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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव : महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा महोत्सव का भव्य आयोजन

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेवता पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आज छत्तीसगढ़ का पारंपरिक त्योहार तीजा-पोरा धूमधाम से मनाया गया। ‘विष्णु भइया’ के नेवता पर आयोजित इस भव्य आयोजन में शामिल होने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएँ पहुँचीं। प्रदेश सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने माताओं-बहनों का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें उपहार स्वरूप साड़ी, श्रृंगार सामग्री और छत्तीसगढ़ी कलेवा भेंट किया गया।

मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने उपस्थित माताओं-बहनों को तीजा पर्व की शुभकामनाएँ दीं। महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ में नारी शक्ति के मान, सम्मान और दृढ़ निश्चय का महत्वपूर्ण पर्व है। निर्जला व्रत रखकर अपने पति-परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की कामना करने वाली सभी माताओं-बहनों को उन्होंने सरकार की ओर से शुभकामनाएँ दीं। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेवता पर माताओं-बहनों की इतनी बड़ी संख्या में उपस्थिति स्वयं इस पर्व के महत्व को सिद्ध करती है।

उन्होंने कहा कि तीजा के आते ही माताओं-बहनों के मन में प्रसन्नता छा जाती है। भाई-भतीजा के तीजा लिवाने आने की प्रतीक्षा रहती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ महतारी के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की 70 लाख से अधिक माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। इससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और घर-परिवार को संचालित करने में पति के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु आगे भी ऐसी योजनाएँ लाती रहेगी।

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी तीजा-पोरा पर्व की बधाई दी और कहा कि यह अवसर सभी तीजहारिन बहनों के लिए बहुत विशेष है। यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के लिए खुशी, एकजुटता और आत्मीयता का प्रतीक है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा धार्मिक, सामाजिक और प्राकृतिक सामंजस्य का पर्व है। माता-बहनें परिवार को जोड़कर स्वर्ग समान बनाए रखने का कार्य करती हैं। सुहागन महिलाएँ निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। सावन में खेत-खलिहान हरे-भरे हो जाते हैं, जिनमें गाय-बैलों की अथक मेहनत का योगदान होता है। इसी मेहनत से हमारे धान के कोठार भरते हैं। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद श्रीमती सरोज पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।

इस अवसर पर पंडवानी गायिका पद्मश्री श्रीमती उषा बारले और लोकगायिका कुमारी आरु साहू को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री इंद्र कुमार साव, श्री अनुज शर्मा, केश शिल्पी बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेना, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

महिला सम्मेलन में महतारियों का उत्साह, तीजहारिन बहनों ने लगवाई मेंहदी
तीजा-पोरा के नेवता के लिए ‘विष्णु भइया’ का जताया आभार

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के भाई के रूप में दिए गए नेवता पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों ने भाग लिया। यहाँ लगाए गए स्टॉल गुलजार रहे। महिलाओं ने मेंहदी लगवाई, रंग-बिरंगी चूड़ियाँ पहनीं, आलता लगाया और सजधज कर सावन के झूले का आनंद लिया।

महतारियों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। पंडवानी गायिका श्रीमती उषा बारले ने अपनी प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया। पूरे सभागार को छत्तीसगढ़ी पारंपरिक साज-सज्जा से सजाया गया था। यहाँ मेहंदी, चूड़ियाँ, आलता के स्टॉल और ग्रामीण परिवेश को जीवंत करते हुए तीजा-पोरा की तैयारियाँ प्रदर्शित की गईं।

ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक चिन्हारी आभूषणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें तोड़ा, पैरी पैजन, लच्छा, साँटी, झांझ, बिछिया, बिछुआ, चुटकी, ऐंठी, गोल, कंगन या कड़ा टरकउव्वा, कंगन या कड़ा (चोटी की तरह गुँथा हुआ), पटा, ककनी-हर्रया, तरकी, छुमका, ढार, खिनवा, लुरकी, धतुरिया, फुल्ली, नथ, रुपियामाला, तिलरी, कटवा, सूता, करधन, बजुबंद, खग्गा, फुंदरा और झबली जैसे पारंपरिक आभूषणों के साथ कृषि उपकरण और वाद्ययंत्र भी प्रदर्शित किए गए।

