Home Blog Page 48

जारी हुआ CGPSC प्री परीक्षा का रिजल्ट, कैंडिडेट यहां चेक कर सकते हैं रिजल्ट…

0

CGPSC PCS Prelims Exam Result 2025:   जारी हुआ CGPSC प्री परीक्षा का रिजल्ट, कैंडिडेट यहां चेक कर सकते हैं रिजल्ट’

CGPSC PCS Prelims Exam Result:  जारी हुआ CGPSC प्री परीक्षा का रिजल्ट, इतने उम्मीदवारों को हुआ चयन, कैंडिडेट यहां चेक कर सकते हैं रिजल्ट…

CGPSC PCS Prelims Exam Result 2025 छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 की प्रारंभिक परीक्षा का नतीजा जारी कर दिया है। इस परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार अब आसानी से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट psc.cg.gov.in पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। इस बार कुल 3921 अभ्यर्थियों ने प्रीलिम्स क्लियर किया है और अब ये सभी उम्मीदवार अगले चरण यानी मेंस परीक्षा में शामिल होंगे।

16 से 19 मई तक होगी मेंस की परीक्षा CGPSC PCS Prelims Exam Result

आपको बता दें कि इस बार कुल 3921 अभ्यर्थियों ने प्रीलिम्स क्लियर किया है और अब ये सभी उम्मीदवार मेंस परीक्षा में शामिल होंगे। अयोग ने मेंस परीक्षा की तारीखें भी तय कर दी है। आयोग के अनुसार, यह परीक्षा 16 मई से 19 मई के बीच आयोजित की जाएगी।

कैसे चेक कर सकते हैं कैंडिडेट अपना रिजल्ट? (How to Check the CGPSC PCS Prelims Exam Results)

राज्य सेवा प्रारंभिक (Prelims) परीक्षा 2025 का रिजल्ट, जिसमें अभ्यर्थी का रोल नंबर, जन्मतिथि के साथ वर्ग, कट ऑफ अंक आयोग की अधिकृत वेबसाइट www.psc.cg.gov.in पर अपलोड कर दिए गए हैं। अभ्यर्थी पीडीएफ फाइल डाउनलोड करके उसमें अपना रोल नंबर खोज सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को मिलेगी नई दिशा.. स्क्रिप्ट समिति गठन हेतु महत्वपूर्ण बैठक, कला-संस्कृति और सिनेमा के समन्वय पर जोर…

0

संस्कृति एवं राजभाषा संचालनालय में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन की अध्यक्षता में स्क्रिप्ट समिति के गठन हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक प्रदेश में फिल्म निर्माण की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सिनेमा के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखी जा रही है।
संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य ने सिनेमा और संस्कृति के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों और क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों ने सहभागिता करते हुए अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।

स्क्रिप्ट समिति गठन हेतु महत्वपूर्ण बैठक

बैठक में इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. राजन यादव, ललित कला अकादमी नई दिल्ली के फोटो अधिकारी श्री अभिमन्यु सिन्हा, प्रसार भारती आकाशवाणी रायपुर से पद्मश्री डॉ. राधेश्याम तारक तथा प्रसार भारती दूरदर्शन रायपुर के कार्यक्रम अधिकारी श्री पी.के. पाठक उपस्थित रहे। विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में मुंबई से फिल्म अभिनेता श्री भगवान तिवारी ने भी अपनी भागीदारी निभाते हुए फिल्म निर्माण के व्यावहारिक पहलुओं और संभावनाओं पर प्रकाश डाला। बैठक में सदस्य सचिव के रूप में उप संचालक श्री उमेश मिश्रा ने समन्वय की भूमिका निभाई।

बैठक के दौरान स्क्रिप्ट समिति के गठन की रूपरेखा, कार्यप्रणाली और चयन प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। इस समिति का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोककथाओं, ऐतिहासिक प्रसंगों, जनजीवन और परंपराओं पर आधारित सशक्त और गुणवत्तापूर्ण पटकथाओं को प्रोत्साहित करना है, ताकि स्थानीय विषयवस्तु पर आधारित फिल्मों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।

अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने अपने विचार रखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अपार रचनात्मक संभावनाएं हैं, जिन्हें सिनेमा के माध्यम से सशक्त मंच प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्क्रिप्ट समिति का गठन स्थानीय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करेगा और प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

विशेषज्ञों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए सुझाव दिया कि स्थानीय कलाकारों, लेखकों और तकनीकी विशेषज्ञों को जोड़कर एक समग्र फिल्म पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाए। साथ ही, छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, परंपराओं और जनजीवन को फिल्म माध्यम में सशक्त रूप से प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया।

इस बैठक से प्रदेश की कला, संस्कृति और सिनेमा को एक नई मिलेगी स्क्रिप्ट समिति के गठन से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ फिल्म उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान और अधिक व्यापक रूप से स्थापित हो सकेगी।

CG: भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना की राशि बनी सहारा…

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना अंतर्गत हितग्राहियों को राशि वितरण का कार्यक्रम कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आया। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि संघर्षरत परिवारों के लिए संबल और आत्मविश्वास का आधार बन रहा है।

बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम संकरी की महिला हितग्राही श्रीमती चमेली सेन की आंखों में उस समय भावनाएं छलक उठीं, जब उन्हें मुख्यमंत्री के हाथों 10 हजार रुपए का चेक प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि उनके पास कृषि भूमि का एक छोटा सा टुकड़ा भी नहीं है। सिलाई मशीन के सहारे घर चलाने वाली चमेली और सैलून चलाने वाले उनके पति, सीमित आय में अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनके दो बच्चे हैं, एक नर्सिंग और दूसरा इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना उनके लिए हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा है। “यह राशि मेरे बच्चों की स्कूल फीस भरने में काम आएगी। हमारे जैसे परिवार के लिए यह बहुत बड़ी मदद है,” कहते हुए उनकी आवाज में संतोष और उम्मीद साफ झलक रही थी।

इसी गांव के एक अन्य हितग्राही धन्नूलाल धीवर के चेहरे पर भी राहत और खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने बताया कि उनका जीवन पूरी तरह मजदूरी पर निर्भर है। पिछले वर्ष भी उन्हें 10 हजार रुपए की सहायता मिली थी और इस वर्ष भी उतनी ही राशि प्राप्त हुई है। धन्नूलाल ने कहा, हम दोनों पति-पत्नी साथ रहते हैं और मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं। पहले जरूरत के समय इधर-उधर भटकना पड़ता था, लेकिन अब इस सहायता से राहत मिली है। अब एक साल के लिए चिंता कम हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना की राशि भी मिलती है, जिससे दोनों मिलकर अपने घर की जरूरतों को पूरा कर पा रहे हैं।
धन्नूलाल धीवर की बातों में सुकून था, एक ऐसी राहत जैसे संघर्ष के बाद मिली हो। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे गरीब और भूमिहीन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है।

CG: स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के तकनीकी सहयोग से बच्चों में गैर-संचारी रोगों पर राज्य स्तरीय परामर्श आयोजित…

0

बच्चों में बढ़ते गैर-संचारी रोगों (एनसीडी), विशेषकर बाल मधुमेह, सिकल सेल रोग एवं जन्मजात हृदय रोग की रोकथाम, शीघ्र पहचान तथा प्रभावी प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से रायपुर में श्री संजीव कुमार झा (संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं) की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय परामर्श का आयोजन किया गया। इस परामर्श का मुख्य उद्देश्य राज्य में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाना, बहु-विभागीय समन्वय को बढ़ावा देना तथा गुणवत्तापूर्ण उपचार एवं सुदृढ़ रेफरल सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों में एनसीडी की वर्तमान स्थिति, प्रमुख चुनौतियों एवं भावी प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने शीघ्र पहचान, दवाओं की सतत उपलब्धता, उपचार अनुपालन तथा मजबूत रेफरल तंत्र को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया। सिकल सेल रोग प्रबंधन हेतु जशपुर मॉडल को एक प्रभावी एवं अनुकरणीय पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।

