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भारत है रूस का छिपा हुआ बैंक… ट्रंप के शुक्राचार्य ने फिर उगला जहर, 9 प्वाइंट में लिख डाला ‘झूठ पुराण’

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अमेरिका इन दिनों पूरी दुनिया में फैले बवाल का केंद्र बना हुआ है. हर युद्ध में अमेरिका शामिल है, भले ही वो सीधे तौर पर इसे लड़ नहीं रहा हो. खासतौर पर जब से डोनाल्ड ट्रंप सत्ता में आए हैं, तब से अमेरिका फर्स्ट के नाम पर उन्होंने जो गदर मचाया है, उससे पूरा विश्व प्रभावित हो रहा है. दादागिरी ऐसी कि कोई उनकी शर्तों पर न झुके तो वे किसी तानाशाह की तरह सजा देने पर उतर आते हैं. उनकी इस सनक के पीछे उनके कुछ सलाहकार भी हैं, जो अमेरिका की पारंपरिक रणनीति को उलट-पुलट कर रहे हैं.
भारत के खिलाफ टैरिफ वॉर के दौरान ट्रंप के अलावा जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, वो पीटर नवारो का है. डोनाल्ड ट्रंप के लिए शुक्राचार्य की तरह बंटाधारी गुरु बने पीटर नवारो का कोई दिन नहीं गुजर रहा, जब वे पीएम मोदी के बारे में बात न करें. टीवी-अखबार या फिर सोशल मीडिया पर वो सिर्फ इन दिन रूसी तेल और मोदी डिप्लोमेसी से ही झल्लाए दिख रहे हैं. हर दिन वो ये गणित समझा रहे हैं कि आखिर भारत के रूसी तेल खरीदने से किस तरह आम अमेरिकी प्रभावित हो रहा है. दिलचस्प तो ये है कि ये डिप्लोमेसी अब व्यक्तिगत होकर पीएम मोदी तक सिमट गई है.
सोशल मीडिया पर लिखा ‘तेल पुराण’
डोनाल्ड ट्रंप के कारोबारी सलाहकार पीटर नवारो ने अपने एक्स अकाउंट पर भारत और रूस के तेल व्यापार और इसके यूक्रेन से लेकर अमेरिका तक पर प्रभाव को लेकर पूरा पुराण छाप दिया है. चलिए आपको बताते हैं कि इतनी मेहनत करके एक बार फिर नवारो ने वही कहानी फिर कैसे सुनाई है, जो वे पिछले 2 महीने से सुना रहे हैं.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है. ये सिर्फ भारत के ‘अनफेयर ट्रेड’ नहीं बल्कि रूस की वॉर मशीन बने तेल व्यापार की लाइफलाइन काटने के लिए है.
इसके बाद उन्होंने रूस-भारत के ऑयल ट्रेड की गणित समझाई है. नवारो के मुताबिक- अमेरिकी लोग भारतीय सामान खरीदते हैं और भारत हमारे डॉलर्स का इस्तेमाल डिस्काउंटेड रूसी तेल खरीदने में करता है.
भारतीय रिफाइनर्स अपने रूसी पार्टनर्स के साथ मिलकर तेल मार्केट को उलट रहा है. वो रूसी तेल को सस्ते दाम पर खरीदकर इसे रिफाइन करके इंटरनेशनल बाजार में ऊंचे दाम पर बेच रहा है. इस तरह रूस को यूक्रेन युद्ध चलाने के लिए पैसा मिलता है.
रूस के यूक्रेन के खिलाफ युद्ध से पहले भारत 1 फीसदी रूसी तेल खरीदता था लेकिन आज 30 फीसदी खरीद रहा है. ये घरेलू इस्तेमाल के लिए नहीं है बल्कि भारतीय मुनाफे को खून और बर्बादी में लगा रहा है.
आगे नवारो ने लिखा है कि भारत की बड़ी तेल लॉबी ने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को विशाल रिफाइनिंग हब और क्रेमलिन के ऑयल मनी के केंद्र में तब्दील कर दिया है. रूस से सस्ते दाम पर तेल खरीदकर ये वो इसे प्रोसेस करके यूरोप, अफ्रीका और एशिया को बेच रहा है.
भारत अब 10 लाख बैरेल्स हर दिन निर्यात कर रहा है. नवारो ने यहां आरोप ये भी लगाया है कि इससे बड़े राजनीतिक कनेक्शन वाले एनर्जी टाइटंस को पैसा मिल रहा है और सीधा पैसा पुतिन के युद्ध के लिए जा रहा है. भारत रूस का छिपा हुआ बैंक है.
नवारो ने लिखा है कि अमेरिका यूक्रेन को हथियार देने में पैसा लगा रहा है, तो भारत रूस को फंड कर रहा है, ऊपर से अमेरिकी सामान पर दुनिया के सबसे ऊंचे टैरिफ भी ठोक रहा है. अमेरिका, भारत के साथ लगभग 50 अरब डॉलर का व्यापार घाटा झेल रहा है और भारत उस डॉलर से रूसी तेल खरीद रहा है. ऐसे में अमेरिकी निर्यातकों पर दोहरी मार पड़ रही है —ऊंचे आयात शुल्क और व्यापार संतुलन का संकट.
भारत एक तरफ रूसी हथियारों की खरीद जारी रखता है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी कंपनियों से मांग करता है कि वे संवेदनशील रक्षा तकनीक साझा करें और भारत में फैक्ट्रियां लगाएं. यह एक तरह का ‘रणनीतिक मुफ्तखोरी’ है क्योंकि भारत दोनों पक्षों से फायदा उठा रहा है, लेकिन जिम्मेदारियां निभाने से बचता नजर आता है.
नवारो ने अपनी आखिरी पोस्ट में तो हद कर दी है. उन्होंने लिखा है कि बाइडन प्रशासन ने इस ‘पागलपन’ को नजरअंदाज किया लेकिन ट्रंप ने सीधा एक्शन लिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ ठोक कर साफ संदेश दिया है – 25% अनुचित व्यापार के खिलाफ और 25% राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत. नवारो ने ट्रंप के हवाले से लिखा कि अगर भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होकर खुद को अमेरिका का रणनीतिक साझेदार कहलाना चाहता है, तो उसे बर्ताव भी वैसा ही करना होगा. एक बार फिर उन्होंने वही लाइन दोहराई – ‘यूक्रेन की शांति का रास्ता नई दिल्ली से होकर जाता है.’

