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“इजरायल में आतंकी हमले से एक और जंग के आसार, वेस्ट बैंक पहुंचने लगे सैनिक; नेतन्याहू की मीटिंग”

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“इजरायल में आतंकी हमले से एक और जंग के आसार, वेस्ट बैंक पहुंचने लगे सैनिक; नेतन्याहू की मीटिंग”

7 अक्तूबर, 2023। इस तारीख को हमास ने इजरायल के अंदर घुसकर भीषण हमला किया था, जिसमें करीब 1200 इजरायली और विदेशी नागरिक मारे गए थे। इसके अलावा बड़ी संख्या में इजरायली नागरिकों को हमास ने बंधक बना लिया था।

इनमें से कुछ लोग अब भी उसकी कैद में हैं। तब से अब तक इजरायल की ओर से गाजा में भीषण हमले जारी हैं। इस बीच एक और हमला आज येरूशलम में हुआ है। इस आतंकी हमले में 5 इजरायली मारे गए हैं, जबकि 11 लोगों का इलाज चल रहा है। येरूशलम के रमोत जंक्शन में यह हमला हुआ है, जिसके बाद एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक मीटिंग बुलाई है और स्थिति का जायजा लिया है।

खबर मिली है कि ये आतंकी फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक इलाके के रहने वाले हैं। यह इलाका अब तक जंग से अछूता रहा है और इस हमले के बाद इजरायली सेना इसे भी जद में ले सकती है। वेस्ट बैंक के दो गांवों अल-कुबेबा और कतन्ना के ये रहने वाले हैं। ये इलाके वेस्ट बैंक में ही पड़ते हैं। इस हमले ने एक नई जंग का माहौल बना दिया है। इजरायली सेना ने वेस्ट बैंक के गांवों को घेरना शुरू कर दिया है। दरअसल पिछले दिनों बेंजामिन नेतन्याहू सरकार ने वेस्ट बैंक पर भी हमले करने की बात कही थी और इजरायल में विलय का प्लान पेश किया था।

ऐसे में अब वेस्ट बैंक के जंग का नया मैदान बनने की संभावना प्रबल है। इजरायल के डिप्टी विदेश मंत्री का कहना है कि नागरिकों को हथियारों से लैस करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हथियार लेकर चलने वाले इजरायलियों की संख्या बढ़ेगी तो ऐसे हमलों को रोकने में मदद मिलेगी। फिलहाल मिली जानकारी के अनुसार इन दोनों हमलावरों को सैनिकों ने मार डाला है। वहीं हमास ने इस हमले की तारीफ की है और इसे हीरोइज्म करार दिया है। हमास ने इस हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है, लेकिन वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनियों से आह्वान किया है कि वे इजरायल के खिलाफ जंग जारी रखें।

इजरायली सांसद बोलीं- वे हमें बर्बाद और खत्म करना चाहते हैं इसके अलावा इजरायल की सांसद ओजमा येहुदित एमके लिमोर सोन ने कहा कि गाजा और वेस्ट बैंक में कोई अंतर नहीं है। खान युनूस और रमल्लाह में कोई अंतर नहीं है। हर जगह वे लोग हमें मारने की फिराक में बैठे हैं। हमें मारना चाहते हैं। इसलिए हमें भी उनको मारकर खत्म करना होगा। इजरायल की नेता ने कहा कि नाजी तो नाजी ही रहेंगे। वे हमें मारना और बर्बाद करना चाहते हैं।

“नेपाल की संसद में घुसे प्रदर्शनकारी; पुलिस फायरिंग में 16 की मौत और 80 घायल, लगा कर्फ्यू”

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“नेपाल की संसद में घुसे प्रदर्शनकारी; पुलिस फायरिंग में 16 की मौत और 80 घायल, लगा कर्फ्यू”

नेपाल की राजधानी काठमांडू में सोमवार को युवा प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ प्रदर्शनकारी संसद परिसर में घुस गए, जिन्हें हटाने के लिए सुरक्षा बलों को हवाई फायरिंग करनी पड़ी।

