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“केंद्रीय कैबिनेट का तोहफा: कोटा को मिला नया एयरपोर्ट, ओडिशा को हाईटेक रिंग रोड की सौगात, कई और फैसलों पर लगी मुहर”

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“केंद्रीय कैबिनेट का तोहफा: कोटा को मिला नया एयरपोर्ट, ओडिशा को हाईटेक रिंग रोड की सौगात, कई और फैसलों पर लगी मुहर”

केंद्र सरकार ने मंगलवार (19 अगस्त) को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में दो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। पहला, राजस्थान के कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को हरी झंडी दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत ₹1507 करोड़ होगी।

वहीं, दूसरा बड़ा फैसला ओडिशा के लिए है, जहां कटक और भुवनेश्वर के बीच ₹8307 करोड़ की लागत से एक आधुनिक 6-लेन रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा।

कोटा में बनेगा आधुनिक एयरपोर्ट कोटा में लंबे समय से एक बड़े एयरपोर्ट की मांग की जा रही थी। वर्तमान में मौजूद एयरपोर्ट छोटा है और सीमित क्षमता वाला है। इस मांग को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने बूंदी जिले में नया एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी दी है। राजस्थान सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए 1000 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी देते हुए बताया कि नए एयरपोर्ट का रनवे 3200 मीटर लंबा होगा और टर्मिनल भवन करीब 20,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला होगा। यह एयरपोर्ट प्रति वर्ष 20 लाख यात्रियों की क्षमता संभाल सकेगा और इसे आगामी दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि 2014 में जहां देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे, अब उनकी संख्या बढ़कर 162 हो गई है। उन्होंने कोटा को न केवल एजुकेशन हब बल्कि इंडस्ट्रियल सेंटर भी बताया और कहा कि देशभर से छात्र और प्रोफेशनल्स यहां आते हैं, इसलिए एयर कनेक्टिविटी बेहद जरूरी थी।

देश में हवाई यात्रियों की संख्या 41 करोड़ के पार केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने बताया कि देश में हवाई यात्रियों की संख्या में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। पहले यह आंकड़ा 16 करोड़ के करीब था, जो अब बढ़कर 41 करोड़ तक पहुंच चुका है। ऐसे में देशभर में नए एयरपोर्ट्स की जरूरत बढ़ गई है, और सरकार उसी दिशा में कार्य कर रही है।

ओडिशा को मिला हाईटेक रिंग रोड कैबिनेट बैठक में ओडिशा के कटक और भुवनेश्वर के लिए एक और बड़ी सौगात दी गई है। दोनों शहरों के बीच 8307 करोड़ रुपये की लागत से 111 किलोमीटर लंबा रिंग रोड बनाया जाएगा। यह सड़क एक्सप्रेसवे की तर्ज पर बनेगी और पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड होगी। सड़क को 6 लेन में बनाया जाएगा और इसे तैयार करने में ढाई साल का समय लगेगा।

सरकार का कहना है कि यह प्रोजेक्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोदय विजन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूर्वी भारत को इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास के क्षेत्र में मजबूत बनाना है।

“उपराष्ट्रपति चुनाव: INDIA अलायंस से अलग हो चुकी AAP किसे देगी समर्थन? पार्टी ने लिया बड़ा फैसला”

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“उपराष्ट्रपति चुनाव: INDIA अलायंस से अलग हो चुकी AAP किसे देगी समर्थन? पार्टी ने लिया बड़ा फैसला”

इंडिया गठबंधन से बाहर हो चुकी आम आदमी पार्टी ने उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपना रुख साफ कर दिया है. अरविंद केजरीवाल ने फैसला किया है कि आम आदमी पार्टी उपराष्ट्रपति चुनाव में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी का समर्थन करेगी.

मंगलवार (19 अगस्त) को आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इसकी जानकारी दी. न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि बी सुदर्शन रेड्डी विपक्ष के उम्मीदवार हैं. बता दें कि NDA ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है.

कौन हैं बी सुदर्शन रेड्डी? बी सुदर्शन रेड्डी 16 साल से अधिक समय तक संवैधानिक अदालतों में सेवाएं दे चुके हैं. जुलाई 1946 में जन्मे न्यायमूर्ति रेड्डी को 2 मई, 1995 को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किया गया

5 दिसंबर 2005 को वह गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किए गए. 12 जनवरी, 2007 को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने. 8 जुलाई 2011 को सेवानिवृत्त हुए रिटायर हुए. 27 दिसंबर 1971 को हैदराबाद में आंध्र प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत हुए. 1988 से 1990 के दौरान उच्च न्यायालय में सरकारी वकील के रूप में सेवा दी

1990 के दौरान छह महीने के लिए केंद्र सरकार के अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता के रूप में भी काम किया. उस्मानिया विश्वविद्यालय के कानूनी सलाहकार और स्थायी वकील भी रह चुके हैं. मार्च 2013 में गोवा के पहले लोकायुक्त बने थे, सात महीने के भीतर ही इस्तीफा दे दिया. हैदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता एवं मध्यस्थता केंद्र के न्यासी बोर्ड के सदस्य भी हैं.

