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India’s Real Estate Sector – भारत में तेजी से उभर रहा रियल एस्टेट मार्केट, 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान; रिपोर्ट…

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India’s Real Estate Sector: एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2047 तक मांग में वृद्धि, बढ़ते संस्थागतकरण और मजबूत आर्थिक विकास की संभावनाओं के चलते कुल ऑफिस स्टॉक 2 अरब वर्ग फुट से अधिक होने की संभावना है।

साथ ही, रियल एस्टेट सेक्टर बाजार के 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। कोलियर्स ने कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के सहयोग से एक रिपोर्ट में ये आंकड़े दिए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में ‘ग्रेड ए’ ऑफिस स्टॉक 2010 से तीन गुना बढ़कर वर्तमान में 80 करोड़ वर्ग फुट से अधिक हो गया है। यह वृद्धि टेक्नोलॉजी, बीएफएसआई, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) और घरेलू कंपनियों की बढ़ती मांग के कारण हुई है।

2047 तक दोगुनी होगी सालाना घर बिक्री औद्योगिक और वेयरहाउसिंग के क्षेत्र में, ग्रेड ए स्टॉक का स्तर 2025 में 250 मिलियन वर्ग फुट के आंकड़े को पार कर गया, जो मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, निजी क्षेत्र की भागीदारी और उपभोक्ता मांग के साथ-साथ वेयरहाउसिंग आवश्यकताओं में वृद्धि के कारण 2010 के स्तर की तुलना में कई गुना बढ़ गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इनकम लेवल में अनुमानित वृद्धि और प्रगतिशील आवास नीतियों के समर्थन से, 2047 तक वार्षिक आवास बिक्री दोगुनी होकर 10 लाख यूनिट हो सकती है।

भारत में तेजी से हो रहा शहरीकरण भारतीय शहरों का तेजी से शहरीकरण हो रहा है। 2050 तक कुल जनसंख्या का 53 प्रतिशत हिस्सा शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग होंगे, जो कि वर्तमान में 37 प्रतिशत है। कोलियर्स इंडिया के नेशनल डायरेक्टर और रिसर्च हेड विमल नादर ने कहा, “भारत न केवल अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहा है; बल्कि शहरी जीवन के भविष्य की पुनर्कल्पना भी कर रहा है।

भारत का रियल एस्टेट क्षेत्र सभी परिसंपत्ति वर्गों में तेज गति से बहुआयामी विकास के लिए तैयार है। निरंतर सरकारी प्रोत्साहन और कई निजी व सार्वजनिक हितधारकों से भारत 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। इसके अलावा, भारतीय अर्थव्यवस्था 2047 तक 35-40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।

सकल घरेलू उत्पाद में योगदान लगातार बढ़ना है, जो कि 2000 के दशक की शुरुआत में 5 प्रतिशत से बढ़कर आज 6-8 प्रतिशत हो गया है और इसके 14-20 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। क्रेडाई के प्रेसिडेंट शेखर पटेल ने कहा, “2047 तक, भारतीय रियल एस्टेट को केवल वर्ग फुट या संपत्ति के मूल्य में नहीं मापा जाएगा बल्कि यह लाखों नागरिकों के लिए हमारे द्वारा निर्मित जीवन की गुणवत्ता से परिभाषित होगा।

घरेलू निवेशकों ने संभाला मोर्चा, FPI की बिकवाली रहा बेअसर; जीएसटी रिफॉर्म से बाजार को मजबूती…

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से जुड़ी चिंताओं और 4 अरब डॉलर से अधिक की एफआईआई की बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार में कई कारकों की वजह से एक बड़ी गिरावट टल गई है।

इन कारकों में घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की खरीदारी, जीएसटी रेट्स को रेशनलाइज बनाने को लेकर आशावाद, पहली तिमाही के मजबूत जीडीपी आंकड़ों और ऑटोमोबाइल शेयरों में तेजी शामिल हैं। यह जानकारी शुक्रवार को आई एक रिपोर्ट में दी गई।

