Home Blog Page 483

CG: 11 शिक्षक पदों पर नियुक्ति, छात्रों ने शिक्षक भर्ती को लेकर किया चक्का जाम, त्यागपत्र के कारण पद हुए रिक्त, भर्ती प्रक्रिया शुरू ..

0

CG: 11 शिक्षक पदों पर नियुक्ति, छात्रों ने शिक्षक भर्ती को लेकर किया चक्का जाम, त्यागपत्र के कारण पद हुए रिक्त, भर्ती प्रक्रिया शुरू ..

उपरोक्त रिक्त 11 पदों पर 02 वर्ष पूर्व जिला स्तर से संविदा शिक्षको की भर्ती की गई थी परन्तु इन शिक्षकों द्वारा अन्यत्र नियुक्त हो जाने संबंधी कारणों से एक-एक करके त्यागपत्र दे दिया गया, जिसके कारण पद रिक्त हो गए।

कोरबा: छत्तीसगढ़ सरकार युवाओं को रोजगार और सरकारी नौकरियाँ प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर चुकी है। यही वजह है कि इन दिनों प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विभिन्न सरकारी पदों पर भर्तियां जारी है। इसी कड़ी में कोरबा जिलें में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पसान में शीघ्र ही रिक्त 11 पदो पर अतिथि/मानदेय शिक्षक की व्यवस्था करने आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। संबंधित प्राचार्य, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पसान, वि.खं. पोड़ी उपरोड़ा को रिक्त 11 पदो पर स्थानीय स्तर से योग्य मानदेय शिक्षक का चयन करने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही यहाँ के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया के बाद शिक्षकों की पदस्थापना की जाएगी।

गौरतलब है कि, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पसान, वि.खं. पोड़ी उपरोड़ा में शिक्षको की पदस्थापना को लेकर वहां के छात्र-छात्राओं के द्वारा पसान में चक्का जाम किया गया था, जिसकी जानकारी प्राप्त होने पर जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी.उपाध्याय द्वारा संबंधित विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पोड़ी उपरोड़ा को तत्काल पसान जाकर स्कूल की समस्या के संबंध में प्रतिवेदन देने के लिए निर्देशित किया गया।

विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पोड़ी उपरोड़ा द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पसान में वर्तमान में स्वीकृत सेटअप के विरूद्ध 11 पद शिक्षक के रिक्त है, जिस पर छात्रों के द्वारा शिक्षक व्यवस्था का मांग की जा रही है।

उपरोक्त रिक्त 11 पदों पर 02 वर्ष पूर्व जिला स्तर से संविदा शिक्षको की भर्ती की गई थी परन्तु इन शिक्षकों द्वारा अन्यत्र नियुक्त हो जाने संबंधी कारणों से एक-एक करके त्यागपत्र दे दिया गया, जिसके कारण पद रिक्त हो गए। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि सेजेस पसान में शीघ्र ही रिक्त 11 पदो पर अतिथि/मानदेय शिक्षक की व्यवस्था करने आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। संबंधित प्राचार्य, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पसान, वि.खं. पोड़ी उपरोड़ा को रिक्त 11 पदो पर स्थानीय स्तर से योग्य मानदेय शिक्षक का चयन करने का निर्देश दिया गया है।

CG: सितंबर से निजी अस्पतालों में कैशलेश इलाज बंद, छह महीने से भुगतान नहीं मिलने पर निर्णय, गरीब-मध्यम वर्ग की इलाज सुविधा पर संकट ..

0

CG: सितंबर से निजी अस्पतालों में कैशलेश इलाज बंद, छह महीने से भुगतान नहीं मिलने पर निर्णय, गरीब-मध्यम वर्ग की इलाज सुविधा पर संकट ..

