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“कौन होगा रूस का अगला राष्ट्रपति? उत्तराधिकारी योजना को लेकर पुतिन का खुलासा”

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साफ कर दिया है कि देश का अगला राजनीतिक नेतृत्व कौन संभालेगा. पुतिन का कहना है कि रूस का भविष्य उन्हीं के हाथों में होगा जिन्होंने यूक्रेन युद्ध का मैदान देखा है.

रूसी संसद (डूमा) की अलग-अलग पार्टियों के नेताओं से बातचीत में पुतिन ने कहा कि जो लोग देश के लिए अपनी जान दांव पर लगा चुके हैं, उन्हें राजनीति और सत्ता में जगह मिलनी चाहिए. उनके मुताबिक, यही योद्धा आगे चलकर रूस की जिम्मेदारी उठाएँगे और सत्ता के वारिस बनेंगे.

रूस में विपक्ष दबा, राष्ट्रवाद हावी दरअसल, रूस की राजनीति में पहले ही विपक्ष की आवाज लगभग खत्म हो चुकी है. पुतिन के करीबी यूनाइटेड रशिया पार्टी का दबदबा है. ऐसे में उनका नया बयान साफ दिखाता है कि आने वाले वक्त में रूस और भी ज़्यादा राष्ट्रवादी और सख्त रुख अपनाएगा. ये सोच पुतिन के बाद भी लंबे समय तक रूस की राजनीति पर असर डालेगी.

जंग में लाखों सैनिक मारे जा चुके हैं फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था. तब से लाखों सैनिक मोर्चे पर भेजे गए. यहाँ तक कि कैदियों को भी जेल से रिहा कर लड़ाई में उतारा गया. रूस आधिकारिक आंकड़े नहीं बताता, लेकिन बीबीसी और स्वतंत्र मीडिया के मुताबिक अब तक कम से कम 1,30,000 रूसी सैनिक मारे जा चुके हैं. जो लौट रहे हैं, उनमें से कई मानसिक और शारीरिक तौर पर टूट चुके हैं. हिंसक अपराध और सामाजिक तनाव जैसी समस्याएँ अब रूस के लिए सिरदर्द बन रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक 2025 की शुरुआत तक करीब 15 लाख रूसी नागरिक इस युद्ध में शामिल हो चुके हैं.

शांति की कोशिशें और अड़चनें युद्ध अभी भी थमता नज़र नहीं आ रहा. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति समझौता कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कोई बड़ी सफलता नहीं मिली. रूस यूक्रेन के पाँचवें हिस्से पर कब्जा कर चुका है और युद्धविराम नहीं, बल्कि सीधा सौदा चाहता है. रूस चाहता है कि यूक्रेन नाटो में न जाए और कुछ जमीन छोड़े. वहीं यूक्रेन का कहना है कि रूस उसकी संप्रभुता और पहचान मिटाकर उसे अपने कब्जे में लेना चाहता है.

“IMD Weather : अगले 100 घंटे में कैसा रहेगा राजस्थान, दिल्ली, यूपी का मौसम, आईएमडी ने अलर्ट किया जारी”

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IMD Weather : भारत में इस साल मॉनसून का सीज़न बेहतरीन रहा है। पूरे देश में अच्छी बारिश हुई, जिससे कृषि को लाभ मिला। हालांकि, कुछ राज्यों में ज़रूरत से ज़्यादा बारिश ने बाढ़ जैसी समस्याएं पैदा कीं।

ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है कि अगले 100 घंटे में राजस्थान, दिल्ली, यूपी में मौसम कैसा रहने वाला हैं- भारत में इस साल मॉनसून का सीज़न बेहतरीन रहा है। पूरे देश में अच्छी बारिश हुई, जिससे कृषि को लाभ मिला। हालांकि, कुछ राज्यों में ज़रूरत से ज़्यादा बारिश ने बाढ़ जैसी समस्याएं पैदा कीं। अब मॉनसून (monsoon) की गति धीमी हो गई है, लेकिन कुछ राज्यों में अभी भी बारिश जारी है। यह मॉनसून सीज़न खेती और पानी के भंडारों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुआ है, जिसने देश को जल संकट से राहत दी है।

(Weather Update) हालांकि अभी मानसून के इस सीज़न का अंत नहीं हुआ है है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) के अनुसार मानसून पलटकर लौटेगा। इससे अगले 100 घंटों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट है।

राजस्थान में अगले 100 घंटों में कैसा रहेगा मौसम? राजस्थान में इस साल मानसून अच्छा रहा है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं हुई है। अब मौसम विभाग ने अगले 100 घंटों के लिए फिर से बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कुछ जिलों में रुक-रूककर भारी बारिश के साथ आंधी और तेज़ हवाएं चलने की संभावना है। यह पूर्वानुमान किसानों और आम जनता के लिए महत्वपूर्ण है। सभी को सावधानी बरतने और सुरक्षित रहने की सलाह दी जाती है।

