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“Stock Market Strategy: निफ्टी का मजबूत सपोर्ट 25,146-25,110 पर, निवेशकों के लिए लॉन्ग पोजीशन फायदेमंद”

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भारतीय शेयर बाजार में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। निफ्टी 50 इंडेक्स 50-DEMA से ऊपर ट्रेड कर रहा है और डे हाई पर क्लोज हुआ है। टेक्निकल चार्ट्स और ऑप्शन डेटा संकेत दे रहे हैं कि बाजार में फिलहाल मोमेंटम बरकरार है और गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में देखा जा सकता है।

सीएनबीसी-आवाज़ के मार्केट एक्सपर्ट वीरेंद्र कुमार ने आज निफ्टी की ट्रेडिंग रणनीति साझा करते हुए प्रमुख लेवल्स और सेक्टोरल ट्रेंड्स पर रोशनी डाली।

महत्वपूर्ण रजिस्टेंस लेवल्स पहला रजिस्टेंस: 25,365-25,410

बड़ा रजिस्टेंस: 25,437-25,473 एक्सटेंडेड रजिस्टेंस: 25,519 इन लेवल्स को पार करना आसान नहीं होगा क्योंकि 25,500 के आसपास सबसे ज्यादा कॉल राइटिंग देखने को मिल रही है। यानी, यह स्तर शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए बड़ी बाधा बन सकता है।

अहम सपोर्ट लेवल्स पहला सपोर्ट:  25,239-25,273 बड़ा सपोर्ट / बेस: 25,110-25,146-25,186 मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि अगर दिन के दौरान गिरावट आती है, तो यह लेवल लॉन्ग पोजीशन के लिए मजबूत सपोर्ट का काम करेंगे। यानी शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स यहां खरीदारी कर सकते हैं।

ऑप्शन डेटा से मिले संकेत 25,300-25,200 ज़ोन में सबसे ज्यादा OI प्लेस्ड 25,500 पर सबसे ज्यादा कॉल राइटिंग हुई है, जो मार्केट में रजिस्टेंस का इशारा करती है।

पुट राइटिंग निचले लेवल्स पर सपोर्ट मजबूत होने का संकेत दे रही है। इससे साफ है कि इंडेक्स में फिलहाल बैल्स (खरीदार) का पलड़ा भारी है और राइटर्स भी सपोर्ट जोन पर ज्यादा एक्टिव हैं।

FIIs और शॉर्ट कवरिंग का असर फिलहाल FII ने कैश मार्केट में बिकवाली की है, लेकिन इंडेक्स फ्यूचर्स में शॉर्ट कवरिंग देखने को मिली। नेट शॉर्ट पोजीशन 1.50 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स तक पहुंच चुकी है। इससे साफ है कि शॉर्ट कवरिंग का मोमेंटम निफ्टी को सपोर्ट दे रहा है।

सेक्टोरल व्यू: बैंक और IT शेयरों में रफ्तार वीरेंद्र कुमार के अनुसार, फिलहाल  बैंकिंग और आईटी स्टॉक्स  में अच्छा मोमेंटम देखने को मिल रहा है। PSU बैंकों ने हाल में बड़े ब्रेकआउट के साथ लीडरशिप दिखाई है। अगर यह ट्रेंड बरकरार रहा तो बाजार को आगे भी मजबूत सपोर्ट मिलेगा।

मीडियम टर्म आउटलुक निफ्टी का मीडियम टर्म बेस: 55,010-54,840 पहली बाधा:  55,749-55,883 अगर यह पार हुआ तो अगला लक्ष्य:  56,083-56,231 इससे साफ है कि इंडेक्स अभी भी मजबूत ट्रेंड में है और आने वाले हफ्तों में बड़ी रैली देखने को मिल सकती है।

निवेशकों के लिए रणनीति बाजार में  लॉन्ग बने रहें शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स गिरावट का इंतजार करें और  25,239-25,273 सपोर्ट ज़ोन  पर खरीदारी करें। निफ्टी के लिए 25,146-25,110 अहम बेस बना हुआ है। 25,500 के ऊपर क्लोजिंग मिलती है तो निफ्टी नई ऊंचाई छू सकता है।

संक्षेप में, निफ्टी अभी भी मजबूत ट्रेंड में है। ऑप्शन डेटा और टेक्निकल चार्ट्स दोनों यह संकेत दे रहे हैं कि गिरावट पर खरीदारी करना सही रणनीति होगी। PSU बैंकों और IT सेक्टर में बने मोमेंटम से इंडेक्स को अतिरिक्त सपोर्ट मिल रहा है।

“Low CIBIL Score Update 2025: सिर्फ 2 नए RBI Rule बदलेंगे किस्मत, अब Loan लेना होगा आसान”

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कम सिबिल स्कोर वालों के लिए अब राहत की खबर है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल ही में ऐसे नियम बदले हैं, जिनसे अब कम CIBIL स्कोर वाले लोगों को भी लोन लेने में आसानी मिलेगी। अब तक जिन लोगों का क्रेडिट हिस्ट्री खराब था या स्कोर कम था, उन्हें बैंक और NBFCs आसानी से लोन नहीं देते थे।

