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“सिर्फ 11 हज़ार में बुक करें शादी का हॉल! योगी सरकार की ये योजना बदल देगी सबकुछ”

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“सिर्फ 11 हज़ार में बुक करें शादी का हॉल! योगी सरकार की ये योजना बदल देगी सबकुछ”

शादी-ब्याह और सामाजिक आयोजनों का नाम सुनते ही गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच जाती हैं। सवाल उठता है- “कार्यक्रम कहाँ होगा? कितना खर्च आएगा?” लेकिन अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस चिंता का हल निकाल लिया है।

उनकी नई योजना “मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना” के तहत सस्ते दामों में कल्याण मंडपम् उपलब्ध कराए जाएँगे। इस पहल से कम बजट में भी परिवार अपने मांगलिक कार्यों को धूमधाम से निपटा सकेंगे। आइए जानते हैं इस शानदार योजना के बारे में!

कल्याण मंडपम्: सस्ता और सुविधाजनक विकल्प “मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना” के तहत बनाए जा रहे कल्याण मंडपम् उन लोगों के लिए वरदान साबित होंगे जो शादी, जन्मदिन या अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए बजट की चिंता करते हैं। इन मंडपों को बेहद किफायती किराए पर बुक किया जा सकेगा। खास बात यह है कि सिर्फ 11 हज़ार रुपये में आप पूरे आयोजन के लिए हॉल बुक कर सकते हैं। ये मंडप न केवल सस्ते होंगे, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से भी लैस होंगे, जिससे आपका आयोजन और भी खास बन जाएगा।

गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम खासतौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आया है जो बड़े-बड़े मैरिज हॉल का किराया नहीं दे सकते। कल्याण मंडपम् के जरिए अब हर कोई अपने खास पलों को शानदार तरीके से सेलिब्रेट कर सकेगा। इन मंडपों को शहरों और कस्बों में बनाया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका फायदा उठा सकें। योगी सरकार का मकसद है कि कोई भी परिवार बजट की कमी के कारण अपने खुशी के मौके को छोटा न करे।

कैसे ले सकते हैं इस योजना का लाभ? इस योजना के तहत कल्याण मंडपम् को बुक करना बेहद आसान होगा। सरकार जल्द ही इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की योजना बना रही है, जहाँ लोग आसानी से हॉल बुक कर सकेंगे। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन के जरिए भी बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इन मंडपों में बिजली, पानी, पार्किंग और अन्य जरूरी सुविधाएँ भी होंगी, ताकि आयोजकों को किसी तरह की परेशानी न हो।

योगी सरकार का मिशन: हर घर में खुशियाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि यह योजना समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर बनाई गई है। उनका लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश में कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण अपने खास मौकों को धूमधाम से न मना सके। कल्याण मंडपम् की यह पहल न केवल लोगों की आर्थिक मदद करेगी, बल्कि सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देगी। इस योजना के तहत आने वाले महीनों में कई शहरों में नए मंडप बनकर तैयार हो जाएँगे।

“ट्रंप के ट्रेड वॉर के बीच भारत का दिखेगा दबदबा, पुतिन के साथ जेलेंस्की भी करेंगे India का दौरा”

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“ट्रंप के ट्रेड वॉर के बीच भारत का दिखेगा दबदबा, पुतिन के साथ जेलेंस्की भी करेंगे India का दौरा”

भारत की विदेश नीति हमेशा से संतुलन और तटस्थता का प्रतीक रही है. एक ओर जहां भारत और रूस की दोस्ती दशकों पुरानी और अटूट है, वहीं दूसरी ओर भारत ने युद्धग्रस्त यूक्रेन के साथ भी अपने संबंधों को संतुलित रखा है.

यह कूटनीतिक कौशल भारत को वैश्विक मंच पर एक जिम्मेदार और निष्पक्ष देश के रूप में स्थापित करता है. इस साल के अंत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे की चर्चा जोरों पर है, तो वहीं यूक्रेन के राजदूत ने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के संभावित भारत दौरे का संकेत दिया है.

भारत और रूस के बीच दोस्ती का इतिहास किसी परिचय का मोहताज नहीं. चाहे वह सैन्य सहयोग हो, तकनीकी सहायता हो, या फिर वैश्विक मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन, रूस ने हमेशा भारत के साथ मजबूती से कदम मिलाए हैं. खासकर उन मौकों पर, जब भारत को पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका से, दबाव का सामना करना पड़ा है, रूस ने भारत का साथ दिया है. दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग लगातार बढ़ रहा है. रूसी राष्ट्रपति पुतिन का आगामी भारत दौरा इस दोस्ती को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा.