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं ..

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CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं ..

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आदिवासी बहुल जशपुर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और सुधार के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है, जिसके लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। जमीन का चयन हो चुका है और कॉलेज की स्थापना की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इसके अलावा अस्पतालों में भौतिक संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। इन प्रयासों से जिलेवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी।

 

”सीएम विष्णुदेव साय के कामकाज से संतुष्ट लोगों का प्रतिशत 41.9%, बड़े राज्यों की श्रेणी में वे दूसरे सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री, सीएम साय ने जनहित के काम किए”

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”सीएम विष्णुदेव साय के कामकाज से संतुष्ट लोगों का प्रतिशत 41.9%, बड़े राज्यों की श्रेणी में वे दूसरे सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री, सीएम साय ने जनहित के काम किए”

रायपुर: छत्तीसगढ़ की सत्ता में आने के बाद से सीएम विष्णुदेव साय लगातार जनहित के काम कर रहे हैं। जहां एक ओर सत्ता में आते ही उन्होंने सबसे पहले पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को सौगात दी तो दूसरी ओर किसानों को धान का 3100 रुपए प्रति क्विंटल और महतारियों को हर महीने 1000 रुपए देकर उनका मान बढ़ाया है। सीएम साय के इन कार्यों को प्रदेश की जनता से जमकर सराहना मिली है। वहीं, अब सीएम विष्णुदेव साय के कार्यों से जनता कितनी खुश है इसका रिपोर्ट का चुका है। सर्वे के अनुसार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कामकाज से अपने गृह राज्य में 41.9% उत्तरदाता अगस्त 2025 में संतुष्ट बताए। यह आंकड़ा फरवरी 2025 के 39% से बढ़कर आया है – यानि हालिया सर्वे में उन के प्रति संतुष्टि में लगभग 2.9 प्रतिशत अंक की बढ़त दर्ज हुई। बड़े राज्यों के वर्ग में यह दूसरा स्थान बताता है। पहले स्थान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हैं।

