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रेशम उत्पादन में छत्तीसगढ़ को लाना है पहले पायदान पर – श्री अरुण साव

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उप मुख्यमंत्री तथा कोरबा जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने रेशम कृषि मेला-सह-मेरा रेशम, मेरा अभिमान का शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यक्रम में रेशम उत्पादक किसानों को चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अपने उद्बोधन में श्री साव ने कहा कि मेरा रेशम, मेरा अभिमान कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक मशीनों के संबंध में जानकारी प्रदान करना, प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर हुए रेशम उत्पादन से जोड़ना ही नहीं है, बल्कि आमदनी बढ़ाना, आत्मनिर्भर बनाकर प्रदेश और देश को आर्थिक प्रगति की राह में आगे ले जाना भी है। अभी रेशम उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे नंबर पर है, इसे पहले पायदान पर लेकर जाना है। श्री साव ने इस आयोजन को मील का पत्थर बताते हुए इसमें सभी की सहभागिता को आवश्यक बताया। उन्होंने किसानों के प्रशिक्षण तथा मेरा रेशम, मेरा अभिमान कार्यक्रम की प्रगति के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास से एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की।

कोरबा के पाली विकासखंड में केंद्रीय रेशम बोर्ड- बुनियादी बीज का प्रगुणन एवं प्रशिक्षण केन्द्र में केरेबो-बुनियादी टसर रेशम कीट बीज संगठन, केन्द्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार बिलासपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री साव ने रेशम उत्पादन को आमदनी का प्रमुख स्रोत बताते हुए कहा कि किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। किसान जितने सक्षम होते जाएंगे, हमारा प्रदेश और देश भी उतना ही सक्षम होगा। इस अभियान से किसानों को प्रशिक्षण की सुविधा मिलने के साथ ही रेशम उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

श्री साव ने रेशम उत्पादन में आने वाली बाधाओं को दूर करने की बात कही। इसके लिए रेशम विभाग से जुड़े अधिकारियों को कार्यालय आकर समस्याओं को चिन्हित कराने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री साव और अन्य अतिथियों ने मेरा रेशम, मेरा अभिमान के पोस्टर का विमोचन भी किया। उन्होंने रेशम कृषि मेले में लगे स्टॉल्स का अवलोकन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल ने कहा कि हमारे जिले में बड़ी मात्रा में रेशम का उत्पादन होता है। यह रेशम कीमती होने के साथ ही किसानों के आय का प्रमुख जरिया भी है। रेशम उत्पादन से बहुत से लोगों को रोजगार भी मिला है। प्रधानमंत्री की मंशा है कि किसानों की आमदनी भी दोगुनी हो, ऐसे में स्थानीय किसानों को इससे जुड़कर आमदनी अर्जित करना होगा।

पाली-तानाखार के विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम ने कहा कि कोरबा की पहचान पहले से ही रेशम के पटल पर विश्व विख्यात है। यहाँ से बड़ी संख्या में किसान जुड़े हुए हैं। मेरा रेशम, मेरा अभिमान स्थानीय किसानों के लिए लाभदायक होगा। कोरबा के कलेक्टर श्री अजीत वसन्त, केंद्रीय रेशम बोर्ड रांची के निदेशक डॉ. एन.बी. चौधरी, बिलासपुर के डॉ. नरेन्द्र कुमार भाटिया, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर पंचायत पाली के अध्यक्ष श्री अजय जायसवाल, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, डीएफओ श्री कुमार निशांत, रेशम विभाग के श्री सी.एस. नोन्हारे, डॉ. जयप्रकाश पाण्डेय, डॉ. हसनसाब नदाफ, डॉ. विनोद सिंह, श्री बलभद्र सिंह भंडारी और कृषि महाविद्यालय अनुसंधान केन्द्र कटघोरा के डॉ. एस.एस.पोर्ते सहित रेशम विभाग से जुड़े वैज्ञानिक एवं अधिकारी, जनप्रतिनिधि श्री गोपाल मोदी, डॉ. राजीव सिंह तथा आम नागरिकगण भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की नई पहल : ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम का होगा शुभारंभ

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन की सरकार ने छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत तैयार विशेष रेडियो कार्यक्रम “दीदी के गोठ” का शुभारंभ 31 अगस्त 2025 को दोपहर 12:15 बजे किया जाएगा। यह कार्यक्रम आकाशवाणी रायपुर केंद्र सहित प्रदेश के सभी आकाशवाणी केंद्रों से एक साथ प्रसारित होगा। साथ ही इसकी लाइव स्ट्रीमिंग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (
www.onlineradiofm.in/stations/all-india-air-raipur
) पर भी उपलब्ध रहेगी, जिससे लोग भी जुड़ सकेंगे।