(Rajasthan Update) राजधानी दिल्ली में क्या रहेगा मौसम का हाल? राजधानी दिल्ली में मानसून का पहला दौर सूखा रहा, लेकिन दूसरे दौर में अच्छी बारिश हुई। हालांकि पिछले कुछ दिनों से बारिश रुकी हुई है। लेकिन मौसम विभाग के अनुसार, अगले 100 घंटों में दिल्ली में मानसून की वापसी होगी। इससे कई इलाकों में हल्की से तेज़ बारिश का अनुमान है। यह दिल्लीवासियों के लिए एक राहत की खबर है। (Delhi Weather Update) इन राज्यों में होगी भारी बारिश-मौसम विभाग ने आगामी 100 घंटों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मानसून की वापसी के कारण, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब (Punjab) और हरियाणा (Haryana) के कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, दक्षिण भारत के तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, यनम, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पश्चिमी भारत में मानसून सक्रिय है, जिससे महाराष्ट्र, गोवा और कोंकण में अगले 100 घंटों में गरज के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में भी, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और नागालैंड में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों जैसे मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़, अंडमान-निकोबार और विदर्भ में भी अच्छी बारिश की उम्मीद है।

कई इलाकों में होगी हल्की बारिश-मौसम विभाग के अनुसार अगले 100 घंटों में उत्तरपश्चिम भारत, दक्षिण भारत, पश्चिम भारत, उत्तरीपूर्व भारत और पूर्वी और मध्य भारत के कई इलाकों में हल्की बारिश का अलर्ट है। इस दौरान तेज़ हवाएं और आंधी भी चल सकती हैं।

“इन रूटों पर चलेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, सफर होगा आसान”

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इन रूटों पर चलेगी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, सफर होगा आसान

स्लीपर वंदे भारत अपडेट: वंदे भारत ट्रेन भारत की सबसे सुसज्जित और शानदार ट्रेन मानी जाती है। आम नागरिक भी वंदे भारत ट्रेन में सवार होने का सपना देखते हैं। टिकट महंगे होने के कारण कई लोग इसमें सवार नहीं हो पाते।

भारतीय रेलवे ने अब एक बड़ा फैसला लिया है। जल्द ही रेलवे स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चलाएगा।

रूट तय होने की उम्मीद है। यह स्लीपर वंदे भारत ट्रेन पाँच रूटों पर चलेगी और विभिन्न शहरों को जोड़ेगी, और इसमें लोगों की काफ़ी रुचि देखी जा रही है। जिन रूटों पर स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चलने की उम्मीद है, वे नीचे सूचीबद्ध हैं। देश भर में पहले से ही 75 से ज़्यादा वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, जो विभिन्न शहरों को जोड़ती हैं।

स्लीपर वंदे भारत ट्रेन विशेष होगी। भारतीय रेलवे के अनुसार, स्लीपर वंदे भारत ट्रेन बेहद खास होगी, जो यात्रियों को आरामदायक यात्रा प्रदान करेगी। खबरों के अनुसार, यह 24 कोच वाली स्लीपर ट्रेन होगी। इसमें राजधानी जैसी 1AC, 2AC और 3AC कोच शामिल होंगे। इससे लंबी दूरी के यात्री पहले से ज़्यादा आरामदायक यात्रा कर पाएँगे।

इसमें हवाई जहाज़ों जैसी कई अनूठी विशेषताएँ होंगी। सबसे खास बात यह है कि इसमें सुरक्षा कवच प्रणाली, छत-रोधी डिज़ाइन और चढ़ाई-रोधी विशेषताएँ शामिल हैं। इसकी टिकट की कीमत राजधानी एक्सप्रेस से थोड़ी ज़्यादा होगी।

इसमें पांच मार्ग शामिल किये जायेंगे।

भारतीय रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, स्लीपर वंदे भारत ट्रेन लंबे रूटों पर चलाई जाएगी। वंदे भारत ट्रेन पहले से ही लगभग 700 से 800 किलोमीटर की दूरी तय करती है। स्लीपर वंदे भारत के ज़रिए महानगरों को राजधानी दिल्ली से जोड़ना प्राथमिकता होगी। सूत्रों के अनुसार, पहली ट्रेन दिल्ली और कोलकाता के बीच चलने की संभावना है।

यह ट्रेन बिहार और उत्तर प्रदेश होते हुए सीधे दिल्ली पहुँचेगी। चुनाव से पहले बिहारवासियों के लिए यह एक बड़ा तोहफ़ा साबित हो सकता है। इसके अलावा, दिल्ली-मुंबई, दिल्ली-अहमदाबाद और दिल्ली-लेंगलुरु रूट पर भी ट्रेनें चलने की उम्मीद है। दिल्ली-भोपाल रूट पर भी विचार किया जा सकता है। हालाँकि, ये रूट अभी तय नहीं हुए हैं। शुरुआत में, प्रत्येक रूट पर दो ट्रेनें चलने की उम्मीद है।

“Aadhaar Card : इन लोगों के आधार कार्ड हो जाएंगे निष्क्रिय! जानें ताजा अपडेट”