कब है उपराष्ट्रपति का चुनाव? उपराष्ट्रपति पद के लिए 9 सितंबर को चुनाव होना है. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है. जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद चुनाव कराया जा रहा है.

“‘यूरोप के देश नहीं होने देंगे शांति समझौता’, डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ कर पुतिन के करीबी ने EU को लगा दी लताड़”

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“‘यूरोप के देश नहीं होने देंगे शांति समझौता’, डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ कर पुतिन के करीबी ने EU को लगा दी लताड़”

अलास्का में डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन की बैठक के बाद यूक्रेन में शांति समझौते को लेकर अमेरिका में चर्चाओं का दौर जारी है. व्हाइट हाउस में ट्रंप-जेलेंस्की के साथ-साथ यूरोपीय देशों के कई नेताओं की मीटिंग हुई, जिसमें यूक्रेन युद्ध को लेकर चर्चा हुई. व्हाइट हाउस में मीटिंग के बाद रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की और यूरोपीय नेताओं पर जमकर निशाना साधा.

लावरोव के अनुसार, ट्रंप शांति समझौता चाहते हैं, जो लंबे समय तक हो, जबकि यूरोपीय देश सीजफायर के पक्ष में है. पुतिन के करीबी ने की ट्रंप की तारीफ सर्गेई लावरोव ने रूसी न्यूज चैनल Russia24 को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘अलास्का में व्लादिमीर पुतिन के साथ ट्रंप की बैठक का माहौल बहुत अच्छा था. यह स्पष्ट था कि अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम ईमानदारी से इस युद्ध को रोकने की कोशिश कर रहे हैं. वे ऐसा परिणाम चाहते हैं जो लंबे समय के लिए, टिकाऊ और विश्वसनीय हो.’

शांति समझौता नहीं चाहता यूरोपीय देश: लावरोव ट्रंप-जेलेंस्की की बैठक का जिक्र करते हुए लावरोव ने कहा, ‘अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि सीजफायर की जरूरत नहीं है और रूस-यूक्रेन के बीच शांति समझौता किया जा सकता है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भी यही रुख है, लेकिन यूरोप ऐसा नहीं चाहता है. यूरोपीय नेताओं ने हर समय केवल सीजफायर पर जोर दिया, ताकि वे बाद में यूक्रेन को हथियार आपूर्ति करते रहेंगे.’

ट्रंप के साथ बैठक के लिए यूरोपीय देश भी पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (18 अगस्त 2025) को व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और यूरोपीय लीडर्स के साथ मीटिंग की. रॉयटर्स की रिपोर्ट में ये दावा किया गया था इस बैठक में यूरोपीय नेता इसलिए आए ताकि ट्रंप किसी भी समझौते को लेकर जेलेंस्की पर दवाब नहीं बना पाएं. हालांकि ट्रंप-जेलेंस्की की मुलाकात पिछली बार की तुलना में काफी अच्छी रही. दोनों नेता मीडिया के सामने एक-दूसरे की तारीफ करते नजर आए.

यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने पर हुई चर्चा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि फिलहाल इतनी जल्दी सीजफायर संभव नहीं है. हालांकि मीटिंग में यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने पर चर्चा हुई. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और यूरोपीय देश मिलकर इस पर काम करेंगे. इस बैठक के बीच में ही ट्रंप ने पुतिन से फोन पर करीब 40 मिनट बात की. मीटिंग के बाद जेलेंस्की ने बताया कि सुरक्षा गारंटी के बदले यूक्रेन यूरोप के पैसों से 90 अरब डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपये) के अमेरिकी हथियार खरीदेगा.

“Chhattisgarh Cabinet Expansion: छत्तीसगढ़ में होगा कैबिनेट विस्तार, ये 3 नेता बनेंगे मंत्री”

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“Chhattisgarh Cabinet Expansion: छत्तीसगढ़ में होगा कैबिनेट विस्तार, ये 3 नेता बनेंगे मंत्री”

छत्तीसगढ़ में भारी अटकलों के बाद आखिरकार विष्णु देव साय मंत्रिमंडल का विस्तार तय हो गया है. बुधवार (20 अगस्त) को सुबह 10:30 बजे राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह होगा. जिसमें करीब तीन बीजेपी विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं.