दूसरी ओर, भारत ने यूक्रेन के साथ भी अपने संबंधों को संवेदनशीलता और संतुलन के साथ निभाया है. रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत ने तटस्थता की नीति अपनाते हुए दोनों देशों के साथ अपने रिश्तों को बनाए रखा है. हाल ही में, यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली के कुतुब मीनार को यूक्रेनी झंडे के रंगों से रोशन किया गया. यह भारत की ओर से एक प्रतीकात्मक कदम था, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को दर्शाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को भारत आने का दिया न्योता यूक्रेन के राजदूत ऑलेक्जेंडर पोलिशचुक ने हाल ही में कहा कि भारत और यूक्रेन के बीच भविष्य की रणनीतिक साझेदारी की दिशा में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. यह साझेदारी न केवल व्यापार और तकनीकी क्षेत्रों में होगी, बल्कि मानवीय सहायता और शांति प्रयासों में भी भारत की भूमिका को रेखांकित करेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की को भारत आने का न्योता दिया है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक है.

पुतिन का भारत दौरा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर काफी चर्चा है. पुतिन का दौरा ऐसे समय में होने जा रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर नाराजगी जताई है. ट्रंप ने भारत पर टैरिफ 50% तक बढ़ा दिया. भारत ने इसे तर्कहीन बताया है और पीछे हटने से साफ मना कर दिया है.

“‘मैं मुख्यमंत्री हूं, एक भी राशन कार्ड नहीं कटने दूंगा’, केवाईसी मामले पर सीएम भगवंत सिंह मान ने बीजेपी पर साधा निशाना”

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“‘मैं मुख्यमंत्री हूं, एक भी राशन कार्ड नहीं कटने दूंगा’, केवाईसी मामले पर सीएम भगवंत सिंह मान ने बीजेपी पर साधा निशाना”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जनविरोधी नीति की कड़ी आलोचना की, जिसका उद्देश्य राज्य के 55 लाख नागरिकों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मुफ्त अनाज से वंचित करना है.

यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कुल 1.53 करोड़ राशन कार्डों में से, भाजपा सरकार ने 55 लाख गरीबों को मिलने वाला मुफ़्त राशन बंद करने की साज़िश रची है. उन्होंने कहा कि केवाईसी न होने का बहाना बनाकर केंद्र सरकार ने इस साल जुलाई में 23 लाख गरीबों का मुफ़्त राशन बंद कर दिया था और अब 30 सितंबर से 32 लाख और लोगों का यह लाभ बंद करने की धमकी दी है. हालांकि, भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार अपने नापाक इरादों में कामयाब नहीं होगी और वह उन्हें एक भी कार्ड रद्द नहीं करने देंगे.

‘जनहितैषी होने का दावा’ मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा जहां एक ओर जनहितैषी होने का दावा करती है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के जरिए 80 करोड़ लोगों को अनाज उपलब्ध कराने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर अब वह पंजाब में 8,02,493 राशन कार्ड रद्द करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि इससे लगभग 32 लाख लोग मुफ़्त राशन के अपने हक़ से वंचित हो जाएँगे. भगवंत सिंह मान ने भाजपा पर “वोट चोरी” से “राशन चोरी” की ओर बढ़ने का आरोप लगाया और ज़ोर देकर कहा कि पंजाब को निशाना बनाना विशेष रूप से अन्यायपूर्ण है – एक ऐसा राज्य जो देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनाज का उत्पादन करता है.

‘एक भी राशन कार्ड नहीं हटाया जाएगा’ मुख्यमंत्री ने राशन कार्डों को हटाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तर्कों की आलोचना की, जिनमें चार पहिया वाहन का स्वामित्व, सरकारी नौकरी, छोटी जमीन और आय शामिल हैं. उन्होंने पूरे परिवार को दंडित करने की बेतुकी बात की ओर इशारा किया, जबकि इनमें से किसी एक मानदंड को पूरा करने वाला सिर्फ एक सदस्य ही हो सकता है. भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री हैं, एक भी राशन कार्ड नहीं हटाया जाएगा. उन्होंने राज्य में भाजपा नेताओं को अपने चल रहे जन संपर्क कार्यक्रमों के दौरान इस ‘उपलब्धि’ को प्रदर्शित करने की चुनौती दी.