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आधार कार्ड- आधार कार्ड धारकों के लिए बड़ी खबर। पाँच से सात साल की उम्र के बच्चों का आधार मुफ़्त में अपडेट किया जा सकता है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने इस आयु वर्ग के उन बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) लागू कर दिया है जिनके बायोमेट्रिक्स अपडेट नहीं हैं।

आप अपने बच्चे की जानकारी किसी भी आधार सेवा केंद्र पर अपडेट करवा सकते हैं। ऐसा न करने पर उनका आधार निष्क्रिय किया जा सकता है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के उप महानिदेशक (डीडीजी) प्रशांत कुमार सिंह ने बुधवार को दैनिक जागरण कार्यालय में आयोजित प्रश्नकाल कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने पाठकों की आधार संबंधी समस्याओं को सुना और उनके समाधान भी सुझाए।

डीडीजी सिंह ने कहा कि पाँच साल से कम उम्र के बच्चे अपनी तस्वीर, नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और अन्य सहायक दस्तावेज़ देकर आधार नामांकन करा सकते हैं। पाँच साल से कम उम्र के बच्चों के आधार नामांकन के लिए उंगलियों के निशान और आँखों की बायोमेट्रिक्स नहीं ली जाती क्योंकि वे उस उम्र तक पर्याप्त परिपक्व नहीं होते।

इसलिए, पाँच साल की उम्र तक पहुँचने पर अपने बच्चे के आधार में उसके फिंगरप्रिंट, आईरिस और फोटोग्राफ अपडेट करवाना अनिवार्य है। पाँच से सात साल की उम्र के बीच पहली अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के लिए कोई शुल्क नहीं है। सात साल की उम्र के बाद, 100 रुपये का शुल्क लिया जाएगा।

आधार शुल्क नया आधार नामांकन – निःशुल्क अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट – निःशुल्क जनसांख्यिकी अद्यतन – 50 रुपये बायोमेट्रिक अपडेट – 100 रुपये आधार में परिवर्तन नाम में आंशिक परिवर्तन – दो बार जन्मतिथि में परिवर्तन – एक बार। दूसरी बार अपवाद है। जन्म प्रमाण पत्र आवश्यक है। पता, मोबाइल नंबर और फोटो – जितनी बार चाहें उतनी बार बदला जा सकता है। यहां संपर्क करें हेल्पलाइन नंबर – 1947 ईमेल – help , uidai.gov.in यहां से स्थिति जांचें आप MyAadhaar पोर्टल https://myaadhaar.uidai.gov.in/ के ज़रिए अपने आधार की स्थिति देख सकते हैं। आप m-Aadhaar ऐप के ज़रिए भी ऐसा कर सकते हैं। इसकी मदद से आप PVC कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं, अपना पता बदल सकते हैं और अपने बायोमेट्रिक्स लॉक कर सकते हैं। आप आधार में अपने परिवार के मुखिया का पता भी बदल सकते हैं। आप अपना ई-आधार भी डाउनलोड कर सकते हैं।

“म्यूचुअल फंड मैनेजर्स को जोमैटो से लेकर जेएसडब्ल्यू स्टील पर हो रहा भरोसा, अगस्त में लगा दिए इतने पैसे”

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म्यूचुअल फंड मैनेजर्स को जोमैटो से लेकर जेएसडब्ल्यू स्टील पर हो रहा भरोसा, अगस्त में लगा दिए इतने पैसे…

भारतीय बाजार में भले ही बीते कई महीनों से बिकवाली हाबी हो. लेकिन कुछ कंपनियां हैं जिन पर म्यूचुअल फंड कंपनियां भी भरोसा जता रही हैं. मार्केट की उठा-पटक के बीच में भी फंड मैनेजर्स ने जोमैटो यानी इटरनल, जेएस स्टील सहित इंफोसिस में पैसा लगाया है.

आइए जानते हैं कि अगस्त महीने में म्यूचुअल फंड कंपनियों के फेवरेट स्टॉक कौन से रहे हैं.

ध्यान देने वाली यह है कि इन कंपनियों में फंड मैनेजर्स ने ऐसे समय में पैसा लगाया है. जब उनकी हिस्सेदारी बीते महीने के मुकाबले कम रही है. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसार, घरेलू म्यूचुअल फंडों के लिए इक्विटी एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) अगस्त 2025 में महीने-दर-महीने (एमओएम) 0.6 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 36.2 ट्रिलियन रुपये रह गया है.

यहां हुई है तगड़ी खरीदारी इटरनल- मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेस के अनुसार, जोमैटो की पैरेंट कंपनी इटरनल फंड मैनेजरों के बीच सबसे पसंदीदा शेयर रहा है. अगस्त के दौरान म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स में 12.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई और विभिन्न योजनाओं में 24.59 करोड़ शेयर जोड़े गए. इटरनल में म्यूचुअल फंड की कुल होल्डिंग बढ़कर 216.5 करोड़ शेयर हो गई, जिसका मूल्य 68,000 करोड़ रुपये है.

