Home Blog Page 628

CG: साय सरकार की नीतियों से बेहतर हो रही स्वास्थ्य व्यवस्था ..

0

CG: साय सरकार की नीतियों से बेहतर हो रही स्वास्थ्य व्यवस्था ..

Vishnu ka Sushasan: वर्ष 2000 में जब छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ, तब यहां की स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत सीमित और अव्यवस्थित थीं। सुदूर वनांचलों, आदिवासी बहुल क्षेत्रों और ग्रामीण अंचलों में प्राथमिक उपचार तक उपलब्ध नहीं था। डॉक्टरों की भारी कमी, दवाइयों की अनुपलब्धता और बुनियादी स्वास्थ्य संरचना का अभाव बड़ी चुनौती बनकर सामने था। छत्तीसगढ़ जब नवजात था तब वो बीमारियों से घिरा हुआ था। राज्य में मातृ मृत्यु की दर काफी ज्यादा थी। संस्थागत प्रसव न के बराबर था। बस्तर में जितनी मौतें नक्सली मुठभेड़ में नहीं होती थी उससे कहीं ज्यादा मौतें मलेरिया से हो जाती थीं, लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई है। लोगों के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए साय सरकार प्रदेश के लोगों क कई योजनाएं संचालित कर रही है, जिससे बस्तर से सरगुजा तक के लोगों में एक नई खुशहाली दिख रही है

”ग्रामीण इलाकों में सुदृढ़ हुई स्वास्थ्य व्यवस्थ”

स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे लोगों को भी मिले, इस बात पर फोकस करने वाली साय सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधा और अधिक बेहतर करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। विष्णुदेव साय का लक्ष्य है कि “हर नागरिक को 5 किलोमीटर के दायरे में स्वास्थ्य सुविधा”। साय सरकार ने प्रदेश में कई इलाकों में आवश्यकता को देखते हुए प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना की है। राज्य निर्माण के समय प्रदेश में लगभग 700 PHC हुआ करता था, जो 2025 में बढ़कर 2500 से ज़्यादा हो गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या में खासी बढ़ोतरी हुई है। CHC की संख्या 300 से अधिक हो गई है। गांव-गांव में उप-स्वास्थ्य केन्द्र आरंभ किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार ने बनाई ये योजना:  साय सरकार अपने नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई योजनाएं बनाई है। शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से नागरिक स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। सरकार ने इन योजनाओं को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) में समन्वित कर सोने में सुहागा वाली कहावत को चरितार्थ किया है। इस एकीकृत व्यवस्था से अधिकतम लाभार्थियों को नगद रहित इलाज की सुविधा मिल रही है। इसी का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के सफल क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति किया है। देश भर में उपचार प्रदान करने के मामलों में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता राज्य सरकार की समावेशी और सुलभ स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अब तक 78 लाख से अधिक लाभार्थी सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में निःशुल्क इलाज का लाभ उठा चुके हैं। सार्वजनिक अस्पतालों में उपचार की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो सरकार के स्वास्थ्य ढांचे में जनता के बढ़ते विश्वास का संकेत है।

चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार” पिछले 25 वर्षों में राज्य सरकार और केंद्र सरकार की साझेदारी से स्वास्थ्य संस्थाओं के नेटवर्क में भारी विस्तार हुआ है। पहले केवल रायपुर में एक मेडिकल कॉलेज था, अब 10 से अधिक मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं, जिनमें रायगढ़, राजनांदगांव, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। वर्ष 2012 में स्थापित हुआ एम्स जो आज राज्य का प्रमुख टर्शियरी हेल्थकेयर सेंटर बन चुका है। स्वास्थ्य सेवाओं का आधार सिर्फ डॉक्टर नहीं बल्कि नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ भी होते हैं। राज्य गठन के समय नर्सिंग कॉलेज गिने-चुने थे मगर आज छत्तीसगढ़ की साय सरकार में 60 से अधिक नर्सिंग कॉलेज कार्यरत हैं। नर्सिंग सीटों में 4 गुना वृद्धि हुई। राज्य में पैरामेडिकल कॉलेज और ANM/GNM ट्रेनिंग सेंटर खोले गए हैं। साय सरकार ने अपने इसी बजट में 12 नवीन शासकीय नर्सिंग कॉलेज (बलरामपुर, दंतेवाड़ा, जांजगीर-चांपा, बीजापुर, कुरूद, जशपुर, नवा रायपुर, बैकुण्ठपुर, पुसौर, कांकेर, कोरबा और महासमुंद) में स्थापित करने का निर्णय लिया है और इसके लिए 34 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। इसी बजट में एक साथ 6 नए शासकीय फिजियोथैरेपी कॉलेज (बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, जशपुर, रायगढ और मनेन्द्रगढ़) में स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए 6 करोड़ का बजटीय प्रावधान रखा गया है।