‘गरीब-विरोधी एजेंडा’ मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं की विरोधाभासी प्रकृति का भी मज़ाक उड़ाया-एक योजना गरीबों को गैस कनेक्शन देती है जबकि दूसरी उसी आधार पर लाभ वापस ले लेती है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा का गरीब-विरोधी एजेंडा उजागर हो गया है, और उन्होंने दोहराया कि उन्होंने प्रधानमंत्री और अन्य केंद्रीय नेताओं से बहिष्कार के मानदंडों पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है. उन्होंने इन शर्तों में ढील देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया ताकि ज़्यादा से ज़्यादा आर्थिक रूप से कमज़ोर और वंचित लोगों को लाभ मिल सके.

‘भेदभावपूर्ण कदम’ मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार इस भेदभावपूर्ण कदम का कड़ा विरोध करेगी और इस मामले की गहन समीक्षा के लिए छह महीने का समय पहले ही माँग चुकी है. उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि वह पंजाबियों के साथ भिखारियों जैसा व्यवहार करना बंद करे. उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग अपने सम्मान और अधिकारों के लिए केंद्र पर निर्भर नहीं हैं. भगवंत सिंह मान ने ज़ोर देकर कहा कि पंजाबी केंद्र सरकार के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और अपने जायज़ अधिकारों का त्याग नहीं करेंगे.

‘गलत नीतियों के कारण भूख से मर रहे’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि पंजाब ने पारंपरिक रूप से कई अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर जीवन स्तर का आनंद लिया है, लेकिन पिछली सरकारों के कुशासन के कारण इसे प्रतिकूल रूप से नुकसान उठाना पड़ा है. इसलिए, भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र को इन योजनाओं की शर्तों में संशोधन करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पात्र लाभार्थियों को सहायता से वंचित न किया जाए. उन्होंने प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि भारत को विश्वगुरु बनाने का उनका सपना तब तक साकार नहीं हो सकता जब तक पंजाब में 32 लाख लोग तकनीकी और गलत नीतियों के कारण भूख से मर रहे हैं.

‘अधिकारों का हनन’ मुख्यमंत्री ने संकल्प लिया कि राज्य सरकार भारत सरकार को अपने लोगों के अधिकारों का हनन नहीं करने देगी. एक प्रश्न के उत्तर में, भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा नेताओं पर कानूनी कार्रवाई हो रही है क्योंकि वे व्यक्तिगत डेटा एकत्र करने के लिए शिविर आयोजित करके नागरिकों की निजता भंग करने का प्रयास कर रहे हैं – ऐसा कुछ जिसकी अनुमति नहीं दी जाएगी.

‘सूचियों में हेराफेरी’ मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि भाजपा कई राज्यों में मतदाता सूचियों में हेराफेरी और पिछले दरवाजे से सत्ता हासिल करने की कोशिशों के लिए पहले ही बेनकाब हो चुकी है. हालाँकि, उन्होंने कहा कि पंजाब में ऐसी कोशिशें कामयाब नहीं होंगी और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि नागरिकों की निजता सुरक्षित रहे. भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य और उसके लोगों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस नेक काम में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी.

भारी बारिश का असर एक अलग सवाल पर, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से पंजाब में होने वाली तबाही को रोकने के लिए जल स्रोतों को व्यवस्थित करने पर काम कर रही है. उन्होंने इस विडंबना पर ध्यान दिलाया कि पहाड़ी इलाकों में तो बारिश होती है, लेकिन पंजाब को इसका सबसे ज़्यादा ख़तरा झेलना पड़ता है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक तंत्र विकसित किया जा रहा है और उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद अधिकारियों को एक मज़बूत रणनीति तैयार करने के निर्देश पहले ही दे दिए हैं.

“Bihar Election 2025: ‘इंडिया ब्लॉक में कोई टेंशन नहीं, रिजल्ट बहुत अच्छा आएगा’, राहुल ने तेजस्वी के साथ प्रेंस कांफ्रेंस में की भविष्यवाणी”

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“Bihar Election 2025: ‘इंडिया ब्लॉक में कोई टेंशन नहीं, रिजल्ट बहुत अच्छा आएगा’, राहुल ने तेजस्वी के साथ प्रेंस कांफ्रेंस में की भविष्यवाणी”

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने अररिया में प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें राहुल गांधी ने कहा कि बिहार में सभी गठबंधन दल पूरी एकजुटता से काम कर रहे हैं और इसका परिणाम सकारात्मक होगा.

उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है और बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में वोट चोरी की घटनाएं हुई हैं और अब बिहार में जनता इसका जवाब देगी. उन्होंने दावा किया कि बच्चों तक को अब ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ जैसे नारे मालूम हैं.

