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Election 2026 Dates: बंगाल-तमिलनाडु समेत 5 राज्यों में चुनाव, BJP की चुनौतियां और विपक्ष की ताकत क्या? जानें राष्ट्रीय राजनीति पर कितना असर…

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भारत में अगले कुछ हफ्तों में पांच राज्यों- असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं. ये चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश मिलाकर देश की आबादी का लगभग एक पांचवां हिस्सा हैं.

यानी करीब 20 करोड़ लोग इन जगहों पर रहते हैं. इनकी आबादी मिलाकर देश की कुल जनसंख्या का करीब 17-18 प्रतिशत है. यहां से लोकसभा में 116 सांसद चुने जाते हैं, जो कुल 543 सीटों का करीब 21 प्रतिशत है. राज्यसभा में भी इन राज्यों के विधायक मिलकर 51 सदस्य (करीब 21 प्रतिशत) भेजते हैं, जो विधानसभा के सदस्य ही चुनते हैं. मतलब ये चुनाव जीतने वाली पार्टियों का संसद में दबदबा बहुत बढ़ जाएगा.

BJP के लिए क्यों खास है ये चुनाव?

अभी हालात ऐसे हैं कि BJP और NDA केंद्र में मजबूत हैं. 2024 लोकसभा के बाद BJP ने दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों में बड़ी जीत हासिल की है, लेकिन इन पांच जगहों में से सिर्फ असम में ही NDA की सरकार है. असम में हिमंता बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री हैं, बाकी चार में विपक्ष मजबूत है. पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की TMC, तमिलनाडु में एमके स्टालिन की DMK, केरल में पिनराई विजयन की LDF और पुडुचेरी में एन. रंगास्वामी की AINRC-BJP गठबंधन सत्ता में है.

BJP पार्टी दक्षिण भारत और पूर्व में अपना विस्तार करना चाहती है. तमिलनाडु और केरल में BJP को अब तक कभी सरकार नहीं मिली. पश्चिम बंगाल में 2021 में TMC ने 215 सीटें जीती थीं, BJP को 77 मिली थीं. 2019 के लोकसभा चुनाव में BJP ने 303 सीटें जीतीं थीं यानी 56 प्रतिशत, लेकिन ये सफलता पूरे देश में नहीं फैली. तमिलनाडु और केरल में BJP को एक भी सीट नहीं मिली. पश्चिम बंगाल में सिर्फ 18 सीटें मिलीं.

अब BJP डबल इंजन सरकार (केंद्र और राज्य दोनों में एक ही गठबंधन) का नारा दे रही है. BJP सांसद भोला सिंह ने कहा है कि जहां डबल इंजन नहीं है, वहां PM मोदी की योजनाएं लोगों तक नहीं पहुंच पातीं. इस वजह से डबल इंजन सरकार जरूरी है, जिससे विकास चार गुना तेज होगा.

विपक्ष के लिए भी ये चुनाव अस्तित्व की लड़ाई

कांग्रेस और INDIA गठबंधन इन राज्यों में मजबूत रहना चाहता है. दयानिधि मारन जैसे DMK नेता कह रहे हैं कि PM मोदी ने आखिरकार चुनाव आयोग को तारीखें ऐलान करने की इजाजत दी. संजय राउत जैसे विपक्षी नेता चुनाव आयोग पर तंज कस रहे हैं कि वो BJP का एक्सटेंडेड ब्रांच बन गया है.

असम में BJP मजबूत है, लेकिन CAA और NRC जैसे मुद्दे अभी भी गर्म हैं. पश्चिम बंगाल में TMC और BJP की कड़ी टक्कर होगी, जहां हिंसा और पोस्ट-पोल वायलेंस के आरोप लगते रहे हैं. तमिलनाडु में डीएमके vs AIADMK की पुरानी जंग है, BJP AIADMK के साथ गठबंधन में है. केरल में लेफ्ट फ्रंट तीसरी बार सत्ता बचाने की कोशिश में है. हालांकि, राज्य में ऐसा कभी नहीं हुआ. पुडुचेरी छोटा है लेकिन गठबंधन की राजनीति यहां भी दिलचस्प है.