डियन मेडिकल एसोसिएशन के इस फैसले का असर राज्य के उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर देखने को मिलेगा जो आयुष्मान कार्ड से कैशलेश इलाज का फायदा उठाते रहे है।

छत्तीसगढ़ में कैशलेश इलाज सेवा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने ऐलान किया है कि, अगले महीने की शुरुआत यानी एक सितम्बर से प्रदेश के प्राइवेट अस्पतालों में आयुषमान कार्ड से कैशलेश इलाज की सुविधा बंद कर दी जाएगी।

एसोसिएशन ने बताया है कि, यह फैसला लंबे समय से अस्पतालों को योजना के तहत किए गए इलाज का भुगतान नहीं मिलने के कारण लिया गया है। बताया गया है कि, करीब छह महीने से अस्पतालों को आयुषमान के तहत किये गए इलाज के खर्च का भुगतान नहीं किया गया। इसकी वजह से अब प्राइवेट अस्पतालों ने कैशलेश इलाज सेवा जारी रखने में असमर्थता जताई है।

वही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के इस फैसले का असर राज्य के उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर देखने को मिलेगा जो आयुष्मान कार्ड से कैशलेश इलाज का फायदा उठाते रहे है। उम्मीद जताई जा रही है कि, सरकार इस संबंध में जल्द आईएमए से चर्चा कर समाधान निकालेगी।

CG: प्रदेश में 63 हजार से अधिक लोगों को मिलेंगी नौकरियां, 80 हजार करोड़ से अधिक का निवेश करेगा अदाणी समूह ..

0

CG: प्रदेश में 63 हजार से अधिक लोगों को मिलेंगी नौकरियां, 80 हजार करोड़ से अधिक का निवेश करेगा अदाणी समूह ..

छत्तीसगढ़ में सरकार की नई औधोगिक नीति का लाभ राज्य को मिलता दिख रहा है। राज्य में 6.65 लाख करोड़ के निवेश के लिए देश भर से 66 उद्योगपति सामने आए हैं। इन निवेशकों के प्रस्तावों पर सहमति बन चुकी है। राज्य में उद्योगों के विकास से रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

निवेशकों को प्रभावित कर रही प्रदेश की नई औद्योगिक नीति;

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार की नई औद्योगिक नीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी वाली नीति से उत्साहित होकर पिछले एक वर्ष में 66 निवेशक राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए आगे आए हैं। अब तक कुल 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बन चुकी है।

इनमें अकेले अदाणी समूह ने ऊर्जा, सीमेंट और कोल माइनिंग के लिए 80,344 करोड़ रुपये का निवेश करने एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किया है। इसके अलावा खनिज, बायो गैस, सीमेंट, इलेक्ट्रानिक्स, एथेनाल, फूड प्रोसेसिंग, आइटी समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेशकों से एमओयू हो चुका है। आठ निवेशकों ने उद्योग लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। प्रदेश में इन तमाम उद्योगों से 63,651 नौकरियां मिलेंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करने के लिए गुरुवार को जापान और दक्षिण कोरिया रवाना हो गए हैं। दस दिवसीय दौरे पर वे विभिन्न कारपोरेट प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे। इस यात्रा को राज्य में विदेशी निवेश के नए द्वार खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विगत डेढ़ साल में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ रायपुर में इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन हो चुका है। इस वर्ष एनर्जी कानक्लेव का आयोजन रायपुर में हुआ था। इसमें न्यूक्लियर पाव, थर्मल, सोलर, पीएम कुसुम, पीएसपी, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, पावर ट्रांसमिशन अधोसंरचना आदि में 3,01,086 करोड़ के निवेश पर सहमति बनी थी।

बता दें कि विष्णु देव साय की औद्योगिक नीति 1 नवंबर 2024 से 31 अक्टूबर 2030 तक लागू रहेगी। नई औद्योगिक नीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), रोबोटिक्स और कंप्यूटिंग (जीपीयू) से संबंधित उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज का प्रविधान है। इसके तहत उद्योगों को 12 वर्षों तक राज्य जीएसटी की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति की जाएगी या संबंधित परियोजनाओं में निवेश के आधार पर 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 450 करोड़ रुपये तक हो सकती है। नई नीति में निवेशकों के लिए ब्याज अनुदान, पूंजी अनुदान, स्टांप व बिजली शुल्क छूट और मूल्य संवर्धित कर की प्रतिपूर्ति जैसी वित्तीय सहायता देने का प्रविधान भी शामिल है।

प्रदेश में नई औद्योगिक नीति से औद्योगिक विकास स्वर्णिम युग की ओर तेजी से बढ़ रहा है। निवेशकों के लिए पसंदीदा राज्य बन चुका है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ रायपुर में इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री की जापान और दक्षिण कोरिया की यात्रा से राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को गति मिलेगी।

इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, बाहर आएंगे या नहीं?”