पैनल चर्चाओं में बाल मधुमेह एवं सिकल सेल रोग के समग्र प्रबंधन, निजी क्षेत्र की भागीदारी, सामुदायिक सहयोग तथा सामाजिक कलंक को कम करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। समूह कार्य के माध्यम से प्रतिभागियों ने स्क्रीनिंग बढ़ाने, उपचार अनुपालन सुधारने तथा सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाने हेतु व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में AIIMS रायपुर एवं पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर के विशेषज्ञों के साथ-साथ भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) एवं भारतीय शिशु रोग अकादमी (IAP) के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का सफल संचालन यूनिसेफ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में, एकम फाउंडेशन के सहयोग से किया गया।
तकनीकी सत्रों में डॉ. खेमराज सोनवानी (उप संचालक, सिकल सेल), डॉ. वी.आर. भगत (उप संचालक, शिशु स्वास्थ्य)एवं श्री सुबोध धर शर्मा (राज्य सलाहकार, NP-NCD)  सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सलाहकार उपस्थित रहे।

परामर्श में ट्राइबल वेलफेयर विभाग, स्कूल शिक्षा, समाज कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रतिनिधियों की सहभागिता से बहु-विभागीय समन्वय को और सुदृढ़ किया गया। सहयोगी संस्थाओं की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन, संगवारी, क्लिंटन फाउंडेशन, NASCO, प्रतिनिधि जुवेनाइल डायबिटीज तथा पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय योगदान दिया।

इस राज्य स्तरीय परामर्श में कुल 50 प्रतिभागियों ने भाग लिया। साथ ही राज्य के उच्च प्राथमिकता वाले 8 जिलों—रायपुर, कांकेर, बिलासपुर, दुर्ग, कोरबा, महासमुंद, रायगढ़ एवं राजनांदगांव से जिला स्तर के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें जिला एनसीडी नोडल अधिकारी, सिकल सेल नोडल अधिकारी तथा एनसीडी सलाहकार/सहायक नोडल अधिकारी शामिल थे। इन प्रतिनिधियों ने अपने-अपने जिलों के अनुभव साझा करते हुए जमीनी स्तर की चुनौतियों एवं संभावित समाधान प्रस्तुत किए।

अंत में प्रतिभागियों ने राज्य में बच्चों हेतु एनसीडी सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा बहु-विभागीय समन्वय के माध्यम से कार्ययोजना को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने की सहमति व्यक्त की गई। कार्यक्रम को सहयोग करने तथा सफल बनाने के लिए राज्य द्वारा यूनिसेफ की सराहना की गई और भविष्य में इस तरह के कार्यक्रम को करने के लिए विशेष सहयोग के लिए कहा गया।

CG: श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उद्योगों की जिम्मेदारी: संभागायुक्त… शून्य दुर्घटना पर कार्यशाला में दिया गया जोर…