गोली लगने 16 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। सिविल अस्पताल के कार्यकारी निदेशक मोहन चंद्र रेग्मी ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा दर्जनों लोग घायल हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

काठमांडू जिला प्रशासन कार्यालय ने प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों के बाद कर्फ्यू लगा दिया है। यह कर्फ्यू पहले बनेश्वर के कुछ हिस्सों में लगाया गया था, जब प्रदर्शनकारी प्रतिबंधित क्षेत्र में घुस गए थे। लेकिन, अब इसे कई क्षेत्रों में लागू कर दिया गया है। इसमें राष्ट्रपति का निवास, शीतल निवास क्षेत्र, महाराजगंज, लैंचौर में उपराष्ट्रपति का निवास, सिंह दरबार के इलाके, प्रधानमंत्री का निवास और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि इसका मकसद संवेदनशील सरकारी स्थानों पर आगे की अशांति को रोकना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मुख्य जिला अधिकारी छबिलाल रिजाल की ओर से लागू यह कर्फ्यू दोपहर 12:30 बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी है। इन क्षेत्रों के भीतर आवाजाही, सभाएं, प्रदर्शन या घेराव सख्त वर्जित है।

किस बात पर भड़के हैं युवा प्रदर्शनकारी युवाओं का मकसद सरकार की ओर से लगाए गए सोशल मीडिया बैन को हटाना है। साथ ही, वे देश में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। नेपाल की सरकार ने पिछले शुक्रवार से फेसबुक, यूट्यूब और एक्स जैसे 26 बिना रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगा दी है, जिसके बाद से ही यूजर्स इन साइट्स तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस कदम से लोग हैरान और गुस्से में हैं। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के नेपाल में लाखों यूजर्स हैं जो मनोरंजन, खबरें और व्यापार के लिए इन पर निर्भर हैं।

जेन-Z का विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए ‘जनरेशन जेड’ के इन प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रगान गाकर अपना विरोध शुरू किया और फिर सोशल मीडिया पर प्रतिबंध व भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। 24 साल के छात्र युजन राजभंडारी ने कहा, ‘हम सोशल मीडिया बैन से तुरंत आगबबूला हो गए, लेकिन यही एकमात्र वजह नहीं है। हम नेपाल में व्याप्त संस्थागत भ्रष्टाचार के खिलाफ भी आवाज उठा रहे हैं।’ वहीं, 20 साल की एक अन्य छात्रा इक्षमा तुमरोक ने सरकार के सत्तावादी रवैये के खिलाफ प्रदर्शन करने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘हम बदलाव चाहते हैं। पिछली पीढ़ियों ने इसे सहा है, लेकिन यह हमारी पीढ़ी के साथ खत्म होना चाहिए।’

“बाढ़ग्रस्त पंजाब-हिमाचल जाएंगे PM मोदी, 9 सितंबर को हवाई सर्वेक्षण कर करेंगे स्थिति की समीक्षा”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को पंजाब का दौरा करेंगे और हवाई सर्वेक्षण के ज़रिए राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेंगे। वह पड़ोसी पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश का भी दौरा करेंगे।

इस बीच, पंजाब सरकार ने राज्य में आई बाढ़ से 13,289 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है। सूत्रों ने बताया कि मोदी सीमावर्ती ज़िलों सहित बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। आधिकारिक कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया गया है और राज्य सरकार के साथ साझा कर दिया गया है।

पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री पंजाब में बाढ़ की स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं और इस पर कड़ी नज़र रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह स्थानीय परिस्थितियों का व्यक्तिगत रूप से आकलन करने और ज़मीनी हकीकत को समझने के लिए 9 सितंबर को पंजाब का दौरा कर रहे हैं ताकि राज्य के लोगों को अधिकतम सहायता प्रदान की जा सके। जाखड़ ने आगे बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए पंजाब का दौरा करने वाली केंद्र सरकार की दो टीमें अपनी रिपोर्ट केंद्र को सौंपने वाली हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पहले ही स्थिति का आकलन करने के लिए भेजा जा चुका है।

