Home Blog Page 8

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित उनके कक्ष में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करने से पूर्व मुलाकात की…

0

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा परिसर स्थित उनके कक्ष में वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करने से पूर्व मुलाकात की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने वित्त मंत्री को आगामी बजट के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बजट प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को नई दिशा देने वाला सिद्ध होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार की जनकल्याणकारी प्राथमिकताओं, सुशासन और समावेशी विकास के संकल्प को यह बजट और अधिक सशक्त आधार प्रदान करेगा।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव सहित मंत्रिपरिषद के सभी मंत्रीगण तथा वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल उपस्थित थे।

CG: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहाँ विधानसभा परिसर स्थित सभाकक्ष में मंत्री परिषद की बैठक शुरू…

0

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहाँ विधानसभा परिसर स्थित सभाकक्ष में मंत्री परिषद की बैठक शुरू….

मंत्रिपरिषद द्वारा भारत सरकार के खान मंत्रालय के नवीन दिशा-निर्देश और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY)-2024 के संशोधित गाईडलाईन्स के अनुसार छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में आवश्यक संशोधन किये जाने का निर्णय लिया गया है।

इससे न्यास के पास उपलब्ध राशि का न्यूनतम 70 प्रतिशत राशि का व्यय उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र जैसे पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं निःशक्तजन के कल्याण के साथ ही कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, आवास, पशुपालन के समग्र विकास पर किया जाएगा।

2) मंत्रिपरिषद द्वारा साधारण रेत के उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण तथा रेत के उत्खनन एवं नियमन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2019 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन एवं व्यवसाय (अनुसूचित क्षेत्र हेतु) नियम 2023 को निरसित करते हुए नवीन नियम ‘‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025‘‘ का अनुमोदन किया गया।

इससे रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिससे आम जनता को उचित दरों पर रेत उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही रेत उत्खनन में पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रस्तावित नियमों में रेत खदान आवंटन की कार्यवाही इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के माध्यम से की जाएगी। इससे राजस्व में भी वृद्धि होगी।

3) कृषि भूमि के बाजार मूल्य दरों के निर्धारण के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य कर पंजीयन विभाग से प्राप्त प्रस्ताव का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया, जिसके तहत ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड की दर को समाप्त करते हुए सम्पूर्ण रकबा की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में जिस तरह की अनियमितताएँ सामने आई थीं, उनसे बचने के लिए यह व्यवस्था मददगार होगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने के प्रावधान को विलोपित करने के साथ ही शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा।

4) मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (cscs) को नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में क्रिकेट अकादमी की स्थापना के लिए 7.96 एकड़ भूमि आबंटित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

नवा रायपुर में अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी की स्थापना से राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को उनके कौशल और प्रतिभा को निखारने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेगी।

छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। राज्य के कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता अर्जित की है। क्रिकेट अकादमी की स्थापना से राज्य के खिलाड़ियों को क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा वहीं छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी।

पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए पीएम मोदी का संदेश: विकास का संकल्प…

0

प्रधानमंत्री मोदी का पत्र: पश्चिम बंगाल की स्थिति पर चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के निवासियों के लिए विधानसभा चुनाव से पहले एक पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि राज्य की वर्तमान स्थिति देखकर वह “बहुत दुखी” हैं।

इस वर्ष होने वाले महत्वपूर्ण चुनावों से पहले पार्टी के कार्यकर्ता इस पत्र को बांट रहे हैं। पत्र में पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के लोगों को शुभकामनाएं दीं और बताया कि चुनाव के बाद राज्य की किस्मत का निर्णय होगा। उन्होंने ‘विकसित’ पश्चिम बंगाल बनाने का अपना संकल्प भी साझा किया।

