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मई में खुदरा महंगाई दर बढ़कर हुई 3.93%, खाद्य वस्तुओं की कीमतें…

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NSO के आंकड़ों के अनुसार, मई में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर बढ़कर 4.78 प्रतिशत हो गई, जो अप्रैल में 4.20 प्रतिशत थी।

खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मई में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.93 प्रतिशत हो गई। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों में ये जानकारी सामने आई। इससे पिछले महीने अप्रैल में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर 3.48 प्रतिशत थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के अनुसार, मई में खाद्य वस्तुओं की महंगाई दर बढ़कर 4.78 प्रतिशत हो गई, जो अप्रैल में 4.20 प्रतिशत थी।

किन चीजों की कीमतों में हुई सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

पिछले महीने जिन वस्तुओं की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई, उनमें कीमती धातुओं से बने आभूषण, टमाटर, अदरक, किशमिश और मुनक्का शामिल हैं। वहीं दूसरी ओ, आलू, मटर, जीरा, मोटर कार, जीप, मोटरसाइकिल और स्कूटर समेत अन्य वस्तुओं की महंगाई दर सबसे कम रही।

आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए बढ़ाया महंगाई का अनुमान

मौद्रिक नीति तय करते समय भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मुख्य रूप से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा महंगाई दर को ध्यान में रखते हुए फैसले लेता है। सरकार ने आरबीआई को खुदरा महंगाई दर यानी मुद्रास्फीति 2 प्रतिशत के घट-बढ़ के साथ 4 प्रतिशत पर बनाए रखने की जिम्मेदारी दी है। आरबीआई ने पिछले हफ्ते चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 4.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.1 प्रतिशत कर दिया था।

पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों को ध्यान में रखकर जारी लगाया गया अनुमान

भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई के अनुमान को बढ़ाने के पीछे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर पड़ने वाले असर और बढ़ती लागत को जिम्मेदार बताया था। पेट्रोल की खुदरा कीमतों में मई से अब तक कुल 7.4 प्रतिशत और डीजल की कीमतों में 8.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए घटाया देश की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान

विश्व बैंक के ताजा अनुमान के मुताबिक, भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2026-27 में कम होकर 6.6 प्रतिशत पर रहेगी। पिछले साल ये 7.7 प्रतिशत थी। हालांकि, वृद्धि दर में गिरावट के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ऊर्जा की ऊंची कीमत और अन्य कच्चे माल की लागत के कारण निजी मांग में कमी आने के कारण वृद्धि दर धीमी पड़ने का अनुमान लगाया गया है।

कल चुनाव प्रचार का आगाज करेंगे ओवैसी, 200 सीटों पर लड़ सकती है AIMIM…

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एआईएमआईएम AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी 14 जून को यूपी आ रहे हैं। वह बहराइच के मटेरा इलाके में रैली को संबोधित करेंगे। यूपी में 2027 में विधान सभा चुनाव है और उनकी पार्टी यूपी में 200 विधान सभा सीट पर लड़ने की तैयारी में है।

उत्तर प्रदेश में अगले साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने तैयारी अभी से ही शुरू कर दी है। यूपी में ओवैसी की पार्टी 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्लान बना रही है। एआईएमआईएम चीफ़ असदुद्दीन ओवैसी रविवार यानी 14 जून को इसी सिलसिले में यूपी आ रहे हैं। माना जा रहा है कि रविवार से ओवैसी यूपी में अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे।

मटेरा में सपा कभी नहीं हारी

जानकारी के मुताबिक, बहराइच के मटेरा इलाके में असदुद्दीन ओवैसी रविवार को एक जनसभा करेंगे। जिस मटेरा में ओवैसी की रैली हो रही है, वहां से समाजवादी पार्टी की मारिया शाह विधायक हैं। ये सीट 2012 में बनी थी और तब से ही ये सीट समाजवादी पार्टी के पास है। यानी मटेरा विधानसभा सीट से सपा कभी चुनाव नहीं हारी है।

मायावती की बसपा से गठबंधन करना चाहती है ओवैसी की पार्टी

इससे पहले ओवैसी की पार्टी ने अखिलेश यादव के गृह जनपद  इटावा में भी चुनाव प्रचार शुरू किया था। जहां “2027 में गेम बदल देंगे” वाले  बैनर पोस्टर लगाकर ई रिक्शा रैली निकाली गई थी। Aimim के यूपी के अध्यक्ष शौकत अली ने इंडिया टीवी से कहा कि उनकी पार्टी यूपी में मायावती के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहती है क्योंकि यूपी में मुस्लिम और दलित वोट मिलकर कुल वोट शेयर का करीब 40 फीसदी है।