महिलाओं ने खेल प्रतियोगिताओं में दिखाया उत्साह
कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताएँ हुईं

महिला सम्मेलन एवं तीजा-पोरा तिहार की शुरुआत विधि-विधान से शिव-पार्वती और नंदी की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद मंचीय कार्यक्रमों में महिलाओं की सहभागिता ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।

कुर्सी दौड़, जलेबी दौड़, नींबू दौड़ और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरा वातावरण तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह से गूंज उठा। इन खेलों ने न केवल प्रतियोगिता का रोमांच बढ़ाया, बल्कि पारंपरिक पर्व की आत्मीयता और सामाजिकता को भी जीवंत कर दिया।

कई महिलाओं ने कहा कि ऐसे आयोजनों से त्योहार का आनंद दोगुना हो जाता है और समाज में आपसी मेलजोल भी बढ़ता है। प्रतियोगिता के अंत में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया और सभी प्रतिभागियों की सराहना की गई।

ओसाका (जापान) में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले ही दिन छत्तीसगढ़ पैवेलियन में उमड़ी रौनक, 22 हजार से अधिक दर्शकों ने किया अवलोकन

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ओसाका (जापान) में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 के पहले दिन ही छत्तीसगढ़ पैवेलियन आकर्षण का केंद्र बन गया। उद्घाटन दिवस पर 22 हजार से अधिक दर्शकों ने यहाँ पहुँचकर छत्तीसगढ़ की विरासत, उद्योग और पर्यटन की अनूठी झलक का अनुभव किया।

भारत सरकार के इंडियन ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन (ITPO) के आमंत्रण पर 24 से 30 अगस्त 2025 तक भारत पैवेलियन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। आज इस भव्य पैवेलियन का विधिवत शुभारंभ किया गया।

छत्तीसगढ़ : संस्कृति, उद्योग और अवसरों का संगम

पैवेलियन को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि यह आगंतुकों को एक जीवंत अनुभव प्रदान करता है। पवेलियन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि, औद्योगिक शक्ति और पर्यटन की संभावनाओं को सुंदर रूप से पिरोया गया है। यह वैश्विक दर्शकों को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराता है।

पर्यटन और विरासत की छटा

पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की धरती की सुंदरता और धरोहर को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। नवा रायपुर, देश का पहला ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी, जिसे निवेश और औद्योगिक प्रगति के लिए तैयार किया गया है, यहाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक पहचान चित्रकोट जलप्रपात ने भी सबका ध्यान खींचा। भारत का सबसे चौड़ा जलप्रपात होने के कारण इसे “भारत का नियाग्रा” कहा जाता है।

इतिहास और आस्था की झलक देने वाला सीतापुर (Sirpur) पैवेलियन में प्रमुख रूप से प्रदर्शित है। यह 8वीं शताब्दी ईस्वी से जुड़ा भारत का एक विशाल बौद्ध स्थल है, जो छत्तीसगढ़ की गहरी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का परिचायक है। भारत और जापान की सांस्कृतिक विरासत के इस जुड़ाव में, छत्तीसगढ़ बुद्ध के विचारों और शिक्षाओं से प्रेरित होकर शांति, समावेश और सतत विकास के साझा मूल्यों को आगे बढ़ाता है।

औद्योगिक शक्ति और लॉजिस्टिक हब के रूप में छत्तीसगढ़

पैवेलियन में छत्तीसगढ़ की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति पर विशेष बल दिया गया। राज्य की केंद्रीय स्थिति और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क उसे देश के भीतर सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बनाते हैं।

विनिर्माण, वस्त्र, आईटी/आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रामोद्योग जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की तेजी से हो रही प्रगति को भी यहाँ प्रदर्शित किया गया है। यह वैश्विक निवेशकों के लिए राज्य को निवेश-तैयार गंतव्य के रूप में स्थापित करता है।