एचएसबीसी म्यूचुअल फंड के अनुसार, डीआईआई ने 10.8 अरब डॉलर का निवेश किया, जिससे एफआईआई द्वारा की गई 4.3 अरब डॉलर की बिकवाली की भरपाई हो गई। इसकी वजह से अगस्त में बाजार मामलूी गिरावट तक सीमित रहा। सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः 1.5 प्रतिशत और 1.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

जुलाई में गिरा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़ों को मजबूत सेवाओं और विनिर्माण क्षेत्र का समर्थन प्राप्त था। जुलाई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक घटकर 1.6 प्रतिशत रह गया, जो आठ वर्षों में सबसे कम है, जिससे बाजार में खरीदारी को बल मिला। ऑटो सेक्टर ने जीएसटी दरों में कटौती का लाभ उठाते हुए बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि ऑयल एंड गैस, बिजली और रियल एस्टेट क्षेत्र पिछड़ गया। एसएंडपी ने भारत की सॉवरेन रेटिंग को बीबीबी- से बढ़ाकर बीबीबी (स्टेबल) कर दिया, जो लगभग दो दशकों में पहली बार हुआ, जिससे इस महीने शेयर बाजार को भी बढ़ावा मिला।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिकी फैसले का करेंसी, इक्विटी और बॉन्ड बाजारों पर असर पड़ा। राजकोषीय चिंताओं के कारण भारतीय मुद्रा कमजोर हुई। जीडीपी के 4.4 प्रतिशत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्य के पूरा होने की उम्मीद है, हालांकि कमजोर कर संग्रह और जीएसटी रेट्स को रेशनलाइज बनाने से कुछ जोखिम पैदा होंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई ने 2025 में ब्याज दरों में 100 आधार अंकों की कटौती की योजना बनाई है और अब इसमें कुछ समय लग सकता है।

इस बीच, लिक्विडिटी पर्याप्त बनी हुई है, जिससे डेट मार्केट में अल्पकालिक यील्ड को समर्थन मिल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक व्यापार संबंधी चुनौतियों और टैरिफ दबावों के बावजूद भारत के मैक्रो फंडामेंटल बेहतरीन जीडीपी वृद्धि, सौम्य मुद्रास्फीति और एक सहायक नीतिगत पृष्ठभूमि के साथ मजबूत और बेहतर बने हुए हैं।

“मणिपुर समेत तीन पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, 7300 करोड़ की विकास परियोजनाओं की की देंगे सौगात”

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“मणिपुर समेत तीन पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, 7300 करोड़ की विकास परियोजनाओं की की देंगे सौगात”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी असम समेत तीन पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री 13 सितंबर को मणिपुर के चूड़चंदपुर के पीस ग्राउंड से 7,300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

चूड़चंदपुर में कुकी बहुसंख्ययक हैं। 2023 में राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद पीएम मोदी की यह पहली यात्रा होगी।

चूड़चंदपुर में कुकी बहुसंख्ययक हैं पीएम मोदी मैतेयी बहुल इंफाल से 1,200 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनजर इंफाल और चूड़चंदपुर जिला मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

2023 से हो रही मैतेयी और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा मणिपुर में मई 2023 से मैतेयी और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में 260 लोग मारे गए और हजारों बेघर हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि पीएम मोदी पड़ोसी राज्य मिजोरम की अपनी आधिकारिक यात्रा के साथ मणिपुर की यात्रा भी करेंगे, लेकिन सरकार या भाजपा की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई।

हालांकि, इंफाल में गुरुवार शाम लगाए गए होर्डिंग में प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। मणिपुर के एकमात्र राज्यसभा सदस्य लीशेम्बा सनाजाओबा ने प्रधानमंत्री की यात्रा को लोगों और राज्य के लिए ”बहुत सौभाग्यशाली” बताया।

