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महाविद्यालय के विकास में जनभागीदारी समिति करेगा हर संभव प्रयास : अतुल रायजादा

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राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय, राजनांदगांव के जनभागीदारी समिति की बैठक जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष अतुल रायजादा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर सुचित्रा गुप्ता द्वारा सभी सदस्यों के स्वागत भापण के साथ की गई। तत्पश्चात अध्यक्ष रायजादा द्वारा मीटिंग के विभिन्न एजेंडा पर चर्चा की गई, जिसमें महाविद्यालय में जिम में विभिन्न प्रकार के उपकरण जो पुराने हो चुके हैं, उसके मरम्मत एवं आवश्यकता अनुसार नए उपकरण क्रय, विद्यार्थियों के बैठने हेतु ऑटोनॉमस के बाहर कुर्सी की व्यवस्था, गृह विज्ञान विभाग में बर्तन, एनसीसी कक्ष की रिपेयरिंग, आवश्यकता अनुसार कंप्यूटर प्रिंटर अलमारी कय तथा कुछ स्थानों पर रिपेयरिंग के संबंध में चर्चा की गई, जिस पर सभी सदस्यों ने अपनी बात रखी। महाविद्यालय के बालक छात्रावास के रिक्त स्थान पर औपधिय पौधारोपण और उनकी व्यवस्था पर चर्चा की गई।
सदस्यों ने महाविद्यालय के दोनों छात्रावास में पानी की व्यवस्था हेतु चर्चा कर प्रस्ताव पास किया तथा महाविद्यालय के विकास में हर संभव सहयोग देने की बात की समिति की।
बैठक में अशोकादित्य श्रीवास्तव, राजकुमार बाफना, आरएस नायक, श्रीमती आभा श्रीवास्तव, श्रीमती शालू वर्मा, मनीप शर्मा, चिंटू सोनकर, आशीप डोंगरे, आशुतोप सिंह, सुमित सिंह भाटिया, आशुतोष शर्मा, इशांत शर्मा, साहिल गोलछा, अमितेश झा, मुकेश शर्मा महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ अनीता महेश्वर, डॉ. अमिता बक्शी, महाविद्यालय के रजिस्टार दीपक परगनिहा तथा प्रभारी लिपिक श्रीमती बसंती उपस्थित थे। बैठक का संचालन महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉक्टर शैलेंद्र सिंह द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अमिता बक्शी द्वारा किया गया।

किसानों की आय बढ़ाने वाला बजट, ग्रामीण विकास को देगा नई दिशा : सचिन सिंह बघेल

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राजनांदगांव। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष सचिन सिंह बघेल ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह बजट किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बजट में कृषि, रोजगार और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता दी गई है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
श्री बघेल ने आगे कहा कि केंद्रीय बजट में किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीक के उपयोग और फसल विविधीकरण पर जोर दिया गया है। इससे किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उन्हें उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। उन्होंने कहा कि बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए जो योजनाएं घोषित की गई हैं, उससे गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। ग्रामीण आधारभूत संरचना, सड़क, बिजली, भंडारण और सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने के लिए किए गए प्रावधान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देंगे। बजट में युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टार्टअप, स्वरोजगार और छोटे-मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बजट में डिजिटल बैंकिंगए आधुनिक तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के प्रावधान सहकारिता और बैंकिंग क्षेत्र के लिए भी लाभकारी सिद्ध होंगे। इससे किसानों और आम नागरिकों को बैंकिंग सेवाएं और अधिक आसान व सुलभ होंगी। अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाला है। यह बजट न केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करता है बल्कि भविष्य की मजबूत और टिकाऊ अर्थव्यवस्था की नींव भी रखता है।

दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा बोले- ‘अमेरिका से टैरिफ कटौती भारत के लिए राहत…

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दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा है कि भारत के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. अमेरिका ने भारत पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ (शुल्क) को कम कर दिया है, जिससे भारतीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ मिलेगा.