राहुल गांधी ने कहा कि उनके राष्ट्रीय घोषणापत्र में किसानों के लिए कई योजनाएं हैं जिनका उद्देश्य किसानों को सुरक्षा देना और कर्ज का बोझ कम करना है. बिहार के लिए अलग से घोषणापत्र समिति काम कर रही है. उन्होंने कहा कि गठबंधन में सभी दलों के बीच आपसी सम्मान और वैचारिक एकता है. राजनीतिक स्तर पर भी मजबूती है और इसी कारण इस बार अच्छे परिणाम आएंगे.

चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला इस दौरान आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब ‘गोदी आयोग’ बन चुका है और बीजेपी का एक सेल की तरह काम कर रहा है. तेजस्वी ने कहा कि अगर किसी मुख्यमंत्री पर PMLA कानून लगाया जाता है तो जमानत तक मिलना मुश्किल हो जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने संसद में चुनाव आयुक्तों की सुरक्षा के लिए कानून लाकर उन्हें बचाने का रास्ता बना दिया है.

चुनाव आयोग को साबित करनी होगी निष्पक्षता तेजस्वी ने चिराग पासवान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे किसी खास व्यक्ति के ‘हनुमान’ हैं जबकि हम जनता के हनुमान हैं. उन्होंने मजाक में कहा कि चिराग को जल्द शादी करनी चाहिए. इस पर राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि यह सलाह उन पर भी लागू होती है. राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र, हरियाणा और कर्नाटक में वोट चोरी हुई थी और बिहार में विपक्ष ऐसा नहीं होने देगा. उन्होंने साफ कहा कि चुनाव आयोग को अपना रवैया बदलना होगा, अन्यथा जनता लोकतंत्र की रक्षा के लिए खड़ी है. विपक्षी दलों ने चेतावनी दी है कि बिहार में वोट चोरी की कोशिशों का कड़ा जवाब मिलेगा और चुनाव आयोग को अपनी निष्पक्षता साबित करनी होगी.

“Airtel Down: ‘नेटवर्क ब्लैकआउट’, एयरटेल एक हफ्ते में दूसरी बार डाउन, मिनटों में यूजर्स ने भड़ास निकाल कराया ट्रेंड”

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“Airtel Down: ‘नेटवर्क ब्लैकआउट’, एयरटेल एक हफ्ते में दूसरी बार डाउन, मिनटों में यूजर्स ने भड़ास निकाल कराया ट्रेंड”

रविवार को लाखों एयरटेल ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब देश के कई बड़े शहरों में अचानक नेटवर्क सेवाएँ ठप हो गईं. बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और चेन्नई जैसे मेट्रो शहर सबसे ज़्यादा प्रभावित रहे.

आउटेज ट्रैकिंग वेबसाइट डाउनडिटेक्टर के अनुसार, सुबह 11 बजे के आसपास शिकायतें बढ़ने लगीं और दोपहर 12:11 बजे चरम पर पहुँच गईं. कुछ ही समय में 6,800 से ज़्यादा शिकायतें दर्ज की गईं. लगभग 52 प्रतिशत उपयोगकर्ताओं ने कहा कि उनके पास “नो सिग्नल” था, 31 प्रतिशत ने मोबाइल इंटरनेट से जुड़ी समस्याओं की सूचना दी, जबकि 17 प्रतिशत ने पूरी तरह से ब्लैकआउट का सामना किया.

एयरटेल डाउन हैशटैग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर, “एयरटेल डाउन” हैशटैग तेज़ी से ट्रेंड करने लगा क्योंकि ग्राहकों ने अचानक आई खराबी पर अपना गुस्सा ज़ाहिर किया. बेंगलुरु के एक यूज़र ने पोस्ट किया: “कोई कॉल नहीं हो पा रही है और मोबाइल डेटा भी नहीं है. दिखा रहा है कि रजिस्टर्ड नहीं है.” एक और ने लिखा: “बेंगलुरु में भी यही हाल है. मैं मीटिंग के लिए कुछ घंटों में कैब बुक नहीं कर पा रहा हूँ.”

कुछ लोगों ने कंपनी की चुप्पी की आलोचना की. एक यूज़र ने लिखा, “हाँ, बेंगलुरु में बिना किसी चेतावनी के पूरा इंटरनेट, ब्रॉडबैंड मोबाइल ठप हो गया है और सबसे बुरी बात यह है कि एयरटेल अपने ऐप या IVRS के ज़रिए कोई शिकायत नहीं ले रहा है और X पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है.”