मुख्यमंत्री और मंत्रियों का विशेष संदेश
कार्यक्रम के इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, भारत सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री तथा राज्य के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा ग्रामीण महिलाओं के नाम विशेष संदेश और प्रेरणादायी शुभकामनाएँ प्रसारित की जाएंगी। यह अवसर न केवल एक कार्यक्रम का शुभारंभ होगा बल्कि शासन की नीतियों और योजनाओं को सीधे जनता तक पहुँचाने का एक सशक्त माध्यम भी बनेगा।

दीदी के गोठ का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण अंचलों की महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना तथा आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। इस कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की सफल महिलाओं की कहानियाँ सुनाई जाएंगी। कैसे उन्होंने संघर्ष और कठिनाइयों को पार कर अपनी मेहनत और आत्मविश्वास से न सिर्फ़ आर्थिक रूप से मज़बूती हासिल की बल्कि समाज में भी एक नई पहचान बनाई। आज छत्तीसगढ़ की लाखों महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं। उनका जीवन बिहान योजना से सकारात्मक रूप से बदला है। इनकी प्रेरणादायी कहानियाँ रेडियो की आवाज़ के माध्यम से हर गाँव और हर घर तक पहुँचेंगी, ताकि दूसरी महिलाएँ भी आत्मनिर्भरता की राह पकड़ सकें।

इस कार्यक्रम के प्रभाव को और अधिक व्यापक बनाने के लिए पंचायत, ग्राम संगठन और संकुल संगठन स्तर पर सामूहिक श्रवण की व्यवस्था की जा रही है। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, स्थानीय समुदाय और स्व-सहायता समूह की दीदियाँ विशेष रूप से शामिल होंगी। सामूहिक श्रवण से ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी संवाद, चर्चा और प्रेरणा का वातावरण बनेगा। दीदी के गोठ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी की सुशासन की सरकार की दूरदर्शी सोच का प्रतिबिंब है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आवाज़ को पूरे समाज तक पहुँचाना, उनके संघर्ष और उपलब्धियों को सामने लाना तथा उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़कर सकारात्मक परिवर्तन की राह दिखाना है।

