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डिविडेंड पाने का आखिरी मौका; 9 फरवरी से पहले खरीदें ये शेयर, मिल सकता है मोटी कमाई का मौका…

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भारतीय शेयर बाजार में इस समय कई कंपनियां अपने तिमाही नतीजों के साथ-साथ निवेशकों को डिविडेंड देने की घोषणा कर रही हैं. एनएसई और बीएसई पर लिस्टेड कुछ कंपनियों के डिविडेंड के लिए पात्र बनने का आखिरी मौका अब नजदीक आ गया है.

सोमवार, 9 फरवरी तक जिन निवेशकों के पास इन कंपनियों के शेयर होंगे. उन्हें इन कंपनियों की ओर से डिविडेंड दिया जाएगा. इस सूची में कई जानी-मानी कंपनियां शामिल हैं. जिस वजह से निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई हैं. आइए जानते हैं, ऐसे ही कुछ चुनिंदा कंपनियों के बारे में…

आरती ड्रग्स लिमिटेड

फार्मा सेक्टर की कंपनी Aarti Drugs Ltd ने अपने निवेशकों को वित्तीय वर्ष 2026 के लिए डिविडेंड देने की घोषणा की है. कंपनी ने बताया है कि वह प्रति शेयर 2 रुपये का डिविडेंड देगी. इसके लिए बोर्ड मीटिंग में 9 फरवरी का रिकॉर्ड डेट तय किया गया है.

इसका मतलब है कि जिन निवेशकों के पास 9 फरवरी तक कंपनी के शेयर होंगे, वे इस डिविडेंड के हकदार होंगे. कंपनी की ओर से डिविडेंड राशि का भुगतान 30 दिनों के भीतर शेयरधारकों के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा.

सस्टेनेबल एनर्जी इंफ्रा

Sustainable Energy Infra Trust ने अपने शेयरधारकों के लिए अंतरिम डिविडेंड देने का फैसला किया है. कंपनी की बोर्ड बैठक में प्रति शेयर 2.40 रुपये के लाभांश को मंजूरी दी गई है. इसके लिए 9 फरवरी को रिकॉर्ड डेट तय किया गया है. जिन निवेशकों के पास 9 फरवरी तक कंपनी के शेयर होंगे, वही इस डिविडेंड के लिए पात्र माने जाएंगे.

भारत डायनेमिक लिमिटेड

Bharat Dynamics Ltd की हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में निवेशकों को अंतरिम लाभांश देने का फैसला लिया गया है. कंपनी प्रति शेयर 4.5 रुपये का डिविडेंड देगी, जबकि प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये रखी गई है. इसके लिए 9 फरवरी को रिकॉर्ड डेट तय की गई है.

पृथ्वी एक्सचेंज

Prithvi Exchange ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने शेयरधारकों को अंतरिम डिविडेंड देने की घोषणा की है. कंपनी प्रति शेयर 15 रुपये का डिविडेंड देगी. इसके लिए 9 फरवरी को रिकॉर्ड डेट तय की गई है. यानी इस दिन तक जिन निवेशकों के पास कंपनी शेयर होंगे, उन्हें ही इसका लाभ मिलेगा.

उत्तराखंड: ‘मंत्री-विधायक अपनी सीट से.’, विधानसभा चुनाव से पहले BJP का साफ संदेश…

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उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियों को तेज कर दिया है. इसी क्रम में पार्टी की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक 14 फरवरी को देहरादून में आयोजित की जाएगी.

बैठक की अध्यक्षता बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे. पार्टी सूत्रों के अनुसार, एक-दो दिन के भीतर कोर कमेटी के सदस्यों की औपचारिक घोषणा भी कर दी जाएगी.

बीजेपी के चुनावी रोडमैप में कोर कमेटी की यह बैठक बेहद निर्णायक मानी जा रही है. विधानसभा चुनाव की दृष्टि से यह मंच रणनीति तय करने, संगठन की जमीनी स्थिति का आकलन करने और आगामी अभियानों की दिशा निर्धारित करने का काम करता है. बैठक में सीटवार रणनीति, संभावित प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया, प्रचार के प्रमुख मुद्दों और संगठन की मजबूत व कमजोर कड़ियों पर विस्तार से विचार-विमर्श होगा.

