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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में लिया गया बड़ा निर्णय उद्योग विभाग को सौंपा जाएगा जशप्योर का ट्रेडमार्क

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छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल जशपुर की आदिवासी महिलाओं के समूह द्वारा प्राकृतिक वनोपज का प्रसंस्करण कर तैयार की गई विभिन्न प्रकार की खाद्य सामग्रियों का ब्रांड जशप्योर अब जशपुर और छत्तीसगढ़ की सीमाओं से बाहर निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कदमताल करने को तैयार है।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आत्मसात करते हुए एक अहम निर्णय लिया गया है जिसके तहत जशपुर जिले की महत्वाकांक्षी महिला केंद्रित ब्रांड जशप्योर का ट्रेडमार्क अब उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा। यह ऐतिहासिक निर्णय जशप्योर को व्यापक उत्पादन, संस्थागत ब्रांडिंग और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच दिलाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम है।

जशप्योर – परंपरा को उद्यमिता से जोड़कर खोली उन्नति की राह

जशप्योर ब्रांड महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला उपक्रम है, जिसे जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित किया जाता है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक, पोषणयुक्त और रसायनमुक्त खाद्य उत्पादों का निर्माण करते हुए स्थानीय समुदायों को रोजगार उपलब्ध कराना और सतत विकास को बढ़ावा देना है।

इस ब्रांड का लक्ष्य छत्तीसगढ़ की समृद्ध कृषि और वनोपज का प्रसंस्करण कर खाद्य उत्पादों के रूप में तैयार करना तथा रोजगार से जोड़ते हुए व्यावसायिक स्तर पर इन्हें व्यापक पहचान दिलाना है।

जशप्योर के उत्पादों की मुख्य विशेषता यह है कि ये पूरी तरह से प्राकृतिक हैं। इनमें किसी भी प्रकार के प्रिज़र्वेटिव, रंग या कृत्रिम स्वाद का उपयोग नहीं किया जाता और ये सस्टेनेबल पैकेजिंग में उपलब्ध हैं। जशप्योर केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ी माटी की महक, आदिवासी बहनों की मेहनत और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का प्रतीक बन चुका है।

जशप्योर के उत्पाद बना रहे हैं अपनी अलग पहचान

जशप्योर द्वारा महुआ और अन्य वनोपज को शामिल करते हुए कई प्रकार के पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें महुआ आधारित उत्पाद जैसे महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, महुआ कुकीज़, रागी महुआ लड्डू, महुआ कैंडी और महुआ नेक्टर कोकोआ शामिल हैं। इसके अलावा, ढेकी कूटा जवा फूल चावल, मिलेट आधारित पास्ता और कोदो, कुटकी, रागी तथा टाऊ से बने विभिन्न उत्पाद भी पूरे भारत में अपनी पहचान बना रहे हैं।

महिला उद्यमिता को मिल रहा बढ़ावा

जशप्योर ब्रांड का उद्देश्य केवल व्यापार नहीं है, बल्कि यह आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने का एक सशक्त प्रयास भी है। इस ब्रांड के माध्यम से महिलाओं को रोजगार का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर हुई हैं।
जशप्योर द्वारा निर्मित हर उत्पाद आदिवासी महिलाओं की मेहनत और समर्पण का प्रतीक है। ये उत्पाद देशभर के विभिन्न स्टोर्स पर उपलब्ध हैं, जो ब्रांड की व्यापक पहुँच का प्रमाण हैं।

जशप्योर के सभी उत्पाद पूर्णतः प्राकृतिक हैं। इनमें किसी भी प्रकार के प्रिज़र्वेटिव, कृत्रिम रंग या स्वाद का उपयोग नहीं किया जाता। यह उत्पाद श्रृंखला न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि पोषण से भरपूर और पर्यावरण-संवेदनशील पैकेजिंग में उपलब्ध है।

जशप्योर के प्रमुख उत्पादों में महुआ नेक्टर, महुआ वन्यप्राश, रागी महुआ लड्डू, महुआ कुकीज़, महुआ कोकोआ ड्रिंक, कोदो, कुटकी, रागी आधारित पास्ता और ढेकी कूटा चावल शामिल हैं।