कुछ यूज़र्स ने मज़ाक के ज़रिए माहौल को हल्का करने की कोशिश की. एक पोस्ट में लिखा था, “दिल्ली में एयरटेल डाउन है? पिछले एक घंटे से मेरी पत्नी को लग रहा है कि मैं उसकी कॉल्स अनसुनी कर रहा हूँ. नेटवर्क की समस्या को शादी की समस्या में बदलने के लिए एयरटेलइंडिया का शुक्रिया.”

शिकायतों के आने के तुरंत बाद, एयरटेल केयर्स ने एक संदेश जारी कर “अस्थायी कनेक्टिविटी व्यवधान” की बात स्वीकार की. कंपनी ने कहा: “असुविधा के लिए हमें खेद है. आपको जो समस्या आ रही है, वह अस्थायी कनेक्टिविटी व्यवधान के कारण प्रतीत होती है और एक घंटे के भीतर इसका समाधान हो जाने की उम्मीद है. समय बीत जाने के बाद, कृपया सेवाएँ बहाल करने के लिए अपना मोबाइल फ़ोन पुनः चालू करें. धन्यवाद.”

पिछला आउटेज एयरटेल के लिए यह एक हफ्ते से भी कम समय में दूसरी बड़ी रुकावट है. सोमवार को, दूरसंचार ऑपरेटर को दिल्ली, सूरत, मुंबई, नागपुर, बेंगलुरु, चेन्नई और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में इसी तरह की रुकावट का सामना करना पड़ा था. उस समय, कंपनी ने एक बयान जारी कर माफ़ी मांगी थी और आश्वासन दिया था कि उसकी टीम “समस्या को हल करने और सेवाओं को तुरंत बहाल करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है.”

CG: तीजा-पोरा के पारंपरिक रंग में सराबोर होगी राजधानी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजन की तैयारियां पूरी ..

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CG: तीजा-पोरा के पारंपरिक रंग में सराबोर होगी राजधानी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजन की तैयारियां पूरी ..

रायपुर का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम इस बार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा के रंगों से सराबोर हो गया है।
रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में होगा तीजा-पोरा तिहार का आयोजन। मायके में माताओं बहनों को मिलेंगे विशेष उपहार, छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का उठा सकेंगी लुत्फ। पारंपरिक खेल, साज-सज्जा समेत विभिन्न गतिविधियों का होगा आयोजन।
राजधानी रायपुर का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम इस बार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा के रंगों से सराबोर हो गया है। तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर ऑडिटोरियम प्रांगण नंदिया-बैला, पारंपरिक खिलौनों, रंग-बिरंगे वंदनवार और छत्तीसगढ़ी साज-सज्जा से सुसज्जित होकर अद्भुत छटा बिखेर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर 24 अगस्त को होने वाले इस विशेष आयोजन की तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। तीजा-पोरा तिहार में करीब 3 हजार महिलाओं की भागीदारी होगी, जिनमें महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां और मितानिनें शामिल रहेंगी।
इस अवसर पर शिव -पार्वती, नंदिया बैला और कृषि यंत्रों की पूजा संपन्न होगी। महिलाओं के लिए लोक परंपराओं से जुड़ी प्रतियोगिताएं जैसे फुगड़ी, जलेबी दौड़, नींबू, चम्मच दौड़ और रस्साकसी का आयोजन होगा। वहीं मेहंदी, चूड़ी और आलता के आकर्षक स्टॉल भी उत्सव का विशेष आकर्षण बनेंगे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को विशेष उपहार भी प्रदान किए जाएंगे और छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का जायका भी इसमें शामिल होगा। संस्कृति से सराबोर इस तिहार में पद्मश्री उषा बारले और प्रख्यात लोकगायिका आरू साहू अपनी विशेष प्रस्तुतियां देंगी। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अरुण साव सहित राज्य सरकार के मंत्री और अनेक गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रहेगी। गौरतलब है कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कल 24 अगस्त को प्रदेश की माताओं बहनों के लिए राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर तीजा पोरा तिहार और महिला सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति में तीजा तिहार का विशेष स्थान है। यह पर्व केवल धार्मिक या पारंपरिक नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को संजोने वाला उत्सव है। भादो के महीने में आने वाला यह तिहार बहनों, बेटियों और माताओं के लिए मायके का स्नेह लेकर आता है। यह तिहार रिश्तों को जोड़ने का सेतु है और बेटियों और बहनों को मायके बुलाकर उनका सत्कार किया जाता है। इस खास मौके पर निर्जला व्रत रखा जाता है, शिव -पार्वती की पूजा की जाती है, जिससे दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे। तीजा तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ की असली पहचान है, जहां संस्कृति, परंपरा और प्रेम का अद्भुत संगम दिखाई देता है।