0

औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा आज बिलासपुर के पं. देवकीनंदन दीक्षित सभागृह में आयोजित एकदिवसीय औद्योगिक सुरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में बिलासपुर के संभागायुक्त श्री सुनील जैन, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, आईएचएस के संचालक श्री मनीष श्रीवास्तव ने संबोधित किया। कार्यशाला में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के डिप्टी डायरेक्टर विजय कुमार सोरी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधन एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस कार्यशाला का उद्देश्य क्षेत्र की स्पॉन्ज आयरन फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संभागायुक्त श्री सुनील जैन ने स्पष्ट कहा कि औद्योगिक सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि उद्योगों का उद्देश्य केवल लाभ अर्जित करना नहीं, बल्कि देश के विकास में योगदान देने के साथ-साथ श्रमिकों के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। दुर्घटनाएं भले ही क्षणिक होती हैं, लेकिन उनके दुष्परिणाम लंबे समय तक प्रभावित करते हैं। इसलिए औद्योगिक इकाइयों में जोखिम की पहचान कर समय रहते उचित प्रबंधन, आधुनिक सुरक्षा उपकरणों की स्थापना, नियमित प्रशिक्षण एवं मेंटेनेंस सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कहा कि उद्योग देश के विकास और रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम हैं, लेकिन किसी भी दुर्घटना से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि संस्थान की साख भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन और श्रमिकों के सामूहिक प्रयास से ही सुरक्षित कार्य वातावरण निर्मित किया जा सकता है। श्रमिकों को नियमित प्रशिक्षण देने, सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने तथा उनमें स्वामित्व की भावना विकसित करने पर उन्होंने विशेष बल दिया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। सुरक्षा उपकरणों का उपयोग न करना गंभीर घटनाओं को जन्म देता है, जिसमें मानव लापरवाही प्रमुख कारण होती है। उन्होंने “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाने तथा किसी भी घटना की स्थिति में उसे छुपाने के बजाय तत्काल प्रशासन को सूचित करने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में औद्योगिक इकाइयों द्वारा सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों पर प्रस्तुतियां दी गईं तथा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से श्रमिकों एवं प्रबंधन को जागरूक किया गया। पावर पॉइंट प्रस्तुति एवं संवादात्मक सत्रों के जरिए प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यशाला में सुरक्षा की शपथ भी ली गई। इस आयोजन के माध्यम से औद्योगिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।

CG: किसानों की खुशियों भरी होली के बाद अब भूमिहीन कृषि श्रमिकों की नवरात्रि भी हुई समृद्ध…

0

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत राशि का किया अंतरण’

प्रदेश के 4.95 लाख से अधिक भूमिहीन कृषकों के खातों में 495 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अंतरित’

सुशासन सरकार की सतत पहल से किसान, मजदूर और महिलाओं को मिल रहा मजबूत आर्थिक संबल’

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत राशि का किया अंतरणकिसानों की खुशियों भरी होली के बाद अब भूमिहीन कृषि श्रमिकों के लिए भी यह नवरात्रि समृद्धि और आत्मविश्वास का संदेश लेकर आई है। छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की योजनाएं अब सीधे जनजीवन में परिवर्तन का आधार बनती दिख रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बलौदाबाजार जिले में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बलौदा बाजार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार  रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि श्रम और सम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि  प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को सरकार द्वारा तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि धान खरीदी में अंतर की राशि मिलने से किसानों ने इस वर्ष उत्साह और संतोष के साथ होली मनाई, वहीं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं को मिली राशि ने उनके आत्मनिर्भरता के संकल्प को और मजबूत किया है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से गृह प्रवेश कराते हुए मकानों की चाबियां भी सौंपीं। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 18 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे हजारों परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का नया अध्याय जुड़ा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बलौदाबाजार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का स्मरण करते हुए बाबा गुरु घासीदास, संत कबीर और शहीद वीर नारायण सिंह को नमन किया। उन्होंने कहा कि  दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 10 हजार रुपये की सहायता राशि भूमिहीन कृषि मजदूरों को दी जा रही है, जिससे वे अपने परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा और छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने में सक्षम हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से किए गए वादे के अनुरूप 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार हेतु 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। साथ ही तेंदूपत्ता संग्रहण दर में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः संचालन तथा रामलला दर्शन एवं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनाओं के माध्यम से सामाजिक और आध्यात्मिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि कोरोना काल में लंबित बिलों के निपटान हेतु विशेष छूट एवं आसान किस्तों की सुविधा प्रदान की जा रही है। यह योजना जून तक संचालित होगी और प्रदेशभर में इसके लिए समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

प्रदेश के समग्र विकास पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज संपदा, कृषि और वन उत्पादों के बेहतर उपयोग से छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद से प्रभावित यह क्षेत्र अब शांति, विश्वास और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार के संकल्प और सुरक्षाबलों के साहस से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया तथा पांच जिलों के हितग्राहियों से वर्चुअल संवाद कर योजनाओं के प्रभाव की जानकारी ली।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी को कम समय में पूरा करना सरकार की प्रतिबद्धता और कार्यक्षमता का प्रमाण है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, धान खरीदी के अंतर की राशि तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 18 लाख गरीब परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।

राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि सरकार पारदर्शिता के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। आज योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे व्यवस्था में विश्वास और पारदर्शिता दोनों मजबूत हुए हैं। उन्होंने सभी भूमिहीन कृषि मजदूरों, विशेषकर बैगा-गुनिया परिवारों को इस योजना के लाभ के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में जनजातीय शक्ति का खेल महाकुंभ : देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ…

0

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक – केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया’

खेल प्रतिभाओं को नया आसमान देने सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय’

रायपुर, बस्तर और सरगुजा बने राष्ट्रीय खेल संगम के केंद्र’

देशभर से 9 खेल विधाओं में 30 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लगभग 2500 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा’

देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभछत्तीसगढ़ की धरती आज एक ऐतिहासिक क्षण की साक्षी बनी, जब राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस राष्ट्रीय आयोजन की आधिकारिक घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। इस गरिमामयी अवसर पर केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह खेल महाकुंभ 25 मार्च से 3 अप्रैल तक रायपुर के साथ-साथ बस्तर और सरगुजा में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के 30 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से लगभग 2500 खिलाड़ी 9 खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यक्रम में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष श्री दिलीप तिर्की और ओलंपिक पदक विजेता सुश्री साइखोम मीराबाई चानू की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए सौभाग्य का विषय है कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल में देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया का छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक में 4 लाख तथा सरगुजा ओलंपिक में साढ़े तीन लाख लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनजातीय समाज में खेलों के प्रति गहरी रुचि है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि आत्मसमर्पित नक्सली भी ‘नुआबाट’ (नई राह) के माध्यम से मुख्यधारा में लौटकर इन आयोजनों में सहभागी बने—जो परिवर्तन और विश्वास का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार में खेलों को लेकर उत्साह और प्रयास दोनों दोगुने हैं। राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत खेल अधोसंरचना निर्माण और प्रतिभाओं के चिन्हांकन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि रायपुर और बिलासपुर में खेलो इंडिया के तहत रेजिडेंशियल अकादमियां संचालित हैं, जबकि जशपुर, रायगढ़ और रायपुर में इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ओलंपिक में चयनित खिलाड़ियों को 21 लाख रुपए, स्वर्ण पदक विजेताओं को 3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को 2 करोड़ और कांस्य पदक विजेताओं को 1 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नवा रायपुर में स्थित देश के दूसरे सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का नामकरण जनजातीय नायक शहीद वीर नारायण सिंह के नाम पर किया गया है, जो राज्य के गौरव और प्रेरणा के प्रतीक हैं। जनजातीय संस्कृति, इतिहास और गौरव से जुड़ा आयोजन मुख्यमंत्री ने देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ न केवल प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, बल्कि यह जनजातीय शौर्य और बलिदान की भूमि भी है। उन्होंने शहीद वीर नारायण सिंह, गेंद सिंह और गुण्डाधुर जैसे नायकों का उल्लेख करते हुए बताया कि नवा रायपुर में उनके सम्मान में म्यूजियम बनाया गया है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया है। उन्होंने खिलाड़ियों से इस म्यूजियम का अवलोकन करने का आग्रह भी किया।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत छत्तीसगढ़ से होना ऐतिहासिक है और आने वाले वर्षों में भी यह श्रृंखला जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवन शैली है।उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेल संस्कृति के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘फिट इंडिया’ और ‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों ने खेलों को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि देश की 65 प्रतिशत से अधिक युवा आबादी में अपार क्षमता है और अब खेल प्रतिभाएं केवल शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों से भी उभर रही हैं।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान राम के ननिहाल में इस आयोजन का शुभारंभ होना अत्यंत शुभ संयोग है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय समाज ने सदैव देश को वीरता और परिश्रम की प्रेरणा दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलों को नई दिशा मिल रही है और ‘ट्राइबल गेम्स’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह आयोजन ऐतिहासिक है और देशभर से आए खिलाड़ियों के स्वागत के लिए पूरा छत्तीसगढ़ उत्साहित है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जनजातीय प्रतिभाओं को विश्व मंच तक ले जाने का सशक्त माध्यम बनेगा और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा किए जा रहे प्रयासों का लाभ प्रदेश के खिलाड़ियों को मिलेगा।

