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बाजार में ‘महा-जश्न’: सोना-चांदी चमके, रुपया संभला और शेयर मार्केट कर रहा मालामाल…

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कारोबारी सत्र के पहले करेंसी से लेकर कमोडिटी तक और शेयर बाजार में जमकर तेजी देखने को मिल रही है. जहां शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेकस 84 हजार अंकों के पार कारोबार कर रहा है.

वहीं दूसरी ओर सोने और चांदी की कीमतों में जमकर तेजी देखने को मिल रही है. रही सही कसर रुपए ने पूरी कर दी. जिसमें अच्छी तेजी देखने को मिली है और डॉलर के मुकाबले में 90.50 से उबरते हुए तेजी आ गई है. शेयर बाजार में और रुपए में तेजी का प्रमुख कारण अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को माना जा रहा है.

वहीं दूसरी ओर सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का प्रमुख कारण डॉलर इंडेक्स में गिरावट और मिडिल ईस्ट के साथ टेंशन है. बाजार में तेजी के कारण निवेशकों पर खूब पैसों की बारिश होती हुई दिखाई दे रही है. जानकारों की मानें तो सोने और चांदी की कीमतों में भले ही उतार चढ़ाव देखने को मिले, लेकिन शेयर बाजार और रुपए में तेजी बनी रह सकती है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर ओवरऑल मार्केट में किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं.

शेयर बाजार में तेजी का माहौल

भारत यूएस ट्रेड डील की वजह से शेयर बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है. वहीं दूसरी ओर बैंकिंग सेक्टर में अच्छे तिमाही नतीजों की वजह से एसबीआई के शेयरों में 7 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है. कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 734 अंकों की तेजी के साथ 84,314.68 अंकों के साथ दिन के हाई पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. वैसे दोपहर 1 बजकर 50 मिनट के आसपास सेंसेक्स 450.96 अंकों की तेजी के साथ 84,038.21 अंकों पर कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टाइटन, इटर्नल, कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, टाटा स्टील, सन फार्मास्यूटिकल्स, लार्सन एंड टुब्रो, अदाणी पोर्ट्स, इंडिगो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और भारती एयरटेल के शेयर में तेजी रही.

वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी काफी अच्छी तेजी के साथ कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. आंकड़ों को देखें तो कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी 225 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था और 25,922.25 अंकों के साथ दिन के हाई पर पहुंच गया. वैसे दोपहर 1 बजकर 55 मिनट पर निफ्टी 155 अंकों की तेजी के साथ 25,848.80 अंकों पर कारोबार कर रहा था. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को लिवाल रहे थे और उन्होंने 1,950.77 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

सोने की कीमतों में तेजी

वहीं दूसरी ओर गोल्ड में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए भी अच्छी खबर है. देश के वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. आंकड़ों को देखें तो सोना कारोबारी सत्र के दौरान 3,049 रुपए की तेजी के साथ 1,58,500 रुपए प्रति दस ग्राम के साथ दिन के हाई पर दिखाई दिया. जबकि दोपहर 1 बजकर 58 मिनट पर सोना 2,049 रुपए की तेजी के साथ 1,57,500 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था. वैसे सोना पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन 1,55,451 रुपए पर बंद हुआ था. जानकारों की मानें तो हाल ही में आई बड़ी गिरावट और डॉलर इंडेक्स में आई कमी की वजह से निवेशकों की ओर से गोल्ड में वैल्यू बाइंग की जा रही है.

चांदी के दाम में भी इजाफा

सोने के साथ चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए तो और भी अच्छी खबर है. इसका कारण चांदी में सोने से ज्यादा इजाफा देखने को मिला है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार चांदी के दाम में कारोबारी सत्र के दौरान 14,993 रुपए प्रति किलोग्राम का इजाफा देखने को मिला और दाम 2,64,885 रुपए के साथ दिन के हाई पर दिखाई दिए. आंकड़ों को देखें तो दोपहर दो बजे चांदी 11,608 रुपए प्रति किलोग्राम की तेजी के साथ 2,61,500 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी. वैसे पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन चांदी 2.50 लाख रुपए से नीचे आते हुए 2,49,892 रुपए पर बंद हुई थी.