इस बीच राज्य और केंद्रीय बलों के कर्मियों को इंफाल के कांगला किले और चूड़चंदपुर में पीस ग्राउंड के चारों ओर बड़ी संख्या में तैनात किया गया है। कंगला किले में भव्य मंच बनाया जा रहा है। केंद्रीय सुरक्षा अधिकारियों की टीम भी चूड़चंदपुर पहुंच गई है।

पीएम मोदी की मणिपुर यात्रा से पहले शीर्ष सैन्य अधिकारी ने भारत-म्यांमार सीमा पर अग्रिम इलाकों समेत विभिन्न जिलों में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की है। रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि स्पीयर कोर के जनरल आफिसर कमां¨डग लेफ्टिनेंट जनरल अभिजीत एस. पेंढारकर ने सुरक्षा समीक्षा की।

चूड़चंदपुर में उपद्रवियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प मणिपुर के कुकी बहुल चूड़चंदपुर जिले में दो स्थानों पर गुरुवार शाम बदमाशों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई। बदमाशों ने सड़कों पर लगे बैनर और कटआउट फाड़ दिए तथा पियर्सनमुन गांव और फिलियन बाजार में प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिया। बदमाशों ने सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर भी फेंके।

आइजल से नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे पीएम मोदी रेलवे मिजोरम की राजधानी आइजल को राष्ट्रीय राजधानी, गुवाहाटी और कोलकाता से जोड़ने वाली तीन जोड़ी नई ट्रेन सेवाएं शुरू करने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को बैराबी-सैरांग नई रेलवे परियोजना के उद्घाटन करेंगे और तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे में पीएम मोदी असम भी जाएंगे। असम में वह 18,000 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मारीशस के प्रधामंत्री डा. नवीन चंद्र रामगुलाम के बीच द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों के बीच कई समझौते…

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भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मारीशस के प्रधामंत्री डा. नवीन चंद्र रामगुलाम के बीच द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए। इसमें बुनियादी सुविधा, तकनीक, स्वास्थ्य आदि शामिल रहा।

इस सब के बीच यह देखने में आया कि भारत-मारीशस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने का रास्ता धार्मिक जुड़ाव भी है। मारीशस के प्रधानमंत्री आठ दिन की भारत यात्रा पर हैं। इस दौरान उनके पड़ाव पर नजर डालें तो धार्मिक प्रगाढ़ता साफ दिखती है। काशी अपने आप में अपनी हिंदू धर्म संस्कृति के लिए जानी जाती है और यहीं पर द्विपक्षीय समझौते हुए। वह अपने तीन दिवसीय दौरे में विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती देखी। इतना ही नहीं वह स्वयं दीप लेकर आरती करते रहे।

उनकी यात्रा में श्री काशी विश्वनाथ का विधि विधान से दर्शन-पूजन भी शामिल है। यह उनकी सनातन के प्रति श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। वैसे काशी में इस आयोजन के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यहां से सांसद होना और उनकी ऐसे आयोजनों को देश भर में करने को जाता है।

काशी में आयोजन के पीछे पूर्वांचल के इलाके का गिरमिटिया मजदूर के रूप में मारीशस जाना और उसे अपने खून-पसीने से सींचकर समृद्ध करने से भी है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी से भोजन पर चर्चा के दौरान डा. रामगुलाम ने उन्हें बताया कि वह इसके पूर्व अपने पिता शिवसागर रामगुलाम अस्थि विसर्जन गंगा में करने के लिए 2014 में काशी आए चुके हैं। ये उनकी हिंदू कर्मकांड में आस्था का प्रतीक है।

इस यात्रा की धार्मिक प्रगाढ़ता यहीं नहीं खत्म होती है। रामगुलाम काशी के बाद अयोध्या में भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर देखने जाएंगे। श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के प्रति पूरी दुनिया के हिंदुओं में उत्साह है। रामगुलाम भी अपने को श्रीराम के दरबार में जाने से नहीं रोक सके। वह इसके बाद तिरुपति भी जाएंगे। इस प्रकार उनकी आठ दिवसीय यात्रा का काफी बड़ा हिस्सा धार्मिक है।

