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”कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव आयोग पर हमलावर, आयोग ने 300 से ज्यादा गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की छुट्टी ..”

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इस समय कांग्रेस सांसद राहुल गांधी चुनाव आयोग पर हमलावर हैं. वह सीधे तौर पर भाजपा और आयोग के बीच साठगांठ का आरोप लगा रहे हैं. हाल में उन्होंने दावा कर दिया कि चुनाव आयोग ‘मताधिकार की चोरी’ कर रहा है.

हालांकि आयोग ने भी पलटवार करते हुए राहुल से प्रूफ और लिखित में शिकायत की बात कर दी है. इस बीच, आयोग ने 300 से ज्यादा गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की छुट्टी कर दी है. चुनाव व्यवस्था को साफ-सुथरा बनाने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है.

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने शनिवार को 345 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPP) को लिस्ट से हटा दिया. ये सभी पार्टियां 2019 से अब तक यानी पिछले 6 वर्षों में एक भी चुनाव लड़ने के आवश्यक मानदंडों को पूरा करने में फेल रही हैं. इनके कार्यालय भी पंजीकृत दस्तावेजों में अंकित पते पर मौजूद नहीं हैं.

एक आखिरी मौका है आयोग ने एक बयान में कहा, ‘सभी तथ्यों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों की सिफारिशों पर विचार करने के बाद आयोग ने 334 पार्टियों को सूची से हटा दिया है. अब कुल 2854 RUPP (Registered Unrecognised Political Parties) में से 2520 शेष हैं.’ आगे कहा गया है कि ये RUPP अब जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29बी और धारा 29सी तथा चुनाव चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश 1968 के प्रावधानों के तहत कोई भी लाभ प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे. इस आदेश से असंतुष्ट कोई भी दल 30 दिनों के भीतर आयोग में अपील कर सकता है.

वास्तव में RUPP को सूची से हटाना, चुनाव आयोग की व्यापक रणनीति का हिस्सा है. इसके तहत उन दलों को हटाया जा रहा है जो अब अप्रासंगिक हो गए हैं और केवल कागजों पर ही मौजूद हैं. जून 2025 में चुनाव आयोग ने इस मिशन की शुरुआत की थी और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को उपरोक्त शर्तों के अनुपालन के संबंध में 345 आरयूपीपी की सत्यापन जांच करने का निर्देश दिया था.

संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्ट में कुल 335 में से 334 आरयूपीपी उपरोक्त शर्तों का पालन नहीं करते पाए गए. सीईओ ने पूछताछ की, कारण बताओ नोटिस जारी किए और प्रत्येक पक्ष को जवाब देने और अपना पक्ष रखने का अवसर प्रदान किया. अभी चुनाव आयोग के साथ छह राष्ट्रीय दल, 67 राज्य स्तरीय दल और 2854 RUPP पंजीकृत हैं.

क्या है रूल मौजूदा चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के अनुसार अगर कोई दल लगातार 6 वर्षों तक चुनाव नहीं लड़ता है, तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाता है. अपंजीकृत पार्टियों की डिलिस्टिंग का मतलब है कि इन्हें मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की आधिकारिक सूची से हटा दिया गया है.

जनता के हिसाब से चुनाव आयोग की भूमिका स्पष्ट नहीं है, ऐसा लगता है जैसे चुनाव आयोग एक पार्टी के हाथ की कठपुतली बन के रह गया है.. सवाल पूछा जाता है चुनाव आयोग से और जवाब आता है BJP की तरफ से.. इसका और क्या मतलब हो सकता है..

“वो भारत के पहले मालिक.. उनके लिए लड़ते रहेंगे, राहुल-खरगे ने किसके लिए दोहराई न्याय की बात?”

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विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर कांग्रेस नेताओं ने देशभर के आदिवासी समाज को शुभकामनाएं दीं और उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ने का संकल्प दोहराया. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासी भारत के पहले मालिक हैं और कांग्रेस उनकी अस्मिता और न्याय की लड़ाई में हमेशा साथ खड़ी रहेगी.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदेश देते हुए आदिवासी परंपराओं को भारत की पहचान का अहम हिस्सा बताया. आदिवासी समाज को शुभकामनाएं दीं…

”कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस मौके पर आदिवासी समाज को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने अपने संदेश में जल, जंगल और जमीन के साथ-साथ आदिवासी सभ्यता और परंपराओं के संरक्षण को पार्टी का ध्येय बताया. खड़गे ने कहा कि कांग्रेस आदिवासी समाज के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है और इसके लिए लगातार काम करती रहेगी.” जल, जंगल और जमीन के निस्वार्थ सेवक छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आदिवासी समाज के साथ एकजुटता जताते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन के निस्वार्थ सेवक आदिवासी हमेशा सम्मान के पात्र हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासियों पर हो रहे शोषण और अत्याचार के खिलाफ कांग्रेस मजबूती से खड़ी है और उनकी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी. ” राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी आदिवासी दिवस की बधाई दी और उनकी संस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय सदैव प्रकृति और पर्यावरण के रक्षक रहे हैं, इसलिए जरूरी है कि समावेशी विकास के माध्यम से उन्हें सशक्त और स्वावलंबी बनाया जाए. इसके साथ ही, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उन्हें पूरी तरह उपलब्ध कराई जानी चाहिए. ” कांग्रेस के इन नेताओं के संदेश में आदिवासी समाज के अधिकार, संस्कृति और संसाधनों की रक्षा करना और उनके लिए न्याय सुनिश्चित करने की बात कही. विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर पार्टी ने यह दोहराया कि जल, जंगल और जमीन की विरासत आदिवासी समाज की है और उसे सुरक्षित रखना सबकी जिम्मेदारी है. ”

FAQ:

Q1: विश्व आदिवासी दिवस पर राहुल गांधी ने क्या कहा?

Ans: राहुल गांधी ने आदिवासी समाज को भारत का पहला मालिक बताते हुए उनके अधिकार और न्याय की लड़ाई में साथ रहने का वादा किया.

Q2: खड़गे ने आदिवासी समाज के लिए क्या संदेश दिया?

Ans: खड़गे ने जल, जंगल, जमीन और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण को कांग्रेस का ध्येय बताया.

Q3: भूपेश बघेल ने आदिवासी समाज को लेकर क्या कहा?

Ans: भूपेश बघेल ने आदिवासी समाज के साथ शोषण और अत्याचार के खिलाफ खड़े रहने का संकल्प दोहराया.

“‘मैंने ही रुकवाई थी इंडिया-PAK के बीच जंग’, भारत पर टैरिफ बम फोड़ने के बाद ट्रंप ने फिर किया दावा”

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक चले सैन्य संघर्ष के बाद स्थिति को संभाल लिया था, जो एक परमाणु युद्ध में बदल सकता था.

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में शुक्रवार (08 अगस्त, 2025) को यह भी दावा किया कि इस संघर्ष के दौरान पांच या छह विमान मार गिराए गए थे. ट्रंप ने इस दौरान यह क्लीयर नहीं किया कि जो विमान तबाह हुए, वो भारत के थे या फिर पाकिस्तान के या फिर वह दोनों देशों के नुकसान की बात कर रहे थे. भारत यह कहता रहा है कि दोनों देशों (भारत-पाकिस्तान) ने अपनी सैन्य कार्रवाई आपसी बातचीत के जरिए रोकी थी और इसमें अमेरिका की कोई मध्यस्थता नहीं थी. अजरबैजान-आर्मेनिया के नेताओं की मौजूदगी में दिया बयान अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह बयान अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान की मौजूदगी में दिया. ये तीनों नेता एक त्रिपक्षीय हस्ताक्षर समारोह में शामिल हुए, जहां अमेरिका की मध्यस्थता में एक शांति समझौते पर दस्तखत किए गए.

ट्रंप ने कहा, ‘राष्ट्रपति के तौर पर मेरी सबसे बड़ी आकांक्षा दुनिया में शांति और स्थिरता लाना है. आज का यह समझौता भारत और पाकिस्तान के साथ हमारी सफलता के बाद हुआ है. ‘भारत-पाकिस्तान के बीच हो सकता था परमाणु युद्ध: ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा, ‘वे एक-दूसरे के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ रहे थे, हालात काफी गंभीर हो गए थे, लेकिन जैसा कि आप जानते हैं, एक बड़ा टकराव-शायद परमाणु युद्ध हो सकता था, लेकिन ठीक पहले दोनों महान नेता एकसाथ आए और हालात को संभाला.’ ट्रंप ने फिर दोहराया कि उन्होंने ट्रेड डील के जरिए ही भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष को सुलझाया. उन्होंने कहा, ‘मैंने भारत और पाकिस्तान के बीच मामला सुलझाया. मुझे लगता है कि इसका बड़ा कारण व्यापार था, बाकी किसी वजह से नहीं.’ उन्होंने इस कार्यक्रम में अपने बयान के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष का दो बार उल्लेख किया. कितना बेशरम और झूठा आदमी है यह बंदर, कितनी बार भारत ने और पाकिस्तान ने बोला कि युद्ध सिर्फ दोनों देशों के बातचीत से रोका गया और तब भी हरबार यह बंदर उसका क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहा।