जिले से लेकर बूथ स्तर तक होगी समीक्षा

बैठक के दौरान जिला, मंडल और बूथ स्तर तक संगठन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी. साथ ही यह भी आकलन किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत है और कहां संगठनात्मक सुधार की आवश्यकता है. सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय को लेकर भी दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे. मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने पर भी चर्चा संभावित है.

सरकार की उपलब्धियों पर भी होगी चर्चा

इसके अलावा, राष्ट्रीय और राज्य सरकार की उपलब्धियों को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने की रणनीति पर मंथन किया जाएगा. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने संकेत दिए हैं कि कोर कमेटी की घोषणा के तुरंत बाद जेपी नड्डा की अध्यक्षता में यह अहम बैठक आयोजित की जाएगी.

पार्टी का पहला राज्य स्तरीय सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जिसमें मिले फीडबैक के आधार पर चुनावी रणनीति को और धार दी जाएगी. महेंद्र भट्ट ने बताया कि अब दूसरे चरण का सर्वे शुरू कराया जाएगा, जबकि केंद्रीय नेतृत्व स्तर पर अलग से सर्वे किया जाना तय है. उनका कहना है कि सभी प्रयासों का अंतिम लक्ष्य विधानसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करना है.

मंत्री विधायक अपनी सीटों से ही लड़ेंगे

इस बीच प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने साफ कर दिया है कि विधायक और मंत्री सभी को अपनी-अपनी वर्तमान सीटों से ही चुनावी तैयारी करनी होगी. संगठन का रुख स्पष्ट है कि चुनाव से पहले किसी को भी सीट बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. भाजपा नेतृत्व ने यह संदेश समय रहते संगठन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा दिया है.

क्या भारत टैक्सी के साथ OLA, UBER और RAPIDO में कैब चला सकता है एक ड्राइवर, जानें क्या हैं नियम?

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आज के वक्त में ऐप बेस्ड टैक्सी सर्विसेज ड्राइवरों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन चुकी हैं. OLA, UBER, RAPIDO के बाद अब भारत टैक्सी जैसे प्लेटफॉर्म शहरों में लगातार फैल रहे हैं.

जिससे यात्रियों को सुविधा मिल रही है. तो वहीं ड्राइवरों को मौके मिल रहे हैं. ऐसे में कई ड्राइवरों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या एक ही गाड़ी और एक ही ड्राइवर अलग अलग प्लेटफॉर्म पर साथ में काम कर सकता है.

जिससे ज्यादा बुकिंग होगी और अच्ची कमाई हो. जान लीजिए क्या ऐसा किया जा सकता है या नहीं कि एक ही ड्राइवर इन अलग-अलग कंपनी में कैब चलाए. अगर बिना जानकारी के किया यह काम तो आगे चलकर परेशानी खड़ी कर सकता है.

मल्टी प्लेटफॉर्म पर काम करने की परमिशन होती है?

देश में ज्यादातर एग्रीगेटर ड्राइवरों को एक ही ऐप तक लिमिटेड नहीं रखते. यानी ड्राइवर चाहें तो एक से ज्यादा प्लेटफॉर्म पर एक्टिव रह सकते हैं. लेकिन जिस ऐप की राइड असेप्ट करें उसी के नियमों को फाॅलो जरूरी है. दो ऐप से एक साथ राइड लेकर देरी करना या बार बार कैंसिल करना अकाउंट पर निल असर डाल सकता है.

इसलिए हर प्लेटफॉर्म की शर्तें ध्यान से समझना जरूरी है. कई शहरों में लोकल गाइडलाइंस भी लागू होती हैं. सही प्लानिंग और ऐप मैनेजमेंट के साथ मल्टी प्लेटफॉर्म काम ड्राइवर की कमाई को ज्यादा स्टेबल और फायदेमंद बना सकता है.