धुएं से मुक्ति और आहार से बच्चो को मिल रही शक्ति

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प्रदेश के विभिन्न स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों के लिए भोजन गैस चूल्हे में बनने लगा है। जिससे बच्चों को धुऐं से मुक्ति और आहार से शक्ति मिल रही है, कोरबा जिले में संचालित आंगनबाड़ी और प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी अब पहले से बहुत खुश है। समय पर स्कूल तथा आंगनबाड़ी खुलने के साथ यहां मिलने वाले नाश्ते खीर, पूड़ी, हलवा, खिचड़ी, पोहा, भजिया और सेवईयां और भोजन से उन्हें ऊर्जा मिल रही है, वहीं गैस सिलेण्डर की व्यवस्था से आंगनबाड़ी सहित स्कूलों में भोजन पकाने के दौरान उत्पन्न होने वाले धुएं से भी मुक्ति मिल गई है। इससे विद्यार्थियों से लेकर रसोईयों तक को राहत मिली है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश और मंत्री श्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने कोरबा जिले के सभी आंगनबाड़ी और प्राइमरी तथा मिडिल स्कूलों में सुबह के नाश्ते की व्यवस्था डीएमएफ से की गई है। नाश्ते और सिलेण्डर की व्यवस्था ने आंगनबाड़ी तथा विद्यालय आने वाले बच्चों की रूचि बढ़ा दी है। अलग-अलग दिनों में निर्धारित मेनू के आधार पर उन्हें नाश्ता और भोजन परोसा जाता है। नाश्ते में खीर, पूड़ी, हलवा, खिचड़ी, पोहा, भजिया दी जाती है। विद्यार्थी नाश्ता खाने बहुत उत्सुक रहते हैं और समय पर विद्यालय भी पहुंच जाते हैं। पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड के अंतर्गत आने वाले ग्राम धोबघाट प्राथमिक शाला में कक्षा एक की छात्रा प्रियांशी,छात्र विनय, कक्षा दो की नेहा, तीसरी की रोशनी, नर्मदा, कक्षा पांचवी के भूपेश ने बताया कि आज नाश्ते में अलग-अलग दिनों में उन्हें अलग-अलग खाने को मिलता है। खीर, पूड़ी,हलवा, खिचड़ी, पोहा, भजिया और सेवईयां मिलती है। विद्यालय में प्रधानपाठक चौनसिंह पुहुप ने बताया कि नाश्ते का प्रभाव बच्चों पर पड़ा है। उन्होंने यह भी बताया कि सिलेण्डर की व्यवस्था होने से गैस में जल्दी खाना पक जाता है। नाश्ता हो या मध्यान्ह भोजन दोनों को पकाने में आसानी हो गई है। कोरबा विकासखण्ड के अंतर्गत दूरस्थ ग्राम लामपहाड़ में निवास करने वाले पहाड़ी कोरवा बच्चों में भी नाश्ते का प्रभाव पड़ा है। आंगनबाड़ी केंद्र हो या स्कूल दोनों स्थानों पर उनकी उपस्थिति नजर आती है। अन्य दिनों में सुबह से ही अपने परिवार के सदस्यों के साथ जंगल की ओर प्रस्थान कर जाने वाले पहाड़ी कोरवा बच्चे अब समय से पहले स्कूल पहुंचते हैं। आंगनबाड़ी लामपहाड़ की कार्यकर्ता सुशीला तिर्की और सहायिका सुलोचनी यादव बताती है कि केंद्र में ज्यादातर बच्चे पहाड़ी कोरवा जनजाति के है। कई बच्चों को घर पर पर्याप्त आहार उपलब्ध नहीं हो पाता, ऐसे में नाश्ता और भोजन उनके शारीरिक विकास के लिए उपयोगी साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे के आसपास नाश्ता देने के साथ ही दोपहर को एक बजे भोजन दिया जाता है। आंगनबाड़ी में आने वाले पहाड़ी कोरवा बच्चों सम्पति, रवीना, सुखमनिया, सुशील, कविता ने बताया कि उन्होंने सुबह नाश्ते में दलिया खाया और दोपहर को दाल, भात और सब्जी खाई है। हर दिन गरम भजिया, पोहा, खीर, पूड़ी, उपमा का नाश्ता मिलता है और इसे खाना भी अच्छा लगता है। यहां भोजन पकाने वाली सहायिका सुलोचनी यादव का कहना था कि पहले बारिश के दिनों में चूल्हा जलाना बहुत मुश्किल हो जाता था। सूखी लकड़ियों की व्यवस्था करना फिर चूल्हा जलाकर धुएं के बीच खाना पकाना बहुत परेशानी वाला काम था। अब तो गैस से मिनटो में बिना परेशानी के खाना बनने लगा है। लामपहाड़ के प्राथमिक और माध्यमिक शाला में भी विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के बच्चों की उपस्थिति और नाश्ते और मध्याह्न भोजन में रूचि नजर आने लगी है। कक्षा चौथी की देवशीला, फूलमनिया ने बताया कि स्कूल में मिलने वाला नाश्ता उन्हें अच्छा लगता है। पाली ब्लॉक के अंतर्गत दूरस्थ ग्राम पण्डोपारा में प्राथमिक शाला में लगभग 25 बच्चे हैं। नये भवन में आंगनबाड़ी संचालित है। इन दोनों स्थानों में बच्चों को समय पर नश्ता और भोजन मिलता है। गांव में रहने वाली पूजा पण्डों ने बताया कि उनके पांच बच्चे है। एक आंगनबाड़ी में और दो स्कूल में पढ़ाई करते हैं। तीनों को सुबह नाश्ता और दोपहर का खाना मिलता है। पहले वे बहाना बनाकर स्कूल जाने में आनाकानी करते थे, अब नियमित जाते हैं। खास बात यह भी है कि कलेक्टर द्वारा सभी स्कूलों में नाश्ते का मीनू लिखवाने और स्थानीय उपलब्धता तथा विद्यार्थियों के पसंद के अनुरूप नाश्ता परोसने के निर्देश दिए हैं।

सवा दो लाख बच्चे हो रहे लाभान्वित
लगभग एक वर्ष पहले 14 अगस्त 2024 को कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड सहित कोरबा ब्लॉक के शहरी क्षेत्रों के स्कूलों में विद्यार्थियों के थाली में गरम नाश्ता परोसने का सिलसिला प्रारंभ किया गया। लगभग ढ़ाई माह तक नाश्ता परोसने और इससे हुए सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए कलेक्टर श्री वसंत ने जिले के सभी विकासखण्डों में इसे प्रारंभ करने के निर्देश दिए। आखिरकार दीपावली अवकाश के पश्चात स्कूल खुलते ही कोरबा, पाली, करतला, कटघोरा के शेष स्कूलों में भी नाश्ता देना प्रारंभ कर दिया गया। इसके साथ ही सभी आंगनबाड़ी और विद्यालयों, छात्रावासों में सिलेण्डर की व्यवस्था कर प्रतिमाह गैस रिफलिंग की सुविधा भी प्रदान की गई है। कोरबा जिले के 02 हजार 602 आंगनबाड़ी में 06 माह से 03 वर्ष के 48 हजार 217 और 03 से 06 वर्ष के 56 हजार 477 बच्चे दर्ज है। इसी तरह एक हजार 502 प्राइमरी स्कूल के 73 हजार 810 और 537 मिडिल स्कूल के 47 हजार 122 विद्यार्थी है। जो नाश्ते और मध्यान्ह भोजन से लाभान्वित हो रहे हैं। यहां नाश्ते और भोजन पकाने के लिए डीएमएफ से गैस सिलेण्डर की व्यवस्था भी की गई है।

