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“सुपौल से मधुबनी तक निकाली जाएगी यात्रा, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और तेजस्वी यादव होंगे शामिल”

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“सुपौल से मधुबनी तक निकाली जाएगी यात्रा, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और तेजस्वी यादव होंगे शामिल”

आज वोटर अधिकार यात्रा का 10वां दिन है और यह यात्रा सुपौल से मधुबनी तक निकाली जाएगी। इस यात्रा में प्रमुख नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और तेजस्वी यादव सहित कई प्रमुख विपक्षी नेता शामिल होंगे।

यह यात्रा बिहार में लोकतंत्र की मजबूती और वोटर अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण अभियान है। जनसंवाद, पदयात्रा और सभाओं का आयोजन यात्रा के दौरान जनसंवाद, पदयात्रा और सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें लोग अपने वोटर अधिकारों के बारे में चर्चा करेंगे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी को लेकर जानकारी प्राप्त करेंगे। यात्रा का उद्देश्य वोटर शिक्षा, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझाना और राज्यवासियों में सजग नागरिक के रूप में जागरूकता बढ़ाना है।

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और तेजस्वी यादव का मार्गदर्शन यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव भी भाग लेंगे। यह तीनों नेता इस यात्रा के मुख्य आकर्षण होंगे, जो राज्य में बड़े पैमाने पर जन जागरूकता फैलाने का प्रयास करेंगे।

राहुल गांधी ने पहले ही कहा था कि यह यात्रा लोकतंत्र की रक्षा के लिए है, और हम चाहेंगे कि हर नागरिक अपने अधिकारों को समझे और उसे सही तरीके से इस्तेमाल करे। प्रियंका गांधी ने भी इस यात्रा के दौरान महिला सशक्तिकरण और वोटर अधिकारों पर विशेष जोर दिया है।

सुपौल से मधुबनी तक की यात्रा यात्रा की शुरुआत सुपौल से होगी और यह मधुबनी तक जाएगी। यात्रा के दौरान दोनों जिलों में कई सभा स्थल तय किए गए हैं, जहां पर स्थानीय लोग और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचकर नेताओं से वोटर अधिकारों और लोकतंत्र के महत्व के बारे में जानेंगे। यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर कार्यकर्ता वोटिंग अधिकारों को लेकर आम जनता से संवाद करेंगे और उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के महत्व के बारे में जागरूक करेंगे।

वोटर अधिकार यात्रा का उद्देश्य इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य वोटर जागरूकता फैलाना और खासकर उन क्षेत्रों में लोगों को वोट डालने के लिए प्रेरित करना है, जहां मतदान प्रतिशत कम है। इसके साथ ही यह यात्रा लोकतंत्र को सशक्त करने और वोटिंग के अधिकार को लेकर नागरिकों के बीच समझ बढ़ाने का एक सशक्त कदम साबित हो रही है।

“Asia Cup 2025 के लिए अब तक इन देशों ने किया टीमों का ऐलान, यहां देखें सभी के स्क्वॉड”

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“Asia Cup 2025 के लिए अब तक इन देशों ने किया टीमों का ऐलान, यहां देखें सभी के स्क्वॉड”

9 सितंबर से 28 सितंबर तक खेले जाने वाले एशिया कप में पहली बार आठ टीमें हिस्सा लेने जा रही हैं। ये मैच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में खेले जाएँगे। हालाँकि, भारत इस टूर्नामेंट का मेज़बान है।

पाकिस्तान के साथ तटस्थ स्थल समझौते के कारण, बीसीसीआई ने मैच यूएई में आयोजित करने पर सहमति जताई। अब तक भारत और पाकिस्तान समेत कुल 5 देशों ने अपनी टीमों की घोषणा कर दी है।

भारतीय टीम की बात करें तो सूर्यकुमार यादव कप्तान बने रहेंगे, जबकि उप-कप्तान की ज़िम्मेदारी शुभमन गिल को दी गई है। हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल और जसप्रीत बुमराह जैसे सीनियर खिलाड़ियों को टीम इंडिया में शामिल किया गया है। वहीं, पाकिस्तानी टीम बाबर आज़म और मोहम्मद रिज़वान के बिना एशिया कप में उतरेगी और टीम की कप्तानी सलमान अली आगा करेंगे। इनके अलावा, अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश और हांगकांग ने अपनी टीमों की घोषणा कर दी है।