बीजेपी विधायक दल के सचेतक सुशांत शुक्ला ने पत्र जारी कर इसको पुष्टि की है. सूत्रों के मुताबिक दुर्ग विधायक गजेंद्र यादव, अम्बिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब नए मंत्री के तौर पर शपथ ले सकते हैं.

तीनों विधायकों को दी गई सूचना मंत्रिमंडल विस्तार के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज में तीन नए मंत्रियों के लिए तीन नए वाहन तैयार कर लिए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक मंत्री पद की शपथ लेने वाले तीनों विधायकों को भी आधिकारिक सूचना भेज दी गई है, ताकि वह समय पर शपथ ग्रहण के लिए राजभवन पहुंच सकें. इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यपाल रामेन डेका से राजभवन में मुलाकात की थी.

सीएम के विदेश दौरे के पहले मंत्रिमंडल विस्तार दरअसल, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 अगस्त को जापान और दक्षिण कोरिया के दौरे पर रवाना हो रहे हैं. सीएम के विदेश दौरे पर जाने के पहले मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरे करने की तैयारी पिछले 5 दिनों से चल रही थी. पिछले दिनों मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत देते हुए कहा था कि इंतजार करते रहिए, कुछ हो सकता है.

“दुनिया में कहां-कहां वोट चोरी हुई? राहुल गांधी के आरोपों से शुरू हुई चर्चा”

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“दुनिया में कहां-कहां वोट चोरी हुई? राहुल गांधी के आरोपों से शुरू हुई चर्चा”

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं. उन्होंने साल 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ ही महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी वोट चोरी के आरोप लगाए हैं.

इसके साथ ही देश भर में जागरूकता अभियान शुरू किया है. आइए जान लेते हैं कि आखिर दुनिया में कब कहां वोट चोरी के मामले सामने आए?

सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि वोट चोरी है क्या? दरअसल, वोट चोरी का मतलब और कुछ नहीं, बल्कि चुनाव में धांधली से है. मतदाता सूची में गड़बड़ी, किसी का वोट किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा डालना, एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराना जैसे मामलों को वोट चोरी के रूप में देखा जा सकता है.

इस पर लगाम कसने के लिए कांग्रेस ने अब अपने नेता राहुल गांधी की डिजिटल वोटर लिस्ट देने की मांग का समर्थन किया है. इस मांग के लिए समर्थन जुटाने के लिए एक वेबसाइट जारी की है. साथ ही लोगों को मिस्ड कॉल के जरिए इस अभियान से जोड़ने के लिए एक मोबाइल नंबर भी जारी किया है.

अमेरिकी चुनाव में भी लगते रहे हैं धांधली के आरोप दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में भी धांधली के आरोप लगते रहे हैं. खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2016 के चुनाव में धांधली के आरोप लगाए थे. हालांकि, बाद में वह खुद ही चुनाव में धांधली के मामले में फंस गए थे.

डोनाल्ड ट्रंप पर साल 2020 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में जॉर्जिया में धांधली का आरोप लगा था. आरोप था कि डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्जिया के अफसरों पर दबाव डालकर जो बाइडन की जीत को पलटने की कोशिश की थी. आरोप था कि चुनाव को प्रभावित करने के लिए ट्रंप और जॉर्जिया के राज्य सचिव ब्रैड रैफेंसपर्गर के बीच फोन पर बात हुई थी. इसमें ट्रंप ने रैफेंसपर्गर से जॉर्जिया में चुनाव जीतने के लिए जरूरी वोट ढूंढने के लिए कहा था. हालांकि, बाद में ट्रंप लगातार इस तरह की किसी भी धांधली से इनकार करते रहे हैं. इसके अलावा अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने रिपोर्ट दी थी कि राष्ट्रपति पद के चुनाव में रूस ने हस्तक्षेप किया था. अब रूसी राष्ट्रपति के हवाले से ट्रंप बार-बार कह रहे हैं कि उनके चुनाव में रूस ने हस्तक्षेप नहीं किया था.

डोनाल्ड ट्रंप पर लगे थे आरोप. तुर्की में छपे थे ज्यादा बैलट पेपर, सामने आया फर्जीवाड़ा तुर्की में सात जून 2015 को हुए आम चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगे थे. यह और बात है कि तब सत्ताधारी न्याय और विकास पार्टी 40.9 फीसदी वोट पाकर भी चुनाव हार गई थी. इसके बावजूद आरोप लगे थे कि चुनाव प्रचार के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan ने धांधली करने की योजना बनाई थी. इसमें यह भी शामिल था कि सत्ताधारी दल ने चुनाव में सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया.

