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एलपीजी गैस सिलेंडर और होगा महंगा, केंद्र सरकार की तरफ से आया बयान…

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घरेलू LPG सिलेंडर के दाम हाल ही में बढ़े हैं, लेकिन इससे लोगों को फिलहाल राहत नहीं मिली है. क्योंकि सरकार ने बता दिया है कि आने वाले समय में दाम और बढ़ने वाले हैं.

यूएस-ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण भारत में भी लोगों को महंगाई की मार झेलना पड़ रही है. बीते कुछ दिनों में पेट्रोल- डीजल के साथ ही कमर्शियल और एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ गए हैं. लेकिन ये महंगाई की मार अभी थमी नहीं है बल्कि आने वाले समय में और भी बढ़ने वाली है. सरकार की तरफ से ये बात कंफर्म कर दी गई है कि आने वाले समय में घरेलू गैस के दाम और भी बढ़ने वाले हैं.

सरकार की तरफ से आया बयान
दरअसल हाल ही में केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने बताया है कि आने वाले समय में पेट्रोल- डीजल के दामों में इजाफा हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से हमें भी दुख और अफसोस है. लेकिन इसकी आलोचना करने से पहले लोगों को दुनिया की मौजूदा स्थिति को समझना चाहिए. इस समय पूरी दुनिया कई गंभीर संकटों का सामना कर रही है.’

उन्होंने आगे कहा, ‘दुनिया भर में माल की ढुलाई और सप्लाई (ट्रांसशिपमेंट) प्रभावित हो रही है. एलपीजी भी अब बहुत कम जगहों से उपलब्ध हो रही है. ऐसे में सप्लाई और कीमतों पर दबाव बढ़ गया है.’

आम लोगों के लिए चिंतित है सरकार
उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि, ‘ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) का खर्च काफी बढ़ गया है. गैस की मूल कीमत (बेस कॉस्ट) भी ज्यादा है. इसके अलावा, सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में 40-45 दिन लग रहे हैं, जिससे बीमा (इंश्योरेंस) का खर्च भी बढ़ गया है. आम लोगों की परेशानी को लेकर हम भी उतने ही चिंतित हैं, लेकिन मौजूदा हालात में गैस की कीमत बढ़ाना मजबूरी बन गया है.’

हाल में बढ़े हैं दाम
बता दें कि हाल ही में 7 जून, रविवार को घरेलू गै सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हुई है. प्रति सिलेंडर 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद अब बाजार में 14.2 किलो का सिलेंडर दिल्ली में 942 रुपये का हो गया है. वहीं इससे पहले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में भी बढ़ोतरी हुई थी. जिससे व्यापारियों और खाने से जुड़ा कारोबार करने वालों के बीच काफी तनाव देखा गया था.

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इंडिया अलायंस की बैठक में कुछ अहम मुद्दे उठाए और कांग्रेस को सलाह भी दी….

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राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इंडिया अलायंस की बैठक हुई. इस बैठक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस समेत कुल 25 दल मौजूद रहे. इस बैठक में सभी ने बारी बारी से अपनी बात रखी. सूत्रों के अनुसार इस बैठक में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस से अपील की है कि वह बड़ा दिल दिखाए. उनके इस बयान को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा की सीट शेयरिंग से जोड़कर देखा जा रहा है.

सपा चीफ ने बैठक में कहा कि कांग्रेस को सभी को साथ लेकर चलना होगा.  सूत्रों के मुताबिक अखिलेश ने वोट चोरी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि अयोध्या स्थित मिल्कीपुर में वोट चोरी हुई.

अखिलेश के इस बयान के क्या हैं मायने?

इस दौरान अखिलेश ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में धांधली के जरिए भारतीय जनता पार्टी चुनाव जीती.

बता दें उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा एक साथ चुनाव लड़ेंगे. अभी तक सीटों के लिए कोई अहम बातचीत नहीं हो सकी है. ऐसे में अखिलेश का यह बयान कई मायनों में अहम माना जा रहा है.  राजनीतिक जानकारों की मानें तो अखिलेश ने इस बयान के जरिए कांग्रेस को यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह बड़ा दिल दिखाते हुए कम सीटों पर चुनाव लड़े ताकि उनकी जिताऊ और टिकाऊ वाली रणनीति यूपी विधानसभा के चुनाव में कामयाब हो सके.