ECI ने चुनावी राज्यों में तैयारियों का लिया जायजा

चुनाव आयोग ने पिछले हफ्तों में सभी राज्यों का दौरा किया. फरवरी में असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी, 6-7 मार्च को केरल और 9-10 मार्च को पश्चिम बंगाल में तैयारियों का जायजा लिया गया. इन दौरों में राजनीतिक दलों, पुलिस और प्रशासन से मीटिंग हुई और हिंसा रोकने, मतदाता सूची सुधारने, EVM-VVPAT जांच और CAPF तैनाती पर फोकस रहा. वहीं, मतदाता सूची की अपील की डेडलाइन आज खत्म हो रही है. रिपोर्ट्स कह रही हैं कि इस बार चरण कम हो सकते हैं. 2021 में बंगाल में 8 चरण थे, अब शायद 5-6 रह जाएंगे. मतदान अप्रैल-मई में होने की उम्मीद है, नतीजे मई की शुरुआत में आ सकते हैं.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये चुनाव सिर्फ सत्ता बदलने के नहीं हैं, बल्कि ये बताएंगे कि BJP दक्षिण और पूर्व में कितना आगे बढ़ पाती है. विपक्ष कितना एकजुट रह पाता है और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले राजनीतिक ताकतें कैसे मजबूत या कमजोर होती हैं. चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद देश में चुनावी आग लग जाएगी. पार्टियां रैलियां, घोषणापत्र और आरोप-प्रत्यारोप शुरू कर देंगी. देखते हैं कौन जीतता है और देश की राजनीति किस दिशा में जाती है.

36 हजार किराया, 15 हजार राशन.1.5 लाख कमाने पर भी सिर्फ 20 हजार बचत…

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भारत का आईटी हब माना जाने वाला बेंगलुरु हाई सैलरी वाली नौकरियों और मॉडर्न लाइफस्टाइल के लिए मशहूर है. हर साल हजारों युवा बेहतर करियर की तलाश में यहां पहुंचते हैं. लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट ने बड़े शहरों की महंगी जिंदगी की हकीकत को सामने ला दिया है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अनुभव

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने अपने कजिन का अनुभव साझा किया है. उसने बताया कि उसका कजिन कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक टेक कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी करने बेंगलुरु गया था. उसे करीब 1.5 लाख रुपये महीने की सैलरी मिल रही थी. परिवार और दोस्तों को लगा कि इतनी बड़ी सैलरी के साथ उसकी जिंदगी काफी आरामदायक होगी. घर पर सभी को यही लगा कि उसने बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. बड़ी टेक जॉब, बड़ा शहर और बड़ी सैलरी.

रोजमर्रा के खर्चों ने बदली तस्वीर

हालांकि कुछ महीनों बाद ही उसे एहसास हुआ कि बड़े शहर में खर्च भी उतने ही बड़े होते हैं. ऑफिस के पास एक छोटे से अपार्टमेंट का किराया करीब 36 हजार रुपये था. वहीं खाने-पीने और किराने का खर्च हर महीने 13 से 15 हजार रुपये तक पहुंच जाता था. शहर में भारी ट्रैफिक की वजह से कैब और ऑटो पर भी हर महीने करीब 6 से 8 हजार रुपये खर्च हो जाते थे. इसके अलावा ऑनलाइन फूड ऑर्डर, कॉफी और वीकेंड पर बाहर घूमने-फिरने में करीब 10 से 12 हजार रुपये खर्च हो जाते थे. इस दौरान Swiggy जैसे फूड डिलीवरी ऐप्स का इस्तेमाल भी खर्च बढ़ाने की एक वजह बन गया.

छिपे खर्चों ने कम कर दी बचत

इन खर्चों के अलावा कुछ ऐसे छोटे-छोटे खर्च भी थे जिन पर आमतौर पर ध्यान नहीं जाता. जैसे अलग-अलग ऑनलाइन सब्सक्रिप्शन, मेडिकल खर्च, अचानक आने वाले बिल और घर पैसे भेजना. इन सब खर्चों के बाद महीने के आखिर में मुश्किल से 15 से 20 हजार रुपये ही बच पाते थे.