“दिल्ली के बाद अब बॉम्बे HC को मिली बम से उड़ाने की धमकी, खाली कराया गया परिसर”

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शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इस धमकी के बाद हड़कंप मच गया है। सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर को खाली कराया गया है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट में भी बम होने की खबर सामने आई थी, जिसके बाद पूरे परिसर को खाली कर के सघन जांच की जा रही है।

बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के अनुसार, बम की खबर मिलने के तुरंत बाद एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गईं। न्यायालय के पूरे परिसर को खाली कराया जा रहा है। पुलिस जांच में जुट गई है।

नोट: इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

बिहार में सीट शेयरिंग को लेकर BJP ने तय किया ‘फॉर्मूला’, चिराग पासवान के लिए भी गुड न्यूज…

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उपराष्ट्रपति चुनाव में एकजुटता दिखाने के बाद अब भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) बिहार की चुनावी तैयारी में जुट गया है। यहां अभी सीट बंटवारे को अंतिम रूप नहीं दिया गया।

हालांकि इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एनडीए के सभी घटक दलों की भूमिका को लेकर तस्वीर साफ कर दी है।

एनडीए के बीच सीट बंटवारे को लेकर इस माह के आखिर में फैसला होने की संभावना है। इस बीच भाजपा नेतृत्व ने सभी सहयोगी दलों के लिए एक फॉर्मूला तय कर दिया है। उन्हें आश्वस्त किया है कि उनको उनकी ताकत के अनुसार सीटें मिलेंगी, लेकिन वह किसी दल या नेता के दबाव में नहीं आएगी। यह भी साफ कर दिया गया है कि गठबंधन में कोई बड़ा भाई और छोटा भाई नहीं होगा, बल्कि सभी सहयोगी होंगे।

बिहार में एनडीए में पिछले विधानसभा चुनाव, बीते साल हुए लोकसभा चुनाव व मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार सीटों का बंटवारा होगा। भाजपा सूत्रों के अनुसार, भाजपा और जेडीयू के बाद सबसे ज्यादा सीटें लोजपा (रामविलास) को मिलेंगी। पिछले चुनाव में यह दल गठबंधन से बाहर था, लेकिन लोकसभा चुनाव साथ में मिलकर लड़ा था और उसका प्रदर्शन बेहतर रहा था। गठबंधन के अन्य प्रमुख सहयोगियों हम और रालोमो को भी उनकी ताकत तथा रणनीति के हिसाब से सीटें दी जाएंगी।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने साफ कर दिया है कि सीट बंटवारा जीत के आधाार पर होगा और किसी दल या नेता का दबाव स्वीकार नहीं होगा। इसके अलावा, गठबंधन में कोई बड़ा भाई या छोटा भाई नहीं होगा, सभी सहयोगी होंगे। जिसकी जितनी क्षमता व ताकत उसके अनुसार ही सीट बांटी जाएंगी। इसमें सामाजिक, राजनीतिक एवं क्षेत्रीय समीकरणों के साथ विपक्षी रणनीति को भी ध्यान में रखा जाएगा।

आपको बता दें कि बिहार की राजनीति में एनडीए में अभी तक जेडीयू ही सबसे अधिक सीटों पर लड़ती रही है। इस चुनाव में भी सीट शेयरिंग से पहले बिग ब्रदर की चर्चा होने लगी है। हालांकि अब सीट शेयरिंग की घोषणा के बाद ही तस्वीरें साफ होंगी।

नेपाल में भारतीयों की बस पर हमले के बाद लूटपाट, एयरलिफ्ट कर वापस लाए गए यात्री…

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नेपाल में हालात अभी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। सरकार विरोधी प्रदर्शन के नाम पर उपद्रवियों को भी पूरा मौका मिल गया है। गुरुवार को काठमांडू के पास ही उपद्रवियों ने भारतीय यात्रियों से भरी बस पर हमला कर दिया और यात्रियों का सामान लूटकर ले गए।