मातृ-शिशु मृत्यु दर में आई उल्लेखनीय कमी” छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार में हर ब्लॉक स्तर पर प्रसूति गृह और नवजात शिशु वार्ड की व्यवस्था बनाई जा रही है, इससे पहले राज्य निर्माण के काल में प्रसव के समय महिलाओं को 40-50 किमी दूर जाना पड़ता था। राज्य की जननी सुरक्षा योजना और जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम से लाखों महिलाएँ लाभान्वित हो रही हैं। प्रदेश की साय सरकार में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में 50% से अधिक की कमी आई है। पोषण योजनाओं के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का तालमेल बिठाया गया जिसका लाभ प्रदेश भर में दिखाई दे रहा है। ई-संजीवनी, टेलीमेडिसिन, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और दवा वितरण जैसे डिजिटल नवाचारों से खासकर दूरदराज के क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं सुलभ हुई हैं। इससे मृत्यु दर में कमी और इलाज की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है। राज्य की अनूठी मितानिन योजना, जो कि महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से समुदाय से स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़ती है, आज एक मॉडल कार्यक्रम के रूप में देशभर में मान्यता प्राप्त कर चुकी है।

नक्सल और आदिवासी इलाकों में बढ़ी स्वास्थ्य सुविधाएं” मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन और स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल सामान्य क्षेत्रों में, बल्कि नक्सल प्रभावित जिलों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों की पहुंच में आ रही हैं। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS), राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन अभियान और मलेरिया मुक्त अभियान जैसे कार्यक्रमों ने इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को नया आयाम दिया है। 1 जनवरी 2024 से 16 जून 2025 तक बस्तर संभाग में कुल 130 स्वास्थ्य संस्थाओं को क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। इनमें 1 जिला अस्पताल, 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 113 उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा, 65 अन्य संस्थाओं का सर्टिफिकेशन कार्य प्रक्रियाधीन है। विशेष रूप से नक्सल प्रभावित जिलों—कांकेर (8), बीजापुर (2), सुकमा (3) और दंतेवाड़ा (1) में 14 संस्थानों को गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है, जो क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार का प्रमाण है।

छत्तीसगढ़ में मानसून फिर हुआ मेहरबान, अगले 3 दिनों तक अलर्ट जारी, भारी बारिश का अलर्ट जारी ..

0

छत्तीसगढ़ में मानसून फिर हुआ मेहरबान, अगले 3 दिनों तक अलर्ट जारी, भारी बारिश का अलर्ट जारी ..

मौसम विभाग ने जिन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है उनमें सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिले शामिल हैं। बता दें की पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कहीं-कहीं शाम के समय अचानक मौसम बदला और तेज़ बारिश हुई।
जानकारी के अनुसार दुर्ग में सबसे अधिक अधिकतम तापमान जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 2-3 दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में लगातार बारिश हो सकती है। रायपुर और बिलासपुर जैसे क्षेत्रों में कभी तेज़ बारिश तो कभी उमस और गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। किसानों और ग्रामीण इलाकों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है खासकर बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए।

“Voter Adhikar Yatra का पटना में हुआ समापन, राहुल-तेजस्वी गरजे, कहा- हम ‘वोट चोरी’ नहीं होने देंगे”

