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केंद्रीय बजट 2026-27 : युवाओं के भविष्य को सशक्त करने वाला बजट : कमलेश प्रजापति

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राजनांदगांव। युवा मोर्चा के जिला सहकोषाध्यक्ष एवं दिग्विजय महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति के सदस्य कमलेश प्रजापति ने आज 1 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट देश के युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर लेकर आया है।
कमलेश प्रजापति ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत इस बजट में शिक्षा और कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिससे युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल स्किल्स और उभरती आधुनिक तकनीकों में खुद को प्रशिक्षित कर सकेंगे।

यह कदम युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में सहायक होगा।
उन्होंने बताया कि रोजगार सृजन और जॉब-लिंक्ड स्किलिंग पर बजट का फोकस युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा करेगा और शिक्षा से सीधे रोजगार तक का मार्ग आसान बनाएगा, स्टार्टअप और युवा उद्यमियों के लिए किए गए प्रावधानों की सराहना करते हुए कहा कि SME (लघु एवं मध्यम उद्यम) और नवाचार आधारित उद्योगों को समर्थन मिलने से युवा आत्मनिर्भर बनेंगे और देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभाएंगे।

इसके साथ ही, Tier-2 और Tier-3 शहरों में विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने से युवाओं को अपने ही क्षेत्रों में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, जिससे शहरों की ओर होने वाले पलायन में कमी आएगी।

अंत में उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 युवाओं के आत्मविश्वास, अवसर और भविष्य को मजबूत करने वाला बजट है, जो एक सशक्त और विकसित भारत की नींव रखता है।

आम बजट से जनता निराश, महंगाई-बेरोज़गारी पर सरकार की चुप्पी

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राजनांदगांव। आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय बहादुर सिंह ने कहा गया कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है। बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी और किसानों की बदहाली जैसे गंभीर मुद्दों पर बजट में कोई ठोस समाधान नहीं दिखता। रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और रोज़मर्रा की आवश्यक वस्तुएं लगातार महंगी हो रही हैं, लेकिन आम आदमी को राहत देने के लिए कोई प्रभावी प्रावधान नहीं किया गया।
प्रतिक्रिया में कहा गया कि देश का युवा वर्ग आज बेरोज़गारी से जूझ रहा है, लेकिन बजट में न तो बड़े पैमाने पर सरकारी भर्तियों की घोषणा की गई और न ही स्थायी रोजगार सृजन की कोई स्पष्ट नीति सामने आई। किसानों की एमएसपी की कानूनी गारंटी जैसी प्रमुख मांग को एक बार फिर नजरअंदाज किया गया, जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है।
यह भी कहा गया कि छत्तीसगढ़ जैसे संसाधन-समृद्ध राज्य के लिए बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया, जिससे राज्य की जनता स्वयं को उपेक्षित महसूस कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में भी बजट की प्राथमिकताएं कमजोर नजर आती हैं। कुल मिलाकर यह बजट बड़े दावों और आंकड़ों तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर आम नागरिक की समस्याओं का समाधान इसमें दिखाई नहीं देता।

संत रविदास जी की जयंती पर संत रविदास मंदिर में पूजा-अर्चना और प्रसाद वितरण

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राजनांदगांव। जाति-पाति के भेदभाव से ऊपर उठकर समाज में समरसता और मानवता का संदेश देने वाले महान संत रविदास जी की जयंती पर आज शंकरपुर स्थित संत रविदास मंदिर एवं महावीर चौक स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संत रविदास जी की प्रतिमा की पूजा अर्चना की गई और कार्यक्रम में भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विहिप के प्रांत विधि प्रकोष्ठ प्रमुख अरुण गुप्ता, विहिप विभाग मंत्री अनूप श्रीवास, जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश अग्निहोत्री, जिला कोषाध्यक्ष लव मिश्रा, विहिप जिला सेवा प्रमुख राज तंवर, बजरंग दल के जिला संयोजक राहुल बलदेव मिश्रा, जिला गौ रक्षा प्रमुख प्रशांत हाथीबेड, नगर संयोजक मोहित यादव, नगर गौ रक्षा प्रमुख प्रणय मुल्लेवार, नगर साप्ताहिक सह मिलन प्रमुख सारंग ताम्रकार और अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर संत रविदास जी के विचारों को साझा करते हुए उनके जीवन और कार्यों पर प्रकाश डाला गया। आयोजकों ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में भाईचारे को बढ़ावा देना और हर वर्ग के लोगों को जोड़ना है। संत रविदास जी का संदेश आज भी समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणास्त्रोत बना हुआ है।
इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में आशु पटेल, ऋषभ रामटेके, तरुण पटेल, प्रिंस मानिकपुरी, सेयल साहू, नागेश साहू, कबीर मानिकपुरी, सिद्धू मेश्राम जैसे प्रमुख कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
संत रविदास जी की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय निवासियों में भी विशेष उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।

