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मध्य प्रदेश के इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने प्रेमी की हत्या ..

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मध्य प्रदेश के इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने प्रेमी की हत्या कर दी. उसने अपने पिता, भाई और भतीजे के साथ मिलकर प्रेमी को पहले लाठी डंडों से पीटा. फिर उसके चेहरे को पत्थर से कुचला और उसका प्राइवेट पार्ट काटकर शव को सुनसान इलाके में ठिकाने लगा दिया . हालांकि पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

महिला उत्तर प्रदेश के जालौन जिले की रहने वाली है. उसका प्रेमी मृतक संजय भी जालौन का ही रहने वाला था. दोनों का प्रेम प्रसंग चल रहा था, लेकिन महिला की शादी इंदौर के रहने वाले एक युवक से हो गई थी. हालांकि, शादी के बाद भी महिला का संजय से अफेयर चलता रहा. दोनों एक-दूसरे से बात और मुलाकात करते रहे, लेकिन इसी बीच महिला और संजय के बारे में महिला के पिता मुन्ना लाल यादव और भाई रोहित, भतीजे शुभम को पता चल गया.

महिला ने मिलने के लिए घर पर बुलाया महिला के पिता, भाई और भतीजे ने महिला को समझाया और उसे संजय से बात करने के लिए मना कर दिया. महिला ने परिजनों की बात मान ली, लेकिन संजय लगातार महिला को मिलने के लिए बुला रहा था. संजय महिला से मिलने के लिए इंदौर तक पहुंच गया तो महिला ने संजय को अपने घर पर ही बुला लिया. यहां महिला ने भाई, पिता और भतीजे के साथ मिलकर पहले ही संजय को मारने की प्लानिंग की हुई थी.

लाश को जंगल में ठिकाने लगा दिया जब संजय महिला के घर पर आया तो महिला के पिता, भाई और भतीजे ने उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया और उसकी हत्या कर दी. इसके बाद उसके चेहरे पर पत्थरों से हमला कर बुरे तरीके से चेहरे को बिगाड़ दिया. यही नहीं तीनों ने संजय के प्राइवेट पार्ट को काटकर उसकी लाश को जंगल में ठिकाने लगा दिया. महिला ने पूछताछ में बताया कि उसने संजय से मिलने के लिए मना किया था, लेकिन संजय ने महिला को धमकी दी थी कि वह उसके कुछ अश्लील फोटो और वीडियो वायरल कर देगा, जो उसके पास थे.

क्राइम पेट्रोल के 50 एपिसोड देखकर की हत्या महिला ने पुलिस को बताया कि जब पिता, भाई और भतीजे को संजय के बारे में पता चला तो मैंने संजय को समझाया था, लेकिन संजय इंदौर आकर उससे मुलाकात करने की जिद करने लगा तो महिला ने उसकी हत्या कर दी. इसके साथ ही उसने ये भी बताया कि उसने संजय की हत्या करने से पहले क्राइम पेट्रोल के तकरीबन 50 से ज्यादा इस तरह के एपिसोड देखें और फिर हत्याकांड की घटना को पिता, भाई और भतीजे के साथ मिलकर अंजाम दे दिया और लाश को ठिकाने लगा दिया था, लेकिन पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़ लिया और गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया.

”CG: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने गृह ग्राम बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय में आमजनों की समस्याएं सुनी, त्वरित निराकरण के दिए निर्देश ..”

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने गृह ग्राम बगिया स्थित सीएम कैंप कार्यालय में आमजनों की समस्याएं सुनी और आवेदनों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। दूर-दराज़ से आए ग्रामीणों, महिला समूह, किसान, छात्र और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

सीएम साय ने कई मामलों में तुरंत ही समाधान करते हुए लोगों को राहत प्रदान किया गया। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क शिक्षा और जन सुविधाओं, योजनाओं से जुड़ी समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम कैंप कार्यालय बगिया जनता के लिए सीधे संवाद और त्वरित समाधान का केंद्र है, जहां बिना किसी औपचारिकता के हर व्यक्ति अपनी बात रख सकता है।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी मामले में अनावश्यक देरी न हो और जनता को समयबद्ध समाधान मिले। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांग और समस्याएं लेकर पहुंचे और समाधान के बाद आभार जताया। सीएम कैंप कार्यालय आम लोगों की सेवा उनकी भावना से भरा रहा, जहां जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

”CG: विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर कोरबा जिले में आदिवासी समाज ने अपनी एकजुटता और ताकत का ऐतिहासिक प्रदर्शन, हजारों की संख्या में रैली निकाली गई ..”