लोगों ने दिए खर्च कम करने के सुझाव

पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपनी राय दी. कुछ यूजर्स ने सुझाव दिया कि अगर ऑफिस से थोड़ा दूर और मेट्रो लाइन के पास घर लिया जाए तो किराया काफी कम हो सकता है. वहीं कई लोगों ने माना कि बड़े शहरों में अच्छी सैलरी जरूर मिलती है, लेकिन बढ़ती महंगाई और लाइफस्टाइल खर्च बचत को काफी कम कर देते हैं.

Iran NOPO Unit: कितनी ताकतवर है ईरान की NOPO यूनिट, जिसके पास है नए सुप्रीम लीडर की सुरक्षा का जिम्मा…

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Iran NOPO Unit: मुज्तबा खामेनेई को हाल ही में ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है. उनकी सुरक्षा एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुकी है. उन्होंने अपने पिता अयातुल्ला खामेनेई की मृत्यु के बाद पद को संभाला है.

इस घटना के बाद ईरान को लीड करने वाले सुप्रीम लीडर की सुरक्षा के लिए NOPO नाम के एक खास विशेष बल को तैनात किया गया है. काले कपड़े पहनने वाली इस टुकड़ी को ईरान की सुरक्षा व्यवस्था के अंदर सबसे ज्यादा गोपनीय और सबसे ज्यादा ट्रेंड बलों में से एक माना जाता है.

क्या है NOPO?

NOPO को औपचारिक रूप से निरूयेह विजेह पासदारान विलायत के नाम से जाना जाता है. यह ईरान का सबसे ताकतवर बल है. यह एक एलिट टैक्टिकल यूनिट के रूप में काम करता है. इसे आतंकवाद रोधी अभियान, बंधकों को छुड़ाने और प्रमुख राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा जैसे उच्च जोखिम वाले मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है. जब से मुज्तबा खामेनेई ने पद को संभाला है तब से यह टुकड़ी कथित तौर पर उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा व्यवस्था को संभाल रही है.

NOPO का युद्ध कौशल

NOPO टुकड़ी के सदस्य काफी मुश्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम से गुजरते हैं. यह उन्हें शहरी और युद्ध दोनों तरह के हालातों के लिए तैयार करता है. उनकी तैयारी में एडवांस्ड मार्शल आर्ट, आत्मरक्षा की तकनीक, सामरिक निशानेबाजी, शहरी बाधाओं को तेजी से पार करने के लिए पार्कौर और गोताखोरी के अभियान शामिल होते हैं.

काफी मुश्किल भर्ती प्रक्रिया

NOPO के लिए भर्ती प्रक्रिया काफी ज्यादा कठोर मानी जाती है. उम्मीदवारों का चयन आमतौर पर दूसरे विशिष्ट पुलिस या सुरक्षा इकाइयों से कड़ी छंटनी के बाद किया जाता है. भर्ती के लिए उच्च शारीरिक फिटनेस, मजबूत मानसिक दृढ़ता, होशियारी का आकलन और ऊंचाई के साथ-साथ सहनशक्ति के स्तर जैसे खास शारीरिक मापदंडों को शामिल किया जाता है. काफी कम संख्या में आवेदक इन सभी परीक्षाओं को पास कर पाते हैं.

संगठनात्मक ढांचा और तैनाती

NOPO यूनिटी की आधिकारिक तौर पर 1991 में स्थापना की गई थी और इसका उद्देश्य आतंकवाद विरोधी और बंधक बचाव अभियानों को संभाला था. हालांकि यह बल काफी छोटा है लेकिन इसके बावजूद भी इसे 6 ब्रिगेड में बांटा गया है. इनमें से चार ब्रिगेड तेहरान में तैनात है और बाकी यूनिट ईरान के प्रमुख शहरों मशहद और इस्फहान में स्थित है. इससे देश के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा खतरों पर तेजी से कार्रवाई करना संभव हो जाता है.