इस वजह से कई बार जरूरत पड़ने पर भी लोग पैसों का इंतज़ाम नहीं कर पाते थे।

Low CIBIL Score Update 2025 स्कीम और फायदेआवेदन कैसे करें?गरीब और मध्यमवर्ग को बड़ी राहतनिष्कर्ष आरबीआई का यह नया कदम खासकर उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा जो समय पर अपनी ईएमआई नहीं चुका पाए या जिनका लंबा क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है। नए नियमों के बाद अब ऐसे ग्राहकों को ‘हाई रिस्क’ मानकर सीधे तौर पर मना नहीं किया जाएगा, बल्कि बैंक उनकी आय, जॉब प्रोफाइल और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड देखकर फैसला करेंगे।

इस नियम से लाखों लोग फायदा उठा सकते हैं, खासकर छोटे कारोबारियों, नए नौकरीपेशा और ग्रामीण इलाकों के उन ग्राहकों को जिनकी अभी तक लोन तक पहुंच मुश्किल थी। सरकार और आरबीआई का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को औपचारिक बैंकिंग और क्रेडिट सिस्टम से जोड़ना है।

Low CIBIL Score Update 2025 कम CIBIL स्कोर होने पर अक्सर लोगों को पर्सनल लोन, होम लोन या बिजनेस लोन लेने में कठिनाई आती थी। बैंकिंग सेक्टर में सिबिल स्कोर एक महत्वपूर्ण पैरामीटर होता है, जो यह बताता है कि व्यक्ति कितना भरोसेमंद उधारकर्ता है। आमतौर पर 750 से ऊपर का स्कोर अच्छा माना जाता है, लेकिन जिनका स्कोर 600 या उससे कम होता था, उन्हें लोन पाने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ती थी।

आरबीआई के नए बदलावों के मुताबिक अब बैंक और एनबीएफसी केवल CIBIL स्कोर के आधार पर निर्णय नहीं करेंगे। वे लोन देने के लिए ग्राहकों के  कैश फ्लो इन्कम प्रूफ रेगुलर पेमेंट्स  और  अर्निंग पॉवर  जैसी बातें भी देखेंगे। इससे पहली बार लोन लेने वाले लोग या जिनका स्कोर अच्छा नहीं है, वे भी आसानी से फाइनेंस तक पहुंच बना पाएंगे।

यह बदलाव “फाइनेंशियल इन्क्लूज़न” के तहत किया गया है ताकि सभी तबकों के लोग बैंकिंग सुविधाओं का समान लाभ उठा सकें। इससे छोटे व्यापारियों, सेल्फ-एम्प्लॉइड और ग्रामीण उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा होगा।

स्कीम और फायदे आरबीआई के इस कदम को एक प्रकार की नई पॉलिसी माना जा रहा है, जिसमें कम सिबिल स्कोर वालों के लिए विकल्प आसान कर दिए गए हैं। अब बैंक ग्राहक की संपूर्ण वित्तीय स्थिति को समझकर ही निर्णय लेंगे।

जिन लोगों का स्कोर अच्छा नहीं है, वे भी निम्नलिखित सुविधाएं पा सकेंगे: पर्सनल लोन की मंजूरी आसान  छोटे व्यापारियों के लिए बिजनेस लोन हाउसिंग और एजुकेशन लोन तक पहुंच डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म से आसानी से क्रेडिट इस बदलाव का एक बड़ा फायदा यह होगा कि फिनटेक और छोटे लेंडर्स भी अब सुविधाजनक ब्याज दरों पर ग्राहकों को लोन देंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्र, युवा और नई पीढ़ी को बिना ज्यादा झंझट के फाइनेंस मिलेगा।

आवेदन कैसे करें? अगर आपका सिबिल स्कोर कम है और आप लोन लेना चाहते हैं, तो अब यह आसान होगा। इसके लिए आपको कुछ दस्तावेज़ और जानकारी की जरूरत होगी: पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड) आय प्रमाण (सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, आईटीआर) रोजगार या बिजनेस का विवरण पिछले लोन या ईएमआई का रिकॉर्ड अगर हो तो लोन प्रोसेस के दौरान बैंक अब आपकी सैलरी, बिजनेस की कमाई और रीपेमेंट के प्रति ईमानदारी को आधार बनाएंगे। अगर इनका आंकलन सकारात्मक होता है, तो कम स्कोर के बावजूद लोन मंजूर हो सकता है। गरीब और मध्यमवर्ग को बड़ी राहत यह स्कीम खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहत लेकर आई है। कई बार लोगों को मेडिकल इमरजेंसी, पढ़ाई या शादी जैसे जरूरी कामों के लिए तुरंत धन की जरूरत होती है। मगर कम सिबिल स्कोर के चलते लोन नहीं मिल पाता था।

अब इस बाधा को कम कर दिया गया है। इससे लोग बिना पैसों की तंगी के अपने सपनों को पूरा कर पाएंगे। साथ ही ग्रामीण इलाकों में माइक्रो फाइनेंस और छोटे बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।

निष्कर्ष कम सिबिल स्कोर वालों को लोन मिलने की नई सुविधा एक ऐतिहासिक बदलाव है। अब लोग केवल अपने क्रेडिट हिस्ट्री की वजह से बैंकिंग सुविधाओं से वंचित नहीं होंगे। यह कदम आर्थिक समानता की ओर बड़ा प्रयास है और आने वाले समय में करोड़ों भारतीयों की जिंदगी को आसान बनाएगा।

New GST Rule: 22 सितंबर से लागू – 10 जरूरी चीजें मिलेंगी आधे दाम पर, लिस्ट देखें!

