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मुख्यमंत्री साय की घोषणा के अनुरूप पत्थलगांव में ऑडिटोरियम निर्माण हेतु 4 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत

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मुख्यमंत्री साय की घोषणा के फलस्वरूप पत्थलगांव में ऑडिटोरियम निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से 4 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। कुछ दिन पूर्व ही नगर पालिका जशपुर के वार्ड क्रमांक 16 में ऑडिटोरियम निर्माण हेतु 6 करोड़ 76 लाख 55 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी।

ऑडिटोरियम निर्माण होने से आम लोगों को सांस्कृतिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों के लिए एक सुव्यवस्थित मंच प्राप्त होगा। यहाँ विभिन्न प्रकार के आयोजन जैसे नाटक, संगोष्ठी, सेमिनार, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं सरकारी कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया जा सकेगा। इससे प्रतिभाओं को अपनी कला और विचारों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर रचनात्मकता को प्रोत्साहन मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश में जन सुविधा आधारित अधोसंरचना विकास को नई गति मिल रही है। मुख्यमंत्री की पहल पर किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, महिलाओं और आम नागरिकों की आवश्यकताओं को केंद्र में रखते हुए विभिन्न विकास कार्यों को निरंतर स्वीकृति मिल रही है और योजनाएं भी तेजी से क्रियान्वित हो रही है।

मुख्यमंत्री साय ने किया मंत्रालय के पंचम तल में नवीन सभागार का लोकार्पण

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मुख्यमंत्री साय ने आज नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन के सेक्रेटरी ब्लॉक के पंचम तल पर निर्मित नवीन सभागार का लोकार्पण किया। 13.90 करोड़ रुपये की कुल लागत से निर्मित यह भव्य सभागार सभी अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है। 6450 वर्गफुट क्षेत्र में बने इस कॉन्फ्रेंस हॉल की बैठक क्षमता 185 सीटों की है। सभागार आंतरिक विद्युतीकरण, अग्निशमन व्यवस्था, वातानुकूलन, ऑडियो-विजुअल प्रणाली, आंतरिक साज-सज्जा तथा फर्नीचर सहित सभी आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव एवं विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, वन मंत्री8520/ कश्यप, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा सहित मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव मुकेश बंसल, पी. दयानंद, डॉ. बसवराजू एस., राहुल भगत, सचिव रजत कुमार, अंकित आनंद, अविनाश चम्पावत तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

जारी होगी आरक्षण सूची, तत्काल टिकट बुकिंग के भी नियम बदले

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भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने रविवार को यात्रियों को बड़ी राहत देने की घोषणा की. अब आरक्षण चार्ट चार घंटे की बजाय आठ घंटे पहले जारी की जाएगी. इससे यात्रियों को सहूलियत होगी.

रेलवे बोर्ड ने प्रस्थान से आठ घंटे पहले आरक्षण चार्ट तैयार करने का प्रस्ताव दिया है. दोपहर दो बजे से पहले प्रस्थान करने वाली ट्रेनों के लिए चार्ट एक दिन पहले रात नौ बजे तैयार किया जाएगा. नई पीआरएस (यात्री आरक्षण प्रणाली) प्रति मिनट 1.5 लाख से अधिक टिकट बुकिंग की अनुमति देगी.

जुलाई के अंत से तत्काल बुकिंग के भी बदल जाएंगे नियम
इसके अलावा, 1 जुलाई से आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर केवल प्रमाणित यूजरों को ही तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति होगी. इसके अलावा, जुलाई के अंत से तत्काल बुकिंग के लिए ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण किया जाएगा. प्रमाणीकरण यूजर के डिजिलॉकर खाते में उपलब्ध आधार या किसी अन्य सत्यापन योग्य सरकारी आईडी का उपयोग करके किया जा सकेगा.

यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने की
भारतीय रेलवे यात्रा के अनुभव को यात्री-केंद्रित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. रेलवे के साथ लोगों की यात्रा टिकट आरक्षण के चरण से शुरू होती है. रेलवे टिकट बुकिंग को आसान बनाने के लिए कई कदम उठा रहा है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में इन सुधारों की समीक्षा की. उन्होंने जोर दिया कि टिकटिंग सिस्टम स्मार्ट, पारदर्शी, सुलभ और कुशल होना चाहिए. योजना यात्री सुविधा पर केंद्रित होनी चाहिए. सिस्टम को हमारे यात्रियों के लिए एक सहज और आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करना चाहिए.