0

“Voter Adhikar Yatra का पटना में हुआ समापन, राहुल-तेजस्वी गरजे, कहा- हम ‘वोट चोरी’ नहीं होने देंगे”

राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा का सोमवार(1 सितंबर) को समापन हो गया। अपने अंतिम चरण में यात्रा पटना पहुंची जहां पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव यात्रा के साथ महागठबंधन के कई बड़े नेता शामिल हुए।

RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ‘ये पूरी यात्रा बहुत ही ऐतिहासिक रही है। पूरा पटना भर चुका है… आम आवाम जाग चुकी है जो अब इन बेइमानों को गद्दी से और सत्ता से हटाएगी। जो लोग लोकतंत्र की हत्या करना चाहते हैं। उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।’

‘आपको डुप्लीकेट मुख्यमंत्री चाहिए चाहिए या ओरिजनल’ राजद नेता तेजस्वी यादव ने ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमने जो कहा वही काम ये(NDA) ‘नकलची’ सरकार कर रही है। ये सरकार नकल तो कर सकती है लेकिन विजन और नई सोच नहीं ला सकती है… इसलिए आप लोगों को तय करना है कि आपको डुप्लीकेट मुख्यमंत्री चाहिए या ओरिजनल मुख्यमंत्री चाहिए।’

गड़बड़ करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना है- तेजस्वी राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, ‘बिहार में जो सरकार चल रही है, यह डबल इंजन की सरकार है, जिसका एक इंजन अपराध और दूसरा भ्रष्टाचार में लगा हुआ है आप लोगों को अपने मताधिकार की रक्षा करनी है बड़ी चालाकी से फर्जी मतदाताओं का नाम भी जोड़ा जा रहा है। बिहार में गड़बड़ करने वाले लोगों को हमें मुंहतोड़ जवाब देना है।’

चुनाव आयोग और भाजपा ने मिलकर वोट चोरी की– राहुल वहीं कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ को संबोधित करते हुए कहा, “महाराष्ट्र में NCP, कांग्रेस और शिवसेना से चुनाव को चोरी किया गया था… तकरीबन 1 करोड़ नए मतदाता को लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची में जोड़े जाते हैं। हमारे गठबंधन को जितने मत लोकसभा चुनाव में मिले उतने ही विधानसभा में मिले लेकिन सारे के सारे नए मत भाजपा के खाते में गए… क्यों? क्योंकि चुनाव आयोग और भाजपा ने मिलकर वोट चोरी की… बिहार के युवाओं से मैं कहना चाहता हूं कि वोट चोरी का मतलब अधिकारों, आरक्षण, रोजगार, शिक्षा, लोकतंत्र और युवाओं के भविष्य की चोरी।”

‘चीन-अमेरिका में भी लोग बोल रहे हैं, वोट चोर गद्दी छोड़’ कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, “बिहार में एक नया नारा चला है ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ जो लोगों को बहुत पसंद आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा पर उन्होंने आगे कहा, “चीन और अमेरिका में भी लोग बोल रहे हैं, वोट चोर गद्दी छोड़।”

हम ‘वोट चोरी’ नहीं होने देंगे- राहुल गांधी जिन ताकतों ने महात्मा गांधी जी की हत्या की, वही ताकतें अब संविधान की हत्या करने की कोशिश कर रही हैं। हम इन्हें संविधान की हत्या करने नहीं देंगे, चाहे कुछ भी हो जाए। बिहार एक क्रांतिकारी प्रदेश है। इसने पूरे देश को संदेश दिया है- हम ‘वोट चोरी’ नहीं होने देंगे।

 

”उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA ने बनाया खास प्लान”

0

”उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए NDA ने बनाया खास प्लान”

उपराष्ट्रपति चुनाव में अपने सौ प्रतिशत मतदान के लिए एनडीए ने कमर कस ली है. एनडीए अपने सभी 425 सांसदों की शत प्रतिशत मौजूदगी सुनिश्चित करेगा. इसके लिए केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों की ड्यूटी लगाई गई है.