सोनार बांग्ला का सपना: पीएम मोदी की भावनाएं

सोनार बांग्ला का सपना देखने वाला हर कोई बहुत दर्द में है: PM मोदी

“जय माँ काली” के साथ पत्र की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि कुछ ही महीनों में पश्चिम बंगाल की किस्मत का निर्णय होगा। आने वाली पीढ़ी का भविष्य और उसकी दिशा आपके विचारशील निर्णय पर निर्भर करेगा। आज मेरे सोनार बांग्ला का सपना देखने वाला हर युवा, बुजुर्ग और महिला बहुत दुखी है। उनकी पीड़ा मेरे दिल को दुखाती है। इसलिए, मैंने अपने दिल की गहराइयों से एक संकल्प लिया है – पश्चिम बंगाल को ‘विकसित’ और समृद्ध बनाने का संकल्प। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पिछले 11 वर्षों में देशवासियों के आशीर्वाद से, एनडीए सरकार ने जनता की भलाई और समग्र विकास को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, “किसानों की भलाई से लेकर युवाओं के सपनों को पूरा करने तक, और महिलाओं को सशक्त बनाने से लेकर समाज के हर वर्ग तक पहुँचने तक, हमारी नीतियों और निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम आज स्पष्ट हैं।” अपने पत्र में, प्रधानमंत्री मोदी ने ममता बनर्जी की सरकार पर “बहुत ज़्यादा असहयोग” का आरोप लगाया और कहा कि राज्य की किस्मत का निर्णय कुछ महीनों में होगा।

राज्य सरकार के असहयोग के बावजूद विकास की उपलब्धियां

राज्य सरकार के असहयोग के बावजूद विकास की उपलब्धियां

राज्य सरकार के असहयोग और विरोध के बावजूद, आज पश्चिम बंगाल के लगभग 5 करोड़ लोग ‘जन-धन योजना’ के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली से जुड़े हुए हैं। ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत राज्य में 85 लाख शौचालय बनाए गए हैं। जहां राज्य की सत्ताधारी पार्टी गरीबों की रोजी-रोटी छीन रही है, वहीं हमने छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को ₹2.82 लाख करोड़ के लोन देकर सहायता प्रदान की है। मुझे ‘अटल पेंशन योजना’ के तहत 56 लाख वरिष्ठ नागरिकों को बुढ़ापे में आत्मनिर्भर बनाने का सौभाग्य मिला है। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूँ कि मैंने ‘उज्ज्वला योजना’ के माध्यम से 1 करोड़ से अधिक परिवारों को एलपीजी कनेक्शन देकर माताओं और बहनों को धुएं से मुक्त किया है। पत्र में कहा गया है कि पश्चिम बंगाल के किसान अपने परिवार का पेट भरने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि वे “पूरे देश का पेट भरते हैं”। पत्र में कहा गया है, ऐसे कठिन हालात में, मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूँ कि मैंने ‘किसान सम्मान निधि’ के जरिए 52 लाख से अधिक किसानों को सीधे आर्थिक सहायता देकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाई है। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें राज्य की स्थिति देखकर दुख हो रहा है, उन्होंने आज़ादी के बाद की तेज़ी के बारे में बताते हुए एक अलग तस्वीर पेश की।

इंडिया एआई समिटः स्टार्टअप्स के साथ मिलकर सेना ने पेश किए जबरदस्त एआई सिस्टम…

0

भारतीय सेना ने इंडिया एआई समिट में स्वदेशी स्टार्टअप्स के साथ मिलकर विकसित की जा रही अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित प्रणालियों का प्रदर्शन किया।

दरअसल युद्ध अब सिर्फ बंदूक और टैंक तक सीमित नहीं है, अब हार जीत हाई-टेक टेक्नोलॉजी पर भी करती है।

इंडिया एआई समिट में आर्मी ने दिखाया कि कैसे वो भारतीय स्टार्टअप्स के साथ मिलकर एआई सिस्टम बना रही है। यह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है, यानी अपना देश, अपनी टेक्नोलॉजी और अपनी खुद की ताकत। यह पहल आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाना है। यहां प्रदर्शित प्रमुख परियोजनाओं की बात करें तो एकम एआई इनमें से एक है। यह ऐसा सिस्टम है जो आर्मी के अपने सुरक्षित नेटवर्क पर चलेगा। बाहर से कोई दखल नहीं। सेना का अपना डेटा, अपना मॉडल, पूरी तरह स्वदेशी और सुरक्षित।