बड़े राज्यों के संदर्भ में प्रदर्शन: बड़े राज्यों के समूह में साय का 41.9% अंक दूसरे स्थान की पुष्टि करता है – इससे पता चलता है कि गृह राज्य में उनकी स्वीकार्यता कई अन्य बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बराबर-ऊपर है।

दक्षिण कोरिया के कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सार्थक मुलाकात8520/

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wSXछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सियोल में दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े व्यापार संगठन कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन (KITA) के चेयरमैन श्री जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट श्री किम की ह्यून से मुलाकात की। 77,000 से अधिक सदस्यों वाला यह संगठन एशिया का अग्रणी व्यापारिक मंच है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीति 2024–30, प्राकृतिक संसाधनों और कुशल मानव संसाधन की ताकत को रेखांकित करते हुए निवेश, तकनीकी हस्तांतरण और स्किलिंग के क्षेत्र में संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि “दक्षिण कोरिया के साथ हमारे संबंध केवल व्यापारिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भी हैं। आज के इस संवाद से छत्तीसगढ़ और कोरिया के बीच निवेश, तकनीकी सहयोग और कौशल विकास के नए द्वार खुलेंगे। इससे छत्तीसगढ़ के युवाओं को आधुनिक उद्योगों में अवसर प्राप्त होंगे और प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार निवेशकों को सुगम वातावरण, त्वरित स्वीकृतियाँ और आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि KITA के साथ यह सहयोग छत्तीसगढ़ को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।

बैठक के दौरान KITA के चेयरमैन श्री जिन सिक युन और वाइस प्रेसिडेंट श्री किम की ह्यून ने भी छत्तीसगढ़ की निवेश-अनुकूल नीतियों और संसाधनों में गहरी रुचि व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कोरियाई कंपनियाँ छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं और आने वाले समय में साझेदारी के ठोस कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस सहयोग से छत्तीसगढ़ के किसानों, श्रमिकों और स्थानीय उद्यमियों को प्रत्यक्ष लाभ होगा। खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश से रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे। साथ ही, तकनीकी हस्तांतरण से स्थानीय उद्योगों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्राकृतिक संसाधनों से संपन्न है, बल्कि यहाँ का युवा वर्ग मेहनती और कुशल है। कोरियाई कंपनियों के साथ जुड़कर उन्हें स्किलिंग और तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे, जिससे प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी।यह साझेदारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी और आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता और वैश्विक साझेदारी का आदर्श उदाहरण बनेगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दक्षिण कोरिया प्रवास के दौरान निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश हेतु किया आमंत्रित

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में कोरिया इंटरनेशनल ट्रेड एसोसिएशन और निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी प्रो-एक्टिव एवं विकासोन्मुख औद्योगिक नीति 2024–30, प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों और प्रशिक्षित जनशक्ति के बल पर वैश्विक निवेश और औद्योगिक सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरियाई ब्रांड हर भारतीय घर का हिस्सा हैं। एलजी, सैमसंग, हुंडई जैसी कंपनियां गांव-गांव तक पहुंच चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में जल, ऊर्जा, लौह अयस्क व स्टील और बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है। ये संसाधन दक्षिण कोरियाई निवेशकों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, व्यवसाय सुगमता और उद्योग-अनुकूल नीतियों के माध्यम से प्रत्येक निवेशक को हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज खनिज, ऊर्जा, इस्पात, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आईटी-स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक निवेश का स्वागत कर रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ का विकास मॉडल केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं को रोजगार, महिलाओं को स्वावलंबन और किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी हमारी प्राथमिकता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत के राजदूत श्री अमित कुमार से भारतीय दूतावास, सियोल में मुलाक़ात कर छत्तीसगढ़ में निवेश संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने स्टील और खनिज से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स व फूड प्रोसेसिंग तक, मजबूत द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दक्षिण कोरिया और छत्तीसगढ़ के बीच सांस्कृतिक एवं कारोबारी रिश्तों को रेखांकित करते हुए कहा कि इन साझेदारियों से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, अनुसंधान एवं नवाचार और उच्च मूल्य रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। उन्होंने कोरियाई निवेशकों से आग्रह किया कि वे छत्तीसगढ़ को अपने नए औद्योगिक निवेश स्थल के रूप में चुनें और साझा समृद्धि की इस यात्रा का हिस्सा बनें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं निवेश संवर्धन एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