CG: गौधाम योजना को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासत! सीएम साय ने कांग्रेस पर साधा निशाना तो विपक्ष ने ऐसे किया पलटवार…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया गौधाम योजना का शुभारंभ। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए पशुपालकों से सीधे संवाद किया। सभा को संबोधित करते हुए सीएम साय ने कांग्रेस पर निशाना साधा .

छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार ने प्रदेश में गौवंश की सुरक्षा, सेवा के संकल्प के साथ गौधाम योजना पर अमल शुरू कर दिया है। दावा है कि योजना में सड़कों पर आवारा धूमते गौवंश की समस्या हल होगी, हादसों में कमी आएगी। मुख्यमंत्री ने इसी योजना के मंच से लगे हाथ पिछली कांग्रेस सरकार की गौठान योजना को भ्रष्टाचार का जरिया बताते हुए कांग्रेस के सत्ता से हाथ धोने के लिए गौमाता की हाय लगने की बात कही। जिस पर कांग्रेस ने भी तीखा रिएक्शन दिया।

शनिवार को बिलासपुर से पूरे प्रदेश के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने एक नई योजना का शुभारंभ किया नाम है ‘गौधाम योजना।’ बिलासपुर की गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी से CM साय ने प्रदेशभर के 11 जिलों के 29 गौधामों का शुभारंभ किया। साथ ही पशुपालक सम्मेलन का आयोजन भी हुआ।

 मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए पशुपालकों से सीधे संवाद किया।

मंच से CM साय ने विपक्ष पर करारा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि…गौमाता की आह का नतीजा है कि जनता ने कांग्रेस को रिजेक्ट कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बीजेपी कार्यकर्ता के तौर पर कांग्रेस काल में गौठानों का निरीक्षण किया था, तो कई जगह गाय तो दूर गाय का चित्र तक नहीं था, ना बिजली थी -पानी का इंतजाम।

विपक्ष के आरोपों से इतर। गौधाम योजना को लेकर सरकार का दावा है, योजना के तहत प्रदेश में 1460 गौधाम बनेंगे, 26 को स्वीकृति मिली है, गौधामों में आवारा घूमते, निराश्रित गौवंश को रखा जाएगा जिससे हादसों में कमी आएगी, योजना के तहत – चरवाहे को मानदेय, पशुओं को चारा समेत सारी व्यवस्था पहले से एक साथ की गई है..सवाल है क्या ये योजना जमीन पर गौवंश की सुरक्षा और हादसों पर नियंत्रण कर पाएगी ?

GST fraud : फर्जी फर्म का पर्दाफाश, ‘हिंदुस्तान कॉर्पोरेशन’ की आड़ में करोड़ो की टैक्स चोरी!

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फर्जी फर्म से 12.5 करोड़ की टैक्स चोरी। DGGI ने अमन सिंह को गिरफ्तार किया.GST नेटवर्क की जांच जारी।

 pur GST fraud छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में DGGI ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए GST घोटाले के आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने हिंदुस्तान कॉर्पोरेशन के नाम से एक फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी को अंजाम दिया था।

12.5 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी

मिली जानकारी के अनुसार आरोपी की पहचान अमन सिंह के रूप में हुई है जो कबीर नगर का निवासी है। आरोपी ने हिंदुस्तान कॉर्पोरेशन नामक एक फर्जी फर्म खड़ी की थी। इस फर्म का उपयोग बड़े पैमाने पर GST घोटाले के लिए किया जा रहा था। जांच में इस फर्जीवाड़े से लगभग 12.5 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी होने का खुलासा हुआ है। सबूतों के आधार पर DGGI ने आरोपी अमन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

अमन सिंह पर GST घोटाले में संलिप्तता और सरकार को भारी नुकसान पहुँचाने का आरोप है। फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जा रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।

छत्तीसगढ़ में मौसम ने बदली चाल! तेज हवाओं के साथ हो सकती है बारिश…

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Weather Upate: छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम में यह बदलाव आने वाले दिनों में लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दे सकता है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी के साथ हवा चलने की स्थिति बन सकती है।