इसे न्यूरालिक्स के साथ आईडेक्स अदिति 2.0 के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। यह एआई-एज-ए-सर्विस प्लेटफॉर्म सेना के सुरक्षित, एयर-गैप्ड नेटवर्क पर संचालित होगा। इसमें सेना के डेटा पर आधारित ऑन-प्रिमाइसेस फाउंडेशन मॉडल को तैयार किया जा रहा है। वहीं एआई-इन-ए-बॉक्स और एजेंटिक एआई प्लेटफॉर्म भी यहां मौजूद रहे। इसे एक स्मार्ट दिमाग मान लीजिए जो बॉक्स में पैक है। इसकी जहां जरूरत हो वहां ले जा सकते हैं। यह तुरंत फैसला लेने में मदद करता है। खासकर गुप्त जानकारी के आधार पर।

इनेफु लैब्स, कोगो एआई, पैराडोम और हाइड के सहयोग से सुरक्षित एज एआई और ऑन-प्रिमाइसेस एजेंटिक सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे ही ‘डिजिटलाइज्ड ब्रिगेड’ नेक्स्ट लेवल टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर एक एआई-सक्षम प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। यह विभिन्न स्रोतों से प्राप्त यूनिट डेटा को केंद्रीय प्रणालियों से जोड़कर विश्लेषण और प्रबंधन सूचना प्रणाली कार्यों को सशक्त करता है। अब अलग-अलग यूनिट के लिए डेटा इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। सब कुछ एक प्लेटफॉर्म पर होगा जिससे विश्लेषण आसान होगा और प्लानिंग भी तेज हो सकेगी।

एआई की मदद से सैनिकों की ट्रेनिंग भी अब स्मार्ट तरीके से होगी। एआई बताएगा कौन कितना तैयार है और कहां अभी और सुधार चाहिए। यह तकनीक एआई एग्जामिनर है। इसमें वेदास्वा सिस्टम्स के सहयोग से सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों के लिए एआई-संचालित लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया जा रहा है। ‘सिक्योरिटी कंट्रोल टॉवर’ क्लाउडरनर एआई के साथ मिलकर कंप्यूटर विजन आधारित निगरानी और खतरों की पहचान वाली प्रणाली विकसित की जा रही है। कैमरों से निगरानी और खतरे की पहचान की जा सकती है वो भी एआई की मदद से। यानी सीमा हो या कैंप चौकसी हमेशा रहेगी।

इन पहलों के माध्यम से भारतीय सेना देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ स्वदेशी रक्षा नवाचार को गति दे रही है। साथ अपनी ऑपरेशनल तत्परता को और सुदृढ़ कर रही है। यही कारण है कि इंडियन आर्मी के स्टॉल पर गणमान्य अतिथियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने सेना के लिए विकसित हो रही परिचालन एआई क्षमताओं को करीब से देखा। एआई समाधान राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सह-विकसित किए जा रहे हैं।

‘भारत टैक्सी’ का उद्देश्य ‘सारथी’ को कंपनी के मुनाफे का मालिक बनाना : अमित शाह…

0

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि भारत टैक्सी सिर्फ एक टैक्सी योजना नहीं, चालक भाइयों-बहनों को सम्मान से ‘सारथी’ बनाने की पहल है और इसका उद्देश्य ‘सारथी’ को कंपनी के मुनाफे का मालिक बनाना है।

राष्ट्रीय राजधानी में भारत टैक्सी के सारथियों के साथ संवाद में केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि जो श्रम कर रहा है, उसे ही मुनाफा मिलना चाहिए। हमारा उद्देश्य टैक्सी के मालिक को धनी बनाना है और सारथी ही मालिक हैं। साथ ही शाह ने कहा कि सारथी भारत टैक्सी के मालिक हैं और मुनाफे में भी उनका हिस्सा होगा। आने वाले तीन वर्षों में देश के प्रत्येक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में ‘भारत टैक्सी’ होगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत टैक्सी को देश की पांच बड़ी कोऑपरेटिव्स को मिलाकर खड़ा किया है। अब जैसे-जैसे सारथियों की संख्या बढ़ती जाएगी और जो भी सारथी इसमें पार्टनर बनना चाहेगा, उसे 500 रूपए के शेयर लेने पर मालिकाना हक मिल जाएगा।

शाह ने कहा कि जब भारत टैक्सी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव होगा, तब इसमें कुछ स्थान सारथियों के लिए भी आरक्षित रखे जाएंगे। जब सारथी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में आ जाएंगे तब वे स्वयं अन्य सारथियों के सभी हितों की रक्षा और चिंता करेंगे।