0

इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत, बाहर आएंगे या नहीं?”

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और PTI चीफ इमरान खान को 9 मई, 2023 के दंगों से जुड़े आठ मामलों में पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है। यह फैसला खान के खिलाफ दायर कई मामलों की सुनवाई के दौरान आया, जो 2023 में हुए बड़े पैमाने के प्रदर्शनों और सैन्य व सरकारी प्रतिष्ठानों पर हमलों के बाद दर्ज किए गए थे।

कप्तान को जमानत मुकर्रर इन याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश याह्या अफरीदी, न्यायमूर्ति मुहम्मद शफी सिद्दीकी और न्यायमूर्ति मियांगुल हसन औरंगजेब सहित तीन-न्यायाधीशों की पीठ ने सुनवाई की। डॉन के अनुसार, जमानत याचिकाओं पर विचार करने के लिए इस पीठ का पुनर्गठन किया गया था, और इसी बेंच ने कप्तान को जमानत मुकर्रर की है।

PTI ने में खुशी की लहर लेकिन.. .पीटीआई ने इस फैसले का जोरदार स्वागत किया और इसे “इमरान खान के लिए जीत” बताते हुए एक्स पर पोस्ट किया। खान के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता जुल्फिकार बुखारी ने कहा कि अब पार्टी प्रमुख को केवल एक और मामले में जमानत की आवश्यकता है। पीटीआई की रिपोर्टों के अनुसार, बुखारी ने बताया, “सुप्रीम कोर्ट ने इमरान खान को 9 मई के मामलों में जमानत दे दी है, अब खान साहब को जेल से बाहर आने के लिए दूसरे मामलों में जमानत की जरूरत है।” हालांकि, उन्हें अभी भी जेल में रहना होगा क्योंकि अल-कादिर ट्रस्ट भ्रष्टाचार मामले और तोशाखाना मामले में वे दोषी करार दिए जा चुके हैं।

अदियाला जेल में बंद हैं कप्तान बुखारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस फौरी राहत के बावजूद, अल-कादिर ट्रस्ट मामले में उनकी दोषसिद्धि के कारण खान तुरंत रिहा नहीं होंगे। इकोनॉमिक टाइम्स ने भी इस बात पर जोर दिया कि राहत के बावजूद, खान की तत्काल रिहाई की संभावना कम है। वह अगस्त 2023 से रावलपिंडी की उच्च-सुरक्षा वाली अदियाला जेल में बंद हैं, जहां वे 190 मिलियन पाउंड के अल-कादिर भ्रष्टाचार मामले में सजा काट रहे हैं।

लाहौर कोर कमांडर के घर पर हुआ था हमला इसके अतिरिक्त, खान 9 मई की हिंसा से संबंधित कई अन्य मुकदमों का भी सामना कर रहे हैं। नवंबर 2024 में, खान ने लाहौर की आतंकवाद-रोधी अदालत में 9 मई के दंगों से जुड़े मामलों में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसमें लाहौर कोर कमांडर के घर पर हमला भी शामिल था। हालांकि, यह याचिका खारिज कर दी गई थी।

Gaza Takeover Operation: 60 हजार सैनिकों के साथ गाजा पर इजरायल ने कब्जा करना किया शुरू, कहां जाएंगे लोग? LHC से मिला था झटका इससे पहले इमरान खान ने इस मामले को लाहौर हाईकोर्ट (LHC) में चुनौती दी, लेकिन 24 जून को अदालत ने मामले को खारिज कर दिया। इसके बाद खान ने सर्वोच्च न्यायालय में अपनी जमानत याचिका खारिज होने के खिलाफ अपील की। अप्रैल 2022 में पद छोड़ने के बाद से, पूर्व प्रधान मंत्री कई अन्य मुकदमों का सामना कर रहे हैं।

क्या इमरान खान कभी जेल से बाहर आ पाएंगे? हमें कमेंट में बताएं।

 

 

“आखिर अब कहां हैं जगदीप धनखड़, ठीक 1 महीने पहले उपराष्ट्रपति पद से दिया था इस्तीफा”

0

“आखिर अब कहां हैं जगदीप धनखड़, ठीक 1 महीने पहले उपराष्ट्रपति पद से दिया था इस्तीफा”

आज संसद का मॉनसून सत्र समाप्त हो गया और आज से ठीक एक महीने पहले यानी 21 जुलाई को सत्र की शुरुआत बड़े राजनीतिक तूफ़ान से हुई थी. तत्कालीन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था और इसका कारण अपना खराब स्वास्थ्य बताया था.