एशिया कप के लिए सभी टीमें: भारत- सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुबमन गिल, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, जसप्रित बुमरा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर, हरकित सिंह), राकेश पटेल

पाकिस्तान- सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, फहीम अशरफ, फखर जमान, हारिस रऊफ, हसन अली, हसन नवाज, हुसैन तलत, खुशदिल शाह, मोहम्मद हारिस (विकेटकीपर), मोहम्मद नवाज, मोहम्मद वसीम जूनियर, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, सलमान मिर्जा, शाहीन अफरीदी, सुमद सुमाद अफगानिस्तान- राशिद खान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज, इब्राहिम जादरान, दरविश रसूली, सेदिकुल्लाह अटल, अजमतुल्लाह उमरजई, करीम जनत, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नायब, शराफुद्दीन अशरफ, मोहम्मद इशाक, मुजीब उर रहमान, अल्लाह गजनफर, नूर अहमद, फरीद मलिक, नवीन-उल-हक, फजलहक फारूकी

बांग्लादेश- लिटन दास (कप्तान), तनजीद हसन, परवेज हुसैन इमोन, सैफ हसन, तौहीद हृदयोय, जाकिर अली अनिक, शमीम हुसैन, काजी नुरुल हसन सोहन, शेख मेहदी हसन, रिशाद हुसैन, नसुम अहमद, मुस्तफिजुर रहमान, तनजीम हसन साकिब, शाकिफ अहमद, शाकिफ हुसैन, शाकिफ इस्लाम।

हांगकांग- यासीम मुर्तजा (कप्तान), बाबर हयात, जीशान अली, नियाजकत खान मोहम्मद, नसरुल्लाह राणा, मार्टिन कोएत्जी, अंशुमन रथ, कल्हण मार्क चल्लू, आयुष आशीष शुक्ला, मोहम्मद इजाज खान, अतीक उल रहमान इकबाल, किंचित शाह, आदिल महमूद, हारून मोहम्मद अली मोहम्मद शाह, हारून मोहम्मद शाह, मोहम्मद अली, अरविंद शाह। वहीद, अनस खान, एहसान खान

ओमान- अभी घोषणा नहीं हुई है

श्रीलंका– अभी घोषणा नहीं हुई है

संयुक्त अरब अमीरात – अभी तक घोषणा नहीं की गई है

“NDA सीट शेयरिंग फॉर्मूला क्या होगा? जानिए BJP-JDU की बराबरी से चिराग का घाटा क्यों होगा”

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“NDA सीट शेयरिंग फॉर्मूला क्या होगा? जानिए BJP-JDU की बराबरी से चिराग का घाटा क्यों होगा”

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी जोर-शोर से चल रही है, और सबसे बड़ा सवाल यह है कि एनडीए (NDA) का सीट शेयरिंग फॉर्मूला क्या होगा। खासकर बीजेपी और जेडीयू (JDU) के बीच सीटों का बंटवारा, जो बिहार की राजनीति के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। इस फॉर्मूले का असर न सिर्फ बिहार की भविष्यवाणी पर होगा, बल्कि चिराग पासवान और उनकी लोजपा (रामविलास) के लिए भी बड़ा चैलेंज हो सकता है। आइए, हम जानते हैं NDA के सीट शेयरिंग फॉर्मूले और चिराग पासवान के लिए संभावित घाटे के बारे में।