यूपी में ओवैसी की पार्टी का अब तक चुनावी इतिहास

दरअसल, बिहार विधान सभा और महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में मिली कामयाबी के बाद ओवैसी यूपी में भी जोर शोर से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। हालांकि अभी तक यूपी में AIMIM का प्रदर्शन अच्छा नहीं रह। ओवैसी ने 2017 विधान सभा चुनाव में 38 सीट पर चुनाव लड़ा, जिसमें से 37 पर ज़मानत ज़ब्त हो गई। ओवैसी की पार्टी ने 2022 में 96 सीट पर चुनाव लड़ा था लेकिन 0.43 फीसदी वोट ही मिला था। यूपी में निकाय चुनावों में ओवैसी को ज़रूर कामयाबी मिली। 2017 के निकाय चुनावों में पार्टी ने 78 उम्मीदवार खड़े किए जिनमे 29 जीत गए। 2023 के निकाय  चुनावो में भी ओवैसी की पार्टी ने पांच नगर पालिका परिषद सीट जीती। साथ में 75 पार्षद भी बनाये।

ओवैसी के दौरे पर यूपी की सियासत गर्म

माना जा रहा है कि ओवैसी बहराइच में सालार मसूद ग़ाज़ी की दरगाह भी जा सकते हैं। ओवैसी के दौरे को लेकर सियासत भी शुरू हो गई। योगी सरकार के मंत्री और सुहेलदेव  भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने शौकत अली के महाराजा सुहेलदेव पर दिए गए बयान पर नाराजगी जताई है।

एक्स हैंडल पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा, ”ओवैसी साहब, अब जब आप उत्तर प्रदेश आ ही रहे हैं तो अपनी हैदराबादी बैरिस्टरी का थोड़ा-बहुत ज्ञान अपने सिपहसालार को भी अवश्य दे दीजिएगा। बहराइच में सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर श्रद्धा व्यक्त करने से पहले उन्हें यह भी याद दिला दीजिएगा कि यही वह भूमि है जहां चक्रवर्ती  राजभर जी ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष कर भारत की अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा की थी। अपने सिपहसालार को समझा दीजिएगा कि वह अपनी हैसियत और व्यक्तित्व के अनुरूप भाषा का प्रयोग करें। अनावश्यक उग्रता और अहंकार का प्रदर्शन इतिहास के पन्नों में कभी सम्मान नहीं दिलाता”।

बता दें कि यूपी में 2027 में फरवरी-मार्च के दौरान विधानसभा चुनाव कराए जा सकते हैं। चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है। ऐसे में सभी पार्टियां चुनावी मोड में आ गई हैं।

अभिषेक बनर्जी पर कसा CID का शिकंजा, ताला तोड़कर अभिषेक के घर में घुसी पुलिस…

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अभिषेक बनर्जी को सीआईडी की तरफ से लगातार समन मिल रहे हैं। पुलिस उनके पीए को भी तलाश रही है। इसी सिलसिले में अभिषेक के घर में पुलिस ने कई घंटे तक जांच की।

ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के पास एक के बाद एक सीआईडी का नोटिस आ रहा है। बंगाल पुलिस ताला तोड़कर अभिषेक के घर में घुसकर तलाशी ले रही है। अभिषेक बनर्जी के सबसे बड़े राजदार को बंगाल पुलिस तीन दिन से खोज रही है। सवाल ये है कि उस राजदार के पास अभिषेक के ऐसे कौन से राज हैं, जिस पर एक्शन से भाइपो घबराए हुए हैं। ममता बनर्जी क्यों भागी भागी सुबह 4 बजे अभिषेक के घर पहुंची। क्या अभिषेक बनर्जी को अब पता चल गया है कि उन्हें जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता?

अभिषेक बनर्जी के घर बंगाल पुलिस ने दबिश डाली है। पुलिस अभिषेक बनर्जी के घर के दरवाजे का ताला तोड़कर अंदर घुसी। इसके बाद करीब 5 घंटे अभिषेक के घर की जांच की है। खबर है कि पुलिस को अभिषेक के खासमखास और पीए सुमित रॉय की तलाश है। अभिषेक के पीए सुमित रॉय पर चुनाव के दौरान टिकट के नाम पर पैसा वसूले के आरोप हैं।

ताला तोड़कर अभिषेक के घर में घुसी पुलिस

सूत्रों के मुताबिक, सुमित रॉय का मोबाइल टावर लोकेशन कल रात कालीघाट में अभिषेक बनर्जी के घर के पास मिला था। उस जानकारी के आधार पर शालबनी पुलिस और कोलकाता पुलिस सुबह करीब 4 बजे अभिषेक बनर्जी के कालीघाट घर पहुंची। बार-बार बुलाने पर दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस ने घर के मेन गेट का ताला तोड़ा और अंदर घुसी। फिर अभिषेक बनर्जी के पूरे घर की तलाशी ली गई। आखिर में, सुमित रॉय को अभिषेक बनर्जी के पते पर न पाकर पुलिस वापस चली गई। खबर ये भी है कि पुलिस की रेड के बाद ममता बनर्जी भी अभिषेक के घर पहुंची थीं। ममता ने काफी देर तक अभिषेक से बातचीत की।

टेंशन में क्यों हैं अभिषेक?