सपा चीफ कई मौकों पर यह बात कह चुके हैं कि सवाल सीट का नहीं बल्कि जीतने का है. जिसके जिस सीट पर जीतने की संभावना है वह सीट उसे मिलेगी. उधर, सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस कम से कम 120 सीटों की मांग रख सकती है.

अब यह देखना होगा कि अखिलेश की नसीहत भरी बात का असर, यूपी में चुनाव पर क्या पड़ता है.

उत्तर भारत में शुष्क और गर्म मौसम का अनुमान जम्मू में 42-43 डिग्री तक तापमान, दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में लू का अलर्ट जारी….

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक गर्मी और लू का प्रकोप जारी रहने की चेतावनी दी है. आईएमडी के निदेशक मुख्तार अहमद ने कहा कि 10 जून तक मौसम शुष्क और गर्म रहेगा. इसके बाद 11 जून से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. जम्मू में अगले तीन दिन तक तापमान सामान्य से काफी अधिक रहेगा. इस दौरान लोगों को मुश्किलें होंगी.

जम्मू-कश्मीर में लू का अलर्ट

मुख्तार अहमद ने बताया कि 9 और 10 जून को जम्मू संभाग में लू चलने की आशंका है. तापमान 42-43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. हालांकि 11 जून से हल्की बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तापमान में 3-5 डिग्री की गिरावट आएगी. श्रीनगर में भी एक-दो डिग्री तापमान बढ़ने की संभावना है.

दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में चेतावनी

IMD ने दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बड़े हिस्से में 8 से 11 जून तक लू चलने की चेतावनी जारी की है. 11-12 जून को इन इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश, गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. कुछ स्थानों पर हवाओं की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.

देश में कैसी है मानसून की स्थिति

दक्षिण-पश्चिम मानसून दक्षिणी और पूर्वोत्तर भारत में तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन उत्तर भारत में अभी इसकी सक्रियता नहीं दिख रही है. मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि 10 जून तक दोपहर में बाहर निकलने से बचें, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास खयाल रखने की हिदायत है. 11 जून को आंधी-तूफान की संभावना को देखते हुए घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।IMD के अनुसार, उत्तर भारत में गर्मी का यह दौर सामान्य से अधिक तीव्र है और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.

 ईरान-इजरायल के ताजा मिलिट्री एक्शन से मिडिल ईस्ट में हड़कंप, भारत ने जारी की एडवाइजरी…

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भारत ने कहा कि मिडिली ईस्ट की जंग से दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर बहुत बुरा असर पड़ा है. विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को फिलहाल ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी.

मिडिल ईस्ट में इजरायल और ईरान के बीच दोबारा जंग शुरू होने क बाद भारत ने चिंता जाहिर की और दोनों पक्षों से तुरंत तनाव कम करने की अपील की है. तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए ईरान में मौजूद भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी की है, जिसमें भारतीय नागरिकों को फिलहाल ईरान की यात्रा न करने की सलाह दी गई है. साथ ही, जो भारतीय इस समय ईरान में रह रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द किसी भी उपलब्ध साधन से देश छोड़ने के लिए कहा गया है.

फौरन कम करें तनाव: ट्रंप

विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘8 अप्रैल को हुए अस्थायी सीजफायर के बाद दोनों (ईरान-इजरायल) का एक-दूसरे पर पहली सीधी अटैक है. यह टकराव पिछले 100 से अधिक दिनों से चल रहा है, जिसकी वजह से न केवल आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी बहुत बुरा असर पड़ा है. सभी पक्ष नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण हल निकालें.’

इजरायल ने सोमवार (8 जून 2026) तेहरान की ओर से मिसाइल हमले के जवाब में मध्य और पश्चिमी ईरान में हवाई हमले किए. इससे पहले 7 अप्रैल को भारत ने एक एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों से अगले 48 घंटे तक जहां हैं, वहीं रहने को कहा था.

अभी तक कितने भारतीय लौटे देश?