जशप्योर की सबसे खास बात इसकी महिला प्रधान कार्यशक्ति है। यहां 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी आदिवासी महिलाएं हैं, जो उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस मंच के माध्यम से ये महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि परंपरागत ज्ञान और तकनीकों को आधुनिक बाजार में प्रस्तुत करने में भी सक्षम हो रही हैं।

वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया

20 सितंबर 2024 को नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में जशप्योर का स्टॉल सभी के आकर्षण का केंद्र बना रहा। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले उपभोक्ताओं, पोषण विशेषज्ञों और उद्यमियों ने विशेष रुचि के साथ महुआ और मिलेट से बने उत्पादों की सराहना की। इन उत्पादों में कोई एडिटिव, प्रिज़र्वेटिव या स्टेबलाइजर नहीं है, जिससे ये पूरी तरह से प्राकृतिक, सुरक्षित और पोषणयुक्त हैं।

रेयर प्लेनेट के साथ ऐतिहासिक समझौता

जशप्योर की पहुँच अब देशभर के प्रमुख एयरपोर्ट स्टोर्स तक होगी। रेयर प्लेनेट के साथ हुए समझौते के तहत पहले चरण में पाँच एयरपोर्ट्स पर महुआ और अन्य उत्पादों की बिक्री शुरू की जा रही है। यह पहल जशप्योर को राष्ट्रीय उपभोक्ताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस एमओयू पर हस्ताक्षर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा ऑनलाइन माध्यम से किए गए, जो राज्य के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

जशप्योर – लोकल टू ग्लोबल की राह पर अग्रसर

जशप्योर से जुड़े जशपुर जिले के युवा वैज्ञानिक श्री समर्थ जैन ने बताया कि जिला प्रशासन और छत्तीसगढ़ शासन के प्रयासों से “महुआ को अब केवल शराब तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे फॉरेस्ट गोल्ड या ग्रीन गोल्ड के रूप में भी देखा जाएगा।” जशप्योर ने यह साबित कर दिया है कि स्वास्थ्यवर्धक भोजन स्वादिष्ट भी हो सकता है। उनका मानना है कि शासन की इस पहल से जशप्योर को लोकल टू ग्लोबल ब्रांड बनाने में मदद मिलेगी और निश्चित ही यह निर्णय प्रदेश भर में वनोपज और स्थानीय उत्पादकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

ब्रांड ट्रेडमार्क हस्तांतरण के इस ऐतिहासिक निर्णय से जशप्योर को प्रोत्साहन मिलने के साथ ही कच्चे माल की माँग में वृद्धि होगी और आदिवासी महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। इस निर्णय से जशप्योर ब्रांड का ट्रेडमार्क उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा, ताकि इसके दायरे और प्रभाव को और व्यापक बनाया जा सके। इससे जशप्योर के उत्पादों को विश्वस्तरीय बनाने, उत्पादन में वृद्धि के लिए उन्नत मशीनें लगाने और प्रभावी मार्केटिंग सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

PNB बैंक घोटाला केस नीरव मोदी का भाई नेहाल मोदी अमेरिका में गिरफ्तार

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भारत के सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक पंजाब नेशनल बैंक घोटाले से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. अमेरिकी अधिकारियों ने नीरव मोदी के भाई नेहल मोदी को 4 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर लिया है. इस गिरफ्तारी की जानकारी अमेरिकी न्याय विभाग ने भारतीय एजेंसियों को दी है. नेहल मोदी की गिरफ्तारी भारत की प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा संयुक्त रूप से दिए गए प्रत्यर्पण अनुरोध के आधार पर की गई है.

अमेरिकी अभियोजन पक्ष द्वारा दायर शिकायत के मुताबिक, भारत में नेहल मोदी के खिलाफ दो बड़े आरोपों पर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चलाई जा रही है. इन पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है. आपराधिक साजिश और सबूतों को मिटाने का आरोप भी है, जो भारतीय दंड संहिता की धारा 120-B और 201 के तहत आता है.

नेहल मोदी पर आरोप है कि उसने अपने भाई नीरव मोदी की मदद से घोटाले से कमाए गए हजारों करोड़ रुपये के काले धन को सफेद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. जांच में सामने आया है कि नेहल ने शेल कंपनियों और विदेशों में किए गए लेन-देन के ज़रिए इन पैसों को छिपाया और इधर-उधर भेजा.