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नया GST नियम 22 सितंबर से लागू होगा, जिसके तहत कई वस्तुओं और सेवाओं पर GST (माल और सेवा कर) की दरों में कटौती की गई है। यह नियम सरकार की तरफ से आम जनता और व्यवसायों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है।

इस नए सुधार का मकसद टैक्स व्यवस्था को सरल बनाना, आम जाने वालों की खरीद क्षमता बढ़ाना और व्यापार करने में आसानी प्रदान करना है।

New GST Rule: Latest details नए GST नियम की विशेष बातेंइस योजना का उद्देश्य और सरकार की छविनिष्कर्ष 22 सितंबर से, GST की पुरानी 12% और 28% स्लैबों को हटाकर केवल दो नई स्लैब लागू की जाएंगी – 5% और 18%। इसके अलावा, कुछ विशेष वस्तुओं और विलासिता के सामानों पर 40% का उच्च टैक्स भी जारी  रहेगा। इससे आम वस्तुओं की कीमतों में खासा कमी आएगी और लोगों को आधे दाम में कई चीजें मिलेंगी। यह बदलाव न सिर्फ घरेलू ग्राहकों के लिए बल्कि छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए भी फायदेमंद होगा।

सरकार की योजना है कि इस सुधार के जरिए टैक्स संग्रहण अधिक प्रभावी और पैसा वसूलने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए। साथ ही, इस नियम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का प्रबंधन और रिफंड प्रक्रिया भी आसान होगी। इसका असर देश के आर्थिक विकास और उत्पादन लागत में कमी के रूप में दिखेगा।

New GST Rule: Latest details इस नए GST नियम के अंतर्गत जो सबसे बड़ा बदलाव किया गया है, वह है टैक्स स्लैबों का पुनर्गठन। पहले जहां 5%, 12%, 18% और 28% जैसे अलग-अलग दरें थी, अब टैक्स केवल दो मुख्य स्लैबों-5% और 18% में होगा। इस बदलाव के कारण अनेक दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे खाद्य पदार्थ, पैकेज्ड खाने-पीने की चीजें, दवाइयां, फल, सब्जियां, और साधारण घरेलू वस्तुएं अब सस्ती होंगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि 5% की स्लैब में रोजमर्रा की जरुरी चीजें और पैकेज्ड फूड, छोटे घरेलू सामान, दवाएं, फुटवेयर, आदि आएंगे। वहीं, 18% की स्लैब में बैंकिंग, टेलिकॉम सेवाएं, रेस्टोरेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, और अन्य सेवाएं शामिल रहेंगी। इस बदलाव से 12% और 28% स्लैब वाली वस्तुओं पर टैक्स दर घटेगी, जिससे उपभोक्ताओं को खरीद में राहत मिलेगी।

इसके अलावा, विलासिता की वस्तुओं, जैसे 1200 सीसी से अधिक वाली कारें, 350 सीसी से अधिक बाइकें, और कुछ तम्बाकू उत्पादों पर 40% की उच्च दर लागू रहेगी ताकि सरकार इन वस्तुओं से अधिक राजस्व प्राप्त कर सके। इस तरह का परिवर्तन सामाजिक न्याय और आर्थिक सुधार दोनों के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई GST नीति में, टैक्स की दर कटौती के साथ-साथ इनवॉइसिंग और भुगतान के समय लागू होने वाले नियमों को भी अपडेट किया गया है। यदि कोई खरीदी या सेवा की इनवॉइस 22 सितंबर के बाद जारी होती है और भुगतान भी इसके बाद होता है, तो नई दरें लागू होंगी। इससे व्यापारी और उपभोक्ता दोनों को नियमों के पालन में सुविधा होगी।

सरकार ने इस सुधार के साथ यह भी बताया कि उनका मकसद कर प्रणाली को ज्यादा सुव्यवस्थित करना और IT प्रणाली के जरिए टैक्स रिफंड तथा पंजीकरण प्रक्रिया को भी सरल बनाना है। इससे MSME सेक्टर, किसानों, महिलाओं और मध्यम वर्ग को भी फायदा होगा जो अक्सर टैक्स प्रक्रिया में जटिलताओं का सामना करते हैं।

इस नए GST नियम से उद्योग जगत को भी फायदा होगा क्योंकि एक जैसा टैक्स स्लैब होने से लॉजिस्टिक्स और इनवॉइसिंग का काम आसान होगा। इस नियम के लागू होने से कारोबार तेज होगा और भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

नए GST नियम की विशेष बातें पुराने 12% और 28% टैक्स स्लैबों को खत्म कर सिर्फ 5% और 18% स्लैब लागू होंगे।

रोजमर्रा के जरूरी सामान जैसे फलों, सब्जियों, पैकेज्ड खाद्य पदार्थ, दवाइयों पर टैक्स कम होगा।

