पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन मरीजों के परिजनों के लिए एम्स रायपुर में बनेगा सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास : मुख्यमंत्री श्री साय”

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित टाटीबंध में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मध्य भारत के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के प्रथम रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम ‘देव हस्त’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम है। यह ऐतिहासिक क्षण प्रदेश की जनता को अत्याधुनिक और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वयं ‘देव हस्त’ पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन कर इस अत्याधुनिक तकनीक की औपचारिक शुरुआत की। यह सिस्टम मध्य भारत के किसी शासकीय स्वास्थ्य संस्थान में स्थापित होने वाला पहला रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर एम्स रायपुर में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भर्ती होने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा हेतु एम्स रायपुर में सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास निर्माण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे हमें जीवन प्रदान करते हैं। आज जिस रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ हो रहा है, उसे ‘देव हस्त’ नाम दिया गया है। इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि एम्स रायपुर में भर्ती होने वाले अन्य राज्यों के मरीजों को भी मिलेगा। एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार मील का पत्थर साबित हो रहा है।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एम्स रायपुर से मुझे विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि “जब रायपुर एम्स के निर्माण को स्वीकृति मिली, उस समय मैं सांसद था और प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी से छत्तीसगढ़ में एम्स की शाखा स्थापित करने का आग्रह किया था। यह आवश्यक था ताकि दिल्ली स्थित एकमात्र एम्स पर मरीजों का दबाव कम हो और अन्य राज्यों के लोगों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उनके राज्य में ही उपलब्ध हो। हमारा सौभाग्य है कि जिन छह राज्यों में एम्स स्थापित करने की स्वीकृति मिली, उनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल था।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने परिजन निवास की घोषणा करते हुए कहा कि “दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा कितनी आवश्यक है, यह मैं भली-भांति समझता हूं। सांसद रहते हुए दिल्ली स्थित मेरे आवास को लोग ‘मिनी एम्स’ कहते थे क्योंकि वहां मैं मरीजों के परिजनों की रुकने की व्यवस्था करता था। जनसेवा का यह कार्य मेरे दिल के बेहद करीब है। 2014 से 2019 के संसदीय कार्यकाल में मैंने लगभग 12 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से मरीजों को दिलवाए थे। रायपुर में भी कुनकुरी सदन में मरीजों के परिजनों की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश के लोग उठाते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 20 महीनों में सरकार बनने के बाद राज्य में पाँच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जीवनशैली और खान-पान में बदलाव के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि हुई है और इनका इलाज भी महंगा होता है। इसी वजह से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना प्रारंभ की, जिसके अंतर्गत गरीब वर्ग के लोगों को पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। अब वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के मरीजों को भी यह सुविधा प्रदान की जा रही है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि समय के साथ जहाँ चिकित्सा सुविधाएँ बढ़ रही हैं, वहीं बीमारियों का दायरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रोबोटिक सर्जरी का विशेष महत्व है। इसके माध्यम से चिकित्सकीय क्षमता और गुणवत्ता में कई गुना वृद्धि की जा सकती है। छत्तीसगढ़ को ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का अत्यधिक लाभ मिलेगा और शीघ्र ही राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ‘देव हस्त’ के नामकरण हेतु आयोजित प्रतियोगिता की विजेता सुश्री ज्योत्स्ना किराडू को पाँच हजार रुपये की पुरस्कार राशि भेंट की। कार्यक्रम में एम्स रायपुर के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डॉ. अशोक जिंदल, विभागाध्यक्ष डॉ. देवज्योति मोहंती, बड़ी संख्या में चिकित्सा छात्र और गणमान्यजन उपस्थित थे।

“UIDAI Report: हर दिन ताकतवर हो रहा Aadhaar! अगस्त में आधार से हुए अब तक के सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन”

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“UIDAI Report: हर दिन ताकतवर हो रहा Aadhaar! अगस्त में आधार से हुए अब तक के सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन”

देश में आधार-बेस्ड ऑथेंटिकेशन लगातार तेजी से बढ़ रहा है. भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2025 में आधार धारकों ने 221 करोड़ से ज्यादा ऑथेंटिकेशन ट्रांजैक्शन पूरे किए.

ये पिछले साल अगस्त 2024 की तुलना में 10.3 फीसदी की बढ़ोतरी है.

UIDAI ने कहा कि आधार का बढ़ता इस्तेमाल दर्शाता है कि ये अब भारत की डिजिटल इकॉनमी के लिए बेहद अहम टूल बन चुका है. इसका फायदा लोगों को कल्याणकारी योजनाओं के सुचारू वितरण से लेकर विभिन्न सेवाओं के स्वैच्छिक इस्तेमाल तक मिल रहा है.

फेस ऑथेंटिकेशन का बढ़ता चलन अगस्त में, इस एआई-पावर्ड मेथड का इस्तेमाल कर 18.6 करोड़ ट्रांजैक्शन किए गए. ये आंकड़ा पिछले साल अगस्त 2024 में दर्ज 6.04 करोड़ की तुलना में कई गुना ज्यादा है. अब तक कुल मिलाकर 213 करोड़ से अधिक फेस ऑथेंटिकेशन ट्रांजैक्शन पूरे हो चुके हैं.

1 सितंबर को UIDAI ने अब तक का सबसे ज्यादा एक दिन का रिकॉर्ड दर्ज किया, जब 1.5 करोड़ से ज्यादा फेस ऑथेंटिकेशन किए गए. इससे पहले 1 अगस्त को 1.28 करोड़ का उच्चतम स्तर दर्ज हुआ था.

मोबाइल पर आसान वेरिफिकेशन UIDAI के अनुसार फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा एंड्रॉइड और iOS दोनों डिवाइस पर उपलब्ध है. यूजर्स सिर्फ एक फेस स्कैन से अपनी पहचान वेरिफाई कर सकते हैं. ये न सिर्फ ज्यादा सुविधाजनक है बल्कि उच्च सुरक्षा मानकों को भी सुनिश्चित करता है.

अभी तक 150 से ज्यादा सरकारी विभाग, बैंकिंग-फाइनेंशियल संस्थान, तेल कंपनियां और टेलीकॉम ऑपरेटर इस सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं.

ई-केवाईसी सेवाओं की भी डिमांड आधार-बेस्ड इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर (e-KYC) सेवाओं का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है. अगस्त में 38.53 करोड़ e-KYC ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए. UIDAI का कहना है कि e-KYC बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और दूसरे सेक्टर्स में प्रक्रियाओं को आसान बनाकर ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बना रही है.

डिजिटल इकॉनमी की रीढ़ बना आधार UIDAI ने कहा कि आधार ऑथेंटिकेशन में लगातार हो रही वृद्धि ये दर्शाती है कि देश भर में इसकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है. ये न सिर्फ सरकार की वेलफेयर स्कीम्स को आसान बनाता है बल्कि डिजिटल इंडिया और मजबूत डिजिटल इकॉनमी की दिशा में भी अहम योगदान देता है.