NDA का सीट शेयरिंग फॉर्मूला: BJP और JDU की बराबरी भा.ज.पा (BJP) और जेडीयू (JDU) के बीच सीटों का बंटवारा अब तक मुख्य रूप से बराबरी का रहा है। यदि बिहार में एनडीए की सीट शेयरिंग की बात की जाए, तो बीजेपी और जेडीयू दोनों पार्टियां चुनावी मैदान में बराबरी का हिस्सा साझा करती हैं। बीजेपी (BJP) को विधानसभा की 110 से 120 सीटें मिल सकती हैं। जेडीयू (JDU) को भी लगभग 110 से 120 सीटें मिल सकती हैं। एलजेपी (लोजपा) और अन्य छोटे सहयोगी दलों को मिलाकर एनडीए का सीट बंटवारा लगभग 243 सीटों के मुकाबले किया जाएगा। NDA का यह फॉर्मूला राज्य में सत्ताधारी गठबंधन के रूप में मुख्य रूप से काम करता है, जहां दोनों पार्टियां – बीजेपी और जेडीयू – बराबरी से सीटों पर लड़ाई करती हैं।

चिराग पासवान का घाटा क्यों होगा? अब बात करते हैं चिराग पासवान और उनकी पार्टी लोजपा (रामविलास) के बारे में। जब से चिराग पासवान ने अपनी पार्टी लोजपा को एक नया स्वरूप दिया और लोजपा का नेतृत्व अपने हाथ में लिया, तब से वह बीजेपी के साथ तालमेल के बावजूद जेडीयू के खिलाफ सख्त आवाज़ उठा रहे हैं। चिराग पासवान के लिए बड़ा संकट: चिराग को इस बार सीट बंटवारे में भारी घाटा हो सकता है क्योंकि इस बार बीजेपी और जेडीयू दोनों ने एनडीए के अंदर एकजुट होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। चिराग की लोजपा को बीजेपी के साथ गठबंधन में सीटों का हिस्सा मिल सकता है, लेकिन जेडीयू से अलग होने और अलग लड़ा चुनाव करने की स्थिति में उनकी पार्टी के लिए जगह बनाना मुश्किल हो सकता है। 2020 विधानसभा चुनाव में भी चिराग पासवान ने बीजेपी के समर्थन से ही चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार जब बीजेपी और जेडीयू के बीच सीटों का समान बंटवारा होगा, तो चिराग को कुछ कम सीटों का ही मिलना तय माना जा रहा है। साथ ही, वह जेडीयू के खिलाफ अपनी पार्टी का रुख अपनाने की वजह से एनडीए में अंदरूनी संकट का सामना कर सकते हैं।

चिराग के लिए संभावित घाटा सीटों की संख्या में कमी: चिराग को इस बार एनडीए से बाहर होने के बाद कम सीटों का हिस्सा मिल सकता है। बीजेपी-जेडीयू की गठबंधन मजबूती: बीजेपी और जेडीयू के बीच मजबूत गठबंधन की वजह से चिराग के लिए सीटों की मांग करना और उम्मीदवार खड़ा करना कठिन हो सकता है। जेडीयू और बीजेपी की साझा रणनीति: दोनों पार्टी मिलकर चुनावी मैदान में उतरने की योजना बना रहे हैं, जिसका असर चिराग की पार्टी पर पड़ेगा।

“राहुल गांधी BJP पर सीधा प्रहार, वोट चोरी मामले में ECI को बताया भाजपा का पार्टनर”

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“राहुल गांधी BJP पर सीधा प्रहार, वोट चोरी मामले में ECI को बताया भाजपा का पार्टनर”

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को बिहार में अपनी ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ के दौरान अररिया में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सहयोगी बन गया है और बिहार में ‘वोट चोरी’ की कोशिश कर रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि वह किसी भी हालत में बिहार में वोट चोरी नहीं होने देंगे। मतदाता अधिकार यात्रा अररिया में इंडिया अलायंस की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि उनकी ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ की सफलता साबित करती है कि बिहार के करोड़ों लोग वोट चोरी के मुद्दे को सच मानते हैं।

उन्होंने कहा, “लोग इस यात्रा में खुद-ब-खुद शामिल हो रहे हैं। चुनाव आयोग का काम एक साफ-सुथरी और सही मतदाता सूची उपलब्ध कराना है, लेकिन उसने हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक में ऐसा नहीं किया है। बिहार में उसका व्यवहार भी वोट चोरी को बढ़ावा दे रहा है।”

