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‘अगर कोई मंत्री या मंत्री का बेटा.’, नीट कांड पर सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, राबड़ी देवी से मांगा ‘सबूत’

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नीट छात्रा की मौत को लेकर सियासत भी रही है. बीते गुरुवार (05 फरवरी, 2026) को राबड़ी देवी ने यह कहा था कि इसमें कोई मंत्री या मंत्री का बेटा शामिल है. इस पर अब बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा बयान दिया है.

शुक्रवार (06 फरवरी, 2026) को सम्राट चौधरी ने राबड़ी देवी को चैलेंज किया. सबूत मांगा. 24 घंटे में कार्रवाई की बात कही.

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, “विपक्ष राजनीति कर रहा है. राबड़ी देवी विपक्ष की नेता हैं. राबड़ी देवी जी बिहार की मुख्यमंत्री रही हैं. उनसे ये उम्मीद नहीं है. अत्यंत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. सबसे बड़ी चीज है यदि राबड़ी देवी जी को ये पता है कि कोई मंत्री का बेटा उसमें शामिल है तो नाम दें, नाम बताएं, यदि नहीं बता रही हैं इसका मतलब है साक्ष्य छुपा रही हैं. राबड़ी देवी को जनता के बीच में नाम बताना चाहिए. मैं गारंटी देता हूं किसी भी मंत्री या मंत्री के बेटे का नाम आएगा तो 24 घंटे के भीतर जेल में डालने का काम करूंगा.”

“राबड़ी देवी जी जनता के बीच नाम बताएं, मैं गारंटी देता हूँ किसी भी मंत्री या मंत्री के बेटे का नाम आएगा तो 24 घंटे के अंदर जेल में डालूंगा।”

छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य मिशन को रफ्तार, 10 फरवरी से फाइलेरिया उन्मूलन का महाअभियान…

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संवाद ऑडिटोरियम में गुरुवार को छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की गई। इसमें प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, पिछले दो वर्षों में किए गए सुधारों और आने वाले तीन वर्षों की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, चिकित्सा शिक्षा विभाग, आयुष विभाग के प्रतिनिधि, मीडिया कर्मी और विकास सहयोगी संस्थाएं मौजूद रहीं। बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने, नई योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने, टीबी मुक्त भारत अभियान और संक्रामक बीमारियों से निपटने की रणनीतियों पर विशेष चर्चा हुई।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर सरकार का जोर

स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता मजबूत और सुलभ स्वास्थ्य व्यवस्था बनाना है। सरकार केवल इलाज तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि बीमारियों की रोकथाम, समय पर जांच और बेहतर इलाज पर भी बराबर ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पीपीपी मॉडल के तहत नए मेडिकल कॉलेज खोल रही हैं, आधुनिक अस्पताल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास हो रहे हैं।

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए अभियान की शुरुआत

प्रेसवार्ता में फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए शुरू होने वाले सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम की भी जानकारी दी गई। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह बीमारी संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलती है और लंबे समय बाद गंभीर रूप ले सकती है, जिससे व्यक्ति को जीवनभर परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि सही समय पर दवाएं लेने से इस बीमारी से पूरी तरह बचा जा सकता है।

18 जिलों में चलेगा विशेष अभियान

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि एमडीए कार्यक्रम 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। यह अभियान प्रदेश के 18 जिलों के 65 प्रभावित विकासखंडों में संचालित किया जाएगा। इस दौरान करीब 1 करोड़ 58 लाख से अधिक लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवाएं दी जाएंगी। 15 जिलों में तीन प्रकार की दवाएं — आईवरमेक्टिन, डीईसी और एल्बेंडाजोल दी जाएंगी। वहीं, 3 जिलों में डीईसी और एल्बेंडाजोल का उपयोग किया जाएगा।

दवा सेवन को लेकर जरूरी निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि 2 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार लोगों को दवा नहीं दी जाएगी। उन्होंने सभी पात्र लोगों से अपील की कि वे स्वास्थ्य कर्मचारियों की मौजूदगी में ही दवा लें और इसे खाली पेट न लें।

जनसहयोग से ही होगा फाइलेरिया का अंत

अंत में श्री जायसवाल ने मीडिया, जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, नगर निकायों और सामाजिक संगठनों से आग्रह किया कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को जनआंदोलन का रूप दें। उन्होंने कहा कि जब तक समाज का हर वर्ग इसमें सक्रिय रूप से भाग नहीं लेगा, तब तक इस बीमारी को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं होगा। जागरूकता और सहयोग से ही छत्तीसगढ़ को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सकता है।

CG: जशपुर को बड़ी सौगात! मयाली बनेगा ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन…

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मयाली-बगीचा विकास परियोजना का भूमिपूजन किया, और कहा कि पर्यटन, रोजगार, स्किल सेंटर और इको-टूरिज्म से जशपुर को वैश्विक पहचान मिलेगी.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना का मयाली नेचर कैंप में विधिवत भूमिपूजन किया. लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित इस परियोजना के तहत मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत (विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग) तथा बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा.