सबसे बड़ा आरोप जो था, वह था गलत वोटर डाटा का. जिस तरह से वोटर लिस्ट में गलती के आरोप कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगा रहे हैं, उसी तरह से वोटर डाटा के गलत इस्तेमाल का आरोप तब तुर्की के राष्ट्रपति पर लगाया गया था. तुर्की के सुप्रीम इलेक्टोरल काउंसिल पर तब जरूरत से ज्यादा बैलट पेपर छपवाने का आरोप लगा था, जिससे विवाद और भी बढ़ गया था.

रोमानिया के राष्ट्रपति चुनाव सवालों के घेरे में आया था साल 2014 में हुआ रोमानिया के राष्ट्रपति पद का चुनाव भी सवालों के घेरे में रहा था. चुनाव का पहला चरण दो नवंबर 2014 को पूरा हुआ था, पर किसी भी प्रत्याशी को 50 फीसदी से अधिक वोट नहीं मिले थे, इसलिए 16 नवंबर 2014 को फिर से चुनाव कराए गए थे. इसमें Klaus Iohannis को राष्ट्रपति घोषित किया गया था. तब मतदाताओं ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया था और पूरी वोटिंग प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे.

इस नतीजे पर इसलिए भी सवाल खड़े हुए थे, क्योंकि दूसरे चरण के चुनाव से ठीक पहले नए राष्ट्रपति दौड़ में कहीं थे ही नहीं. इस चुनाव में घूसखोरी के आरोप तक लगे थे. कहा गया था कि चुनाव प्रचार के दौरान 6.5 मिलियन लोगों को खाना बांटा गया था.

तुर्की के तत्कालीन राष्ट्रपति एर्दोगन पर लगे थे आरोप.

आठ में से छह राज्यों में बढ़त के बावजूद हार गए थे रायला ओडिंगा केन्या में दिसंबर 2007 में हुआ आम चुनाव पर भी धांधली की छाया पड़ी थी. इस चुनाव में किबाकी और रायला ओडिंगा के बीच सीधा मुकाबला था. ओपिनियन पोल में साफ-साफ रायला आगे थे, जबकि किबाकी को विजेता घोषित कर दिया गया था. हालांकि, नेशनल एसेंबली में ओडिंगा की पार्टी ने बहुमत हासिल की थी. देश के आठ में से छह राज्यों में भी ओडिंगा की पार्टी को बहुमत मिला था.

ऐसे में चुनाव पर सवाल खड़े होने लगे थे. इसको देखते हुए किबाकी ने जल्दबाजी में पदभार संभाल लिया, जिसके बाद देश भर में हिंसा भड़क उठी थी. इसमें 1300 लोग मारे गए थे जबकि छह लाख से ज्यादा पलायन कर गए थे. हालांकि, बाद में ओडिंगा और किबाकी ने मिल कर सरकार बना ली और ओडिंगा को प्रधानमंत्री बनाया गया था.

“नेहरू ने देश को 2 बार बांटा, सिंधु जल संधि से नहीं हुआ कोई फायदा… NDA सांसदों की बैठक में बोले PM मोदी”

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“नेहरू ने देश को 2 बार बांटा, सिंधु जल संधि से नहीं हुआ कोई फायदा… NDA सांसदों की बैठक में बोले PM मोदी”

NDA Parliamentary Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) संसदीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्वीकार किया था कि पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि से भारत को कोई लाभ नहीं हुआ।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नेहरू ने देश का दो बार बंटवारा किया था, एक बार रेडक्लिफ रेखा के जरिए और दूसरी बार उस संधि के जरिए, जिसके तहत नदी का 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को दे दिया गया। यह समझौता भी किसान विरोधी था। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नेहरू ने एक बार देश का बंटवारा किया और फिर दोबारा। सिंधु जल संधि के तहत 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को दे दिया गया। बाद में, अपने सचिव के माध्यम से नेहरू ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि इससे कोई लाभ नहीं हुआ।

सिंधु जल संधि किसानों के साथ विश्वासघात: जगदम्बिका पाल बैठक में मौजूद भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर करने को नेहरू द्वारा विश्वासघात बताया और कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री को इसके लिए संसद की मंजूरी लेनी चाहिए थी। पाल ने एएनआई से कहा कि देश के साथ विश्वासघात हुआ है। अगर वह (जवाहरलाल नेहरू) लोकतांत्रिक चुनाव में प्रधानमंत्री होते तो उन्हें इसके लिए संसद की मंजूरी लेनी चाहिए थी। कैबिनेट और संसद के विश्वास के बिना वह पाकिस्तान गए और समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद अकेले वापस आ गए। यह हमारे किसानों के साथ विश्वासघात है।