2026 का बजट युवाओं के हक पर डाका : आफताब अहमद

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राजनांदगांव। मंडल अध्यक्ष एवं युवक कांग्रेस महासचिव आफताब अहमद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया वर्ष 2026 का बजट देश और हमारे क्षेत्र के युवाओं के साथ सरासर अन्याय है। इस बजट में युवाओं के लिए न तो ठोस रोजगार योजना है और न ही बढ़ती बेरोजगारी से निपटने का कोई रोडमैप।
आफताब अहमद ने कहा कि बजट में सरकार ने बड़े उद्योगपतियों को टैक्स में राहत दी, कॉर्पोरेट सेक्टर को प्रोत्साहन दिया, लेकिन युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों, नई भर्तियों और रोजगार सृजन पर कोई ठोस घोषणा नहीं की। इस साल के बजट में न रेलवे, न बैंकए न शिक्षा और न ही स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े लाखों पदों को भरने की कोई समय-सीमा तय की गई।
आफताब अहमद ने कहा कि स्थानीय युवाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां के युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन बजट में परीक्षाओं की नियमितता, भर्ती कैलेंडर और पारदर्शिता को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। शिक्षा बजट में मामूली बढ़ोत्तरी दिखाकर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है, जबकि हकीकत यह है कि कॉलेज फीस, कोचिंग खर्च और रहने का बोझ लगातार बढ़ रहा है।
आफताब अहमद ने कहा कि इस बजट में स्थानीय उद्योग, स्टार्ट-अप, स्किल ट्रेनिंग सेंटर और स्वरोजगार के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया, जिसके कारण हमारे क्षेत्र के युवा मजबूरी में दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं। अग्निवीर जैसी अस्थायी योजनाओं को बढ़ावा देकर युवाओं को स्थायी भविष्य से वंचित किया जा रहा है, यदि सरकार ने युवाओं की अनदेखी जारी रखी, तो युवा सड़क से संसद तक संघर्ष करने को मजबूर होगी।
आफताब अहमद ने कहा कि यह बजट नहीं, युवाओं के सपनों का बजट कट है।

विकसित भारत की संकल्पना साकार करने वाला जनहितैषी बजट : ऋषिदेव चौधरी

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राजनांदगांव। लोकसभा में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 का हार्दिक स्वागत करते हुए भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री ऋषिदेव चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया जारी करते हुए कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की दूरदर्शी नीतियों का प्रतिबिंब है, जो आर्थिक विकास को गति देने, जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने के तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक मजबूती प्रदान करता है, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर एक मजबूत अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाता है।
ऋषिदेव चौधरी ने आगे कहा कि इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं करना, 3 आयुर्वेदिक एम्स खोले जाने की घोषणा, मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए 5 मेडिकल हब की घोषणा, कैंसर की 17 दवाओं पर से आयात शुल्क हटाया जाना, हीमोफिलिया, सिकल सेल और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां ड्यूटी फ्री करना, 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा, 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ खर्च करने का ऐलान, 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनाने की घोषणा, 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाने की घोषणा सहित ऐसे तमाम चीजों को बजट में शामिल किया गया है, जो आम जनता के उज्जवल भविष्य की के लिए मिशाल साबित होंगी।
ऋषिदेव चौधरी ने विस्तार से बताया कि बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर को रिकॉर्ड 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है, जो पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से 11.5 प्रतिशत अधिक है। यह निवेश बुनियादी ढांचे के विकास, सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और शहरी परियोजनाओं को मजबूत करेगा, जिससे लाखों रोजगार सृजित होंगे और आर्थिक गति में तेजी आएगी। यह ना सिर्फ देश के विकास के बुनियादी ढ़ांचे को मजबूत करेगा अपितु आम जनता तक उसके लाभ सीधे तौर पर देखे जाएंगे।

रक्षा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बजट आवंटन: 7.8 लाख करोड़ रुपये की घोषणा…

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रक्षा बजट में अभूतपूर्व वृद्धि

रक्षा और सैन्य आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026-27 के संघीय बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन करने की घोषणा की।

यह आवंटन पिछले वित्तीय वर्ष में 6.81 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 15% की वृद्धि दर्शाता है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर करता है।

बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू रक्षा अधिग्रहण के लिए पूंजी व्यय में तेज वृद्धि है।

सशस्त्र बलों को सैन्य उपकरणों की खरीद के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो कि FY 2025-26 में निर्धारित 1.80 लाख करोड़ रुपये से 21.8% की वृद्धि है।

यह बढ़ा हुआ पूंजी व्यय बल आधुनिकीकरण को तेज करने, वायु रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने और सेना, नौसेना और वायु सेना में अगली पीढ़ी के प्लेटफार्मों को शामिल करने के लिए लक्षित है।

यह बढ़ा हुआ खर्च ऑपरेशन सिंदूर और तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल के संदर्भ में किया गया है।

बजट सरकार के आत्मनिर्भर भारत के प्रमुख दृष्टिकोण के साथ भी निकटता से जुड़ा हुआ है, जिसमें रक्षा उपकरणों के स्वदेशी अनुसंधान, डिजाइन और निर्माण पर जोर दिया गया है।

घरेलू रक्षा निर्माण को समर्थन देने के लिए, सीतारमण ने विमान के पुर्जों के निर्माण के लिए कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क को माफ करने का प्रस्ताव रखा है, जो रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (MRO) गतिविधियों के लिए आवश्यक हैं।

यह कदम भारतीय रक्षा और एयरोस्पेस इकाइयों के लिए लागत को कम करने और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की उम्मीद है।

बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बढ़ा हुआ आवंटन भारत के दीर्घकालिक रणनीतिक लक्ष्यों को मजबूत करता है।

उन्होंने कहा, “यह बजट, ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद, देश की रक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की हमारी संकल्प को पुनः पुष्टि करता है। यह सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता के बीच एक मजबूत संतुलन बनाता है।”

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में, हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड, जो भारतीय वायु सेना से मजबूत आदेश बुक रखती है, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, जो नौसेना के लिए युद्धपोतों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता है, और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड प्रमुख लाभार्थी होने की उम्मीद है।

छोटे निजी क्षेत्र के खिलाड़ी जैसे MIDHANI, BEML और भारत डायनामिक्स लिमिटेड, साथ ही कई ड्रोन प्रौद्योगिकी स्टार्टअप भी स्वदेशी अधिग्रहण के लिए इस प्रोत्साहन से लाभान्वित होने की संभावना है।

बजट का स्वागत करते हुए, DRDO के संयुक्त निदेशक बिनॉय कुमार दास ने कहा कि वित्तीय समर्थन कभी भी भारत के प्रमुख रक्षा अनुसंधान संगठन के लिए बाधा नहीं रहा है।

बजट दिवस पर प्रेस से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि संघीय सरकार ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन को लगातार बिना शर्त समर्थन दिया है।

“बजट हमारे लिए कभी भी बाधा नहीं रहा है। हमें अगली पीढ़ी की तकनीकों पर काम करने के लिए कहा गया है, जो वर्तमान में दुनिया में कोई और नहीं रखता,” दास ने कहा, यह बताते हुए कि भारत को तेजी से बदलते युद्ध परिदृश्यों और भू-राजनीतिक गतिशीलता के बीच आयात पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

दास ने यह भी जोर दिया कि बढ़ा हुआ बजट समर्थन भारत को न केवल अपनी घरेलू रक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा, बल्कि उन्नत रक्षा प्रणालियों के वैश्विक निर्यातक के रूप में उभरने में भी सहायता करेगा।

“हम एक तकनीकी मोड़ पर हैं। जो हम विकसित करेंगे, वह हमारे सिस्टम को सशक्त करेगा और भारत को निर्यात के माध्यम से एक आर्थिक महाशक्ति बनाने में मदद करेगा,” उन्होंने कहा।

प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की सराहना की, कहा- यह विकसित भारत की नींव है…

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केंद्रीय बजट 2026-27 की समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 को भारत के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की मजबूत आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट देश में सुधार की गति को नई ऊर्जा और दिशा देगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में लगातार नौवां बजट पेश किया। मोदी ने कहा कि यह बजट विकसित भारत के सपने की उड़ान के लिए एक ठोस आधार है। यह भारत में चल रहे सुधारों को नई ऊर्जा और गति प्रदान करेगा। अभूतपूर्व सुधारों ने देश के युवा प्रतिभाओं के लिए विकास के नए अवसर खोले हैं। हमारा उद्देश्य कौशल, समावेशिता और स्थिरता को निरंतर बढ़ाना है।