नीरव मोदी पहले से ही लंदन में गिरफ्तार है और उसके खिलाफ भी भारत सरकार ने प्रत्यर्पण की मांग की हुई है. नेहल मोदी के प्रत्यर्पण मामले में अगली सुनवाई 17 जुलाई 2025 को होगी, जब अदालत में स्टेटस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी. इस दौरान नेहल मोदी की ओर से जमानत की अर्जी दाखिल की जा सकती है, लेकिन अमेरिकी अभियोजन पक्ष ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वह जमानत का विरोध करेगा. यह कार्रवाई भारत की जांच एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, जो कई सालों से इस अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अपराध से जुड़े आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाने के प्रयास में जुटी हुई हैं.

हिमाचल में बारिश-बादल फटने से भारी तबाही, मौसम विभाग के रेड अलर्ट ने बढ़ाई चिंता

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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाएं लोगों की जिंदगियों पर कहर बनकर टूटी हैं. हिमाचल में बादल फटने और बादल फटने से आई तबाही में अब तक 72 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 37 लोग अभी भी लापता हैं. हालांकि मॉनसून के दौरान हिमाचल की परेशानी कम नहीं हुई है. मौसम विभाग ने रविवार के लिए हिमाचल में रेड अलर्ट जारी किया है. इसे लेकर मुख्‍यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि सरकार पूरी तरह से अलर्ट है. साथ ही उन्‍होंने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने की भी बात कही है.

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बादल फटने की करीब 19 घटनाओं और इसके बाद अचानक आई बाढ़ के कारण व्‍यापक तबाही हुई है. इन घटनाओं में 72 लोगों की मौत हो चुकी है और 37 लोग लापता हैं.

जेल में वसूली के आरोपों पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जेल बंदियों के परिजनों से जबरन वसूली के गंभीर आरोपों पर सख्त रुख अपनाया है. एक जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान यह मामला सामने आने पर कोर्ट ने प्रदेश के जेल महानिदेशक / को व्यक्तिगत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है. लुकेश्वरी जोश अब्राहम द्वारा दाखिल याचिका पर 4 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा की एकलपीठ में सुनवाई हुई.

क्या कहा राज्य सरकार ने?
राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि याचिकाकर्ता पर हत्या के मामले में जेल में बंद अपने पति और अन्य कैदियों के परिजनों से रकम वसूलने का आरोप है. बताया गया कि यह राशि अलग-अलग खातों में जमा कराई गई, जिनमें याचिकाकर्ता का खाता भी शामिल है. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजी जेल को जवाब देने को कहा और एक अन्य सह-आरोपी की जमानत याचिका को 15 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है.

प्रदेश जेल डीजी को नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश के जेल महानिदेशक को नोटिस जारी कर व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने का आदेश दिया है, जिसमें उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि जेलों में बंद बंदियों और उनके परिजनों से वसूली के आरोपों की जांच किस स्तर पर की गई है और अब तक क्या कार्रवाई की गई है. कोर्ट ने एक अन्य सह-आरोपी की जमानत याचिका को भी इसी मामले के साथ 15 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं.

इस स्कूल परिसर में छात्रों से लगवाया जाता है झाड़ू-पोछा, हालात से तंग महिला ने कलेक्टर से की शिकायत

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स्कूल बच्चों के साथ ज्यादती के मामले लगातार सामने आते रहते हैं. छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरूद ब्लॉक के ग्राम सरबदा के प्राथमिक स्कूल से एक मामला सामने आया है. यहां पर स्कूल परिसर के अंदर एक स्कूली छात्र स्कूल में पोछा-झाड़ू लगाते हुए नजर आ रही है. गांव की एक महिला ने परिसर के अंदर बच्चों को काम करते हुए देखा तो इसकी लिखित शिकायत कलेक्टर से कर दी.

क्या कहना है महिला का?
पूरे मामले में शिकायतकर्ता महिला पुष्प लता साहू का कहना है कि स्कूल में सफाई कर्मी मौजूद रहने के बावजूद बच्चों से स्कूल में झाड़ू-पोछा कराया जा रहा है. इस तरह से स्कूल में पढ़ने जाने वाले बच्चों से ऐसा कार्य करवाना बहुत ही ज्यादा गलत है. इस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.