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग खुद अपनी विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचा रहा है। कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आयोग ने मतदाता सूची को लेकर उठाए गए सवालों पर उनसे हलफनामा माँगा था, जबकि भाजपा नेता अनुराग ठाकुर द्वारा उठाए गए इसी तरह के मुद्दे पर उनसे कोई हलफनामा नहीं माँगा गया। उन्होंने कहा, “मीडिया भी जानता है कि चुनाव आयोग किसके साथ है।”

‘मतदाता अधिकार यात्रा’ का उद्देश्य राहुल गांधी की ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ 17 अगस्त को बिहार के सासाराम से शुरू हुई। इस यात्रा का उद्देश्य मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ जन जागरूकता फैलाना है। भारत गठबंधन के तहत, इस यात्रा में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव और गठबंधन के अन्य प्रमुख नेता शामिल हैं। यह यात्रा 16 दिनों में लगभग 20 जिलों से होते हुए 1,300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इसका समापन 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में एक विशाल रैली के साथ होगा।

विपक्ष के आरोप राहुल गांधी और भारत गठबंधन ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में अनियमितताएँ हो रही हैं, जिसके कारण लाखों वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। उनका दावा है कि यह सत्ताधारी दल को फायदा पहुँचाने की एक साजिश है। विपक्ष इस यात्रा को ‘लोकतंत्र बचाओ’ आंदोलन के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जिसका उद्देश्य मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और एक स्वच्छ मतदाता सूची सुनिश्चित करना है।

तेजस्वी यादव का समर्थन यात्रा में शामिल राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी इस मुद्दे पर ज़ोर दिया और कहा कि किसी भी मतदाता को उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बिहार के लोगों से बड़ी संख्या में इस यात्रा में शामिल होने की अपील की है।

भाजपा का पलटवार वहीं, भाजपा ने राहुल गांधी की यात्रा को एक राजनीतिक स्टंट करार दिया है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे ‘कंस की राह’ बताया, जबकि सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि राहुल गांधी झूठ पर आधारित कहानी गढ़ रहे हैं। भाजपा का दावा है कि यह यात्रा विपक्ष के खोए हुए राजनीतिक आधार को फिर से हासिल करने की एक कोशिश मात्र है।

इस यात्रा में शामिल होंगे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव जैसे प्रमुख नेता भी विभिन्न चरणों में राहुल गांधी की यात्रा में शामिल होंगे। यह यात्रा न केवल मतदाता जागरूकता बढ़ाने का एक प्रयास है, बल्कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन की एकजुटता दिखाने की रणनीति का भी हिस्सा मानी जा रही है।

“मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, सैलरी में प्रति महीने 540 रुपये की बढ़ौतरी”

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“मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, सैलरी में प्रति महीने 540 रुपये की बढ़ौतरी”

नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से बड़ा तोहफा दिया गया है। सैलरी में 540 रुपए प्रति महीना की बढ़ोतरी हो गई है। बढ़ोतरी को लेकर फार्मूला भी सामने आ गया है। सैलरी बढ़ोतरी से देश के करोड़ों परिवारों को लाभ होगा।

पीएम मोदी की ओर से सैलरी में बढ़ोतरी का यह बहुत बड़ा तोहफा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से इस बार लगातार दूसरी बार सैलरी में बढ़ोतरी की जा रही है। सैलरी बढ़ोतरी से देश व प्रदेशों के कर्मचारियों को लाभ होगा।

सैलरी बढ़ौतरी को लेकर गुणा गणित भी सामने आ गया है। सैलरी बढ़ोतरी का लाभ पेंशनर्स को भी मिलेगा। पेंशनर्स की पेंशन में ₹270 प्रति महीना का इजाफा होगा।

अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार (PM Narendra Modi) की ओर से कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी का लाभ सीधा-सीधा देश की अर्थव्यवस्था को भी होगा। देश की अर्थव्यवस्था को सैलरी में बढ़ोतरी का लाभ मिलने वाला है।

कर्मचारियों की जेब में पैसा आएगा तो करोड़ों कर्मचारी अपनी जरूरत के लिए बाजार में अधिक पैसा लगा सकेंगे। इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