रुपए ने दिखाया दम

रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में 21 पैसे चढ़कर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.44 पर पहुंच गया. भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार होने के बाद सकारात्मक बाजार भावना से घरेलू मुद्रा को बल मिला. विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि रुपये ने हालांकि कमजोर शुरुआत की लेकिन जल्द ही अपनी खोई हुई बढ़त हासिल करके सकारात्मक रुख के साथ कारोबार करने लगा.

भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा तैयार करने की शनिवार को घोषणा की थी जिसके तहत दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क कम करेंगे. इसके अलावा, डॉलर सूचकांक में गिरावट और घरेलू शेयर बाजार में सकारात्मक रुझान ने निवेशकों के विश्वास को और मजबूत किया.

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.66 पर खुला. फिर कुछ बढ़त हासिल करते हुए 90.44 पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से 21 पैसे की बढ़त दर्शाता है. रुपया शुक्रवार को 31 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.65 पर बंद हुआ था. इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 97.58 पर रहा.

सिर्फ 5.80 लाख रुपये में Nissan भारत में लॉन्च कर सकती है अपनी 7-सीटर, जानें खासियत…

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निसान अपनी नई एमपीवी Nissan Gravite को 17 फरवरी 2026 को भारत में लॉन्च करने जा रही है. इस लॉन्च के साथ ही भारतीय एमपीवी सेगमेंट में मुकाबला और तेज होने वाला है. कंपनी ने लॉन्च से पहले इसके नए टीजर को जारी किया है, जिससे इसके दमदार और मॉडर्न लुक की झलक मिलती है.

Nissan Gravite का बॉक्सी और सीधा डिजाइन इसे एक मजबूत रोड प्रेजेंस देता है, जो पहली नजर में ही ध्यान खींचता है.

दमदार एक्सटीरियर डिजाइन और मॉडर्न स्टाइल

डिजाइन की बात करें तो Nissan Gravite में निसान की नई डिजाइन लैंग्वेज देखने को मिलेगी. इसके फ्रंट में सी-आकार की एलईडी लाइट्स, आकर्षक ग्रिल और शार्प बम्पर दिया गया है. साइड प्रोफाइल में रूफ रेल, बॉडी क्लैडिंग और स्टाइलिश अलॉय व्हील्स इसे एमपीवी होने के साथ-साथ एक मॉडर्न कार जैसा लुक देते हैं. पीछे की तरफ रैपअराउंड एलईडी टेललैंप, सी-शेप बम्पर और स्किड प्लेट जैसी डिटेल्स इसे थोड़ा रफ और SUV जैसा लुक देती हैं.

आरामदायक इंटीरियर और लेटेस्ट फीचर्स

Nissan Gravite का इंटीरियर भी काफी प्रैक्टिकल और आरामदायक होने वाला है. इसमें फ्लैट फ्लोर के साथ सात सीटों का लेआउट मिलेगा. दूसरी रो की सीटें स्लाइड और रिक्लाइन हो सकती हैं, जबकि तीसरी रो छोटे सफर या बच्चों के लिए बेहतर रहेगी. फीचर्स की बात करें तो इसमें डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस मोबाइल कनेक्टिविटी, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, सभी सीटों के लिए रियर एसी वेंट और कीलेस एंट्री जैसे फीचर्स मिल सकते हैं. टॉप वेरिएंट में 360 डिग्री कैमरा और वायरलेस चार्जर भी दिया जा सकता है.

इंजन, कीमत और मुकाबला

Nissan Gravite में 1.0 लीटर पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है, जो नैचुरली एस्पिरेटेड और टर्बो दोनों विकल्पों में आएगा. इसके साथ मैनुअल और एएमटी गियरबॉक्स का विकल्प होगा. भविष्य में कंपनी इसका CNG वेरिएंट भी ला सकती है. कीमत करीब 5.8 लाख रुपये एक्स-शोरूम से शुरू हो सकती है और इसका सीधा मुकाबला Renault Triber जैसी एमपीवी से होगा.