भारत टैक्सी को एक कोऑपरेटिव आंदोलन बताते हुए कहा कि भारत टैक्सी की कुल कमाई में से बीस प्रतिशत भारत टैक्सी के अकाउंट में सारथियों की पूंजी के रूप में जमा हो जाएगा और अस्सी प्रतिशत पैसा टैक्सी कितने किलोमीटर चली है, उसके अनुसार वापस सारथियों के खाते में जाएगा।

शाह ने कहा कि शुरूआती 3 साल भारत टैक्सी के विस्तार में जाएंगे और उसके बाद जितना भी मुनाफा होगा, उसका बीस प्रतिशत भारत टैक्सी में रहेगा और अस्सी प्रतिशत सारथी भाइयों को वापस दे दिया जाएगा।

शाह ने कहा कि भारत टैक्सी में कुछ भी छिपा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सारथियों को हर जानकारी नोटिफिकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराकर ‘भारत टैक्सी’ दुनिया की सबसे पारदर्शी कैब सर्विस बनेगी। भारत टैक्सी में सारथियों की मिनिमम वायबिलिटी पर किलोमीटर की दर की एक बेस लाइन बनाकर काम होगा। उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी में ऑटो के मूल्य, पेट्रोल की खपत और मिनिमम मुनाफे को मिलाकर एक बेस रेट होगा और इससे नीचे यह ऑपरेट नहीं करेगी।

शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य सारथियों का कल्याण भी है और ग्राहक के साथ अच्छा व्यवहार करना भी है।

बैंक मिस-सेलिंग बंद करें, अपने मूल काम पर दें ध्यान: वित्त मंत्री सीतारमण

0

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बैंकों को सख्त संदेश देते हुए कहा कि उन्हें अपने मूल काम पर ध्यान देना चाहिए, न कि ग्राहकों को जबरन बीमा जैसे उत्पाद बेचने (मिस-सेलिंग) में समय लगाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मिस-सेलिंग एक अपराध है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

बजट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय निदेशक मंडल के साथ बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा कि वह लगातार मिस-सेलिंग के मुद्दे को उठाती रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई ग्राहक घर के लिए लोन लेने आता है और उसके पास पर्याप्त गारंटी (कोलेटरल) है, तो उसे अतिरिक्त बीमा पॉलिसी लेने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

सीतारमण ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आरबीआई ने बैंकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मिस-सेलिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैंकों को अपना मुनाफा लोन देने और जमा जुटाने जैसे मुख्य कार्यों से कमाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि बैंकों को चालू खाता और बचत खाता (सीएएसए) जमा बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने बताया कि पहले जब बैंक अतिरिक्त धन की मांग लेकर आए थे, तब उन्होंने साफ कहा था कि बैंकों को सीधे पैसा देने के बजाय सीएएसए के माध्यम से संसाधन जुटाने को प्राथमिकता देनी चाहिए।

वित्त मंत्री ने अमेरिका द्वारा हाल में घोषित टैरिफ (आयात शुल्क) बदलावों पर कहा कि इसके प्रभाव पर अभी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय स्थिति की समीक्षा कर रहा है और आगे की व्यापार वार्ताओं पर निर्णय प्रतिनिधिमंडल द्वारा लिया जाएगा।

हाल ही में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा की। बाद में इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया।

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए होने वाली बैठक को फिलहाल पुनर्निर्धारित किया गया है।

सीतारमण ने कहा कि भारत वैश्विक व्यापार समझौतों के लिए प्रतिबद्ध है और ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, ओमान, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ पहले ही समझौते कर चुका है। भारत आगे भी वैश्विक बाजारों से जुड़कर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना चाहता है।

वित्त मंत्री ने सोने की बढ़ती कीमतों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हाल में सोने की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने और चांदी की खरीद बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि भारतीय परिवारों के लिए सोना हमेशा एक पसंदीदा निवेश रहा है और त्योहारी सीजन में इसकी मांग बढ़ जाती है।

सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि सरकार और आरबीआई स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल सोने की कीमतों में बढ़ोतरी चिंताजनक स्तर तक नहीं पहुंची है।

“Stock Market Closing: हफ्ते की शुरुआत में शानदार तेजी के साथ बंद हुआ बाजार, Nifty 142 और सेंसेक्स 480 पॉइंट्स चढ़कर क्लोज”