हमें गर्व है कि प्रधानमंत्री ने तथ्य बताए: रविशंकर प्रसाद प्रधानमंत्री की टिप्पणी की सराहना करते हुए भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार की पाकिस्तान को 80 करोड़ रुपये देने के लिए आलोचना की। भाजपा नेता ने कहा कि हमें गर्व है कि प्रधानमंत्री ने तथ्य बताए। नेहरू जी ने न केवल कैबिनेट की मंजूरी या चर्चा के बिना संधि पर हस्ताक्षर किए, बल्कि उन्हें 80 करोड़ रुपये भी दिए। जब भी किसी संधि पर हस्ताक्षर किए जाते हैं, तो वह संसद में चर्चा के बाद ही किया जाता है। 14 अगस्त को भारत ने सिंधु जल संधि के तहत हेग स्थित मध्यस्थता न्यायालय द्वारा हाल ही में दिए गए फैसले को दृढ़ता से खारिज कर दिया और कहा कि न्यायालय में क्षेत्राधिकार, वैधता और क्षमता का अभाव है।

भारत ने स्थगित कर दिया है सिंधु जल संधि साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान एएनआई के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए जायसवाल ने कहा कि भारत ने कभी भी तथाकथित मध्यस्थता न्यायालय की वैधता, औचित्य या क्षमता को स्वीकार नहीं किया है। इसलिए इसके फैसले अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं, कानूनी स्थिति से रहित हैं और इनका भारत के जल उपयोग के अधिकारों पर कोई असर नहीं पड़ता है। अप्रैल में पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद, जिसमें 26 लोग मारे गए थे भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को तब तक स्थगित कर दिया है, जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन का त्याग नहीं कर देता।

भारत और पाकिस्तान के बीच नौ वर्षों की बातचीत के बाद 1960 में विश्व बैंक की सहायता से सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किये गये थे जो इस संधि का एक हस्ताक्षरकर्ता भी है। इस संधि के तहत पश्चिमी नदियां (सिंधु, झेलम, चिनाब) पाकिस्तान को तथा पूर्वी नदियां (रावी, व्यास, सतलुज) भारत को आवंटित की गयी हैं। इस बीच, उसी बैठक में प्रधानमंत्री ने एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का भी परिचय कराया और उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय का जमीनी नेता बताया। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह (राधाकृष्णन) ओबीसी समुदाय के एक जमीनी नेता हैं, स्वभाव से सरल हैं और राजनीति में खेल नहीं करते हैं।

“BCCI ने ODI वर्ल्ड कप 2025 के लिए किया 15 सदस्यीय टीम इंडिया का एलान, तूफानी ओपनर को नहीं मिली जगह”

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“BCCI ने ODI वर्ल्ड कप 2025 के लिए किया 15 सदस्यीय टीम इंडिया का एलान, तूफानी ओपनर को नहीं मिली जगह”

BCCI ने महिला ODI वर्ल्ड कप 2025 के लिए भारतीय स्क्वाड की घोषणा कर दी है. टूर्नामेंट की मेजबानी भारत और श्रीलंका मिलकर करने वाले हैं और विश्व कप के लिए कप्तानी हरमनप्रीत कौर के हाथों में होगी.

स्क्वाड में तूफानी ओपनर शेफाली वर्मा को जगह नहीं मिली है, दूसरी ओर रेणुका सिंह ठाकुर की वापसी हुई है. बता दें कि वर्ल्ड कप में भारत अपने अभियान की शुरुआत 30 सितंबर को श्रीलंका के खिलाफ मैच से करेगा.

तूफानी ओपनर शेफाली वर्मा बाहर शेफाली वर्मा अपनी ताबड़तोड़ बैटिंग के लिए जानी जाती हैं, लेकिन खराब फॉर्म के कारण उन्हें वर्ल्ड कप स्क्वाड में जगह नहीं मिली है. उन्होंने इंग्लैंड टूर पर 7 महीने बाद टीम इंडिया में वापसी की थी, लेकिन उस सीरीज में वर्मा 5 टी20 मैचों में 176 रन बना पाई थीं. वो इसके अलावा इंडिया A टीम का हिस्सा रहते ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर भी गई थीं, जहां उन्होंने तीन टी20 मैचों में 3, 3, 41 के स्कोर किए थे. सेलेक्टर्स ने ऑस्ट्रेलियाई के खिलाफ ODI सीरीज के भारतीय स्क्वाड की घोषणा की है, शेफाली को उसमें भी जगह नहीं दी गई है.

महिला ODI वर्ल्ड कप 2025 के लिए भारतीय स्क्वाड: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), प्रतिका रावल, हरलीन देओल, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी, ऋचा घोष (विकेटकीपर), क्रांति गौड़, सयाली सतघरे, राधा यादव, श्री चरणी, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), स्नेह राणा भारत का वर्ल्ड कप शेड्यूल महिला ODI वर्ल्ड कप 2025 की मेजबानी भारत और श्रीलंका मिलकर करेंगे. यह टूर्नामेंट 30 सितंबर-2 नवंबर तक चलेगा. टूर्नामेंट में कुल 8 टीम भाग लेंगी, जो राउंड-रॉबिन फॉर्मेट में खेला जाएगा.