हर राज्य में एक मंत्री और एक सांसद की तैनाती होगी. वे यह सुनिश्चित करेंगे कि उस राज्य के एनडीए के सभी सांसद नौ सितंबर को दिल्ली में उपराष्ट्रपति के चुनाव में वोट डालें. इसके लिए छह सितंबर से आठ सितंबर तक सभी एनडीए सांसदों की वर्कशॉप भी आयोजित की जा रही है.

आठ सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए के सभी सांसदों को डिनर भी दे रहे हैं. इसके अलावा आठ सितंबर को ही दिल्ली में कई संसदीय समितियों की बैठक रखी गई है, ताकि संबंधित सांसद मौजूद रहें.

ग़ौरतलब है कि संसदीय समितियों की बैठकों के लिए सांसदों को टीए डीए मिलता है और हवाई किराया भी मिलता है. वहीं वर्कशॉप में सांसदों को वोट डालने की ट्रेनिंग दी जाएगी.

उपराष्ट्रपति चुनाव में गुप्त मतदान होता है और व्हिप लागू नहीं होता. ऐसे में क्रॉस वोटिंग का खतरा रहता है. एनडीए यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उसके सभी सांसदों का सटीक मतदान हो और एक भी वोट निरस्त न हो.

इसके लिए सांसदों को ट्रेनिंग में बताया जाएगा कि कैसे उन्हें अपना पेन नहीं ले जाना है. जो पेन चुनाव अधिकारी दें, उसी से मतपत्र पर अपनी पसंद लिखनी है. इसके अलावा मतपत्र को कैसे फ़ोल्ड करना है ताकि स्याही इधर-उधर न लगे और वोट निरस्त न हो. एनडीए की कोशिश है कि उसके उम्मीदवार सी पी राधाकृष्णन की बड़े अंतर से जीत हो.

वैसे अभी एनडीए के पास जीत के लिए ज़रूरी 391 से 34 वोट ज़्यादा यानी 425 वोट हैं. वायएसआरसीपी ने एनडीए को समर्थन देने का ऐलान किया है. उसके लोकसभा में चार और राज्य सभा में सात सांसद हैं. इसी तरह एनडीए को बीजेडी और बीआरएस के समर्थन का भी भरोसा है.

बीजेडी के पास राज्य सभा में सात सांसद हैं. हालांकि पीएम मोदी ने नवीन पटनायक को फ़ोन किया था, लेकिन बीजेडी का कहना है कि ऐन वक्त पर फ़ैसला किया जाएगा. बीआरएस के राज्य सभा में चार सांसद हैं. इंडिया गठबंधन ने तेलुगु उम्मीदवार के नाम पर बीआरएस से समर्थन मांगा है.

आज की स्थिति में एनडीए के पास क़रीब 55% वोट है. उसकी कोशिश यह आंकड़ा 60% के पार ले जाने की है. पिछले राज्य सभा चुनाव में एनडीए उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले थे और उन्होंने विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्ला को 346 वोट से हराया था. धनखड़ को क़रीब 74.4% वोट मिले थे जो उपराष्ट्रपति चुनावों के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत में से एक है.

हालांकि एनडीए के लिए इस प्रदर्शन को दोहराना मुश्किल होगा. क्योंकि इस बार विपक्ष की स्थिति पहले की तुलना में बेहतर है.

“CG: CM साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया, अधिकारियों को दिए ये निर्देश”

0

“CG: CM साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया, अधिकारियों को दिए ये निर्देश”

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर संभाग के बाढ़ प्रभावित जिलों दंतेवाड़ा और बस्तर का हवाई सर्वेक्षण एवं जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और राहत एवं पुनर्वास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समय पर सहायता पहुँचना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्तरों पर संवेदनशीलता और तत्परता आवश्यक है। मुख्यमंत्री साय दंतेवाड़ा के चूड़ीटिकरा वार्ड में बनाए गए अस्थायी राहत शिविर पहुँचे, जहाँ उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट कर उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि शिविरों में पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल और सुरक्षित आवास की व्यवस्था निरंतर बनी रहे।