सही डाक्यूमेंट्स होने जरूरी

एक ही गाड़ी को कई ऐप पर चलाने के लिए वैलिड कमर्शियल परमिट, फिटनेस, बीमा और ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी हैं. वाहन का रजिस्ट्रेशन कमर्शियल कैटेगरी में होना चाहिए. बीमा पॉलिसी में राइड शेयरिंग या कमर्शियल यूज कवर होना अहम है.

दस्तावेज अपडेट न हों तो किसी भी प्लेटफॉर्म पर प्रोफाइल ब्लॉक हो सकता है. पुलिस या परिवहन विभाग की जांच के दौरान कागज पूरे होने चाहिए. अलग अलग ऐप पर एक ही दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं. बशर्ते वह वैलिड और अपडेटेड हों.

यह सावधानियां बरतना जरूरी

एक साथ कई ऐप चलाने से कैंसिलेशन रेट बढ़ने के और रेटिंग गिरने से अकाउंट सस्पेंड होने का रिस्क रहता है. पीक आवर में सही ऐप चुनना और खाली समय में दूसरे ऐप पर एक्टिव रखना समझदारी है. तभी फायदा मिल सकता है वरना उल्टा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.

रूस में भारतीय छात्रों पर चाकू से हमले की घटना पर भारतीय दूतावास का आया बयान, जानिए क्या कहा…

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रूस के ऊफा में हुए एक हमले में चार भारतीय सहित कई लोग घायल हो गए. मास्को स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी जानकारी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर दी है. घटना रूस के रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य की है, जहां एक यूनिवर्सिटी के विदेशी छात्रों के हॉस्टल के स्पोर्ट्स हॉल में हमलावरों ने चाकू से हमला कर दिया.

स्थानीय मीडिया में आई भारतीय छात्रों पर हमले की घटना के बाद भारतीय दूतावास का बयान सामने आया है.

भारतीय छात्रों पर चाकू से हमले की घटना पर भारतीय एंबेसी ने बयान में क्या कहा – मास्को स्थित भारतीय दूतावास ने कहा, रूस के ऊफा में हमले की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में चार भारतीय छात्रों सहित कई लोग घायल हुए हैं. दूतावास अधिकारियों के संपर्क में है और काजान स्थित वाणिज्य दूतावास के अधिकारी घायल छात्रों की सहायता के लिए ऊफा रवाना हो रहे हैं.”

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, एक युवक चाकू लेकर ऊफा की स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में घुस गया और छात्रों पर हमला कर दिया.

रूस की वेबसाइट RTVI ने यहां के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इरिना वोल्क के हवाले से बताया कि “हमलावर ने गिरफ्तारी का विरोध किया, इस दौरान दो पुलिस अफसरों को चाकू लग गया. संदिग्ध ने खुद को भी शारीरक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की.”

इसके अलावा रूसी टेलीग्राम चैनलों पर ऐसी भी चर्चाएं हैं कि हमलावरों की संख्या दो हो सकती है, इनमें से एक 15 वर्षीय किशोर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया.

भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस समझौते से छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अमेरिकी बाजार तक नई पहुँच मिलेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता (India–US Interim Trade Agreement) भारत की वैश्विक आर्थिक साख और सामर्थ्य को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस समझौते से छत्तीसगढ़ के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को अमेरिकी बाजार तक नई पहुँच मिलेगी।

विशेष रूप से राज्य के वन-आधारित उत्पाद, हथकरघा एवं हस्तशिल्प, वस्त्र तथा कृषि आधारित उत्पादों के लिए निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को व्यापक लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस व्यापारिक ढांचे में किसानों के हितों और ग्रामीण आजीविका की पूरी तरह सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। साथ ही यह पहल महिला सशक्तिकरण को गति देने, स्थानीय उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूती प्रदान करने और मेक इन इंडिया की भावना को और सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता छत्तीसगढ़ के लिए नए आर्थिक अवसरों का द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ एक सशक्त और सक्रिय भागीदार के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह समझौता राज्य के समावेशी एवं सतत आर्थिक विकास को नई गति देगा।

छत्तीसगढ़ में नहीं रहने की शर्त पर जमानत, फिर भी सुकमा में दिखे कवासी लखमा, स्वागत में उमड़ा जनसैलाब…

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पूर्व मंत्री कवासी लखमा आज सुकमा पहुंचे. इस खास मौके पर उनके स्वागत में जनसैलाब उमड़ा. तोंगपाल से सुकमा तक जगह-जगह उनका जोरदार अभिनंदन किया गया. इस दौरान लखमा ने कहा कि न्यायालय का आदेश मानूंगा, लेकिन जल-जंगल-जमीन की लड़ाई जारी रहेगी.