श्रीराम फाइनेंस-इटरनल के बाद फंड मैनेजर्स ने श्रीराम फाइनेंस अच्छी खासी खरीदारी की है. अगस्त 2025 में इसकी होल्डिंग 6.9 प्रतिशत बढ़कर 19.4 करोड़ शेयर हो गई, जिसका मूल्य 11,290 रुपये करोड़ था.

जेएसडब्ल्यू स्टील- म्यूचुअल फंडों की जबरदस्त भागीदारी वाला एक और नाम जेएसडब्ल्यू स्टील रहा, जिसके शेयरों की हिस्सेदारी 6.4 प्रतिशत बढ़ गई, जिसके बाद इसकी कुल वैल्यू 10,920 करोड़ रुपये हो गई.

इन्फोसिस-भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनियों में से एक, इन्फोसिस भी एमओएसएल की सूची में प्रमुखता से शामिल रही. इन्फोसिस में म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी मासिक आधार पर 5.2 प्रतिशत बढ़कर 82.4 करोड़ शेयर हो गई, जिसकी कुल वैल्यू 1,21,140 करोड़ हो गई. हालांकि, अगस्त में इसके शेयर में 2.6 प्रतिशत की गिरावट आई, जिससे बड़ी आईटी कंपनियों पर दबाव बना रहा.

बजाज फिनसर्व-इंफोसिस, जेएस स्टील के अलावा, बजाज फिनसर्व ने भी निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा. इस कंपनी में भी म्यूचुअल फंड कंपनियों ने बढ़िया पैसा लगाया. एमओएसएल ने बताया कि कंपनी में म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी मासिक आधार पर 5 प्रतिशत बढ़कर 11.2 करोड़ शेयर हो गई, जिसका मूल्य 21,460 करोड़ रुपये है. हालांकि, इसके शेयरों में भी अगस्त में कंपनी के शेयर में 1.8 प्रतिशत की गिरावट आई थी.

“सऊदी-पाकिस्तान में डील, क्या अब भारत के लिए मुश्किल होगा ऑपरेशन सिंदूर 2.0?”

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पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हाल ही में हुए नए रक्षा समझौते ने दक्षिण एशियाई सामरिक परिदृश्य में नई हलचल पैदा कर दी है. यह समझौता केवल रक्षा सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रशिक्षण, हथियारों की आपूर्ति, संयुक्त सैन्य अभ्यास और तकनीकी सहयोग की संभावनाएं भी निहित हैं.

भारत के संदर्भ में यह घटनाक्रम विशेष महत्व रखता है क्योंकि भारत वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में अपने सामरिक, आर्थिक और कूटनीतिक हितों को मजबूती से साधने में जुटा है. ऐसे समय में जब भारत वैश्विक रक्षा और कूटनीतिक प्रभाव बढ़ाने की दिशा में बढ़ रहा है, तब सऊदीपाक गठजोड़ उसके लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है.

सऊदी-पाक रक्षा समुझौते की अहम बातें इस नए समझौते के अंतर्गत कुछ मुख्य बिंदु जो सामने आए हैं, कुछ इस प्रकार हैं.

सैन्य प्रशिक्षण एवं विशेषज्ञता का आदान-प्रदान पाकिस्तान के पास लंबे समय से एक संगठित सैन्य संरचना है. सऊदी अरब अपने सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण और संचालन में पाकिस्तान की मदद चाहता है. संयुक्त सैन्य अभ्यास भविष्य में दोनों देशों की सेनाएं मिलकर आतंकवाद विरोधी और सामरिक स्तर के अभ्यास करेंगी. इससे पश्चिम एशिया में पाकिस्तान की सैन्य पैठ बढ़ेगी. रक्षा तकनीक और हथियारों की आपूर्ति सऊदी अरब अपने रक्षा आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान को वित्तीय मदद और संभावित हथियार खरीद का मौका दे सकता है.

रक्षा खुफिया तंत्र साझा करना दोनों देश भविष्य में खुफिया जानकारी साझा करने के लिए भी सहमत होते दिख रहे हैं. यह समझौता पाकिस्तान को आर्थिक व सामरिक दोनों स्तर पर मजबूती देगा और सऊदी अरब को क्षेत्रीय सुरक्षा में एक नया सहयोगी प्रदान करेगा.

भारत के लिए संभावित चुनौतियां खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक संतुलन: भारत सऊदी अरब के साथ ऊर्जा, निवेश और प्रवासी भारतीयों के लिहाज से बेहद घनिष्ठ संबंध रखता है. ऐसे में सऊदी अरब पाकिस्तान की नजदीकी भारत के लिए कूटनीतिक चुनौती है, क्योंकि यह भारत-सऊदी सहयोग की सीमाओं को कमजोर कर सकती है.

जानिए कैसे? पाकिस्तान को रणनीतिक लाभ :  अगर सऊदी अरब पाकिस्तान को प्रत्यक्ष वित्तीय मदद या हथियार उपलब्ध कराता है, तो यह भारत- पाक सामरिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है.