यह एडवाइजरी उस समय जारी किया गया था जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नाकेबंदी समाप्त नहीं की तो एक पूरी सभ्यता नष्ट हो जाएगी. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जंग शुरू होने के समय ईरान में लगभग 9,000 भारतीय मौजूद थे, जिनमें छात्र भी शामिल थे. अब तक करीब 1,800 भारतीय स्वदेश लौट चुके हैं.

लेबनान पर इजरायल के लगातार हमलों से गु्स्सा होकर रविवार (7 जून 2026) को ईरान ने इजरायल पर हमला किया. इजरायल ने अमेरिका की बात को दरकिनार करते हुए बिना किसी पूर्व चेतावनी के लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाकों पर अचानक हवाई हमले कर दिए थे. इजरायल का दावा है कि उसने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के लड़ाकों ने रविवार को ही इजरायल पर गोलीबारी की थी. ईरान लगातार यह मांग कर रहा है कि इस पूरे क्षेत्र में शांति के लिए लेबनान में युद्धविराम होना सबसे जरूरी है.

असम में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने पास रखे अहम मंत्रालय…

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असम सरकार में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गृह, बिजली, पीडब्ल्यूडी समेत कई अहम मंत्रालय अपने पास रखे हैं.

असम सरकार में मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्यपाल की मंजूरी के बाद मंत्रिपरिषद के सभी सदस्यों को उनके विभाग सौंप दिए गए हैं. मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा अपने पास कई महत्वपूर्ण विभाग रखेंगे, जिनमें गृह विभाग, राजनीतिक विभाग, लोक निर्माण विभाग (सड़क और भवन), राष्ट्रीय राजमार्ग, बिजली विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, प्रिंटिंग और स्टेशनरी विभाग शामिल हैं. इसके अलावा जो विभाग किसी अन्य मंत्री को नहीं दिए गए हैं, वे भी मुख्यमंत्री के पास रहेंगे.

अश्विनी राय सरकार को सामाजिक न्याय और अधिकारिता, मृदा संरक्षण तथा अल्पसंख्यक कल्याण एवं विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.अशोक सिंघल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग का प्रभार सौंपा गया है.बिमल बोरा को सांस्कृतिक मामलों, उद्योग, वाणिज्य एवं सार्वजनिक उपक्रम विभाग और एक्ट ईस्ट पॉलिसी मामलों की जिम्मेदारी मिली है.बिस्वजीत दैमारी को हथकरघा, वस्त्र एवं रेशम उद्योग, खेल एवं युवा कल्याण, कौशल विकास, रोजगार एवं उद्यमिता तथा स्वदेशी और जनजातीय आस्था एवं संस्कृति विभाग दिए गए हैं.

किसको मिला कौन सा विभाग

जयंत मल्लाबरुआ वित्त विभाग के साथ-साथ पर्यावरण एवं वन तथा खान एवं खनिज विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे.कौशिक राय को खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले, आवास एवं शहरी विकास तथा सहकारिता विभाग सौंपे गए हैं.केशव महंत को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन और सामान्य प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है.कृष्णेंदु पॉल को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, पहाड़ी क्षेत्र विकास और बराक घाटी विकास विभाग का प्रभार मिला है.नीलिमा देवी को पशुपालन एवं पशु चिकित्सा तथा मत्स्य पालन विभाग सौंपा गया है. पीयूष हजारिका कृषि, सिंचाई और संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे.डॉ. रनोज पेगु को स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, मैदानी जनजातीय मामलों और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग दिया गया है.सुशांत बोरगोहेन को जल संसाधन और न्यायिक विभाग का प्रभार सौंपा गया है.

हिमंत बिस्वा सरमा सभी मंत्रियों को शुभकामनाएं दी

विभागों के बंटवारे के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सभी मंत्रियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि पूरी मंत्रिपरिषद समर्पण और ईमानदारी के साथ मिलकर काम करेगी और असम के लोगों की सेवा करते हुए राज्य के विकास और समृद्धि को नई गति देगी.

हॉर्मुज में अमेरिकी नेवी का घातक अटैक, संकट में 24 भारतीयों की जान!

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अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एक ऑयल टैंकर पर अटैक कर दिया है. दावा किया जा रहा है कि उस पर 24 भारतीय भी सवार हैं.