जिला कलेक्टर ने कही ये बात
सरकारी प्राथमिक स्कूल में छात्रों द्वारा सफाई करने के मामले में गांव की एक महिला ने जिला कलेक्टर के पास लिखित में शिकायत दर्ज कराई. इसपर धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा का कहना है कि मामले में जांच करवाई जाएगी. उसके बाद उचित कार्रवाई भी की जाएगी.

विक्रमोत्सव 2025 को मिला एशिया का वाउ गोल्ड अवार्ड इसमें ना केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी शामिल है

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विक्रमोत्सव-2025 को वाउ अवार्ड एशिया 2025 द्वारा एशिया के शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के प्रतिष्ठित आयोजित किया जाता है. वाउ अवार्ड एशिया की टीम भोपाल आकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को यह अवार्ड प्रदान करेंगी. पिछले साल विक्रमोत्सव-2024 को एशिया का बिगेस्ट रिलीजियस अवार्ड मिल चुका है. विक्रमोत्सव-2025 को यह सम्मान मिलने पर मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की संस्कृ्ति और विरासत के प्रति उनके समर्पण का परिणाम बताया.

मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने कहा कि विक्रमोत्सव 2025 को प्राप्त यह सम्मान न केवल मध्यप्रदेश बल्कि समस्त भारतवर्ष के लिए गौरव का विषय है. विक्रमोत्सव एक आयोजन मात्र नहीं है बल्कि इन सबसे बढ़कर संस्कृति, विरासत और विकास का बेजोड़ संगम हैं. बीते 18 वर्षों से निरंतर विक्रमोत्सव का आयोजन किया जाता रहा है. विगम वर्षों में विक्रमोत्सव ने देश के सांस्कृतिक क्षेत्र में अपनी उत्सवधर्मी पहचान को बखूबी स्थापित किया है. इसमें ना केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी शामिल है.

WOW Awards Asia, वर्ष 2009 से लाइव इवेंट्स के क्षेत्र में उत्कृष्टता और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाला एक प्रतिष्ठित मंच रहा है. यह आयोजन अनुभव आधारित विपणन, व्यापारिक बैठकों, प्रोत्साहन यात्राओं, सम्मेलनों, प्रदर्शनियों, सजीव मनोरंजन तथा विवाह उद्योग जैसे क्षेत्रों में कार्यरत संस्थाओं और आयोजनों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्रदान करता है. इस वर्ष इसका 16वाँ संस्करण, 20 और 21 जून 2025 को मुंबई स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में भव्य रूप से आयोजित किया गया, जिसमें देश-विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं ने सहभागिता की.

260 करोड़ की सोना-चांदी की तस्करी का मामला, सराफा कारोबारी की 64 करोड़ की संपत्ति कुर्क

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर में शुक्रवार को 260.67 करोड़ रुपये के सोने और चांदी की तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. एजेंसी ने सर्राफा व्यवसाय से जुड़े कारोबारी की 64 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अटैच की है. छत्तीसगढ़ के बड़े सर्राफा कारोबारी सहेली ज्वेलर्स के संचालक सुनील कुमार जैन और नवकार ज्वैलर्स के संचालक प्रकाश सांखला की भी संपत्ति कुर्क की गई है. वहीं, सोना तस्करी सिंडिकेट के सदस्यों सचिन केदार और पुरुषोत्तम कवाले के बैंक खातों में पड़ी शेष राशि, फ्लैट, जमीन-जायदाद समेत 3.76 करोड़ रुपये की संपत्ति को अनंतिम रूप से कुर्क किया है.

ये सर्राफा कारोबारी विदेश से सोने और चांदी की तस्करी करते थे. मामले में DRI और ED पहले भी छापामारी कर चुकी है. ईडी ने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की है.

इंदौर में भी ईडी की कार्रवाई
इंदौर में ईडी ने पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत “इंदौर नगर निगम (आईएमसी)” फर्जी बिल घोटाले के मामले में 34 करोड़ रुपये (लगभग) की संपत्ति कुर्क की है. कुर्क की गई संपत्तियों में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित 43 अचल संपत्तियां (आवासीय और कृषि दोनों) शामिल हैं. मामले में अब तक कुर्क/जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 56 करोड़ रुपये (लगभग) है.

दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़; एक नक्सली ढेर

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दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर से बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो रही है. इसमें एक नक्सली ढेर हो गया है. बताया जा रहा है कि नेशनल पार्क एरिया में मुठभेड़ जारी है. बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है. दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के जंगल में एक बार फिर से सुरक्षा बल के जवानों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है. सरकार लक्ष्य 2026 तक नक्सलवाद को मिटाना है.

