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”CG: मुख्यमंत्री साय का जापान दौरा अहम विषयों पर हुई चर्चा”

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”CG: मुख्यमंत्री साय का जापान दौरा अहम विषयों पर हुई चर्चा”

बैठक में क्षेत्रीय विविधीकरण, व्यापार एवं तकनीकी सहयोग, आधारभूत संरचना विकास तथा छत्तीसगढ़ में उभरते निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई..

मुख्यमंत्री साय का जापान दौरा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अपने सतत प्रयासों के माध्यम से स्वयं को वैश्विक मंच पर एक प्रतिस्पर्धी एवं दूरदर्शी निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

कई अहम विषयों पर हुई चर्चा: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जापान प्रवास के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ में औद्योगिक सहयोग तथा वैश्विक साझेदारियों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया।

इस क्रम में मुख्यमंत्री साय ने जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JETRO) के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में क्षेत्रीय विविधीकरण, व्यापार एवं तकनीकी सहयोग, आधारभूत संरचना विकास तथा छत्तीसगढ़ में उभरते निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर राज्य की निवेशक-अनुकूल नीतियों, हाल के सुधारों तथा स्टार्टअप्स और नई पीढ़ी के उद्योगों को प्रदान किए जा रहे सशक्त सहयोग पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ के भविष्य की दिशा तय करने में उन्नत प्रौद्योगिकियों की महत्ता पर बल देते हुए टोक्यो में आयोजित “Deep Space – To the Moon and Beyond” नामक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। यह दौरा विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राजनांदगांव में भारत सरकार के सहयोग से प्रस्तावित स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ को वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था से और गहन रूप से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री साय ने जापान में बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी भेंट एवं संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने उन्हें राज्य की हालिया नीतिगत पहल, छत्तीसगढ़ में निवेश के प्रति सकारात्मक माहौल तथा बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर केंद्रित प्रयासों से अवगत कराया। भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने मुख्यमंत्री साय को आश्वस्त किया कि वे छत्तीसगढ़ और जापान के बीच संबंधों को सशक्त बनाने में सक्रिय सहयोग देंगे तथा जापानी व्यवसायियों को छत्तीसगढ़ में निवेश अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

”Indian Railways: रायगढ़–झारसुगुड़ा सेक्शन रूट पर 24 ट्रेनें रद्द, रद होने वाली एक्सप्रेस -पैसेंजर गाड़ियां .. देखें लिस्ट”

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”Indian Railways: रायगढ़–झारसुगुड़ा सेक्शन रूट पर 24 ट्रेनें रद्द, रद होने वाली एक्सप्रेस -पैसेंजर गाड़ियां .. देखें लिस्ट”

दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे के बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी रेल लाइन को जोड़ने और विद्युतीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस कारण इस रूट पर चलने वाली 24 ट्रेनें रविवार 24 अगस्त से रद्द की गई हैं। वहीं कई अन्य ट्रेनों के रूट परिवर्तित किए गए हैं, साथ ही कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है।

रायगढ़–झारसुगुड़ा सेक्शन रूट पर 24 ट्रेनें रद्द

बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में चौथी रेल लाइन को जोड़ना का काम जारी, 24 ट्रेनें को रद, 5 ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी 3 ट्रेनें बीच मार्ग में समाप्त, 21 से 30 अगस्त तक चरणबद्ध रूप से चलेगा, 24 अगस्त से ट्रेनें रद्द रहेंगी.