IND vs PAK T20 World Cup: भारत-पाक मैच पर सस्पेंस बरकरार, ICC से मैराथन बैठक के बाद पाकिस्तान को मिला 24 घंटे का अल्टीमेटम…

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IND vs PAK T20 World Cup: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले को लेकर अनिश्चितता अब भी बनी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पास 24 घंटे का समय है, जिसके बाद यह साफ कर देगा कि पाकिस्तान की टीम 15 फरवरी भारत के खिलाफ ग्रुप मैच खेलेगी या उसका बहिष्कार करेगी.

यह जानकारी ICC के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लाहौर में हुई लंबी बैठक के बाद सामने आई है.

लाहौर में 5 घंटे चली अहम बैठक

यह अहम बैठक लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में हुई, जो पांच घंटे से ज्यादा चली. इसमें PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी, ICC के डिप्टी चेयरमैन इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम शामिल हुए. बैठक का मकसद भारत-पाक मैच को लेकर बने विवाद का हल निकालना था, क्योंकि यह मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे हाई-प्रोफाइल मैच माना जा रहा है. वहीं इस महामुकाबले को लेकर ICC की चिंता साफ है – अगर यह मैच नहीं हुआ, तो टूर्नामेंट की छवि, शेड्यूल और कमर्शियल ढांचे पर बड़ा असर पड़ सकता है.

सरकार से सलाह के बाद होगा अंतिम फैसला

सूत्रों के अनुसार, PCB अब इस मुद्दे पर पाकिस्तान की सरकार से चर्चा करेगा. माना जा रहा है कि मोहसिन नकवी आज या कल प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को पूरी स्थिति की जानकारी देंगे. इसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा. इन सब के बीच नकवी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी हो सकती है, जिसमें PCB अपना रुख साफ कर सकता है.

बांग्लादेश की मौजूदगी क्यों अहम?

इस बैठक में बांग्लादेश की मौजूदगी ने मामले को और दिलचस्प बना दिया है. अमीनुल इस्लाम का लाहौर पहुंचना इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश इस मुद्दे पर एक जैसी सोच रखते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों बोर्ड्स ने ICC के सामने अपनी बात एकजुट होकर रखी है, जिससे बातचीत का दबाव और बढ़ गया.

ICC क्यों चाहता है भारत-पाक मैच?

भारत और पाकिस्तान का मुकाबला क्रिकेट की सबसे बड़ी राइवलरी माना जाता है. दुनिया भर में करोड़ों दर्शक इस मैच को देखते हैं. ब्रॉडकास्टिंग राइट्स, स्पॉन्सरशिप और विज्ञापनों से ICC को सबसे ज्यादा कमाई इसी एक मैच से होती है. अगर पाकिस्तान इस मैच से हटता है, तो ब्रॉडकास्ट डील की वैल्यू घट सकती है. इसका असर सिर्फ ICC पर नहीं, बल्कि सभी सदस्य देशों को मिलने वाली फंडिंग पर भी पड़ेगा. जिसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश खुद भी शामिल हैं.

अगले 24 घंटे होंगे निर्णायक

वर्ल्ड कप शुरू हो चुका है और भारत-पाक मैच में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. ऐसे में आने वाले 24 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. यही तय करेंगे कि क्रिकेट की सबसे बड़ी टक्कर मैदान पर देखने को मिलेगी या यह मुकाबला सिर्फ विवादों में ही याद किया जाएगा.

“स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष, राहुल ने बनाया प्लान, मच गया हंगामा”

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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है. सूत्रों ने जानकारी दी है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के साथ विपक्ष के नेताओं की बैठक हुई है. उनका कहना है कि विपक्ष को संसद में बोलने नहीं दिया जाएगा तो अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे.

विपक्ष का कहना है कि राहुल गांधी लोकसभा में सांसदों के निलंबन और महिला सांसदों पर लगे आरोपों पर बोलना चाहते थे. राहुल गांधी बोलने की इजाजत मांग रहे थे. सोमवार (9 फरवरी, 2026) को सुबह लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बाद संसद 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

सूत्रों के अनुसार लगभग सभी विपक्षी दल स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात पर सहमत हैं और जल्दी ही इसे लेकर लोकसभा महासचिव को नोटिस सौंपनी की तैयारी है. बजट सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष की तीखी तकरार देखने को मिल रही है. विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी थी और पीएम नरेंद्र मोदी की स्पीच के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव पारित करना पड़ा था.