यह परियोजना क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त बनाएगी. इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मयाली-बगीचा विकास परियोजना जशपुर जिले के पर्यटन विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है. आज मयाली के विकास की मजबूत नींव रखी गई है. मयाली अब पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है और आने वाले समय में यह एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा.

मधेश्वर महादेव पर्यटन विकास योजना- सीएम साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी रही है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है. इस विकास परियोजना के माध्यम से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी. परियोजना के अंतर्गत मयाली डेम के समीप पर्यटक रिसोर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा. यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा. पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा.  साय ने कहा इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा होम-स्टे नीति लागू की गई है, जिससे ग्रामीण परिवार पर्यटन गतिविधियों से सीधे जुड़कर आय अर्जित कर सकेंगे और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा.

युवाओं के लिए प्रशिक्षण केंद्र- सीएम साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है. स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प एवं डिजिटल बुकिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे न केवल पर्यटन बल्कि जशपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी.

मयाली क्षेत्र को प्राकृतिक, धार्मिक एवं ग्रामीण पर्यटन के समग्र गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा. परियोजना के अंतर्गत 5 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का निर्माण किया जाएगा. इन सुविधाओं से पर्यटकों के ठहराव एवं विभिन्न आयोजनों की बेहतर व्यवस्था होगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे.

धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने के लिए शिव मंदिर क्षेत्र में प्रवेश द्वार, टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का विकास किया जाएगा. वहीं बगीचा स्थित कैलाश गुफा परिसर में प्रवेश द्वार, पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास, पाथवे तथा सीढ़ियों एवं रेलिंग का जीर्णद्धार किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक अनुभव मिलेगा.

यह समस्त कार्य भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से किए जाएंगे. परियोजना के पूर्ण होने से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक-प्राकृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है.

PM Awas Yojana: छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना में रचा राष्ट्रीय कीर्तिमान, देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण…

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PM Awas Yojana: छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ ने एक बार फिर सुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और परिणामोन्मुख प्रशासन का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की पहली ही बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया था। निर्णय के परिपालन में राज्य के सभी जिलों के सतत, संगठित एवं अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक नया राष्ट्रीय कीर्तिमान स्थापित किया है।

चालू वित्तीय वर्ष 2025–26 में मात्र 10 माह 4 दिवस की अवधि में छत्तीसगढ़ में देश में सर्वाधिक 5 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि योजना के प्रारंभ से अब तक पहली बार छत्तीसगढ़ ने किसी एक वित्तीय वर्ष में 5 लाख आवासों के निर्माण का रिकॉर्ड कायम किया है। मानसून अवधि सहित औसतन प्रतिदिन 1,600 से अधिक आवासों का निर्माण कर राज्य ने समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और लक्ष्यबद्ध कार्य निष्पादन की नई मिसाल कायम की है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत जिलों की सक्रिय भागीदारी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक कार्य संस्कृति इस उपलब्धि का मजबूत आधार बनी है। इस क्रम में बिलासपुर जिले में 29 हजार 235, महासमुंद में 27 हजार 224, बलरामपुर में 27 हजार 12, कोरबा में 26 हजार 839 तथा रायगढ़ जिले में 26 हजार 707 आवासों का निर्माण पूर्ण कर इन जिलों ने राज्य की समग्र उपलब्धि में अग्रणी भूमिका निभाई है।इसके अतिरिक्त मस्तूरी, आरंग, डभरा, बिल्हा, पाली एवं जैजैपुर जनपद पंचायतों द्वारा भी 7,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कर उल्लेखनीय योगदान दिया गया है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका सृजन को भी समान प्राथमिकता दी गई है। महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हजारों महिलाओं ने सीएलएफ बैंक से ऋण लेकर निर्माण सामग्री आपूर्ति का कार्य प्रारंभ किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। इस पहल के परिणामस्वरूप 8,000 से अधिक महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनकर उभरी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से राजमिस्त्री प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक जिलों में स्थित आरसेटी के माध्यम से 6,000 से अधिक हितग्राहियों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिनमें 960 से अधिक महिलाएँ तथा 292 से अधिक आत्मसमर्पित नक्सली शामिल हैं। यह पहल कौशल विकास के साथ-साथ सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जुड़ाव का प्रभावी माध्यम बन रही है।