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर-झारसुगुड़ा सेक्शन में अधोसंरचना विकास के तहत चौथी रेल लाइन को जोड़ने और विद्युतीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसके चलते 24 ट्रेनों को रद किया गया है, जबकि पांच ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी और तीन ट्रेनों को बीच मार्ग में समाप्त किया जाएगा।

यह कार्य 21 से 30 अगस्त तक चरणबद्ध रूप से चलेगा। इस दौरान कई प्रमुख मार्गों पर रेल यातायात प्रभावित रहेगा। किरोड़ीमल नगर रेलवे स्टेशन को चौथी रेल लाइन से जोड़ा जाएगा। यह कार्य 24 अगस्त से 26 अगस्त के बीच चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। साथ ही रायगढ़–झारसुगुड़ा सेक्शन में तीसरी व चौथी लाइन का विद्युतीकरण भी किया जाएगा।

रद होने वाली एक्सप्रेस गाड़ियां

  • टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस (18113) 23 से 26 अगस्त तक
  • बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस (18114) 24 से 27 अगस्त तक
  • सांतरागाछी-पुणे (20822) – 23 अगस्त
  • पुणे-सांतरागाछी (20821) – 25 अगस्त
  • हावड़ा-मुंबई (12870) – 22 अगस्त
  • मुंबई-हावड़ा (12869) – 24 अगस्त
  • हटिया-पुणे (22846) – 25 अगस्त
  • पुणे-हटिया (22845) – 27 अगस्त
  • पुरी-जोधपुर (20813) – 27 अगस्त
  • जोधपुर–पुरी (20814) – 30 अगस्त
  • उदयपुर-शालीमार (20971) – 23 अगस्त
  • शालीमार-उदयपुर (20972) – 24 अगस्त
  • गया-कुर्ला (22358) – 27 अगस्त
  • कुर्ला-गया (22357) – 29 अगस्त
  • पोरबंदर-शालीमार (12905) – 27 अगस्त
  • शालीमार-पोरबंदर (12906) – 29 अगस्त
  • वास्को-जसीडीह (17321) – 22 अगस्त
  • जसीडीह-वास्को (17322) – 25 अगस्त
  • हैदराबाद-रक्सौल (17005) – 21 अगस्त
  • रक्सौल-हैदराबाद (17006) – 24 अगस्त
  • कुर्ला–शालीमार (12101) – 23, 25, 26 अगस्त
  • शालीमार–कुर्ला (12102) – 25, 27, 28 अगस्त

रद होने वाली पैसेंजर गाड़ियां

  • रायगढ़-बिलासपुर मेमू (68737/68735) – 24 से 27 अगस्त
  • बिलासपुर-रायगढ़ मेमू (68738/68736) – 23 से 27 अगस्त

परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ियां

  • हावड़ा-पुणे दुरंतो (12222) – 23 अगस्त को झारसुगुड़ा–टिटलागढ़–रायपुर होकर चलेगी
  • पुणे-हावड़ा दुरंतो (12221) – 25 अगस्त को रायपुर–टिटलागढ़–झारसुगुड़ा होकर चलेगी

बीच में समाप्त होने वाली गाड़ियां

  • गोंदिया–झारसुगुड़ा पैसेंजर (68861/68862) – 24 से 27 अगस्त को बिलासपुर के आगे रद
  • निजामुद्दीन-रायगढ़ गोंडवाना एक्सप्रेस (12410) – 23, 25, 26 अगस्त को बिलासपुर में समाप्त
  • रायगढ़-निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस (12409) – 25, 27, 28 अगस्त को बिलासपुर से रवाना

“ट्रंप टैरिफ के जवाब में भाजपा शुरू करेगी स्वदेशी जागरण अभियान, गांव-गांव जाकर लोगों को किया जाएगा जागरुक”

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“ट्रंप टैरिफ के जवाब में भाजपा शुरू करेगी स्वदेशी जागरण अभियान, गांव-गांव जाकर लोगों को किया जाएगा जागरुक”

ट्रंप टैरिफ के जवाब में भाजपा ने जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर ”स्वदेशी जागरण अभियान” शुरू करने का फैसला किया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता पूरे अभियान की रूपरेखा तैयार करने में जुटे हैं और माना जा रहा है कि सितंबर में बड़े पैमाने पर इसे शुरू कर दिया जाएगा।

खास बात यह है कि आरएसएस और उसके सभी आनुषांगिक संगठन भी भाजपा के इस अभियान में हिस्सेदारी करेंगे। वस्तुत: इस टैरिफ से लड़ने के लिए अन्य कदमों के साथ ही घरेलू खपत को बढ़ाना भी जरूरी है। यह कैंपेन खपत बढ़ाने में मदद करेगा। दरअसल 19 और 20 अगस्त को संघ प्रमुख मोहन भागवत के नेतृत्व में आरएसएस के झंडेवालान स्थित कार्यालय में आरएसएस की अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में आनुसांगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