नौसैनिक उपस्थिति के लिए बाधाएं: भारत की नौसैनिक ताकत हिंद महासागर और खाड़ी क्षेत्र में सक्रिय रूप से मौजूद है. सऊदीपाक सैन्य अभ्यास या सहयोग के चलते भारत के लिए वहाँ स्वतंत्र संचालन करना अपेक्षाकृत कठिन हो सकता है.

संकटकाल में आ सकता है दबाव: संकटग्रस्त हालात में नागरिकों की सुरक्षित निकासी या मानवीय मिशन के दौरान पाकिस्तानसऊदी साझेदारी भारत के लिए बाधा उत्पन्न कर सकती है, खासकर जटिल सुरक्षा परिदृश्यों में.

भारत के लिए क्या हैं संभावित अवसर? सऊदी अरब और पाकिस्तान में हुए रक्षा समझौते के बाद सब कुछ खत्म नहीं हो जाता, न ही रास्ते बंद होते हैं. भारत के पास कई ऐसे मौके हैं जिनका फायदा उठाकर वह अपनी स्थिति मज़बूत बना सकता है. यूं भी आज भारत को कोई भी देश हल्के में नहीं ले सकता. उसके दो प्रमुख कारण हैं-पहला बाजार और दूसरा उसकी ताकत.

संतुलित कूटनीति भारत दोनों देशों-सऊदी अरब और पाकिस्तान-के सामरिक समीकरणों को अच्छी तरह से जानता है. भारत चाहे तो सऊदी अरब के ऊर्जा और निवेश सहयोग को और अधिक मजबूत कर अपने हितों को सुरक्षित कर सकता है.

गठबंधन राजनीति में लचीलापन भारत संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और ओमान जैसे खाड़ी देशों के साथ रक्षा सहयोग पहले से बढ़ा रहा है. यह सहयोग भारत को विकल्प प्रदान करेगा कि अगर सऊदीपाक धुरी मजबूत होती है तब भी उसके पास वैकल्पिक साझेदार बने रहें.

नौसैनिक शक्ति का प्रदर्शन भारतीय नौसेना लगातार मल्टीनेशनल अभ्यासों में हिस्सा लेती है. ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के तहत भारत अपनी नौसैनिक ताकत और मानवतावादी दृष्टिकोण दोनों को दिखाकर अन्य देशों का विश्वास जीत सकता है.

रणनीतिक स्वायत्तता का लाभ भारत न तो किसी सैन्य गठबंधन का हिस्सा है, न ही उसकी नीति किसी एक ध्रुव पर निर्भर है. इस स्वायत्तता की नीति के कारण भारत को लचीलापन हासिल है.

वैश्विक परिपेक्ष में क्या मायने रखता है ताजा समझौता सऊदी अरब-पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते को वैश्विक राजनीति से अलग नहीं देखा जा सकता. अमेरिका, चीन और रूस जैसी महाशक्तियां पहले से ही खाड़ी क्षेत्र में प्रभाव बनाए हुए हैं.

अमेरिका सऊदी अरब का परंपरागत सहयोगी है.चीन, सऊदी अरब और पाकिस्तान दोनों से ही गहरे आर्थिक संबंध रखता है. रूस ऊर्जा राजनीति के माध्यम से इस क्षेत्र में अपनी भूमिका बढ़ाना चाहता है. भारत को इस जटिल परिदृश्य में संतुलन साधना होगा और यह कूटनीति से ही संभव है.

क्या हो सकती है भविष्य की रणनीति

  1. ऊर्जा सुरक्षा को प्राथमिकता: भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा खाड़ी से आता है. इसलिए ऊर्जा समझौते और दीर्घकालिक अनुबंधों पर जोर देना होगा.
  2. प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा: खाड़ी क्षेत्र में लगभग 80 लाख भारतीय काम करते हैं. किसी भी रक्षा सहयोग या तनाव की स्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना भारत की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी.
  3. सुरक्षा सहयोग का विस्तार: भारत को यूएई और ओमान जैसे देशों के साथ नौसैनिक आधार और अभ्यास को और मजबूत करना होगा.
  4. बहुपक्षीय मंचों का इस्तेमाल: जी20, शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स जैसे मंचों पर भारत अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकता है, ताकि सऊदी अरब और पाकिस्तान दोनों को संतुलित संदेश मिले.

ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की स्थिति में आगे का रास्ता? अब सवाल उठता है कि अगर पाकिस्तान फिर से कोई नापाक हरकत करता है और भारत को ऑपरेशन सिंदूर 2.0 चलाना पड़े तो क्या हालात बनेगे?

हालांकि सऊदी अरब-पाकिस्तान समझौते की जो बातें बाहर आई हैं, उसके मुताबिक एक पर हमला, दूसरे पर भी माना जाएगा. मतलब पाकिस्तान पर हमला होगा तो उसे सऊदी अरब खुद पर हमला मानेगा. पर, यह व्यवहार में उतना आसान नहीं है. यह कोई मोहल्ले के पड़ोसियों की लड़ाई नहीं है. वैश्विक राजनीति में इस तरह के समझौते होते रहते हैं. हां, भारत को सतर्क रहना होगा.अगर ऑपरेशन सिंदूर-2 जैसी कोई स्थिति बनती है तो उसे ऑपरेशन से पहले सऊदी अरब को भरोसे में लेना होगा. क्योंकि भारत खुद से हमला न करने के लिए संकल्पबद्ध है ऐसे में ऑपरेशन सिंदूर जैसी स्थिति में दुश्मनों का विनाश लक्ष्य होगा. आतंकवाद के मुद्दे पर पूरी दुनिया एक है तब हमें अपनी पेशबंदी मजबूत रखनी होगी.