30 सितंबर- भारत बनाम श्रीलंका 5 अक्टूबर- भारत बनाम पाकिस्तान 9 अक्टूबर- भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका 12 अक्टूबर- भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया 19 अक्टूबर- भारत बनाम इंग्लैंड 23 अक्टूबर- भारत बनाम न्यूजीलैंड 26 अक्टूबर- भारत बनाम बांग्लादेश.

एशिया कप की टीम में शामिल नहीं किए गए IPL 2025 के 5 ‘हीरो’, ऑरेंज और पर्पल कैप विनर का भी नाम नहीं.

“पीएम इंटर्नशिप योजना में 82 हजार में से 24 हजार आवेदन हुए स्वीकार, जानें अप्लाई करने का आसान तरीका”

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“पीएम इंटर्नशिप योजना में 82 हजार में से 24 हजार आवेदन हुए स्वीकार, जानें अप्लाई करने का आसान तरीका”

भारत सरकार देश के लोगों के लिए बहुत सी योजनाएं चलाती है, जिनका अलग-अलग वर्गों को फायदा मिलता है. इन्हीं में से एक है पीएम इंटर्नशिप योजना. जिसमें युवाओं को पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल एक्सपीरिएंस देना है.

इसका उद्देश्य है कि छात्र क्लासरूम की पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री से जुड़ी जानकारी भी हासिल करें. इस योजना को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है. और बड़ी संख्या में एप्लीकेशन भी आ चुके हैं. चुने गए उम्मीदवारों को प्रोफेशनल माहौल में काम करने का मौका मिलेगा. यह योजना उनके करियर को मजबूत दिशा देने और जाॅब्स की संभावनाएं बढ़ाने में मदद करती है. अब तक 82 हजार आवेदन दिए गए हैं. जिनमें से 24 आवेदन स्वीकार हो चुके हैं. आप भी करना चाहते हैं आवेदन तो जान लीजिए प्रक्रिया.

कैसे करें पीएम इंटर्नशिप योजना में अप्लाई? भारत सरकार ने पीएम इंटर्नशिप योजना शुरू की है ताकि युवा पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव भी हासिल कर सकें. इस योजना में बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं और चयनित उम्मीदवारों को कंपनियों और संस्थानों में इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा. इससे छात्रों और ग्रेजुएट्स का आत्मविश्वास बढ़ेगा और करियर को सही डायरेक्शन मिलेगी.

इस योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया भी काफी आसान है. आवेदन करने के लिए इसके आधिकारिक पोर्टल pminternship.mca.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा. रजिस्ट्रेशन के बाद प्रोफ़ाइल पूरी करें और फिर लाॅगिन करके इंटर्नशिप के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

अब तक इतने लोगों ने भेजे आवेदन पीएम इंटर्नशिप योजना में अक्टूबर 2024 में शुरू हुए पहले राउंड में 280 कंपनियों ने हिस्सा लिया और 1.27 लाख से ज्यादा इंटर्नशिप के मौके निकाले गए. इसमें 1.81 लाख उम्मीदवारों से 6.21 लाख आवेदन आए और कंपनियों ने 82 हजार से ज्यादा ऑफर दिए. हालांकि आखिर में सिर्फ 8700 युवाओं ने ही इंटर्नशिप शुरू की. इसके बाद जनवरी 2025 में दूसरा राउंड हुआ जिसमें 327 कंपनियां शामिल हुईं और 1.18 लाख से ज्यादा इंटर्नशिप ऑफर किए.

इस बार 2.14 लाख उम्मीदवारों ने 4.55 लाख आवेदन भेजे थे. जिनमें से 24 हजार युवाओं ने ऑफर स्वीकार करने के बाद इंटर्नशिप जॉइन की. आंकड़े के हिसाब से उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश और आंध्र प्रदेश इंटर्नशिप इंटर्नशिप ऑफर्स के मामले में सबसे अव्वल राज्य हैं.