भाजपा के सीनियर नेता हुए शामिल भाजपा के भी दो वरिष्ठ नेता ने इस बैठक में हिस्सा लिया था। इसी बैठक में मौजूदा वैश्विक कूटनीतिक हालात को देखते हुए स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने का फैसला हुआ था। इसके अगले ही दिन 21 अगस्त को जेपी नड्डा ने महामंत्रियों की बैठक कर ”वोकल फॉर लोकल” कैंपेन चलाने के लिए इसकी तैयारी करने का निर्देश दिया था।

सूत्रों के अनुसार इस अभियान के तहत भाजपा और संघ परिवार पूरे देश में स्वदेशी वस्तुओं के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम चलाएंगे। इसके तहत ब्लॉक, जिला, राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सेमिनार, गोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, जन संपर्क जैसे कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। इनमें आम लोगों को स्वदेश निर्मित वस्तुओं की जानकारी देने के साथ-साथ आयातित वस्तुओं के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।

आत्मनिर्भर भारत का पीएम ने लिया संकल्प ध्यान देने की बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं के आयात पर 25 फीसद टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही रूस तेल खरीदने के कारण 25 फीसद अतिरिक्त पेनाल्टी भी लगेगा, जो 27 अगस्त से लागू हो जाएगा। पहले से लग रहे टैरिफ को जोड़कर यह औसतन 60-65 फीसद तक पहुंचता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी लालकिले से प्राचीर से आत्मनिर्भर भारत बनाने लक्ष्य निर्धारित करते हुए आम लोंगों से स्वदेशी वस्तुएं खरीदने का आह्वान किया था। भाजपा और संघ परिवार के स्वदेशी अभियान को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

“उपराष्ट्रपति चुनाव में 46 उम्मीदवारों के नामांकन, मुकाबला राधाकृष्णन और रेड्डी के बीच”

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“उपराष्ट्रपति चुनाव में 46 उम्मीदवारों के नामांकन, मुकाबला राधाकृष्णन और रेड्डी के बीच”

उपराष्ट्रपति की चुनाव प्रक्रिया अब आगे के चरण में प्रवेश कर चुकी है। इस चुनाव के लिए कुल 46 लोगों ने नामांकन दाखिल किया था जिसमें से 44 लोगों के नामांकन खारिज किए जा चुके हैं।

अब उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की तस्वीर एक तरीके से पूरी तरह साफ ही है। नामांकन प्रक्रिया के बाद सिर्फ दो उम्मीदवार ही मैदान में बचे हैं। इसके लिए कुल 46 उम्मीदवारों ने 68 नामांकन पत्र दाखिल किए थे, जिनमें से अधिकांश तकनीकी खामियों के कारण खारिज कर दिए गए है। अब मुकाबला सत्तारूढ़ एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच होगा। दोनों ही दक्षिण भारत से आते हैं, इसलिए ये चुनावी लड़ाई भी साउथ बनाम साउथ की हो गई है।

निर्वाचन अधिकारी और राज्यसभा सचिवालय के मुताबिक चुनाव आयोग की अधिसूचना के बाद 7 अगस्त 2025 से नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी। नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त थी, जबकि जांच 22 अगस्त को हुई। 46 उम्मीदवारों में से केवल सीपी राधाकृष्णन और बुचिरेड्डी सुदर्शन रेड्डी के चार-चार नामांकन पत्र वैध पाए गए। बाकी सभी पर्चे नियमों के उल्लंघन और अधिनियम की धाराओं के तहत अस्वीकृत कर दिए गए। उम्मीदवार 25 अगस्त तक नाम वापस ले सकते हैं।