CG: एमबीबीएस काउंसलिंग पहला चरण सम्पन्न, अब तक 1988 सीटों का ऑनलाइन आवंटन, जानें कैसी रही प्रक्रिया …

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CG: एमबीबीएस काउंसलिंग पहला चरण सम्पन्न, अब तक 1988 सीटों का ऑनलाइन आवंटन, जानें कैसी रही प्रक्रिया …

इस सूची में डोमिसाइल सर्टिफिकेट शामिल नहीं होता। जबकि राज्य अपनी अलग मेरिट लिस्ट आवेदकों की ओर से प्रस्तुत प्रमाण पत्र और राज्य की शर्तों के अनुसार तैयार करता है। विभाग ने स्पष्ट किया कि एनटीए की एलिजिबिलिटी लिस्ट केवल सुविधा के लिए प्रकाशित होती है, जिस पर कोई दावा या आपत्ति स्वीकार नहीं की जाती। अंतिम मेरिट लिस्ट केवल राज्य को प्राप्त आवेदनों और निवास व संवर्ग आधारित प्रमाण पत्रों के आधार पर तैयार की जाती है। कई बार एनटीए की लिस्ट में ऐसे छात्रों के नाम होते हैं जो राज्य कोटे में आवेदन ही नहीं करते, इसी कारण दोनों सूचियों में अंतर दिखाई देता है।

विभाग ने उदाहरण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र में डोमिसाइल की शर्तों के अनुसार 10वीं और 12वीं कक्षा वहीं से पास करना जरूरी है। यदि कोई छात्र 12वीं छत्तीसगढ़ से पास करता है और छत्तीसगढ़ की डोमिसाइल शर्तें पूरी करता है तो वह छत्तीसगढ़ की मेरिट लिस्ट में शामिल होगा, चाहे उसने एनईईटी फॉर्म में महाराष्ट्र एलिजिबिलिटी स्टेट भरा हो।

कई बार अभ्यर्थियों के माता-पिता केंद्रीय सेवा या रक्षा विभाग में कार्यरत होने के कारण बार-बार स्थानांतरण होते हैं। ऐसे में अभ्यर्थी का एलिजिबिलिटी स्टेट और वास्तविक निवास आधारित डोमिसाइल अलग-अलग हो सकता है। इसी प्रकार, कई छात्र एनईईटी की तैयारी के लिए कोटा (राजस्थान) या अन्य राज्यों में रहते हैं और फॉर्म भरते समय वहीं का पता और एलिजिबिलिटी स्टेट दर्ज कर देते हैं, जबकि वास्तविक रूप से वे अपने मूल निवासी प्रमाण पत्र के आधार पर छत्तीसगढ़ के पात्र होते हैं।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की काउंसलिंग भी CGDME इन्हीं नियमों के अनुसार करता है। यहां अन्य राज्यों के छात्र भी मैनेजमेंट और NRI कोटे से आवेदन कर सकते हैं। इस कारण, यदि किसी का नाम NTA की एलिजिबिलिटी लिस्ट में नहीं है तो भी उसे पंजीकरण से वंचित नहीं किया जा सकता।

आरक्षण को लेकर भी अक्सर भ्रम की स्थिति होती है। कई छात्र फॉर्म में केंद्रीय OBC श्रेणी लिख देते हैं, जबकि वे राज्य की OBC सूची में नहीं होते। ऐसे मामलों में उन्हें अनारक्षित श्रेणी में अवसर दिया जाता है। इसी तरह, कई बार SC/ST प्रमाण पत्र फॉर्म भरते समय उपलब्ध नहीं होता, लेकिन काउंसलिंग के समय छत्तीसगढ़ की आरक्षित श्रेणी के मूल निवासी होने के आधार पर पात्र माना जाता है। विभाग ने कहा कि यदि ऐसे अभ्यर्थियों को एडिट या पंजीकरण का अवसर न दिया जाए तो उनके साथ अन्याय होगा और विवाद की स्थिति बन सकती है।

विभाग ने कहा है कि आवंटन (Allotment) के बाद अभ्यर्थी को प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। स्क्रूटनी अधिकारी यह जांचते हैं कि सभी प्रमाण पत्र नियमानुसार प्रारूप में और सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किए गए हों। प्रवेश नियम 2025 के अनुसार, प्रवेश से एक दिन पहले तक जारी प्रमाण पत्र मान्य माने जाएंगे। अमान्य प्रमाण पत्र मिलने पर अभ्यर्थी को अपात्र घोषित कर दिया जाएगा और यदि प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता तो आवंटन स्वतः रद्द हो जाएगा। जरूरत पड़ने पर दस्तावेजों की क्रॉस वेरिफिकेशन भी की जाती है।