सुमित रॉय को अभिषेक का राइटहैंड माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि जिसे भी अभिषेक से मिलना होता था, उसे पहले सुमित रॉय से बात करनी पड़ती थी। सुमित रॉय की मर्जी के बिना कोई भी अभिषेक तक नहीं पहुंच सकता था, लेकिन अब सब बदल गया है। अभिषेक पर कानून का शिकंजा कसना शुरू हो गया है, उनके पीए सुमित रॉय को पुलिस ढूंढ रही है। टीएमसी के पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा को हाल ही में पश्चिम मेदिनीपुर के शालबनी पुलिस ने जमीन भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया था। सुजॉय हाजरा से पूछताछ और जांच के बाद पुलिस को पता चला कि उसने अभिषेक बनर्जी के पीए सुमित रॉय को बड़ी रकम ट्रांसफर की थी। उस जानकारी के आधार पर पुलिस पिछले 3-4 दिनों से सुमित रॉय की तलाश कर रही थी। यानी अभिषेक के पीए सुमित रॉय के पास ऐसे कई राज हैं कि उनके पकड़े जाने के बाद भाइपो की मुश्किल बढ़ सकती है। यही वजह है कि अभिषेक बेहद टेंशन में हैं।

अभिषेक बनर्जी पर कसा CID का शिकंजा

अभिषेक बनर्जी पर सीआईडी का शिकंजा कसता जा रहा है। फर्जी साइन केस के बाद अब अभिषेक बनर्जी पर भड़काऊ बयानबाजी के मामले में भी पूछताछ होगी। सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को चुनाव के दौरान हेट स्पीच देने के मामले में नोटिस दिया है। सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को डीजे वाले बयान के बारे में पूछताछ करने के लिए 16 जून को भवानी भवन बुलाया है। सीआईडी ने गुरुवार शाम अभिषेक बनर्जी के कालीघाट वाले घर पर नोटिस दिया है। 14 जून को उनसे फर्जी साइन वाले मामले में पूछताछ होगी। सीआईडी की कार्रवाई से अभिषेक बनर्जी भड़के हुए हैं। वह कह रहे हैं कि अगर उनका डीजे वाला बयान भड़काऊ है तो फिर बीजेपी नेताओं के बयान क्या थे। उनपर क्यों एफआईआर दर्ज नहीं हुई?

लगातार नोटिस मिलने से भड़के अभिषेक

अभिषेक को नया समन हेट स्पीच मामले में मिला है, जो उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान दी थी। इस मामले में चुनाव आयोग के आदेश पर एफआईआर हुई थी। सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को नोटिस देकर 16 जून को भवानी भवन पूछताछ के लिए बुलाया है। बैक टू बैक सीआईडी के नोटिस मिलने से अभिषेक बनर्जी भड़क गए हैं। उन्होंने कहा, “जिस मामले में ये मुझे नोटिस देने पहुंचे हैं। मैंने कहा था कि 4 तारीख के बाद डीजे बजेगा। मैं सवाल करता हूं कि अगर मैंने सचमुच में कुछ गलत कहा था तो मैंने ये बयान कब दिया है? चुनाव के दौरान। चुनाव जब चल रहे थे, तब कानून-व्यवस्था किसके हाथ में थी? चुनाव आयोग के हाथ में थी। ममता बनर्जी के हाथ में तो कानून-व्यवस्था तब नहीं थी। तो तब मेरे खिलाफ FIR क्यों नहीं की गई। चुनाव आयोग में शिकायत होने पर, आयोग ने मेरे खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। तो उसकी वजह है, अगर मैंने डीजे बजाने की बात कही थी, तो देश के गृहमंत्री ने भी कहा था कि तृणमूल के लोगों को  उल्टा लटकाकर सीधा कर देंगे। हर एक्शन का समान और विपरित प्रतिक्रिया होता है। आप बताएं, ज्ञानेश कुमार को अगर मेरे खिलाफ एक्शन लेना पड़ता तो उन्हें अमित शाह के खिलाफ भी कार्रवाई करनी पड़ती।”

अभिषेक का जेल जाना तय?

इस बीच टीएमसी से निलंबित नेता रिजु दत्ता ने अभिषेक बनर्जी को लेकर बड़ा बयान दिया है। रिजू दत्ता ने कहा है कि अभिषेक को अब जेल जाने से कोई नहीं बचा सकता। उनके पास बचने का अब कोई रास्ता नहीं है। अभिषेक का गौ तस्करी से लेकर कोयला तस्करी तक में नाम है। ऐसे में उनका जेल में चक्की पीसना तय है।

इंडियन एयर फोर्स का एक AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हादसे का शिकार…

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इंडियन एयर फोर्स का एक AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट हादसे का शिकार हुआ है। हादसा जोरहाट के एयर फोर्स स्टेशन पर हुआ। लैंडिंग के दौरान प्लेन क्रैश हो गया। इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई।