बढ़ोतरी को लेकर जरूरी आंकड़े आए सामने देश के एक करोड़ 20 लाख कर्मचारियों की सैलरी बढ़ोतरी (Salary hike) को लेकर जरूरी आंकड़े सामने आ गए हैं। केंद्रीय मंत्रालय के श्रम ब्यूरो की ओर से ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़े प्रस्तुत कर दिए गए हैं।

ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों के आधार पर ही कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी। फिलहाल तक के आए आंकड़ों के अनुसार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3% के हिसाब से बढ़ौतरी की उम्मीद की जा रही है।

58% के पार चली गई महंगाई दर देश में महंगाई दर (DA) 58% को पार कर गई है। महंगाई दर में बढ़ोतरी होने से महंगाई भत्ता भी 3% तक बढ़ सकता है। फिलहाल कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। 3% की बढ़ोतरी होने पर यह 58% प्रति महीना पहुंच जाएगा।

सैलरी में कब से होगा इजाफा कर्मचारियों की सैलरी (DA hike) में जल्द ही इजाफा होने वाला है। सैलरी में इजाफे को लेकर जो सूचना आ रही है, इसकी घोषणा सितंबर में की जा सकती है। जबकि इसको प्रभावी 1 जुलाई 2025 से ही माना जाएगा। आठवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों का यह अंतिम महंगाई भत्ते में संशोधन है। पीएम नरेंद्र मोदी सरकार से कर्मचारियों को इस महंगाई भत्ते में ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद है।

सैलरी में कितना होगा इजाफा कर्मचारियों की सैलरी (employees Salary Hike) में इजाफा महंगाई भत्ते और बेसिक सैलरी पर निर्भर करता है। कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर प्रतिशत के हिसाब से महंगाई भत्ता दिया जाएगा। फिलहाल कर्मचारियों को 58% महंगाई भत्ता (DA Hike) दिया जा सकता है। ऐसे में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।

देश में कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रुपए प्रति महीना है। जिसमें 3% महंगाई भत्ता बढ़ाने पर 540 रुपए प्रति महीना का इजाफा हो जाएगा।

“भारत पर लागू होगा 50 प्रतिशत टैरिफ, डेडलाइन खत्म, ट्रंप ने जारी किया नोटिस”

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“भारत पर लागू होगा 50 प्रतिशत टैरिफ, डेडलाइन खत्म, ट्रंप ने जारी किया नोटिस”

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत लगाने के लिए नोटिस जारी कर दिया है. इसमें बताया गया है कि नया टैरिफ सिस्टम 27 अगस्त रात 12.01 बजे से लागू होगा. ट्रंप और भारत के बीच चल रही दूरी और बढ़ने वाली है.

ट्रंप भारत के रूस से तेल खरीदने की वजह से नाराज हैं और उन्होंने इसको लेकर नाराजगी भी जाहिर की थी. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि भारत की ओर से रूस से तेल की लगातार खरीद नेशनल सिक्योरिटी के लिए चिंता की बात है. यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने कस्मम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन को जरिए टैरिफ को लेकर जानकारी साझा की है. ट्रंप इसके जरिए भारत पर दबाव बढ़ाना चाहते हैं. उन्होंने भारत पर पहले 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, लेकिन फिर इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया.

रूस से ट्रेड करने वालों पर दबाव बना रहे ट्रंप दरअसल ट्रंप रूस से रिश्ता रखने वाले देशों पर दबाव बढ़ा रहे हैं. भारत और रूस के बीच काफी अच्छी दोस्ती है और दोनों के बीच ट्रेड भी होता है. ट्रंप का कहना है कि भारत, रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध को अप्रत्यक्ष रूप से फंडिंग कर रहा है. रूस और यूक्रेन के बीच लंबे वक्त से युद्ध चल रहा है. ट्रंप ने इसे खत्म करवाने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ मीटिंग भी की थी.

अमेरिकी टैरिफ को लेकर भारत ने क्या दिया जवाब भारत के विदेश मंत्रालय ने 50 प्रतिशत टैरिफ को गलत ठहराया था. उसने इसे अन्यायपूर्ण करार दिया. भारत ने कहा कि वह ऊर्जा आवश्यकताओं और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर रूस से तेल खरीद रहा है. उसने यह भी कहा कि जहां से तेल सस्ता मिलेगा, वहीं से खरीदा जाएगा.

भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड पर भी नहीं बनी बात भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील होने वाली थी, जो कि ट्रंप की जिद की वजह से अटकी हुई है. ट्रंप चाहते हैं कि भारत उसके लिए कृषि और डेयरी सेक्टर पूरी तरह से खोल दे, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है. उसने इस मसले पर कहा है कि किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर समझौता नहीं किया जा सकता.

“AAP नेता सौरभ भारद्वाज के घर ED ने मारा छापा, अस्पताल निर्माण घोटाले से जुड़ा है मामला”

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“AAP नेता सौरभ भारद्वाज के घर ED ने मारा छापा, अस्पताल निर्माण घोटाले से जुड़ा है मामला”

आम आदमी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार (26 अगस्त) सौरभ भारद्वाज के घर छापा मारा. उन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगा है.

जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई हॉस्पिटल निर्माण घोटाले से जुड़ी है. इसके तहत ED की टीम उनके घर पहुंची और सर्च ऑपरेशन चलाया ED की टीम ने सौरभ भारद्वाज से जुड़े 13 ठिकानों पर छापा मारा है. सौरभ भारद्वाज के साथ-साथ आप सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहे सत्येंद्र जैन पर भी मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगा था.

क्या है पूरा मामला अस्पताल निर्माण घोटाला करीब 5590 करोड़ का है. साल 2018-19 में दिल्ली सरकार ने 24 अस्पतालों के निर्माण के लिए 5590 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी थी. 6 महीने में ICU अस्पताल बनना था, लेकिन 3 साल बाद भी काम अधूरा रहा. इनमें से कई प्रोजेक्ट्स में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं.

800 करोड़ खर्च होने के बावजूद केवल 50% काम पूरा हुआ. LNJP अस्पताल की लागत 488 करोड़ से बढ़कर 1,135 करोड़ रुपये हो गई, जबकि काम भी का धीमी गति से हुआ. कई जगहों पर बिना मंजूरी के निर्माण कार्य शुरू किए गए और इसमें ठेकेदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई.

सौरभ के साथ सत्येंद्र जैन भी जांच के दायरे में हॉस्पिटल इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (HIMS) 2016 से लंबित है, जिसे जानबूझकर टालने का आरोप है. पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज और सत्येंद्र जैन इस मामले में जांच के दायरे में है. इसको लेकर ED ने अपनी ECIR दर्ज की थी.

बता दें कि इस मामले में भारद्वाज के अलावा आप नेता सत्येंद्र जैन की भी जांच चल रही है. भारद्वाज, जो पहले दिल्ली विधानसभा में ग्रेटर कैलाश निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे, आप सरकार में स्वास्थ्य, शहरी विकास और जल जैसे महत्वपूर्ण विभागों में कार्यरत थे. अहम बात यह भी है कि इन मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था.

“27 अगस्त को है गणेश चतुर्थी, जानें किस राज्य में रहेगी छुट्टी और कहां नहीं?”

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“27 अगस्त को है गणेश चतुर्थी, जानें किस राज्य में रहेगी छुट्टी और कहां नहीं?”

भारत त्योहारों का देश है, यहां हर त्यौहार का असर सिर्फ घर-परिवार और पूजा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्कूल, कॉलेज और ऑफिस की दिनचर्या पर भी पड़ता है. अगस्त का आखिरी हफ्ता भगवान गणेश की भक्ति और उत्सव का समय है, क्योंकि इसी दौरान धूमधाम से गणेश चतुर्थी मनाई जाती है.

आइए जानते हैं इस उत्सव पर किन-किन राज्यों में छुट्टी रहेगी. इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त 2025 (बुधवार) को मनाया जाएगा. देशभर में भगवान गणेश का जन्मोत्सव इसी दिन धूमधाम से मनाया जाएगा. कई राज्यों के स्कूलों ने अभिभावकों को पहले ही छुट्टी का संदेश भेज दिया है, ताकि बच्चों और पेरेंट्स को कोई परेशानी न हो.