0

हफ़्ते की शुरुआत अच्छी रही। सोमवार को निफ्टी 142 पॉइंट्स बढ़कर 25,713 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 480 पॉइंट्स बढ़कर 83,295 पर बंद हुआ। सेक्टोरल इंडेक्स में ऑटो, फार्मा, PSU बैंक और FMCG में सबसे ज़्यादा बढ़त देखी गई।

इस बीच, IT, मेटल, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई।

सेंसेक्स 480 पॉइंट्स बढ़कर 83,295 पर बंद हुआ। टॉप 30 स्टॉक्स में से 19 हरे और 11 लाल निशान में बंद हुए। अदानी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट सेंसेक्स पर टॉप गेनर रहे, जो 2.82% तक बढ़े। इस बीच, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और ट्रेंट टॉप लूज़र रहे, जिसमें इंफोसिस में -2.42% की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

मार्केट में कहां बढ़त हुई?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि ट्रंप के टैरिफ पर US सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भारतीय बाजार ने पॉजिटिव तरीके से लिया है। AI से जुड़ी चुनौतियां और मुश्किलें अभी भी साफ नहीं होने की वजह से IT स्टॉक्स पर दबाव है। निवेशक बैंकिंग, पावर और FMCG जैसे घरेलू थीम पर फोकस कर रहे हैं। ये सेक्टर अभी इकोनॉमिक रिकवरी और स्थिर डिमांड की वजह से आकर्षक लग रहे हैं।

आज सुबह बाजार कैसे खुला?

हफ्ते की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। सोमवार को निफ्टी 107 पॉइंट्स बढ़कर 25,678 पर खुला, जबकि सेंसेक्स 92 पॉइंट्स बढ़कर 82,906 पर खुला। रुपया आज डॉलर के मुकाबले 18 पैसे बढ़कर 90.76 पर खुला।

निफ्टी 512 पॉइंट्स के दायरे में ट्रेड हुआ

पिछले हफ्ते शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निफ्टी पूरे हफ्ते 512 पॉइंट्स के दायरे में ट्रेड हुआ और आखिर में वीकली बेसिस पर 0.4% बढ़कर 25,571 पर बंद हुआ। ध्यान दें कि शुक्रवार को निफ्टी में 117 पॉइंट्स की ज़बरदस्त बढ़त दर्ज की गई। मिडकैप में 0.3% की बढ़त हुई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में -0.3% की गिरावट आई।

निफ्टी पर टॉप गेनर और लूज़र कौन थे?

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो, पावर और पब्लिक सेक्टर इंडेक्स में सबसे ज़्यादा बढ़त हुई, जो 2.5% तक बढ़े, जबकि IT, ऑटो और रियल्टी इंडेक्स लाल निशान पर बंद हुए। BSE IT इंडेक्स में -1.7% की गिरावट आई। L&T और HDFC लाइफ निफ्टी पर टॉप गेनर रहे, जो 5% तक बढ़े। इटरनल और टेक महिंद्रा निफ्टी पर टॉप लूज़र रहे, जो -5.7% तक गिरे।

वीकेंड में ट्रंप का टैरिफ ड्रामा

शुक्रवार को, US सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के खिलाफ फैसला सुनाया।

कोर्ट ने फैसला सुनाया कि ट्रंप को बदले की कार्रवाई करने वाले टैरिफ लगाने का कोई अधिकार नहीं है।

इस वजह से, ट्रंप द्वारा लगाए गए सभी मौजूदा टैरिफ गैर-कानूनी हो गए।

US कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद, ट्रंप ने एक नई घोषणा की। अगले 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10% टैरिफ लगाने का ऐलान किया।

शनिवार को ट्रंप ने नए 10% टैरिफ को बढ़ाकर 15% कर दिया।

15% टैरिफ 24 फरवरी से लागू होने की उम्मीद है।

ट्रंप ने सेक्शन 122 के तहत मिले अधिकार का इस्तेमाल करके 15% टैरिफ लगाया।

अचानक ट्रेड डेफिसिट या आर्थिक संकट की स्थिति में, प्रेसिडेंट के पास सेक्शन 122 के तहत टैरिफ लगाने का अधिकार है।