“भारत-चीन कैसे बने थे दुश्मन, कितनी पुरानी रंजिश? अब दोनों देश दोस्त की राह पर, PM मोदी जाएंगे बीजिंग”

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत-रूस संबंधों को लेकर लगातार दिए जा रहे बयानों, टैरिफ और जुर्माने की घोषणा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने के अंत में चीन की यात्रा पर जाएंगे.

वहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस यात्रा के बारे में सरकार जल्द आधिकारिक घोषणा कर सकती है. साल 2018 के बाद भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली चीन यात्रा होगी. साल 2020 में गलवान घाटी में चीन के सैनिकों की घुसपैठ के बाद दोनों देशों में रिश्ते काफी खराब हो गए थे. हालांकि, अब इसमें सुधार होता दिख रहा है. आइए जान लेते हैं कि भारत और चीन की दुश्मनी कितनी पुरानी है और यह कैसे शुरू हुई थी?

दरअसल, भारत-चीन के बीच दुश्मनी के बावजूद हाल के दिनों में रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलती दिखाई दे रही है. पिछले साल रूस के कजान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात के बाद इसमें और सुधार होता दिखने लगा. अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद चीन ने कड़ी नाराजगी जताई है. चीन के विदेश मंत्री ने अमेरिका की इस घोषणा को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है. चीन का कहना है कि अमेरिका दूसरे देशों को दबाने के लिए टैरिफ का सहारा ले रहा है. अब चर्चा है कि दोनों देश रूस के साथ मिलकर ट्रंप को जवाब दे सकते हैं.

अंग्रेजों ने किया था तिब्बत के साथ समझौता जहां तक भारत और चीन के बीच दुश्मनी की बात है तो इसकी जड़ें काफी गहरी हैं और इसका कारण तिब्बत है. दरअसल, यह अंग्रेजों के शासनकाल की बात है. साल 1914 में तत्कालीन भारत सरकार (ब्रिटिश शासन) और तिब्बत के बीच एक समझौता हुआ था. इसके समझौते पर ब्रिटिश प्रशासक सर हेनरी मैकमोहन और तिब्बत के प्रतिनिधियों ने दस्तखत किए थे. इसी समझौते के तहत भारत में तवांग के साथ पूर्वोत्तर सीमांत क्षेत्र और बाहरी तिब्बत के बीच एक सीमा मानी गई. ब्रिटिश हुकूमन ने साल 1938 में इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच खींची गई रेखा को दर्शाता हुआ एक नक्शा भी साल 1938 में प्रकाशित कर दिया. इसी रेखा को मैकमोहन रेखा के नाम से जाना जाता है.

आजादी के बाद समझौते को किया खारिज साल 1947 में भारत को स्वाधीनता मिली और साल 1949 में पीपल्स रिपब्लिक आफ चाइना बना. तब से चीन ब्रिटिश सरकार और तिब्बत के बीच हुए शिमला समझौते को खारिज करने लगा. उसने कहना शुरू कर दिया कि तिब्बत पर चीन का हक है और वहां की सरकार और अंग्रेजों के बीच हुए किसी समझौते को वह नहीं मानेगा. हालांकि, तब तक चीन इस मुद्दे पर आक्रामक नहीं हुआ था.

भारत ने तिब्बत को दिया अलग देश का दर्जा साल 1951 में चीन ने तिब्बत पर कब्जा कर लिया, उसके बाद हालात बिगड़ते चले गए. चीन का दावा था कि वह तिब्बत को आजादी दिला रहा है, जबकि भारत की ओर से तिब्बत को एक अलग देश के रूप में मान्यता दे दी गई. फिर भारत ने साल 1987 में अरुणाचल प्रदेश को एक अलग राज्य का दर्जा दे दिया. इससे पहले 1972 तक यह नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी के रूप में जाना जाता था. 20 जनवरी 1972 को पहली बार इसे केंद्र शासित प्रदेश बनाकर अरुणाचल प्रदेश नाम दिया गया था.