कला और शिल्प की पहचान

छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोककला और हस्तशिल्प में भी झलकती है। पैवेलियन में बस्तर की ढोकरा कला—4,000 वर्ष पुरानी जीआई टैग प्राप्त धातु शिल्प—अपने अनगढ़ सौंदर्य और मौलिकता से सबको आकर्षित कर रही है।

इसी तरह, कोसा सिल्क, जिसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा कहा जाता है, पैवेलियन का मुख्य आकर्षण बना। यह अपनी प्राकृतिक चमक, मजबूती और आकर्षण के लिए विख्यात है और राज्य के वनों में पाए जाने वाले एंथरेया मायलिट्टा रेशमकीट से तैयार किया जाता है।

कोसा से बनी कलात्मक इंस्टॉलेशन छत्तीसगढ़ की आत्मा को व्यक्त करती है—जहाँ आध्यात्मिकता, प्रकृति और विकास का संतुलन साफ़ दिखाई देता है।

वैश्विक मंच पर छत्तीसगढ़ की दमदार उपस्थिति

वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ पैवेलियन की शानदार शुरुआत और रिकॉर्डतोड़ दर्शक संख्या ने आने वाले सप्ताह की दिशा तय कर दी है। यह पैवेलियन न केवल सांस्कृतिक विविधता का उत्सव है, बल्कि छत्तीसगढ़ को सतत औद्योगिक प्रगति और वैश्विक निवेश अवसरों के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करता हैै।

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से उपभोक्ताओं को मिल रही राहत

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केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना अब उपभोक्ताओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला रही है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ लेने आगे आ रहे हैं। ऐसे ही बिलासपुर जिले के ग्राम कोनी के निवासी श्री रमेश साहू ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया है। इसके बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।इस अभिनव योजना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

कोनी में रहने वाले श्री रमेश साहू बताते हैं कि उनके घर पर बिजली की खपत काफी अधिक थी प्रतिमाह आने वाले बिजली के बिल से उन्हें बड़ा आर्थिक भार झेलना पड़ता था। सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगवाया जिसकी लागत करीब दो लाख रुपए थी। इस प्लांट पर उन्हें केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिल चुकी है, जबकि राज्य सरकार से मिलने वाली 30 हजार रुपये की सब्सिडी भी शीघ्र मिलने वाली है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें बिजली बिल की चिंता से मुक्ति मिल गई है।अब उन्हें किसी तरह का बिल नहीं भरना पड़ रहा। एक बार निवेश करने पर 25 वर्षों तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती है और इस पर कोई विशेष मेंटेनेंस खर्च भी नहीं है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में सप्लाई कर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में यह योजना बड़ा कदम है। श्री साहू ने आम नागरिकों से अपील की कि वे भी इस योजना का लाभ उठाएं और सौर ऊर्जा को अपनाकर बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनें।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सोलर पैनल लगवाने पर केन्द्र सरकार से 78 हजार रुपये तक सब्सिडी और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये तक सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही सरकार 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली प्रदान कर रही है। योजना में घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की सुविधा मिलती है जिससे बनने वाली खपत से अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर बिजली उत्पादक भी बना जा सकता है। योजना के तहत ऋण का भी प्रावधान है जिसमें एक बार निवेश पर 25 वर्षों तक मुफ्त और सतत बिजली पाई जा सकती है।

ड्रोन तकनीक से किया जा रहा है, नैनो यूरिया का छिड़काव

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प्रदेश में किसान खेती-किसानी में नई तकनीकों को अपना रहे हैं। महासमुंद जिले के ग्राम जोगनीपाली में शनिवार को किसानों के बीच ड्रोन तकनीक के माध्यम से नैनो यूरिया का छिड़काव कर प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर अधिकारीयों ने किसानों को पारंपरिक यूरिया के विकल्प के रूप में नैनो यूरिया के लाभों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। किसानों को नैनो यूरिया के प्रयोग से लागत में कमी, मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि और पर्यावरणीय लाभों के बारे में अवगत कराया गया।