बस्तर बाढ़ प्रभावितों की हर संभव मदद करें सुनिश्चित – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार तक हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की पीड़ा को शीघ्र कम करना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह महसूस होना चाहिए कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों—बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टरों व वरिष्ठ अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से हुई जनहानि और पशुहानि प्रभावित परिवारों को राहत राशि बिना विलंब के उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त आवासों के सुधार हेतु तिरपाल, बाँस-बल्ली और राहत राशि का वितरण प्राथमिकता से किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने जिलों का भ्रमण करें और राहत कार्यों का सतत पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों से सड़क संपर्क बहाल करने, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति पुनर्स्थापना का कार्य युद्धस्तर पर किया जाए। उन्होंने कहा कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की शीघ्र बहाली राहत कार्यों की सफलता की कुंजी है।

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव श्री जैन ने कलेक्टरों से कहा कि यदि उन्हें शासन स्तर से अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो तो वे तुरंत प्रस्ताव भेजें, ताकि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लिया जा सके। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह ने कलेक्टरों को निर्देश दिया कि राहत शिविरों में भोजन, कपड़े और सूखा राशन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
बैठक के प्रारंभ में राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने मुख्यमंत्री को बस्तर में बाढ़ की स्थिति और अब तक किए गए राहत कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बाढ़ प्रभावित जिलों को अतिरिक्त राशन का आबंटन भी कर दिया गया है और सामग्री प्रभावित परिवारों तक पहुँचाई जा रही है।

इसके उपरान्त मुख्यमंत्री श्री साय ने चारों जिलों के कलेक्टरों से सीधे संवाद कर उनके-अपने जिलों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। कलेक्टरों ने बताया कि अब अधिकांश बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पानी उतरने लगा है और स्थिति नियंत्रण में है। समीक्षा बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रशासन का पूरा ध्यान राहत और पुनर्वास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।

समीक्षा बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री कमलप्रीत सिंह, बस्तर संभाग के आयुक्त श्री डोमन सिंह और पुलिस महानिरीक्षक श्री पी. सुन्दरराज उपस्थित थे।

कैदियों ने ‘पुष्प की अभिलाषा’ का किया सामूहिक पाठ

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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सुप्रसिद्ध कवि स्वर्गीय श्री माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा रचित कालजयी कविता ’पुष्प की अभिलाषा’ का आज केन्द्रीय जेल बिलासपुर में सामूहिक पाठ किया गया। स्वर्गीय श्री चतुर्वेदी ने बिलासपुर केन्द्रीय जेल में निरूद्ध रहने के दौरान 18 फरवरी 1922 को इस देशभक्तिपूर्ण काव्य की रचना की थी। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव की मौजूदगी में कैदियों ने इसका सामूहिक पाठ किया। केन्द्रीय जेल प्रशासन द्वारा एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र समूह के सहयोग से इस प्रेरणादायी कविता पाठ समारोह का आयोजन किया गया था। विधायक श्री सुशांत शुक्ला, वरिष्ठ साहित्यकार श्री सतीश जायसवाल तथा संपादक एवं कवि श्री देवेन्द्र कुमार सहित जेल प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कैदी कार्यक्रम में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने समारोह में ‘एक भारतीय आत्मा’ के नाम से मशहूर साहित्यकार स्वर्गीय श्री माखनलाल चतुर्वेदी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के इस ऐतिहासिक जेल में देशभक्त साहित्यकार श्री माखनलाल चतुर्वेदी के प्रति श्रद्धा एवं आदरभाव व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं। देश के लिए बलिदान का क्या महत्व है, इस कालजयी रचना के जरिए बताया गया है। उन्होंने कहा कि एक फूल की इच्छा है कि वह सम्राट अथवा देवता के सिर पर नहीं, बल्कि उस मार्ग में सेनानियों के पैरों तले कुचला जाना मंजूर करता है जिस पथ से होकर सेनानी देश को आजाद करने की लड़ाई में आगे बढ़ें। यह देश के लिए महती त्याग और बलिदान की भावना है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री चतुर्वेदी की आजादी की लड़ाई में बड़ी भूमिका थी। देशभक्ति की भावना उनमें कूट-कूट कर भरी थी। वे 5 जुलाई 1921 से 1 मार्च 1922 तक सात माह 27 दिन इस जेल में निरूद्ध रहे। इसी जेल में रहकर उन्होंने 18 फरवरी 2022 को यह कालजयी रचना सेनानियों को सौंपी थी। बिलासपुर के साथ ही संपूर्ण छत्तीसगढ़ के लिए यह कविता बड़ी धरोहर है। इससे हम सबको अच्छा काम करने की प्रेरणा मिलेगी।