विदेश नीति भी बनेगी मददगार मूल रूप से भारत की विदेश नीति और सामरिक कूटनीति का वह पहलू है, जिसके जरिए भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा, विदेशी धरती पर बचाव अभियानों और आपदा प्रबंधन में तेजी के साथ काम करता है. दूसरे शब्दों में, यह भारत की हार्ड पावर और सॉफ्ट पावर दोनों का सम्मिलन है, जहां एक ओर भारत अपनी नौसेना और वायुसेना के दम पर खाड़ी क्षेत्र में सक्रिय रहता है, वहीं दूसरी ओर मानवीय सहायता और आपदा राहत मिशनों के ज़रिए अपनी छवि को मजबूती देता है.

सऊदी – पाक रक्षा समझौता निश्चित तौर पर भारत के लिए नई कूटनीतिक और सामरिक चुनौतियां लेकर आया है. लेकिन भारत की बहुआयामी विदेश नीति, आर्थिक ताकत और मजबूत नौसैनिक उपस्थिति इस बात को सुनिश्चित करती है कि वह किसी भी एक सामरिक धुरी पर निर्भर नहीं है. भारत न केवल अपनी नागरिक सुरक्षा और मानवीय पहलू को मजबूत कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी सक्रिय, जिम्मेदार शक्ति की छवि भी बना रहा है. यदि भारत ऊर्जा हितों की रक्षा, प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और संतुलित कूटनीति पर ध्यान रखता है तो सऊदीपाक गठजोड़ उसकी राह में बड़ी बाधा नहीं बनेगा. बल्कि, यह भारत को और अधिक सक्रिय और प्रभावी बनने का अवसर भी दे सकता है. हां, सतर्क दृष्टि जरूर रखना होगा.

“Petrol diesel price : 19 सितंबर 2025 के दिन पेट्रोल डीजल का रेट कम हुए या ज्यादा ,देखें आज के ताजा रेट”

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19 सितंबर 2025 के दिन पेट्रोल डीजल : आज देश में तेल कंपनियों ने 19 सितंबर 2025 को ईंधन के रेट अपडेट कर दिए हैं। यह नए रेट सुबह-सुबह 6:00 बजे जारी हुए हैं आप अपने शहर में चल रहे पेट्रोल डीजल के दामों को नीचे दी गई लिस्ट में देख सकते हैं।

भारत के बड़े शहरों में आज पेट्रोल डीजल के रेट नई दिल्ली पेट्रोल 94.77 डीजल 87.67।

कोलकाता पेट्रोल 105.41 डीजल 92.02।
मुंबई पेट्रोल 103.50 डीजल 90.03।
चेन्नई पेट्रोल 100.80 पेट्रोल 92.39।
गुरुग्राम पेट्रोल 95.51 डीजल87.97।
नोएडा पेट्रोल 94.85 डीजल 87.98।
बेंगलुरु पेट्रोल 102.92 डीजल 90.99।
भुवनेश्वर पेट्रोल 101.35 डीजल 92.92।
चंडीगढ़ पेट्रोल 94.30 डीजल 82.45।
हैदराबाद पेट्रोल 107.46 डीजल 95.70।
जयपुर पेट्रोल 104.72 डीजल90.21।
लखनऊ पेट्रोल 94.58 डीजल 87.68।
पटना पेट्रोल 105.60 डीजल 91.83।
तिरुवनंतपुरम पेट्रोल 107.49 डीजल96.48।
असम पेट्रोल 98.46 डीजल 89.68।
बिहार पेट्रोल 105.60 डीजल 91.83।
चंडीगढ़ पेट्रोल 94.30 डीजल 82.45।
छत्तीसगढ़ पेट्रोल 99.44 डीजल 93.39।

घर बैठे एसएमएस के द्वारा ऐसे चेक करें पेट्रोल डीजल के रेट  आप घर ऑफिस में बैठे भी पेट्रोल डीजल के रेट जान सकते हैं यह आप ऑनलाइन ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर भी देख सकते हैं। इंडियन ऑयल के ग्राहक आरएसपी के साथ शहर का कोड लिखें और 922 499 2249 पर एसएमएस भेज दें। आपके पास शहर की पेट्रोल पंप के अनुसार रेट लिस्ट आ जाएगी।

बीपीसीएल के ग्राहक आरएसपी लिखें और 922 311 2222 पर भेज दें फिर आपको एसएमएस के जरिए रेट का पता चल जाएगा।

“Bank New Rule: बैंक ग्राहक सावधान! खाते में 10,000 से कम बैलेंस हुआ तो कटेगा पैसा”

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जैसा कि आप लोगों को मालूम है कि बैंक के द्वारा अब आपको अपने बैंक खाते में मिनिमम 10000 की राशि रखनी होगी अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको बड़ी जुर्माना देना पड़ सकता है हाल के दिनों मे बैंक के द्वारा कहा गया है कि यदि आपके पास सेविंग अकाउंट है तो आपको 10000 की राशि रखनी होगी ऐसे में सेविंग अकाउंट संबंधित नया नियम क्या है उसके बारे में पूरी जानकारी हम आपको आर्टिकल में देंगे.