कार्यक्रम में क्षेत्र के वरिष्ठ किसान श्री अमृत पटेल, भोगलाल चौधरी, नेहरू चौधरी, चुम्बन लाल, बाबूलाल चौधरी, फागु लाल, शिवप्रसाद, वासुदेव साहू, गणेश साहू सहित लगभग 30 किसान उपस्थित रहे।

“दिल्ली विधानसभा में विट्ठलभाई पटेल के स्पीकर बनने के 100 वर्ष पूरे, अमित शाह ने जारी किया विशेष डाक टिकट”

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“दिल्ली विधानसभा में विट्ठलभाई पटेल के स्पीकर बनने के 100 वर्ष पूरे, अमित शाह ने जारी किया विशेष डाक टिकट”

दिल्ली विधानसभा में विट्ठलभाई पटेल के केंद्रीय विधानसभा के स्पीकर बनने के 100 साल पूरे होने पर दो दिवसीय शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है. इस दौरान रविवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह मौजूद रहे, जिन्होंने विट्ठलभाई पटेल को लेकर विशेष डाक टिकट भी जारी किया.

दिल्ली विधानसभा में विट्ठलभाई पटेल के केंद्रीय विधानसभा के स्पीकर बनने के 100 साल पूरे होने पर शताब्दी समारोह मनाया जा रहा है, जो दो दिन चलेगा. इसे लेकर अखिल भारतीय स्पीकर सम्मेलन आयोजित हो रहा है.

गौरव गाथा को लेकर लगी प्रदर्शनी दिल्ली विधानसभा में विठ्ठलभाई पटेल की गौरव गाथा को लेकर प्रदर्शनी लगाई है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया. साथ ही विठ्ठलभाई भाई पटेल को लेकर गृह मंत्री अमित शाह द्वारा विशेष डाक टिकट भी जारी किया गया है. इस कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा में कई राज्यों के स्पीकर शामिल हुए हैं.

दिल्ली विधानसभा के अंदर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता विशेष रूप से मौजूद रहे.

गृहमंत्री अमित शाह ने ‘X’ पर किया पोस्ट केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करके दिल्ली विधानसभा में होने वाले कार्यक्रम के बारे में बताया और देश आजाद होने से पहले लोकतंत्र को स्थापित करने में विट्ठलभाई पटेल की भूमिका की तारीफ की.

उन्होंने लिखा, ‘अद्वितीय विद्वान और कानून विशेषज्ञ विट्ठलभाई पटेल के केंद्रीय विधानसभा के पहले निर्वाचित भारतीय स्पीकर बनने के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज दिल्ली विधानसभा में आयोजित की जा रही दो दिवसीय ‘ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस’ के उद्घाटन सत्र में देशभर की विधानसभा व विधान परिषद के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों से संवाद करूंगा. विट्ठलभाई पटेल ने गुलामी के कठिन दिनों में भी सदन में लोकतंत्र को स्थापित और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.’

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष ने किया पोस्ट दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘दिल्ली विधानसभा में आयोजित ऑल इंडिया स्पीकर कॉन्फ्रेंस में गृहमंत्री अमित शाह का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया. इस अवसर पर सभी ने वीर विट्ठलभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया.’

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘भारत के प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष वीर विट्ठलभाई पटेल के शताब्दी वर्ष पर आयोजित ‘ऑल इंडिया स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस’ के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने डाक टिकट जारी किया.’

“PM मोदी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर दी शुभकामनाएं, ज्ञान के मार्ग पर चलने की दी सलाह”

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“PM मोदी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर दी शुभकामनाएं, ज्ञान के मार्ग पर चलने की दी सलाह”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई दी. पीएम मोदी ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शाश्वत शिक्षाएं दुनिया भर के जीवन को प्रकाशित करती रहती हैं और हमें करुणा, विनम्रता और सेवा के मूल्यों की याद दिलाती हैं.

उन्होंने आगे कहा कि ये शिक्षाएं मानवता को एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित करती हैं. पीएम मोदी ने आशा की व्यक्त पीएम मोदी ने आशा व्यक्त की कि हम सदैव श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी द्वारा दिखाए गए ज्ञान के मार्ग पर चलें और एक बेहतर दुनिया के निर्माण का प्रयास करें.