प्रधानमंत्री ने नागरिकों को देश की सबसे बड़ी संपत्ति बताते हुए कहा कि सरकार ने उनके विकास के लिए अभूतपूर्व निवेश किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी संपत्ति उसके नागरिक होते हैं। हाल के वर्षों में, हमारी सरकार ने नागरिकों की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अभूतपूर्व निवेश किया है। राजकोषीय और आर्थिक रणनीति पर प्रकाश डालते हुए, उन्होंने कहा कि यह बजट राजकोषीय घाटे को कम करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने पर केंद्रित है, साथ ही इसमें उच्च पूंजीगत व्यय और विकास का संयोजन भी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करेगा। भारत के 14 करोड़ नागरिक न केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था से संतुष्ट हैं, बल्कि हम तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में भी अग्रसर हैं। यह देश के करोड़ों नागरिकों का संकल्प है। भारत एक विश्वसनीय, लोकतांत्रिक सहयोगी और गुणवत्तापूर्ण आपूर्तिकर्ता के रूप में अपनी भूमिका को निरंतर बढ़ा रहा है। हाल ही में हस्ताक्षरित व्यापार समझौतों का लाभ भारत के युवाओं और लघु एवं मध्यम उद्योगों को मिलना चाहिए। इस दिशा में बजट में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस बजट में नारियल, कोको, काजू और चंदन की खेती करने वाले किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय शामिल हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, विशेष रूप से पूर्वोत्तर में, महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों को मजबूत करके, यह बजट संतुलित और समान विकास की नींव रखता है।

बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण और छोटे शहरों के विकास पर ध्यान केंद्रित करने से राज्यों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि बजट में कई प्रमुख पहलें शामिल हैं, जैसे समर्पित माल ढुलाई गलियारों का विकास, राष्ट्रीय जलमार्गों का विस्तार, और नगर निगम बांडों को बढ़ावा देना। ये सभी उपाय मिलकर विकसित भारत की दिशा में प्रगति को गति देंगे।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने बजट को बताया विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम…

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मुख्यमंत्री का बजट पर बयान

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि संसद में प्रस्तुत बजट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

त्रिनगर क्षेत्र में स्थानीय निवासियों के साथ एक कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने पत्रकारों से कहा कि यह बजट सभी वर्गों का ध्यान रखता है और व्यापार तथा व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं को प्रोत्साहित करता है।

बजट में युवाओं और सांस्कृतिक धरोहर का ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा, “इस बजट में हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ है, विशेषकर युवाओं के लिए रोजगार सृजन, सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण और विकास, खेलकूद, विदेशों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर छूट।”

उन्होंने यह भी कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए शहरों को दिए जाने वाले अनुदानों से दिल्ली को काफी उम्मीदें हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री को बधाई

गुप्ता ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को देश का ‘शानदार’ बजट पेश करने के लिए बधाई दी और कहा कि राज्यों के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटन एक सराहनीय प्रयास है, जो आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना को मजबूत करने में मदद करेगा।

वित्त मंत्री ने 2026-2031 के लिए केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बंटवारे पर 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।

भारत के विकास की दिशा में कदम

सीतारमण ने लोकसभा में 2026-27 का बजट पेश करते हुए कहा कि भारत एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।

उन्होंने केंद्रीय बजट 2026 पेश कर इतिहास रच दिया, क्योंकि यह उनका लगातार नौवां बजट था और वह सबसे लंबे समय तक वित्त मंत्री रहने वाली केंद्रीय मंत्री बन गईं।

सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली…

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सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री पद ग्रहण

रविवार को, एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, एक दिन बाद जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के निर्णय आंतरिक रूप से लिए जाते हैं।

फडणवीस ने यह भी बताया कि पार्थ पवार के खिलाफ कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि यदि विलय की चर्चा होती, तो अजीत पवार उन्हें सूचित करते।

मुख्यमंत्री का बयान

मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि एनसीपी के निर्णय पार्टी के भीतर ही लिए जाते हैं और पार्थ पवार के प्रति कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विलय की बात होती, तो अजित दादा उन्हें अवश्य बताते। एक दिन पहले, सुनेत्रा पवार ने मुंबई के लोक भवन में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

अजीत पवार का स्थान

28 जनवरी को बारामती में विमान दुर्घटना में अजीत पवार के निधन के बाद, सुनेत्रा पवार ने उनके खाली पद को संभाला। इस प्रकार, वह महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गईं। महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें शपथ दिलाई, जिसमें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उपस्थित थे।