प्रधानमंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और पठानकोट पहुंचेंगे, जहां उनके राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक करने की संभावना है। राज्य भाजपा के एक नेता ने कहा, “वह कांगड़ा पहुँचेंगे और अगर मौसम ठीक रहा तो स्थिति का जायज़ा लेने के लिए चंबा ज़िले के भरमौर जाएँगे, अन्यथा सड़क मार्ग से यात्रा करके कांगड़ा लौट सकते हैं।” उन्होंने आगे बताया कि मणिमहेश यात्रा में कई तीर्थयात्रियों की मृत्यु हो गई थी। सूत्रों के अनुसार, मोदी सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर नदियों के तटबंधों को मज़बूत करने की तत्काल आवश्यकता पर भी ज़ोर दे सकते हैं, जो अवैध खनन और रखरखाव की कमी के कारण पिछले कुछ वर्षों में कमज़ोर हो गए हैं।

AAP मंत्री चीमा बोले- राहत पैकेज की घोषणा क्यों नहीं की अब तक बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के लिए शनिवार को दो केंद्रीय टीमों ने पंजाब का दौरा किया। एक टीम का नेतृत्व गृह मंत्रालय के राजेश गुप्ता और दूसरी का ग्रामीण विकास मंत्रालय के संतोष कुमार तिवारी कर रहे थे। उन्होंने मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा के नेतृत्व में एक राज्य प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की, जिसमें अन्य प्रशासनिक सचिव भी शामिल थे।

उपराष्ट्रपति चुनाव में बड़ा खेल, मोदी ने लिया सबसे बड़ा रिस्क”

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उपराष्ट्रपति चुनाव में बड़ा खेल, मोदी ने लिया सबसे बड़ा रिस्क”

24 घंटे बाद दिल्ली में मोदी का असली नंबर गेम देखने को मिलेगा। कल ये पता चलेगा कि मोदी 400 से कितना आगे पहुंचते हैं या फिर ये पता चलेगा कि मोदी में अब भी कितना दम है और राहुल गांधी का चैलेंज कितना कम है।

कल दिल्ली में उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग होगी और नरेंद्र मोदी कल दिनभर चुनाव की तैयारी करते रहे और राहुल गांधी दिखे ही नहीं। उपराष्ट्रपति चुनाव का रिजल्ट किस ओर करवट बैठेगा ये तो सबको पता है। इंतजार तो इस बात का है कि मोदी विरोधी खेमे के कितने नंबर टूटते हैं और कितने सांसद अंतरआत्मा की आवाज सुनते हैं। अब कल के बाद बिहार चुनाव की असली तैयारी भी शुरू होगी।

पिछले कुछ उपराष्ट्रपति चुनाव पर नजर: पिछले दो दशकों में उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत का मार्जिन लगातार बढ़ा है। वर्ष 2002 में भैरों सिंह शेखावत ने 149 वोट से जीत दर्ज की थी। वहीं, 2022 में धनखड़ ने विपक्ष की मार्गरेट अल्वा को 346 वोट से हराया था। केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और विपक्षी गठबंधन इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस (रिटायर्ड) बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाया है। आंकड़ों में एनडीए को स्पष्ट बढ़त है। हालांकि संसद में विपक्ष की मजबूती से पिछले दो दशक में पहली बार मुकाबला करीबी हो सकता है। खास बात यह है कि इस बार एनडीए ने तमिल प्रत्याशी देकर इंडिया गठबंधन के दल डीएमके सामने धर्मसंकट पैदा करने की कोशिश की तो इंडिया ने तेलुगु प्रत्याशी देकर एनडीए के घटक दल दोनों दलों ने कहा है कि वे अपने अपने गठनबंधन को वोट देंगे।