“मुंबई में आफत की बारिश; सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित, स्कूल-कॉलेज समेत सरकारी कार्यालय बंद”

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“मुंबई में आफत की बारिश; सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित, स्कूल-कॉलेज समेत सरकारी कार्यालय बंद”

“मुंबई में मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश की वजह से कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। इससे सड़क यातायात, हवाई सेवाएं, लोकल ट्रेन और रेल सेवाएं धीमी हो गईं। बारिश की वजह हुए जलभराव समेत अन्य कारणों की वजह से महानगर और आसपास के इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।

शहर के नगर निकाय ने कहा कि सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालय मंगलवार को बंद रहेंगे। निजी प्रतिष्ठानों से अपील की गई है कि वे अपने कर्मचारियों को घर से काम करने दें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने मंगलवार सुबह एक बयान में शहर और उपनगरों में लगातार हो रही भारी बारिश और आईएमडी की ओर से जारी ‘रेड अलर्ट’ चेतावनी के मद्देनजर एहतियाती उपाय के तौर पर बंद की घोषणा की। बयान में कहा गया है कि यह निर्णय आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी बीएमसी कार्यालयों और सरकारी प्रतिष्ठानों पर लागू होता है।

लगातार हो रही बारिश और आईएमडी द्वारा जारी ‘रेड अलर्ट’ की चेतावनी के मद्देनजर स्कूल और कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं। आईएमडी ने मंगलवार को मुंबई और आसपास के जिलों में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। मुंबई पुलिस ने निवासियों से अपील की है कि वे केवल आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। पुलिस ने निजी क्षेत्र से भी घर से काम करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

इंडिगो समेत कई एयरलाइंस ने एडवाइजरी जारी कर दी है। इंडिगो एयरलाइंस ने ट्वीट में लिखा, ‘मुंबई में भारी बारिश के कारण हवाई अड्डे के कई मार्गों पर जलभराव और यातायात धीमा हो गया है। इसके कारण परिचालन संबंधी चुनौतियां पैदा हुई हैं, जिससे प्रस्थान और आगमन दोनों में देरी हो रही है। हमें इससे होने वाली असुविधा के लिए खेद है।’

फिर से बारिश का प्रकोप झेलना पड़ा भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में मुंबई के कई हिस्सों में 200 मिमी से अधिक बारिश हुई है, जिसमें पूर्वी उपनगरों के विक्रोली में सबसे अधिक 255.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र के सभी कॉलेजों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह आदेश पालघर, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों के कॉलेजों पर लागू होता है।

मुंबई में भारी बारिश के एक दिन बाद मंगलवार को लोगों को फिर से बारिश का प्रकोप झेलना पड़ा। कई सड़कें जलमग्न हो गईं और सुबह से ही यातायात बाधित रहा। जलभराव की वजह से लोकल ट्रेन सेवाओं में देरी हुई। बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (बेस्ट) उपक्रम की बस सेवाओं का मार्ग कुछ स्थानों पर परिवर्तित किया गया। बोरीवली, अंधेरी, सायन, दादर और चेंबूर सहित शहर के कई हिस्सों में रात भर भारी बारिश हुई और सुबह भी बारिश जारी रही। इससे गांधी मार्केट सहित निचले इलाकों में जलभराव हो गया।

पटरियां जलमग्न होने के कारण हार्बर लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाएं स्थगित इस बीच मध्य रेलवे ने भारी बारिश के बाद एक हिस्से में पटरियां जलमग्न होने के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और कुर्ला स्टेशनों के बीच हार्बर लाइन पर अपनी लोकल ट्रेन सेवाएं स्थगित कर दीं। कुर्ला और सायन स्टेशनों के बीच मुख्य लाइन पर भी रेल पटरियां जलमग्न हो जाने के कारण सेवाएं स्थगित कर दी गईं।

शहर की सभी एजेंसियां अलर्ट पर स्थिति को देखते हुए मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने लोगों से घर के अंदर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की। बताया गया कि सुबह और देर शाम होने वाली बारिश से यातायात जाम हो सकता है, क्योंकि सुबह 9.16 बजे 3.75 मीटर और रात 8.53 बजे 3.14 मीटर ऊंचा ज्वार था। एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार सुबह 8 बजे समाप्त हुए 24 घंटों में द्वीपीय शहर में 186.43 मिमी, पूर्वी में 208.78 मिमी और पश्चिमी उपनगरों में 238.19 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई।

बहुत भारी से बेहद भारी बारिश की संभावना मंगलवार के पूर्वानुमान में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मुंबई शहर और उपनगरों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश की भविष्यवाणी की है, जिसमें कभी-कभी 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। आईएमडी ने बताया कि विक्रोली में सबसे ज्यादा 255.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद बायकुला में 241 मिमी, जुहू में 221.5 मिमी और बांद्रा में 211 मिमी बारिश दर्ज की गई। शहर के महालक्ष्मी इलाके में तुलनात्मक रूप से कम 72.5 मिमी बारिश दर्ज की गई।