विपक्षी सांसदों ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है. कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि हिमंत बिस्व सरमा एक मुख्यमंत्री होते हुए इस तरीके के वीडियो बनवाते हैं और असम बीजेपी उसको पोस्ट करती है और बाद में वह पोस्ट डिलीट हो जाता है. प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.

हिमंत बिस्वा सरमा के एक वीडियो को लेकर विपक्ष ने सख्त आपत्ति जताई है. असम बीजेपी की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी इस वीडियो में सीएम टोपी पहनकर दो लोगों पर निशाना साधते हुए नजर आ रहे हैं. हालांकि, थोड़ी ही देर बाद यह वीडियो डिलीट कर दिया गया, लेकिन विपक्ष अब भी इसे लेकर बीजेपी पर हमलावर है.

‘BJP बताए 18 बड़ा या जीरो…?’, अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील पर उठाए सवाल…

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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर ज़ोरदार हमला बोला है. उन्होंने सवाल किया कि सरकार को ये बताना चाहिए कि 18 बड़ा है या जीरो..

भाजपा के लोगों को लगता है कि 18 और शून्य बराबर हैं. हम चाहते हैं कि इस बात पर सदन में चर्चा होनी चाहिए. वहीं चीन के मुद्दे को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा है.

सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ख़ुद ही सदन नहीं चलाना चाहती है. खेत में काम करने वाले पीडीए के लोग बीजेपी के लोग नहीं है. दूध का काम तो पिछडे, आदिवासी और मुसलमान लोग करते हैं. आपने पूरा बाजार अमेरिका को दे दिया और अब सरकार बहस को बदलना चाहती है. आज विपक्ष की बैठक में तय किया जाएगा कि बीजेपी झूठ के अलावा कुछ नहीं बोलती है.

अमेरिका के साथ डील पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने अमेरिका से डील को लेकर सरकार पर हमला किया और कहा कि “इनकी गिनती क्या है 18 बड़ा कि शून्य..? बीजेपी ये समझती है 18 शून्य के बराबर है. अमेरिका से समझौता करके आए और फिर बजट का जो हलवा बना वो खाया किसने पहले? मैं समझ नहीं पा रहा कि बजट का हलवा किसने खाया? वो यहां बना या उनके लिए बनाया गया था. बीजेपी को ये समझाना चाहिए कि 18 बड़ा है या जीरो.

इसी तरह प्रधानमंत्री और बीजेपी के लोगों ने जो सात बार का सांसद था और केंद्रीय मंत्री उन्हें बनाया यूपी का अध्यक्ष और जो राज्य का विधायक था और जूनियर..उसे बनाया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष तो बताईए सात बड़ा कि पाँच.? हम चाहते है कि सदन में 18 जीरो के बराबर कैसे है इस पर चर्चा होनी चाहिए.

सीएम योगी को लेकर भी कसा तंज

अखिलेश यादव ने इस दौरान पीएम मोदी और सीएम योगी को लेकर भी तंज कसा और कहा कि इनके यूपी के नेता दिल्ली वालों को सलाम भी नहीं करते. न नमस्ते करते हैं. इनके अंदर ही इतना झगड़ा चल रहा है कि आप कल्पना नहीं कर सकते.

चीन पर विपक्ष की बात सुने सरकार

अगर चीन का सवाल है तो बीजेपी ये बताए कि 2014 से अभी तक भारत का क्षेत्रफल क्या है और 2014 से पहले क्या था? वो बहुत संवेदनशील बॉर्डर है. अगर विपक्ष कोई बात रखना चाहता है तो सरकार को उसे सुनना चाहिए और उस पर काम करना चाहिए. सपा ने ग्वालियर से लिपु लेख तक छह लेन की सड़क बनाने का सुझाव दिया था, मंजूरी मिली फोरलेन की और अब दो लेन का रोड बना रहे हैं. चीन इंफ्रास्ट्रक्चर क्या है और हमारा क्या है?