इस अवसर पर संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा, श्री मोतीलाल साहू, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री इंद्र कुमार साव, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, मुख्य सचिव श्री विकासशील सहित अन्य जनरायिनिधि, अधिकारीगण,  बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

“ममता का आरोप – SIR की पहली ड्राफ्ट लिस्ट से 8 लाख नाम हटाए गए, बोली मेरे रहते NRC का काम नहीं होगा”

0

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज यानी बुधवार 25 मार्च को दावा किया कि मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कवायद के तहत 27 लाख मतदाताओं की मतदान पात्रता का निर्धारण किया गया और उनमें से पहली ड्राफ्ट लिस्ट में आठ लाख नाम हटा दिए गए हैं।

ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी उपमंडल के नक्सलबाड़ी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर ‘गलत तरीके से बनाई गई SIR’ नीति को लागू करके लोगों को ‘तकलीफ पहुंचाने’ का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने मांग की कि ऑनलाइन प्रकाशित ड्राफ्ट लिस्ट की फिजिकल कॉपियां तुरंत उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जानकारी का सत्यापन किया जा सके। उन्होंने कहा, ‘मुझे बताया गया है कि विचाराधीन 27 लाख मतदाताओं में से आठ लाख नाम पहली ड्राफ्ट लिस्ट में हटा दिए गए हैं। लेकिन वह लिस्ट कहां है? उस लिस्ट की फिजिकल कॉपी अभी तक सरकारी दफ्तरों में क्यों नहीं लगाई गई हैं?’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, ‘लिस्ट प्रकाशित होने के बाद ही मैं जानकारी का सत्यापन कर सकती हूं।’ न्यायिक पड़ताल के दायरे में आए लगभग 60 लाख मतदाताओं में से पहली ड्राफ्ट लिस्ट सोमवार देर रात निर्वाचन आयोग द्वारा प्रकाशित की गई, लेकिन निर्वाचन आयोग ने अभी तक उस सलिस्ट में शामिल मतदाताओं की कुल संख्या या हटाए गए मतदाताओं की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा को ‘SIR के दौरान हुई 220 मौतों’ के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया कि ‘भाजपा को SIR के असर पर शर्म आनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि मरने वालों में से आधे हिंदू और आधे मुसलमान थे। हालांकि, मतदाता सूची में संशोधन के दौरान हुई मौतों का कोई आधिकारिक आंकड़ा या पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

बनर्जी ने आरोप लगाया कि जब बुजुर्ग नागरिकों को SIR की कतारों में खड़ा किया गया और उनकी नागरिकता पर सवाल उठाए गए, तो ‘भाजपा उन्हीं लोगों से वोट मांगने की हिम्मत कैसे कर सकती है?’ उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने भाजपा के प्रभाव में आकर आदिवासी और राजबंशी समुदायों के नाम मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर हटा दिए। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार इन समुदायों के लिए कल्याणकारी योजनाएं लेकर आयी।

उन्होंने घोषणा की, ‘जब तक मैं हूं, बंगाल में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) का काम नहीं होगा और न ही कोई डिटेंशन कैंप बनने दिया जाएगा।

पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक का आयोजन, टीएमसी ने किया बहिष्कार…

0

सरकार ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट पर चर्चा करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक बुधवार को शाम पांच बजे आयोजित की जाएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जबकि विदेश मंत्री एस जयशंकर की भी उपस्थिति की उम्मीद है।