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के मामले में सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिलने के बाद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा शनिवार को सुकमा पहुंचे. जबक‍ि जमानत इस शर्त पर दी गई थी क‍ि वे छत्तीसगढ़ में नहीं रहेंगे. इसके बावजूद कवाली लखमा का सुकमा में द‍िखाई देना चर्चा का व‍िषय बना रहा. हालांक‍ि इस पर उन्‍होंने अपनी सफाई भी दी है. उनके सुकमा आगमन पर तोंगपाल से लेकर सुकमा तक कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जगह-जगह जोशीला स्वागत किया. काफिले के साथ भारी भीड़, नारेबाजी और आतिशबाजी देखने को मिली.

जिला मुख्यालय के बस स्टैंड परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कवासी लखमा ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन करेंगे. उन्होंने कहा, मैं बस्तर का नेता हूं… आदिवासियों के अधिकार और क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा संघर्ष किया है. ये लड़ाई आगे भी जारी रहेगी.

भाजपा पर तीखा हमला

पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दो साल में भाजपा की डबल इंजन सरकार फेल साबित हुई है. हिंदू के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा ने मंदिरों के विकास के लिए कुछ नहीं किया. कांग्रेस सरकार में मेरे कार्यकाल के दौरान रामाराम मंदिर के लिए 3 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी और छिंदगढ़ में मंदिर निर्माण कराया गया. उन्होंने यह भी कहा कि छिंदगढ़ में पहले एक सोसायटी थी, उनके प्रयास से 5 नई सोसायटियां खोली गईं.

कवासी लखमा ने आरोप लगाया कि स्थानीय भाजपा संगठन प्रशासन पर दबाव बनाकर काम करा रहा है. आश्रम-छात्रावासों से वसूली हो रही है. उन्होंने कहा कि दो साल में एक भी नया आश्रम, कॉलेज या सामुदायिक भवन नहीं खोला गया. सरकार केवल जंगल बेच रही है.

मलकानगिरी से करेंगे कोंटा विस की सेवा

लखमा ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए वे छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे. उन्होंने कहा कि मैं ओडिशा के मलकानगिरी जिला में रहकर कोंटा विधानसभा की जनता की सेवा करूंगा. तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है, लेकिन अपनी सुविधा के लिए वहां नहीं जाऊंगा. जनता के करीब रहना मेरी प्राथमिकता है. सभा के अंत में लखमा ने दोहराया कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन बस्तर, आदिवासी अधिकार और विकास की लड़ाई सड़क से सदन तक जारी रहेगी.

CG: रायपुर में अमित शाह की हाईलेवल बैठक, सीएम साय और राज्यों के डीजीपी, गृह विभाग के अफसर शामिल…

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में रायपुर में एंटी नक्सल ऑपरेशन को लेकर पहली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक शुरू हो गई है। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, गृह विभाग के सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मौजूद हैं। नक्सलवाद खात्मे को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री डीजीपी और सुरक्षा बलों के अफसरों के साथ रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं। वहीं पिछले समय में बैठक के निर्देशोें और कार्रवाई को लेकर समीक्षा भी बैठक में हो रही है।

शाहकी आज बैक टू बैक चार बैठकें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज अपने छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान रायपुर में चार अहम बैठकों में शामिल होंगे। इन बैठकों में नक्सल विरोधी अभियानों की प्रगति, सुरक्षा व्यवस्था, अंतर-राज्यीय समन्वय और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।