भाजपा सांसदों को वोटिंग ट्रेनिंग, विपक्ष का मॉक पोल : दिल्ली में भाजपा सांसदों की वर्कशॉप शुरू हुई। भाजपा सांसदों को उपराष्ट्रपति पद के लिए वोटिंग की जानकारी दी जाएगी। दूसरी ओर, इंडिया गठबंधन भी अपने सांसदों को मतदान प्रक्रिया समझाने के लिए सोमवार को मॉक पोल करेगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहयोगी दलों को डिनर देने की खबर आई थी। लेकिन शाम होते होते पता चला कि एनडीए के बाद अब इंडिया गठबंधन ने भी अपने सांसदों के लिए डिनर का आयोजन रद्द कर दिया है।

अंतिम कतार में बैठकर मोदी ने गिनती कर ली : बीजेपी ने उपराष्ट्रपति चुनाव की रणनीति और तैयारी के लिए दिल्ली में सांसदों की एक विशेष कार्यशाला आयोजित की थी। इस कार्यक्रम की कार्यवाही आज सुबह से शुरू हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसमें शुरुआत से ही हिस्सा लिया। सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी जब वहां पहुंचे, तो उन्होंने आगे की सीट पर बैठने की बजाय पीछे की पंक्ति चुन ली। वह एक सामान्य कार्यकर्ता या सांसद की तरह बैठक में शामिल हुए और सभी चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया।

लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य देते हैं वोट, पर व्हिप जारी नहीं हो सकती : उपराष्ट्रपति पद के लिए लोकसभा व राज्यसभा के सदस्य वोट देते हैं। हालांकि इसके लिए व्हिप नहीं जारी हो सकती। सभी सांसद पार्टी लाइन पर वोट करें तो एनडीए उम्मीदवार राधाकृष्णन के 439 और विपक्ष के रेड्डी के 324 वोट माने जा रहे हैं। हालांकि गुप्त मतदान में क्रॉस वोटिंग दोनों तरफ से समीकरण बिगाड़ सकती है। इसलिए दोनों ओर से पूरी तैयारी की जा रही है।

कितने बजे क्या-क्या होगा : सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन में वोटिंग, 6 बजे नतीजे मतदान 9 सितंबर, सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन में होगा। वोटों की गिनती शाम 6 बजे से और तुरंत परिणाम घोषित होंगे। हर सांसद को विशेष पेन से बैलेट पर पहली वरीयता दर्ज करनी होगी। ऐसा न करने पर वोट अमान्य होगा। हर वोट का मूल्य एक समान होगा। 2017 में 11 और 2022 में 15 वोट अमान्य हुए थे।

“उपराष्ट्रपति चुनाव में होगा कोई खेला? संजय राउत ने दिया बड़ा बयान”

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“उपराष्ट्रपति चुनाव में होगा कोई खेला? संजय राउत ने दिया बड़ा बयान”

उपराष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले, शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने सोमवार को सांसदों से आग्रह किया कि वे सोच-समझकर, अपनी अंतरात्मा और राष्ट्रहित में मतदान करें। एएनआई से बात करते हुए, राउत ने पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की सार्वजनिक रूप से अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए।

राउत ने कहा कि देश के सांसद उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान करते हैं, चाहे वह लोकसभा हो या राज्यसभा। कल प्रधानमंत्री मॉक सेशन में मौजूद थे। आज हमारे लोग मॉक सेशन में बैठेंगे। उपराष्ट्रपति पद के लिए यह चुनाव देश के संविधान की रक्षा, लोकतंत्र और राष्ट्रहित के लिए हो रहा है।

उपराष्ट्रपति चुनाव में बड़ा खेल, मोदी ने लिया सबसे बड़ा रिस्क संजय राउत ने आगे कहा कि हमारे पूर्व उपराष्ट्रपति कहाँ हैं, मुझे नहीं पता। जब तक धनखड़ सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आते या सामने नहीं आते, हम यह सवाल पूछते रहेंगे। हमारे पूर्व उपराष्ट्रपति कहाँ हैं?” लोकतंत्र की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए राउत ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए देश के सभी सांसदों को मतदान करना चाहिए। अगर लोकतंत्र की बात करने वाले को इस तरह गायब कर दिया जाए, तो मेरा मानना ​​है कि देश का लोकतंत्र खतरे में है। यह ध्यान में रखते हुए कि आज भाजपा के पास बहुमत नहीं है, सभी सांसदों को यह सोचकर मतदान करना चाहिए कि देश की आत्मा क्या चाहती है और उनकी अपनी अंतरात्मा क्या चाहती है।