हम सदैव श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के दिखाए गए ज्ञान के मार्ग पर चलें- PM मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शाश्वत शिक्षाएं दुनिया भर के जीवन को प्रकाशित करती रहती हैं और हमें करुणा, विनम्रता और सेवा के मूल्यों की याद दिलाती हैं. ये शिक्षाएं मानवता को एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित करती हैं. हम सदैव श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी द्वारा दिखाए गए ज्ञान के मार्ग पर चलें और एक बेहतर ग्रह के निर्माण का प्रयास करें.’

पीयूष गोयल ने भी दी शुभकामनाएं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं. उनकी अमर वाणी हमें करुणा, विनम्रता और सेवा के मूल्यों का संदेश देती है जो मानवता को एकता और सद्भाव से जोड़ती है. आइए, हम उनके दिखाए मार्ग पर चलकर एक बेहतर समाज के निर्माण का संकल्प लें.’

ओम बिरला ने शेयर किया पोस्ट लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाश पर्व पर गुरु वाणी का मनन तथा सभी को हार्दिक शुभकामनाएं. श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का दिव्य उपदेश सत्य, करुणा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है. यह दिन हम सभी को बंधुत्व, समानता और शांति का संदेश देता है.’

“उत्तर कोरिया का बड़ा धमाका! दो नई मिसाइलों का परीक्षण, किम जोंग-उन ने की निगरानी”

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“उत्तर कोरिया का बड़ा धमाका! दो नई मिसाइलों का परीक्षण, किम जोंग-उन ने की निगरानी”

उत्तर कोरिया ने शनिवार को एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। देश ने दो नई वायु रक्षा मिसाइलों का परीक्षण किया, जिसने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। सरकारी मीडिया ने बताया कि यह परीक्षण खुद देश के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन की मौजूदगी में हुआ।

किम जोंग-उन की नजर में हुआ परीक्षण कोरियाई सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी (केसीएनए) ने इस परीक्षण की जानकारी दी। हालांकि, एजेंसी ने मिसाइलों के तकनीकी विवरण को गुप्त रखा, लेकिन दावा किया कि इन हथियारों में ‘बेहतरीन युद्ध क्षमता’ है। इनमें ऐसी ‘विशेष तकनीक’ का इस्तेमाल किया गया है, जो इन्हें खास बनाती है। केसीएनए के मुताबिक, ये मिसाइलें ड्रोन और क्रूज़ मिसाइलों जैसे हवाई खतरों को आसानी से नष्ट कर सकती हैं।

मिसाइलों की ताकत ने चौंकाया परीक्षण के दौरान दोनों मिसाइलों ने अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया। केसीएनए ने कहा कि ये हथियार विभिन्न हवाई लक्ष्यों को भेदने में पूरी तरह सक्षम हैं। यह परीक्षण उत्तर कोरिया की सैन्य ताकत को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

दक्षिण कोरिया के साथ तनाव यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय में हुआ है, जब उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच तनाव चरम पर है। हाल ही में मंगलवार को दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरियाई सैनिकों पर चेतावनी स्वरूप गोलियां चलाई थीं। दक्षिण कोरिया की योनहाप न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, करीब 30 उत्तर कोरियाई सैनिक असैन्यीकृत क्षेत्र (डीएमजेड) में कुछ देर के लिए घुस आए थे। इस घटना ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया।

संयुक्त राष्ट्र ने की पुष्टि संयुक्त राष्ट्र कमान ने भी इस सीमा उल्लंघन की घटना की पुष्टि की है। यह घटना और मिसाइल परीक्षण उत्तर कोरिया की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को दर्शाते हैं, जो क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन रहा है।

“सिर्फ 11 हज़ार में बुक करें शादी का हॉल! योगी सरकार की ये योजना बदल देगी सबकुछ”

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“सिर्फ 11 हज़ार में बुक करें शादी का हॉल! योगी सरकार की ये योजना बदल देगी सबकुछ”