हमले में कई यात्री जख्मी भी हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक बस में ज्यादातर लोग आंध्र प्रदेश के रहने वाले थे। वे काठमांडू में पशुपति नाथ में दर्शन करके भारत कीओर लौट रहे थे। बस का नंबर यूपी का था।

उपद्रवियों ने पहले बस पर पत्थरबाजी की और इसके बाद यात्रियों के मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामना लूटने लगे। बस में सवार कम से कम 8 यात्रियों को चोटें आई हैं। जानकारी के मुताबिक नेपाली सेना के जवानों ने यात्रियों की मदद की। इसके बाद भारतीय दूतावासस को सूचना दी गई। सभी यात्रियों को काठमांडू से एयरलिफ्ट करके दिल्ली लाया गया। बस के ड्राइवर ने बताया कि उनकी बस यूपी में महाराजगंज के करीब सोनौली बॉर्डर पर पहुंची थी, तभी हमला हो गया।

ड्राइवर राज ने कहा कि उपद्रवियों ने बस का कोई भी शीशा सही सलामत नहीं छोड़ा।बता दें कि नेपाल में बिगड़े हालात के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल बंगाल में भी अलर्ट है। तीनों ही राज्यो में नेपाल सीमा से सटे जिलों में काफी सावधानी बरती जा रही है। वहीं भारत में फंसे नेपाली नागरिकों को वेरिफइकेशन के बाद वापस भेजा जा रहा है। नेपाल में फंसे भारतीय नागरिक भी धीरे-धीरे वापस आ रहे हैं। काठमांडू में भारतीय दूतावास ने उनके लौटने के इंतजाम किए हैं।

नेपाल की जेलों से भागे कैदी पकड़े गए नेपाल की जेलों से फरार होकर भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे लगभग 60 संदिग्ध नेपाली कैदियों को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के सतर्क जवानों ने भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ा। यह जानकारी सुत्रों ने गुरुवार को दी।

सूत्रों के अनुसार, इन संदिग्ध नेपाली कैदियों को एसएसबी कर्मियों ने उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में भारत-नेपाल सीमा पर पकड़ा। भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार एसएसबी इस स्थिति को देखते हुए हाई अलर्ट पर है और इसकी खुफिया शाखा भी सतर्क है तथा नेपाल सीमा से भारत में प्रवेश करने वाले प्रत्येक संदिग्धों पर नजर रख रही है।

भारत को चीन से दूर रखना चाहते हैं ट्रंप, QUAD को मजबूत करने के लिए जल्द आएंगे भारत..

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वार के कारण भारत के साथ खराब हुए रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है। दोनों ही देशों के नेतृत्व ने इसकी पहल की है। इस सबके बीच भारत के लिए नॉमिनेट किए गए नए राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप जल्द ही भारत का दौरा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि क्वाड देशों की बैठक में शामिल होने के लिए ट्रंप भारत आएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल तारीख तय नहीं हुई है।

गोर ने कहा, “Quad बैठक को लेकर बातचीत हो चुकी है। बिना सटीक तारीख बताए मैं कह सकता हूं कि राष्ट्रपति ट्रंप क्वाड की निरंतरता और उसके सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

पिछले साल यह रिपोर्ट आई थी कि क्वाड में शामिल भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया इस साल भारत में शिखर सम्मेलन आयोजित करने पर विचार कर रहे थे। 2024 का क्वाड शिखर सम्मेलन भारत में होने वाला था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के विदेश यात्रा में असमर्थ रहने और चुनावी व्यस्तताओं के चलते इसे अमेरिका शिफ्ट किया गया था। इस साल की बैठक पिछले साल सितंबर में राष्ट्रपति बाइडेन द्वारा आयोजित बैठक से अलग होगी, क्योंकि अमेरिका और जापान में नए नेतृत्व हैं।