असम में इंडियन एयरफोर्स का एक एयरक्राफ्ट हादसे का शिकार हुआ है। इस हादसे में वायुसेना के पांच लोगों की मौत हो गई। हालांकि, को पायलट की जान बच गई है और उसका इलाज किया जा रहा है। वायुसेना के अधिकारी ने बताया कि क्रैश का कारण पता लगाने के लिए इंडियन एयर फोर्स ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी का आदेश दिया है यह विमान भारतीय वायुसेना का था और सामान ढोने का काम करता था।

हादसे में जान गंवाने वाले जवान

  • स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह
  • फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार
  • सार्जेंट जितेंद्र शर्मा
  • अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत
  • अग्निवीरवायु दानिश आलम

रैश लैंडिंग के बाद लगी आग

हादसे का शिकार हुआ विमान इंडियन एयर फोर्स का एक AN-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट था। हादसा जोरहाट के एयर फोर्स स्टेशन पर हुआ। लैंडिंग के दौरान प्लेन क्रैश हो गया। जानकारी के अनुसार रैश लैंडिंग के बाद विमान हादसे का शिकार हुआ। हादसे के बाद विमान के मलबे में लगी आग को बुझाया गया और घटना की जांच की जा रही है। भारतीय वायुसेना की तरफ से बताया गया कि असम के जोरहाट में एयर फोर्स स्टेशन पर लैंडिंग के दौरान एक मिलिट्री एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया। यह एयरक्राफ्ट एक AN-32 कार्गो प्लेन था, जिसका इस्तेमाल सप्लाई ले जाने के लिए किया जाता था।

यह हादसा तब हुआ जब एयरक्राफ्ट एयरबेस पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था। साइट पर बचाव कार्य और जांच जारी है।

मौके पर पहुंचे सीनियर अधिकारी

इंडियन एयरफोर्स के प्रवक्ता ने कहा, “यह घटना तब हुई जब एयरक्राफ्ट रोरिया इलाके में भारतीय वायुसेना के एयरबेस पर लैंड कर रहा था। प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय वायुसेना के सीनियर अधिकारी इलाके में पहुंच गए हैं।”

जांच आयोग गठित कर रही वायुसेना

भारतीय वायुसेना ने घटना की पुष्टि की है। कोर्ट ऑफ इंक्वायरी (जांच आयोग) गठित किया जा रहा है। एक्स पोस्ट में इंडियन एयरफोर्स की तरफ से लिखा गया, “आज जोरहाट में लैंडिंग के समय इंडियन एयरफोर्स का An-32 एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट हो गया। एक्सीडेंट का कारण पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी बनाई जा रही है।” रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि देश के लिए उनकी हिम्मत और सेवा को हमेशा गर्व और आभार के साथ याद किया जाएगा। शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में देश उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

IND vs PAK: टी20 वर्ल्ड कप में भारत की पाकिस्तान से भिड़ंत, जानें कब और कहां देख पाएंगे लाइव…

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वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत हो चुकी है। टूर्नामेंट में टीम इंडिया अपना पहला मैच पाकिस्तान से खेलेगी। इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग आप कब और कहां देख सकते हैं यहां उसकी जानकारी दी गई है।

वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप का आगाज हो चुका है। 12 जून से 5 जुलाई तक होने वाले महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 को जीतकर महिला टीम इतिहास रचने की कोशिश करेगी। इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया अपना पहला मैच 14 जून को पाकिस्तान से खेलेगी, ये मुकाबला बर्मिंघम में खेला जाएगा। फैंस इस हाई वोल्टेज मैच का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि भारतीय महिला टीम और पाकिस्‍तान महिला टीम के बीच इस मुकाबले की शुरुआत कितने बजे होगी। साथ ही आप इस रोमांचक मैच को टीवी-मोबाइल पर कैसे देख सकते हैं?

कितने बजे से शुरू होगा भारत बनाम पाकिस्तान मैच? 

भारत और पाकिस्तान के बीच ये मुकाबला 14 जून को बर्मिंघम के एजबेस्टन स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा। वहीं मैच शुरू होने से आधे घंटे पहले दोनों टीमों के कप्तान टॉस के लिए मैदान पर आएंगे। इस वर्ल्ड कप में भारतीय महिला टीम की कप्तानी हरमनप्रीत कौर कर रही हैं। वहीं पाकिस्तान की टीम फातिमा सना की कप्तानी में खेलने के लिए उतरेगी। टीम इंडिया इस मैच में पाकिस्तान को हराकर जीत के साथ टूर्नामेंट का आगाज करना चाहेगी।

IND vs PAK मैच की लाइव स्ट्रीमिंग कहां होगी?