आवास हितग्राहियों की निजी भूमि पर महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत आजीविका संवर्धन हेतु विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनके तहत वर्तमान में प्रदेश में 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण प्रगतिरत है।

इस प्रकार छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से न केवल आवासों का तीव्र गति से निर्माण सुनिश्चित किया जा रहा है, बल्कि इनके साथ-साथ स्थायी आजीविका के अवसर भी सृजित किए जा रहे हैं, जो राज्य के समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास को सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष 2025 -26 में मात्र 10 माह की अवधि में छत्तीसगढ़ में 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण होना, जो देश में सर्वाधिक है, छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है। मैंने प्रथम कैबिनेट बैठक में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति का निर्णय इसलिए लिया, ताकि राज्य का कोई भी गरीब और जरूरतमंद परिवार पक्के घर से वंचित न रहे।

यह उपलब्धि राज्य सरकार की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। मेरे लिए प्रधानमंत्री आवास केवल एक मकान नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार हैं, और इनके माध्यम से आजीविका के अवसर सृजित कर हम छत्तीसगढ़ को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।”- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

“प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ द्वारा 5 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण करना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, मजबूत निगरानी व्यवस्था और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर देने के लक्ष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। आवास निर्माण के साथ-साथ आजीविका, कौशल प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण को जोड़कर योजना को समग्र विकास का माध्यम बनाया गया है। यह राष्ट्रीय कीर्तिमान छत्तीसगढ़ की सुशासन पर आधारित विकास नीति की सफलता को दर्शाता है।

CG Cabinet Meeting: बजट से पहले साय सरकार के 9 बड़े फैसले, 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन और… देखें!

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‘कैबिनेट की बैठक में साय सरकार ने 9 अहम फैसले लिए हैं। इनमें 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन करने’

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में साय सरकार ने 9 अहम फैसले लिए हैं। इनमें 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन करने, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना करना, नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति समेत अन्य अहम फैसले लिए हैं।

CG Cabinet Meeting: देखिए साय सरकार के फैसले

मादक पदार्थाें की रोकथाम की दिशा में बड़ा निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं।

मंत्रिपरिषद की बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में पुलिस मुख्यालय के विशेष शाखा अंतर्गत एस.ओ.जी. (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन के लिए प्रावधानित 44 नवीन पदों की स्वीकृति प्रदान की गई है। एसओजी का काम किसी भी बड़ी या अचानक हुई घटना में तुरंत मौके पर पहुँचकर हालात को संभालना और आतंकी हमला या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करना होता है। एसओजी एक खास तरह की प्रशिक्षित टीम होती है, जिसे ऐसे खतरनाक कामों के लिए तैयार किया जाता है।

मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट एवं हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) की स्थापना का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया तथा इसके संचालन के दिशा-निर्देशों का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ में पायलट प्रशिक्षण की सुविधा के लिए राज्य में उड़ान प्रशिक्षण संगठन की स्थापना की जाएगी। विमानन क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यह संस्थान उपयोगी होगा। इससे एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग तथा एयरो स्पोर्ट्स जैसी सुविधाएं विकसित होगी। फ्लाइट ट्रेनिग ऑर्गनाइजेशन की स्थापना निजी सहभागिता से किया जाएगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 का अनुमोदन किया गया। इस नीति से स्टार्टअप ईको सिस्टम के साथ-साथ इन्क्यूबेटर्स एवं अन्य हितधारकों का विकास होगा। छत्तीसगढ़ को देश में एक प्रमुख नवाचार केन्द्र के रूप में विकसित किया जा सकेगा। भारत सरकार के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग द्वारा जारी स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में सुधार होने से राज्य में निवेश का आकर्षण बढ़ेगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इन कॉलोनियों में खुले भू-खंड, उद्यान और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं शामिल होंगी। हालांकि, आवासीय, व्यावसायिक और अर्द्धसार्वजनिक बिक्री योग्य संपत्तियां इसमें शामिल नहीं होंगी।