बैठकों का शेड्यूल

  • सुबह 11:00 से 12:45 बजे तक – पहली समीक्षा बैठक
  • 12:45 से दोपहर 2:00 बजे तक – दूसरी समीक्षा बैठक
  • 2:00 से 3:00 बजे तक – लंच ब्रेक
  • 3:00 से 4:15 बजे तक – पुनः समीक्षा बैठक
  • शाम 5:00 से 6:10 बजे तकछत्तीसगढ़ @ 25 — ‘शिफ्टिंग लेंसथीम पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में सहभागिता

नक्सल उन्मूलन के अंतिम चरण की रणनीति पर चर्चा : विजय शर्मा
प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सभी राज्यों के डीजीपी एवं एसीएस (गृह) की मौजूदगी में होने वाली यह बैठक 31 मार्च से पहले संभवतः अंतिम उच्चस्तरीय बैठक हो सकती है। उन्होंने बताया कि इस बैठक में नक्सल उन्मूलन के अंतिम चरण की रणनीतियों पर गहन मंथन किया जा रहा है और सुरक्षा बलों की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

बस्तर पंडुम के समापन में शामिल होंगे अमित शाह
वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कल बस्तर पंडुम में शामिल होंगे। गृह मंत्री विजय शर्मा के अनुसार, बस्तर पंडुम बस्तर की संस्कृति, परंपरा और संवर्धन का उत्सव है, जो बस्तर की पहचान और गौरव को देश-दुनिया तक पहुंचाने का सशक्त मंच बन रहा है।

CG: अब हर माह की 7 तारीख को रोजगार एवं आवास दिवस, कई हितग्राहियों को मिली घर की चाबी…

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हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए प्राप्त किस्तों, मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी भुगतान, निर्माण सामग्री की उपलब्धता और विभिन्न विभागों के साथ अभिसरण (कन्वर्जेन्स) से मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

अब रायपुर जिले के समस्त विकासखंड की ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह की 7 तारीख को रोजगार एवं आवास दिवस का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन ग्रामीण अंचलों में रोजगार, आवास और आजीविका के अवसरों को सशक्त बनाने की दिशा में एक पहल है। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत स्वीकृत आवासों के हितग्राहियों के नामों का सार्वजनिक वाचन किया गया।

हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए प्राप्त किस्तों, मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी भुगतान, निर्माण सामग्री की उपलब्धता और विभिन्न विभागों के साथ अभिसरण (कन्वर्जेन्स) से मिलने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने हितग्राहियों से आवास निर्माण कार्य को तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन ने ग्राम पंचायत परसदा, लखोली और रसनी में आवास दिवस मनाया गया और पूर्ण हुए आवासों के हितग्राहियों को घर की चाबी सौंपकर उन्हें नए आशियाने की शुभकामनाएं दी।

छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में कथित फर्जी आदेश के आधार पर वर्षों तक सरकारी सेवा में बने रहे चार कर्मचारियों बर्खास्त कर दिया गया है।

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जांच में नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने चारों कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया गया है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है।

वर्ष 2021 में टीकमचंद साहू, फगेंद्र सिंहा, रजिया अहमद और अजहर अहमद की नियुक्ति जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालयों और कार्यालयों में सहायक ग्रेड-3 और डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर की गई थी। इसके अलावा मोहला-मानपुर जिले के स्कूलों में पदस्थ कुछ अन्य कर्मचारियों की नियुक्तियों की भी जांच की गई, जिनमें दस्तावेजों की वैधता को लेकर गंभीर सवाल उठे।

जांच के दौरान सामने आया कि सितंबर 2021 में राज्य शिक्षा आयोग के तत्कालीन सचिव डॉ. ओपी मिश्रा के नाम से जारी जिस आदेश का हवाला देकर नियुक्तियां की गई थीं, वह क्रमांक वास्तव में बैंक ऑफ बड़ौदा की विवेकानंद नगर शाखा के नाम जारी पत्र से मेल खाता है। इतना ही नहीं, नियुक्ति आदेशों पर किए गए हस्ताक्षर भी आयोग के आधिकारिक रिकॉर्ड से अलग पाए गए, जिससे आदेश के फर्जी होने की पुष्टि हुई।

राज्य शिक्षा आयोग से औपचारिक सत्यापन और विभागीय मार्गदर्शन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी लालजी द्विवेदी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 10(9) के तहत चारों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके बाद संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है।