विलासिता और तम्बाकू उत्पादों पर 40% टैक्स दर जारी रहेगी।

टैक्स भुगतान की तारीख के आधार पर नई या पुरानी दर लागू होगी।

ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) नियमों में बदलाव होगा, जिससे कर प्रक्रिया सरल होगी।

MSME, किसानों, महिलाओं और मध्यम वर्ग के लिए यह नियम राहत लेकर आएगा।

टैक्स दरों में कटौती से वस्तुओं की कीमतों में कमी आएगी।

यह बदलाव आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा और साथ ही व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी।

इस योजना का उद्देश्य और सरकार की छवि यह GST सुधार भारत सरकार की बड़ी पहल है जिससे देश की टैक्स व्यवस्था को सद्यंत्र, निष्पक्ष और विकासोन्मुख बनाया जाएगा। सरकार चाहती है कि टैक्स दरों में कमी से आम आदमी को सस्ती वस्तुएं मिले और व्यापार में भी बड़ा फायदा हो। इससे वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता आएगी और युद्ध और महंगाई की परिस्थितियों में भी लोगों को राहत मिलेगी।

इस सुधार का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को जाता है, जिन्होंने GST काउंसिल की बैठक में इस पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया। यह नियम भारत के GST के आठवें वर्ष में एक बड़ा प्रतिस्थापन यानी “GST 2.0” के रूप में जानला जाता है, जो टैक्स प्रशासन को डिजिटल और अत्याधुनिक बनाने का प्रण करता है।

निष्कर्ष 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाला नया GST नियम आम जनता के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतें कम होंगी और व्यापार में नियम सरल बनेंगे। सरकार के इस कदम से आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी और आम आदमी के लिए जीवन कुछ हद तक सस्ता होगा। पूरे देश में इस बदलाव का सकारात्मक असर दिखेगा।

यह कदम GST प्रणाली को और अधिक आसान, पारदर्शी और लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। सरकार ने इस बदलाव के जरिए समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत बनेगी।

“Income Tax Return 2025-26: ITR Filing की तारीख बढ़ी? नई Deadline यहां देखें”

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आयकर रिटर्न (Income Tax Return) भरना हर साल एक जरुरी काम होता है, खासतौर पर उन लोगों के लिए जो टैक्सेबल इनकम कमाते हैं। हर वित्तीय वर्ष के बाद सरकार एक तय तारीख रखती है, जिस दिन तक आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना होता है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए (जो Assessment Year 2025-26 कहलाएगा) इस बार भी तमाम टैक्सपेयर्स के मन में यह सवाल है कि क्या ITR Filing की तारीख बढ़ी है या नहीं।

Income Tax Return 2025-26: ITR Filing की तारीख क्या बढ़ी?ITR Filing Deadline 2025-26 का पूरा विवरण (Main Terms and Dates) ITR फाइल ना करने पर पेनल्टी और ब्याजITR फ़ाइलिंग के फायदे और जरूरी बातें ITR फॉर्म्स में बदलाव ITR फाइलिंग संबंधी महत्वपूर्ण बातेंसारांश में – ITR Filing Date 2025 Important Points Disclaimer; पिछले सालों की तरह इस साल भी कई बदलाव और विस्तार हुए हैं ताकि टैक्सपेयर्स को रिटर्न दाखिल करने में आराम मिल सके। खासकर ऑनलाइन पोर्टल की तकनीकी दिक्कतों और नए फॉर्म्स की वजह से सरकार ने कुछ अतिरिक्त समय दिया। इस लेख में जानेंगे आयकर रिटर्न 2025-26 की तारीखों के बारे में, किसे कब फाइल करना है, लेट फीस और पेनल्टी क्या हैं, और ये सब आधिकारिक सरकारी जानकारी के आधार पर।

Income Tax Return 2025-26: ITR Filing की तारीख क्या बढ़ी? केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 (Assessment Year 2025-26) के लिए ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख को बढ़ा कर 15 सितंबर 2025 कर दिया है। पहले यह तारीख 31 जुलाई 2025 थी, लेकिन कई कारणों से जैसे नई ITR फॉर्म्स का जारी होना, टीडीएस विवरणों का विलम्ब से उपलब्ध होना, और पोर्टल की दिक्कतें, सरकार ने इस तारीख को बढ़ाया।

यह विस्तार विशेषकर उन टैक्सपेयर्स के लिए है जिन्हें ऑडिट की जरूरत नहीं होती। जो लोग ऑडिट कराते हैं या जिनके व्यवसाय की जांच जरूरी है, उनके लिए अंतिम तारीख अलग होती है।

अगर कोई टैक्सपेयर 15 सितंबर तक ITR फाइल नहीं करता है तो वह 31 दिसंबर 2025 तक लेट रिटर्न (Belated Return) दाखिल कर सकता है, लेकिन इसके लिए पेनल्टी और ब्याज देना पड़ सकता है।

सरकारी वेबसाइट्स और आधिकारिक परिपत्रों के अनुसार, फिलहाल कोई और विस्तार की घोषणा नहीं हुई है, इसलिए सभी टैक्सपेयर्स को अपनी ITR समय पर फाइल करनी चाहिए ताकि पेनल्टी से बचा जा सके।