इससे पहले भी दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर हुई मुठभेड़
दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर इसके पहले भी सुरक्षा बलों के जवानों ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया था. पुलिस को सूचना मिली थी कि इन दोनों ही जिलों के बॉर्डर एरिया में भैरमगढ़ एरिया कमेटी के नक्सलियों की मौजूदगी है. इस सूचना के बाद दंतेवाड़ा और बीजापुर इन दोनों ही जिलों से बड़ी संख्या में जवानों को भेजा गया.

सरेंडर कर रहे हैं नक्सली
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई चल रही है. यहां सुरक्षाबलों के जवान, नक्सलियों के हर ठिकानों तक पहुंचकर उन पर कार्रवाई कर रहे हैं. जवानों ने एनकाउंटर में कई बड़े नक्सलियों को ढेर किया है. ऐसे में नक्सल संगठन में खलबली मची हुई है. वे इलाका छोड़कर यहां-वहां भाग रहे हैं. बताया जा रहा है छत्तीसगढ़ में पुलिस के दबाव के चलते नक्सली पड़ोसी राज्यों की ओर जा रहे हैं.

कंपनी की काली करतूत! टारगेट पूरा न होने पर करवाया ऐसा शर्मनाक काम, डिप्रेशन में चले गए कर्मचारी

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टारगेट पूरा न होने पर कंपनी द्वारा वेतन कटौती और बोनस आदि रोक लेने की शिकायत अक्‍सर कर्मचारी करते हैं. लेकिन, जापानी की एक कंपनी ने तो इस मामले में हद ही पार कर दी है. कमजोर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को वो ऐसी सजा देती है कि उससे कई कर्मचारी तो डिप्रेशन का शिकार हो गए. ओसाका स्थिन नियो कॉर्पोरेशन पर उसके पांच कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कमजोर प्रदर्शन करने पर कंपनी कर्मचारियों को अपने न्‍यूड फोटो खिंचने और उसे सहकर्मियों के साथ शेयर करने को मजबूर करती है. बिजली और एनर्जी सेविंग प्रोडक्‍ट्स की इंस्टॉलेशन सेवाओं से जुड़ी कंपनी अब कर्मचारियों के यौन शोषण के आरोपों में घिर गई है.
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब Neo Corporation विवादों में आई है. इससे पहले भी कंपनी ने भ्रामक भर्ती विज्ञापन देकर आलोचना झेली थी, जिसमें दावा किया गया था कि उनके सेल्स स्टाफ की औसत सालाना आय 1.427 करोड़ येन (लगभग 97,000 अमेरिकी डॉलर) है. Neo Corporation ने सभी आरोपों से इनकार किया है. अपने आधिकारिक बयान में कंपनी ने दावा किया कि मुकदमे में “तथ्यात्मक त्रुटियां” हैं और यह “एकतरफा नजरिए” पर आधारित है.

पांच कर्मचारियों ने किया मुकद्दमा दायर
मार्च 2025 में पांच पूर्व कर्मचारियों ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया. इन कर्मचारियों ने कोर्ट से 1.9 करोड़ येन (करीब 1.32 लाख अमेरिकी डॉलर) के मुआवजे की मांग की है. उनका आरोप है कि कंपनी में काम करने के दौरान उनका यौन और उत्पीड़न किया गया और उनके साथ शारीरिक हिंसा की गई. साथ ही उनका वेतन भी अवैध तरीके से काट लिया गया.
कंपनी ने की हद पार

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, एक कर्मचारी ने बताया कि जब वह अपने दैनिक बिक्री लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाता था तो उसका सेल्स मैनेजर उसे अपनी नग्न तस्वीर खींचने के लिए कहता था. यह अपमानजनक तस्वीर फिर अन्य कर्मचारियों को भेज दी जाती थी और उस पर संदेश होता: “इसे साझा कर दिया गया है.” बात यहीं पर खत्‍म नहीं हुई.
कर्मचारी ने बताया कि उसका सीनियर उसे शारीरिक दंड के रूप में नियमित तौर पर जननांगों को छूता था. जब उसने इस बारे में शाखा प्रबंधक से शिकायत की तो उसे हल्के में लेते हुए कहा गया, “इससे हर कोई गुजरता है.” लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण के कारण पीड़ित कर्मचारी को एडजस्टमेंट डिसऑर्डर और डिप्रेशन (अवसाद) का सामना करना पड़ा. यह घटनाएं कंपनी में फैली हुई गहरी और जहरीली कार्यसंस्कृति की ओर इशारा करती हैं.