अमेरिका और ईरान के बीच अभी तक भयंकर तनाव की स्थिति है. इसकी वजह से दुनिया के तमाम देश प्रभावित हो रहे हैं. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में भी संकट की स्थिति है. इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. अमेरिकी नौसेना ने हॉर्मुज में मारिवेक नाम के ऑयल टैंकर पर अटैक कर दिया है. दावा किया जा रहा है कि इस जहाज पर 24 भारतीय भी मौजूद हैं. इसका वीडियो भी सामने आया है.

जहाज पर मौजूद क्रू मेंबर्स ने अटैक को लेकर अहम जानकारी साझा की है. उनका कहना है शिप में पानी घुस रहा है और शिप पर मौजूद लाइफ बोट पर भी आग लग गई है. आग की वजहसे रस्सियां भी जल गई हैं. जहाज पर मौजूद क्रू मेंबर्स ने अर्जेंट सपोर्ट मांगा है. दावा किया जा रहा है कि भारतीय नौसेना भी जहाज से कुछ ही दूरी पर है. हालांकि अभी तक इसको लेकर पूरी जानकारी नहीं मिली है.

हॉर्मुज में हुए अटैक पर क्या बोला विदेश मंत्रालय

हॉर्मुज में हुए ऑयल टैंकर पर अटैक को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘पश्चिम एशिया में हुए नए हमलों पर भारत को गहरा अफसोस है. ये घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अत्यंत चिंता का विषय हैं . यह संघर्ष अब 100 दिनों से अधिक समय से जारी है और इससे भारी जन पीड़ा हुई है. इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी गंभीर प्रभाव पड़ा है.’

भारत के पास कितने दिन के कच्चे तेल का स्टॉक?

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भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने बताया है कि इस गंभीर मुश्किल के समय देश के पास कितने दिन के कच्चे तेल का स्टॉक बना हुआ है. पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार जारी युद्ध और तनाव की वजह से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति पर संकट छाया हुआ है. वहीं, मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से जंग के शुरू होने के बाद भारत सरकार ने देश में पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और लिक्वीफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) सिलेंडरों के दामों में भी ताजा बढ़ोत्तरी की है.

Shukra Gochar 2026: महिलाओं के लिए खुशखबरी! शुक्र गोचर देगा ये बड़े शुभ संकेत..

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Shukra Gochar 2026: 8 जून को शुक्र गोचर कर्क राशि में हुआ. इसी राशि में गुरु भी हैं. ऐसे में शुक्र-गुरु की युति से गजलक्ष्मी योग बना है. शुक्र का यह गोचर खासकर महिला वर्ग के लिए शुभ संकेत दे रहा है.

सोमवार, 8 जून को शुक्र आज कर्क राशि में आ चुके है, जहां पहले से ही गुरु भी मौजूद हैं. ऐसे में कर्क राशि में शुक्र-गुरु की युति से गजलक्ष्मी योग (gajlakshmi yog) का भी निर्माण हुआ है. इसलिए शुक्र गोचर को सकारात्मक संभावनाओं और ज्योतिषीय संकेतों के रूप में देखा जा रहा है.

वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सौंदर्य, प्रेम, वैवाहिक सुख, विलासिता, कला, फैशन, आकर्षण और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है. शुक्र का गोचर सभी राशियों और लोगों के जीवन को प्रभावित करता है, लेकिन महिलाओं के लिए इसका विशेष महत्व है.

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, शुक्र की शुभ स्थिति महिलाओं के जीवन में सुख, समृद्धि, आत्मविश्वास और सम्मान में वृद्धि का संकेत देती है. शुक्र के प्रभाव से ही महिलाओं के व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ता है, आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, सामाजिक-पारिवारिक जीवन में प्रभावशाली उपस्थिति बन सकती है. खासकर जो महिलाएं फैशन, कला, संगीत, डिजाइन, मीडिया, अभिनय या ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़ी हैं, उन्हें शुक्र गोचर और गजलक्ष्मी योग का विशेष लाभ मिल सकता है.