इस इलाके को एक अलग प्रदेश का दर्जा देने से चीन की बौखलाहट और भी बढ़ गई. इसके बाद वह मैकमोहन रेखा का उल्लंघन करने लगा. वह ‘लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल’ के आस-पास के 1126 किलोमीटर के क्षेत्र में अपनी गतिविधियां लगातार बढ़ाने लगा. यही नहीं, कई बार चीन ऐसे नक्शे जारी करता रहा है, जिसमें वह अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों को अपना बताता रहा है.

पूर्वोत्तर समेत उत्तर प्रदेश तक को अपना बताया विशेष रूप से साल 1958 में चीन ने सारी हद पार कर दी. उसकी ओर से चीन का नया आधिकारिक नक्शा प्रकाशित किया गया. इस नए आधिकारिक नक्शे में चीन ने भारत के पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र पर अपना हक जता दिया. यही नहीं, लद्दाख, उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश को भी चीन ने अपना बताना शुरू कर दिया. साथ ही भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से मांग करने लगा कि यहां का सर्वे कराया जाए. हालांकि, 14 दिसबंर 1958 को पंडित नेहरू ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने जवाब दिया कि ये सब भारत के हिस्से हैं और इनको लेकर किसी को कोई शंका नहीं होनी चाहिए.

इसके बाद से इन्हीं सब इलाकों पर दावा ठोंकते हुए चीन बार-बार घुसपैठ करता रहा है. इसी के कारण साल 1962 में चीन ने भारत पर हमला तक कर दिया था. यह 20 अक्तूबर 1962 की बात है. चीन ने एक साथ लद्दाख और मैकमोहन रेखा पर हमला किया था. यह युद्ध 21 नवंबर तक चला और चीन ने खुद ही अपने पैर पीछे खींच लिए थे. इसके बाद से दोनों देशों के बीच लगातार तनाव बना ही रहता है. सीमा पर दोनों ओर के सैनिकों में झड़पें होती रहती हैं. हालांकि, हाल के दिनों में इसमें कुछ कमी देखने को मिली है.

“IAF चीफ का बड़ा खुलासा: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के 5 फाइटर जेट किए तबाह, S-400 की ताकत से कांप उठा पाकिस्तान”

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भारतीय वायुसेना के प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कम से कम 5 फाइटर जेट को तबाह किया। इसके अलावा एक और बड़े एयरक्राफ्ट को भी नष्ट किया गया। चीफ ने दिया को श्रेय एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने इस सफलता का श्रेय भारत के शक्तिशाली एयर डिफेंस सिस्टम S-400 को दिया है। उन्होंने बताया कि इस सिस्टम की वजह से ही दुश्मन के विमानों को मार गिराना संभव हो पाया। S-400 एक अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम है जो लंबी दूरी तक दुश्मन के विमानों, मिसाइलों और ड्रोन को निशाना बना सकता है। IAF चीफ के इस बयान से यह साफ हो गया है कि यह भारतीय वायुसेना के लिए एक बड़ी और सफल कार्रवाई थी। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया और भारतीय वायुसेना की ताकत का प्रदर्शन किया।

चीफ का बड़ा खुलासा भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने खुलासा किया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 5 फाइटर जेट और एक अन्य एयरक्राफ्ट को नष्ट कर दिया था। उन्होंने इस सफलता का श्रेय भारत के अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम S-400 को दिया है।

“पीएम आवास पर रक्षाबंधन का उत्सव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई बड़े नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं .. ”

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रक्षाबंधन का त्योहार आज देशभर में बड़े ही उत्साह और धूमधाम से मनाया जा रहा है। भाई-बहन के प्रेम और अटूट रिश्ते का प्रतीक यह पर्व पूरे भारत में खुशियां लेकर आया है।

इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई बड़े नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने बंधवाई राखी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सरकारी आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर स्कूली छात्राओं और आध्यात्मिक संगठन ब्रह्मा कुमारी से आई बहनों से राखी बंधवाई। इस दौरान पीएम मोदी ने न सिर्फ राखी बंधवाई, बल्कि उन्होंने छात्राओं से बातचीत भी की और उनके साथ हंसी-मजाक करते हुए इस पल को और भी खास बना दिया। पीएम मोदी ने इस मौके पर सभी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा, “सभी देशवासियों को रक्षाबंधन की अनेकानेक शुभकामनाएं।”

”नेताओं ने भी दी बधाई प्रधानमंत्री के अलावा अन्य नेताओं ने भी देशवासियों को रक्षाबंधन की बधाई दी.”