इसी तरह बुलेट ट्रेन जब मंजूर हुई तो एक लाख करोड़ की स्वीकृत हुई, फिर दो लाख का बजट हो गया और फिर उत्तर प्रदेश को बुलेट ट्रेन कब मिलेगी. जब यूपी ने पीएम को बनाया है तो यूपी को बुलेट ट्रेन कब मिलेगी? सुनने में आया है कि बुलेट ट्रेन गोरखपुर से होकर निकलेगी, जहां ये मेट्रो नहीं बना पाए. आज भी पानी परस जाए तो वहां नाव चलेगी. वाराणसी में यूपी के मुख्यमंत्री ने मेट्रो नहीं बनने दी.

तेज प्रताप के वैवाहिक रिश्तों वाले बयान पर JDU का पहला रिएक्शन, निशाने पर तेजस्वी यादव क्यों?

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सियासी गलियारे में एक बार फिर लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की चर्चा है. बीते रविवार (08 फरवरी, 2026) को सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई थी कि तेज प्रताप यादव को बेटी हुई है.

अनुष्का यादव ने एक बच्ची को जन्म दिया है. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सार्वजनिक रूप से बधाई भी दे दी थी. इसके बाद तेज प्रताप ने रात में 8:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इन दावों को उन्होंने खारिज कर दिया. साफ कहा कि अनुष्का से उनका कोई संबंध नहीं है. बेटी होने की बात को भी अफवाह बताया. कोर्ट जाने की बात कही. इन सबके बीच जेडीयू का रिएक्शन आया है. निशाने पर तेजस्वी यादव रहे.

सोमवार (09 फरवरी, 2026) को जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “देखिए उन्होंने अपनी ओर से वैवाहिक संबंधों को लेकर सफाई दे दी है. जहां तक राष्ट्रीय जनता दल के अंदर तेजस्वी यादव के खिलाफ जो असंतोष… तेज प्रताप यादव या रोहिणी आचार्य, या परिवार के अन्य सदस्यों के अंदर है, या जो पार्टी के अंदर रमीज या संजय यादव जैसे लोगों के खिलाफ जिस कदर नाराजगी बढ़ी है उससे बिल्कुल साफ है कि परिवार और पार्टी दोनों तेजस्वी यादव के व्यवहार से असहज है.”

आरजेडी के नेताओं-कार्यकर्ताओं को दी सलाह

राजीव रंजन ने कहा, “कहीं न कहीं जो पार्टी का निराशाजनक प्रदर्शन हुआ है आरजेडी बहुत मुश्किल से 25 सीटें जीत पाई है. दरअसल दो अंकों में भी पहुंच पाना यह सिलसिला जारी रहेगा तो आने वाले वर्षों में उनके लिए और मुश्किल हो जाएगी. इसलिए जरूर आरजेडी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सोचना होगा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी कैसे गुमनामी के अंधेरे में जाने से बच सके.”

तेज प्रताप यादव के बयान के बाद भले सियासत शुरू हो गई है लेकिन अब देखना होगा कि इस पर आगे क्या कुछ होता है. बता दें कि अनुष्का का ही मामला जब सामने आया था तो तेज प्रताप यादव को पार्टी से उनके पिता लालू यादव ने निष्कासित कर दिया था. परिवार से तेज प्रताप को अलग होना पड़ा. इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई. महुआ से 2025 में चुनाव लड़े लेकिन हार गए.

India-US Trade Deal: ‘विदेश नीति कंट्रोल करने के लिए हथियार…’, टैरिफ को एक्सपर्ट ने बताया US-इंडिया ट्रेड डील में ट्रंप की चाल…

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भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए फ्री ट्रेड डील (FTA) को जहां दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद माना गया, वहीं अमेरिका के साथ भारत के हुए अंतरिम ट्रेड डील को लेकर अभी भी कई तरह से विवाद जारी हैं.

दोनों देशों के बीच हुए इस व्यापार समझौते को एक्सपर्ट्स अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत की विदेश नीति कंट्रोल करने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की चाल करार दे रहे हैं.

यूएस-इंडिया ट्रेड डील में नहीं है बराबरी- चेलानी

रणनीतिक एक्सपर्ट्स डॉ. ब्रह्मा चेलानी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने यूएस-इंडिया ट्रेड डील में कई एकतरफा कदमों के जरिए इस व्यवस्था को बराबरी की साझेदारी के बजाए पैट्रन-क्लाइंट नैरेटिव के रूप में पेश किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, ‘इसकी शुरुआत सोमवार (2 फरवरी, 2026) को डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर भारतीय समय के मुताबिक रात करीब 10:42 बजे की गई एकतरफा घोषणा से की. जिसमें उन्होंने इस समझौते को मोदी के अनुरोध पर दिया गया एक एहसान बताया और कहा कि यह दोस्ती और सम्मान के तहत किया गया है.’