हालांकि उसके बाद एनडीटीवी ने विस्तार से बताया था कि इस्तीफे के पीछे के अलग-अलग क्या कारण थे. राजनीतिक गलियारों में पिछले एक महीने से यही प्रश्न पूछा जा रहा है कि धनखड़ कहां हैं? यही प्रश्न कल लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी पूछा. वो भी ऐसे समय पर जब उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए सरगर्मियां तेज हैं और एनडीए और इंडिया दोनों गठबंधनों के उम्मीदवारों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दायर कर दिए हैं.

धनखड़ कहां हैं? पिछले महीने इस्तीफा देने के बाद से ही वे किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में नहीं दिखे न ही किसी मीडिया प्लेटफार्म पर उनका कोई बयान आया. कई सांसदों ने बताया कि उन्होंने धनखड़ से मिलने का प्रयास किया और उनके निजी सचिव से मिलने का समय मांगा. लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, धनखड़ कहां हैं? यही प्रश्न जब एक मंत्री से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि धनखड़ उपराष्ट्रपति निवास पर हैं.

टाइप आठ बंगला आवंटित हालांकि पूर्व मंत्री या सांसदों के आवास के बारे में नियम स्पष्ट हैं. उन्हें पद से हटने के एक महीने के भीतर सरकारी आवास खाली करना होता है. या कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे कुछ समय के लिए बढ़ाया जा सकता है. वहीं राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के पद से हटने के बाद केंद्र सरकार का शहरी आवास और विकास मंत्रालय टाइप आठ बंगला आवंटित करता है. धनखड़ का मामला अनूठा है क्योंकि अभी तक किसी उपराष्ट्रपति ने अपना कार्यकाल समाप्त होने के पहले ही इस तरह त्यागपत्र नहीं दिया था.

सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अभी तक अपने सरकारी आवास के शहरी विकास मंत्रालय से संपर्क नहीं किया है. लेकिन शहरी विकास मंत्रालय के तहत आने वाले डायरेक्टर ऑफ़ एस्टेट ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के लिए एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग पर 34 नंबर का टाइप 8 का बंगला खाली करा लिया है. यदि जगदीप धनखड़ को 34 एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर बंगला पसंद नहीं आयेगा तो शहरी विकास मंत्रालय किसी दूसरे बंगले का विकल्प दे सकता है.

पूर्व राष्ट्रपति, पूर्व उपराष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री को लुटियन जोन में टाइप 8 का बंगला या उनके पैतृक स्थान पर 2 एकड़ की भूमि दी जाती है. हालांकि धनखड़ की ओर से इस बारे में कोई पक्ष सामने न आने से अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है.

“कौन हैं सतीश गोलचा? जो बने दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर, CM पर हमले के एक दिन बाद बड़ा बदलाव”

0

“कौन हैं सतीश गोलचा? जो बने दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर, CM पर हमले के एक दिन बाद बड़ा बदलाव”

Delhi Police Commissioner Satish Golcha: 1992 बैच के IPS अधिकारी सतीश गोलचा को दिल्ली पुलिस कमिश्नर बनाया गया है. सतीश गोलचा 1992 बैच के अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के आइपीएस अधिकारी है.

वो इससे पहले तिहाड़ जेल के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल चुके हैं. साथ ही वो दिल्ली पुलिस में विशेष आयुक्त इंटेलीजेंस भी रह चुके हैं.

सीएम पर हमले के एक दिन बाद पुलिस कमिश्नर बदले अभी एसबीके सिंह के पास दिल्ली पुलिस कमिश्नर का एडिशनल चार्ज था. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के एक दिन बाद SBK सिंह से दिल्ली पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त चार्ज ले लिया गया है. अब सतीश गोलचा को दिल्ली पुलिस का कमिश्नर बनाया गया है. अभी गोलचा तिहाड़ जेल के डीजी थे.