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने X पर पोस्ट कर कहा, “स्नेह की पवित्र गांठ, विश्वास की मौन प्रतिज्ञा, भाई-बहन के अटूट प्रेम की जीवंत अभिव्यक्ति रक्षाबंधन की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई।” उन्होंने आगे कहा कि “रक्षासूत्र की नन्ही डोर सिर्फ कलाई नहीं बांधती, बल्कि आत्मा को भी जोड़ती है।

“उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी X पर सभी को बधाई दी और कहा, “यह पावन अवसर भाई-बहन के प्रेम, स्नेह एवं सुरक्षा के अटूट बंधन का प्रतीक है।”

बसपा प्रमुख मायावती: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने भी X पर शुभकामनाएं देते हुए कहा, “भाई-बहन के आपस के पवित्र रिश्ते और प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन के त्योहार की देश के समस्त भाई-बहनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।” उन्होंने लोगों से इस त्योहार को सौहार्द और उमंग के साथ मनाने की अपील की।

आज रक्षाबंधन पर मॉनसून मेहरबान, सुबह-सुबह मुहूर्त को बारिश ने किया शुभ? जानें मौसम का अपडेट”

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अगस्त की शुरुआत में अच्छी रफ्तार पकड़ने के बाद देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ गया है और ‘ब्रेक-इन-मॉनसून’ जैसी स्थिति बनी हुई है. इस तरह की स्थिति अगस्त में आमतौर पर बन जाती है. देशभर में बारिश लगातार 8वें दिन सामान्य से कम रही है. इसके साथ ही 1 जून से 7 अगस्त तक औसत बारिश 115% से घटकर 102% रह गई है. अगले 4 दिनों में बारिश के स्तर में और कमी आ सकती है. पश्चिम और मध्य भारत में पड़ रहा सूखा प्राइवेट मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक, पश्चिमी और मध्य भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम लगभग शुष्क बना हुआ है. गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और मध्य प्रदेश में बारिश नहीं हुई है. दक्षिण भारत में कर्नाटक के दक्षिणी हिस्सों, रायलसीमा, केरल और तमिलनाडु के आंतरिक भागों में हल्की बारिश हुई. वहीं, पूर्वोत्तर भारत जो आमतौर पर सबसे ज्यादा बारिश वाला इलाका है, वहां भी बारिश की कमी देखी जा रही है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, आंध्र प्रदेश, तटीय तमिलनाडु, तेलंगाना और विदर्भ के कुछ हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज हुई है.

नया सिस्टम देगा बारिश को रफ्तार! अगस्त में मानसून का ‘ब्रेक’ आना आम बात है, जो आमतौर पर 10 दिन तक चलता है. यह कभी छोटा तो कभी लंबा भी हो सकता है, जो समुद्री परिस्थितियों पर निर्भर करता है. इस स्थिति को खत्म करने के लिए बंगाल की खाड़ी में नई मौसम प्रणाली बनना जरूरी है. 13 अगस्त के आसपास एक नया सिस्टम बनने की संभावना है, जो मानसून को फिर से सक्रिय करेगा.

देश में पिछले 24 घंटों की बात की जाए तो तेलंगाना में मध्यम से भारी वर्षा हुई. दक्षिण छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, पूर्व असम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई. जम्मू-कश्मीर, मराठवाड़ा और कोंकण व गोवा में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई.

आज कैसा रहने वाला है मौसम? एजेंसी ने आज के मौसम का भी अनुमान जाहिर किया है. स्काईमेट के मुताबिक, अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, पूर्वी असम, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, उत्तराखंड, कर्नाटक, लक्षद्वीप, तेलंगाना और मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश संभव है. दिल्ली-एनसीआर में आज बादल छाए रहेंगे और झमाझम बारिश के आसार हैं.

इसी तरह पूर्वोत्तर भारत, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, दिल्ली के कुछ हिस्सों, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है. दक्षिण गुजरात, पूर्वी राजस्थान और लद्दाख में हल्की बारिश की संभावना है.

रक्षाबंधन पर दिल्ली-NCR में भारी बारिश दिल्ली-एनसीआर से भारी बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया है. मूसलाधार बारिश के कारण यातायात बाधित हुआ और दिल्ली और नोएडा के कई हिस्सों में जलभराव हो गया है.

“दुनिया हमें विश्‍वगुरु क्‍यों मानती है? आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने बताया”

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RSS chief Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत को दुनिया एक बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ज्ञान के केंद्र के रूप में जानती है.