  • करियर और आर्थिक मामलों में शुभ संकेतशुक्र को धन और ऐश्वर्य का कारक माना गया है. शुक्र के कर्क में गोचर से नौकरीपेशा महिलाओं को नई जिम्मेदारियां, प्रमोशन या फिर आय में वृद्धि के अवसर प्राप्त हो सकते हैं. बिजनेस वूमेन को नए क्लाइंट्स, पार्टनरशिप या आर्थिक लाभ के संकेत मिल सकते हैं.
  • प्रेम और वैवाहिक जीवनज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शुक्र प्रेम और दांपत्य जीवन का प्रतिनिधित्व करता है. शुक्र गोचर जिनके लिए शुभ होता है, उनके वैवाहिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है. वहीं अविवाहित महिलाओं के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं. शुक्र गोचर के बाद नए रिश्ते की शुरुआत के लिए शुभ समय की शुरुआत भी होने की संभावना बढ़ जाती है.
  • सौंदर्य और स्वास्थ्य पर सकारात्मक असरशुक्र ग्रह को सुंदरता और आकर्षण का कारक माना गया है. शुक्र के शुभ प्रभाव से स्किन, बाल और व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आते हैं. महिलाएं अपने सेहत और फिटनेस के प्रति अधिक जागरूक हो सकती हैं. इस समय योग, डांस, ब्यूटी और वेलनेस से जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं की रुचि बढ़ सकती है.
  • किन राशि की महिलाओं के लिए शुक्र गोचर शुभ
  • कर्क राशि चंद्रमा की राशि है और शुक्र यहां कोमलता, संवेदनशीलता व पारिवारिक सुख को बढ़ाने का प्रयास करता है. शुक्र का कर्क राशि में गोचर विशेषकर कर्क, वृषभ, कन्या, वृश्चिक और मीन की महिलाओं के लिए अधिक शुभ फलदायी साबित हो सकता है. हालांकि इस बात का भी ध्यान रखें कि, गोचर का शुभ-अशुभ प्रभाव केवल राशि के आधार पर नहीं बल्कि व्यक्ति की जन्म कुंडली, शुक्र की स्थिति, दशा और अन्य ग्रहों के प्रभाव पर भी निर्भर करती है.

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बदलाव और सचिन पायलट के अध्यक्ष बनने के दावों के बीच पूर्व कांग्रेस नेता ने बड़ा बयान…

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Rajasthan Politics:  सचिन पायलट के RPCC चीफ बनने के दावों के बीच कांग्रेस के पूर्व नेता का बयान- उनके खिलाफ अशोक गहलोत नहीं…

कांग्रेस के एक पूर्व नेता ने दावा किया है कि चर्चा चाहे जितनी हो लेकिन सचिन पायलट को राजस्थान कांग्रेस की कमान नहीं सौंपी जाएगी.

राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बदलाव और सचिन पायलट के अध्यक्ष बनने के दावों के बीच पूर्व कांग्रेस नेता ने बड़ा बयान दिया है. कांग्रेस नेता ने दावा किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पायलट के खिलाफ नहीं हैं.

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, ‘सचिन पायलट एक षड्यंत्र का शिकार हुए हैं. जो झगड़े की जड़ है, वो अशोक गहलोत नहीं हैं और दूसरे नेता नहीं हैं. झगड़े की असली जड़ दिल्ली में है, और झगड़े की इस बुनियाद में खुद राहुल गांधी हैं. जैसे पंजाब में अमरिंदर सिंह की बेइज्जती कराई नवजोत सिंह सिद्धू से और नवजोत सिंह सिद्धू की बेइज्जती कराई चन्नी से, तो पानी में आग लगाकर ये दूर खड़े हो जाते हैं.’

उन्होंने कहा कि सचिन पायलट को सीएम नहीं बनाना था इसीलिए अशोक गहलोत को मोहरा बनाया. गहलोत सत्ता के लालची है. यह बात पक्की है कि धृतराष्ट्र जन्म से अंधे थे, लेकिन पुत्र मोह में धृतराष्ट्र जिस तरह से मानसिक रूप से अंधे हो गए थे, उसी तरह सत्ता के सिंहासन के स्वार्थ में अशोक गहलोत भी अंधे हो गए हैं.