बर्दाश्त नहीं की जाएगी लापरवाही 

मुख्यमंत्री साय ने यहां लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने मेडिकल टीम से दवाइयों की उपलब्धता, डॉक्टरों की तैनाती और मरीजों को दी जा रही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करते हुए यह भी पूछा कि क्या वे प्रशासन की मदद से संतुष्ट हैं। प्रभावितों ने जिला प्रशासन के त्वरित सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए पुल का भी निरीक्षण किया और क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तथा पुनर्निर्माण कार्यों की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की शीघ्र बहाली सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारियों की ली बैठक

इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा कलेक्टोरेट में जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति, पुनर्वास योजनाओं और प्रभावित परिवारों को दी जा रही तत्कालिक सहायता की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित गाँवों में प्रशासनिक टीमों की निरंतर पहुँच बनी रहे और हर जरूरतमंद तक राहत सामग्री समय पर पहुँचे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ कठिनाई अवश्य लाती हैं, परंतु प्रशासनिक तत्परता और जनसहयोग से इन कठिनाइयों का समाधान संभव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राहत शिविरों और प्रभावित गाँवों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की जाए तथा स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री साय के साथ वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद महेश कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, राजस्व सचिव और आपदा राहत आयुक्त मती रीना बाबा साहेब कंगाले, संभागायुक्त डोमन सिंह सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

”CG: रायपुर में गणपति प्रतिमाओं पर बवाल! हिंदू संगठनों ने जताया कड़ा विरोध, एसपी कार्यालय पहुंचकर की ये मांग”

0

”CG: रायपुर में गणपति प्रतिमाओं पर बवाल! हिंदू संगठनों ने जताया कड़ा विरोध, एसपी कार्यालय पहुंचकर की ये मांग”

Raipur Ganesh Murti राजधानी रायपुर में गणेशोत्सव को लेकर जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है। बात करें प्रतिमाएं की तो यहां एक से बढ़ कर एक कई मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई है, जो भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

लेकिन दूसरी ओर कई पंडालों में फार्टून, बेबी डॉल, ऑफ शोल्डर वाली प्रतिमाएं बैठाई गई है। जिसको लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है।

Raipur Ganesh Murti शहर के कई पंडालों में कार्टून, बेबी डॉल और ऑफ-शोल्डर जैसी प्रतिमाएं स्थापित किए जाने पर हिंदू संगठनों और संत समाज ने इसका जमकर विरोध किया है। समस्त हिंदू संगठन और संत समाज एसपी कार्यालय पहुंचकर इन प्रतिमाओं को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई।

संगठनों ने एसपी से तत्काल कार्यवाई की मांग की है और सभी मूर्तियों का तुरंत विसर्जन कराए जानें की बात कही है। संगठनों का कहना है कि गणपति हमारे राजा हैं, ऐसे रूप में प्रतिमाएं स्थापित करना अपमानजनक है। यह सब सनातन धर्म और हिंदुत्व को कमजोर करने की साजिश है। असामाजिक तत्व इसमें शामिल हैं और माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

“मोदी-जिनपिंग और पुतिन की ‘दोस्ती’ से चिढ़ा अमेरिका? अब निकाल लाया ब्राह्मण जाति का एंगल; ट्रंप के करीबी ने उगला भारत के खिलाफ जहर”

0

“मोदी-जिनपिंग और पुतिन की ‘दोस्ती’ से चिढ़ा अमेरिका? अब निकाल लाया ब्राह्मण जाति का एंगल; ट्रंप के करीबी ने उगला भारत के खिलाफ जहर”

डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच भारत और अमेरिका के रिश्तों में लगातार तनाव बना हुआ है। इस बीच चीन में हो रही SCO समिट में पीएम मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तिकड़ी से भी ट्रंप और उनके सहयोगी को चिढ़ मच रही होगी।

यही वजह है कि वो भारत के खिलाफ लगातार उगल रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार मामलों के सलाहकार पीटर नवारो ने फिर आपत्तिजनक बयान दिया। उन्होंने इस बार रूस से तेल खरीद को लेकर उन्होंने भारतीय ब्राह्मणों पर मुनाफाखोरी करने के आरोप लगाए।

फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में नवारो ने भारतीय सामानों पर लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ लगाने के फैसले को सही ठहराया है। इस दौरान उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि PM मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग के बीच निकटता वैश्विक व्यवस्था को अस्थिर कर रही है।

भारत के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी भारत के खिलाफ बयानबाजी करते हुए पीटर नवारो ने अपने बयान में कहा, “टैरिफ का महाराजा भारत है। उनके यहां दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ है। हमको वो कई चीजें निर्यात करते हैं। तो इससे नुकसान किसको होगा? अमेरिका के मजदूरों, टैक्सपेयर्स और यूक्रेन के लोगों को।”

नवारो ने पीएम नरेंद्र मोदी को एक महान नेता भी बताया। उन्होंने कहा कि मोदी बड़े नेता हैं, लेकिन भारत का वैश्विक गठबंधन समझ से बाहर है। समझ नहीं आता कि दुनिया का सबसे बड़े लोकतंत्र होने के बाद भी पुतिन और जिनपिंग के साथ मोदी क्यों घुल-मिल रहे हैं? उनकी रूस और चीन से नजदीकियां सही नहीं है।

‘रूसी तेल से ब्राह्मण कमा रहे मुनाफा’ आगे उन्होंने भड़काऊ बयान देते हुए यह भी कहा कि भारतीय लोगों से मुझे बस इतना ही कहूंगा कि उन्हें समझना चाहिए कि आखिर यहां पर हो क्या रहा है?भारतीय लोगों की कीमत पर ब्राह्मण मुनाफा कमा रहे हैं। हम चाहते हैं कि यह बंद हो। यानी इस बार वे भारत की आलोचना करते हुए कास्ट का एंगल निकालकर ले आए।

SCO समिट में महाशक्तियों का मिलन, ट्रंप की बढ़ेगी बेचैनी? पीटर नवारो का ये बयान ऐसे समय पर आया जब SCO समिट में महाशक्तियों का मिलन हो रहा है। यहां पीएम मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के बीच गजब की केमिस्ट्री देखने को मिली। ग्रुप फोटो सेशन से पहले तीनों नेता एक दूसरे के साथ बातें करते और ठहाके लगाते नजर आए। पीएम मोदी- पुतिन और जिनपिंग की मुलाकात की ये तस्वीरें इस वक्त पूरी दुनिया में छाई हुई हैं।

यकीनन ये तस्वीरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नींदें उड़ा देंगी। जहां वो टैरिफ लगाकर भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ये दांव उनका उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। चीन- भारत और रूस अगर साथ आ गए, तो अमेरिका अलग पड़ सकता है।

इसका ब्राह्मण वाला बयान राहुल गांधी के ओबीसी वाले बयान से मिलता जुलता है। ऐसे में इनकार नहीं किया जा सकता कि अमेरिका प्रशासन भारत में अपनी कठपुतली कांग्रेस सरकार बनाना चाहता है।

SCO: ”दोनों दिग्गज राष्ट्राध्यक्षों के बीच करीब 45 मिनट की सीक्रेट बातचीत, द्विपक्षीय बैठक में पुतिन और PM मोदी 45 मिनट की सीक्रेट बातचीत.. .

0

SCO: ”दोनों दिग्गज राष्ट्राध्यक्षों के बीच करीब 45 मिनट की सीक्रेट बातचीत, द्विपक्षीय बैठक में पुतिन और PM मोदी 45 मिनट की सीक्रेट बातचीत.. .

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन से इतर अपने ‘सच्चे दोस्त’ और रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की और द्विपक्षीय बैठक की।

द्विपक्षीय बैठक से पहले जो सबसे खास बात रही और अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की नींद उड़ाने वाली रही, वो थी रूसी राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी का एक साथ एक ही कार में बैठना।

जी हां, रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अपने मित्र पीएम मोदी के लिए केवल इंतजार ही नहीं किया बल्कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपनी Aurus कार में एक साथ बिठाकर रूस और भारत के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता स्थल पर लेकर गए। इस तस्वीर को खुद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी शेयर किया है।