ITR Filing Deadline 2025-26 का पूरा विवरण (Main Terms and Dates)

श्रेणी (Taxpayer Category ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख (Due Date व्यक्ति / HUF / AOP / बिना ऑडिट वाले 15 सितंबर 2025 जिन व्यवसायों को ऑडिट की जरूरत है 31 अक्टूबर 2025 जिनके इंटरनेशनल या स्पेसिफाइड डोमेस्टिक ट्रांजेक्शन हैं 30 नवंबर 2025 संशोधित रिटर्न (Revised Return 31 दिसंबर 2025 लेट या बेलैटेड रिटर्न (Belated Return) 31 दिसंबर 2025 अपडेटेड रिटर्न (Update Return) 31 मार्च 2030 (4 साल बाद तक) ITR फाइल ना करने पर पेनल्टी और ब्याज यदि 15 सितंबर तक ITR फाइल नहीं करते तो 31 दिसंबर तक बेलैटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

लेट फीस के रूप में ₹5,000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है (यदि आय ₹5 लाख से कम है तो ₹1,000 तक)।

Section 234A के तहत, बकाया टैक्स पर प्रति माह 1% ब्याज देना होगा।

यदि आयकर रिटर्न समय पर नहीं फाइल करते, तो टैक्स रिफंड में भी देरी हो सकती है।

ITR फ़ाइलिंग के फायदे और जरूरी बातें रिटर्न फाइल करना टैक्स नियमों का पालन करने के लिए जरूरी है। सही समय पर ITR फाइल करने से पेनल्टी और ब्याज से बचा जा सकता है।

ITR फाइलिंग बैंक लोन, वीजा, और अन्य वित्तीय कामों के लिए जरूरी दस्तावेज़ होती है।

यदि आपके पास पूंजीगत हानि या व्यापार हानि है, तो समय पर ITR फाइल करने पर आप उसे आगे के वर्षों में समायोजित कर सकते हैं।

ITR फॉर्म्स में बदलाव इस वर्ष नए फॉर्म जारी किए गए हैं, जिनमें कुछ नियम और डिटेल्स अपडेट किए गए हैं। इसलिए टैक्सपेयर्स को ITR फाइल करते समय नए फॉर्म का उपयोग करना चाहिए। इसके कारण भी कुछ दिक्कतें हुईं, जो ITR डेट बढ़ाने का एक कारण बनी।

ITR फाइलिंग संबंधी महत्वपूर्ण बातें 15 सितंबर 2025 तक ITR फाइल करना सबसे बढ़िया होगा ताकि पेनल्टी और ब्याज से बचा जा सके।

जो लोग फॉर्म्स या पोर्टल की वजह से दिक्कत महसूस कर रहे हैं, उन्हें भी जल्द से जल्द फाइल करने की कोशिश करनी चाहिए।

ऑडिट करने वाले टैक्सपेयर्स को ध्यान देना चाहिए कि उनकी अंतिम तारीख अलग है।

ITR फाइल करने के बाद रिटर्न वेरिफाई करना भी जरूरी होता है।

सारांश में – ITR Filing Date 2025 Important Points

ITR की मुख्य अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 तक बढ़ाई गई है लेट रिटर्न 31 दिसंबर 2025 तक फाइल की जा सकती है, लेकिन पेनल्टी देनी होगी।

व्यवसाय और ऑडिट वाले मामलों के लिए अंतिम तारीख अलग है।

ITR फॉर्म में बदलाव के कारण यह विस्तार दिया गया। पेनल्टी के अलावा ब्याज भी देना पड़ सकता है, इसलिए समय पर फाइल करें।

यह जानकारी आधिकारिक सरकार के स्रोतों और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) की घोषणाओं पर आधारित है। वर्तमान में आयकर रिटर्न फाइलिंग की अंतिम तारीख 15 सितंबर 2025 तक बढ़ाई गई है। हालांकि, अभी तक इस तारीख को और बढ़ाने की कोई सरकारी घोषणा नहीं हुई है। इसलिए टैक्सपेयर्स को सलाह दी जाती है कि समय पर अपना रिटर्न फार्म भरकर जमा करें ताकि बाद में पेनल्टी और ब्याज से बचा जा सके। किसी भी अफवाह, फर्जी खबर या काल्पनिक तारीखों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों से ही जानकारी लें।

“विदेश जाना होगा महंगा, वीजा के शुल्क में हुई बढ़ोतरी, 1 अक्टूबर से नया शुल्क होगा लागू, अब देना होगा डबल पैसा”

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अब अमेरिका जाने का सपना आपके लिए महंगा साबित होगा। डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा वीजा इंटीग्रिटी शुल्क लगाने का ऐलान किया गया है। 1 अक्टूबर से नया शुल्क लगाया जाएगा इसके बाद आप विदेश में आसानी से सफर नहीं कर पाएंगे।

1 अक्टूबर से वीजा फीस में बढ़ोतरी हो जाएगी। यही वजह है कि अभी के समय में ज्यादा से ज्यादा लोग वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं और वीजा आवेदन की रफ्तार भी चार गुनी हो चुकी है।