अभी इन कॉलोनियों का हस्तांतरण नहीं होने के कारण वहां रहने वाले लोगों को कई मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। कॉलोनियों के रखरखाव के लिए निवासियों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा है। एक ओर वे नगर निगम को संपत्ति कर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गृह निर्माण मंडल को भी रखरखाव शुल्क देना पड़ता है। इन कॉलोनियों के हस्तांतरण से नगरीय निकायों द्वारा यहां पानी, बिजली, सड़क, सफाई जैसी सुविधाएं दी जा सकेंगी और कॉलोनीवासियों को अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।

मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों तथा निगम मंडल के कार्यालयों के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण द्वारा एक वृहद बहुमंजिला भवन बनाने का निर्णय लिया गया है और यहां विभागों को स्पेस आबंटित किया जाएगा, ताकि भूमि का पूर्ण उपयोग किया जा सके।

मंत्रिपरिषद द्वारा सिरपुर एवं अरपा क्षेत्र में सुनियोजित विकास और विकास कार्यों को गति देने के लिए संबंधित क्षेत्र में शासकीय भूमि के आबंटन का अधिकार संबंधित जिले के कलेक्टर को प्रदान किया गया है।

गौरतलब है कि सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उद्देश्य संबंधित नदी तटीय क्षेत्रों का योजनाबद्ध और समग्र विकास करना है। इसके लिए मास्टर प्लान के क्रियान्वयन, भूमि नियोजन एवं नगर विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना आवश्यक है। विकास कार्यों को गति देने के लिए शासकीय भूमि का आबंटन जरूरी था। वर्तमान में दोनों प्राधिकरणों की वित्तीय स्थिति को देखते हुए शासकीय भूमि का आबंटन रु. 1/- प्रीमियम एवं भू-भाटक पर किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, भूमि आबंटन के अधिकार संबंधित जिला कलेक्टरों को दिया गया है।

मंत्रिपरिषद ने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति‘‘ को प्रदेश में लागू किए जाने की स्वीकृति प्रदान की है। छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति का प्रस्ताव छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया।

छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति के अनुसार राज्य शासन के सभी विभाग, उपक्रम एवं स्वायत्त संस्थाएं केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। किसी विशेष या असाधारण आवश्यकता के लिए राज्य क्लाउड परिषद से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

नीति के तहत कम प्राथमिकता वाले एप्लिकेशन एवं आर्काइव डेटा का क्लाउड माइग्रेशन वर्ष 2027-28 तक तथा उच्च प्राथमिकता सेवाओं का माइग्रेशन 2029-30 तक किया जाएगा। सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे।

कैबिनेट ने इस नीति में भविष्य में आवश्यक संशोधन करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को अधिकृत किया है। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24×7 उपलब्धता सुनिश्चित होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में डिजिटल अवसंरचना को विस्तार देने के लिए मोबाइल टावर योजना का अनुमोदन किया गया है। भौगोलिक विषमता और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी सीमित होने से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन बाधित हो रहा है। इस योजना से मोबाइल टावर स्थापना हेतु चयनित सेवा प्रदाताओं को अनुमति और प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध किया जाएगा।

मोबाइल टावर योजना के अंतर्गत चयनित मोबाइल नेटवर्क विहीन बसाहटों में टावर की स्थापना की जाएगी। डिजिटल कनेक्टिविटी से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, ई गवर्नेंस सेवाओं का विस्तार होगा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। योजना से सुरक्षा व्यवस्था में भी सुधार होगा विशेष कर वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक कार्य में पारदर्शिता और दक्षता आएगी। मोबाइल टावर योजना के लागू होने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, आपातकालीन सेवाएं डायल 112 जैसी योजनाओं की पहुंच दूरस्थ इलाकों के नागरिकों तक सुगमता से होगी।

छत्तीसगढ़ में अमित शाह का सियासी-सुरक्षा दौरा! नक्सलवाद पर मंथन, बस्तर पंडूम में शक्ति प्रदर्शन…

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं, जिसका मिनट टू मिनट कार्यक्रम जारी हो गया है. 7 फरवरी को वे रायपुर पहुंचेंगे और निजी होटल में रात्रि विश्राम करेंगे. 8 फरवरी को नक्सलवाद पर हाई लेवल मीटिंग लेकर सुरक्षा रणनीति पर बड़ा मंथन करेंगे. इसके बाद राष्ट्रीय कॉनक्लेव में शामिल होकर नीति और विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे. 9 फरवरी को बस्तर पंडूम के समापन कार्यक्रम में शामिल होकर शाम को दिल्ली रवाना होंगे.