भारतीय महिला टीम और पाकिस्‍तान महिला टीम के बीच खेले जाने वाले इस मैच को आप टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स 1, स्टार स्पोर्ट्स 1 HD, स्टार स्पोर्ट्स 2, स्टार स्पोर्ट्स 2 HD, स्टार स्पोर्ट्स 3 और स्टार स्पोर्ट्स 3 HD चैनलों पर उपलब्ध होंगे। इस मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार एप पर की जाएगी। ऐसे में अगर आप अपने स्मार्टफोन पर इस मैच को देखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको JioHotstar एप को इनस्टॉल करना होगा।

हेड टू हेड रिकॉर्ड में टीम इंडिया है काफी आगे

वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 2009 में हुई थी। अब तक 9 बार ये वर्ल्ड कप खेला जा चुका है, जिसमें भारत और पाकिस्तान की टीमें 8 बार आमने-सामने हुई हैं। इनमें 6 बार टीम इंडिया ने बाजी मारी है, जबकि पाकिस्तान को सिर्फ 2 मैचों में जीत मिली है। जब 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में भारत-पाक मैच हुआ, तब टीम इंडिया ने पाकिस्तान को 6 विकेट से हराया था। हेड तो हेड रिकॉर्ड में यहां टीम इंडिया का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की संभावना बढ़ी…

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अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौते की संभावना बढ़ रही है। दोनों देशों के नेताओं ने इस दिशा में सकारात्मक संकेत दिए हैं, जबकि तनाव अभी भी बना हुआ है। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य गतिविधियों की रिपोर्ट भी आई है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है।

संघर्ष का समाधान

अमेरिका और ईरान ने संकेत दिया है कि वे अपने संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक समझौते के करीब पहुंच गए हैं, जो 28 फरवरी को संयुक्त अमेरिका-इजराइल हमलों के साथ शुरू हुआ था। हालांकि, तनाव अभी भी उच्च स्तर पर बना हुआ है, और रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य के पास नई सैन्य गतिविधियों की रिपोर्ट मिली है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को एक पोस्ट में कहा कि एक समझौता “कभी भी इतना करीब नहीं था।” अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हाल के हफ्तों में कई बार कहा है कि दोनों देश एक समझौते के कगार पर हैं और उन्होंने अराघची की पोस्ट को अपने सोशल मीडिया पर साझा किया।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा कि अमेरिका और ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते के शब्दों पर सहमति व्यक्त की है। शरीफ ने कहा, “शांति अब कभी इतनी करीब नहीं थी।”

हालांकि, शनिवार को तनाव फिर से बढ़ गया। अमेरिकी बलों ने कहा कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर बढ़ रहे कई ईरानी एकतरफा हमले ड्रोन को मार गिराया। “ईरान ने वाणिज्यिक जहाजों पर हमले के प्रयास में कई एकतरफा ड्रोन लॉन्च किए। अमेरिकी बलों ने हाल के घंटों में सभी को मार गिराया है, जबकि जलडमरूमध्य के माध्यम से यातायात निर्बाध रूप से जारी है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारा पारगमन के लिए खुला है,” अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने एक पोस्ट में कहा।

ईरानी समाचार एजेंसियों ने रिपोर्ट किया कि ईरान के सिरिक बंदरगाह और क़ेश्म द्वीप के पास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इसे क्रांतिकारी गार्ड की नौसेना से अनुमति के बिना जलमार्ग को पार करने वाले जहाजों को चेतावनी देने के लिए ईरानी बलों द्वारा की गई फायरिंग के रूप में बताया गया।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पहले बताया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत का केंद्र रहा है। उन्होंने जलडमरूमध्य को “सबसे महत्वपूर्ण निरोधक उपकरण” बताया। उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक जलमार्ग युद्ध से पहले की स्थिति में नहीं लौटेगा, और यह जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के अधीन है।

ईरान पर अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप, भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले की बात…

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले का आरोप लगाया है, जिसे ईरान ने बेतुका बताया है। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। भारत ने अमेरिका से इस मामले में कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री से बात की और इस पर चर्चा की। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित परिणाम।

ड्रोन हमले का आरोप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से निकलने वाले भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले किए हैं, जिसे उन्होंने “पूर्णतः अस्वीकार्य” बताया। वहीं, तेहरान ने इस आरोप को “बेतुका” करार दिया है।

इस सप्ताह ओमान के तट पर तीन भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हमला हुआ। इनमें से एक हमले में बुधवार को तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।

ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया पर लिखा, “ईरान का भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमला पूरी तरह से अस्वीकार्य है।”

उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने शांति समझौते की शर्तों को मीडिया में लीक किया, जो चर्चा के बिंदुओं से संबंधित नहीं था।

ईरान ने ट्रंप के आरोप को सख्ती से खारिज किया। भारतीय दूतावास ने शुक्रवार रात एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “अमेरिकी राष्ट्रपति का भारतीय जहाज के संबंध में आरोप पूरी तरह से बेतुका है।”

उन्होंने कहा, “यह एक प्रयास है ताकि लोगों का ध्यान इस क्रूर तथ्य से हटाया जा सके कि अमेरिका ने एक सप्ताह में तीन भारतीय जहाजों पर हमला किया और तीन निर्दोष भारतीय नाविकों की हत्या की। यह शर्मनाक है!”