डोनाल्ड ट्रंप ने साइन किया नया बिल  डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा 4 जुलाई को वन बिग ब्यूटीफुल बल अधिनियम के अंतर्गत गैर अप्रवासी वीजा पर 250 डॉलर यानी की 21539 रुपए की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया गया था। यह नया शुल्क 1 अक्टूबर से लागू होगा इसके बाद भारत के लोगों को अमेरिका जाने के लिए 435 यानी की 36700 देना होगा।

हर दिन आते थे 300, अब आ रहे 900 आवेदन टूर एंड ट्रैवल ऑपरेटर डॉ. छवि सिंघल बताती हैं, वीजा इंटीग्रिटी शुल्क में वृद्धि (VISA Fee Hike) के डर से लोग 1 अक्टूबर के पहले वीजा आवेदन दे रहे हैं। रोज संख्या बढ़ रही है। पहले प्रदेशभर से दिनभर में 300 वीजा के आवेदन आते थे, अब इनकी संख्या 900 पार हो चुकी है।

अभी के समय में अपॉइंटमेंट की वेटिंग 370 से 420 दिन तक हो गई है और अमेरिका जाने वाले लोगों को आवेदन देने के बाद बायोमेट्रिक और इंटरव्यू अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया भी पूरी करनी होती है। दिल्ली मुंबई चेन्नई हैदराबाद और कोलकाता के दूतावास में इस प्रक्रिया को पूरा करना होता है। आप अगर अमेरिका जाने की सोच रहे हैं तो आपकी परेशानी बढ़ सकती है क्योंकि ट्रम्प ने वीजा शुल्क में बढ़ोतरी किया है और अब आपको ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे। आपको भी अगर वीजा के लिए अप्लाई करना है तो नया शुल्क आपको जानना चाहिए।

“भारतीय बाजार में उछाल के संकेत, फेड रेट कट से बढ़ी उम्मीदें”

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शेयर बाजार में आज तेज़ी की उम्मीद बनी हुई है, क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिज़र्व ने रात में ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की। इस खबर से विदेशी बाजारों में मिलीजुली प्रतिक्रिया के बावजूद घरेलू इंडेक्सों पर सकारात्मक असर की संभावना जताई जा रही है।

 सुबह करीब 7:15 बजे Gift Nifty 25,508 के आसपास ट्रेड कर रहा था और इससे बाजार के गैप-अप खुलने की उम्मीद मजबूत हुई है।

अमेरिकी बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। डॉव जोन्स मजबूत बंद हुआ जबकि एसएंडपी और नैस्डैक में हल्की गिरावट आई। फेड चेयरमैन ने हालांकि संकेत दिया कि यह कटौती लगातार कटौतियों की शुरुआत नहीं है, इसलिए आगे की नीतिगत राह पर अनिश्चितता बनी हुई है। एशियाई सूचकांकों ने भी मिश्रित प्रदर्शन दिया पर कुल मिलाकर जोखिम संपत्तियों के लिए भावनाएँ बेहतर नजर आ रही हैं।

स्थानीय रूप से, आज कुछ कंपनियों पर निवेशकों की निगाहें टिकी होंगी। Cohance Lifesciences में प्रमोटर ब्लॉक डील की खबर से वैल्यूएशन पर असर हो सकता है। Indosolar में प्रमोटर द्वारा हिस्सेदारी बिकने की योजना से स्टॉक पर सक्रिय व्यापार देखने को मिल सकता है। Biocon की सहायक कंपनी को यूएस रेगुलेटर से बायोसिमिलर मंजूरी की खबर शेयर के मूवमेंट का कारण बन सकती है। Dixon Technologies का बड़ा अधिग्रहण और Bombay Dyeing में नियुक्ति संबंधी घोषणा भी संबंधित सेक्टर में दिलचस्पी बढ़ा सकती हैं।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय सेक्टर्स में भी कुछ समाचार प्रभाव डाल सकते हैं। B R Goyal Infrastructure की मजबूत ऑर्डर बुक और Aavas Financiers द्वारा संभावित एनसीडी इश्यू बाजार धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। बैंकिंग सेक्टर में बैंक-टू-बैंक शेयर शिफ्ट और कॉर्पोरेट शेयरों की बिक्री जैसी गतिविधियाँ कुछ स्टॉक्स में वॉलेटिलिटी बढ़ा सकती हैं। Cochin Shipyard और Central Bank of India से जुड़ी कॉन्ट्रैक्ट व कैपिटल प्लान्स भी ध्यान आकर्षित करेंगे।

निवेशक आज प्रमुख आर्थिक संकेतकों, ग्लोबल मार्गदर्शन और उपरोक्त कंपनियों से जुड़ी कॉर्पोरेट सूचनाओं पर ध्यान दें। जोखिम-प्रबंधन और टाइमली जानकारी का पालन कर छोटे और मध्य अवधि के ट्रेडिंग फैसले लेना लाभदायक रहेगा। दिन भर में लिक्विडिटी, विदेशी फंड प्रवाह और निर्मित तकनीकी स्तर विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण संकेत देंगे। सावधानी अपनाएँ हमेशा।

“Indian Railway :  इस त्यौहारी सीजन ट्रेन से सफर होगा मुश्किल, रेलवे ने बदल दिया ये जरूरी नियम, देखें”