मात्र 21 दिन दिल्ली पुलिस कमिश्नर रहे एसबीके सिंह बताते चले कि SBK सिंह को 31 जुलाई को पुलिस कमिश्नर का एडिशनल चार्ज दिया गया था. अब उनसे महज 21 दिन के अंदर ये चार्ज वापस ले लिया गया है. और अब फुल टाइम कमिश्नर सतीश गोलचा को बना दिया गया है. इससे पहले बालाजी श्रीवास्तव को 2021 में दिल्ली पुलिस कमिश्नर का एडिशनल चार्ज दिया गया था. लेकिन उनसे महज 29 दिन में ये चार्ज वापस लेकर राकेश अस्थाना को फूल टाइम कमिश्नर बना दिया गया था.

दिल्ली दंगे के दौरान थे स्पेशल सीपी लॉ एंड आर्डर गोलचा दिल्ली पुलिस में जिले में डीसीपी, रेंज में संयुक्त आयुक्त और विशेष आयुक्त कानून व्यवस्था भी रह चुके हैं. उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है. दिल्ली दंगे के दौरान 2020 के वह स्पेशल सीपी लॉ एंड आर्डर थे. उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में भी पुलिस महानिदेशक के रूप में भी काम किया है.

आईपीएस सतीश गोलचा कौन हैं? बैच और कैडर: वे 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और AGMUT (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम एवं केंद्र शासित प्रदेश) कैडर से संबंध रखते हैं. दिल्ली पुलिस में उन्होंने DCP, जॉइंट CP, और स्पेशल CP (Law and Order & Intelligence) जैसे उच्च पदों पर काम किया है.<

साल 2020 में हुए उत्तर पूर्व दिल्ली दंगों के दौरान वे Law and Order के स्पेशल CP रहे. उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में DGP की भूमिका भी निभाई है. 30 अप्रैल 2024 को पूर्व DG (Prisons), संजय बेनिवाल के रिटायरमेंट के बाद, उन्हें डीजी (Prisons), दिल्ली नियुक्त किया गया. अब दिल्ली पुलिस कमिश्नर बनाए गए.

“New GST Slab: खत्म होंगे 12 और 18% के GST स्लैब, लेकिन आपको कैसे मिलेगा इसका सीधा लाभ? जानें अपने फायदे की सारी डिटेल”

0

“New GST Slab: खत्म होंगे 12 और 18% के GST स्लैब, लेकिन आपको कैसे मिलेगा इसका सीधा लाभ? जानें अपने फायदे की सारी डिटेल”

सरकार जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) प्रणाली को और सरल बनाने की तैयारी में है। हाल ही में एक मंत्रिसमूह की बैठक हुई, जिसमें केंद्र द्वारा प्रस्तावित जीएसटी स्लैब को उचित बनाने पर सहमति बनी।

इस बैठक में राज्यों के वित्त मंत्रियों ने मौजूदा चार स्लैब को घटाकर केवल दो स्लैब करने का समर्थन किया है। इसका मतलब है कि अब 12% और 28% के स्लैब समाप्त हो जाएँगे और केवल 5% और 18% के स्लैब ही रहेंगे।

अब केवल दो जीएसटी स्लैब बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता वाले इस छह सदस्यीय मंत्रिसमूह ने फैसला किया है कि जीएसटी दरों को केवल दो स्लैब में विभाजित किया जाएगा। 5% की दर से वस्तुएँ और आवश्यक वस्तुएँ लागू होंगी, जबकि अधिकांश मानक वस्तुओं और सेवाओं पर 18% कर लगेगा। इसके अलावा, विलासिता की वस्तुएँ 40% के स्लैब में होंगी।

इस फैसले के बाद, लगभग 99% वस्तुएँ जो पहले 12% की दर पर थीं, अब 5% के स्लैब में आ जाएँगी। वहीं, लगभग 90% वस्तुएँ जो पहले 28% के स्लैब में थीं, उन्हें 18% की दर पर रखा जाएगा। इससे कर प्रणाली और सरल और स्पष्ट हो जाएगी, जिसका लाभ आम जनता के साथ-साथ व्यापारियों को भी होगा।