गाली-गलौच आम बात
आरोप केवल यौन शोषण तक सीमित नहीं हैं. अन्य कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे अत्यधिक ओवरटाइम करवाया गया. उनके साथ गाली-गलौच किया गया और वेतन से कमीशन की कटौती कर ली गई. एक शाखा प्रबंधक ने आरोप लगाया कि जब उसने एक कंपनी डिनर में शामिल होने से इनकार किया तो कंपनी के निदेशक ने उसे थप्पड़ मार दिया.

टाटा की ये कंपनी खराब पार्ट्स के साथ उड़ा रही थी विमान, DGCA को गच्‍चा देने को रिकार्ड में किया हेरफेर

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नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की कड़ी फटकार के बाद एयर इंडिया एक्सप्रेस ने शुक्रवार को अपने एयरबस ए320 विमान में इंजन के पुर्जे बदलने में हुई गलती को स्वीकार किया और कहा कि उसने अब इस समस्या को ठीक कर लिया है. एयर इंडिया एक्‍सप्रेस एयर इंडिया की सहायक कंपनी है. इसका स्वामित्व टाटा ग्रुप के पास है. यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (ईएएसए) द्वारा मई 2023 में जारी एक एयरवर्थनेस डायरेक्टिव (एडी) में एयर इंडिया एक्‍सप्रेस के दो विमानों के ईंजन पार्ट्स बदलने का निर्देश दिया था. इंजनों में कुछ निर्माण संबंधी खामियां पाई गई थीं. खराब पार्ट्स से इंजन फेल होने का खतरा था. लेकिन, एयर इंडिया एक्‍सप्रेस ने पार्ट्स नहीं बदले. खास बात यह है कि एयरलाइन ने रिकॉर्ड्स में हेरफेर किया ताकि यह लगे कि काम समय पर हो गया है, जबकि असल में ऐसा नहीं हुआ था.
आईएएनएस के साथ शेयर किए गए एक बयान में एयरलाइन ने कहा कि यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (ईएएसए) द्वारा मई 2023 में जारी एक एयरवर्थनेस डायरेक्टिव (एडी) कंपनी की इन्वेंट्री में मौजूद दो इंजनों पर लागू था. एयरलाइन ने बताया कि एक इंजन में निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक परिवर्तन किया गया था, एयरलाइन के मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड माइग्रेशन समस्या के कारण दूसरे इंजन के लिए निर्देश छूट गया था. यानी उसका पार्ट्स नहीं बदले गए.

बाद में सुधारी गई गलती
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने आगे कहा कि “जैसे ही इसकी पहचान हुई” आवश्यक परिवर्तन किए गए और दूसरे इंजन के लिए अनुपालन भी समय सीमा के भीतर पूरा कर लिया गया. एयर इंडिया एक्‍सप्रेस ने बयान में कहा, “हमने डीजीसीए के समक्ष त्रुटि को स्वीकार किया और तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कार्रवाई और निवारक उपाय किए. जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई भी की गई.”
डीजीसीए के मेमो से मिली चूक की जानकारी

डीजीसीए के मेमो में एयर इंडिया एक्सप्रेस के अनिवार्य समय सीमा के भीतर इंजन के पुर्जे बदलने में विफल रहने और कथित तौर पर गलत अनुपालन दिखाने के लिए रखरखाव रिकॉर्ड में फेरबदल करने की जानकारी मिली थी. अक्टूबर 2024 में नियमित डीजीसीए ऑडिट के दौरान इन उल्लंघनों का पता चला और इसे लेकर मार्च में एयरलाइन को औपचारिक रूप से सूचित किया गया था.

डीजीसीए मेमो ने संकेत दिया था कि एयरबस ए320 के एक इंजन पर आवश्यक सीमाओं के भीतर पार्ट संशोधन का अनुपालन नहीं किया गया था. डीजीसीए ने एयरलाइन के एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस एंड इंजीनियरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम (एएमओएस) में रिकॉर्ड से संभावित छेड़छाड़ पर भी चिंता जताई.