रेलवे पटरियों पर जलभराव की शिकायत नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार सुबह 5 बजे से 6 बजे के बीच उपनगरों की तुलना में इस द्वीपीय शहर में अधिक बारिश दर्ज की गई। मुंबई सेंट्रल, परेल, ग्रांट रोड, मालाबार हिल, दादर, वर्ली और कुछ अन्य इलाकों में केवल एक घंटे में 40 मिमी से 65 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई जगहों पर जलभराव हो गया। लोगों ने दादर, माटुंगा, परेल और सायन के निचले इलाकों में रेलवे पटरियों पर जलभराव की शिकायत की। हालांकि, रेलवे अधिकारियों ने दावा किया कि पानी पटरियों के स्तर से नीचे था। इसलिए सेवाओं में देरी के बावजूद ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित नहीं हुई।

हिंदमाता, अंधेरी सबवे और ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे, मुंबई-गुजरात हाईवे और ईस्टर्न फ्रीवे के कुछ हिस्सों में भी जलभराव की सूचना मिली है। मुंबई उपनगरीय नेटवर्क पर अंबिवली और शहाड स्टेशनों के बीच सिग्नलिंग सिस्टम में सुबह-सुबह तकनीकी खराबी आने से स्थिति और बिगड़ गई। मध्य रेलवे के एक प्रवक्ता के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे मध्य रेलवे की मुख्य लाइन पर लोकल ट्रेनें 10 मिनट और हार्बर लाइन पर 5 मिनट देरी से चल रही थीं। पश्चिम रेलवे के एक प्रवक्ता ने कहा कि कम दृश्यता के कारण उनकी उपनगरीय सेवाएं थोड़ी देरी से चल रही हैं।

“Delhi Rains: एक दिन का ब्रेक! दिल्ली-NCR में फिर शुरू हुई झमाझम बारिश, तेज हवाओं का भी अलर्ट”

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“Delhi Rains: एक दिन का ब्रेक! दिल्ली-NCR में फिर शुरू हुई झमाझम बारिश, तेज हवाओं का भी अलर्ट”

देश की राजधानी दिल्ली में आज, मंगलवार को एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है. दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में पिछले लगभग पूरे हफ्ते जमकर बरसात हुई. फिर सोमवार को कुछ राहत मिली लेकिन एक दिन के ब्रेक के बाद मंगलवार को झमाझम बारिश शुरू हो गई.

ये न केवल दिल्ली बल्कि दिल्ली से सटे आसपास के इलाकों में भी बारिश देखने को मिल रही है. हालांकि भारतीय मौसम विभाग ने पूर्वानुमान था कि मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में बारिश और आंधी-तूफान आने की संभावना है. इसके साथ ही आज शहर का न्यूनतम तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो साल के इस समय के लिए सामान्य से 0.2 डिग्री कम है.

मौसम विभाग के अनुसार, सुबह 8.30 बजे सापेक्षिक आर्द्रता 97 प्रतिशत के आसपास रही और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. बता दें कि दिल्ली में पिछले एक हफ्ते ऐसी बारिश हुई कि जगह-जगह भारी जलभराव देखने को मिला. लोगों का आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा.

बता दें कि आने वाले दिनों में भी दिल्ली में ऐसा ही मौसम रहने वाला है. हालांकि 22 और 23 अगस्त को ज्यादा बारिश की संभावना जताई गई है. दूसरी तरफ दिल्ली में बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है. दिल्ली इन दिनों यमुना के उफान से सहमी हुई है. ऊपरी इलाकों में हुई बारिश के बाद हथिनीकुंड बैराज से निकला पानी दिल्ली और उसके नीचे के इलाकों में लोगों को डराने लगा है.

यमुना के जलस्तर में इतनी तेजी से पानी बढ़ रहा है कि आज रात 8 बजे तक जलस्तर के 205.77 मीटर तक के स्तर तक पहुंचने का अनुमान था लेकिन सुबह 11 बजे ही 205.78 मीटर के स्तर तक पहुंच चुका था. हालांकि सेंट्रल वाटर कमीशन का अनुमान है कि यमुना का जलस्तर 206 मीटर को पार जाने की आशंका कम है. फिर भी यमुना के किनारे के निचले इलाके इस बाढ़ के पानी में डूबने लगे हैं. उन इलाकों से लोगों को निकालने का काम भी शुरू किया जा चुका है.

यमुना के बढ़ते जलस्तर से किनारे की बस्तियों में खतरे का जायजा लेने सीएम रेखा गुप्ता खुद यमुना बाजार इलाके में पहुंची थीं. यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के पीछे ऊपरी बैराज से आ रहा पानी है, जिसमें हथिनीकुंड बैराज से आज भी 38361 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है इसके अलावा वजीराबाद बैराज से 68230 क्यूसेक और ओखला बैराज से 91212 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. ये दिल्ली से नीचे के इलाकों में यमुना का सैलाब और बढ़ा रहा है.