सेविंग अकाउंट संबंधित नया नियम क्या हैबैंक में 10000 की राशि रखने का नियम क्यों बनाया गया?

सेविंग अकाउंट संबंधित नया नियम क्या है आपको बता दे कि यदि आपके पास भी सेविंग अकाउंट है तो आपको अपने खाते में 10000 की राशि रखना होगा नहीं तो आपको कई प्रकार के चार्ज और जुर्माना देना पड़ सकता है जो आपके लिए एक प्रकार का आंतरिक आर्थिक बोझ होगा.इसलिए आपकी जानकारी के लिए बता दे की बैंक के द्वारा जो नियम बनाया गया है उसका पालन आपको करना होगा .

बैंक में 10000 की राशि रखने का नियम क्यों बनाया गया?

यदि आप भी सेविंग अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं तो आपको अपने खाते में 10000 रखने होंगे नहीं तो आपको आर्थिक जुर्माना देना पड़ सकता है.इस नियम को बनाने का प्रमुख मकसद कस्टमर को कई प्रकार के डिजिटल सेवा का लाभ देना है ताकि कस्टमर आसानी से बैंकिंग सुविधा का लाभ ले सके. इसके संदर्भ में बैंक के द्वारा कहा गया है कि बैंक को कई प्रकार के डिजिटल सेवा लाभ देने के लिए अतिरिक्त पैसा खर्च करना पड़ रहा है.जिसके कारण बैंक के ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है यही वजह है कि बैंक के द्वारा 10000 की राशि आपको अपने अकाउंट में रखनी होग .

ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी है

आपको बता दे कि जो लोग ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं उनके पास इतने पैसे नहीं है क्यों अपने बैंक खाते में 10000 की न्यूनतम राशि रख सके.जिसके कारण हमको कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. ऐसे मेरी आप भी ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं तो आप प्रधानमंत्री जनधन खाता का इस्तेमाल कर सकते हैं क्योंकि इसमें आपको कोई भी पैसे रखने की जरूरत नहीं है.इसके पीछे की वजह है कि जनधन खाता एक न्यूनतम बैलेंस अकाउंट है.

“School Holiday: 22 सितंबर को अचानक छुट्टी का ऐलान, देश के सभी स्कूल-कॉलेज, बैंक व दफ्तर बंद”

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सरकार ने राज्यवासियों को बड़ी खुशखबरी दी है. सितंबर माह में पहले से ही कई त्योहारों और अवसरों पर छुट्टियां तय की गई थीं और अब इसमें एक और अवकाश जुड़ गया है. सरकार ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए घोषणा की है कि 22 सितंबर (सोमवार) को महाराजा अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में पूरे राज्य में सार्वजनिक अवकाश (Monday School Holiday) रहेगा.

इस दिन पंजाब के सभी सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, स्कूल-कॉलेज और अन्य सरकारी दफ्तर पूरी तरह बंद रहेंगे.

महाराजा अग्रसेन जयंती पर छुट्टी क्यों घोषित की गई?किन संस्थानों पर लागू होगा यह अवकाश?छात्रों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहतसोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है #MondayHolidayकब से प्रभावी होगा आदेश?

महाराजा अग्रसेन जयंती पर छुट्टी क्यों घोषित की गई? महाराजा अग्रसेन भारतीय इतिहास में एक महान समाज सुधारक, व्यापारी वर्ग के आदर्श और अग्रवाल समाज के संस्थापक माने जाते हैं. उनकी जयंती पर हर साल देशभर में भव्य आयोजन होते हैं. पंजाब सरकार ने उनके योगदान को सम्मान देने के लिए इस बार 22 सितंबर को सरकारी अवकाश (Maharaja Agrasen Jayanti Holiday) घोषित किया है, जिससे लोग इस दिन सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग ले सकें.

किन संस्थानों पर लागू होगा यह अवकाश? पंजाब सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, Monday School Holiday का असर पूरे राज्य पर होगा. इस दिन निम्नलिखित संस्थान बंद रहेंगे: सभी सरकारी और निजी स्कूल (Punjab School Holiday) सभी कॉलेज, विश्वविद्यालय और कोचिंग संस्थान सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे आंगनबाड़ी केंद्र, डे-केयर सेंटर और स्थानीय निकायों के कार्यालय हालांकि, अस्पताल, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी.