”जापान और दक्षिण कोरिया के सफल विदेश दौरे से वापस लौटे सीएम साय, एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत”

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”जापान और दक्षिण कोरिया के सफल विदेश दौरे से वापस लौटे सीएम साय, एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत”

अपनी आठ दिन के जापान और दक्षिण कोरिया के विदेश दौरे के बाद आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वापस रायपुर लौटे हैं। साय के वापस लौटने पर आज एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया।

छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कर्मा और पंथी नृत्यों से पूरा एयरपोर्ट परिसर लगभग एक घंटे तक सराबोर रहा। लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने मुख्यमंत्री साय की लोकप्रियता और उनके विदेश दौरे की सफलता को स्वयं ही बयां कर दिया। मुख्यमंत्री का पुष्प गुच्छों से लेकर गजमाला तक से स्वागत किया गया। एयरपोर्ट के निकास द्वार से मीडिया गैलेरी तक लगभग 100 मीटर की दूरी तय करने में साय को लगभग 15 मिनट लगे। इस दौरान लोगों ने पुष्प वर्षा से भी साय का स्वागत किया। बाद में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित किया और इस भव्य स्वागत के लिए सभी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान और दक्षिण कोरिया दोनों ही देशों में बड़ा भारतीय समुदाय बसा हुआ है और हमारे छत्तीसगढ़ के लोग भी वहां पर व्यापारिक कार्यों में लगे हुए हैं। उनसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ और यह लगा ही नहीं कि हम परदेश में हैं। उन्होंने कहा कि हमारे उद्यमी, हमारे कारोबारी पूरी दुनिया में फैले हुए हैं और भारत भूमि का नाम हर तरफ रोशन कर रहे हैं।

इस दौरे से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और विकास के रास्ते खुलेंगे – मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा सफल रही है। इस यात्रा से छत्तीसगढ़ में विदेशी निवेश और औद्योगिक विकास के रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की जापान यात्रा के दौरान यह तय हुआ है कि भारत में जापान 6 लाख करोड़ रूपए का निवेश करेगा और 10 साल का आर्थिक रोड मैप तैयार किया गया है। इसका बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा। भारत और जापार के बीच हुए समझौतों से प्रदेश में एआई, सेमीकंडक्टर और रक्षा क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ने से रोजगार के बडे़े अवसर छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेंगे।

जापान और कोरिया से एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति – मुख्यमंत्री ने बताया कि इस यात्रा के दौरान जापान और कोरिया दोनों ही देशों से छत्तीसगढ़ में निवेश के संबंध में चर्चा की गई और एआई, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की सहमति बनी है। इसके साथ ही कई औद्योगिक संस्थानों से छत्तीसगढ़ में निवेश प्रस्ताव भी मिले हैं। इन निवेश प्रस्तावों से बड़ी संख्या में हमारे युवाओं को रोजगार मिलेगा।

उन्होंने बताया कि इस दौरे पर जापान और दक्षिण कोरिया के व्यापार संगठन के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई। दोनों ही देशों के प्रतिनिधियों ने व्यापार बढ़ाने को लेकर और निवेश बढ़ाने को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों ही देशों के व्यापार संगठनों को छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति के बारे में बताया और इसके अनुदान प्रावधानों से उन्हें अवगत कराया गया। एआई और सेमीकंडक्टर में निवेश के लिए बढ़िया अधोसंरचना की उपलब्धता से भी दोनों देशों के व्यापार संगठनों को अवगत कराया गया है। उन्हें बताया गया कि भारत का पहला डाटा सेंटर पार्क छत्तीसगढ़ में है। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ में तेजी से निवेश हो रहा है और इसके लिए आर्थिक अनुदान भी दिया जा रहा है।

ओसाका वर्ल्ड एक्सपो में जापानी भाषा में दी गई छत्तीसगढ़ में औद्योगिक संभावनाओं की जानकारी – मुख्यमंत्री ने बताया कि जापान के ओसाका शहर में वर्ल्ड एक्सपो में हमारे राज्य ने अपना पवेलियन बनाया था। इस पवेलियन में हर दिन 30 हजार से अधिक लोग पहुंचे। साय ने बताया कि इस एक्सपो में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक स्थिति के बारे में, निवेश की संभावनाओं के बारे में तथा संस्कृति के बारे में लोगों ने विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गर्व से बताया कि ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ एकमात्र ऐसा राज्य रहा, जिसने अपनी पूरी जानकारी जापानी भाषा में दी, जिससे हमें अपनी बातों को जापानी निवेशकों तक समझाने में पूरी तरह से सफलता मिली।