यह सेक्शन US कांग्रेस को ज़्यादा से ज़्यादा 15% टैरिफ लगाने का अधिकार देता है।

इसे अगले 150 दिनों के अंदर US कांग्रेस से मंज़ूरी मिलनी चाहिए।

रेजिस्टेंस 25850-25900 की रेंज में है

SBI सिक्योरिटीज ने कहा कि मार्केट में उतार-चढ़ाव ज़्यादा है लेकिन दिशा की कमी है। उम्मीद है कि मार्केट जल्द ही साइडवेज़ पैटर्न में ट्रेड करेगा। निफ्टी के लिए ज़रूरी सपोर्ट 25400-25350 पर है। 25850-25900 की रेंज में रेजिस्टेंस बना हुआ है। HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड देवर्ष वकील ने कहा कि निफ्टी के लिए तुरंत सपोर्ट 25372 पर है, और जल्द ही 25885 पर रेजिस्टेंस देखने को मिलेगा।

अमेजन ने बेंगलुरु में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा ऑफिस खोला; एक साथ 7,000 कर्मचारी काम करेंगे…

0

दिग्गज अमेरिकी कंपनी अमेजन ने सोमवार को बेंगलुरु में एशिया का अपना दूसरा सबसे बड़ा ऑफिस खोलने की घोषणा की।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि यह 12 मंजिला परिसर 11 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है और भारत में ई-कॉमर्स, संचालन, भुगतान, प्रौद्योगिकी और विक्रेता सेवाओं से जुड़े 7,000 से अधिक कर्मचारियों को सेवाएं प्रदान करेगा।

कर्नाटक के लघु एवं मध्यम उद्योग एवं अवसंरचना विकास मंत्री एम.बी. पाटिल ने भवन का उद्घाटन करते हुए कहा, “बेंगलुरु में अमेजन का निरंतर निवेश वैश्विक प्रौद्योगिकी और नवाचार केंद्र के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। अमेजन के नए परिसर जैसे बड़े परिसर उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियां पैदा करते हैं, स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करते हैं और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को समर्थन देते हैं। हम ऐसे निवेशों का स्वागत करते हैं जो दीर्घकालिक क्षमता का निर्माण करते हैं और हमारे कार्यबल के लिए अवसर सृजित करते हैं।”

इस नए कैंपस का शुभारंभ भारत में अमेजन के निरंतर निवेश का हिस्सा है। अमेजन पहले ही भारत में 40 अरब डॉलर से अधिक का निवेश कर चुका है और 2030 तक 35 अरब डॉलर के अतिरिक्त निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

कंपनी ने बताया कि यह परिसर केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 15 किलोमीटर दूर स्थित है और इसे टीमों को एक साथ लाने और सहयोग, लचीलापन, सीखने और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है।

अमेजन इंडिया के कंट्री मैनेजर समीर कुमार ने कहा,”पिछले कई वर्षों से, यह शहर हमारी कुछ शुरुआती प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक टीमों का घर रहा है, और आज भी यह नवाचार और प्रतिभा का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है।”

कर्मचारियों के लिए बास्केटबॉल और पिकलबॉल कोर्ट, एक एम्फीथिएटर, हरे-भरे लॉन और सामुदायिक बाहरी स्थानों सहित विशेष मनोरंजन सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अमेरिकी कंपनी ने बताया कि दो मंजिलों पर स्थित कैफेटेरिया में वैश्विक व्यंजनों की एक विस्तृत श्रृंखला परोसी जाती है।

कंपनी ने आगे कहा कि इस परियोजना में जिम्मेदार सामग्री स्रोत, कार्यालय संपत्तियों का पुन: उपयोग और उच्च दक्षता वाली प्रणालियां जैसी रणनीतियां शामिल हैं, जिनका उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन और परिचालन कार्बन उत्सर्जन को कम करना है।

World Defence Budget 2026: अमेरिका, चीन से लेकर भारत तक….’ ये देश सेना पर पानी की तरह बहाते है पैसा, देखे टॉप 10 लिस्ट’

0

बढ़ते ग्लोबल टेंशन और क्षेत्रीय झगड़ों के बीच, हर देश अपनी मिलिट्री पावर को मज़बूत करने की लगातार कोशिश कर रहा है। कई देश अपनी इकॉनमिक कैपेसिटी के हिसाब से अपने डिफेंस बजट में काफ़ी बढ़ोतरी कर रहे हैं, जबकि कुछ अपनी डिफेंस ज़रूरतों को पूरा करने के लिए उधार भी ले रहे हैं।