आम जनता को मिलेगा लाभ इन सुधारों से आम लोगों को कई तरह से लाभ होगा। कर की गलत संरचना को ठीक करने से व्यापारियों के लिए टैक्स क्रेडिट जमा करने की समस्या कम होगी और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। कर नियमों के सरल होने से विवाद कम होंगे और अनुपालन आसान होगा। इससे उद्योगों को लंबे समय तक कर दरों की स्पष्टता मिलेगी, जिससे वे बेहतर योजना बना सकेंगे। कम कर दरों से चीजें सस्ती होंगी, जिससे लोग ज़्यादा खरीदारी करेंगे और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। खासकर आम आदमी, महिलाओं, छात्रों, मध्यम वर्ग और किसानों को फायदा होगा।

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर कितने लाख कर्मचारियों को मिलेगा इसका लाभ? छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए पंजीकरण आसान होगा और पहले से भरे गए रिटर्न में गलतियाँ कम होंगी। निर्यातकों और ज़्यादा टैक्स क्रेडिट वालों को जल्दी रिफंड मिलेगा। इन सुधारों को जल्द ही लागू किया जाएगा, ताकि जीएसटी एक आसान, स्थिर और पारदर्शी कर प्रणाली बन सके। इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और व्यापार आसान होगा।

 ‘अब तक सभी छापे विपक्षी नेताओं पर.’, PM, CM को पद से हटाने वाले विधेयक पर जमकर फायर हुए चंद्रशेखर आजाद, किसे सुना डाला!”

0

 ‘अब तक सभी छापे विपक्षी नेताओं पर.’, PM, CM को पद से हटाने वाले विधेयक पर जमकर फायर हुए चंद्रशेखर आजाद, किसे सुना डाला!”

आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद चंद्रशेखर ने गुरुवार को कहा कि गंभीर अपराधों के आरोप में 30 दिनों तक गिरफ़्तारी रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों या मंत्रियों को उनके पदों से हटाने का प्रावधान करने वाले तीन नए विधेयक पूरी तरह से ‘लोकतंत्र विरोधी’ हैं।

गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में गंभीर आरोपों में 30 दिनों तक लगातार गिरफ़्तारी रहने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को उनके पदों से हटाने से संबंधित तीन विधेयक पेश किए, जिसका विपक्षी सांसदों ने कड़ा विरोध किया और उन्होंने मसौदा कानून की प्रतियां भी फाड़ दीं। वे नारे लगाते हुए शाह के आसन के पास पहुँच गए।

CM Yogi के इलाके में अब मुसलमान नहीं कर सकते ये काम, लगाई गई ऐसी पाबंदी…शहनाई बजाना होगी मुश्किल ये चुनने वाली जनता का अपमान हैं नगीना से एमपी चंद्रशेखर रावण ने कहा, ‘ये विधेयक पूरी तरह से लोकतंत्र विरोधी, संविधान पर हमला और अपने प्रतिनिधियों को चुनने वाली जनता का अपमान करने वाला है।’

उन्होंने कहा, ‘जिस तरह से एजेंसियां ​​काम कर रही हैं, जिस तरह से वे विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं, ये विधेयक विपक्ष को निशाना बनाने के लिए लाए गए हैं।’ यह संविधान पर हमला है और हम संविधान पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं।’

जब उनसे कहा गया कि भाजपा कह रही है कि उसके मंत्री भी इन विधेयकों के दायरे में आएंगे, तो चंद्रशेखर ने कहा, ‘क्या अब तक ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने भाजपा के किसी मंत्री पर छापा मारा है? ईडी के सभी छापे विपक्षी नेताओं पर पड़े हैं।’

लोकतंत्र की जगह निरंकुशता ले रही है-आज़ाद उन्होंने कहा, ‘ऐसे नेता हैं जिन्हें भ्रष्ट कहा जाता था, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें ‘उप-मुख्यमंत्री’ बना दिया गया। महाराष्ट्र, असम इसके उदाहरण हैं… बीएस येदियुरप्पा इसका उदाहरण हैं…’ चंद्रशेखर ने कहा, ‘लोग देख रहे हैं कि लोकतंत्र की जगह निरंकुशता ले रही है।’

गृह मंत्री द्वारा बुधवार को पेश किए गए और संसद की संयुक्त समिति को भेजे गए तीन विधेयक हैं: ‘संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025’, ‘केंद्र शासित प्रदेशों का शासन (संशोधन) विधेयक, 2025’ और ‘जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025’।

इन विधेयकों में प्रस्ताव है कि यदि प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री या सीएम को न्यूनतम पाँच वर्ष की कारावास की सजा वाले अपराधों के लिए लगातार 30 दिनों तक अरेस्ट और हिरासत में रखा जाता है, तो वे 31वें दिन अपना पद गँवा बैठेंगे।

“इस दिन से शुरू हो रहा पितृपक्ष, जानें क्या होता है काम्य श्राद्ध और इसे जुड़े महत्व और नियम?”