बरसते पानी में बीच सड़क धरने पर बैठ गए BJP के विधायक, इस बात को लेकर थी नाराजगी

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मध्यप्रदेश में सत्ता के भीतर उठती असहमति की आवाज़ अब सड़कों तक आ गई है. रायसेन ज़िले के मंडीदीप में भाजपा के भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा को धरने पर बैठने के लिए मजबूर होना पड़ा है. वे खुद बरसते पानी में सड़क पर धरने पर बैठ गए.इसकी वजह पुलिस की कार्यप्रणाली से गहरी नाराज़गी बताई है. इस धरने से करीब दो घंटे तक एनएच 46 पर जाम लगा रहा.धरने में समर्थकों की भारी भीड़ और नारों की गूंज ने साफ कर दिया कि मामला अब सिर्फ प्रशासनिक नहीं – सियासी है, और अंदर ही अंदर कुछ बड़ा पक रहा है.

ये है मामला
यह कोई विपक्षी प्रदर्शन नहीं था, ये विरोध था सत्तारूढ़ पार्टी के अंदर से जब विधायक सुरेंद्र पटवा एसडीओपी शीला सुराणा को हटाने और थाने के स्टाफ में फेरबदल की मांग लेकर धरने पर बैठ गए. विधायक जी सड़क पर बैठे ,समर्थक पीछे खड़े होकर जिला प्रशासन और पुलिस को होश में आने के नारे लगा रहे थे. पूरा मामला बकरा ईद के दो दिन पहले गोरक्षकों पर हुए हमले से जुड़ा हुआ है.पटवा का आरोप है कि घटना के आरोपियों पर अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. और जब अपनी ही सरकार सुनवाई न करे, तो फिर सड़क ही आखिरी सहारा बनती है.

धरने में पटवा समर्थकों ने प्रशासन होश में आने के नारे लगाए, लेकिन पुलिस का पक्ष है कि दोनों पक्षों से गिरफ्तारी हुई है, कुछ आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है.

धरने के बाद पुलिस हरकत में आई. आरोपियों को पकड़ने के लिए 5-5 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई. इतना ही नहीं आरोपियों के मकानों पर बुलडोज़र चलाने और जांच की बात भी की जा रही है.

साय कैबिनेट की बैठक आज, इन महत्वपूर्ण फैसलों पर लगेगी मुहर

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यानी 30 जून को कैबिनेट की बैठक होगी. यह बैठक महानदी भवन मंत्रालय में सोमवार, दोपहर 12 बजे होगी, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है. इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.

साय कैबिनेट की बैठक आज
सीएम विष्णु देव साय आज कैबिनेट की बैठक लेंगे, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. साथ ही कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है. यह बैठक दोपहर 12 बजे नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी. कैबिनेट बैठक में मानसून सत्र की तैयारियों और किसानों से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा होगी. इसके अलावा मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर फैसला हो सकता है.

कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर होगी चर्चा, इन फैसलों को मिलेगी मंजूरी
कैबिनेट बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा और निर्णय होने की संभावना है. मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर फैसला हो सकता है.दरअसल, मौजूदा सीएस अमिताभ जैन का आज, 30 जून 2025 को अंतिम कार्यदिवस है.ACS सुब्रत साहू और ACS मनोज पिंगुआ नए मुख्य सचिव की रेस में शामिल.कैबिनेट में मानसून सत्र की तैयारियों और किसानों से संबंधित मुद्दों पर भी होगी चर्चा.

बाइक चोरों का बड़ा गैंग पकड़ाया, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में करते थे चोरी

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओ से हलाकान पुलिस को बड़ी क़ामयाबी हाथ लगी है. पुलिस के हत्थे वाहन चोरों का एक गिरोह लगा है जिससे अब तक चुराई गई सात बाइक बरामद हो चुकी है. ये गैंग भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था.

सिटी थाना प्रभारी यशवंत गोयल के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में मुरारी बघेल,राघवेंद्र बघेल,एक नाबालिग अपचारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जबकि एक अन्य आरोपी पुलिस की पकड़ से अभी बाहर है.

क्या बोली पुलिस?
टीआईं गोयल ने बताया कि यह गैंग भीड भाड़ वाले इलाके से बाइक चोरी करता है. इन चोरों से अब तक जो बाइक मिली है उनमें अधिकांश हीरो होंडा कंपनी की हैं. उनका कहना है कि उनकी पहली पसंद इसी कम्पनी की गाड़ियां होती हैं जो आसानी से बिक जाती हैं.

कमला राजा अस्पताल में फिर लगी आग, आनन-फानन में नवजातों को दूसरी जगह किया गया शिफ्ट

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर चंबल संभाग के सबसे बड़े हॉस्पिटल जेएएच में मरीजों की जान से खिलवाड़ करना जारी है. कमला राजा बाल और महिला रोग चिकित्सालय में साढ़े तीन महीने में आग लगने की चौथी बार घटना हुई है. यहां शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. इसके बाद हड़कंप मच गया. आनन-फानन में बच्चों को दूसरी जगह बच्चों को शिफ्ट कराया गया. पूरा मामला रविवार की शाम 5 बजे का है. इसके बाद हड़कंप मच गया.