हालांकि, ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने इस बैठक में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया है। इससे पहले, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि वह एक पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण बैठक में भाग नहीं ले पाएंगे। लेकिन सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर आई खबरों के बाद राहुल का केरल दौरा फिलहाल स्थगित हो गया है।

विपक्ष की चिंताएं

विपक्ष ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक की मांग की थी। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार इस युद्ध और इसके भारत पर प्रभाव को लेकर सरकार से सवाल कर रहे हैं। मंगलवार को राज्यसभा में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान संघर्ष के कारण उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए सात नए समूहों का गठन किया गया है। ये समूह आवश्यक सेवाओं और वस्तुओं की आपूर्ति का नियमित आकलन करेंगे। मोदी ने कहा कि पिछले तीन सप्ताह से चल रहे इस युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दिया है। उन्होंने लोकसभा में भी कहा था कि इस संघर्ष के कारण उत्पन्न संकट का प्रभाव दीर्घकालिक होगा और सरकार इसके लिए पूरी तरह तैयार है।

राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर आलोचना

शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने सर्वदलीय बैठक में राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया और कहा कि इस महत्वपूर्ण चर्चा में विपक्ष के नेता का न होना सही नहीं है। म्हस्के ने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष के नेता खुद इसमें हिस्सा नहीं लेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी केवल प्रधानमंत्री पर बयान देकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं।

बैठक में शामिल होने वाले अन्य मंत्री

केंद्र सरकार आज शाम 5 बजे पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक आयोजित करेगी, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में कई अन्य मंत्री भी शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू भी बैठक में उपस्थित रहेंगे। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और पेट्रोलियम सचिव सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मौजूदा स्थिति और भारत की तैयारियों के बारे में जानकारी देंगे।

असम विधानसभा चुनाव 2026: 776 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वैध, बारपेटा और ढेकियाजुल की जांच स्थगित…

0

असम विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया

असम की 124 विधानसभा सीटों के लिए 776 उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों को वैध घोषित किया गया है, जैसा कि राज्यव्यापी जांच प्रक्रिया के बाद अधिकारियों ने बताया।

असम के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि बारपेटा और ढेकियाजुल की दो सीटों के लिए नामांकन पत्रों का मूल्यांकन बुधवार सुबह तक के लिए टाल दिया गया है। 2026 के आम चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की जांच की गई है, जिसमें 126 सीटों में से 124 की जांच पूरी हो चुकी है.

नामांकन की अंतिम तिथि और राजनीतिक गतिविधियाँ

बारपेटा की 24 सीटों और ढेकियाजुल की 65 सीटों की जांच 25 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। कुल 815 उम्मीदवारों ने 1389 नामांकन दाखिल किए थे, जिनमें से 124 सीटों के लिए 776 नामांकन वैध पाए गए हैं। उम्मीदवारों द्वारा नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 26 मार्च, 2026 को दोपहर 3 बजे तक है। केरल, असम और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि सोमवार को समाप्त हो गई, जिससे राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं.

गौरव गोगोई का नामांकन

इस बीच, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में जोरहाट विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने जोरहाट उपायुक्त कार्यालय में समर्थकों के साथ एक भव्य रैली का आयोजन कर अपना नामांकन पत्र जमा किया। नामांकन से पहले, गोगोई ने अपने पिता, पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय तरुण गोगोई और दादा-दादी को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों का पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया.

कांग्रेस के उम्मीदवारों का नामांकन

कांग्रेस के एक उम्मीदवार का नामांकन हाफलोंग विधानसभा क्षेत्र से मंगलवार को जांच के दौरान खारिज कर दिया गया। निर्वाचन आयोग ने बताया कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के निर्वाचन क्षेत्र जलुकबारी से कांग्रेस उम्मीदवार विदिशा नेओग और ढाकुआखाना से आनंद नराह के नामांकन पत्रों का एक सेट खारिज कर दिया गया। हालांकि, प्रत्येक उम्मीदवार के नामांकन पत्रों का एक सेट स्वीकार कर लिया गया है, जिससे उनकी उम्मीदवारी बरकरार रही.