सर्जियो गोर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप इस साल जापान की यात्रा कर चुके हैं और वहां के प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। उन्होंने कहा, “वे भी क्वाड का हिस्सा हैं और उन्होंने भी इस रिश्ते की अहमियत पर जोर दिया है, जिस पर हमें आगे काम करना है।

भारत को चीन से दूर रखना चाहते हैं ट्रंप गोर ने बताया कि हाल ही में अलास्का में दोनों देशों के 500 सैनिकों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित किया गया। उन्होंने कहा, “टैरिफ पर कुछ मतभेद जरूर रहे हैं, लेकिन भारत-अमेरिका संबंध कहीं ज्यादा गहरे और लंबे समय के भरोसे पर टिके हैं।” गोर ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका भारत के साथ अपने रिश्तों को इतना मजबूत करना चाहता है कि भारत चीन से दूरी बनाए। उनके अनुसार, “भारत का रिश्ता अमेरिका के साथ कहीं ज्यादा गर्मजोशी भरा है, न कि बीजिंग के साथ।”

आपको बता दें कि गलवान घाटी में संघर्ष के बाद भारत-चीन के रिश्तों में दूरी आई थी। इसके बाद से पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी महीने चीन का दौरा किया था। उस दौरान उन्होंने शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठकें भी की। इस दौरान तीनों नेताओं के बीच अभूतपूर्व समीकरण देखने को मिले था।

मॉनसून के असर से देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, IMD का अलर्ट…

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मॉनसून के असर से देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, मॉनसून अपनी सामान्य स्थिति के करीब है। अरब सागर के पूर्वी हिस्से में गहरा निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है, जिसके अगले 12 घंटों में कमजोर होने की संभावना है।

इसके प्रभाव से 12 से 17 सितंबर तक अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में हल्की से मध्यम बारिश होगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 सितंबर तक बहुत भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 12 सितंबर को और छत्तीसगढ़ में 12-13 सितंबर को बदरा बरसने वाले हैं। बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग तारीखों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 13 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है।

12-17 सितंबर तक महाराष्ट्र में अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तूफान और अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। मराठवाड़ा में 14 सितंबर तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। कोंकण और गोवा में 13-14 सितंबर को बहुत भारी बारिश संभावित है। गुजरात क्षेत्र में 14 से 16 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 सितंबर को, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 सितंबर को बदरा बरसने वाले हैं। हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को बारिश होगी। उत्तराखंड में 12 से 16 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान तूफान और अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु में 12 सितंबर को, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में 13 सितंबर तक बरसात होने वाली है।

बेंगलुरु में बारिश से राहत नहीं कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में अगले 48 घंटों तक आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। आईएमडी ने अपने बयान में कहा कि अगले तीन दिनों तक कलबुर्गी, विजयपुरा, बागलकोट, कोप्पल, बल्लारी और विजयनगर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। तटीय और आंतरिक कर्नाटक के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। राजधानी बेंगलुरु में पिछले 24 घंटों में भारी बारिश हुई। शहर में 52.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पड़ोसी कोलार जिले के तमका में 102 मिमी बारिश हुई।

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान आईएमडी ने अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में 15 सितंबर तक भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई है। साथ ही, संवेदनशील जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने दिन के समय कई जिलों में मूसलधार बारिश की संभावना जताई है। तवांग, पश्चिम कामेंग, पापुम पारे, पूर्वी कामेंग, लोअर सुबनसिरी, पूर्वी सियांग, पश्चिमी सियांग, दिबांग घाटी और अंजॉ में भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताते हुए कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी कामेंग, पापुम पारे, पक्के-केसांग, पश्चिमी कामेंग, पूर्वी सियांग और दिबांग घाटी जिलों में शुक्रवार को गरज-चमक के साथ हल्की या भारी बारिश हो सकती है। शनिवार को बारिश की तीव्रता और बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने नामसाई, चांगलांग, तिरप, लोहित और लोअर दिबांग घाटी के कुछ हिस्सों में गरज के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है।

