धान का कटोरा कहे जाने वाला छत्तीसगढ़ इन दिनों अफीम की खेती को लेकर बेहद सुर्खियों में बना हुआ है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आ रहा है। इसी कड़ी में खबर आ रही रायगढ़ जिले के लैलूंगा में भी अफीम की खेती किए जाने की जानकारी मिली है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम लैलूंगा के लिए रवाना हो चुकी है। फिलहाल अभी इस बात का खुलासा नहीं हो पाया कि यहां कितनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती की जा रही है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि अनाज पैदा करने वाले किसान क्यों नशे की फसल उगाने लग गए?
एक और किसान उगा रहा था अफीम
मिली जानकारी के अनुसार मामला लैलूंगा के नवीन चट गांव का है, जहां अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहां का किसान अपने खेत के कुछ हिस्सों में चोरी छिपे अफीम की खेती कर रहा था। अफीम की खेती किए जाने की जानकारी होने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी है। बता दें कि इससे पहले भी रायगढ़ जिले में अफीम की खेती का खुलासा हो चुका है।
नदी किनारे हो रही थी खेती
गौरतलब है कि तमनार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आमाघाट गांव में नदी किनारे लगभग एक एकड़ भूमि में अफीम की अवैध खेती का पता चला था। पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली तब पुलिस दल मौके पर पहुंचा और एक आरोपी मार्शल सांगा (40) को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने अफीम की फसल को जब्त कर लिया है। बताया गया कि आरोपी झारखंड राज्य के खुंटी जिले का निवासी है और उसकी शादी तमनार क्षेत्र की सुषमा खलखो से हुई है। वह पिछले कुछ वर्षों से ससुराल में रहकर, स्थानीय किसानों से तरबूज़, ककड़ी और सब्जी उगाने के नाम पर खेत किराये पर ले रहा था और गोपनीय तरीके से अफीम की अवैध खेती कर रहा था।
झूठे आरोप अच्छे नहीं लगते: डिप्टी सीएम अरुण साव
इस पूरे मामले पर Arun Sao ने बीते दिनों कहा था कि राज्य सरकार नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि Vishnu Deo Sai ने पहले ही इस तरह के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद प्रशासन लगातार सक्रिय है। वहीं, कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान नशे के कारोबार को संरक्षण मिलता था और उस समय इस तरह के मामलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं के मुंह से इस तरह के झूठे आरोप अच्छे नहीं लगते, क्योंकि उनके कार्यकाल में ही ऐसी गतिविधियां पनपती रहीं।
दुर्ग में सबसे पहले हुआ खुलासा
बता दें कि, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक बड़ा अफीम खेती का मामला सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, जिले के जेवरा सिरसा पुलिस चौकी के ग्राम समोदा में डेढ़ से 7 एकड़ क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती की जा रही थी। यह खेती शिवनाथ नदी के किनारे की जमीन पर की जा रही थी। मामले में दो भाजपा नेताओं विनायक ताम्रकार और बृजेश ताम्रकार को हिरासत में लिया गया है। पुलिस और जिला प्रशासन की टीम सुबह से ही इलाके में जांच में जुटी हुई है। कलेक्टर अभिजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे और अफीम के पौधों का निरीक्षण किया और कार्रवाई कर रहे हैं।