अमित शाह का रायपुर दौरा

छत्तीसगढ़ की सियासत और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं. उनके इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि एक तरफ नक्सलवाद पर हाई लेवल बैठक होगी, तो दूसरी तरफ बस्तर पंडूम जैसे सांस्कृतिक आयोजन के जरिए जमीनी संदेश भी दिया जाएगा. गृह मंत्रालय की ओर से अमित शाह का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम जारी कर दिया गया है.

7 फरवरी: रायपुर आगमन, पहले दिन कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 7 फरवरी को शाम ठीक 4:40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे. एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद वे सीधे निजी होटल के लिए रवाना होंगे. पहले दिन उनका कोई सार्वजनिक या राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रखा गया है. अमित शाहइसी दिन वरिष्ठ अधिकारियों से अनौपचारिक चर्चा कर सकते हैं. रात्रि विश्राम भी निजी होटल में ही होगा.

8 फरवरी: नक्सलवाद पर हाई लेवल मीटिंग, पूरे दिन मंथन
8 फरवरी का दिन छत्तीसगढ़ के लिहाज से सबसे अहम माना जा रहा है. सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक अमित शाह नक्सलवाद को लेकर हाई लेवल मीटिंग लेंगे. इस बैठक में छत्तीसगढ़ सहित अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों की सुरक्षा स्थिति, चल रहे ऑपरेशनों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी. माना जा रहा है कि आने वाले महीनों के लिए बड़े फैसले इसी बैठक में लिए जा सकते हैं.

इसके बाद शाम 5:00 बजे से 6:10 बजे तक अमित शाह “Shifting the Lens” थीम पर आयोजित राष्ट्रीय कॉनक्लेव में शामिल होंगे. यह कार्यक्रम नीति, सुरक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा. कार्यक्रम के बाद वे फिर निजी होटल लौटेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे.

9 फरवरी: बस्तर पंडूम में शामिल होकर देंगे सांस्कृतिक संदेश
9 फरवरी को अमित शाह सुबह 11:00 बजे विशेष विमान से रायपुर से दंतेश्वरी एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे. वहां से वे सड़क मार्ग से बस्तर पंडूम के कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे. दोपहर 12:05 बजे से शाम 4:00 बजे तक वे बस्तर पंडूम के समापन कार्यक्रम में शामिल रहेंगे. इस दौरान आदिवासी संस्कृति, विकास और शांति का संदेश दिया जाएगा. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद शाम 4:20 बजे वे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे.

सुरक्षा से संस्कृति तक, दौरे के कई मायने
अमित शाह का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं माना जा रहा. नक्सलवाद पर सख्त रुख, जमीनी हालात की समीक्षा और बस्तर में सांस्कृतिक मंच से दिया जाने वाला संदेश तीनों पहलुओं पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है.

थाना डोंगरगांव पुलिस ने गौवंश तस्करी रोकते हुए 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

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डोंगरगांव। थाना डोंगरगांव पुलिस और मुखबिर सूचना के आधार पर किए गए छापेमारी अभियान में गौवंश तस्करी के पांच आरोपी पकड़ाए गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 9 नग कृषि उपयोगी मवेशी बरामद किए, जिनमें 8 जीवित और 1 मृत अवस्था में था।

पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश और अति पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर व नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती मंजूलता बाज के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।

घटना का विवरण:
03 फरवरी 2026 की रात गस्त पर निकली टीम को मोबाइल मुखबिर सूचना मिली कि ग्राम पहलवान चारभाठा से ग्राम कुल्हाडी की ओर सफेद रंग की बोलेरो पीकअप वाहन में गौवंश को ठूस-ठूस कर ले जाया जा रहा है। वाहन को बिना चारा-पानी कत्लखाने ले जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने ग्राम कुल्हाडी भोजराज भंडारी के घर के पास रोड पर घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया।

बरामद सामग्री:

09 नग कृषि उपयोगी गौवंश (8 जीवित, 1 मृत)

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु संरक्षण अधिनियम 2004, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960, बीएनएस की धारा 325, और मो0व्ही0 एक्ट धारा 66/192 के तहत कार्यवाही की।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:

डोमेन्द्र वाल्दे, पिता बिटठल बोलकू वाल्दे, उम्र 37 वर्ष, मिस्प्री, महाराष्ट्र

टोमेन्द्र केशु मेश्राम, पिता तुलसीराम मेश्राम, उम्र 21 वर्ष, मिस्प्री, महाराष्ट्र

परमानंद सलामे, पिता देवसिंग सलामे, उम्र 22 वर्ष, मिस्प्री, महाराष्ट्र

प्रकाश उर्फ ओमप्रकाश साहू, पिता गुहाराम साहू, उम्र 24 वर्ष, चारभाठा, डोंगरगांव

जानुक राम हल्बा, पिता तुलसीराम, उम्र 56 वर्ष, चारभाठा, डोंगरगांव

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गौवंश को मिस्प्री (महाराष्ट्र) ले जा रहे थे, जहां से हैदराबाद के कत्लखाने भेजा जाता।

इस कार्यवाही में मुख्य योगदान:
निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, थाना प्रभारी डोंगरगांव, सउनि0 चौतुराम आर्य, प्रधान आरक्षक सुरेश सिंह राजपूत, आरक्षक बिसराम वर्मा। साथ ही नागरिक योगेश साहू, राहुल सोनी और विजय वैष्णव ने भी सहयोग किया।

गांजा तस्करी के आरोप में 3 गिरफ्तार, 14.662 किलोग्राम गांजा और इलेक्ट्रीक ऑटो वाहन किया गया जब्त

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राजनांदगांव। थाना सोमनी पुलिस और सायबर सेल की सयुक्त कार्रवाई में गांजा तस्करी के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 14.662 किलोग्राम अवैध गांजा, एक इलेक्ट्रीक ऑटो वाहन और अन्य सामान जब्त किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश पर अपराध की रोकथाम और मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी नजर रखने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई।

मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार नामदेव के नेतृत्व में पुलिस ने रायपुर से राजनांदगांव की ओर आ रहे इलेक्ट्रीक ऑटो वाहन क्रमांक सीजी 04 क्यू एफ 3543 को ग्राम टेडेसरा में रोक कर चेक किया। ऑटो के अंदर 8 छोटे-बड़े पैकेटों में कुल 14.662 किलोग्राम गांजा छिपा हुआ था। इसकी कीमत लगभग ₹7,33,100 रुपये आंकी गई है।

जब्त की गई सामग्री:

इलेक्ट्रीक ऑटो वाहन (कीमत ₹2,00,000)

14.662 किलोग्राम गांजा (कीमत ₹7,33,100)

1 कीपेड मोबाइल फोन

2 एनराइड मोबाइल फोन

1 ईयर बड

₹3023 नगद

पुलिस ने मौके पर तीनों आरोपियों से पूछताछ की, जिनमें दुर्गेश रायकर उर्फ विक्की (30 वर्ष, ग्राम हीरापुर लाटरी नगर, रायपुर), मो0 जुल्फिकार उर्फ राजा (32 वर्ष, कबीर नगर अटल आवास, रायपुर), और दीपक साहू (38 वर्ष, कबीर नगर अटल आवास, रायपुर) शामिल हैं। आरोपियों ने बताया कि वे रायपुर से गांजा लेकर राजनांदगांव बिक्री के लिए ला रहे थे।

आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख)(ii) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें आज न्यायालय में पेश किया गया, और न्यायिक आदेशों के बाद जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेंडर कीरो, थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार नामदेव, सहायक उप निरीक्षक राजू मेशराम, प्रधान आरक्षक डुलेश्वर साहू, आरक्षक दिनेश वर्मा, और सायबर टीम का अहम योगदान रहा।

थाना सिटी कोतवाली और सायबर सेल की सयुक्त कार्रवाई, चोरी हुई 5 मोटर सायकलें बरामद, आरोपी गिरफ्तार

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राजनांदगांव। थाना सिटी कोतवाली और सायबर सेल राजनांदगांव की सयुक्त कार्रवाई में चोरी हुई 5 मोटर सायकलें गोंदिया (महाराष्ट्र) से बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। बरामद मोटर सायकलों की कुल कीमत 2,06,759 रुपए है।