0

“इस दिन से शुरू हो रहा पितृपक्ष, जानें क्या होता है काम्य श्राद्ध और इसे जुड़े महत्व और नियम?”

Pitrupaksha 2025: इस वर्ष पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू हो रहा है, पहला श्राद्ध पूर्णिमा श्राद्ध है, इस दिन उन पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई थी।

इसके अलावा, श्राद्ध पक्ष का समापन सर्व पितृ अमावस्या को होता है। दरअसल, पूर्वज अपने परिजनों का तर्पण करने की इच्छा लेकर धरती पर आते हैं। जो लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध करते हैं, पूर्वज उनसे संतुष्ट होते हैं और उन्हें आशीर्वाद देते हैं। कहा जाता है कि श्राद्ध पक्ष में किए गए श्राद्ध से पूर्वज एक वर्ष तक संतुष्ट रहते हैं। यहां हम आपको काम्य श्राद्ध के बारे में बताएंगे।

काम्य श्राद्ध होता क्या है? काम्य श्राद्ध एक प्रकार का श्राद्ध है जो आप किसी मनोकामना की पूर्ति के लिए करते हैं। कहा जाता है कि अगर किसी मनोकामना की पूर्ति के लिए श्राद्ध किया जाए, जैसे संतान प्राप्ति, धन-समृद्धि या पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए, तो उसे काम्य श्राद्ध कहते हैं। किस श्राद्ध से क्या फल मिलता है, कौन सी मनोकामना पूरी होती है, यह आग्नेय पुराण में लिखा है।

Pitru Paksh में 100 साल बाद होगा ये अनोखा संयोग, चंद्र और सूर्य ग्रहण एक साथ, भूलकर भी ना करें ये काम अष्टमी को श्राद्ध करने से होती है धन की प्राप्ति आग्नेय पुराण के अनुसार प्रतिपदा को श्राद्ध करने वाले को धन की प्राप्ति होती है। द्वितीया को श्राद्ध करने से उत्तम स्त्री की प्राप्ति होती है। चतुर्थी को श्राद्ध करने से धर्म और कर्म की प्राप्ति होती है। पुत्र की इच्छा रखने वाले व्यक्ति को पंचमी को श्राद्ध करना चाहिए। षष्ठी को श्राद्ध करने से मनुष्य महान बनता है। सप्तमी को श्राद्ध करने से कृषि में लाभ होता है और अष्टमी को श्राद्ध करने से धन की प्राप्ति होती है। नवमी को श्राद्ध करने से घोड़े आदि एक खुर वाले पशु प्राप्त होते हैं। दशमी को श्राद्ध करने से गौ समुदाय में समृद्धि आती है। एकादशी को श्राद्ध करने से कुल की वृद्धि होती है और द्वादशी को श्राद्ध करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है। त्रयोदशी को श्राद्ध करने से कुल में श्रेष्ठता प्राप्त होती है। चतुर्दशी को शस्त्र से मारे गए व्यक्ति का श्राद्ध किया जाता है। अमावस्या को सभी मृत व्यक्तियों का श्राद्ध करने का विधान है।

Pitru Paksha 2025 : भूलकर भी ना करें पितृ पक्ष में ये काम…बरतनी पड़ेगी सावधानी नहीं तो भुगतने होंगे बुरे परिणाम!