8 नवजात वेंटीलेटर पर थे
केआरएच के पास बने मदर वार्ड में एसएनसीयू (सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट) की दीवार के बाहर लगी एमसीबी (मिनिएचर सर्किट ब्रेकर) बॉक्स में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई.आग लगते ही धुआं एसएनसीयू के अंदर भरने लगा. साथ ही एसएनसीयू के आधे हिस्से की लाइट गुल हो गई. जिस हिस्से की लाइट गुल हुई थी वहां 8 नवजात वेंटीलेटर पर थे.

इन नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर उनके परिजन अस्पताल के बाहर परेशान हो रहे थे. परिजन परेशान हो गए कि अगर वेंटीलेटर का बैकअप खत्म हो गया तो उनके बच्चों का क्या होगा?

हालांकि SNCU में तैनात डॉक्टरों ने वेंटीलेटर सहित सभी 8 नवजातों को उस हिस्से में शिफ्ट कर दिया जहां बिजली आ रही है. तब जाकर इन नवजात की जान बच सकी. केआऱ एच में अभी तक चार बार शॉर्ट सर्किट से आग लग चुकी है. गनीमत यह रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई है.

सड़कें बन गईं गौशाला! बैकुंठपुर में हर दिन दे रहे सड़क हादसों को खुला न्योता

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छत्तीसगढ़ के बैकुंठपुर जिला मुख्यालय, बैकुंठपुर की सड़कों पर बेसहारा मवेशियों, विशेषकर गायों का जमावड़ा अब एक बड़ी समस्या बन गई है. मुख्य मार्गों पर दिन-रात घूमती गायें न सिर्फ यातायात में बाधा बन रही हैं, बल्कि यही लगातार सड़क दुर्घटनाओं का कारण भी बन रही हैं. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या की अनदेखी कर रहा है. हर दिन किसी न किसी वाहन की टक्कर गायों से हो जाती है, जिससे वाहन चालकों को चोटें आती हैं और वाहनों को नुकसान होता है. कई बार इन हादसों में जान का खतरा भी बना रहता है.

मवेशियां कर रही ट्रैफिक जाम
व्यवसायियों और राहगीरों ने बताया कि नगर की मुख्य सड़कों पर सुबह से शाम तक दर्जनों गायें मंडराती रहती हैं. ये मवेशी कभी बाजारों के पास, तो कभी चौक-चौराहों पर बैठे रहते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम की स्थिति भी बन जाती है. ग्रामीणों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा मवेशियों को जल्द से जल्द पकड़कर गोशालाओं में शिफ्ट किया जाए. साथ ही, नगर पालिका को निर्देशित किया जाए कि इस पर स्थायी समाधान निकाले, जिससे सड़क सुरक्षा बहाल हो सके.

प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं
इस मुद्दे पर अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे आम जनता में नाराजगी है. लोगों का कहना है कि जब तक कोई बड़ी दुर्घटना नहीं होगी, तब तक प्रशासन जागेगा नहीं. सड़कों पर बेसहारा गायों की बढ़ती संख्या और आए दिन हो रही दुर्घटनाओं पर गौ सेवक अनुराग दुबे ने चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूमती गायें न तो खुद सुरक्षित हैं, न ही आमजन के लिए.

यूजीसी डिफॉल्टर सूची में 4 IIT, 3 IIM, एम्स सहित देश के 89 शैक्षणिक संस्थान, जानिए कारण

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के अधिकारियों के अनुसार, चार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और तीन भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) एंटी रैगिंग नॉर्म्स का पालन न करने के कारण डिफॉल्टर सूची में शामिल हैं.यूजीसी ने देश भर के 89 संस्थानों को एंटी रैगिंग नॉर्म्स के अनुपालन के लिए अनिवार्य हलफनामा न देने के कारण कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

डिफॉल्टर सूची में कौन-कौन
डिफॉल्टर सूची में आईआईटी, आईआईएम, एम्स और एनआईडी सहित राष्ट्रीय महत्व के 17 संस्थान शामिल हैं. डिफॉल्टर आईआईटी हैं – आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी पलक्कड़ और आईआईटी हैदराबाद. इसी तरह, आईआईएम बॉम्बे, आईआईएम रोहतक और आईआईएम तिरुचिरापल्ली भी सूची में हैं. डिफॉल्टरों में एम्स रायबरेली और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन – दिल्ली, आंध्र प्रदेश और हरियाणा भी शामिल हैं.