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विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर शनिवार को कोरबा जिले के पाली में आदिवासी समाज ने अपनी एकजुटता और ताकत का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। आयोजन स्थल पर सुबह से ही पारंपरिक वेशभूषा और झंडों के साथ समाजजन पहुंचने लगे। देखते ही देखते पाली का मैदान हजारों आदिवासी भाइयों-बहनों से भर गया। अनुमान है कि 10 हजार से अधिक लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर मरकाम ने शिरकत की। इस अवसर पर आदिवासी समाज के विभिन्न संगठन, युवा मंडल, महिला मंडल और सांस्कृतिक दल भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के तहत एक विशाल रैली का आयोजन हुआ, जिसमें आदिवासी समाजजन ढोल-मांदर की थाप पर पारंपरिक नृत्य करते हुए आगे बढ़े। हजारों की संख्या में सड़क पर रैली निकाली गई जहां रैली पाली थाना के बाहर पहुंचे। इस दौरान सभी लोगों ने शराब भट्टी को बंद करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और जाम की स्थिति निर्मित हो गई। वहीं, इस दौरान पाली पुलिस भी मौजूद रही और लोगों को समझने का प्रयास किया।

क्षेत्रीय विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर मरकाम ने बताया कि विश्व आदिवासी दिवस हर साल 9 अगस्त को दुनियाभर में मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 1994 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने की थी, ताकि मूलवासी और आदिवासी समुदायों के अधिकारों, संस्कृति और अस्तित्व की रक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह दिवस आदिवासी समाज के लिए अपनी परंपराओं, इतिहास और अधिकारों को याद करने और आने वाली पीढ़ी को प्रेरित करने का अवसर होता है।

”छत्तीसगढ़ में ‘गौधाम योजना’ को मंजूरी, चरवाहों को 10916 और गौसेवकों को 13126 का हर महीने मिलेगा मानदेय ..”

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और पशुधन संरक्षण को नई दिशा देने के लिए गौधाम योजना की शुरुआत करने जा रही है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल पशुधन की सुरक्षा और नस्ल सुधार को बढ़ावा देगी, बल्कि जैविक खेती, चारा विकास और गौ-आधारित उद्योगों के माध्यम से गांव-गांव में रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी।सीएम साय के नेतृत्व में गौधाम योजना शुरू करने जा रही है जिसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और पशुधन का संरक्षण करना है। योजना में निराश्रित पशुओं की देखभाल नस्ल सुधार जैविक खेती को बढ़ावा देना और ग्रामीणों को रोजगार के अवसर प्रदान करना शामिल है। गौधाम योजना के तहत चरवाहों और गौसेवकों को मानदेय दिया जाएगा और गौधामों को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

योजना का स्वरूप इस तरह तैयार किया गया है कि निराश्रित एवं घुमंतु गौवंशीय पशुओं की देखभाल के साथ-साथ चरवाहों और गौसेवकों को नियमित आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध हो, जिससे ग्रामीण जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता आ सके। गौधाम योजना के ड्राफ्ट को वित्त एवं पशुधन विकास विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है। गौधाम योजना का उद्देश्य गौवंशीय पशुओं का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन करना, गौ-उत्पादों को बढ़ावा देना, चारा विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना, गौधाम को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना, ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना तथा फसलों के नुकसान और दुर्घटनाओं में पशु एवं जनहानि से बचाव सुनिश्चित करना है। पशुधन विकास विभाग ने यह योजना विशेष रूप से तस्करी या अवैध परिवहन में पकड़े गए पशुओं और घुमंतु पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की है। राज्य में अवैध पशु तस्करी एवं परिवहन पर पहले से रोक है। अंतरराज्यीय सीमाओं पर पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में गौवंशीय पशु जब्त होते हैं। इन पशुओं और घुमंतु पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए ही यह योजना शुरू की जा रही है। प्रत्येक गौधाम में क्षमता के अनुसार अधिकतम 200 गौवंशीय पशु रखे जा सकेंगे।