ट्रंप का यह दावा उस समय आया जब भारत ने अमेरिकी चार्ज ड’affaires जेसन मीक्स को तलब किया और उन्हें बताया कि ओमान के तट पर भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सेना के “घातक और जानलेवा” हमले “अस्वीकार्य” हैं।

इस बीच, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर बात की और ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की हत्या का मुद्दा उठाया।

जयशंकर, जो वर्तमान में यूरोप की यात्रा पर हैं, ने कहा, “मैंने आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना द्वारा किए गए हमलों पर भारत की कड़ी आपत्ति दोहराई, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की हत्या हुई।”

उन्होंने कहा, “वाणिज्यिक शिपिंग के खिलाफ ऐसे घातक हमले उचित नहीं हैं।”

एक पलाऊ-झंडा वाला तेल टैंकर, मारिवेक्स, जिसमें 24 भारतीय नाविक थे, को 8 जून को अमेरिकी बलों ने निष्क्रिय कर दिया था। सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से बचा लिए गए। 10 जून को, अमेरिका ने एक और पलाऊ-झंडा वाले टैंकर, सेटेबेलो पर हमला किया, जिसमें 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई।

एक अन्य जहाज, जलवीर, जो गिनी-बिसाऊ का झंडा लिए हुए था, पर गुरुवार को हमला किया गया।

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को बंद किया, तेल की कीमतों में उछाल…

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गुरुवार को तेल की कीमतों में $2 प्रति बैरल से अधिक की वृद्धि हुई, जब ईरान ने अमेरिका के हमलों के बाद स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को बंद करने की घोषणा की। ब्रेंट और WTI क्रूड की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। अमेरिकी सेना ने ईरान में कई ठिकानों पर हमले शुरू किए हैं, जिससे युद्ध की स्थिति फिर से उत्पन्न हो गई है। जानें इस स्थिति का वैश्विक तेल बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा है और एशियाई शेयरों में गिरावट के पीछे के कारण।

तेल की कीमतों में उछाल

गुरुवार को तेल की कीमतों में $2 प्रति बैरल से अधिक की वृद्धि हुई। यह तब हुआ जब ईरान ने अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के बाद ऊर्जा के महत्वपूर्ण मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ को बंद करने की घोषणा की।

ब्रेंट और WTI क्रूड की कीमतें

ब्रेंट फ़्यूचर्स में $2.30 या 2.47% की वृद्धि हुई, जिससे इसकी कीमत $95.40 प्रति बैरल हो गई। वहीं, U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $2.60 या 2.89% बढ़कर $92.63 पर पहुँच गया। सेशन की शुरुआत में U.S. क्रूड फ़्यूचर्स में $3 से अधिक की बढ़त देखी गई।

ईरान का बंद करने का ऐलान

ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने गुरुवार को स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को बंद करने की घोषणा की, जिसमें तेल टैंकर और वाणिज्यिक जहाज भी शामिल हैं। कमान ने चेतावनी दी कि जो भी जहाज वहाँ से गुजरने का प्रयास करेगा, उस पर गोली चलाई जाएगी। हालांकि, अमेरिकी सेना ने बुधवार को कहा कि वाणिज्यिक जहाज अभी भी इस मार्ग से आ-जा रहे हैं।

अमेरिकी सेना की प्रतिक्रिया

अमेरिकी सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि स्ट्रेट में किसी अमेरिकी युद्धपोत पर हमला नहीं हुआ है। इससे पहले, ईरान के सरकारी मीडिया ने रिपोर्ट दी थी कि जलमार्ग के पास अमेरिकी जहाजों को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया था।

हमलों का सिलसिला

अमेरिकी सेना ने ईरान में कई ठिकानों पर हमले शुरू किए, जो शाम 5:15 बजे EDT (21:15 GMT) पर शुरू हुए। यह हमलों की बढ़ती श्रृंखला का एक नया घटनाक्रम है, जिससे बड़े पैमाने पर युद्ध फिर से शुरू होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। अप्रैल की शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच एक कमजोर युद्धविराम पर सहमति बनी थी।

तेल की कीमतों पर प्रभाव

ईरान द्वारा स्ट्रेट की कई महीनों से की जा रही नाकेबंदी के कारण तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। आमतौर पर, दुनिया का पांचवां हिस्सा तेल और गैस शिपमेंट इसी मार्ग से गुजरता है।

U.S. क्रूड इन्वेंट्री में कमी

इस बीच, EIA ने बुधवार को बताया कि 5 जून को समाप्त सप्ताह में U.S. क्रूड इन्वेंट्री 7.2 मिलियन बैरल घटकर 426.5 मिलियन बैरल रह गई। रॉयटर्स के पोल में विश्लेषकों ने 4 मिलियन बैरल की कमी का अनुमान लगाया था।

