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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नर्मदा अवॉर्ड से जुड़े लंबित भुगतान विवाद का ऐतिहासिक समाधान…

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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नर्मदा अवॉर्ड से जुड़े लंबित भुगतान विवाद का ऐतिहासिक समाधान निकल आया। नई दिल्ली में आयोजित बैठक में मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान ने वर्षों से लंबित भुगतान के अंतिम निपटान पर सहमति जताते हुए समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल भी मौजूद रहे।

बैठक में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान केन्द्र सरकार और चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

नर्मदा अवॉर्ड भुगतान विवाद का वन टाइम सेटलमेंट

यह समझौता सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण लागत के साझाकरण से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। चारों राज्यों के बीच लंबित वित्तीय देनदारियों का अंतिम समाधान वन टाइम सेटलमेंट (One-Time Settlement) के जरिए किया गया है। इस फैसले के बाद परियोजना से जुड़े भुगतान संबंधी वर्षों पुराने विवाद का स्थायी समाधान हो गया है, जिससे राज्यों के बीच समन्वय और सहयोग को नई मजबूती मिलेगी।

अमित शाह बोले- वर्षों पुराना विवाद सौहार्द से सुलझा

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच नर्मदा अवॉर्ड भुगतान को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था, जिसका अब आपसी सहमति से समाधान हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई राज्यों में डबल इंजन सरकार बनने से राज्यों के बीच बेहतर तालमेल विकसित हुआ है, जिससे राजनीतिक मतभेद कम हुए हैं और लंबे समय से लंबित कई विवादों का तेजी से समाधान संभव हो रहा है।

सरदार सरोवर परियोजना से कई राज्यों को मिला बड़ा लाभ

अमित शाह ने इस महत्वपूर्ण समझौते के लिए मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों की रचनात्मक भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरदार सरोवर परियोजना का सबसे अधिक लाभ मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान को मिला है। बांध के पूरा होने के बाद इन राज्यों के कई इलाकों तक सिंचाई का पानी और बिजली पहुंची है।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि राजस्थान को भले ही परियोजना का हिस्सा छोटा दिखाई देता हो, लेकिन जिन क्षेत्रों तक नर्मदा का पानी पहुंचा है वहां खेती की तस्वीर बदल गई है। इससे किसानों की आय बढ़ी है और जमीन की कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

जल विवादों के समाधान पर केन्द्र सरकार का जोर

गृह मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल के नेतृत्व में राज्यों के बीच जल बंटवारे और जल संसाधनों से जुड़े विवादों को चरणबद्ध तरीके से सुलझाया जा रहा है। उन्होंने हाल ही में हरियाणा और राजस्थान के बीच जल विवाद के समाधान का उल्लेख करते हुए कहा कि किशाऊ बांध परियोजना सहित कई पुराने मामलों में भी सकारात्मक प्रगति हुई है। उनके अनुसार ये सभी उदाहरण सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करते हैं।

राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने की अपील

अमित शाह ने कहा कि पानी किसी एक राज्य का नहीं बल्कि पूरे देश के लोगों और विशेष रूप से किसानों के हित से जुड़ा विषय है। चाहे जल का उपयोग किसी भी राज्य में हो, उसका लाभ अंततः देश के नागरिकों को ही मिलता है। उन्होंने कहा कि राज्यों को किसी भी विवाद का समाधान करते समय राष्ट्रीय हित और उससे होने वाले संभावित नुकसान को ध्यान में रखना चाहिए। यदि कोई पड़ोसी राज्य विकास करता है तो उसका सकारात्मक प्रभाव आसपास के राज्यों पर भी पड़ता है। इसी सोच के साथ सभी राज्यों को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।

“Jio दे रहा है बिना पैसे बढ़ाए Extra Data? ₹459 से ₹545 तक के प्लान्स में मिलेगा 5GB Extra Data”

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Jio Recharge Plans: अगर आप जियो का नया रिचार्ज कराने की सोच रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। रिलायंस जियो अपने कुछ चुनिंदा प्रीपेड प्लान्स में बिना कीमत बढ़ाए अतिरिक्त हाई-स्पीड डेटा दे रहा है।

यानी जितने रुपये में पहले रिचार्ज होता था, अब उसी कीमत में ज्यादा इंटरनेट का फायदा मिल सकता है। खास बात यह है कि ये सभी प्लान 900 रुपये से कम के हैं, इसलिए ज्यादा डेटा इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए यह ऑफर काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

₹459 से ₹545 तक के प्लान्स में मिलेगा 5GB Extra Data

जियो के ₹459 वाले प्लान में 28 दिनों की वैधता के साथ रोज 2GB डेटा, अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और 100 SMS प्रतिदिन मिलते हैं। इसके अलावा कंपनी 5GB अतिरिक्त डेटा भी दे रही है, जिससे कुल डेटा 61GB हो जाता है। योग्य यूजर्स को अनलिमिटेड 5G और Jio Hotstar का एक्सेस भी मिलता है।