हालांकि, शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ पर राउत के बयान की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह सिर्फ़ खबरों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं। म्हस्के ने कहा, “संजय राउत सिर्फ़ ख़बरों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं… शिवसेना (यूबीटी) के पास संख्याबल नहीं है… उन्होंने कभी जनता के हित के लिए काम नहीं किया…” 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया ब्लॉक समर्थित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी सुदर्शन रेड्डी और एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के बीच सीधा मुकाबला होगा।

CM के पति सरकारी मीटिंग में, AAP का हमला- दिल्ली बनी ‘फुलेरा पंचायत’, सुपर CM चला रहे राज! BJP का पलटवार भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को एक ‘संसद कार्यालय’ का आयोजन किया था और सोमवार को अपने सांसदों को मतदान प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन देने के लिए एक अभ्यास सत्र के रूप में आज भी इसका आयोजन किया जाएगा। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान से एक दिन पहले, सोमवार शाम को संसदीय सौध में इंडिया ब्लॉक के सांसदों के लिए रात्रिभोज का आयोजन करेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया ”वोट चोरी के लिए भाजपा का बैक-ऑफिस” बन गया है।

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह (आयोग) ”वोट चोरी के लिए भाजपा का बैक-ऑफिस” बन गया है।

खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”कालक्रम को समझें। मई 2023 के कर्नाटक चुनाव से पहले, कांग्रेस ने अलंद निर्वाचन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने का खुलासा किया था। प्रपत्र संख्या-सात में फर्जीवाड़ा कर हजारों मतदाताओं के मताधिकार छीन लिये गये।”

उन्होंने कहा, ”फरवरी 2023 में एक मामला दर्ज किया गया। जांच में 5,994 जाली आवेदनों का खुलासा हुआ। यह मतदाता धोखाधड़ी के बड़े पैमाने पर प्रयास का एक स्पष्ट प्रमाण है। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने दोषियों को पकड़ने के लिए सीआईडी ​​जांच का आदेश दिया।”

खरगे ने कहा, ”लेकिन यहां पेंच यह है कि जहां निर्वाचन आयोग ने पहले जालसाजी का पता लगाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों का कुछ हिस्सा साझा किया था तो वहीं अब उसने महत्वपूर्ण जानकारी को छुपा लिया है और (आयोग) वोट चोरी के पीछे के लोगों को प्रभावी ढंग से बचा रहा है!”

उन्होंने पूछा, ”निर्वाचन आयोग ने अचानक महत्वपूर्ण सबूतों को क्यों रोक दिया है? यह किसे बचा रहा है? भाजपा के वोट चोरी विभाग को? क्या निर्वाचन आयोग भाजपा के दबाव में सीआईडी ​​जांच को पटरी से उतार रहा है।” लोकतांत्रिक अधिकारों के महत्व को दोहराते हुए, खरगे ने कहा, ”हर व्यक्ति के मतदान के अधिकार की रक्षा होनी चाहिए। भारतीय लोकतंत्र की रक्षा होनी चाहिए।

“भारतीयों को बड़ा झटका: टैरिफ के बाद अमेरिका ने वीजा नियमों में किया बड़ा बदलाव, जानें क्या है नया नियम”

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“भारतीयों को बड़ा झटका: टैरिफ के बाद अमेरिका ने वीजा नियमों में किया बड़ा बदलाव, जानें क्या है नया नियम”

अमेरिका ने भारतीयों को एक बड़ा झटका दिया है। अब अमेरिका के नॉन-इमिग्रेंट वीजा (NIV) के लिए इंटरव्यू अपने ही देश या कानूनी निवास स्थान पर देना होगा। यानी, अगर आप भारतीय नागरिक हैं और जल्द अमेरिका जाना चाहते हैं, तो आप पहले की तरह थाईलैंड, सिंगापुर, या जर्मनी जैसे देशों में जाकर टूरिस्ट (B1) या बिजनेस (B2) वीजा के लिए इंटरव्यू नहीं दे पाएंगे।

यह नया नियम 2 सितंबर से लागू हो गया है। क्यों मिली थी यह छूट?