इस आलेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है। पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। इन खबर इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है।

“पृथ्वी का आखिरी दिन? अपोफिस के टकराने पर सुनामी निगल जाएगी शहर, 1312 फीट ऊंची लहरें बनेंगी मौत का दरिया”

0

“पृथ्वी का आखिरी दिन? अपोफिस के टकराने पर सुनामी निगल जाएगी शहर, 1312 फीट ऊंची लहरें बनेंगी मौत का दरिया”

क्षुद्रग्रह 99942, जिसे अपोफिस कहा जाता है, को लेकर वैज्ञानिकों ने साल 2004 में पहली बार चेतावनी दी थी। रिसर्च में सामने आया था कि यह विशालकाय स्पेस रॉक 2029 में पृथ्वी से टकरा सकता है।

इस खबर ने पूरी दुनिया को हिला दिया था। उस समय कई रिसर्च सेंटर और एजेंसियां लगातार इसकी रफ्तार का आकलन कर रही थीं। नासा समेत दुनिया के प्रमुख अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने इस पर ध्यान केंद्रित किया। आखिरकार, कई सालों की रिसर्च के बाद यह साफ हो गया कि कम से कम अगले 100 साल तक अपोफिस पृथ्वी से नहीं टकराएगा। हालांकि, यह साल 2029 में पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरेगा। यह स्थिति भले ही टकराव का खतरा न हो, लेकिन लोगों को यह जरूर सोचने पर मजबूर कर देती है कि अगर यह क्षुद्रग्रह धरती से टकरा गया तो आखिर होगा क्या?

अपोफिस टकराए तो कितना बड़ा धमाका होगा? अपोफिस का आकार लगभग 1214 फुट लंबा यानी एक छोटे पहाड़ जितना है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगर यह पृथ्वी से टकराता है, तो इससे निकलने वाली ऊर्जा करीब 1,00,000 मेगाटन TNT के बराबर होगी। तुलना करें तो यह ताकत अब तक किए गए सबसे बड़े परमाणु परीक्षणों से भी हजारों गुना ज्यादा होगी। ऐसे धमाके से न सिर्फ स्थानीय क्षेत्र, बल्कि सैकड़ों किलोमीटर का इलाका तबाह हो जाएगा। आसपास की इमारतें पलभर में गिर जाएंगी और शहर खाक में बदल जाएंगे। टकराव के केंद्र से लेकर चारों ओर धूल, आग और जहरीली गैसें फैलेंगी। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह धमाका “डायनासोर के खत्म होने” जैसी आपदा को दोहरा सकता है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि अगर अपोफिस जैसी चट्टान टकराई, तो क्या पूरी धरती रहने लायक बचेगी? हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी कम से कम 100 साल तक इंसान को इससे डरने की जरूरत नहीं है।

1000 फीट ऊंची सुनामी अगर अपोफिस जमीन पर गिरा, तो वैज्ञानिक मानते हैं कि यह लगभग 5 किलोमीटर गहरा और कई किलोमीटर चौड़ा गड्ढा बना देगा। इससे आसपास का इलाका पूरी तरह उजड़ जाएगा। वहीं, अगर यह क्षुद्रग्रह समुद्र में गिरता है, तो और भी डरावनी स्थिति बन सकती है। समुद्र में गिरते ही यह 1,312 फीट ऊंची सुनामी की लहरें पैदा करेगा। इतनी ऊंची लहरें पूरी-की-पूरी तटीय आबादी को बहा ले जाएंगी। यानी सिर्फ एक टकराव से कई देशों की किस्मत बदल सकती है। धरती पर लाखों लोग पलभर में लापता हो जाएंगे और अर्थव्यवस्था से लेकर पर्यावरण तक सबकुछ तबाह हो जाएगा।

वायुमंडल में टूटे तो क्या होगा? अब सवाल यह भी है कि अगर अपोफिस धरती से न टकराए और वायुमंडल में ही टूट जाए तो क्या होगा? वैज्ञानिकों का मानना है कि इस स्थिति में भी खतरा कम नहीं होगा। वायुमंडल में टूटने से एक भारी वायुविस्फोट होगा। यह विस्फोट इतना ताकतवर होगा कि सैकड़ों किलोमीटर के क्षेत्र में दबाव की लहरें और आग का गोला नजर आएगा। इससे खिड़कियां चटक जाएंगी, इमारतें हिल जाएंगी और बहुत बड़ा इलाका राख में बदल जाएगा। ऐसा ही एक छोटा उदाहरण 1908 का तुंगुस्का विस्फोट है, जिसने रूस के एक बड़े इलाके को तबाह कर दिया था, जबकि वह क्षुद्रग्रह अपोफिस से कई गुना छोटा था।