68 नामांकन में से केवल दो ही वैध इस चुनाव में उम्मीदवारों का उत्साह काफी अधिक था। कुल 46 अभ्यर्थियों ने 68 नामांकन दाखिल किए। इनमें से 19 उम्मीदवारों के 28 नामांकन प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दिए गए। शेष 27 उम्मीदवारों के 40 नामांकन पत्रों की 22 अगस्त को जांच की गई। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति निर्वाचन अधिनियम, 1952 के तहत नियमों के अनुरूप न होने पर अधिकांश नामांकन अमान्य करार दिए गए। अंततः केवल दो उम्मीदवारों के नामांकन पत्र वैध पाए गए।

‘मुझे तूफानों से टकराने की आदत आसुरी शक्तियां क्या बिगाड़ेंगी’, दिल्ली में दहाड़ीं CM गुप्ता 9 सितंबर को मुकाबला, 25 अगस्त तक नाम वापसी की समय सीमा राज्यसभा सचिवालय के अनुसार, अंतिम उम्मीदवार सूची 25 अगस्त के बाद जारी की जाएगी। 9 सितंबर 2025 को उपराष्ट्रपति पद के लिए मतदान होगा। अब यह चुनाव सत्तारूढ़ राजग उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला है। राधाकृष्णन तमिलनाडु से भाजपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं, जबकि रेड्डी तेलंगाना से आते हैं और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रहे हैं। उपराष्ट्रपति का चुनाव NDA बनाम INDIA की बजाय दक्षिण बनाम दक्षिण बन गया है।

“बंगाल चुनाव 2026 से पहले EC का बड़ा कदम, बनेंगे 14 हजार अतिरिक्त बूथ”

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“बंगाल चुनाव 2026 से पहले EC का बड़ा कदम, बनेंगे 14 हजार अतिरिक्त बूथ”

पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले लगभग 14,000 अतिरिक्त मतदान केंद्र बनने की संभावना है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि चुनाव आयोग मतदान केंद्रों के प्रस्तावित पुनर्गठन पर चर्चा के लिए 29 अगस्त को एक सर्वदलीय बैठक बुला रहा है।

पश्चिम बंगाल में वर्तमान में 294 विधानसभा क्षेत्रों में 78,000 से ज़्यादा मतदान केंद्र हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, मतदान को आसान बनाने के लिए 1,200 से ज़्यादा मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों को विभाजित किया जाएगा।

‘BJP सरकार आएगी तभी बंगाल में होगा विकास’, कोलकाता में बोले मोदी, केंद्र का पैसा जनता तक नहीं, TMC के पास जा रहा सीईओ कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि 1,200 से ज़्यादा मतदाताओं वाले बूथों की पहचान पहले ही कर ली गई है। सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए इन्हें विभाजित किया जाएगा। संभावना है कि बूथों की संख्या 14,000 और बढ़ जाएगी। सर्वदलीय बैठक के दौरान हम राजनीतिक दलों के साथ बूथों के युक्तिकरण पर चर्चा करेंगे। लगभग 14,000 नए बूथों के जुड़ने के साथ, कुल संख्या 92,000 तक पहुँचने की उम्मीद है।

29 अगस्त को दोपहर 3.30 बजे सीईओ कार्यालय में होने वाली सर्वदलीय बैठक में संशोधित बूथ आवंटन पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया ली जाएगी। राजनीतिक हलकों का मानना ​​है कि यह विस्तार संगठनात्मक चुनौतियों का सामना करेगा, खासकर विपक्षी दलों के लिए, जिन्हें बढ़ी हुई बूथ संख्या में बूथ-स्तरीय एजेंटों (बीएलए) को तैनात करने में मुश्किल हो सकती है। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में चार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की पृष्ठभूमि में हुआ है।

पश्चिम बंगाल का दौरा कर 5,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे प्रधानमंत्री मोदी गौरतलब है कि यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन में कथित चूक के लिए चार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की पृष्ठभूमि में हुआ है। राज्य सरकार ने दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिलों के दो ईआरओ और दो सहायक ईआरओ को निलंबित कर दिया और विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी, लेकिन चुनाव आयोग के निर्देशानुसार उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की।