कोरोना महामारी के दौरान भारत में अमेरिकी वीजा इंटरव्यू के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, जो कई बार तीन साल तक का होता था। उस समय, कई भारतीय नागरिक जल्दी वीजा पाने के लिए दूसरे देशों जैसे बैंकॉक, सिंगापुर, या फ्रैंकफर्ट जाकर इंटरव्यू देते थे और काम होने के बाद वापस लौट आते थे। अब यह सुविधा खत्म कर दी गई है।

नए नियम का क्या होगा असर?

यह बदलाव उन सभी लोगों पर लागू होगा जो टूरिस्ट, बिजनेस, स्टूडेंट, या अस्थायी वर्कर वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में वीजा नियमों को लगातार कड़ा किया जा रहा है, और यह फैसला उसी का हिस्सा माना जा रहा है।

भारत में अभी कितना है इंतजार?

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, भारत में अभी वीजा इंटरव्यू के लिए इंतजार का समय अलग-अलग शहरों में अलग-अलग है: ➤ हैदराबाद और मुंबई: 3.5 महीने ➤ दिल्ली: 4.5 महीने ➤ कोलकाता: 5 महीने ➤ चेन्नई: 9 महीने

किसे मिलेगी छूट?

कुछ मामलों में इंटरव्यू से छूट अभी भी मिलेगी। अगर आपका B1, B2 या B1/B2 वीजा पिछले 12 महीनों में एक्सपायर हुआ है और आपकी उम्र 18 साल या उससे ज्यादा है, तो कुछ मामलों में आपको इंटरव्यू देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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“MP के इस शहर में ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ यात्रा का होगा समापन, राहुल समेत मंच पर दिखेंगे कई दिग्गज”

मध्य प्रदेश के उज्जैन में 12 सितंबर को कांग्रेस एक बड़ा राजनीतिक आयोजन करने जा रही है। इस दिन ‘किसान न्याय यात्रा’ और ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली का आयोजन होगा। इसी दिन कांग्रेस के इस अभियान का समापन भी किया जाएगा।

कार्यक्रम में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार, सचिन पायलट, केसी वेणुगोपाल, कमलनाथ समेत प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। संभावना जताई जा रही है कि इस रैली के समापन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं।

MP के कई जिलों में निकली यात्रा दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर वोट चोरी का गंभीर आरोप लगाते हुए इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ यात्रा कई जिलों में निकाली गई। इन सभाओं और रैलियों को कई जगह समर्थन मिला, तो कुछ स्थानों पर विरोध का भी सामना करना पड़ा।

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से गरमाई राजनीति गौरतलब है कि राहुल गांधी ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोट चोरी के आरोप लगाए थे। इसी बयानबाजी के बाद मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर यह अभियान शुरू किया, जो अब उज्जैन में समापन की ओर बढ़ रहा है।

: ‘भारत पर टैरिफ लगाना बिल्कुल सही.’, अमेरिका की भाषा बोलने लगा यूक्रेन, सुनें जेलेंस्की का यह बयान”

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: ‘भारत पर टैरिफ लगाना बिल्कुल सही.’, अमेरिका की भाषा बोलने लगा यूक्रेन, सुनें जेलेंस्की का यह बयान”

रूस से तेल खरीदी और चीन जैसे पड़ोसियों के करीब जाना अमेरिका को पसंद नहीं आया। इसके बाद अमेरिका ने भारत के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 50 फ़ीसदी टैरिफ का ऐलान कर दिया।