शादी-ब्याह और सामाजिक आयोजनों का नाम सुनते ही गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच जाती हैं। सवाल उठता है- “कार्यक्रम कहाँ होगा? कितना खर्च आएगा?” लेकिन अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस चिंता का हल निकाल लिया है।

उनकी नई योजना “मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना” के तहत सस्ते दामों में कल्याण मंडपम् उपलब्ध कराए जाएँगे। इस पहल से कम बजट में भी परिवार अपने मांगलिक कार्यों को धूमधाम से निपटा सकेंगे। आइए जानते हैं इस शानदार योजना के बारे में!

कल्याण मंडपम्: सस्ता और सुविधाजनक विकल्प “मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना” के तहत बनाए जा रहे कल्याण मंडपम् उन लोगों के लिए वरदान साबित होंगे जो शादी, जन्मदिन या अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए बजट की चिंता करते हैं। इन मंडपों को बेहद किफायती किराए पर बुक किया जा सकेगा। खास बात यह है कि सिर्फ 11 हज़ार रुपये में आप पूरे आयोजन के लिए हॉल बुक कर सकते हैं। ये मंडप न केवल सस्ते होंगे, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से भी लैस होंगे, जिससे आपका आयोजन और भी खास बन जाएगा।

गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम खासतौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आया है जो बड़े-बड़े मैरिज हॉल का किराया नहीं दे सकते। कल्याण मंडपम् के जरिए अब हर कोई अपने खास पलों को शानदार तरीके से सेलिब्रेट कर सकेगा। इन मंडपों को शहरों और कस्बों में बनाया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें। योगी सरकार का मकसद है कि कोई भी परिवार बजट की कमी के कारण अपने खुशी के मौके को छोटा न करे।

कैसे ले सकते हैं इस योजना का लाभ? इस योजना के तहत कल्याण मंडपम् को बुक करना बेहद आसान होगा। सरकार जल्द ही इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की योजना बना रही है, जहाँ लोग आसानी से हॉल बुक कर सकेंगे। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन के जरिए भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इन मंडपों में बिजली, पानी, पार्किंग और अन्य जरूरी सुविधाएँ भी होंगी, ताकि आयोजकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

योगी सरकार का मिशन: हर घर में खुशियाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि यह योजना समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर बनाई गई है। उनका लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश में कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण अपने खास मौकों को धूमधाम से न मना सके। कल्याण मंडपम् की यह पहल न केवल लोगों की आर्थिक मदद करेगी, बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देगी। इस योजना के तहत आने वाले महीनों में कई शहरों में नए मंडप बनकर तैयार हो जाएँगे।

“ट्रंप के ट्रेड वॉर के बीच भारत का दिखेगा दबदबा, पुतिन के साथ जेलेंस्की भी करेंगे India का दौरा”

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“ट्रंप के ट्रेड वॉर के बीच भारत का दिखेगा दबदबा, पुतिन के साथ जेलेंस्की भी करेंगे India का दौरा”

भारत की विदेश नीति हमेशा से संतुलन और तटस्थता का प्रतीक रही है. एक ओर जहां भारत और रूस की दोस्ती दशकों पुरानी और अटूट है, वहीं दूसरी ओर भारत ने युद्धग्रस्त यूक्रेन के साथ भी अपने संबंधों को संतुलित रखा है.

यह कूटनीतिक कौशल भारत को वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार और निष्पक्ष देश के रूप में स्थापित करता है. इस साल के अंत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे की चर्चा जोरों पर है, तो वहीं यूक्रेन के राजदूत ने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के संभावित भारत दौरे का संकेत दिया है.

भारत और रूस के बीच दोस्ती का इतिहास किसी परिचय का मोहताज नहीं. चाहे वह सैन्य सहयोग हो, तकनीकी सहायता हो, या फिर वैश्विक मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन, रूस ने हमेशा भारत के साथ मजबूती से कदम मिलाए हैं. खासकर उन मौकों पर, जब भारत को पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका से, दबाव का सामना करना पड़ा है, रूस ने भारत का साथ दिया है. दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है. रूसी राष्ट्रपति पुतिन का आगामी भारत दौरा इस दोस्ती को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा.