रायपुर में धुंध रहने के आसार हैं

राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां मौसम थोड़ा अलग रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक रायपुर में धुंध रहने के आसार हैं, जिससे सुबह और शाम के समय हल्की धुंध देखने को मिल सकती है। ऐसे में लोगों को वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के कारण वातावरण में नमी बढ़ने से धुंध जैसी स्थिति बन सकती है।

प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 39.6°C बिलासपुर में दर्ज

प्रदेश के तापमान की बात करें तो कई शहरों में गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। सबसे अधिक तापमान बिलासपुर में 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। वहीं सबसे कम तापमान अंबिकापुर में 14.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रायपुर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है और कुछ जगहों पर बारिश के कारण गर्मी में हल्की कमी भी आ सकती है।

Police Transfer: छत्तीसगढ़ पुलिस में एक और बड़ा फेरबदल, एक साथ इतने लोगों का तबादला आदेश जारी…

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CG: राजनांदगांव के विकास को नई गति: 2 हजार सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम सहित 226 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों…

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राजनांदगांव को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल सिटी के रूप में विकसित करेंगे : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय…

राजनांदगांव के विकास को नई गति: 2 हजार सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम सहित 226 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से नगर पालिक निगम राजनांदगांव के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 226 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने  राजनांदगांववासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भूमिपूजन केवल विकास कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में राजनांदगांव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर के हर वार्ड तक विकास की किरण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमृत मिशन 2.0 के तहत शहर में घरेलू अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक उपचार के लिए दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे गंदे पानी को सीधे नदियों और नालों में जाने से रोका जा सकेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोउत्थान योजना के अंतर्गत सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यातायात अधिक सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनांदगांव में 2 हजार सीटर का विशाल अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जो संस्कारधानी की कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के व्यापक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऑडिटोरियम शहर की एक नई पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर के उन्नयन, नाली निर्माण, पाइपलाइन विस्तार तथा शहर के 51 वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष बजट प्रावधान किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजनांदगांव केवल स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने वाला शहर न रहे, बल्कि देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विकास कार्यों की गति तेज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राजनांदगांव तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके विजन और जनसहभागिता से शहर को छत्तीसगढ़ की एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के विकास से संबंधित लंबित अधोसंरचना प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव उनके दिल के बेहद करीब है और आज का दिन शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि संकल्प बजट 2026-27 में राजनांदगांव जिले के समग्र विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि शिवनाथ नदी के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 60 करोड़ रुपये, तथा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 200 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि खेल सुविधाओं के विकास के लिए हॉकी स्टेडियम में टर्फ सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु 8 करोड़ 80 लाख रुपये तथा दिग्विजय स्टेडियम में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है, जिससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।

कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेंद्र यादव, सांसद श्री संतोष पांडेय, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा महापौर श्री मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि भूमिपूजन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं उन्नयन, 2 हजार सीटर ऑडिटोरियम निर्माण, नाला निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, ट्रांसपोर्ट नगर उन्नयन, कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापना तथा स्वच्छता संबंधी कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राजनांदगांव के 51 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।

CG: गोधन संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 11 जिलों में 29 गौधाम का किया शुभारंभ…

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जोगीपुर में राज्य के प्रथम गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास: गौधाम योजना से बेसहारा एवं घुमंतू गौवंश को मिलेगा सुरक्षित आश्रय’

गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री साय’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी गौधाम योजना का शुभारंभ किया। योजना के प्रथम चरण में प्रदेश के 11 जिलों में 29 गौधामों का संचालन प्रारंभ हो गया है।

गोधन संरक्षण की दिशा में बड़ा कदममुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर बिलासपुर जिले के  कोटा विकासखण्ड के ग्राम जोगीपुर में राज्य के प्रथम गौ अभ्यारण्य का शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जोगीपुर में प्रस्तावित गौ अभ्यारण्य लगभग 184 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसके विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रथम चरण में 1 करोड़ 32 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके पूर्ण होने पर यहां एक साथ लगभग 2500 गौवंश के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की जा सकेगी।

गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने राज्य सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। गौधाम योजना के माध्यम से बेसहारा एवं घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा तथा पशुधन संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ एमओयू किया गया है। इसके तहत कई जिलों में गाय वितरण का कार्य भी प्रारंभ किया गया है, जिससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गौधामों में गौवंश के लिए चारा, पानी और समुचित देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। उन्होंने कहा कि गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस योजना से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है, क्योंकि बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि गौधाम योजना का शुभारंभ एक पुनीत अवसर है। उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है तथा गोधन संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

कृषि एवं पशुधन विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक है, जब पूरे प्रदेश में एक साथ गौधाम योजना की शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विकासखंडों में 10-10 गौधाम चरणबद्ध रूप से स्थापित किए जाएंगे, जिससे गौवंश संरक्षण के साथ-साथ लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।

छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर पटेल ने कहा कि गौ माता हमारे अस्तित्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और गौवंश के संरक्षण के लिए राज्य सरकार सुनियोजित कार्ययोजना के साथ कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कमिश्नर बिलासपुर श्री सुनील जैन, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसएसपी श्री रजनेश सिंह, संचालक पशु चिकित्सा श्री चंद्रकांत वर्मा सहित बड़ी संख्या में गौपालक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

टैक्सपेयर्स के लिए ‘सुपर अलर्ट’! 1 अप्रैल से लागू हो रहे हैं ये 7 बड़े टैक्स बदलाव, आपकी जेब पर सीधा असर…

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टैक्सपेयर्स के लिए ‘सुपर अलर्ट’!

केंद्रीय बजट 2026 में इनकम टैक्स एक्ट में कई संशोधन किए गए, जिनका मकसद टैक्सपेयर्स के लिए नियमों को आसान बनाना और प्रोसेस से जुड़े बोझ को कम करना था. मुख्य बदलावों में TCS दरों में कमी, STT में बढ़ोतरी, और रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन में एक्सटेंशन शामिल है. सरकार ने उन टैक्सपेयर्स के लिए ITR-3 और ITR-4 फाइल करने की आखिरी तारीख भी बढ़ा दी है, जिनका ऑडिट नहीं होता है. साथ ही, सरकार ने एक बार विदेशी संपत्ति का खुलासा करने का मौका देने जैसे उपायों की भी घोषणा की है. ये बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. आइए आपको भी विस्तार से समझाने की कोशिश करते हैं.

नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025

नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025, आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल 2026 (वित्त वर्ष 2026-27) से सभी टैक्सपेयर्स पर लागू होगा. यह मौजूदा इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की जगह लेगा. हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, और मौजूदा स्लैब ही जारी रहेंगे. ये बदलाव इसलिए अहम हैं, क्योंकि भारत में 1961 से ही इनकम टैक्स एक्ट लागू है. लेकिन तब से लेकर अब तक इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी और यहां तक ​​कि लेबर सेक्टर में भी काफी बदलाव आ चुके हैं.

ITR फाइल करने की आखिरी तारीख में विस्तार

बजट 2026 में उन टैक्सपेयर्स के लिए ITR-3 और ITR-4 फाइल करने की आखिरी तारीख भी बढ़ा दी गई है, जिनका ऑडिट नहीं होता है. अब वे संबंधित टैक्स ईयर के खत्म होने के बाद 31 अगस्त तक अपना रिटर्न फाइल कर सकेंगे. यह नई समय सीमा वित्त वर्ष 2025-26 पर भी लागू होगी. हालांकि, ITR-1 और ITR-2 फाइल करने की आखिरी तारीख में कोई बदलाव नहीं किया गया है. यह तारीख पहले की तरह ही 31 जुलाई रहेगी, जो संबंधित टैक्स वर्ष के खत्म होने के बाद आती है. टैक्स ऑडिट की आखिरी तारीख भी पहले की तरह ही 31 अक्टूबर बनी रहेगी.