‘राहुल और उनकी टीम जब तक है तब तक…’

कृष्णम ने दावा किया कि राहुल गांधी और उनकी टीम, सचिन पायलट को सीएम नहीं बनाना चाहती थी. अभी भी नहीं चाहते हैं. अब अशोक गहलोत फिर बोलने लगे हैं. सवाल यह है कि जब सिद्धारमैया, अमरिंदर सिंह को हटाया जा सकता है तो अशोक गहलोत को क्यों नहीं? अगर गहलोत ने पार्टी के अनुशासन का उल्लंघन किया तो उन्हें बर्खास्त क्यों नहीं किया गया? किया जा सकता था. तो यह एक बहुत बड़ी साजिश है जिसका शिकार सचिन पायलट हो रहे हैं.

उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि पायलट को राजस्थान की कमान नहीं सौंपी जाएगी क्योंकि उनमें संभावनाएं हैं. जिस नेता ने संभावनाएं होगी, उसको राहुल गांधी कतई बर्दाश्त नहीं करते हैं. राहुल और उनकी टीम जब तक है तब तक कांग्रेस का कुछ नहीं हो सकता है. राजस्थान, पंजाब, यूपी कहीं भी हो…धीरे धीरे कर के सब जगह सब जगह कांग्रेस खत्म हो रही है. तो लड़ाई और झगड़े की जड़ अशोक नहीं बल्कि राहुल गांधी हैं.

ममता बनर्जी को दिल्ली में बड़ा झटका, राज्यसभा के सांसद ने दिया इस्तीफा…

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शुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा चेयरमैन यानी उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के आवास पर जाकर अपना इस्तीफा सौंपा है. उन्होंने इंडिया गठबंधन की मीटिंग पर कहा कि इस गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है.

ममता बनर्जी को बंगाल के बाद अब दिल्ली में बड़ा झटका लगा है. टीएमसी के राज्यसभा सांसद शुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा है कि उन्होंने सांसद पद के साथ-साथ पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया है. रॉय ने आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार के बारे में खुलकर बोलने के बाद उन्हें पार्टी में अलग-थलग कर दिया गया था.

शुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा चेयरमैन यानी उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के आवास पर जाकर अपना इस्तीफा सौंपा है. उन्होंने इंडिया गठबंधन की मीटिंग पर कहा कि इस गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है. तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा की वजह उन्होंने वहां फैले भ्रष्टाचार को बताया.

बंगाल में TMC की हार पर क्या बोले शुखेंदु रॉय?

रॉय ने कहा, ‘मैं सरकार से मांग कर रहा हूं पिछले 5 सालों में बंगाल के हर एक कस्बा, मैं जो भ्रष्टाचार हुआ है उसका फॉरेंसिक ऑडिट होना चाहिए.’ उन्होंने बंगाल में टीएमसी की हार पर कहा कि आरजी कर के मुद्दे को लेकर तो नाराज की थी ही, लेकिन उसके अलावा भी कई सारे मुद्दे थे जिसको लेकर के जनता के दिल में गुस्सा था और वह जब आरजी कर हुआ उसके बाद सामने आया.

कोयल मलिक के इस्तीफे की खबरें भी आई थीं सामने 

ऐसी खबरें सामने आई थीं कि टीएमसी के दो सांसद राज्यसभा से इस्तीफा दे सकते हैं, जिनमें शुखेंदु शेखर का नाम भी शामिल था. उनके अलावा कोयल मलिक का भी नाम सामने आया था, जिन्हें इसी साल अप्रैल में टीएमसी ने राज्यसभा में भेजा था. हालांकि अब तक कोयल मलिक के इस्तीफा की खबर नहीं है.

शुखेंदु शेखर रॉय साल 2011 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे. उसके बाद वो ममता बनर्जी के करीबी बन गए और टीएमसी के हर सुख-दुख में वो पार्टी के साथ खड़े रहे. लेकिन जब ममता बनर्जी की सरकार चली गई और उन सियासी करियर के सबसे बुरे दिन आए तो उन्होंने भी साथ छोड़ दिया. इतना ही नहीं उन्होंने बीजेपी की तारीफ भी की है, जिसके बाद ऐसा लग रहा है कि वो जल्दी ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.