श्री साव ने कहा कि श्री माखनलाल चतुर्वेदी प्रकाण्ड विद्वान और देशभक्त थे। ‘एक भारतीय आत्मा’ के नाम से उन्हें जाना जाता है। देश की आजादी के बाद उन्हें प्रथम साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया। ‘पुष्प की अभिलाषा’ शीर्षक से रचित कविता का एक-एक शब्द देशभक्ति के भावों से भरा हुआ है। यह हम सबको देश और समाज के लिए समर्पण भाव से काम करने के लिए प्रेरित करता है। श्री दीपक सिंह, श्री मोहित जायसवाल और जेल अधीक्षक श्री खोमेश मंडावी भी समारोह में मौजूद थे।

कांकेर जिले में नया पर्यटन केन्द्र बनकर उभर रहा ‘धारपारूम’

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प्राकृतिक सौंदर्य और नैसर्गिक खूबसूरती से परिपूर्ण कांकेर जिले में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। जिले की पहाड़ियों और वनों के बीच अनेक ऐसे स्थान स्थित हैं, जो अपनी अनूठी प्राकृतिक विशेषताओं से सैलानियों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। इन्हीं स्थलों में से एक नया पर्यटन स्थल ‘धारपारूम’ है, जो अपनी मनोरम घाटियों, व्यू प्वॉइंट, प्राकृतिक झरने और गुफाओं के कारण पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

कांकेर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पीढ़ापाल के समीप स्थित धारपारूम, जिला मुख्यालय से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पहाड़ियों से घिरा यह क्षेत्र प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण है। यहां घाटीनुमा संरचना के साथ-साथ प्राकृतिक झरना, गुफा तथा पुरातात्विक महत्व के शैलचित्र भी देखने को मिलते हैं। वर्तमान में इस स्थल का संचालन एवं प्रबंधन सामुदायिक स्तर पर ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। ग्रामीणों की सहभागिता से यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं।

कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी ने धारपारूम क्षेत्र का अवलोकन करने के बाद इसे नवीन पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल करने की बात कही है। उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा कर क्षेत्र की पृष्ठभूमि एवं ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त की।

गौरतलब है कि हाल ही में कुछ मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा इस क्षेत्र का भ्रमण कर इसके दृश्य सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जिसके बाद यहां पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सैलानियों का मानना है कि धारपारूम को केशकाल के टाटामारी से भी बड़ा हिल प्लेस के रूप में विकसित किया जा सकता है। धारपारूम का प्राकृतिक वैभव और इसकी अनुपम भौगोलिक संरचना इसे कांकेर जिले का उभरता हुआ पर्यटन स्थल बना रही है। प्रशासनिक सहयोग और ग्रामीणों की भागीदारी से यह क्षेत्र निकट भविष्य में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनायेगा।