अब यह तस्वीर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की नींद उड़ाने लगी है। बता दें कि रूस से तेल की खरीदारी करने पर अमेरिकी प्रेसिडेंट ट्रंप ने भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी का टैरिफ लगाया है। अब यह मोदी और पुतिन की तस्वीर उनकी नींद उड़ाने वाली है।

कार में दोनों दिग्गज राष्ट्राध्यक्षों के बीच करीब 45 मिनट की बातचीत प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन एक साथ एक ही कार में बैठकर दोनों देशों के बीच होने वाली द्विपक्षीय बैठक में भाग लेने के लिए पहुंचे। मिली जानकारी के अनुसार, इस कार में दोनों दिग्गज राष्ट्राध्यक्षों के बीच करीब 45 मिनट की बातचीत हुई। इस दौरान कई मुद्दों पर और सीक्रेट भी बातचीत हुई। पीएम मोदी ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “एससीओ शिखर सम्मेलन स्थल पर कार्यवाही के बाद, राष्ट्रपति पुतिन और मैं द्विपक्षीय बैठक स्थल पर साथ-साथ गए। उनके साथ बातचीत हमेशा ज्ञानवर्धक होती है।”

इन मुद्दों पर हुई रूस और भारत के बीच चर्चा पीआईबी से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने आर्थिक, वित्तीय और ऊर्जा क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की और इन क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में घनिष्ठता पर संतोष व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने यूक्रेन से जुड़े हाल ही के घटनाक्रमों सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन में संघर्ष के समाधान के लिए हाल ही में की गई पहलों के प्रति अपने समर्थन को दोहराते हुए संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने तथा एक स्थायी शांति समझौते की आवश्यकता पर बल दिया। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह इस वर्ष के अंत में भारत में आयोजित 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।

पीएम मोदी ने रूसी प्रेसिडेंट पुतिन के साथ हुई द्विपक्षीय बातचीत के बाद अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, “तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन के साथ एक शानदार बैठक हुई। व्यापार, उर्वरक, अंतरिक्ष, सुरक्षा और संस्कृति सहित सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के उपायों पर चर्चा हुई। हमने यूक्रेन में संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान सहित क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। हमारी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनी हुई है।”

 छत्तीसगढ़ : रेलवे विभाग ने इन स्टेशनों पर फिर से स्टॉपेज शुरू करने का फैसला लिया है, देखें पूरी रिपोर्ट”

0

 छत्तीसगढ़ : रेलवे विभाग ने इन स्टेशनों पर फिर से स्टॉपेज शुरू करने का फैसला लिया है, देखें पूरी रिपोर्ट”

रेलवे विभाग ने यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन का कई स्टेशनों पर ठहराव शुरू करने का फैसला लिया है। दरअसल कोरोना महामारी के बाद यात्रियों की कमी के चलते रेलवे ने छोटे स्टेशनों पर एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों का स्टॉपेज बंद कर दिया था।

करीब 6 साल बाद अब रेलवे ने इन स्टेशनों पर फिर से स्टॉपेज शुरू करने का फैसला लिया है। इस फैसले से अब लंबी दूरी की ट्रेनें हथबंद, बिल्हा, पेंड्रारोड, बेलगहना, ब्रजराजनगर, करगीरोड समेत कई छोटे स्टेशनों पर दो मिनट के लिए रुकेंगी। रेलवे ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन की कुल 52 ट्रेनों का 19 स्टेशनों पर स्टॉपेज पहले बंद किया था। आज से यह सुविधा यात्रियों को मिलने लगेगी।

आज से टिकट बुकिंग हुई शुरू स्टॉपेज शुरू होने के साथ ही इन स्टेशनों से टिकट बुकिंग भी चालू कर दी गई है। लंबे समय से यात्री लगातार इस सुविधा की मांग कर रहे थे। प्रदेश के मंत्री, विधायक और जनप्रतिनिधियों ने भी रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर स्टॉपेज शुरू करने की पहल की थी। इन स्टेशनों पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव शुरू होने के बाद अब सैकड़ो यात्रियों को लाभ मिलेगा।