किन राज्यों में स्कूल रहेंगे बंद? गणेश चतुर्थी खासतौर पर पश्चिम और दक्षिण भारत के राज्यों में बड़े स्तर पर मनाई जाती है. यहां इस दिन स्कूल-कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी जाती है.

महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, तेलंगाना – सभी स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे. खास बात यह है कि महाराष्ट्र और गोवा जैसे राज्यों में कई स्कूल 10 दिनों तक बंद रहते हैं ताकि छात्र-छात्राएं पूरे उत्सव का हिस्सा बन सकें.

आंध्र प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश – यहां भी गणेश चतुर्थी के दिन स्कूल बंद रहेंगे. प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है. अन्य राज्य (दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार आदि) – यहां छुट्टी अनिवार्य नहीं है. इसका फैसला स्थानीय प्रशासन या स्कूल प्रबंधन करेगा. हालांकि कुछ शहरों के स्कूलों ने अभिभावकों को छुट्टी का नोटिस भेज दिया है.

CISF की पहली पूर्ण महिला कमांडो यूनिट में कैसे मिलती है नौकरी? जान लें सैलरी से लेकर पोस्ट तक के बारे में सबकुछ स्कूल की छुट्टी कैसे कंफर्म करें? स्कूल की ऑफिशियल वेबसाइट पर नोटिस चेक करें. पेरेंट्स ग्रुप या स्कूल मैनेजमेंट से सीधे जानकारी लें. कुछ स्कूल SMS या ईमेल के जरिए छुट्टी की जानकारी पहले से भेज देते हैं, उसे जरूर देखें.

“Palestine Currency: फिलिस्तीन में कौन सी करेंसी का होता है इस्तेमाल? क्या है भारतीय रुपये की वहां कीमत जानकार उड़ जाएंगे होश”

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“Palestine Currency: फिलिस्तीन में कौन सी करेंसी का होता है इस्तेमाल? क्या है भारतीय रुपये की वहां कीमत जानकार उड़ जाएंगे होश”

फिलिस्तीन की अपनी कोई आधिकारिक मुद्रा नहीं है और इसके बजाय, वहां कई करेंसी चलती है. यहां मुख्यत: इजरायली न्यू शेकेल (ILS) चलती है. इसके अलावा अमेरिकी डॉलर (USD) और जॉर्डनियन दीनार (JOD) का भी इस्तेमाल होता है.

भारतीय करेंसी की वैल्यू इजरायली शेकेल से तुलना करें तो एक इजरायली शेकेल की कीमत 25.92 भारतीय रुपया के बराबर है. वहीं 1 भारतीय रुपये की कीमत इजरायल में महज 0.3 इजरायली शेकेल के बराबर है.

अगर कोई भारतीय फिलिस्तीन में जाकर कमाता है और वहां 1 लाख इजरायली शेकेल की सैलरी पाता है तो भारत में उसकी कीमत 25 लाख 98 हजार 704 रुपये के बराबर हो जाती है.

इजरायली शेकेल को बैंक ऑफ इजरायल (Bank of Israel) जारी करता है. यह बैंक इजरायल सरकार की ओर से बैंकनोट और सिक्के जारी करने के लिए जिम्मेदार है.

फिलिस्तीन में इजरायली शेकेल के अलावा दो और करेंसी चलती है, जिनमे से एक अमेरिकी डॉलर है और दूसरा जॉर्डन का दिनार चलता है. दोनों करेंसी की कीमत भारतीय करेंसी के मुकाबले ज्यादा होती है.

“15000mAh की बैटरी के साथ एंट्री मारेगा ये नया स्मार्टफोन! इस दिन होगा लॉन्च, जानें संभावित फीचर्स”

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“15000mAh की बैटरी के साथ एंट्री मारेगा ये नया स्मार्टफोन! इस दिन होगा लॉन्च, जानें संभावित फीचर्स”

15000mAh Battery Smartphone: स्मार्टफोन ब्रांड Realme ने हाल ही में एक ऐसा टीज़र जारी किया है जिसने टेक इंडस्ट्री को चौंका दिया है. कंपनी अपने अगले इवेंट में ऐसा फोन दिखाने जा रही है जिसमें 15,000mAh की बैटरी होगी.