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त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है ऐसे में बड़े पैमाने पर को ट्रेन से सफर करते हैं। रेलवे के द्वारा सफर से जुड़े नियमों में समय-समय पर बदलाव किया जाता है ताकि लोग आसानी से यात्रा कर सके।

रेलवे के द्वारा बताए गए नियमों का हर व्यक्ति को पालन करना होता है वरना तगड़ा जुर्माना लग सकता है।

हमारे देश में रोजाना लाखों की संख्या में यात्री ट्रेन से यात्रा करते हैं। ट्रेन से यात्रा करना जितना आरामदायक होता है उतना ही कम खर्चीला भी होता है। आपको भी अगर ट्रेन से यात्रा करना है तो रेलवे के द्वारा बनाए गए नियमों का हर हर में पालन करें वरना सफर के दौरान आपकी परेशानियां बढ़ सकती है।

त्यौहार में अगर आपको ट्रेन से सफर करना है तो रेलवे के द्वारा बनाए गए नियमों का और आदमी पालन करना होगा वरना आपकी परेशानियां काफी बढ़ सकती है।

रेलवे ने लगेज से जुड़े नियमों में एक बार फिर से बदलाव किया है। अगर आप लिमिट से अधिक लगेज लेकर जाएंगे तो आपकी परेशानी बढ़ जाएगी। तो आईए जानते हैं रेलवे के द्वारा वालों से जुड़े नियमों में क्या बदलाव किया गया है।

इंडियन रेलवे के द्वारा ट्रेन में अतिरिक्त लगेज लेकर यात्रा करने वालों पर सख़्ती करने का फैसला लिया गया है। अगर कोई यात्री अब तय सीमा से अधिक सामान लेकर सफर करता है तो रेलवे उसपर भारी जुर्माना लगाएगा। यह जुर्माना किराए के डेढ़ गुना से ज्यादा हो सकता है।

यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए रेलवे ने उठाया बड़ा कदम रेल अधिकारियों का कहना है कि यह बड़ा कदम यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए उठाया गया है। रेल अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को तय वजन से अधिक लगेज लेकर यात्रा करनी है तो उसे स्टेशन पर लगेज बुक कराना होगा। लगेज बुक कराने के लिए रेलवे ने विशेष काउंटर बनाया है।

हर श्रेणी के लिए अलग-अलग लगेज की सीमा तय की गई है। तय सीमा से अधिक सामान लेकर जाना आपकी मुश्किले बढ़ सकता है। तो आईए जानते हैं किस कोच में कितना सामान लेकर जा सकते हैं आप… रेलवे ने ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों के लिए समान साथ ले जाने का लिमिट तय किया है। अगर आप फर्स्ट एसी में सफर कर रहे हैं तो आप 70 किलो तक सामान ले जा सकते हैं।

अगर आप सेकंड एसी कोच में सफर कर रहे हैं तो आप अपने साथ 50 किलो तक सामान ले जा सकते हैं। अगर थर्ड एसी कोच में सफर कर रहे हैं तो अपने साथ 40 किलो तक सामान ले जा सकते हैं। आप अगर स्लीपर क्लास में सफर कर रहे हैं तो अपने साथ 80 किलो तक सामान ले जा सकते हैं। ज्यादा सामान ले जाने पर लगेगा जुर्माना इंडियन रेलवे के द्वारा सामान को लेकर जो नियम बनाया गया है उसका अगर कोई व्यक्ति उल्लंघन करता है तो उसपर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। अगर आपके पास अधिक समान है तो बेहतर होगा कि आप लगेज बुक करा ले।

“देश में तेजी से फैल रहा है ‘दिमाग खाने वाले अमीबा का खतरा’, जानिए डॉक्टरों से इससे बचने का उपाय”

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केरल में पिछले कुछ दिनों से दिमाग खाने वाले अमीबा का खतरा बढ़ गया है। इस सूक्ष्मजीव का नाम नेगलेरिया फाऊलेरी है। आम बोलचाल की भाषा में इसे दिमाग खाने वाला अंबा कहा जाता है।

केरल में इसके 67 मामले सामने आ चुके हैं और 18 लोगों की मौत भी हो चुकी है। बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री बीना जॉर्ज ने तत्काल जल सुरक्षा और इससे निपटने का निर्देश जारी किया है।

सामने जानकारी के अनुसार बढ़ते तापमान के वजह से अमेबिक मेनिनजाइटिस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यह अमीबा से होने वाला एक घातक रोग है जो पूरे दिमाग को खो जाता है मौत हो जाती है। तो आईए जानते हैं कैसे बचे इस बीमारी से… बेंगलुरु के एक न्यूरोलॉजिस्टिक डॉ नितिन कुमार ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि हाल ही में ब्रेन अमीबा से जुड़े मामले सामने आए हैं जो की बेहद ही गंभीर मेडिकल कंडीशन है। इसमें मृत्यु दर काफी अधिक हो जाती है यानी कि अधिकतर मरीज इसके संक्रमण से बच ही नहीं पाते हैं। इस अमीबा को आमतौर पर दिमाग खाने वाला अमीबा के नाम से जाना जाता है। गंदगी के वजह से यह उत्पन्न होता है इसके साथ ही यह पानी के अंदर भी उत्पन्न होता है। गर्म स्थलों पर यह काफी ज्यादा फैलता है। स्विमिंग पूल गया किसी नदी में इसका प्रजनन दर बढ़ जाता है और जब मनुष्य के संपर्क में आता है तो यह दिमाग में घुस जाता है।