फर्जी आदेश के आधार पर मई 2022 में टीकमचंद साहू को उच्च विद्यालय मोहगांव, फगेंद्र सिंहा को उच्चतर माध्यमिक शाला बकरकट्टा, रजिया अहमद को उमा शाला पैलीमेटा और अजहर अहमद को छुईखदान बीईओ कार्यालय में तैनात किया गया था। वहीं एक अन्य व्यक्ति को सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति दी गई थी, लेकिन उसने कभी कार्यभार ग्रहण नहीं किया।

जिले के गठन के बाद कुछ कर्मचारियों को कलेक्टोरेट की विभिन्न शाखाओं में भी संलग्न किया गया था। अगस्त 2025 में मामला उजागर होने के बाद संबंधित कर्मचारियों ने अवकाश लेकर बचाव के प्रयास किए, लेकिन प्रस्तुत दस्तावेज और तर्क जांच में असंतोषजनक पाए गए। लंबी विभागीय प्रक्रिया के बाद अंततः कार्रवाई की गई।

जिला शिक्षा अधिकारी लालजी द्विवेदी ने बताया कि नियुक्ति पत्रों की वैधता पर प्रारंभ से ही संदेह था। राज्य शिक्षा आयोग से सत्यापन के बाद यह स्पष्ट हुआ कि नियुक्ति आदेश फर्जी थे और सचिव के हस्ताक्षर भी वास्तविक नहीं थे। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा में धोखाधड़ी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

डीईओ ने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और यदि इसमें किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब इस मामले से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है।

CG: आम आदमी पार्टी का सीएम हाउस घेराव, इन मांगों को लेकर करेंगे प्रदर्शन…

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आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में किसानों की अनदेखी पर तीखा हमला बोला है। पत्रकारवार्ता में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि अब भी प्रदेश में लाखों किसानों का धान खरीदा नहीं गया है। किसान परेशान हैं। ऐसे कठिन समय में पार्टी किसानों के साथ खड़ी है। किसानों की मांगों

आम आदमी पार्टी ने प्रदेश में किसानों की अनदेखी पर तीखा हमला बोला है। पत्रकारवार्ता में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने कहा कि अब भी प्रदेश में लाखों किसानों का धान खरीदा नहीं गया है। किसान परेशान हैं। ऐसे कठिन समय में पार्टी किसानों के साथ खड़ी है। किसानों की मांगों और धान खरीदी की तारीख बढ़ाने के लिए आम आदमी पार्टी 10 फरवरी को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी।

पार्टी किसान विंग के प्रदेश अध्यक्ष तारेंद्र चंद्राकर ने कहा कि धान का पैसा निकालने के लिए कोऑपरेटिव बैंक में किसान सुबह 6 बजे से शाम-रात तक संघर्ष करना पड़ रहा है। धान खरीदी समयसीमा में सरकार ने साजिश के तहत लाखों छोटे किसानों का जबरदस्ती रकबा समर्पण करवाया। धान खरीदी केंद्र की प्रतिदिन लिमिट को सरकार ने इस बार कम कर दिया था, जिससे किसान सिर्फ लाइन लगाकर अपना इंतजार करते परेशान ही दिखे।

प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने कहा कि अब भी छत्तीसगढ़ में लगभग 3 लाख किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं। ऐसे में जिन किसानों ने कर्ज लिया है उसे वह कैसे चुकाएगा। यदि किसान आत्महत्या करता है तो उसका जिम्मेदार सिर्फ यह भाजपा सरकार होगी। किसानों की हित की बात करने वाली सरकार इस साल धान खरीदी में पूरी तरह फेल हो चुकी है।

कर्मचारी विंग के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अमरीका से नई ट्रेड डील से अमरीका का कृषि उत्पाद और डेयरी उत्पादन भारत में सस्ते दामों में मिलेगा,जिससे आने वाले समय में भारत की पूरी कृषि व्यवस्था और अन्नदाता किसान बर्बाद हो जाएंगे। निश्चित ही यह किसान विरोधी ट्रेड डील है।