पहली बार दक्षिण कोरिया पहुंचा छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल – मुख्यमंत्री साय ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि पहली बार दक्षिण कोरिया में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधि मंडल गया। कोरिया में भी छत्तीसगढ़ के बारे में पूरी बातें कोरियन भाषा में कही। इससे निवेशकों से कनेक्ट करने में मदद मिली। साय ने बताया कि दक्षिण कोरिया में आईसीसीके के साथएमओयू हुआ। आईसीसीके छत्तीसगढ़ के नॉलेज पार्टनर बनेंगे। इससे राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत आने वाले उद्योगों के लिए स्किल मैन पावर उपलब्ध कराने में बड़ी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से हमने यह साबित किया है कि हम केवल देश भर के बड़े निवेश केंद्रों तक ही नहीं सीमित रहेंगे। हम पूरी दुनिया में जाएंगे और छत्तीसगढ़ के उत्पादों के लिए जगह बनाएंगे साथ ही छत्तीसगढ़ में निवेश को लेकर आएंगे।

“चीन के तियाजिन पहुंचे PM मोदी, रेड कॉरपेट पर एंट्री के साथ हुआ भव्य स्वागत”

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“चीन के तियाजिन पहुंचे PM मोदी, रेड कॉरपेट पर एंट्री के साथ हुआ भव्य स्वागत”

पीएम मोदी सात सालों में पहली बार चीन की यात्रा पर गए हैं। चीन पहुंचने पर पीएम का तियानजिन एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट बिछाकर भव्य स्वागत किया गया। वे यहाँ शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी करेंगे मुलाकात-इस बैठक के दौरान उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात होगी। यह मुलाकातें द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। पीएम मोदी इस सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मिलेंगे। यह मुलाकात भी काफी अहम है, क्योंकि रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया है। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे पर भी बात हो सकती है।

SCO शिखर सम्मेलन क्या है? शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक प्रभावशाली आर्थिक और सुरक्षा संगठन है। इसकी स्थापना 2001 में रूस, चीन, किर्गिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान द्वारा की गई थी।

सदस्य: 2017 में भारत और पाकिस्तान इसके स्थायी सदस्य बने, और 2023 में ईरान भी इसमें शामिल हुआ।

वैश्विक पहुंच: SCO देशों में दुनिया की लगभग 40 प्रतिशत आबादी रहती है, और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इनका योगदान करीब 20 प्रतिशत है।

“तेजस्वी ने राहुल के सामने खुद को CM उम्मीदवार घोषित किया, अखिलेश बोले- हम पूरा सहयोग करेंगे”

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“तेजस्वी ने राहुल के सामने खुद को CM उम्मीदवार घोषित किया, अखिलेश बोले- हम पूरा सहयोग करेंगे”

बिहार में महागठबंधन की तरफ से वोटर अधिकार यात्रा निकाली जा रही है. इस यात्रा में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी आज शामिल हुए. यात्रा के दौरान ही तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी के सामने खुद की सीएम उम्मीदवार घोषित कर दिया है.

उन्होंने कहा कि ये सरकार नकलची सरकार है, तेजस्वी आगे है सरकार पीछे है. आप ही बताओ आपको डुप्लीकेट सीएम चाहिए या ओरिजिनल सीएम चाहिए?

जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार के चुनाव पर देश की निगाहे हैं. बीजेपी और सहयोगी दलों को बाहर करना है. ये जोश बीजेपी की हार लिखेगा. हमने मिलकर अवध में हराया था इस बार मगध में आपकी जिम्मेदारी है. अखिलेश ने कहा कि संविधान बचेगा तो हमारा लोकतंत्र बचेगा.

उन्होंने कहा कि अबकी बार बीजेपी बिहार से बाहर जाने वाली है. बीजेपी इस्तेमाल पार्टी है, लोगों का इस्तेमाल करती है और बर्बाद करने का काम करती है. चुनाव आयोग बीजेपी से मिलकर काम करता है. चुनाव आयोग अब जुगाड़ आयोग है. बीजेपी का SIR का फैसला सरफिरा है. पलायन करने वालों को तेजस्वी ने नौकरी दी है. इस बार बीजेपी का पलायन होने जा रहा है.

वोटर अधिकार यात्रा में शामिल हुए अखिलेश यादव हमें डराने वाले ट्रंप से डर रहे- अखिलेश यादव अखिलेश यादव ने कहा कि तीन तिगाड़े को रोकने का काम इंडिया गठबंधन करेगा. पहले एक बार बिहार के लोग जानते होंगे बीजेपी का रथ बिहार ने रोका था. हम तेजस्वी का पूरा सहयोग करेंगे. किसान बर्बाद हो गया है. जो हमे डरा रहे हैं वो ट्रंप से डर रहे हैं. अमेरिका ने बीजेपी के मुंह पर भी टैरिफ लगाने का काम किया है.