कई ताकतवर देश एडवांस्ड हथियारों, मिलिट्री मॉडर्नाइज़ेशन और नई टेक्नोलॉजी के डेवलपमेंट में भारी इन्वेस्ट कर रहे हैं। आइए दुनिया के सबसे ज़्यादा डिफेंस बजट वाले टॉप 10 देशों के बारे में जानें।

ग्लोबल फायर इंडेक्स 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड स्टेट्स पहले नंबर पर है। US का डिफेंस बजट लगभग $831.5 बिलियन है, जिसमें डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफेंस के लिए $849.9 बिलियन मंज़ूर हैं। यह बजट मिलिट्री मॉडर्नाइज़ेशन, एयर डॉमिनेंस, नेवल कैपेबिलिटी बढ़ाने और मिलिट्री सैलरी पर खर्च किया जा रहा है। अपनी ग्लोबल मिलिट्री प्रेजेंस की वजह से, US का दुनिया में सबसे बड़ा डिफेंस बजट है।

चीन

चीन दूसरे नंबर पर है, जिसका डिफेंस बजट लगभग $303 बिलियन है। चीन ने अपने बजट में 7.2 परसेंट की बढ़ोतरी की है। इसका एक बड़ा हिस्सा मिलिट्री मॉडर्नाइज़ेशन, नेवल एक्सपेंशन और टेक्नोलॉजिकल कैपेबिलिटी को मज़बूत करने में इन्वेस्ट किया जा रहा है। अमेरिका और आस-पास के देशों के साथ बढ़ते तनाव के बीच चीन लगातार अपना डिफेंस खर्च बढ़ा रहा है।

रूस

रूस तीसरे नंबर पर है। रूस का डिफेंस बजट लगभग $212.64 बिलियन होने का अनुमान है। रूस डिफेंस खर्च से जुड़ी जानकारी बहुत कम बताता है, लेकिन एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि उसने अपने बजट में लगभग 3.4 परसेंट की बढ़ोतरी की है। यूक्रेन युद्ध के बाद से रूस का मिलिट्री खर्च चर्चा में रहा है।

जर्मनी

जर्मनी चौथे नंबर पर है, जिसका डिफेंस बजट लगभग $127.4 बिलियन है। जर्मनी 2025 तक अपने डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ी से मॉडर्न बना रहा है। इसका लक्ष्य GDP के 2 परसेंट के NATO के डिफेंस खर्च स्टैंडर्ड को पूरा करना और अपनी आर्म्ड फोर्सेज़ की ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाना है।

भारत

भारत पांचवें नंबर पर है। भारत का डिफेंस बजट लगभग $109 बिलियन है, जो पिछले साल के मुकाबले 9.53 परसेंट ज़्यादा है। यह कुल सेंट्रल बजट का लगभग 13.45 परसेंट है। भारत अपने डिफेंस बजट का एक बड़ा हिस्सा मिलिट्री मॉडर्नाइज़ेशन, देसी हथियारों की खरीद और “आत्मनिर्भर भारत” पहल के तहत घरेलू डिफेंस प्रोडक्शन को बढ़ावा देने पर खर्च कर रहा है।

यूनाइटेड किंगडम

यूनाइटेड किंगडम छठे स्थान पर है, जिसका डिफेंस बजट लगभग $88.53 बिलियन है, जो इसकी GDP का लगभग 2.26 प्रतिशत है। यूरोप में बढ़ते सिक्योरिटी खतरे के जवाब में, ब्रिटेन लगातार अपनी मिलिट्री ताकत बढ़ा रहा है और 2035 तक अपने डिफेंस बजट को GDP के 3.5 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है।

फ्रांस

फ्रांस सातवें स्थान पर है, जिसका डिफेंस बजट लगभग $67.23 बिलियन है, जो इसकी GDP का 2.02 प्रतिशत है। यूरोप में बढ़ते सिक्योरिटी खतरे के जवाब में, फ्रांस कई बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है, जिसमें एयरक्राफ्ट कैरियर और वॉरशिप बनाना शामिल है।