“मध्यप्रदेश: गडकरी ने चार बाघ अभयारण्यों को जोड़ने वाले कॉरिडोर की घोषणा की”

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“मध्यप्रदेश: गडकरी ने चार बाघ अभयारण्यों को जोड़ने वाले कॉरिडोर की घोषणा की”

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को मध्यप्रदेश के चार बाघ अभयारण्यों को जोड़ने वाले 5,500 करोड़ रुपये के चार लेन वाले कॉरिडोर और भोपाल व जबलपुर के बीच 15 हजार करोड़ रुपये के ‘ग्रीनफील्ड हाईवे’ की घोषणा की।गडकरी ने यहां सात किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का उद्घाटन करने के बाद यह घोषणा की।

जबलपुर के सांसद आशीष दुबे, राज्य के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और राज्य के अन्य सांसदों ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य के बाघ अभयारण्यों को जोड़ने वाले कॉरिडोर की मांग की थी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “टाइगर कॉरिडोर’ की लागत 4,600 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 5,500 करोड़ रुपये हो गई है। यह कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना और पेंच अभयारण्यों को जोड़ेगा।”

उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन, रोजगार और राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। वर्ष 2022 की जनगणना के अनुसार, मध्यप्रदेश में सबसे ज़्यादा 785 बाघ हैं।केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भोपाल और जबलपुर के बीच 255 किलोमीटर लंबा ‘ग्रीनफील्ड हाईवे’ 15 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) दिसंबर तक तैयार हो जाएगी। गडकरी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री राकेश सिंह से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सुचारू रूप से सुनिश्चित करने को कहा ताकि अगले अप्रैल या मई तक निर्माण कार्य शुरू हो सके।

“US नागरिकों से ठगे 130 करोड़ रुपये, ED ने किया फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़; 8 लग्जरी कारें जब्त”

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“US नागरिकों से ठगे 130 करोड़ रुपये, ED ने किया फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़; 8 लग्जरी कारें जब्त”

भारत में संचालित फर्जी कॉल सेंटरों के माध्यम से विदेशी, खासतौर से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाकर की जा रही साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। एक अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में हर साल इंटरनेट से जुड़ी ठगियों के कारण कई हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होता है, जिसमें से एक बड़ा हिस्सा भारत आधारित कॉल सेंटरों से जुड़ा है।

इसी को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गुरुग्राम जोनल ऑफिस टीम ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इससे पहले पुणे में भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी।

जांच एजेंसी ने बुधवार को गुरुग्राम और नई दिल्ली में सात स्थानों पर छापेमारी की और करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अहम सबूत अपने कब्जे में लिए। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की गई। जानकारी के मुताबिक, कुछ युवाओं ने मिलकर अमेरिकी नागरिकों से 2-3 वर्षों में 15 मिलियन अमेरिकी डॉलर (130 करोड़ रुपये से अधिक) की ठगी की।

ईडी की जांच में सामने आया है कि तीन युवक- अर्जुन गुलाटी, दिव्यांश गोयल और अभिनव कालरा नोएडा और गुरुग्राम में अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे। ये कॉल सेंटर तकनीकी सहायता के नाम पर मुख्यतः अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे। आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों तक अनधिकृत पहुंच बनाकर पैसे विदेशी खातों में ट्रांसफर करते थे और बाद में जटिल लेनदेन के जरिए उन रकम को भारत में वापस लाते थे।

130 करोड़ रुपये की ठगी ईडी के मुताबिक, नवंबर 2022 से अप्रैल 2024 के बीच इस गिरोह ने लगभग 1.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब 130 करोड़ रुपये) की ठगी की। जांच में अब तक 200 से अधिक बैंक खातों की जानकारी सामने आई है जिनका इस्तेमाल धन शोधन के लिए किया गया। छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कई अहम डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज जब्त किए। साथ ही, 30 बैंक खाते फ्रीज किए गए, आठ लग्जरी कारें और महंगी घड़ियां जब्त की गईं। ईडी का कहना है कि आरोपी आलीशान मकानों में रहते थे और अवैध कमाई से 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित कर चुके थे।