गौधाम योजना के तहत चरवाहों को 10,916 रुपए प्रतिमाह और गौसेवकों को 13,126 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही मवेशियों के चारे के लिए प्रतिदिन निर्धारित राशि प्रदान की जाएगी। उत्कृष्ट गौधाम को वहां रहने वाले प्रत्येक पशु के लिए पहले वर्ष 10 रुपए प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपए प्रतिदिन, तीसरे वर्ष 30 रुपए प्रतिदिन और चौथे वर्ष 35 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से राशि दी जाएगी। योजना के लिए बजट, नियम और शर्तें तय कर दी गई हैं, ताकि संचालन में किसी तरह की परेशानी न हो। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गौधाम योजना से प्रदेश में पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और बड़ी संख्या में चरवाहों एवं गौसेवकों को नियमित आय का साधन मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पशुओं की नस्ल सुधार कर उन्हें अधिक दूध देने और खेती-किसानी में पूरी क्षमता से उपयोग करने योग्य बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में जैविक खेती और चारा विकास कार्यक्रमों को भी गति मिलेगी, जिससे ग्राम स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांवों की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी।

ऐसी शासकीय भूमि, जहां सुरक्षित बाड़ा, पशुओं के शेड, पर्याप्त पानी और बिजली की सुविधा उपलब्ध हो, वहीं गौधाम की स्थापना की जाएगी। जिन गौठानों में पहले से अधोसंरचना विकसित है, वहां उपलब्धता के आधार पर गौठान से सटे चारागाह की भूमि को हरा चारा उत्पादन के लिए दिया जाएगा। इसके अलावा, यदि आसपास की पंजीकृत गौशाला की समिति संचालन हेतु असहमति व्यक्त करती है, तो अन्य स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी या सहकारी समिति संचालन के लिए आवेदन कर सकेगी। जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जो पंजीकृत गौशालाओं से भिन्न होंगे। पहले चरण में छत्तीसगढ़ के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गौधाम स्थापित किए जाएंगे। जिला स्तरीय समिति प्राप्त आवेदनों का तुलनात्मक अध्ययन कर चयनित संस्था का नाम छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजेगी। मंजूरी के बाद चयनित संस्था और आयोग के बीच करार होगा, जिसके पश्चात गौधाम का संचालन उस संस्था को सौंपा जाएगा।

गौधाम में गोबर खरीदी नहीं होगी, पशुओं के गोबर का उपयोग चरवाहा स्वयं करेगा। यहां निराश्रित एवं घुमंतु गौवंशीय पशुओं को ही रखा जाएगा और उनका वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन होगा। संचालन में गौशालाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य गौ सेवा आयोग में पंजीकृत गौशाला की समिति, स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट, किसान उत्पादक कंपनी और सहकारी समिति संचालन के लिए पात्र होंगी। गौधाम को वहां रहने वाले पशुओं की संख्या के आधार पर राशि दी जाएगी। गौधाम से सटी भूमि पर चारा विकास के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी—एक एकड़ में चारा विकास कार्यक्रम पर 47,000 रुपए और पांच एकड़ के लिए 2,85,000 रुपए का प्रावधान है। प्रत्येक गौधाम को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। संचालनकर्ता समिति या संस्था ग्रामीणों को गौ-उत्पाद विषय पर प्रशिक्षण देगी और उन्हें गौ-आधारित खेती के लिए प्रेरित करेगी। इसके साथ ही गोबर और गौमूत्र से केंचुआ खाद, कीट नियंत्रक, गौ काष्ठ, गोनोइल, दीया, दंतमंजन, अगरबत्ती आदि बनाने का प्रशिक्षण, उत्पादन और बिक्री के लिए भी गौधाम एक माध्यम बनेंगे।

CG: विदेशी कंपनियों के खिलाफ स्वदेशी जागरण मंच चलाएगा अभियान, रायपुर में आज ‘शंखनाद कार्यक्रम’ का आयोजन

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रायपुर। स्वदेशी जागरण मंच ने ‘विदेशी कंपनियां भारत छोड़ो’ अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत छत्तीसगढ़ में रविवार शाम चार बजे रायपुर के जयस्तंभ चौक पर ‘शंखनाद कार्यक्रम’ आयोजित किया जाएगा। स्वदेशी जागरण मंच ने विदेशी कंपनियां भारत छोड़ो अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत छत्तीसगढ़ में रविवार शाम चार बजे रायपुर के जयस्तंभ चौक पर शंखनाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मंच ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के आह्वान का स्वागत किया है। ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है