दूसरी ओर, भारत ने यूक्रेन के साथ भी अपने संबंधों को संवेदनशीलता और संतुलन के साथ निभाया है. रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत ने तटस्थता की नीति अपनाते हुए दोनों देशों के साथ अपने रिश्तों को बनाए रखा है. हाल ही में, यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली के कुतुब मीनार को यूक्रेनी झंडे के रंगों से रोशन किया गया. यह भारत की ओर से एक प्रतीकात्मक कदम था, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को दर्शाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को भारत आने का दिया न्योता यूक्रेन के राजदूत ऑलेक्जेंडर पोलिशचुक ने हाल ही में कहा कि भारत और यूक्रेन के बीच भविष्य की रणनीतिक साझेदारी की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह साझेदारी न केवल व्यापार और तकनीकी क्षेत्रों में होगी, बल्कि मानवीय सहायता और शांति प्रयासों में भी भारत की भूमिका को रेखांकित करेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को भारत आने का न्योता दिया है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक है.

पुतिन का भारत दौरा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर काफी चर्चा है. पुतिन का दौरा ऐसे समय में होने जा रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर नाराजगी जताई है. ट्रंप ने भारत पर टैरिफ 50% तक बढ़ा दिया. भारत ने इसे तर्कहीन बताया है और पीछे हटने से साफ मना कर दिया है.

“‘मैं मुख्यमंत्री हूं, एक भी राशन कार्ड नहीं कटने दूंगा’, केवाईसी मामले पर सीएम भगवंत सिंह मान ने बीजेपी पर साधा निशाना”

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“‘मैं मुख्यमंत्री हूं, एक भी राशन कार्ड नहीं कटने दूंगा’, केवाईसी मामले पर सीएम भगवंत सिंह मान ने बीजेपी पर साधा निशाना”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जनविरोधी नीति की कड़ी आलोचना की, जिसका उद्देश्य राज्य के 55 लाख नागरिकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मुफ्त अनाज से वंचित करना है.

यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कुल 1.53 करोड़ राशन कार्डों में से, भाजपा सरकार ने 55 लाख गरीबों को मिलने वाला मुफ़्त राशन बंद करने की साज़िश रची है. उन्होंने कहा कि केवाईसी न होने का बहाना बनाकर केंद्र सरकार ने इस साल जुलाई में 23 लाख गरीबों का मुफ़्त राशन बंद कर दिया था और अब 30 सितंबर से 32 लाख और लोगों का यह लाभ बंद करने की धमकी दी है. हालांकि, भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार अपने नापाक इरादों में कामयाब नहीं होगी और वह उन्हें एक भी कार्ड रद्द नहीं करने देंगे.

‘जनहितैषी होने का दावा’ मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा जहां एक ओर जनहितैषी होने का दावा करती है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के जरिए 80 करोड़ लोगों को अनाज उपलब्ध कराने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर अब वह पंजाब में 8,02,493 राशन कार्ड रद्द करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि इससे लगभग 32 लाख लोग मुफ़्त राशन के अपने हक़ से वंचित हो जाएँगे. भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर “वोट चोरी” से “राशन चोरी” की ओर बढ़ने का आरोप लगाया और ज़ोर देकर कहा कि पंजाब को निशाना बनाना विशेष रूप से अन्यायपूर्ण है – एक ऐसा राज्य जो देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनाज का उत्पादन करता है.

‘एक भी राशन कार्ड नहीं हटाया जाएगा’ मुख्यमंत्री ने राशन कार्डों को हटाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तर्कों की आलोचना की, जिनमें चार पहिया वाहन का स्वामित्व, सरकारी नौकरी, छोटी जमीन और आय शामिल हैं. उन्होंने पूरे परिवार को दंडित करने की बेतुकी बात की ओर इशारा किया, जबकि इनमें से किसी एक मानदंड को पूरा करने वाला सिर्फ एक सदस्य ही हो सकता है. भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री हैं, एक भी राशन कार्ड नहीं हटाया जाएगा. उन्होंने राज्य में भाजपा नेताओं को अपने चल रहे जन संपर्क कार्यक्रमों के दौरान इस ‘उपलब्धि’ को प्रदर्शित करने की चुनौती दी.