उन्होंने इसे देश के लिए ‘गुड न्यूज’ बताते हुए कहा कि इससे भारत के उद्योग, व्यापारियों और निवेश के माहौल को मजबूती मिलेगी.

प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी है और यहां होने वाले विकास कार्यों में केंद्र सरकार की अहम भूमिका रहती है. दिल्ली को केंद्र सरकार से कई योजनाओं और परियोजनाओं के तहत मदद मिलती है. रेलवे, स्वास्थ्य, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), शिक्षा और खेल जैसे क्षेत्रों में केंद्र के सहयोग से बड़े काम हो रहे हैं.

पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर साधा निशाना

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले दिल्ली में बार-बार धरना, हड़ताल और सड़कों पर लेटने की राजनीति होती थी, जिससे न सिर्फ तत्कालीन मुख्यमंत्री को नुकसान हुआ बल्कि दिल्ली का भी बड़ा नुकसान हुआ. उन्होंने कहा कि उस दौर में कई काम रुक जाते थे और फाइलें अटक जाती थीं. लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं.

‘सभी विभाग पूरी गति से कर रहे काम’

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अब दिल्ली में कोई झगड़ा नहीं है और कोई काम नहीं रुक रहा. सभी विभाग पूरी गति से काम कर रहे हैं. फाइलें बिना किसी बाधा के आगे बढ़ रही हैं और दिल्ली तेजी से ‘विकसित दिल्ली’ की ओर बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के हालिया बजट में भी विकसित भारत की साफ झलक दिखाई देती है.

प्रवेश वर्मा के अनुसार, इस बजट में स्वास्थ्य, युवाओं और व्यापारियों पर खास ध्यान दिया गया है. बायोफार्मा सेक्टर में निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा, नई यूनिवर्सिटी और एम्स जैसे संस्थानों को मजबूत किया जाएगा. खेलो इंडिया मिशन के तहत खेल सुविधाओं का भी विस्तार होगा.

‘दिल्ली को केंद्र सरकार से मिलेंगे करोड़ों रुपये’

उन्होंने बताया कि दिल्ली को केंद्र सरकार से 1348 करोड़ रुपये मिलेंगे, जबकि रेलवे से जुड़े कार्यों के लिए करीब 2700 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. इससे दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी. इसके अलावा एम्स सहित केंद्र सरकार के अस्पतालों को लगभग 5500 करोड़ रुपये का बजट मिला है, जिससे अस्पतालों की सुविधाएं और बेहतर होंगी.

प्रवेश वर्मा ने कहा कि एसटीपी प्लांट के लिए भी केंद्र से धन मिल रहा है. समय-समय पर दिल्ली सरकार योजनाएं बनाकर केंद्र को भेजती है और वहां से पूरा सहयोग मिलता है.

मंत्री प्रवेश वर्मा ने साझा किया राजनीतिक अनुभव

उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव को साझा करते हुए कहा कि जब उनके पिता दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और तालमेल की कमी महसूस होती थी. लेकिन आज सौभाग्य से दिल्ली और केंद्र दोनों जगह एक ही विचारधारा की सरकार है, जिसके कारण विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार का सीधा फायदा दिल्ली की जनता को मिल रहा है और आने वाले समय में यह फायदा और बढ़ेगा.

India-US Trade Deal: ‘क्या मोदी सरकार भारतीय कृषि…’, अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर सरकार पर फायर हुईं प्रियंका गांधी…

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भारत-अमेरिका ट्रे़ड डील की घोषणा के बाद भारतीय प्रोडक्ट्स पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है. इससे भारत को अरबों डॉलर का फायदा होगा. वहीं दूसरी ओर भारत में इसे लेकर बवाल मचा है.

विपक्ष खासकर कांग्रेस किसानों के मामले को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर है और उनसे लगातार सवाल पूछ रही है.

कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज मंगलवार (3 फरवरी) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस ट्रेड डील को लेकर सवाल उठाए. कांग्रेस नेता ने कहा कि अमेरिका की ओर से कहा गया है कि अमेरिकी किसानों के प्रोडक्ट अब भारतीय बाजार में बिकेंगे, जिससे ग्रामीण अमेरिका में पैसा आएगा. इस डील से ट्रंप ने अमेरिकी किसानों के लिए फायदा सुनिश्चित किया है.

अमेरिका की ओर से कहा गया है, “अमेरिकी किसानों के प्रोडक्ट अब भारतीय बाजार में बिकेंगे जिससे ग्रामीण अमेरिका में पैसा आएगा। इस डील से ट्रंप ने अमेरिकी किसानों के लिए फायदा सुनिश्चित किया है।”

भारत के करोड़ों किसान जानना चाहते हैं कि इस व्यापार समझौते की शर्तें क्या हैं?

प्रियंका गांधी वाड्रा के सवाल

उन्होंने आगे कहा कि भारत के करोड़ों किसान जानना चाहते हैं कि इस व्यापार समझौते की शर्तें क्या हैं? क्या मोदी सरकार भारतीय कृषि क्षेत्र को पूरी तरह अमेरिका के लिए खोलने जा रही है? क्या सरकार भारतीय किसानों को अमेरिकी कंपनियों के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा में झोंकेगी? क्या हमारे किसानों के हितों से समझौता किया गया है? जनता के सामने तत्काल स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

अमेरिकी कृषि सचिव का बयान

प्रियंका गांधी का ये बयान अमेरिकी कृषि सचिव ब्रूक रोलिंस के उस बयान के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि इस ट्रेड डील से भारत के बाजात में अमेरिकी कृषि उत्पादों के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. कीमतें बढ़ने से ग्रामीण अमेरिका में नकदी का फ्लो बढ़ेगा. रोलिंस ने कहा कि 2024 में भारत के साथ अमेरिका का कृषि व्यापार घाटा 1.3 अरब डॉलर था. भारत की बढ़ती आबादी अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और आज का यह समझौता इस घाटे को कम करने में काफी मददगार साबित होगा.

भारत का स्टैंड

कृषि उत्पादों को लेकर उच्च स्तरीय सूत्रों का कहना है कि भारतीय कृषि उत्पादों पर कोई समझौता नहीं होगा. सरकार अपने रूख पर क़ायम है. कृषि और डेयरी पर कोई समझौता नहीं होगा. सरकार भारतीय किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी.

भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ऐलान होते ही भाग गए ये शेयर, निवेशकों को दिया 20% तक का रिटर्न…

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भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर जैसे ही पॉजिटिव संकेत आए, वैसे ही शेयर बाजार में जोश देखने को मिला. खासतौर पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी शुरू हो गई. निवेशकों ने कुछ ही समय में 10 से 20 प्रतिशत तक का शानदार रिटर्न कमा लिया.

बीते कुछ महीनों से अमेरिकी टैरिफ को लेकर निवेशकों में चिंता बनी हुई थी, लेकिन अब माहौल बदलता नजर आ रहा है. ट्रेड डील की उम्मीदों और टैरिफ में कटौती की खबरों ने बाजार का मूड पूरी तरह पॉजिटिव कर दिया है.

बजट के बाद भी जारी रही शेयरों की रैली

मंगलवार, 3 फरवरी को बजट के दिन आई तेजी के बाद भी कई शेयरों में खरीदारी का सिलसिला थमा नहीं. इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर यानी EMS से जुड़ी कंपनियां निवेशकों की पहली पसंद बनती दिखीं. Syrma SGS Technology, Dixon Technologies, Kaynes Technology जैसी कंपनियों के शेयरों में लगातार तेजी देखने को मिली. अमेरिकी बाजार में भारत के लिए अवसर बढ़ने की उम्मीद ने इन कंपनियों की कमाई को लेकर भरोसा और मजबूत कर दिया.