हालांकि भारत अकेल देश नहीं जिस पर अमेरिका ने भारी-भरकम टैरिफ लगाया हो। कई विकसशील देश है जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति की मनमानी देखने को मिली है। विश्व जगत ने अमेरिका के इस कदम की मुखालफत भी की है और भारत के पक्ष में खड़े नजर आये, लेकिन इस मामले में रूस के प्रतिद्वंदी और अमेरिका के करीबी देश यूक्रेन की राय अलग है।

क्या कहा जेलेंस्की ने? एक इंटरव्यू में व्लादिमीर जेलेंस्की ने अमेरिकी टैरिफ का समर्थन करते हुए कहा कि, “जो कोई भी देश रूस के साथ कारोबार करता है उसके खिलाफ लगाए गए टैरिफ के आइडिया को वह सही मानते है”..

अमेरिकी अदालतों में आव्रजन नीतियों को चुनौती

टैरिफ से जुड़े इन विवादों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़े निर्वासन कार्यक्रम के तहत लाखों लोगों को देश से बाहर निकालने का वादा किया है लेकिन उनकी कई आव्रजन नीतियों को अमेरिकी अदालतों में कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उदाहरण के लिए, एक संघीय अपील अदालत ने पिछले सप्ताह फैसला सुनाया कि ट्रंप प्रशासन कथित वेनेजुएला गिरोह के सदस्यों को शीघ्रता से निर्वासित करने के लिए 18वीं सदी के युद्धकालीन कानून का उपयोग नहीं कर सकता। संभवत: यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगा।

ट्रंप प्रशासन ने 1798 के एलियन एनिमीज़ एक्ट का उपयोग ”ट्रेन डी अरगुआ” नामक गिरोह के सदस्यों को विदेशी आक्रांता मानते हुए निष्कासित करने के लिए किया। इन लोगों को एल सल्वाडोर की एक कुख्यात जेल में भेजा गया। बहरहाल, पांचवें सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स ने अपने निर्णय में कहा कि यह कानून आपराधिक गिरोहों पर लागू नहीं होता। एसीएलयू के वकील ली गेलरंट ने इसे अदालत की निगरानी के बिना आपात स्थिति घोषित करने के प्रशासन के प्रयासों पर लगाम लगाने वाला फैसला बताया। वहीं, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एबिगेल जैकसन ने कहा कि राष्ट्रपति को आतंकवादियों को हटाने और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने का अधिकार है।

एक अन्य नीति के तहत ट्रंप ने 14वें संशोधन की व्याख्या को बदलने के लिए एक कार्यकारी आदेश जारी किया, जिसके तहत अवैध या अस्थायी वीजा पर अमेरिका में मौजूद माता-पिता से जन्मे बच्चों को नागरिकता देने से इनकार किया गया। वॉशिंगटन, एरिज़ोना, इलिनॉय और ओरेगन जैसे राज्यों ने इस आदेश को चुनौती दी, और संघीय अपीलीय अदालत ने जुलाई में इस आदेश को असंवैधानिक ठहराया।

सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी कि सैन फ्रांसिस्को में चीनी माता-पिता से जन्मा बच्चा अमेरिकी धरती पर जन्म लेने के कारण अमेरिकी नागरिक है। सैन फ्रांसिस्को की एक संघीय अपील अदालत ने जुलाई के अंत में फैसला सुनाया कि ट्रंप का आदेश असंवैधानिक है, और न्यू हैम्पशायर की निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा जिसने इस आदेश को देश भर में लागू होने से रोक दिया था। ट्रंप प्रशासन ने उन आप्रवासियों को एल साल्वाडोर और दक्षिण सूडान जैसे देशों में भेजना शुरू किया जिनका उन देशों से कोई संबंध नहीं है।