‘गरीब-विरोधी एजेंडा’ मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं की विरोधाभासी प्रकृति का भी मज़ाक उड़ाया-एक योजना गरीबों को गैस कनेक्शन देती है जबकि दूसरी उसी आधार पर लाभ वापस ले लेती है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा का गरीब-विरोधी एजेंडा उजागर हो गया है, और उन्होंने दोहराया कि उन्होंने प्रधानमंत्री और अन्य केंद्रीय नेताओं से बहिष्कार के मानदंडों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है. उन्होंने इन शर्तों में ढील देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया ताकि ज़्यादा से ज़्यादा आर्थिक रूप से कमज़ोर और वंचित लोगों को लाभ मिल सके.

‘भेदभावपूर्ण कदम’ मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार इस भेदभावपूर्ण कदम का कड़ा विरोध करेगी और इस मामले की गहन समीक्षा के लिए छह महीने का समय पहले ही माँग चुकी है. उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि वह पंजाबियों के साथ भिखारियों जैसा व्यवहार करना बंद करे. उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अपने सम्मान और अधिकारों के लिए केंद्र पर निर्भर नहीं हैं. भगवंत सिंह मान ने ज़ोर देकर कहा कि पंजाबी केंद्र सरकार के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और अपने जायज़ अधिकारों का त्याग नहीं करेंगे.

‘गलत नीतियों के कारण भूख से मर रहे’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि पंजाब ने पारंपरिक रूप से कई अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर जीवन स्तर का आनंद लिया है, लेकिन पिछली सरकारों के कुशासन के कारण इसे प्रतिकूल रूप से नुकसान उठाना पड़ा है. इसलिए, भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र को इन योजनाओं की शर्तों में संशोधन करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पात्र लाभार्थियों को सहायता से वंचित न किया जाए. उन्होंने प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि भारत को विश्वगुरु बनाने का उनका सपना तब तक साकार नहीं हो सकता जब तक पंजाब में 32 लाख लोग तकनीकी और गलत नीतियों के कारण भूख से मर रहे हैं.

‘अधिकारों का हनन’ मुख्यमंत्री ने संकल्प लिया कि राज्य सरकार भारत सरकार को अपने लोगों के अधिकारों का हनन नहीं करने देगी. एक प्रश्न के उत्तर में, भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा नेताओं पर कानूनी कार्रवाई हो रही है क्योंकि वे व्यक्तिगत डेटा एकत्र करने के लिए शिविर आयोजित करके नागरिकों की निजता भंग करने का प्रयास कर रहे हैं – ऐसा कुछ जिसकी अनुमति नहीं दी जाएगी.

‘सूचियों में हेराफेरी’ मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भाजपा कई राज्यों में मतदाता सूचियों में हेराफेरी और पिछले दरवाजे से सत्ता हासिल करने की कोशिशों के लिए पहले ही बेनकाब हो चुकी है. हालाँकि, उन्होंने कहा कि पंजाब में ऐसी कोशिशें कामयाब नहीं होंगी और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि नागरिकों की निजता सुरक्षित रहे. भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य और उसके लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस नेक काम में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.

भारी बारिश का असर एक अलग सवाल पर, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से पंजाब में होने वाली तबाही को रोकने के लिए जल स्रोतों को व्यवस्थित करने पर काम कर रही है. उन्होंने इस विडंबना पर ध्यान दिलाया कि पहाड़ी इलाकों में तो बारिश होती है, लेकिन पंजाब को इसका सबसे ज़्यादा ख़तरा झेलना पड़ता है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक तंत्र विकसित किया जा रहा है और उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद अधिकारियों को एक मज़बूत रणनीति तैयार करने के निर्देश पहले ही दे दिए हैं.