20% तक उछले शेयर, निवेशकों की चांदी

Avalon Technologies के शेयरों में सबसे ज़्यादा उछाल आया. कंपनी का शेयर सीधे 20 प्रतिशत चढ़कर अपर सर्किट पर लॉक हो गया और 1,022 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. यह इसका पिछले दो महीनों का सबसे ऊंचा स्तर भी है. वहीं, Syrma SGS Technology का शेयर करीब 11 प्रतिशत बढ़कर 800 रुपये के पार निकल गया. Dixon Technologies में लगभग 7 प्रतिशत और Kaynes Technology में करीब 8 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई. इसके अलावा Amber Enterprises और PG Electroplast जैसे शेयर भी दिन के ऊंचे स्तर पर कारोबार करते नजर आए.

क्यों अचानक बढ़ा भरोसा?

अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर लगने वाले टैरिफ में राहत, इसकी प्रमुख वजह है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि भारतीय इंपोर्ट पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है. इन कदमों से भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिका में बिजनेस करना आसान हो सकता है, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ने की संभावना है.

EMS सेक्टर को क्यों मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?

एक्सपर्ट का मानना है कि टैरिफ में राहत का सबसे बड़ा फायदा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज सेक्टर को होगा. घरेलू ब्रोकरेज फर्म Axis Direct के अनुसार, भारत अब स्मार्टफोन असेंबली, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत कर सकता है. सप्लाई चेन में हो रहे बदलाव और PLI स्कीम के चलते भारत को चीन और अन्य एशियाई देशों के मुकाबले बेहतर मौके मिल सकते हैं. इससे ना सिर्फ बड़ी EMS कंपनियां बल्कि उनसे जुड़े छोटे सप्लायर्स को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

ट्रेड डील की यह खबर उन निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है जो लंबे समय से बाजार में दबाव देख रहे थे. 2025 में भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन एशिया में कमजोर रहा था, लेकिन अब हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि तेजी को देखकर जल्दबाजी में निवेश न करें. सही कंपनी मजबूत फंडामेंटल और लंबी अवधि के नजरिए से फैसला करना अभी भी जरूरी है.

अचानक सोना-चांदी के दाम में तूफानी तेजी, चांदी झटके में ₹21000 महंगी, जानें सोने का रेट…

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बीते कुछ दिनों से लगातार गिरावट झेल रहे सोना-चांदी के दामों में मंगलवार को अचानक जोरदार उछाल देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर वायदा कारोबार की शुरुआत होते ही दोनों कीमती धातुएं तूफानी तेजी के साथ खुलीं।

चांदी जहां एक झटके में 21 हजार रुपये से ज्यादा चढ़ गई, वहीं सोना भी 5 हजार रुपये से अधिक महंगा हो गया।

चांदी की कीमत में एक दिन में 21 हजार की छलांग

5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी सोमवार को 2,36,261 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। मंगलवार को कारोबार शुरू होते ही इसका भाव उछलकर 2,57,480 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। सोमवार को चांदी गिरकर करीब 2.25 लाख रुपये प्रति किलो तक आ गई थी, लेकिन मंगलवार को इसमें तेज रिकवरी देखने को मिली।

लाइफ टाइम हाई से अब भी काफी नीचे चांदी

मंगलवार की तेजी के बावजूद चांदी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से काफी नीचे है। 29 जनवरी को MCX पर चांदी पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार करते हुए 4,30,048 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। इस हिसाब से मौजूदा भाव अभी भी करीब 1,62,568 रुपये सस्ता है।

सोने के भाव में भी जबरदस्त उछाल

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली। MCX पर गोल्ड सोमवार को 1,43,991 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जो मंगलवार को शुरुआती कारोबार में ही बढ़कर 1,49,485 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया। यानी 24 कैरेट सोना एक ही दिन में करीब 5,494 रुपये महंगा हो गया।