सबको साथ लेकर चलेंगे- तेजस्वी तेजस्वी यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम सबको साथ लेकर चलेंगे वो किसी भी वर्ग के हो छोड़ेंगे नहीं. ये सरकार नकलची है इसको बदलना है. उन्होंने जनता से पूछा कि आपको ओरिजनल सीएम चाहिए या डुप्लीकेट?

बिहार में अगले कुछ महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस चुनाव से पहले महागठबंधन की तरफ से एसआईआर के खिलाफ में ये वोटर अधिकार यात्रा निकाली गई है. इस यात्रा में इंडिया गठबंधन के कई नेता शामिल हुए हैं. इसके अलावा राहुल गांधी शुरुआत से ही यात्रा में साथ रहे. 30 अगस्त यानी आज इस यात्रा का अंतिम दिन है, जिसकी शुरुआत 17 अगस्त को सासाराम से हुई थी.

निर्माण घोटाले में ED का एक्शन, मुंबई से सटे वसई-विरार इलाके में हुए निर्माण घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई..

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निर्माण घोटाले में ED का एक्शन, मुंबई से सटे वसई-विरार इलाके में हुए निर्माण घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई..

मुंबई से सटे वसई-विरार इलाके में हुए निर्माण घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल 75 से 80 लोगों को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है.

मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला 2009 से चल रहा है. इस मामले में खुलासा हुआ है कि वसई-विरार इलाके में अधिकतर निर्माण अवैध और सरकरी जमीन पर किए गए हैं.

जानकारी के अनुसार, वसई-विरार इलाके के कई नामी बिल्डर, आर्किटेक्ट, पूर्व नगर निगम अधिकारी और वर्तमान नगर निगम अधिकारी इसमें शामिल हैं. सभी संबंधित लोगों को शनिवार और रविवार को पूछताछ के लिए पेश होने का आदेश दिया गया है.

क्या है मामला? वसई-विरार नगर निगम (वीवीएमसी) के अधिकार क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में हुए अवैध निर्माणों का मामला अब एक नया मोड़ ले रहा है. मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला 2009 से चल रहा है और इस मामले में खुलासा हुआ है कि 41 आवासीय और व्यावसायिक इमारतें अवैध रूप से बनाई गई हैं. ये निर्माण अधिकतर सरकारी और निजी जमीन पर किए गए हैं, और यह भी पता चला है कि इसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और डंपिंग ग्राउंड के लिए आरक्षित 60 एकड़ जमीन का भी इस्तेमाल किया गया है.

ईडी को आरोप मिले थे कि कुछ बिल्डरों और आर्किटेक्ट्स ने नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से लाखों-करोड़ों के लेन-देन किए हैं. इसी के चलते अब इस मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और सीधी पूछताछ के दौर में पहुंच गई है.

जांच से सामने आएगी सच्चाई इस कार्रवाई ने नागरिकों में उत्सुकता पैदा कर दी है. नागरिक यह सवाल पूछने लगे हैं कि क्या अवैध निर्माण की अनुमति देने वाले अधिकारियों के खिलाफ आखिरकार कड़ी कार्रवाई की जाएगी? पिछले कुछ सालों में वसई-विरार क्षेत्र में अनधिकृत निर्माणों में तेजी से हुई वृद्धि ने बुनियादी सुविधाओं, सड़कों, जलापूर्ति और परिवहन व्यवस्था पर भारी दबाव डाला है. इसलिए आम लोगों को उम्मीद है कि इस जांच से असली सच्चाई सामने आएगी. सूत्रों के अनुसार, इस सप्ताह के अंत तक होने वाली जांच से कई चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना है. यदि आरोपी दोषी पाया जाता है, तो न केवल वित्तीय लेन-देन, बल्कि भविष्य में निर्माण परमिट देने की पूरी प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ सकती है.

“चीन में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात पर क्यों होगी ट्रंप की नजर, SCO समिट का एजेंडा क्या है?”

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“चीन में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात पर क्यों होगी ट्रंप की नजर, SCO समिट का एजेंडा क्या है?”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान दौरे के बाद अब चीन रवाना हो चुके है. वे रविवार को तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हिस्सा लेंगे. इस दौरान PM मोदी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति पुतिन और अन्य नेताओं से भी मुलाकात करेंगे.

PM मोदी ने कहा कि उनकी यात्रा भारत के राष्ट्रीय हितों के साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, सुरक्षा और विकास को मजबूत करेगी.