यह जांच सीबीआई, आईओडी दिल्ली द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। एफआईआर में अज्ञात आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता, 1860 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज था। आरोप था कि दिल्ली और आसपास अवैध कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को टेक सपोर्ट स्कैम के जरिए धोखा दिया जा रहा था। ईडी ने बताया कि आरोपियों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और आगे की जांच जारी है।

पुणे में भी ऐसी ही कार्रवाई हाल ही में पुणे पुलिस ने भी एक बड़े साइबर अपराध का पर्दाफाश करते हुए एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया था, जिसके जरिए हजारों अमेरिकी नागरिकों से लाखों डॉलर की ठगी की गई। पुलिस के अनुसार, यह कॉल सेंटर पुणे के एक व्यावसायिक क्षेत्र में संचालित हो रहा था और इसमें शामिल लोग खुद को तकनीकी सहायता कर्मचारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाते थे।

पुणे पुलिस की साइबर क्राइम शाखा को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर में एक अवैध कॉल सेंटर संचालित हो रहा है। इसके बाद, पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह का खुलासा किया। छापेमारी के दौरान, कॉल सेंटर से कंप्यूटर, सर्वर, फर्जी दस्तावेज और अन्य उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया।

मई में एक गुप्त सूचना के आधार पर, एसीपी गणेश इंगले और वरिष्ठ निरीक्षक स्वप्नाली शिंदे, शब्बीर सैय्यद और अजय वाघमारे के नेतृत्व में 150 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की एक टीम ने रात करीब 10 बजे खराडी स्थित आलीशान प्राइड आइकॉन प्रोजेक्ट की नौवीं मंजिल पर स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारा।

पुलिस ने पाया कि “मैग्नेटल बीपीएस एंड कंसल्टेंट्स एलएलपी” के नाम से कथित अवैध कॉल सेंटर में जुलाई 2024 से 12 महिलाओं और 111 पुरुषों सहित 123 कर्मचारी काम कर रहे थे। इस बीच, लगभग दस घंटे चली छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 64 लैपटॉप, 41 मोबाइल फोन, चार राउटर जब्त किए, जिनकी कीमत 13.74 लाख रुपये है। पुलिस को जब्त लैपटॉप में संदिग्ध ऑनलाइन एप्लिकेशन, वीपीएन सॉफ्टवेयर और लाखों अमेरिकी नागरिकों का डेटा मिला।

“नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में मारबत उत्सव के दौरान लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विशाल पुतला निकाला ”

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“नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में मारबत उत्सव के दौरान लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विशाल पुतला निकाला ”

नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में मारबत उत्सव के दौरान लोगों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विशाल पुतला निकाला। यह अमेरिकी सरकार की ओर से भारतीय सामानों पर हाल ही में लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का प्रतीकात्मक विरोध था।

इस उत्सव में लोगों ने तख्तियों पर विरोध संदेश भी लिखे। दरअसल मारबत उत्सव नागपुर में हर साल मनाया जाता है। यह उत्सव परंपरा, संस्कृति और सामाजिक मुद्दों पर टिप्पणी का मिश्रण है।

तख्तियों में क्या संदेश? नागपुर में मारबत उत्सव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतला निकाला गया। स्थानीय लोगों ने पुतले पर तख्तियों में संदेश लिखकर अपना विरोध जताया। इन संदेशों में लिखा था कि टैरिफ लगाकर डराने वालों को भारत की ताकत का पछतावा होगा। एक और संदेश था, हमारे सामानों पर टैरिफ लगाने से उनका ही व्यापार बर्बाद होगा। एक तख्ती पर यह भी लिखा था, अमेरिकी अंकल भारत पर प्रतिबंध लगाते हैं, फिर भी रूसी उत्पाद खरीदते हैं।