सोना भी रिकॉर्ड स्तर से नीचे कारोबार कर रहा

सोने का मौजूदा भाव भी इसके लाइफ टाइम हाई से काफी कम है। MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले गोल्ड का उच्चतम स्तर 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा है, जिसे इसने 29 जनवरी को छुआ था। मंगलवार की तेजी के बाद भी सोना अभी अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 43,611 रुपये नीचे बना हुआ है।

पूर्व सेना प्रमुख को खतरा? संजय राउत बोले- नरवणे की बढ़ाई जाए सुरक्षा, मोदी सरकार जरूर कुछ न कुछ करेगी…

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘फॉर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ किताब पर बयान पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है। संजय राउत ने कहा कि राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा उठाया है।

उनका कहना था कि जब कोई पड़ोसी देश हमला करने की नीयत से सीमा पर पहुंचता है, तो उस समय देश के राजनीतिक नेतृत्व को स्पष्ट फैसला लेना चाहिए।

नरवणे की सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए- संजय राउत

संजय राउत ने आरोप लगाया कि उस दौरान तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे (सेवानिवृत्त) यह जानना चाह रहे थे कि आगे क्या कदम उठाया जाए, लेकिन प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री निर्णय लेने से बचते नजर आए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले के सामने आने के बाद उन्हें अब जनरल नरवणे की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। राउत ने आशंका जताई कि सरकार इस मुद्दे पर भी वैसी ही प्रतिक्रिया दे सकती है, जैसी उसने सोनम वांगचुक के मामले में दी थी। उन्होंने मांग की कि पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की सुरक्षा बढ़ाई जानी चाहिए।

जनरल नरवणे के किताब पर संसद में संग्राम

लोकसभा में सोमवार को भारी हंगामा देखने को मिला। विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए एक पत्रिका में प्रकाशित अंशों का हवाला दिया। ये अंश भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक से जुड़े बताए गए, जिसके बाद सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।

राहुल गांधी ने सदन में कहा कि कारवां पत्रिका में जनरल नरवणे के संस्मरण से जुड़े कुछ अंश प्रकाशित हुए हैं, जिन्हें सरकार प्रकाशित नहीं होने दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पत्रिका से केवल पांच पंक्तियां पढ़ना चाहते हैं। जैसे ही उन्होंने दोबारा बोलना शुरू किया, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण देश की आंतरिक स्थिति, नीतियों, विदेश नीति और वैश्विक हालात से जुड़ा होता है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उन पर देशभक्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि वह केवल तथ्यों के आधार पर जवाब देना चाहते हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आतंकवाद से लड़ने का दावा करने वाली सरकार एक उद्धरण से डर रही है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार को कोई डर नहीं है तो उन्हें सदन में वह अंश पढ़ने की अनुमति दी जानी चाहिए।

इस किताब का नाम ‘

our Stars of Destiny: An Autobiography’ यानी फॉर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी: एन ऑटोबायोग्राफी है, जिसे पूर्व आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने लिखा था। बता दें, नरवणे 31 दिसंबर 2019 से 30 अप्रैल 2022 तक भारतीय सेना के प्रमुख रहे। यह 448 पेज की किताब है। यह जनरल नरवणे के 40 साल के सैन्य करियर की पूरी कहानी बताती है। इसमें सिक्किम में चीन से पहली मुलाकात से लेकर गलवान में चीनी सेना से सामना, LoC पर फायरिंग, पाकिस्तान के साथ सीजफायर लागू करना और आधुनिक युद्ध के लिए सेना को तैयार करने जैसे किस्से शामिल हैं।