नागपुर के शिव मंदिर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति और त्याग में है, यही हमें विश्वगुरु बना सकता है. भागवत ने जोर दिया कि हमारा देश हमेशा दूसरों की मदद करता है और खुशियां बांटता है, इसलिए दुनिया में भारत को महान माना जाता है.

अर्थव्यवस्था नहीं, ‘अध्यात्म’ से भारत बनेगा विश्वगुरु भागवत ने कहा कि भारत जल्द ही 3 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा, लेकिन यह कोई असाधारण बात नहीं है. अमेरिका, चीन जैसे कई देश पहले ही यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं. उन्होंने कहा, दुनिया में कई अमीर देश हैं, लेकिन भारत के पास जो आध्यात्मिक ज्ञान है, वह किसी और के पास नहीं है. यही ज्ञान हमारी सबसे बड़ी ताकत है.

संस्कृति और त्योहारों से बढ़ेगा ज्ञान आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अर्थव्यवस्था जरूरी है, लेकिन भारत तभी विश्वगुरु बनेगा जब हम अपनी संस्कृति का पालन करेंगे और त्योहारों को पूरी खुशी और श्रद्धा से मनाएंगे. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे भगवान शिव ने गले में सांप धारण किया और सबका कल्याण किया, वैसे ही हमें भी त्याग और सहनशीलता का भाव अपनाना चाहिए.

दुनिया में बदलाव, सही समय पर सही कदम जरूरी भागवत ने लोगों से अपील की कि वे अपनी अच्छाइयां दूसरों के साथ बांटें और बुराइयों को खुद तक सीमित रखें. उन्होंने कहा कि भगवान शिव के त्याग से हमें सीख लेनी चाहिए. दुनिया इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है, ऐसे में हर व्यक्ति को सही समय पर सही कदम उठाने होंगे ताकि समाज और देश दोनों आगे बढ़ सकें.

”रायपुर आईपी क्लब में रक्षाबंधन पर शराब के एक पैक पर एक मुफ्त ऑफर, बजरंग दल ने किया विरोध, ऑफर कैंसिल ..”

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रायपुर: आज 9 अगस्त को पूरा देश रक्षाबंधन का त्योहार मना रहा है। इस शुभ अवसर पर, कई मॉल और शॉपिंग सेंटरों में विशेष ऑफ़र और छूट दी जा रही है। तो वहीं दूसरी ओर क्लबों और रेस्तरां में भी शराब पर ‘Buy 1 Get 1 Free ऑफर दिया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला राजधानी रायपुर से सामने आया है। जहां रक्षाबंधन पर शराब के एक पैक पर एक मुफ्त के ऑफर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, मामला नया रायपुर के आईपी क्लब का है। जहां रक्षाबंधन पर शराब के एक पैक पर एक मुफ्त के ऑफर दिया गया। इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर एक पोस्टर भी जारी किया गया। जिसमें Buy 1 Get 1 Free लिखा गया। मामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल ने विरोध किया और कहा कि ऐसे पवित्र त्योहार पर शराब का प्रमोशन करना संस्कृति का अपमान है। विरोध के बाद क्लब प्रबंधन ने तुरंत माफी मांगते हुए ऑफर कैंसिल कर दिया।

”CG: राजधानी रायपुर के डी मार्ट शॉपिंग मॉल में चोरी, पर्स मोबाइल समेत कैश और डॉक्यूमेंट लेकर भागा चोर, मचा हड़कंप”

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रायपुर: आज पूरा देश रक्षाबंधन का त्योहार मना रहा है। जिसको लेकर बाजारों और शॉपिंग मॉल में भीड़ देखने को मिल रही है। लेकिन इसी बीच एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। खबर यह है कि राजधानी रायपुर के डीमार्ट में चोरी हो गई है। बताया जा रहा है कि चोर महिला शासकीय कर्मचारी का पर्स मोबाइल, कैश और डॉक्यूमेंट चोरी कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, डीडी नगर थाना क्षेत्र के रिंग रोड स्थित डी मार्ट का है। जहां एक महिला शासकीय कर्मचारी का पर्स मोबाइल समेत कैश और डॉक्यूमेंट चोरी हो गई है। घटना के बाद इसकी शिकायत पुलिस को दी गई है। बताया जा रहा है कि महिला, महिला एवं बाल विकास विभाग में पर्यवेक्षक के पद पर पदस्थ है। आपको बता दें कि त्योहारी सीजन के चलते डी मार्ट में भीड़ देखने को मिल रही है। चोर इसकी का फायदा उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस इसकी जांच में जुट गई है और आरोपी की तलाशी की जा रही है।