एशियाई शेयरों में गिरावट

28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से U.S. क्रूड इन्वेंट्री (जिसमें रणनीतिक रिजर्व भी शामिल हैं) 79 मिलियन बैरल घट गई है। दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक ने स्ट्रेट के बंद होने से उत्पन्न आपूर्ति की कमी को पूरा करने के लिए कदम उठाए हैं। गुरुवार को एशियाई शेयरों में गिरावट आई, जिसका कारण U.S. में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से अधिक आने के बाद वॉल स्ट्रीट में हुई बिकवाली थी।

विश्लेषकों की राय

जानकारों का मानना है कि जिन एशियाई शेयरों में पिछले दो महीनों में सबसे अधिक तेजी आई थी, उनमें हालिया गिरावट का दौर जारी रह सकता है। बाजार इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि क्या कमाई में बढ़ोतरी की जो बहुत अधिक उम्मीदें थीं, उन्हें बनाए रखा जा सकता है।

सिंगापुर के विश्लेषक की टिप्पणी

सिंगापुर में बर्नस्टीन की एशिया क्वांट स्ट्रैटेजिस्ट रूपल अग्रवाल ने क्लाइंट्स को भेजे एक नोट में कहा, “पहले से ही अधिक वैल्यूएशन को देखते हुए, कमाई में बढ़ोतरी की ये बहुत अधिक उम्मीदें कोरिया, ताइवान और एशिया के टेक सेक्टर में तेजी के लिए एक कमजोर आधार बनाती हैं।”

बिकवाली की संभावना

उन्होंने यह भी कहा कि इन शेयरों में अपनी होल्डिंग कम करना “सबसे समझदारी भरा” होगा। इसके अलावा, “युद्ध के मोर्चे पर तनाव फिर से बढ़ने से यह बिकवाली और तेज़ हो सकती है।”

19 वर्षीय युवा ने CBSE पोर्टल की सुरक्षा खामियों का किया खुलासा, IIT कानपुर में मिली नौकरी…

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19 वर्षीय निसर्ग अधिकारी ने CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग पोर्टल में सुरक्षा खामियों का खुलासा किया, जिससे उन्हें IIT कानपुर में साइबर सुरक्षा टीम का हिस्सा बनने का अवसर मिला। उनकी ब्लॉग पोस्ट ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी और IIT कानपुर के निदेशक का ध्यान आकर्षित किया। निसर्ग की कहानी यह दर्शाती है कि कैसे एक युवा तकनीकी विशेषज्ञ अपनी प्रतिभा के माध्यम से नए अवसर प्राप्त कर सकता है।

युवक ने किया अद्भुत कार्य

सिर्फ 19 वर्ष की आयु में, एक युवा लड़के ने ऐसा कार्य किया है जो कई अनुभवी पेशेवर भी नहीं कर पाते। CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल में गंभीर सुरक्षा खामियों को उजागर करने वाले निसर्ग अधिकारी को अब IIT कानपुर में साइबर सुरक्षा टीम का हिस्सा बनने का अवसर मिला है। उनकी एक ब्लॉग पोस्ट ने न केवल शिक्षा क्षेत्र का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि IIT कानपुर के निदेशक को भी प्रभावित किया।

ब्लॉग पोस्ट से मिली पहचान

22 मई को प्रकाशित अपने ब्लॉग में, निसर्ग अधिकारी ने CBSE के डिजिटल मूल्यांकन पोर्टल में कई सुरक्षा कमजोरियों का उल्लेख किया। यह लेख IIT कानपुर के निदेशक मनिंद्र अग्रवाल की नजर में आया, जिसके बाद उन्होंने निसर्ग से संपर्क किया। अब निसर्ग को संस्थान के प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र C3iHub में ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) और थ्रेट इंटेलिजेंस इंजीनियर के रूप में नियुक्त किया गया है।

नौकरी कैसे मिली?

अधिकांश नौकरी चाहने वाले रिज्यूमे और कवर लेटर के माध्यम से अवसर खोजते हैं, लेकिन निसर्ग की कहानी अलग है। उन्होंने अपनी तकनीकी समझ और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञता को एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए प्रदर्शित किया, जिसमें CBSE के पोर्टल की खामियों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। इसी पोस्ट ने IIT कानपुर प्रशासन का ध्यान खींचा और उन्हें नौकरी का प्रस्ताव मिला।

IIT कानपुर के निदेशक की प्रतिक्रिया

IIT कानपुर के निदेशक मनिंद्र अग्रवाल ने निसर्ग की नियुक्ति की पुष्टि करते हुए कहा, “निसर्ग अधिकारी को हमारी साइबर सुरक्षा टीम में इंजीनियर के रूप में नियुक्त किया गया है। कुछ साल पहले, हमने इसी टीम के लिए कुछ युवा इंजीनियरों की भर्ती की थी। मुझे यकीन नहीं है कि वह IIT कानपुर में सबसे कम उम्र के भर्ती हुए इंजीनियर हैं, लेकिन वह निश्चित रूप से संस्थान द्वारा नियुक्त किए गए सबसे कम उम्र के इंजीनियरों में से एक हैं।”