उन्होंने कहा कि ट्रंप की घोषणा के करीब 40 मिनट बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर प्रतिक्रिया देते हुए टैरिफ में कटौती के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद दिया, लेकिन उन्होंने जानबूझकर इस दौरान ट्रेड डील शब्द का इस्तेमाल नहीं किया और ट्रंप की ओर से बताए गए किसी भी शर्त की पुष्टि नहीं की

US ने भारत को अधीन दिखाने की कोशिश की- चेलानी

चेलानी ने कहा कि इसके कुछ दिन बाद शनिवार (7 फरवरी, 2026) को भारतीय समयानुसार सुबह 5 बजे अमेरिका के व्हाइट हाउस ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जो कूटनीतिक प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन माना गया. इसमें समय, कई टर्म्स और डील के प्रमुख बिंदुओं, जिसमें विशेष रूप से भारत की ओर से 500 अरब डॉलर की खरीद की प्रतिबद्धता और रूस से तेल खरीद बंद करने के कथित तौर पर वादे, को एकतरफा तरीके से पेश कर भारत को अपने अधीन दिखाने के तौर पर पेश किया गया.

उन्होंने कहा कि संयुक्त बयान जारी करने के एक घंटे के बाद व्हाइट हाउस ने इस डील में सबसे ज्यादा दबाव बनाने वाली बात का खुलासा किया, जो राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकारी आदेश में शामिल स्नैपबैक मैकेनिज्म था. इसके तहत रूस से सीधे या किसी तीसरे देश के जरिए कच्चा तेल खरीद को बंद करने की शर्त पर ही भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत टैरिफ हटाया गया है. इसी तरह अमेरिका ने भारत की विदेश नीति को कंट्रोल करने के लिए ट्रेड को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है.

यह ट्रेड डील शर्त पर बनाई हुई व्यवस्था है- चेलानी

चेलानी ने कहा, ‘हालांकि, भारत सरकार ने टैरिफ में कमी को एक आर्थिक उपलब्धि के तौर पर पेश किया है, लेकिन यह समझौता एक स्थायी तौर पर संवेदनशीलता की स्थिति भी पैदा करता है. इसमें अमेरिका को भारत की शर्त पालन की निगरानी करने का भी अधिकार मिलता है, जबकि भारत अगर अपनी स्ट्रैटेजिक ऑटोनोमी पर जोर देता है तो उस पर तुरंत 50 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ दोबारार से लगाए जा सकते हैं.’

उन्होंने कहा कि इस तरह से जिसे ट्रेड डील की तरह से पेश किया जा रहा है, वह असल में एक शर्त के आधार पर बनाई हुए व्यवस्था बन जाती है, जिसमें भारत की आर्थिक स्थिरता और एनर्जी सिक्योरिटी वाशिंगटन की जियो-पॉलिटिकल प्राथमिकताओं के अनुरूप रहने पर निर्भर दिखाई देती है.

निवेशकों के लिए जैकपॉट! इस स्मॉल-कैप शेयर ने दिया 27,775% रिटर्न, 1 लाख बने 2.79 करोड़…

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भारतीय शेयर बाजार में निवेशक अक्सर मल्टीबैगर रिटर्न देने वाले शेयरों की तलाश में रहते हैं. ऐसे में निवेशकों की नजर इन दिनों एक स्मॉल-कैप शेयर पर टिकी है. शिवालिक बायमेटल कंट्रोल्स लिमिटेड ने पिछले 15 साल से भी कम समय में अपने शेयरधारकों को लगभग 27,775 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न दिया है.

जिससे निवेशकों को तगड़ा मुनाफा कमाने का अवसर मिला है. कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप करीब 2,899 करोड़ रुपये है. आइए जानते हैं, इस मल्टीबैगर स्टॉक के बारे में…..