काली मारबती का ऐतिहासिक महत्व क्या है? स्वतंत्रता-पूर्व काल में लोग अंग्रेजों के अत्याचारों से त्रस्त थे। उस समय जब नागपुर के लोग अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे। भोसले परिवार की बकाबाई ने अंग्रेजों से हाथ मिला लिया था। इसी बकाबाई के विरोध में 1881 से बकाबाई की एक मूर्ति बनाकर काली मारबती निकाली जाती है। इस काली मारबती का जुलूस मस्कासठ क्षेत्र में स्थित नेहरू प्रतिमा से शुरू होता है। 1942 में इतवारी क्षेत्र में मारबती उत्सव के दौरान दंगा हुआ था। गोलीबारी में 5 लोग मारे गए थे। फिर भी मारबती का जुलूस निकाला गया। कोरोना काल में भी प्रतिबंधों के बावजूद कम संख्या में लोगों की उपस्थिति में काली मारबती के जुलूस की परंपरा का पालन किया गया।

पिउलिया मारबत का ऐतिहासिक महत्व क्या है? पिउलिया मारबत की एक ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है। पिउलिया मारबत उत्सव की शुरुआत तेली समुदाय की ओर से 1885 में जगन्नाथ बुधवार के दिन की गई थी। उस समय लोग अंग्रेजों के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर लोगों को एकजुट करने के लिए इस मारबत का जुलूस निकालते थे। स्वतंत्रता के बाद पिउलिया मारबत के इस जुलूस के माध्यम से अवांछनीय रीति-रिवाजों और इडा महामारी पर प्रहार किया जाता था।

बागे क्या है? मारबत उत्सव का एक मुख्य आकर्षण बागे है। बागे का अर्थ है अलग-अलग मुद्दों की आलोचना करने वाली मूर्तियां। इन बागों को निकालकर समाज की ओर से उस साल जिन समस्याओं, कुछ महत्वपूर्ण राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक मुद्दों और प्रश्नों का सामना कर रहा होता है, उनकी आलोचना की जाती है।

“12 करोड़ कैश, 6 करोड़ का सोना, 10 किलो चांदी… गेमिंग रैकेट पर ED का बड़ा एक्शन, कांग्रेस MLA गिरफ्तार”

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“12 करोड़ कैश, 6 करोड़ का सोना, 10 किलो चांदी… गेमिंग रैकेट पर ED का बड़ा एक्शन, कांग्रेस MLA गिरफ्तार”

कर्नाटक के बेंगलुरु ज़ोनल ऑफिस की प्रवर्तन निदेशालय टीम ने 22 और 23 अगस्त 2025 को देशभर में कई जग छापेमारी की. 31 जगहों पर छापेमारी हुई, जिनमें गंगटोक, चित्रदुर्गा, बेंगलुरु, हुबली, जोधपुर, मुंबई और गोवा शामिल हैं.

गोवा के पांच बड़े कैसीनो, पप्पी’ज़ कैसीनो गोल्ड, ओशन रिवर्स कैसीनो, पप्पी’ज़ कैसीनो प्राइड, ओशन 7 कैसीनो और बिग डैडी कैसीनो में भी रेड की गई. यह कार्रवाई चित्रदुर्गा जिले के विधायक केसी वीरेन्द्र और उनके नेटवर्क पर हुई है. आरोप है कि वीरेन्द्र कई ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी वेबसाइट्स (जैसे King567, Raja567) चला रहे थे.

छापेमारी में ईडी को क्‍या-क्‍या मिला? 12 करोड़ रुपए कैश (जिसमें 1 करोड़ विदेशी करेंसी) करीब 6 करोड़ का सोना लगभग 10 किलो चांदी चार लग्ज़री गाड़ियां 17 बैंक खाते और 2 लॉकर फ्रीज़ प्रॉपर्टी से जुड़े कई दस्तावेज और अन्य सबूत ईडी की जांच में सामने आया कि वीरेन्द्र के भाई केसी थिप्पेस्वामी दुबई से तीन कंपनियां चला रहे हैं. डायमंड सॉफ्टेक, टीआरएस टेक्‍नोलॉजी और प्राइम 9 टेक्‍नोलॉजिस, जिनके ज़रिए ऑनलाइन गेमिंग और कॉल सेंटर का काम होता था. वीरेन्द्र का बेटा और भाई मिलकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे. जांच में ये भी पता चला कि वीरेन्द्र और उनके सहयोगी हाल ही में गंगटोक बिज़नेस टूर पर गए थे, जहां वे एक जमीन पर कैसीनो लीज़ पर लेने की डील कर रहे थे.