पहला चरण सम्पन्न: 1988 सीटों का आवंटन
राज्य नीट यूजी 2025 की प्रथम चरण की काउंसलिंग 23 अगस्त को सम्पन्न हुई। इस चरण में कुल 1988 सीटों का आवंटन किया गया। इनमें MBBS की 1534 सीटों में से 1396 पर प्रवेश सुनिश्चित हुआ, जबकि BDS की 454 सीटों में से 284 पर प्रवेश हुआ।

CGDME ने कहा कि पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया ऑनलाइन और पूर्ण पारदर्शिता के साथ, निर्धारित नियमों का पालन करते हुए सम्पन्न कराई जा रही है। काउंसलिंग का दूसरा चरण 27 अगस्त से प्रारंभ होगा।

“MP Politics: किसकी किससे थी लड़ाई.जो सिंधिया ने सरकार गिराई, दिग्विजय सिंह ने बताई असली सच्चाई”

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“MP Politics: किसकी किससे थी लड़ाई.जो सिंधिया ने सरकार गिराई, दिग्विजय सिंह ने बताई असली सच्चाई”

मध्य प्रदेश में एक लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी। ऐसी चर्चा थी कि कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को दरकिनार कर कमलनाथ के हाथों में सरकार की कमान सौंपी थी।

इसी के चलते गाहे-बेगाहे अंदरूनी कलह की खबरें आती थीं, हालांकि डेढ़ साल बाद कांग्रेस की सरकार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गिराकर अंदरूनी कलह को खत्म कर दिया। आरोप लगा कि पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की वजह से मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिर गई।

वहीं अब 5 साल बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए सरकार गिरने का असली कारण बताया है। साथ ही सिंधिया की बगावत की वजह पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को बताया है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं में छोटी-छोटी असहमतिया थीं। अगर कमलनाथ चाहते तो सरकार नहीं गिरती।

सिंधिया ने कमलनाथ को कर दिया अनाथ एमपी तक से बातचीत दिग्विजय सिंह ने बताया कि कमलनाथ के कारण सिंधिया समर्थक विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हुए थे। दोनों नेताओं में कोई वैचारिक मतभेद नहीं था। यहां इगो क्लैश का मामला था। सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद सरकार अल्पमत में आ गई और कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा। लेकिन सरकार गिरने का दोषी मुझे बनाया गया।

डिनर पार्टी में हुआ था समझौता फिर कमलनाथ मुकर गए

कांग्रेस नेता ने बताया कि सरकार गिरने से पहले एक बिजनेसमैन के घर पर डिनर पार्टी रखी गई थी। उन्होंने बिजनेसमैन का नाम न लेते हुए बताया कि जिस बिजनेसमैन के घर पर डिनर पार्टी थी उनसे सिंधिया और कमलनाथ के अच्छे संबंध थे। इस पार्टी में दोनों नेताओं के बीच एक समझौता हुआ था। जिसमें गुना चंबल संभाग के लिए सिंधिया ने कुछ छोटी-मोटी मांगे रखी थी। कमलनाथ ने बिजनेसमैन के सामने सिंधिया की मांगो को स्वीकार कर लिया था। लेकिन बाद में मुकर गए।

ज्योतिरादित्य सिंधिया, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह सरकार गिरने का दोषी मैं नहीं हूंः दिग्विजय सिंह इसके आगे दिग्विजय सिंह ने बताया कि मैं बिजनेसमैन के घर गया था। मैंने उनसे कहा था कि आपके दोनों से अच्छे संबंध हैं। दोनों की लड़ाई में हमारी सरकार गिर जाएगी। आप जरा संभालिए। इसके बाद ही डिनर पार्टी रखी गई थी। उन्होंने बताया कि मेरे तमाम प्रयासों के बाद भी सरकार बच नहीं पाई। हालांकि प्रचारित किया गया कि सिंधिया और मेरे विवाद के कारण सरकार गिरी। उन्होंने कहा कि मेरा दुर्भाग्य है कि हमेशा मुझ पर वो दोष लगेगा, जिसका दोषी मैं नहीं हूं।