एक लाख के निवेश पर करोड़ों का रिटर्न

शिवालिक बायमेटल कंट्रोल्स लिमिटेड के शेयरों ने अपने निवेशकों को तूफानी रिटर्न देते हुए आश्चर्य में डाल दिया है. आंकड़ों की बात करें तो, अगर कोई निवेशक अगस्त 2013 में शिवालिक बायमेटल कंट्रोल्स लिमिटेड के शेयर में सिर्फ 1 लाख रुपये लगाता तो आज वही निवेश लगभग 2.79 करोड़ रुपये में बदल चुका होता.

उस समय शेयर की कीमत 1.72 रुपये थी. वहीं आज के ताजा भाव के अनुसार कंपनी शेयर करीब 503 रुपये पर ट्रेड कर रहे हैं. इतनी जबरदस्त बढ़त और रिटर्न की वजह से यह मल्टीबैगर स्टॉक फिर से निवेशकों की नजरों में छा गया है.

मैनेजमेंट ने FY26 के ग्रोथ अनुमान में किया बदलाव

कंपनी ने अपने FY26 के ग्रोथ आउटलुक में हाल ही में थोड़े बदलाव किए हैं. पहले जहां 12-15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद थी, अब उसे घटाकर करीब 10 प्रतिशत कर दिया गया है.

कंपनी का कहना है कि बाजार की मौजूदा स्थिति और कुछ सेगमेंट में धीमी गति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. इसके बावजूद, मैनेजमेंट को भरोसा है कि लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ की कहानी मजबूत बनी रहेगी.

बीएसई पर कंपनी शेयर का हाल

बीएसई पर सोमवार, 9 फरवरी को कंपनी शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है. सुबह करीब 11 बजे कंपनी शेयर 3.86 प्रतिशत या 18.70 रुपये की तेजी के साथ 503.40 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे. दिन का इंट्रा डे हाई 506 रुपये था.

कंपनी शेयरों के 52 सप्ताह के हाई लेवल की बात करें तो इस दौरान शेयरों ने 604 रुपये का आंकड़ा छूआ था. वहीं 52 सप्ताह का लो लेवल 378 रुपये है. कंपनी का मार्केट कैप करीब 2,899 करोड़ रुपये है.

क्या अंधेरे में डूब जाएगा बांग्लादेश? अडानी ग्रुप ने दे दी बिजली की सप्लाई रोकने की चेतावनी…

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बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं. इस बीच, अडानी ग्रुप ने बिजली के बकाए का भुगतान करने के लिए एक लेटर भेजा है. बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (PDB) को बकाए बिल का भुगतान करने के साथ ही साथ अडानी ग्रुप ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर बकाया पेमेंट नहीं किया गया, तो बिजली की सप्लाई खतरे में पड़ सकती है.

लेटर में किन बातों का हुआ जिक्र?

बांग्लादेश के मशहूर अखबार प्रथम आलो की रिपोर्ट के मुताबिक, 29 जनवरी को अडानी पावर लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट अविनाश अनुराग ने बकाए पेमेंट के भुगतान को लेकर PDB चेयरमैन को एक लेटर भेजा था.

इसमें कहा गया था कि पावर प्लांट के लगातार रेगुलर ऑपरेशन को सुनिश्चित करने के लिए तुरंत 112.7 मिलियन डॉलर (लगभग 1,000 करोड़ रुपये) का पेमेंट करना जरूरी है. इस टोटल अमाउंट में पिछले साल जून तक का 53.2 मिलियन डॉलर का बकाया भी शामिल है. इसके अलावा, अक्टूबर में पावर सप्लाई के लिए 59.6 मिलियन डॉलर का बकाया भी शामिल है. इस रकम के लिए बार-बार रिक्वेस्ट करने के बावजूद बांग्लादेश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड अभी तक इसका पेमेंट करने में नाकाम रहा है.