मोदी 2018 के बाद पहली बार चीन की यात्रा करेंगे. SCO समिट पर अमेरिका की भी नजर रहेगी. ट्रंप की ओर से भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाने के बाद भारत, चीन और यूरेशिया के अन्य देशों के साथ यहां मजबूत पार्टनरशिप तलाश कर सकता है.

एक्सपर्ट्स का मानना है कि दुनियाभर में ट्रंप की टैरिफ धमकी के बीच SCO समिट चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लिए एक मंच के तौर पर काम करेगा. इससे वह चीन को ऐसे देश के तौर पर पेश कर सकेंगे जो ग्लोब साउथ को एकजुट करने के लिए काम करेगा. SCO के सदस्य देशों में दुनिया की 43% जनसंख्या रहती है. वैश्विक अर्थव्यवस्था में इनका हिस्सा 23% है.

समिट में कितने देश शामिल हो रहे समिट 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीनी शहर तियानजिन में होगी, जिसमें 20 से अधिक विदेशी नेता और 10 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे. भारत के मोदी के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव, क्रिगिज राष्ट्रपति सदिर जापारोव और ताजिक राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन.

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोआन, म्यांमार के सैन्य प्रमुख मिन आंग हलिंग, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो , मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू सहित अन्य नेताओं के शामिल होने की संभावना है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (ASEAN) के महासचिव काओ किम होर्न भी समिट में शामिल होंगे.

SCO की स्थापना कब और क्यों हुई थी SCO की शुरुआत 1996 में एक सुरक्षा समूह के रूप में हुई थी , जिसे शंघाई फाइव कहा जाता था. कोल्ड वॉर खत्म होने और और सोवियत यूनियन के टूटने के बाद अपने सीमा विवादों को सुलझाने के लिए चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान ने इसका गठन किया था. 2017 में संगठन का विस्तार हुआ और इसमें भारत और पाकिस्तान शामिल हुए.

2023 में ईरान और 2024 में बेलारूस को भी मेंबरशिप मिली. इसके अलावा संगठन के 14 प्रमुख डायलॉग पार्टनर्स हैं, जिनमें सऊदी अरब, मिस्र, तुर्की, म्यांमार, श्रीलंका और कंबोडिया शामिल हैं.

समिट अहम क्यों है समिट ऐसे समय हो रही है जब रूस-यूक्रेन और इजराइल-हमास जंग जारी है. दक्षिण एशिया और एशिया प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा तनाव बना हुआ है और ट्रंप ने ग्लोबल ट्रेड वॉर छेड़ दी है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका लगभग हर देश के साथ अपने संबंध खराब कर रहा है. ऐसे में चीनी राष्ट्रपति के लिए खुद को ग्लोबल पावर के तौर पर स्थापित करने का एक अच्छा समय है.

SCO समिट खत्म होने के बाद 3 सितंबर को बीजिंग में विशाल सैन्य परेड होनी है. PM मोदी इसमें शामिल नहीं होंगे. लेकिन SCO समिट में आ रहे पुतिन, लुकाशेंको और सुबियांटो परेड के लिए वहीं रुकेंगे, किम उन जोंग भी इसमें शामिल होने चीन आ सकते हैं.

अहम मुद्दों पर SCO का क्या स्टैंड है यह ग्रुप अहम जियो-पॉलिटिकल मुद्दों पर एक राय नहीं बना पाता. देखा जाए तो यूक्रेन में चल रहे युद्ध को लेकर रूस अधिकांश SCO मेंबर्स को अपने हितों के साथ जोड़ने में सफल रहा है. हालांकि भारत ने हमेशा इस मुद्दे पर संतुलित रूख अपनाया है. भारत ने जंग खत्म करने की मांग करते हुए रूस से बड़ी मात्रा में तेल भी खरीदा है, जो अभी भी जारी है.

यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को मांग की कि SCO के सदस्य देश जंग के मुद्दे अपनी स्थिति स्पष्ट करें. यूक्रेन ने पूछा है कि क्या SCO देश अंतर्राष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का सम्मान करते हैं. यही नहीं गाजा में इजराइल के युद्ध और लेबनान और ईरान में सैन्य हमलों पर भी SCO के देश बंटे हुए हैं.

SCO ने पिछले साल ईरान पर इजराइली हमले की निंदा की थी, लेकिन भारत ने SCO के जॉइंट स्टेटमेंट का समर्थन करने से इनकार कर दिया था. भारत का SCO के सदस्य पाकिस्तान के साथ भी तनाव बना हुआ है. भारत ने पहलगाम हमले के पीछे इस्लामाबाद का हाथ होने का आरोप लगाया है, जिसे पाकिस्तान ने खारिज कर दिया है.