निसर्ग की जिम्मेदारियाँ

  • सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डिजिटल सूचनाओं का विश्लेषण करना।
  • वेबसाइट और एप्लिकेशन में सुरक्षा खामियों की पहचान करना।
  • साइबर खतरों की निगरानी करना।
  • संस्थानों और संगठनों को सुरक्षा सुधार संबंधी सुझाव देना।
  • संभावित साइबर हमलों से बचाव के उपाय विकसित करना।

निसर्ग का उत्साह

निसर्ग इस नए अवसर को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “मैं इस अवसर को लेकर उत्साहित हूं क्योंकि यह पहली बार है जब मैं सुरक्षा-केंद्रित भूमिका में काम करूंगा। मेरी पिछली नौकरियों में, मैंने मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया, जबकि साइबर सुरक्षा मेरे लिए एक शौक था।”

उन्होंने बताया, “मैंने छह या सात साल की उम्र में कोडिंग शुरू की थी, लेकिन मैं साइबर सुरक्षा में गंभीरता से जुड़ गया और छठी कक्षा में ही कैप्चर द फ्लैग (CTF) और अन्य साइबर सुरक्षा प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगा।”

वेतन के बारे में निसर्ग की राय

उन्होंने कहा, “वेतन ठीक-ठाक है, लेकिन मुझे थोड़ी और उम्मीद थी। मुझे अमेरिका स्थित परियोजनाओं और कंपनियों के साथ काम करने की आदत है और मुझे डॉलर में कमाई करने से मिलने वाले वित्तीय लाभ की कमी खलती है।”

ब्लॉग में किए गए खुलासे

अपने ब्लॉग में निसर्ग ने बताया कि उन्होंने 25 फरवरी को भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) को पोर्टल की सुरक्षा खामियों की जानकारी दी थी। उनके अनुसार, उन्होंने OSM पोर्टल में पांच गंभीर कमजोरियों की पहचान की थी, जिनमें मास्टर पासवर्ड को साधारण टेक्स्ट में स्टोर करना भी शामिल था। इससे दो-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली (Two-Factor Authentication) को बायपास किया जा सकता था। निसर्ग का दावा है कि सूचना देने के बाद केवल एक समस्या को ठीक किया गया, जबकि अन्य खामियां पोर्टल के बंद होने तक बनी रहीं।

भारत में मौसम का बड़ा बदलाव: तेज आंधी और बारिश का अलर्ट…

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भारत में मौसम ने एक बड़ा मोड़ लिया है, जहां रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बीच अब तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भारतीय मौसम विभाग ने 17 राज्यों में गंभीर मौसम की चेतावनी दी है। दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे कई राज्यों में राहत की उम्मीद है। जानें किन क्षेत्रों में भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है, और लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

मौसम में आया चौंकाने वाला बदलाव

देश के विभिन्न हिस्सों में लोग अत्यधिक गर्मी से परेशान हैं, लेकिन अब मौसम ने एक अप्रत्याशित मोड़ लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की हालिया रिपोर्ट ने करोड़ों लोगों को राहत देने के साथ-साथ चिंता भी बढ़ा दी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो गया है, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में अचानक बदलाव आ सकता है। इस स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने 17 राज्यों में तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।

मानसून की रफ्तार में तेजी

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून ने अपनी गति को तेज कर लिया है। इसने सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के अधिकांश हिस्सों को अपने प्रभाव में ले लिया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 4 से 5 दिनों में यह महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में बारिश लाएगा, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।

उत्तर भारत में मौसम में बदलाव

नए सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 11 और 12 जून को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड में काले बादल छा सकते हैं और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हो सकती है। इस दौरान धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना है, जिसमें हवाओं की गति 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लोगों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।

भारी बारिश की चेतावनी

आने वाले 5 से 7 दिनों में कई राज्यों के लिए मौसम बेहद खराब रहने वाला है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भारी से अत्यधिक बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 जून तक व्यापक वर्षा का अनुमान है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

दिल्ली और उत्तर प्रदेश में राहत

दिल्ली में गर्मी का प्रकोप जारी है, लेकिन 11 और 12 जून को तेज आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदलने की उम्मीद है, जहां कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश हो सकती है।

बिहार, राजस्थान और पहाड़ी राज्यों पर असर

मौसम का यह बदलाव बिहार और राजस्थान को भी प्रभावित करेगा। बिहार के कई जिलों में 11 और 12 जून को भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। राजस्थान में 11 से 15 जून के बीच तापमान में कमी आएगी और बारिश की संभावना है। पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है।

प्रमुख शहरों का तापमान

देश के प्रमुख शहरों में तापमान की बात करें तो दिल्ली में अधिकतम तापमान 42°C, भोपाल में 39°C, जयपुर में 41°C, लखनऊ में 39°C और पटना में 37°C रहने का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में, मुंबई में तापमान 33°C और चेन्नई में 37°C के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान सतर्क रहें और यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य चेक करें।