छत्तीसगढ़ देश का ऑक्सीजोन: वनमंत्री श्री केदार कश्यप

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वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का अक्सीजोन है। यह प्रकृति का आशीर्वाद है कि हमारा राज्य वनों से भरपूर है। उन्होंने कहा कि वनों से आच्छादित बस्तर क्षेत्र में जन्म लेने का अवसर मिला। वनों को हमारे पूर्वजों ने सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के रूप संरक्षित किया है। वनोपज यहां जीविकोपार्जन का साधन है। इसलिए वनों का संरक्षण करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। साथ ही आगामी पीढ़ी को भी इसके महत्व से भली-भांति अवगत कराना है। ये बातें वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज बस्तर जिले के आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जामावाडा में आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में कही।

वनमंत्री श्री कश्यप ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि पूरे प्रदेश में वनाच्छादन में वृद्धि के मामले में हमारा राज्य देश में प्रथम स्थान पर है। भारत सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक 68000 हेक्टेयर में वनाच्छादन में वृद्धि हुई है।

इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने किसान वृक्ष मित्र योजना के वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के 1483 हितग्राहियों का 92 लाख रूपए की राशि का चेक वितरित किया। कार्यक्रम में विधायक श्री किरण सिंह देव ने भी अपने सम्बोधन में वनों के महत्व को विस्तार से बताया।

रजत जयंती वर्ष में आयोजित पर जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, बेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, नगर निगम सभापति श्री खेम सिंह देवांगन, अन्य जनप्रतिनिधि श्री वेद प्रकाश पांडे, रूप सिंह मंडावी सहित सीसीएफ श्री आर दुग्गा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि ने स्कूल परिसर में एक पेड़ माँ के नाम पर वृक्षारोपण किया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी व बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

वनमंत्री श्री कश्यप ने 3.74 करोड़ रूपए से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

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वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज बस्तर जिले के ग्राम सुधापाल में आयोजित एक कार्यक्रम में 3 करोड़ 74 लाख रूपए के 6 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री कश्यप ने कहा कि ये विकास कार्य से क्षेत्र के लोगों का जीवन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व हमारी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर की इस पावन धरा पर 3 करोड़ 74 लाख रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। यह सिर्फ एक भूमिपूजन नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और जन-कल्याण के प्रति हमारी सरकार की प्रतिबद्धता का एक प्रमाण है। हमारा मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हर व्यक्ति को विकास से जोड़ना है। यह पुल और सड़क का निर्माण न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि किसानों और व्यापारियों को भी अपनी उपज मंडियों तक आसानी से पहुंचाने में मदद करेगा।

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि विभिन्न स्कूलों में नए भवनों का निर्माण हमारे बच्चों के भविष्य में किया गया निवेश है। अच्छी शिक्षा ही किसी भी समाज की प्रगति का आधार होती है और हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हमारे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले। इससे हमारे बच्चों को ज्ञान की रोशनी से जोड़ने का काम करेंगे। मंत्री श्री कश्यप ने लोगों से अपील करते हुए कहा इन विकास कार्यों को सफल बनाने में आप सभी का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह परियोजनाएं सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि आप सभी की हैं। हम सब मिलकर सबका साथ, सबका विकास के मंत्र को साकार करेंगे। मैं आप सभी को विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सरकार आपकी हर समस्या को प्राथमिकता से सुनेगी और उसका समाधान करेगी।

वनमंत्री श्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया, जिसके अंतर्गत पाथरी से सुधापाल मार्ग पर 2 करोड़ 87 लाख रूपए की लागत से पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण कार्य, 3 लाख 30 हजार रूपए की लागत से आमाडोंगरीपारा स्कूल मार्ग में बलियाराम मंडवी के घर के पास पुलिया निर्माण, 21 लाख 59 हजार रूपए की लागत से नारायणपाल में उच्च प्राथमिक शाला का नवीन भवन, 21 लाख 59 हजार रूपए की लागत से गुनपुर में उच्च प्राथमिक शाला के नवीन भवन का निर्माण, 20 लाख 30 हजार रूपए की लागत से जाटनापाल में प्राथमिक शाला के नवीन भवन और 20 लाख 30 हजार रूपए की लागत से रतंेगा में प्राथमिक शाला के नवीन भवन का निर्माण कार्य शामिल है।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री निर्देश दीवान, जनपद पंचायत सदस्य श्री गौरव कश्यप सहित जनप्रतिनिधिगण और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।