रिवाइज्ड ITR फाइल करने की आखिरी तारीख में बदलाव

रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख को 31 दिसंबर से बढ़ाकर संबंधित वित्त वर्ष की 31 मार्च कर दिया गया है. हालांकि, अगर कोई टैक्सपेयर 31 दिसंबर के बाद रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करता है, तो उसे अतिरिक्त शुल्क देना होगा. वहीं, देर से रिटर्न (Belated Returns) फाइल करने की आखिरी तारीख में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

TCS में किया गया बदलाव

पिछले बजट की तरह ही, बजट 2026 ने नियमों का पालन आसान बनाने, रिफंड में देरी कम करने और टैक्सपेयर्स के बीच की उलझन को दूर करने के लिए TCS दरों को तर्कसंगत बनाया है.

अप्रैल 2026 से निम्नलिखित TCS दरें लागू होंगी:

शराब की बिक्री: शराब पर TCS दर 1 फीसदी से बढ़ाकर 2 फीसदी कर दी जाएगी.

तेंदू पत्तों की बिक्री: इस उत्पाद की बिक्री पर TCS दर 2 फीसदी होगी, जो पहले की 5 फीसदी दर से कम है.

कबाड़ की बिक्री: बजट 2026 ने कबाड़ की बिक्री पर TCS दर को मौजूदा 1 फीसदी से बढ़ाकर 2 फीसदी कर दिया है.

मिनिरल्स (कोयला, लिग्नाइट, या लौह अयस्क) की बिक्री: इन उत्पादों की बिक्री पर TCS दर 1 फीसदी से बढ़ाकर 2 फीसदी कर दी गई है.

विदेशों में LRS के तहत भेजी गई रकम: TCS दरों को मौजूदा डबल टैक्स (5 फीसदी और 20 फीसदी) से घटाकर, बिना किसी सीमा के, एक ही 2 फीसदी की दर पर ला दिया गया है.

एजुकेशन और मेडिकल के लिए LRS के तहत भेजी गई रकम: ऊपर बताए गए मामलों के लिए TCS दर 5 फीसदी से घटाकर 2% कर दी गई है.

सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स में बढ़ोतरी

भारतीय शेयर बाजार में फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&;O) का कारोबार करने वालों के लिए एक बड़े झटके के तौर पर, केंद्रीय बजट ने इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट के लिए सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स में बढ़ोतरी की घोषणा की है. घोषणा के अनुसार, फ्यूचर्स पर STT 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया जाएगा, और ऑप्शंस के लेनदेन पर STT 0.1 फीसदी से बढ़ाकर 0.15 फीसदी कर दिया जाएगा. ये बदलाव भी अप्रैल 2026 से लागू होंगे. सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स एक प्रत्यक्ष कर है जिसे सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों पर सिक्योरिटी (जैसे इक्विटी शेयर, फ्यूचर्स और ऑप्शंस) की हर खरीद और सेल पर लगाया जाता है.

बायबैक टैक्सेशन में बदलाव

सरकार ने कहा कि शेयरों के बायबैक से मिलने वाली किसी भी रकम पर 1 अप्रैल 2026 से कैपिटल गेन्स के तौर पर टैक्स लगेगा. पहले, शेयर बायबैक से मिलने वाली रकम को ‘डीम्ड डिविडेंड’ माना जाता था और उस पर लागू स्लैब रेट के हिसाब से टैक्स लगता था. हालांकि, प्रमोटर शेयरहोल्डर्स को एक “डिफरेंशियल बायबैक टैक्स” देना होगा, जिसकी प्रभावी दर कॉर्पोरेट प्रमोटर्स के लिए 22 फीसदी और नॉन-कॉर्पोरेट प्रमोटर्स के लिए 30 फीसदी होगी.

डिविडेंड से ब्याज खर्चों की कटौती

केंद्रीय बजट 2026 के अनुसार, अप्रैल 2026 से, टैक्सपेयर्स डिविडेंड इनकम या म्यूचुअल फंड यूनिट्स से होने वाली इनकम कमाने के लिए किए गए ब्याज खर्चों की कटौती अब नहीं कर पाएंगे. ऐसे ब्याज खर्चों के लिए पहले दी जाने वाली कटौतियां हटा दी गई हैं; इसका मतलब है कि डिविडेंड इनकम पर लागू स्लैब रेट के हिसाब से पूरा टैक्स लगेगा, जिससे पहले की 20 फीसदी ब्याज कटौती की सीमा खत्म हो जाएगी.