सिंधिया की कमलनाथ से मांगे वहीं जब दिग्विजय सिंह से पूछा गया कि कौन-कौन सी मांगे सिंधिया द्वारा की गई थी तो इस पर उन्होंने कोई खास मांग नहीं थी। छोटी-मोटी राजनीतिक बातें थीं। ये हुआ था कि ग्वालियर-चंबल संभाग में जैसा हम कहेंगे वैसा कर दें। हम दोनों ने दूसरे दिन एक लिस्ट दी थी। लिस्ट पर मेरे भी हस्ताक्षर थे, लेकिन उसका पालन नहीं हुआ।

फिर बढ़ी भूपेश बघेल के बेटे की रिमांड, चैतन्य से 6 सितंबर तक भेजा गया जेल”

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फिर बढ़ी भूपेश बघेल के बेटे की रिमांड, चैतन्य से 6 सितंबर तक भेजा गया जेल”

रायपुर: प्रदेश में हुए 3,200 करोड़ के शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल पर ईडी का सिकंजा कसता ही जा रहा है। एक बार फिर चैतन्य बघेल को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

5 दिन की ईडी रिमांड खत्म होने के बाद शनिवार को कोर्ट में पेशी हुई, जिसके बाद उन्हें 6 सितंबर तक के लिए रायपुर जेल भेजा गया। ईडी ने रिमांड अवधि के दौरान चैतन्य से शराब घोटाले और मनी लांड्रिंग से जुड़े कई नए तथ्यों पर पूछताछ की। ईडी की जांच के आधार पर 17 होटल, जमीन और शराब कारोबारियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनके भी बयान दर्ज किए जाएंगे।

इस बीच सुभाष स्टेडियम में भूपेश बघेल का जन्मदिन समारोह चल रहा था। यहीं ईडी का कार्यालय भी स्थित है। कार्यक्रम के दौरान चैतन्य की पत्नी ख्याति वर्मा और बहन ईडी दफ्तर पहुंचीं और लगभग आधे घंटे की मुलाकात के बाद रवाना हो गईं। बता दें कि चैतन्य बघेल को भी उनके जन्मदिन वाले दिन ही भिलाई स्थित निवास के गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद से ईडी लगातार रिमांड पर लेकर चैतन्य से शराब घोटाला मामले में पूछताछ कर रही है।

घोटाले के 16.70 करोड़ मिलने का आरोप ईडी का आरोप है कि शराब घोटाले से चैतन्य बघेल को 16.70 करोड़ रुपये मिले, जिन्हें रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इंवेस्ट किया गया। जांच में सामने आया है कि विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट (बघेल डेवलपर्स) में ब्लैक मनी लगाई गई। वास्तविक खर्च 13 से 15 करोड़ रुपये था, लेकिन रिकार्ड में केवल 7.14 करोड़ रुपये दिखाए गए।

रायपुर के Tomar Brothers का आलीशान बंगला कुर्क, यहां जानिए दोनों भाइयों के अपराधों का काला चिट्टा ईडी ने दावा किया कि इस प्रोजेक्ट में ठेकेदार को 4.2 करोड़ रुपये नकदी में भुगतान किया गया, जो दस्तावेजों में दर्ज नहीं है। साथ ही जांच में सिंडिकेट के जरिए लगभग 1000 करोड़ रुपये की हेराफेरी के सबूत भी मिले हैं।

CG: आज मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ जगहों पर बिजली भी गिरने की संभावना है .. Alert!

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CG: आज मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ जगहों पर बिजली भी गिरने की संभावना है .. Alert!

छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। रायपुर, बलरामपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश हो रही है।

इसी बीच आज फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई है। इस दौरान कुछ जगहों पर बिजली भी गिरने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, यह सिलसिला 31 अगस्त तक जारी रह सकता है। शनिवार को भी रायपुर शहर में दिन भर रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे मौसम सुहावना बना रहा।
24 अगस्त को छत्तीसगढ़ के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात और भारी बारिश भी हो सकती है।
बता दें कि प्रदेश में अगले दो दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने प्रदेश में होने वाली बारिश को लेकर अलर्ट भी जारी किया है। मौसम विभाग ने बस्तर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के जिलों में भारी बारिश होने के संभावना जताई है।
मौसम विभाग ने रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, मुंगेली, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुई खदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले में अगले तीन दिनों तक बारिश होने की संभावना जताई है।
पश्चिम बंगाल के गंगा तटीय क्षेत्र और उसके आसपास के क्षेत्रों पर बना निम्न दाब क्षेत्र बना हुआ है। इससे जुड़ा ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुक रहा है, जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है और बारिश देखने को मिल रहा है।