यूजीसी सचिव ने क्या कहा
यूजीसी सचिव मनीष जोशी ने कहा, “यूजीसी के संज्ञान में आया है कि यूजीसी द्वारा जारी कई सलाह, एंटी-रैगिंग हेल्पलाइन से फॉलो-अप कॉल और एंटी रैगिंग मॉनिटरिंग एजेंसी द्वारा सीधे हस्तक्षेप के बावजूद ये संस्थान छात्रों द्वारा अनिवार्य एंटी-रैगिंग अंडरटेकिंग और संस्थानों द्वारा अनुपालन अंडरटेकिंग प्रस्तुत करने में विफल रहे हैं.” उन्होंने कहा, “रैगिंग पर यूजीसी विनियमन, 2009 का पालन सभी उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईएल) के लिए अनिवार्य है. अनुपालन में विफलता न केवल यूजीसी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करती है, बल्कि छात्रों की सुरक्षा से भी समझौता करती है, विशेष रूप से रैगिंग से संबंधित संकट और परिसर में शत्रुता के बारे में बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर.”

रद्द हो सकती है मान्यता
यूजीसी ने डिफॉल्टर संस्थानों को चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर मानदंडों का पालन नहीं किया जाता है, तो यूजीसी अनुदान और फंडिंग वापस ले ली जाएगी, जिससे वित्तीय सहायता और शोध परियोजनाएं प्रभावित होंगी और मान्यता रद्द कर दी जाएगी या संबद्धता वापस ले ली जाएगी. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER), हैदराबाद; अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी; नालंदा यूनिवर्सिटी; इग्नू और इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट, कोलकाता डिफॉल्टर सूची में शामिल अन्य प्रमुख संस्थानों में शामिल हैं. एंटी-रैगिंग रेगुलेशन, 2009 के अनुसार प्रत्येक छात्र और उनके माता-पिता और अभिभावकों को प्रवेश के समय और प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में एंटी-रैगिंग अंडरटेकिंग प्रस्तुत करना होगा.

महाराष्ट्र सरकार ने तीन भाषा नीति की रद्द, मराठी-अंग्रेजी के साथ तीसरी भाषा का था प्रस्ताव

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महाराष्‍ट्र सरकार की तीन भाषाओं को लागू करने की नीति रद्द हो गई है. राज्‍य सरकार को इस नीति की वजह से पिछले कुछ दिनों से शिक्षाविदों, राजनीतिक दलों और नागरिक समाज समूहों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है. महाराष्‍ट्र सरकार की तरफ से पहले राज्य बोर्ड के स्कूलों में कक्षा 1 से हिंदी को डिफॉल्‍ट तीसरी भाषा बनाने का फैसला लिया गया था लेकिन इस पर जमकर विवाद हुआ जिसके बाद सरकार को अपना रुख नरम करना पड़ा है.

सीएम ने बनाई समिति
महाराष्‍ट्र के स्कूलों में भी इस फैसले का विरोध होने लगा था. बढ़ते विरोध के बीच ही राज्य मंत्रिमंडल ने रविवार को त्रिभाषा नीति को लागू करने से जुड़े दो जीआर (सरकारी आदेश) वापस लेने का फैसला किया. मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शिक्षाविद् नरेंद्र जाधव के नेतृत्व में एक समिति के गठन की भी घोषणा की. यह समिति भाषा नीति के आगे के रास्ते और कार्यान्वयन का सुझाव देगी.

आदेश वापस लेने का फैसला
फडणवीस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के तौर पर उद्धव ठाकरे ने कक्षा 1 से 12 तक त्रिभाषा नीति शुरू करने के लिए डॉ. रघुनाथ माशेलकर समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया था. साथ ही नीति लागू करने पर एक समिति गठित की थी. फडणवीस ने कहा, ‘राज्य मंत्रिमंडल ने कक्षा एक से त्रिभाषा नीति के कार्यान्वयन के संबंध में अप्रैल और जून में जारी सरकारी संकल्प (जीआर) को वापस लेने का फैसला किया है. इसे लागू करने सिफारिश करने के लिए डॉ. नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी.

16 अप्रैल को आया सरकारी आदेश
फडणवीस सरकार की तरफ से 16 अप्रैल को एक जीआर जारी किया था. इसमें अंग्रेजी और मराठी मीडियम के स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए हिंदी को अनिवार्य तीसरी भाषा बनाया गया था. विरोध के बीच, सरकार ने 17 जून को संशोधित जीआर जारी किया, जिसमें हिंदी को वैकल्पिक भाषा बनाया गया.