एनसीपी विधायक दल का नेतृत्व

सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का नेता भी चुना गया। इसके बाद, एनसीपी नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर उनकी उपमुख्यमंत्री के रूप में नियुक्ति को अंतिम रूप दिया। सुनेत्रा पवार सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण के क्षेत्र में अपने कार्यों के लिए जानी जाती हैं। राज्यसभा में सांसद के रूप में, उन्होंने समावेशी और सतत प्रगति को बढ़ावा देने वाली कई पहलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

भारत को डिजिटल हब बनाने के लिए विदेशी कंपनियों को 2047 तक कर छुट की पेशकश…

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संघीय बजट में नई पहल

संघीय बजट ने रविवार को विदेशी कंपनियों के लिए 2047 तक कर छुट का प्रस्ताव रखा है, जो भारत में स्थित डेटा केंद्रों का उपयोग करके वैश्विक ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करेंगी।

यह कदम सरकार की मंशा को दर्शाता है कि वह देश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल बुनियादी ढांचे का एक प्रमुख केंद्र बनाना चाहती है।

डेटा केंद्रों के लिए यह प्रोत्साहन भारत को वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता चर्चाओं में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की तैयारी में है, जिससे यह क्लाउड और एआई सेवाओं का उपभोक्ता बनने से डिजिटल आधारभूत संरचना का एक प्रमुख केंद्र बन सके।

कर प्रोत्साहनों को भारतीय सुविधाओं से वैश्विक सेवाओं के प्रावधान से जोड़कर, यह नीति भारत को क्लाउड कंप्यूटिंग का एक निर्यात केंद्र बनाने का प्रयास करती है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का संघीय बजट पेश करते हुए कहा, “महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सक्षम करने और डेटा केंद्रों में निवेश को बढ़ावा देने की आवश्यकता को पहचानते हुए, मैं प्रस्तावित करती हूं कि किसी भी विदेशी कंपनी को जो भारत से डेटा केंद्र सेवाओं का उपयोग करके वैश्विक ग्राहकों को क्लाउड सेवाएं प्रदान करती है, 2047 तक कर छुट दी जाएगी।”

हालांकि, ऐसी कंपनियों को भारतीय ग्राहकों को एक भारतीय पुनर्विक्रेता के माध्यम से सेवा प्रदान करनी होगी।

सीतारमण ने अतिरिक्त कर स्पष्टता की घोषणा करते हुए कहा, “मैं यह भी प्रस्तावित करती हूं कि यदि भारत से डेटा केंद्र सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी एक संबंधित इकाई है, तो लागत पर 15 प्रतिशत का सुरक्षित बंदरगाह प्रदान किया जाएगा।”

डेटा केंद्र सुरक्षित सुविधाएं होती हैं, जिनमें शक्तिशाली सर्वर होते हैं जो डिजिटल डेटा को संग्रहीत, संसाधित और प्रसारित करते हैं, जो ईमेल और बैंकिंग से लेकर स्ट्रीमिंग प्लेटफार्मों और क्लाउड कंप्यूटिंग तक की सेवाओं का समर्थन करते हैं। ये सुविधाएं विशेष बुनियादी ढांचे पर निर्भर करती हैं, जिसमें निरंतर बिजली आपूर्ति, उन्नत शीतलन प्रणाली और चौबीसों घंटे निगरानी शामिल है, क्योंकि थोड़ी सी भी डाउनटाइम लाखों उपयोगकर्ताओं को प्रभावित कर सकती है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल भुगतान की तेजी से बढ़ती मांग के साथ, डेटा केंद्रों को महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के रूप में देखा जा रहा है, जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाते हैं।

भारत वैश्विक एआई संवाद में एक नेतृत्व भूमिका की भी तलाश कर रहा है, नई दिल्ली में भारत एआई इम्पैक्ट समिट की मेज़बानी की तैयारी है, जो वैश्विक दक्षिण में पहली बार आयोजित होने वाला ऐसा कार्यक्रम है। यह समिट 16 से 20 फरवरी, 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित होगी, जिसमें वैश्विक नेता, मंत्री, शीर्ष कार्यकारी और अकादमिक एकत्रित होंगे।

इस सप्ताह की शुरुआत में, आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि लगभग 70 अरब डॉलर का निवेश पहले से ही एआई बुनियादी ढांचे में आ रहा है, और यह समिट के समापन तक दोगुना होने की संभावना है।

पिछले वर्ष, प्रौद्योगिकी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट और गूगल ने भारत में बड़े पैमाने पर डेटा केंद्रों और संप्रभु एआई बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए बहु-अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की।