ट्रंप के अधिकारियों ने कहा है कि ये अप्रवासी अक्सर ऐसे देशों से आते हैं जो उन्हें वापस नहीं लेते या हिंसक अपराधों के दोषी पाए गए हैं। इस साल वकालत करने वाले समूहों ने यह तर्क देते हुए मुकदमा दायर किया कि लोगों के उचित प्रक्रिया अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और अप्रवासियों को उन देशों में भेजा जा रहा है जहाँ मानवाधिकारों के उल्लंघन का लंबा इतिहास रहा है। मार्च में एक संघीय न्यायाधीश ने इस नीति को अस्थायी रूप से रोका था, लेकिन जून में सुप्रीम कोर्ट ने उसे पलटते हुए प्रशासन को निर्वासन जारी रखने की अनुमति दे दी। एसवातिनी भेजे गए पांच व्यक्तियों के वकीलों ने कहा कि उन्हें बिना आरोप या वकील तक पहुंच के जेल में रखा गया है।

इस साल के शुरू में दक्षिण कैलिफोर्निया में किए गए व्यापक छापों के दौरान ट्रंप प्रशासन पर नस्लीय प्रोफाइलिंग का आरोप लगा। संघीय अदालत ने प्रशासन को लॉस एंजेलिस सहित सात काउंटी में इस तरह की कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया। यह आदेश संविधान के उल्लंघन के आधार पर दिया गया था। ट्रंप प्रशासन ने इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

अगस्त में वाहनों की खुदरा बिक्री 2.84 प्रतिशत बढ़कर 19,64,547 इकाई रही: फाडा

ऐसे कार्यक्रमों को ट्रंप प्रशासन ने सख्ती से समाप्त करने का प्रयास किया जो संकटग्रस्त देशों के नागरिकों को अमेरिका में अस्थायी रूप से रहने और काम करने की अनुमति देते हैं। अस्थायी संरक्षित दर्जा (टीपीएस) और मानवीय पैरोल के तहत 15 लाख से अधिक लोग अमेरिका में रह रहे हैं। मई में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को मुकदमे के लंबित रहते हुए इन कार्यक्रमों को समाप्त करने की अनुमति दी, जिससे लाखों लोगों पर निर्वासन का खतरा मंडरा गया। हालांकि यूएस डिस्ट्रिक्ट जज एडवर्ड चेन ने वेनेजुएला और हैती के 11 लाख नागरिकों के लिए टीपीएस बहाल कर दिया और कहा कि घरेलू सुरक्षा मंत्री के पास इसे रद्द करने का कानूनी अधिकार नहीं था।

जनवरी में, ट्रंप प्रशासन ने तेजी से देश से निकालने की प्रक्रिया का विस्तार किया, जिससे उन प्रवासियों को न्यायिक सुनवाई के बिना देश से निकाला जा सकता है जो अवैध रूप से आए और दो वर्षों से कम समय से अमेरिका में हैं। यूएस डिस्ट्रिक्ट जज जिया कॉब ने अगस्त में इस विस्तार को यह कहते हुए अस्थायी रूप से रोक दिया कि यह व्यक्तियों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हो सकता है। उन्होंने एक अन्य मामले में मानवीय पैरोल के तहत आए लोगों के भी त्वरित निर्वासन को अस्थायी रूप से रोक दिया।

CG: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के हितग्राहियों के लिए बड़ी खबर!

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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के हितग्राहियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस योजना के हितग्राहियों को सब्सिडी के तौर पर राशि उनके बैंक खतों में अंतरित कर दी है। सीएम ने हितग्राहियों के खातों में एक करोड़ 83 लाख रुपये ट्रांसफर किया है।

सीएम दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित हो रहे सौर ऊर्जा जागरूकता कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा, छत्तीसगढ़ में हम सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रहे है। हम इस तरह हाफ की जगह मुफ्त बिजली की ओर जा रहे है। हमने सौर ऊर्जा जागरूकता के लिए सूर्य रथ रवाना किए है। सैकड़ों लोग पीएम सूर्य घर योजना का लाभ ले रहे है। इसके लिए केंद्र और राज्य की सरकार सब्सिडी भी दे रही है।