किताब को अबतक छापा नहीं गया है

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, किताब अभी अप्रकाशित है यानी इसे छापा नहीं गया है। इसे भारत में खरीदा नहीं जा सकता, हालांकि यह अमेजन पर लिस्टेड है, लेकिन उपलब्ध नहीं। यह किताब मूल रूप से जनवरी 2024 में रिलीज होने वाली थी, फिर अप्रैल 2024 में टाल दी गई। अभी मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (MoD) और इंडियन आर्मी इसकी सुरक्षा समीक्षा कर रही है, क्योंकि इसमें संवेदनशील जानकारी है। जैसे 2020 का लद्दाख स्टैंडऑफ और अग्निपथ स्कीम। पब्लिशर को एक्सट्रैक्ट्स या सॉफ्ट कॉपी सर्कुलेट न करने को कहा गया है। जनरल नरवणे ने 2025 में कहा था कि अब पब्लिशर और MoD के हाथ में है।

किताब में दो बड़े खुलासे किए गए?

2020 लद्दाख स्टैंडऑफ (चीन के साथ): 31 अगस्त 2020 की रात को पैंगोंग त्सो के साउथ बैंक के रेचिन ला पास पर चीनी PLA ने टैंक और सैनिक भेजे। भारतीय सेना की पोजीशंस पर टैंक कुछ सौ मीटर दूर थे। स्थिति ‘टेंसे और ब्रेकिंग पॉइंट’ के करीब थी। नॉर्दर्न कमांड चीफ लेफ्टिनेंट जनरल योगेश जोशी ने जनरल नरवणे को रात 8:15 बजे फोन किया। नरवणे ने तुरंत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, NSA अजीत डोभाल, CDS बिपिन रावत, और विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन किया और पूछा, ‘मेरे ऑर्डर्स क्या हैं?’

अनपब्लिश्ड किताब में नरवणे ने लिखा कि उन्हें ‘हॉट पोटैटो’ थमा दिया गया, सारी जिम्मेदारी उन पर डाल दी गई। उन्होंने गहरी सांस ली, कुछ मिनट चुप बैठे और दीवार की घड़ी की टिक-टिक सुनते रहे।कोई क्लियर फायरिंग ऑर्डर नहीं आया।’टॉप से क्लियरेंस’ तक फायर न करने के प्रोटोकॉल थे।

अग्निपथ स्कीम:

जून 2022 में लॉन्च हुई इस योजना से आर्मी सरप्राइज हुई। नेवी और एयर फोर्स के लिए ‘बोल्ट फ्रॉम द ब्लू’ थी।इस योजना को लेकर आर्मी का ओरिजिनल प्रपोजल था छोटा पायलट प्रोजेक्ट, 75% रिक्रूट्स को रिटेन करना और 25% रिलीज करना। लेकिन फाइनल स्कीम में 25% ही रिटेन हुए, जबकि 75% को 4 साल बाद रिलीज करने का नियम बना।शुरुआती सैलरी 20 हजार रुपए को नरवणे ने ‘अनएक्सेप्टेबल’ कहा। उन्होंने लिखा, ‘ट्रेंड सोल्जर जो जान दे सकता है, उसे डेली वेज लेबर से कैसे कंपेयर करें?’ बाद में दाम बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दिए गए।

ICC T20 World Cup 2026: Michael Vaughan की भविष्यवाणी और भारत की ताकत…

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आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 का आगाज होने में केवल 3 दिन बचे हैं, और भारतीय टीम (Team India) अपने अभियान की शुरुआत अमेरिका के खिलाफ करने जा रही है।

सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की अगुवाई में, टीम इंडिया अपने खिताब की रक्षा के लिए तैयार है। पिछली बार, भारतीय टीम ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2024 (ICC T20 World Cup 2024) में जीत हासिल की थी।

माइकल वॉन की भविष्यवाणी

इस बार भी भारत इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीम मानी जा रही है। माइकल वॉन (Michael Vaughan) ने चार सेमीफाइनलिस्ट टीमों का चयन किया है, जिसमें भारत के अलावा इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। वॉन का मानना है कि भारतीय टीम वर्तमान में विश्व की सबसे मजबूत टीम है। भारत ने लगभग सभी टीमों के खिलाफ सीरीज में जीत हासिल की है।