विदेशी वस्तुओं के अंधाधुंध उपभोग पर रोक लगाना है उद्देश्य

मंच के प्रांत संयोजक जगदीश पटेल, अर्थशास्त्री डॉ. रवीन्द्र ब्रम्हे, दिनेश पाटिल और अनुराग पांडेय ने रायपुर में पत्रकार वार्ता में बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी वस्तुओं के अंधाधुंध उपभोग पर रोक लगाना और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना है।

ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है

हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो जाएगा। इस कदम से राष्ट्रवादी नागरिक आहत हैं। मंच ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी उत्पादों को अपनाने के आह्वान का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में जब कई देश संरक्षणवादी नीतियां अपना रहे हैं, स्वदेशी ही राष्ट्रीय हितों की रक्षा का महत्वपूर्ण साधन है। मंच ने अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे विदेशी ई-कामर्स प्लेटफार्मों को ’21वीं सदी की ईस्ट इंडिया कंपनी’ बताते हुए सरकार से इन्हें विनियमित करने की मांग की है।

”छत्तीसगढ़ के व्यक्ति की हिलाचल प्रदेश में मौत, दोस्तों के साथ छुट्टियां मनाने गया था युवक, लैंड स्लाइड की चपेट में आने से हुआ यह हादसा ..”

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‘लैंड स्लाइड में दबने से व्यक्ति की मौत’

रायपुर : दोस्तों के साथ हिमाचल प्रदेश घुमने गए एक व्यक्ति की मौत लैंड स्लाइडिंग की चपेट में आने से हो गई है। मृतक ट्रैकिंग के लिए अकेले गया था, जहां यह हादसा हो गया। हादसे के 3 दिन बाद मृतक का शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव मृतक के परिजनों को दे दिया है। भारत के उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण लगातार प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। पिछले कुछ समय से भारी बारिश के कारण जगह-जगह लैंड स्लाइड और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, इन प्राकृतिक घटनाओं का अब कई लोग शिकार हो चुके हैं और अपनी जान गवां चुके हैं। इन हादसों में छत्तीसगढ़ के भी एक व्यक्ति की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के तंगलींग में रायपुर के उरकुरा निवासी 37 वर्षीय पोषण आडिल की लैंडस्लाइड में दबकर मृत्यु हो गई। वह अपने दोस्तों के साथ घूमने गया था, लेकिन ट्रैकिंग के दौरान अकेले ही निकल गया। यह हादसा पांच अगस्त को हुआ, जिसकी जानकारी स्वजनों को तीन दिन बाद मिली। हिमाचल प्रशासन ने शव को हरिद्वार भेजा, जहां स्वजनों की उपस्थिति में अंत्येष्टि की गई।

”CG: जीएसटी विभाग ने राज्य में 223 करोड़ के टेक्स घोटाले का पर्दाफाश ..”

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जीएसटी विभाग ने किया घोटाले का पर्दाफाश

रायपुर: राज्य जीएसटी विभाग ने 223 करोड़ रुपये के टैक्स घोटाले का पर्दाफाश किया है। विभाग ने मास्टरमाइंड अमन अग्रवाल के खिलाफ 60 दिनों के भीतर 2137 पेज का चालान न्यायालय में पेश किया है। यह राज्य जीएसटी की पहली ऐसी गिरफ्तारी है,जिसमें इतनी तेजी से कानूनी कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर में राज्य कर आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। विभाग ने अत्याधुनिक डिजिटल टूल्स, ई-वे बिल पोर्टल के साथ आइपी एड्रेस एनालिसिस का उपयोग कर घोटाले की परतें खोलीं है।

वित्तीय गड़बड़ियों का राजफास

ट्रांजेक्शन विश्लेषण से पता चला कि चोरी की रकम को तीन बैंकों के खातों में ट्रांसफर किया गया। ये खाते महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तरप्रदेश और गुजरात में थे, जहां से राशि नकद निकालकर सिस्टम से बाहर की गई। कैसे

हुआ घोटाला?