बिल्हा-बेलगहना रेलवे स्टेशन को मिलेगा सबसे अधिक लाभ रेलवे विभाग ने 26 जोड़ी यानी 52 ट्रेनों को 15 स्टेशनों पर स्टापेज मंजूर किया गया है, जो कि 1 सितंबर से लागू होगा। इन स्टेशनों में सबसे फायदे में बिल्हा और बेलगहना रेलवे स्टेशन रहा है। जहां पर क्रमशः 4 व 3 एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टापेज दिया गया है। राजनैतिक दृष्टिकोण से बिल्हा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक और बेलगहना रेलवे स्टेशन केंद्रीय मंत्री का क्षेत्र है। ट्रेनों का ठहराव शुरू होने से इन स्टेशनों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा।

“ट्रंप टैरिफ विवाद के बीच पुतिन-मोदी का बड़ा ऐलान, भारत-रूस द्विपक्षीय वार्ता की 5 बड़ी बातें”

0

“ट्रंप टैरिफ विवाद के बीच पुतिन-मोदी का बड़ा ऐलान, भारत-रूस द्विपक्षीय वार्ता की 5 बड़ी बातें”

चीन के तियानजिन शहर में प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसमें दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ और आर्थिक दबाव के बीच भारत-रूस के संबंधों को लेकर बयान जारी किए।

दोनों देशों ने अपने संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने रूस और यूक्रेन युद्ध के लिए शांति प्रयासों का स्वागत किया।

द्विपक्षीय संबंध मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि ट्रंप के टैरिफ और आर्थिक दबावों के बीच भी भारत और रूस के रिश्ते सिद्धांतों के आधार पर बढ़ते रहेंगे। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच आपसी सहयोग, बढ़ते रिश्ते और द्विपक्षीय संवाद राष्ट्रीय सुरक्षा, वैश्विक स्थिरता और समृद्धि-विकास सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से यह भी कहा कि वे दिसंबर में होने वाली उनकी यात्रा का इंतजार कर रहे हैं।

रूस और यूक्रेन शांति वार्ता पर हुई दोनों की बात द्विपक्षीय वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बात हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यूक्रेन के साथ चल रहे संघर्ष पर लगातार चर्चा हो रही है। भारत शांति प्रयासों का स्वागत करता है औ उम्मीद है कि संघर्ष को जल्द खत्म करने और स्थायी शांति स्थापित करने का रास्ता जल्दी ही तलाश लिया जाएगा। भारत भी रूस और यूक्रेन में शांति वार्ता के पक्ष में हैं और उम्मीद करता है कि जल्दी ही दोनों एक टेबल पर आकर निर्धारित एजेंडे को लेकर बातचीत करेंगे।

परस्पर संवाद और सहयोग की प्रतिबद्धता जताई प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि भारत और रूस इंटरनेशनल लेवल पर आपसी संबंधों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं और आपसी को-ऑर्डिनेशन भी सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। ट्रंप के आर्थिक दबावों के बीच भारत और रूस अपने संबंधों को आगे बढ़ाते रहेंगे, क्योंकि भारत और रूस के संबंध रणनीतिक सिद्धांतों के आधार पर विकसित हो रहे हैं। भविष्य में भी भारत और रूस ऐसे ही परस्पर संवाद करते रहेंगे। एक-दूसरे को व्यापार और रक्षा सहयोग देते रहेंगे।

आपसी संबंधों को दोनों देशों के लिए जरूरी बताया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात में कहा कि भारत और रूस मुश्किल हालातों में भी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे हैं और खड़े रहेंगे। दोनों देशों के घनिष्ठ संबंध और आपसी सहयोग न केवल दोनों देशों की जनता के लिए जरूरी है, बल्कि वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। हम दोनों की मुलाकात हमेशा से ही यादगार अनुभव और सकारात्मक रही है। मुलाकातों में दोनों देशों को कई विषयों पर जानकारियों का आदान-प्रदान करने का मौका मिलता है। दोनों पक्षों के बीच कई उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं और अब भारत को दिसंबर 2025 में होने वाले शिखर सम्मेलन का इंतजार है।