पुलिस ने आरोपी की पहचान संघर्ष सुभाष डोंगरे (उम्र 18 वर्ष 10 माह) निवासी कावड़ी पोस्ट अंजोरा, तहसील आमगांव, थाना साल्हेकसा, जिला गोंदिया (महाराष्ट्र) के रूप में की। आरोपी ने चोरी की मोटर सायकलों को अपने गांव ले जाने की बात स्वीकार की।

पुलिस ने बताया कि चोरी की घटनाएं अलग-अलग समय और स्थानों पर हुई थीं। इनमें शामिल मोटर सायकलें इस प्रकार हैं:

मोटर सायकल ड्रीम योगा क्रमांक सी0जी0 08 व्ही-8732 (15,000 रुपए)

मोटर सायकल सीबी साइन क्रमांक सी0जी0 08 ए0डी0-5527 (30,000 रुपए)

मोटर सायकल हिरो होंडा क्रमांक सी0जी0 08 ए0पी0-3461 (25,000 रुपए)

बुलेट क्लासिक 350 सिल्वर क्रमांक सी0जी0 08 ए0एच0-6086 (95,000 रुपए)

बुलेट स्टैंडर्ड 350 क्रमांक सी0जी0 04 एल0व्ही0-0140 (41,759 रुपए)

पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कीर्तन राठौर तथा नगर पुलिस अधीक्षक श्री अलेक्जेण्डर किरों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम एवं सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आरोपी की पतासाजी की। टीम गोंदिया गई और स्थानीय पुलिस सहयोग से आरोपी को गिरफ्तार कर मोटर सायकलों के साथ राजनांदगांव लाया गया।

अपराध सबूत मिलने के बाद आरोपी को 05 फरवरी 2026 को न्यायिक रिमांड पर पेश किया गया और जिला जेल में दाखिल किया गया। इस कार्रवाई में निरीक्षक नंदकिशोर गौतम, प्र0आर0 जी0 सिरील कुमार, उप निरीक्षक नरेश कुमार बंजारे, प्र0.आर0. बसंत राव और आरक्षक कुलेश्वर साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मंत्री गजेन्द्र यादव छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रजत जयंती कार्यक्रम में हुए शामिल

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राजनांदगांव। स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी एवं जिले के प्रभारी मंत्री गजेन्द्र यादव आज गांधी सभागार राजनांदगांव में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड राजनांदगांव द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित रजत जयंती कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मंत्री गजेन्द्र यादव ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, बीपीएल हितग्राही, कृषि सिंचाई पंप उपभोक्ता, घरेलू उपभोक्ताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने रजत जयंती के अवसर पर विभिन्न महाविद्यालय और स्कूली विद्यार्थियों द्वारा नारा लेखन, निबंध, भाषण, पोस्टर एवं ओपन चित्रकला प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान कलेक्टर जितेन्द्र यादव उपस्थित थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य बनने के पश्चात यहां तेजी से विकास हुआ है। ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश में सर्वाधिक विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि अविभाजित छत्तीसगढ़ में लगभग 56 हजार उपभोक्ता प्रदेश में थे। वर्तमान में 8 लाख से अधिक किसान उपभोक्ताओं के पास कृषि पंप है। छत्तीसगढ़ बनने के बाद लोगों के जीवन में विकास हुआ है। छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी द्वारा गांव-गांव में 8 लाख से अधिक कृषि पंपों की स्थापना की गई है। प्रदेश में अलग-अलग प्रकार के सबमर्सिबल की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि सर्वाधिक मजरा-टोलो में विद्युत पहुंचाने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार लगातार ऊर्जा के क्षेत्र के साथ नागरिकों के जीवन को रोशन कर रही है। छत्तीसगढ़ में कृषि बहुत आगे बढ़ा है। बिजली की पर्याप्त उपलब्धता के कारण उद्योग भी बढ़े है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ का चहुमुंखी विकास हुआ है।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में एक ऊर्जा का बड़ा केन्द्र स्थापित नया रायपुर में किया जाएगा। जिससे ट्रांसफार्मर का निर्माण सहित विभिन्न विद्युत से संबंधित समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए स्मार्ट मीटर लगाया गया है। जिससे उपभोक्ता एटीपी के माध्यम से भुगतान आसानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से सोलर एनर्जी का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी प्रदान कर रही है। सोलर पैनल लगाने से घर में बिजली बिल नहीं आएगा। उन्होंने शासन की योजनाओं से अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए कहा। कार्यपालन निदेशक शिरीष सेलट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण से अब तक के कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर एमडी ठाकुर, शिव वर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण एवं विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।