जांच में पता चला कि अमन अग्रवाल ने 10 से अधिक गरीब मजदूरों के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का दुरुपयोग कर फर्जी कंपनियां बनाईं। इनके जरिए 223 करोड़ रुपये के फर्जी बिल जारी किए गए, जिससे 53 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी हुई। जीओ और एयरटेल से प्राप्त डेटा ने पुष्टि की कि फर्जी फर्मों का संचालन अमन अपने निवास से कर रहा था।

इंडियन मेटल अलॉय के डायरेक्टर को भेजा जेल

डीजीजीआइ(जीएसटी इंटेलिजेंस बिलासपुर) की 15 सदस्यीय टीम ने इंडियन मेटल्स अलॉय के डायरेक्टर इशाक खान को गिरफ्तार करने के साथ ही 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इशाक पर 40 करोड़ के एल्मुनियम की फर्जी बिलिंग का आरोप है। टीम ने दो दिनों तक पांच अलग-अलग ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की थी। इससे पहले तेंदुआ और सिलतरा के दो उद्योगपतियों के ठिकानों पर भी छापा मारा था।

“PM Modi: 3 वंदे भारत को हरी झंडी, मेट्रो की येलो लाइन का उद्घाटन और तीसरे फेज की आधारशिला… बेंगलुरु को क्या-क्या सौगात देंगे PM मोदी?”

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (10 अगस्त, 2025) को कर्नाटक दौरे पर रहेंगे, जहां वो सुबह लगभग 11 बजे बेंगलुरु के केएसआर रेलवे स्टेशन से 3 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे.

इसके बाद पीएम मोदी बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन को हरी झंडी दिखाएंगे और आरवी रोड (रागीगुड्डा) से इलेक्ट्रॉनिक सिटी मेट्रो स्टेशन तक मेट्रो की सवारी करेंगे.

पीआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी दोपहर लगभग 1 बजे बेंगलुरु में शहरी संपर्क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इस दौरान एक समारोह को भी संबोधित करेंगे.

बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन का करेंगे उद्घाटन प्रधानमंत्री बेंगलुरु मेट्रो फेज-2 परियोजना के तहत आरवी रोड (रागीगुड्डा) से बोम्मासंद्रा तक येलो लाइन का उद्घाटन करेंगे. इस लाइन की लंबाई 19 किलोमीटर से ज़्यादा है और इसमें 16 स्टेशन होंगे. इस पर लगभग 7,160 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. इस येलो लाइन के खुलने से बेंगलुरु में मेट्रो का परिचालन नेटवर्क 96 किलोमीटर से ज़्यादा हो जाएगा और क्षेत्र की एक बड़ी आबादी को इसका फायदा मिलेगा.

बेंगलुरु मेट्रो चरण-3 परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे पीएम मोदी 15,610 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बेंगलुरु मेट्रो चरण-3 परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे. इस परियोजना की कुल लंबाई 44 किलोमीटर से अधिक होगी और इसमें 31 एलिवेटेड स्टेशन होंगे. यह बुनियादी ढांचा परियोजना शहर की बढ़ती परिवहन आवश्यकताओं को पूरा करेगी और आवासीय, औद्योगिक, वाणिज्यिक और शैक्षणिक क्षेत्रों की ज़रूरतों को पूरा करेगी.

3 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी इसके अलावा पीएम मोदी बेंगलुरु से तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे. इनमें बेंगलुरु से बेलगाम, अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा और नागपुर (अजनी) से पुणे तक की ट्रेनें शामिल हैं. ये हाई-स्पीड ट्रेनें क्षेत्रीय संपर्क को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएंगी, यात्रा समय को कम करेंगी और यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी.

”CG: राजधानी रायपुर के मैक कॉलेज ऑडिटोरियम में आज का शाम भावनाओं, साहित्य और संस्कृति से सराबोर रहा ..”

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“छत्तीसगढ़ी साहित्य के सितारे को अनोखा सम्मान – मैं छत्तीसगढ़ बोलता हूँ का हुआ विमोचन”स्वर्गीय पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे की जयंती के अवसर पर उनकी अंतिम काव्य कृति “मैं छत्तीसगढ़ बोलता हूँ” का विमोचन मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के करकमलों से हुआ। यह अवसर न सिर्फ उनके साहित्यिक योगदान का सम्मान था, बल्कि छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति के प्रति उनके अमिट प्रेम की याद भी।

“छत्तीसगढ़ी भाषा के सच्चे प्रहरी थे डॉ. दुबे” – मुख्यमंत्री

”मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉ. दुबे ने हास्य और व्यंग्य की चाशनी में लिपटी कविताओं के जरिए छत्तीसगढ़ी भाषा को देश-विदेश तक पहुँचाया।”