ईडी को छापेमारी के दौरान कई ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो मनी लॉन्ड्रिंग और काले धन की परतें छिपाने के खेल की तरफ इशारा करते हैं. इसी आधार पर केसी वीरेन्द्र को 23 अगस्त को गंगटोक से गिरफ्तार किया गया और उन्हें कोर्ट में पेश कर ट्रांज़िट रिमांड पर बेंगलुरु भेजा गया. फिलहाल ईडी की जांच जारी है. इस मामले में और भी बड़े खुलासों की उम्मीद की जा रही है.

“Asia Cup 2025: भारत-पाक मैच पर संजय राउत का मोदी सरकार पर हमला, पूछे कई तीखे सवाल”

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“Asia Cup 2025: भारत-पाक मैच पर संजय राउत का मोदी सरकार पर हमला, पूछे कई तीखे सवाल”

Mumbai: भारत सरकार ने एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को मंजूरी दे दी है। हालांकि सरकार का कहना है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार के द्विपक्षीय खेल संबंध नहीं होंगे, लेकिन बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मुकाबले खेले जा सकते हैं।

यह मैच दुबई में आयोजित होगा, और संभावित तौर पर 14 सितंबर को भारत और पाकिस्तान आमने-सामने हो सकते हैं। ऐसे में अब शिवसेना (यूबीटी) नेता सांसद संजय राउत ने अब सरकार से तीखे सवाल किए हैं।

संजय राउत ने लिखा PM को पत्र शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भारतीय जवान शहीद हुए हैं और उनके परिवारों का दुख अभी ताजा है। ऐसे माहौल में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलना न सिर्फ़ अमानवीय है, बल्कि शहीदों की शहादत का अपमान भी है।

सैनिकों और शहीदों का अपमान है यह मैच राउत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के साथ मैच खेलना उन सैनिकों का अपमान है, जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सैनिकों की नहीं, बल्कि उन सभी शहीदों की गरिमा का हनन है जिन्होंने कश्मीर में अपनी जान दी। उनका कहना है कि अगर यह मैच महाराष्ट्र में होता, तो बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना इसे कभी नहीं होने देती। उन्होंने कटाक्ष किया कि आज क्रिकेट, हिंदुत्व और देशभक्ति से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

देशभक्ति या क्रिकेट? Asia Cup के भारत-पाक मैच पर रोक की मांग, शिवसेना UBT नेता प्रियंका ने उठाई आवाज ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं राउत ने सरकार से पूछा कि जब प्रधानमंत्री और सेना कह रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, तो ऐसे में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट कैसे खेला जा सकता है? उन्होंने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 महिलाओं का सिंदूर मिटा दिया, और सरकार को उनकी पीड़ा को समझना चाहिए।

खून और क्रिकेट साथ नहीं संजय राउत ने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि जब उन्होंने कहा था कि “खून और पानी साथ नहीं बह सकते,” तो क्या “खून और क्रिकेट” साथ-साथ चल सकते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि इन मैचों में बड़े पैमाने पर सट्टा चलता है, जिसमें बीजेपी से जुड़े लोग भी शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से गृह मंत्री अमित शाह के बेटे और बीसीसीआई सचिव जय शाह पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए पूछा कि क्या इस मैच से बीजेपी को आर्थिक लाभ मिलेगा?

किस मोड़ पर खत्म होगा ये विवाद? भारत और पाकिस्तान के बीच मैच को लेकर एक बार फिर राजनीति गरमा गई है। जहां सरकार इसे खेल भावना और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की बाध्यता बता रही है, वहीं विपक्ष इसे शहीदों और देशवासियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ मान रहा है। अब देखना यह है कि यह बहस किस मोड़ पर जाकर खत्म होती है।