“कोई फिलिस्तीन नहीं रहेगा, पूरी जमीन हमारी; बेंजामिन नेतन्याहू एक इंच हटने को तैयार नहीं”

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायल को लेकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह जगह इजरायल की है और आगे कोई फिलिस्तीन राज्य नहीं होगा। खास बात है कि फिलिस्तीनी समूह हमास और इजरायल के बीच अक्तूबर 2023 से ही संघर्ष जारी है। तब हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया था और 200 से ज्यादा लोगों को बंदी बना लिया था।

वेस्ट बैंक में बसाहट को लेकर गुरुवार को एक प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर किए गए। माले अदुमिम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नेतन्याहू ने कहा, ‘हम वादा पूरा करने जा रहे हैं कि यहां कोई भी फिलिस्तीनी राज्य नहीं होगा। यह जगह हमारी है।’ उन्होंने कहा, ‘हम हमारी विरासत, हमारी धरती और हमारी सुरक्षा की हिफाजत करेंगे…। हम शहर की आबादी दोगुनी कर देंगे।

खास बात है कि इजरायल लंबे समय से ई1 नाम के जमीन पर बस्ती बसाना चाहता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होते विरोध के चलते ऐसा नहीं कर सका। यह जमीन यरुशलम और माले अदुमिम के बीच है, जिसके कुछ रास्ते फिलिस्तीनी क्षेत्र के उत्तरी और दक्षिण हिस्सों से मिलते हैं। बीते महीने इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोटरिच ने इस अति संवेदनशील भूमि पर करीब 3400 आवास बनाने की योजना का समर्थन किया था।

इजरायल का दोहा में हमला मंगलवार को कतर की राजधानी दोहा के रिहायशी इलाके में हमला हुआ, जिसकी सुई इजरायल की तरफ घूमी। कहा जाने लगा कि हमास नेताओं को मारने के इरादे से इजरायल ने हमला किया है। यह हमला उस समय हुआ जब गाजा युद्ध को समाप्त करने और हमास की गिरफ्त में मौजूद 48 बंधकों को छुड़ाने के लिए बातचीत जारी थी। माना जाता है कि इनमें से लगभग 20 बंधक जीवित हैं।

हमास ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि उसके शीर्ष नेता हमले में बच गए, हालांकि संगठन ने अब तक कोई प्रमाण नहीं दिया है। हमले में मारे गए लोगों में हमास के वरिष्ठ नेता और प्रमुख वार्ताकार खलील अल-हैय्या के बेटे, तीन अंगरक्षक और उनके कार्यालय प्रमुख शामिल हैं।

भड़का कतर कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल सानी ने कहा है कि इजरायल द्वारा दोहा में हमास नेताओं को निशाना बनाकर किए गए हमले से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई की ‘हर उम्मीद खत्म कर दी है।

शेख मोहम्मद ने यह तीखा बयान संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनी उपस्थिति से पूर्व दिया। यह इजरायली हमले को लेकर खाड़ी देशों, विशेष रूप से अरब देशों के भीतर गहराते असंतोष को दर्शाता है। इस हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हुई थी।

सीएनएन को बुधवार देर रात दिए गए एक साक्षात्कार में शेख मोहम्मद ने कहा,’हमले के दिन सुबह मैं एक बंधक के परिवार से मिला था। वे लोग संघर्षविराम और मध्यस्थता पर पूरी तरह निर्भर थे। उनके पास कोई और आशा नहीं थी। लेकिन मुझे लगता है कि नेतन्याहू ने जो किया, उससे उन बंधकों की रिहाई की हर उम्मीद समाप्त हो गई है।

कतर और मिस्र, गाज़ा में संघर्ष विराम की मध्यस्थता के प्रमुख प्रयासों में शामिल रहे हैं। अमेरिका के आग्रह पर कतर ने वर्षों से दोहा में हमास के राजनीतिक नेतृत्व को आश्रय दिया है, ताकि इजरायल और हमास के बीच बातचीत की संभावनाएं बनी रहें।