”उन्होंने कहा -“वे केवल हास्य कवि नहीं थे, बल्कि सामाजिक चेतना के प्रहरी थे, जिनके शब्द लोगों के दिलों को छू जाते थे।”

”साहित्य जगत के लिए अपूरणीय क्षति मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि डॉ. दुबे की अनुपस्थिति साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक ऐसा खालीपन छोड़ गई है, जिसे भरना असंभव है। उन्होंने याद किया कि कैसे कई मंचों पर उन्होंने डॉ. दुबे की कविताएँ सुनीं और उनसे प्रेरणा पाई।”

“हँसी के साथ गहरे संदेश भी देते थे” – रमन सिंह

”कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि डॉ. दुबे की कविताएँ केवल हँसी नहीं लाती थीं, बल्कि समाज को आईना भी दिखाती थीं। उन्होंने कहा कि डॉ. दुबे ने अपने लेखन और संवाद से छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक स्वाभिमान को नई दिशा दी।”

”साहित्यकारों और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति इस अवसर पर धरसीवां विधायक पद्मश्री श्री अनुज शर्मा ने आलेख पाठ किया, जबकि स्व. डॉ. दुबे की धर्मपत्नी श्रीमती शशि दुबे ने भावपूर्ण आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, दुर्ग सांसद श्री विजय बघेल सहित अनेक साहित्यकार और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन श्री सुरेन्द्र दुबे फाउंडेशन द्वारा किया गया।”

“विश्व संस्कृत दिवस पर पीएम मोदी का संबोधन, बोले- संस्कृत है भारत की आत्मा और ज्ञान का अमूल्य खजाना”

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श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन के मौके पर मनाए जा रहे विश्व संस्कृत दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्कृत को ज्ञान और अभिव्यक्ति का “कालातीत स्रोत” बताया. उन्होंने कहा कि इस भाषा का प्रभाव जीवन के हर क्षेत्र में दिखता है और इसे लोकप्रिय बनाने के लिए देशभर में लगातार प्रयास हो रहे हैं.

ज्ञान और अभिव्यक्ति का अनंत स्रोत पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा,

“आज श्रावण पूर्णिमा पर हम विश्व संस्कृत दिवस मना रहे हैं. संस्कृत ज्ञान और अभिव्यक्ति का एक कालातीत स्रोत है, जिसका असर जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में देखा जा सकता है. यह दिन उन सभी लोगों के प्रयासों को सराहने का अवसर है जो दुनिया भर में संस्कृत सीख रहे हैं और इसे लोकप्रिय बना रहे हैं”

सरकार के प्रयास और पहल पीएम मोदी ने बताया कि पिछले एक दशक में सरकार ने संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं.

”इनमें केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना, संस्कृत लर्निंग सेंटर बनाना, संस्कृत विद्वानों को अनुदान देना और ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण शामिल है. इन पहलों से देशभर के छात्रों और शोधकर्ताओं को सीधा लाभ मिला है.”

”इतिहास और महत्व संस्कृत दिवस हर साल श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है जो प्राचीन भारत में नए शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत का दिन माना जाता था. इसी दिन विद्यार्थी शास्त्रों का अध्ययन शुरू करते थे और वेदों का पाठ होता था. साल 1969 में भारत सरकार और संस्कृत संस्थानों के संयुक्त प्रयास से यह दिवस पहली बार मनाया गया, जिसका उद्देश्य संस्कृत की सांस्कृतिक और बौद्धिक महत्ता को बढ़ावा देना है. संस्कृत सप्ताह और सांस्कृतिक धरोहर इस साल संस्कृत सप्ताह 6 से 12 अगस्त तक मनाया जा रहा है. संस्कृत दिवस और संस्कृत सप्ताह भारतीय परंपरा, ऋषियों की ज्ञान-धारा और वैदिक विरासत का प्रतीक हैं.”

”आज तकनीक और शिक्षा के जरिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर संस्कृत के प्रसार पर जोर दे रही हैं. एक प्रसिद्ध श्लोक में कहा गया है कि “अमृतं संस्कृतं मित्रं, सारसं सरलं वचः; एकता मूलकं राष्ट्रं, ज्ञान-विज्ञान- पोषकम्” अर्थात संस्कृत अपनी सरलता और सौंदर्य के लिए जानी जाती है, जो ज्ञान, विज्ञान और राष्ट्रीय एकता को पोषित करती है.”