बिजली की सप्लाई रूकने पर आ गई बात

बांग्लादेश बिजली विभाग को लिखे पत्र में अडानी ग्रुप ने चेतावनी दी है कि बढ़ते बकाए रकम के चलते बिजली के उत्पादन पर बहुत ज्यादा दबाव है इसलिए अगर बकाया पेमेंट नहीं किया जाता है, तो पावर सप्लाई, मेंटेनेंस, और पावर प्लांट से जुड़े पार्टनर्स को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

बता दें कि बांग्लादेश झारखंड के गोड्डा में अडानी पावर (Adani Power) के प्लांट से बड़े पैमाने पर बिजली खरीदता है. बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड के बकाए का ही नतीजा है कि पिछले साल 1600 मेगावाट की टोटल सप्लाई में से सिर्फ 8.2 परसेंट बिजली की ही आपूर्ति की गई, जो 8.63 अरब यूनिट थी. अडानी ग्रुप और बांग्लादेश बिजली विभाग के बीच भुगतान में देरी होने के लेकर खटास है, लेकिन सप्लाई फिर भी जैसे-तैसे जारी है.

पहले भी दी गई चेतावनी

पिछले साल, अडानी ग्रुप ने बकाया पेमेंट की मांग करते हुए एक ऐसा ही लेटर भेजा था, जिसमें PDB को 10 नवंबर की डेडलाइन दी गई थी. लेटर में साफ कहा गया था कि अगर पैसे नहीं मिले, तो 11 नवंबर से बिजली की सप्लाई बंद कर दी जाएगी. नतीजतन, बांग्लादेश ने उस महीने अडानी को 100 मिलियन डॉलर का भुगतान किया, लेकिन दिसंबर से बकाया रकम फिर से बढ़ने लगी.

भारतीय टीम ने तोड़ा ऑस्ट्रेलिया का घमंड, आईसीसी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली बनी टीम…

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आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने अभियान का आगाज टीम इंडिया ने जीत के साथ किया है. इस टूर्नामेंट के पहले मैच में भारत ने यूएसए के खिलाफ 29 रनों से जीत दर्जकर कई रिकॉर्ड्स बनाए.

आईसीसी वर्ल्ड कप में 100 जीत दर्ज करने वाला भारत दूसरा देश बन गया है, जबकि ओलओवर आईसीसी टूर्नामेंट की बात करें तो टीम इंडिया ने इतिहास रच दिया है. वनडे वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी और WTC फाइनल मिलाकर टीम इंडिया आईसीसी टूर्नामेंट्स में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बन गई है. इस मामले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड तोड़ा है.

आईसीसी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बनी भारत

क्रिकेट के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया के नाम सबसे ज्यादा 10 आईसीसी ट्रॉफी जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है. उन्होंने अभी तक 6 वनडे वर्ल्ड कप, 1 टी20 वर्ल्ड कप, 2 चैंपियंस ट्रॉफी और 1 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) का खिताब जीता है. ये 10 ट्रॉफी उन्होंने आईसीसी टूर्नामेंट में कुल 122 मैच जीतकर अपने नाम की है, जबकि 7 आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम करने वाली टीम इंडिया अब आईसीसी टूर्नामेंट में सबसे अधिक 123 मैच जीतने वाली टीम बन गई है. भारत ने 2 वनडे वर्ल्ड कप, 2 टी20 वर्ल्ड कप और 3 चैंपियंस ट्रॉफी जीतने का कारनामा किया है.

आईसीसी टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीमें; ODIWC + CT + T20WC + WTC फाइनल)

  • भारत – 123 जीत
  • ऑस्ट्रेलिया – 122 जीत
  • न्यूजीलैंड – 101 जीत
  • इंग्लैंड – 95 जीत
  • साउथ अफ्रीका – 92 जीत
  • पाकिस्तान – 91 जीत
  • श्रीलंका – 87 जीत
  • वेस्टइंडीज – 82 जीत
  • बांग्लादेश – 30 जीत
  • जिम्बाब्वे – 19 जीत
  • अफगानिस्तान – 18 जीत

नामीबिया से टीम इंडिया का अगला मैच

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया का अगला मैच नामीबिया के खिलाफ 12 फरवरी को होगा. इस टूर्नामेंट का सबसे हाईवोल्टेज मुकाबला भारत बनाम पाकिस्तान 15 फरवरी को खेला जाएगा. हालांकि, इस मुकाबले पर अभी भी काले बादल छाए हुए हैं, क्योंकि पाकिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर दिया है. हालांकि अभी तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) अधिकारिक तौर पर आईसीसी को लिखित रूप में नहीं दिया है. इसलिए उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान अपने इस फैसले से पलट जाएगा.