सऊदी अरब

सऊदी अरब आठवें स्थान पर है, जिसका डिफेंस बजट लगभग $63.99 बिलियन है। सऊदी अरब अपनी मिलिट्री को मॉडर्नाइज़ करने और रीजनल सिक्योरिटी को मज़बूत करने पर फोकस कर रहा है। इसका लक्ष्य 2030 तक अपने रक्षा खर्च का 50 प्रतिशत से ज़्यादा लोकलाइज़ करना है, और एयरोस्पेस, आर्मर्ड गाड़ियों और ड्रोन टेक्नोलॉजी में घरेलू क्षमताएं डेवलप करना है।

जापान

जापान नौवें स्थान पर है, जिसका डिफेंस बजट लगभग $58 बिलियन है। चीन, नॉर्थ कोरिया और रूस से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के कारण, जापान ने हाल के सालों में अपने डिफेंस खर्च में काफी बढ़ोतरी की है, खासकर मिसाइल डिफेंस और समुद्री सुरक्षा पर ध्यान दिया है।

ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया दसवें स्थान पर है, जिसका डिफेंस बजट लगभग $57.35 बिलियन है। साउथ चाइना सी में चीन से लगातार खतरे का सामना करते हुए, ऑस्ट्रेलिया अपनी मिलिट्री क्षमताओं को तेज़ी से अपग्रेड कर रहा है। यह ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मिसाइल टेक्नोलॉजी में काफी निवेश कर रहा है। कुल मिलाकर, ग्लोबल अस्थिरता और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों ने डिफेंस बजट को देशों की प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर पहुंचा दिया है। आने वाले सालों में मिलिट्री मॉडर्नाइजेशन और टेक्नोलॉजिकल इन्वेस्टमेंट के कारण इन बजट में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

मेक्सिको में ड्रग माफिया के खिलाफ एक्शन के बाद तनाव, भारतीय दूतावास ने जारी किया अलर्ट…

0

मेक्सिको के सबसे बड़े ड्रग माफिया एल मेंचो को मेक्सिकन सिक्योरिटी फोर्स ने मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद कई राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले।

इन सबके बीच मेक्सिको में भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है।

मेक्सिको में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मेक्सिको में सभी भारतीय नागरिकों को प्यार: सिक्योरिटी ऑपरेशन चल रहे हैं और उनकी वजह से सड़कें जाम हैं और आपराधिक गतिविधि हो रही है। इसलिए जलिस्को स्टेट (प्यूर्टो वालार्टा, चपाला और ग्वाडलहारा के इलाके), तमाउलिपास स्टेट (रेनोसा और दूसरी म्युनिसिपैलिटी के इलाके), मिचोआकन स्टेट, गुएरेरो स्टेट और न्यूवो लियोन स्टेट के इलाकों में रहने वाले भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक वहीं रहना चाहिए।”

भारतीय लोगों को दूतावास ने निर्देश दिए हैं, “ये काम करें: कानून लागू करने वाली गतिविधि वाले इलाकों में जाने से बचें, अपने आस-पास का ध्यान रखें, घर में रहें और बाहर गैर-जरूरी गतिविधि कम करें। अपडेट के लिए स्थानीय मीडिया पर नजर रखें।”

इसके साथ ही भारतीय दूतावास ने मदद के लिए नंबर भी जारी किया और कहा, “स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें और इमरजेंसी में 911 पर कॉल करें। भीड़ से बचें। अपने परिवार और दोस्तों को फोन, टेक्स्ट और सोशल मीडिया के जरिए अपनी लोकेशन और सेहत के बारे में बताते रहें। मदद के लिए कृपया भारतीय दूतावास से +52 55 4847 7539 पर संपर्क करें।”

इसके अमेरिकी विदेश विभाग ने भी अपने लोगों को लेकर अलर्ट और संपर्क के लिए टेलीफोन नंबर जारी किया है। यूएएस और कनाडा से कॉल करने वालों के लिए 1-888-407-4747 और मेक्सिको समेत विदेश से कॉल करने वालों के लिए +1 202-501-4444 नंबर जारी किया गया है।

बता दें, अमेरिका लंबे समय से मेक्सिको पर ड्रग तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार दबाव बना रहा है। ऐसे में इस कार्रवाई ने सबका ध्यान खींचा है। बीते कुछ महीनों में अमेरिकी सरकार ने मैक्सिको पर कार्टेल के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का दबाव डाला है। हालांकि, मैक्सिकन नेताओं ने सीधे तौर पर अमेरिकी सैन्य दखल से इनकार कर दिया था।