यह लॉन्च 27 अगस्त को ग्लोबल स्तर पर किया जाएगा. बताया जा रहा है कि यह फोन एक कॉनसेप्ट मॉडल हो सकता है जिसे फिलहाल ग्राहकों के लिए उपलब्ध नहीं कराया जाएगा.

आमतौर पर इतनी बड़ी बैटरी वाले फोन बेहद मोटे और भारी होते हैं लेकिन Realme का टीज़र कुछ और ही कहानी कह रहा है. पोस्टर में फोन के बैक पैनल पर “15000mAh” लिखा हुआ है और डिवाइस देखने में सामान्य स्मार्टफोन जितना ही पतला लग रहा है. यह संभव हुआ है कंपनी की सिलिकॉन-ऐनोड तकनीक की वजह से, जिसे इस साल की शुरुआत में पेश किया गया था.

5 दिन की बैटरी लाइफ और 50 घंटे वीडियो प्लेबैक Realme का दावा है कि इस नई बैटरी से फोन को एक बार चार्ज करने पर 50 घंटे तक वीडियो प्लेबैक मिलेगा. इसके अलावा, यह बैटरी फोन को लगातार 5 दिन तक चलाने की क्षमता रखती है. ऐसे में यह स्मार्टफोन बैटरी बैकअप के मामले में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव साबित हो सकता है.

पहले दिखा चुका है 10,000mAh कॉनसेप्ट फोन यह पहली बार नहीं है जब Realme ने बड़ी बैटरी वाले फोन का प्रदर्शन किया है. मई 2025 में कंपनी ने 10,000mAh बैटरी वाला कॉनसेप्ट फोन पेश किया था. उस डिवाइस में ‘अल्ट्रा-हाई सिलिकॉन कंटेंट ऐनोड बैटरी’ का इस्तेमाल हुआ था जिसमें 10% सिलिकॉन का अनुपात था. बैटरी की एनर्जी डेंसिटी 887Wh/L बताई गई थी जो मौजूदा स्मार्टफोन्स से कहीं बेहतर है.

उस कॉनसेप्ट फोन का डिजाइन भी खास था जिसमें सेमी-ट्रांसपेरेंट बैक, 8.5mm मोटाई और करीब 200 ग्राम वजन था. साथ ही, इसमें 320W सुपरफास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया गया था. कंपनी का दावा है कि इस टेक्नोलॉजी से फोन को 4 मिनट 30 सेकंड में फुल चार्ज किया जा सकता है. सिर्फ 1 मिनट की चार्जिंग में बैटरी 26% तक भर जाती है जबकि 2 मिनट में 50% चार्जिंग पूरी हो जाती है.

क्या यह फोन मार्केट में आएगा? हालांकि Realme ने 15,000mAh बैटरी वाले इस फोन को लेकर अभी साफ नहीं किया है कि यह मार्केट में लॉन्च होगा या सिर्फ कॉनसेप्ट के तौर पर पेश किया जाएगा. लेकिन अगर कंपनी इसे ग्राहकों तक पहुंचाती है तो यह स्मार्टफोन इंडस्ट्री में बैटरी परफॉर्मेंस का नया रिकॉर्ड बना सकता है.

Vivo V60 5G को मिलेगी टक्कर Realme का ये नया फोन Vivo के हाल ही में लॉन्च हुए V60 5G को कड़ी टक्कर देने में सक्षम होगा. Vivo V60 में कंपनी ने 6500mAh की बैटरी दी है जो 90 वॉट के फ्लैश चार्जिंग को सपोर्ट करता है. इसके अलावा फोन में 50 मेगापिक्सल के प्राइमरी कैमरा के साथ एक 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड लेंस और एक 50 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस दिया हुआ है. सेल्फी और वीडियो के लिए फोन में 50 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मौजूद है. इस फोन को ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकॉर्ट पर 38,999 रुपये में लिस्ट किया गया है.