छात्रों और कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत इस अवकाश से न केवल सरकारी कर्मचारियों बल्कि छात्रों को भी राहत मिलेगी. सितंबर माह में लगातार कई परीक्षाएं और कक्षाएं चल रही थीं, ऐसे में यह Monday School Holiday उन्हें मानसिक रूप से रिफ्रेश होने का मौका देगा. कर्मचारियों को भी परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा.

सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है #MondayHoliday जैसे ही पंजाब सरकार की ओर से 22 सितंबर Holiday का आदेश जारी हुआ, सोशल मीडिया पर #MondayHoliday और #MaharajaAgrasenJayanti है. शटैग ट्रेंड करने लगे. कई यूजर्स ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे एक सराहनीय कदम बताया है.

कब से प्रभावी होगा आदेश? पंजाब सरकार का आदेश 22 सितंबर (सोमवार) को पूरे दिन के लिए प्रभावी रहेगा. इस दिन सभी शैक्षणिक व सरकारी संस्थान बंद रहेंगे और अगले दिन यानी मंगलवार से सभी संस्थान सामान्य रूप से फिर से खुल जाएंगे. सरकार ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि वे इस आदेश की जानकारी कर्मचारियों और छात्रों तक समय रहते पहुंचा दें.

पंजाब सरकार का यह निर्णय राज्यवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. Monday School Holiday की घोषणा से न केवल छात्रों और कर्मचारियों को आराम मिलेगा बल्कि वे महाराजा अग्रसेन जयंती जैसे महत्वपूर्ण अवसर को परिवार व समाज के साथ मना सकेंगे. इस अवकाश से सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को भी बढ़ावा मिले.

“सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला! 2026 से फिर लौटेगी पुरानी पेंशन, कर्मचारियों में खुशी की लहर”

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Old Pension Scheme Again Start: सरकारी नौकरी करने वाले हर व्यक्ति की एक बड़ी चिंता होती है रिटायरमेंट के बाद आय का क्या होगा? पहले पुरानी पेंशन योजना (OPS) इस चिंता को खत्म कर देती थी, लेकिन इसके बंद होने के बाद कर्मचारियों में असुरक्षा बढ़ गई थी.

लेकिन हम आपको बता दे कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सरकार को निर्देश दिए गए हैं. कि दोबारा से पुरानी पेंशन प्रणाली को लागू किया जाए ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि 2026 में पुरानी पेंशन प्रणाली शुरू हो सकता है जिसके बारे में पूरा विवरण हम आपको आर्टिकल में देंगे चलिए जानते हैं-

पुरानी पेंशन योजना क्यों है खास?सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसलासरकार का बड़ा ऐलान – 2026 से लागू होगी OPS कर्मचारियों और परिवारों में खुशी की लहर पुरानी पेंशन योजना क्यों है खास?

आपकी जानकारी के लिए बताने की पुरानी पेंशन प्रणाली काफी अच्छी थी इसमें आपको रिटायरमेंट के बाद एक करता है. राशि पेंशन के तौर पर दी जाती थी. जिसका उपयोग आप अपने परिवार के आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कर सकते हैं. ताकि बुढ़ापे में आपको दूसरे व्यक्ति के ऊपर निर्भर बनाना पड़े इसके अलावा पुराने पेंशन प्रणाली के दौरान जो व्यक्ति रिटायर होते थे उनका जीवन में एक निश्चित आय प्राप्त होती थी. जिससे उनकी मानसिक शांति बनी रहती थी।नई पेंशन योजना (NPS) आने के बाद कर्मचारियों को पेंशन का भरोसा नहीं रहा था. इसी कारण OPS को दोबारा लागू करने की मांग लगातार हो रही थी।

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला कर्मचारियों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा पेंशन सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि कर्मचारी का अधिकार है. यह उसके भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा विषय है.”सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि पुरानी पेंशन योजना दोबारा लागू की जाए, ताकि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रह सके.

सरकार का बड़ा ऐलान – 2026 से लागू होगी OPS सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार ने भी घोषणा की है कि: 2026 में पुरानी पेंशन योजना को दोबारा से देश में लागू किया जाएगा. जिसका लाभ सभी केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा इसके लिए जरूरी प्रक्रिया और विशेष प्रकार के गाइडलाइन जल्दी जारी होंगे. इसलिए आपको थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा.

कर्मचारियों और परिवारों में खुशी की लहर जैसे ही यह खबर आई, कर्मचारियों के बीच खुशी का माहौल बन गया. अब रिटायरमेंट के बाद आय की चिंता नहीं रहेगी.परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी.लंबे समय से चल रहा आंदोलन सफल हुआ.कई कर्मचारियों ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद व्यक्त किया है.उन्होंने कहा कि आज भी देश में कानून जिंदा है और न्यायालय ने एक अच्छा फैसला दिया है हम उसकी तारीफ करते हैं और न्यायालय को आभार व्यक्त करते हैं.

सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार का यह निर्णय देशभर के लाखों कर्मचारियों के लिए राहत की बड़ी खबर है। 2026 से OPS लागू होने के बाद कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित होगा और रिटायरमेंट के बाद भी उनके आर्थिक और सामाजिक जीवन में बदलाव आएगा.