डॉक्टर ने बताया कि जब कोई व्यक्ति पानी में तैरता है तो नाक के जरिए यह दिमाग में चला जाता है और ब्रायन को खाने लगता है। इससे अभी तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। जब यह अमीबा दिमाग में चला जाता है तो मिर्गी का दौरा पड़ने लगता है।

अगर आपको इसका लक्षण दिखे तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें तभी आपकी जान बच सकती है। आप गंदगी भर पानी में स्नान करने से बचें।

“इधर नीतीश कुमार और अमित शाह मिले उधर NDA में सेट हो गया सीटों का फॉर्मूला? देखें आंकड़े”

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बिहार में इस साल (2025) होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारी तेज हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बिहार में हैं. डेहरी ऑनसोन और बेगूसराय में उनका कार्यक्रम है.

इस बीच पटना में नीतीश कुमार ने अमित शाह से मुलाकात की. चुनाव के साथ-साथ सीट शेयरिंग आदि पर भी चर्चा हुई. दूसरी ओर सबसे बड़ा सवाल है कि एनडीए में शामिल दलों को आखिर कितनी सीटें इस बार मिलेंगी?

इस बार मांझी को मिल सकती हैं 6-7 सीटें बिहार में विधानसभा की 243 सीटें हैं. एनडीए में बिहार में पांच दल बीजेपी, जनता दल यूनाइटेड, एलजेपी रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा है. सूत्रों की मानें तो ताजा आंकड़ा निकलकर आ रहा है उसके अनुसार, बिहार में 243 में से जेडीयू 102-103, बीजेपी- 101-102, एलजेपी रामविलास 25-28, हम- 6-7 और आरएलएम 4-5 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.

अमित शाह और नीतीश कुमार की बंद कमरे में करीब 20 मिनट तक हुई मुलाकात हुई. इसी बीच सूत्रों से एनडीए में सीट शेयरिंग का उक्त फॉर्मूला सामने आया है. 2024 के लोकसभा चुनाव के फॉर्मूले पर ही विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारा होने की संभावना है. बीजेपी 17, जेडीयू 16, एलजेपी रामविलास पांच सीटों पर, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) एक-एक सीट पर चुनाव लड़ी थी.

2020 में किसके खाते में थी कितनी सीटें? 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव की बात करें तो जेडीयू के खाते में 122 सीटें थीं. इसमें से सात सीटें हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को पार्टी ने दे दी थी. बीजेपी के कोटे में 121 सीटें थीं. बीजेपी ने अपने कोटे की 11 सीटें विकासशील इंसान पार्टी को दी थी. देखा जाए तो जेडीयू 115 सीटों, बीजेपी 110 सीटें पर 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में लड़ी थी. 74 सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशी जीते थे. जनता दल यूनाइटेड के 43 कैंडिडेट चुनाव जीत कर आए थे.

वोट चोरी के आरोपों पर रविशंकर प्रसाद- लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी वोट चोरी का आरोप लगाते हुए लगातार मोदी सरकार पर हमलावर…

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लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी वोट चोरी का आरोप लगाते हुए लगातार मोदी सरकार पर हमलावर हैं. वो कई बार सरकार और चुनाव आयोग पर सीधे आरोप लगा चुके हैं. इसी मामले को लेकर गुरुवार (18 सितंबर, 2025) को एक बार फिर से राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

उनके आरोपों को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद रविशंकर प्रसाद ने पलटवार किया है.

पटना में मीडिया से बात करते हुए रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ना कानून समझते हैं ना सुप्रीम कोर्ट को समझते हैं. जिस तरह से वो (राहुल गांधी) बयानबाजी कर रहे हैं यह उनकी हताशा दिखा रहा है.

राहुल के आरोपों पर क्या बोले रविशंकर प्रसाद रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी के आरोपों को लेकर कहा कि वो विपक्ष के नेता हैं कुछ तो सभ्यता से बोलें. सब जानते हैं वह किस हैसियत से विपक्ष के नेता बने हैं. उनको जनता ने नकार दिया है. उन्होंने आगे कहा कि जबसे मोदी जी पीएम बने हैं यह उनको (राहुल गांधी) को सही नहीं लग रहा है.

राहुल गांधी ने इस बार क्या आरोप लगाए कांग्रेस सांसद ने 31 मिनट के प्रेजेंटेशन में वोट चोरी के आरोप लगाए और सबूत दिखाने का दावा किया. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग जानबूझकर कांग्रेस के वोटरों को निशाना बना रहा है और उनके नाम डिलीट कर रहा है. बता दें कि राहुल गांधी इस बार अपने साथ कर्नाटक के उन वोटर्स को भी लेकर आए, जिनके नाम वोटर्स लिस्ट से डिलीट किए गए.

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उन लोगों की रक्षा कर रहे हैं, जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है. उन्होंने फिर कहा कि महाराष्ट्र, हरियाणा और यूपी में यही हो रहा है.