टी20 विश्व कप 2024 के बाद से, भारतीय टीम ने केवल एक मैच में हार का सामना किया है, जबकि जिम्बाब्वे, श्रीलंका, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया को हराया है। एशिया कप 2025 में भी भारत ने यूएई, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश को हराया।

पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका को बाहर रखा गया

हाल ही में, पाकिस्तान ने अपने घर में ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से हराया है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका की टीम ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2024 में भारत के खिलाफ फाइनल खेला था, लेकिन सूर्यकुमार यादव के एक कैच ने मैच का रुख बदल दिया।

भारत ने रोहित शर्मा की कप्तानी में आईसीसी टी20 विश्व कप 2024 जीता था और अब तक दो बार यह खिताब अपने नाम कर चुका है। भारतीय टीम अब तीसरे टी20 विश्व कप की जीत के इरादे से 7 फरवरी को मैदान में उतरेगी।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: पीएम मोदी ने संसद में दी नई ऊर्जा…

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भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते का महत्व

भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में संपन्न व्यापारिक समझौते ने न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था में हलचल पैदा की है, बल्कि भारतीय संसद में भी नई ऊर्जा का संचार किया है।

मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते की सफलता का श्रेय ‘धैर्य’ को दिया और विपक्ष की पूर्व की आलोचनाओं का उत्तर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने एनडीए सांसदों को बताया कि अमेरिका के साथ भारत का ऐतिहासिक व्यापार समझौता लगातार धैर्य का परिणाम है। उन्होंने कहा कि टैरिफ पर हुई पूर्व की आलोचना अब सकारात्मक परिणाम में बदल गई है। NDA संसदीय दल की बैठक में उन्होंने कहा कि इस डील ने एक सकारात्मक आर्थिक माहौल तैयार किया है और यह सरकार के स्थिर दृष्टिकोण को वैश्विक व्यापार वार्ताओं में दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “लोगों ने टैरिफ की आलोचना की, लेकिन हमने धैर्य रखा, और अब परिणाम सामने आ रहे हैं।” पीएम मोदी ने आगे कहा, “दुनिया का सिस्टम बदल रहा है, और इसका रुख तेजी से भारत की ओर हो रहा है। मैं यह बात कई वैश्विक मंचों पर कहता रहा हूं, और आज हम देख रहे हैं कि कई देशों में व्यापार तनाव के बावजूद भारत को लाभ हो रहा है।”

प्रधानमंत्री ने सांसदों से संसद में पूरी उपस्थिति सुनिश्चित करने और चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने सरकार के कार्यों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया। पार्टी नेताओं से उन्होंने नागरिकों तक पहुंचने और केंद्रीय बजट में बताई गई प्रमुख उपलब्धियों को उजागर करने का भी अनुरोध किया।

आगे आने वाले आर्थिक अवसरों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते को घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादन को बढ़ावा देना चाहिए, जो भारत के औद्योगिक विकास को मजबूत करने के प्रयासों के साथ मेल खाता है।

लोकसभा में व्यापार समझौते पर विपक्ष का हंगामा…

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लोकसभा की कार्यवाही में बाधा

मंगलवार को लोकसभा की बैठक भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर विपक्ष के तीव्र विरोध के कारण प्रभावित हुई। सदन की शुरुआत में पूर्व सांसद सुरुपसिंह हिरिया नाइक को श्रद्धांजलि दी गई, लेकिन इसके तुरंत बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से अनुरोध किया कि वे प्रश्नकाल के दौरान शांति बनाए रखें और बजट तथा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में अपनी बात रखें। हालांकि, शोर-शराबा जारी रहने के कारण सदन की कार्यवाही को पहले 12 बजे और फिर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।