SCO समिट को अमेरिका कैसे देखेगा ट्रंप ग्लोबल साउथ के संगठनों के आलोचक रहे हैं. वे पहले ही ब्रिक्स पर टैरिफ लगाकर उसे कमजोर करने की धमकी दे चुके हैं. SCO पर अमेरिका की पैनी नजर रहेगी और यह इस साल के अंत में होने वाले क्वाड समिट के लिए भी माहौल तैयार कर सकता है. इस साल क्वाड समिट की मेजबानी भारत करने वाला है.

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका ने 2007 में क्वाड बनाया था. अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है. एक्सपर्ट्स मानना है कि अमेरिका सोमवार को तियानजिन में होने वाली मोदी और शी की बैठक पर करीबी नजर रखेगा.

अमेरिका की नजर भारत और चीन के बीच बातचीत पर होगी, जो द्विपक्षीय तनाव को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि इससे इस नतीजे पर भी नहीं पहुंचा जा सकता कि टैरिफ को लेकर तनाव की वजह से भारत-अमेरिका के संबंध टूट चुके हैं.

“आज की ताजा खबर LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चीन पहुंचेंगे”

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“आज की ताजा खबर LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चीन पहुंचेंगे”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज चीन पहुंचेंगे. जहां वो 31 अगस्त से शुरू हो रहे SCO समिट में शामिल होंगे. सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी शनिवार शाम को जापान से तियानजिन पहुंचेंगे, जहां वह रविवार दोपहर के आसपास राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और फिर एससीओ शिखर सम्मेलन के आधिकारिक भोज में शामिल होने से पहले दोनों नेताओं की संभवतः एक और मुलाकात भी हो सकती है.

मुंबई पुलिस ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे को शनिवार को आजाद मैदान में आंदोलन जारी रखने की अनुमति दे दी है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुंबई दौरे पर हैं. आज वो गणेशोत्सव में शामिल होंगे. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मुंबई में रहेंगे. उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भारी बारिश को देखते हुए आज सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं.

”पीएम मोदी के दौरे से मजबूत हुई भारत-जापान की दोस्ती की गांठ”

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”पीएम मोदी के दौरे से मजबूत हुई भारत-जापान की दोस्ती की गांठ”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जापान की यात्रा के लिए रवाना हुए थे. जापान की दो दिन की यात्रा पूरी करने के बाद शनिवार को वह चीन के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वह SCO की बैठक में हिस्से लेंगे.

इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के बीच कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. दोनों देशों के प्रधानमंत्री आर्थिक सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से भारत-जापान आर्थिक मंच में एक साथ आए.

जापान के प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी का बड़ी ही धूमधाम से स्वागत किया. साथ ही जापान के पीएम ने मोदी के सम्मान में रात के खाने का आयोजन भी किया था. दूसरे दिन पीएम मोदी ने पीएम के साथ टोक्यो से सेंडाइ तक शिंकानसेन बुलेट ट्रेन में एक साथ यात्रा की, खाना खाया, और एक इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री का दौरा भी किया. जापान के प्रधानमंत्री ज्यादा से ज्यादा समय पीएम मोदी के साथ ही रहे.

कई एतिहासिक समझौतों पर किए गए हस्ताक्षर पीएम मोदी की इस यात्रा के बाद भारत और जापान के रिश्तों में और अधिक मजबूती आएगी. जापान ने भारत में अगले 10 सालों में 10 ट्रिलियन जापानी येन के निवेश करने की घोषणा की है. इसका केंद्र इंडियाजापान जॉइंट विजन फॉर द नेक्स्ट डिकेड है, जिसमें आर्थिक विकास, सुरक्षा, तकनीक, नवाचार, स्वास्थ्य, स्थिरता, मोबिलिटी और लोगों के बीच आपसी संबंध जैसे अहम क्षेत्रों को शामिल किया गया है.

इसके अलावा रक्षा और मानव संसाधन आदान-प्रदान से लेकर डिजिटल नवाचार, जरूरी खनिजों, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष अनुसंधान और सांस्कृतिक सहयोग तक, कई अहम समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए.

सभी दलों का मिला समर्थन प्रधानमंत्री की इस यात्रा की सबसे खास बात थी कि जापान में सभी दल के नेताओं का समर्थन मिला. पीएम मोदी ने जापान के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों, योशीहिदे सुगा और फुमियो किशिदा से भी मुलाकात की. उन्होंने सांसदों के एक समूह के साथ-साथ संसद के स्पीकर से भी मुलाकात की.

इसके अलावा 16 प्रांतों के राज्यपाल प्रधानमंत्री मोदी से मिलने टोक्यों आए और उन्होंने मोदी से मुलाकात की. यह राज्य स्तरीय सहभागिता जापान और भारत के मजबूत होते रिश्तों का एक अनूठा उदाहरण है.