₹495 वाले प्लान में 28 दिन की वैधता, रोज 1.5GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग, 100 SMS और 5GB अतिरिक्त डेटा शामिल है।

वहीं ₹545 के प्लान में रोज 2GB डेटा, 5GB एक्स्ट्रा डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग, 100 SMS और 28 दिनों की वैधता मिलती है। इसमें भी योग्य ग्राहकों को अनलिमिटेड 5G का लाभ दिया जा रहा है।

लंबी वैधता वाले प्लान्स में 20GB तक अतिरिक्त डेटा

अगर आप लंबे समय की वैधता चाहते हैं, तो ₹749 का प्लान बेहतर विकल्प हो सकता है। इसमें 72 दिनों की वैधता, रोज 2GB डेटा और 20GB अतिरिक्त डेटा मिलता है। साथ ही अनलिमिटेड कॉलिंग, 100 SMS प्रतिदिन और JioHotstar Mobile सहित अन्य डिजिटल बेनिफिट्स भी शामिल हैं।

₹899 वाले प्लान में 90 दिनों की वैधता के साथ रोज का डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग, 100 SMS और 20GB अतिरिक्त डेटा दिया जा रहा है। ज्यादा इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए यह प्लान काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

रिचार्ज से पहले अपनी जरूरत जरूर समझें

अगर आपकी इंटरनेट खपत ज्यादा है, तो एक्स्ट्रा डेटा वाले ये प्लान अलग से डेटा वाउचर खरीदने की जरूरत कम कर सकते हैं। वहीं कम वैधता और लंबी वैधता वाले प्लान्स में अपनी जरूरत के हिसाब से चुनाव करना ज्यादा समझदारी होगी। रिचार्ज करने से पहले प्लान में मिलने वाले डेटा, वैधता और अतिरिक्त बेनिफिट्स की तुलना जरूर करें।सही प्लान चुनकर आप बिना अतिरिक्त खर्च किए ज्यादा इंटरनेट का लाभ उठा सकते हैं।

Pencil Pen Holder Designs : किड्स के लिए पेंसिल-पेन होल्डर स्टैंड, बर्थडे गिफ्ट में दें 9 फैंसी डिजाइंस…

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Fancy Pencil Pen Holder Stand Designs for Kids Birthday Gift:

अगर आप किसी बच्चे के जन्मदिन पर ऐसा गिफ्ट देना चाहते हैं जो खूबसूरत होने के साथ-साथ उपयोगी भी हो, तो फैंसी पेंसिल-पेन होल्डर एक बेहतरीन ऑप्शन है।

यहां देखें बेस्ट पेन-पेसिंल डिजाइंस।

बच्चों का बर्थडे हो या कोई खास मौका, उन्हें ऐसा गिफ्ट देना सबसे अच्छा माना जाता है जो देखने में अट्रैक्टिव होने के साथ-साथ रोजमर्रा के काम भी आए। पेंसिल-पेन होल्डर ऐसा ही एक गिफ्ट है, जो बच्चों की स्टडी टेबल को व्यवस्थित रखने के साथ उनकी पढ़ाई में भी रुचि बढ़ाता है। आजकल बाजार में कार्टून, एनिमल, स्पेस और मल्टीफंक्शनल डिजाइंस वाले कई स्टाइलिश पेन होल्डर उपलब्ध हैं, जिन्हें बच्चे काफी पसंद करते हैं। अगर आप भी किसी बच्चे के लिए यूनिक और यूजफुल गिफ्ट तलाश रहे हैं, तो ये लेटेस्ट डिजाइंस आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन हो सकते हैं।

DIY EASY AND CUTE HOMEMADE PEN HOLDER / Paper Pencil Stand / SCHOOL Supplies / Paper Pen Stand

सिंपल लेकिन मॉडर्न लुक पसंद करने वाले बच्चों के लिए ट्रांसपेरेंट एक्रेलिक पेन होल्डर अच्छा विकल्प है। इसकी पारदर्शी बॉडी की वजह से अंदर रखी सभी स्टेशनरी आसानी से दिखाई देती है, जिससे जरूरत का सामान तुरंत मिल जाता है। यह डिजाइन खासतौर पर टीनएजर्स और मिडिल स्कूल के बच्चों को पसंद आता है।

Awesome Kids Pen Holder Craft idea | Easy Pen Pencil Holder DIY- Paper Craft

LED लाइट वाला पेन होल्डर: आजकल LED डेस्क लैंप के साथ आने वाले पेन होल्डर काफी ट्रेंड में हैं। इनमें मोबाइल स्टैंड और छोटे स्टेशनरी कंपार्टमेंट भी मिल जाते हैं। पढ़ाई के समय यह लाइट का काम करता है और बाकी समय स्टडी टेबल को मॉडर्न लुक देता है।

Pen Holder Craft Ideas ✏️ | Easy DIY Pen Stand Making | Best Waste Material Crafts

छोटे बच्चों को कार्टून कैरेक्टर वाली चीजें सबसे ज्यादा पसंद आती हैं। मिकी माउस, डोरेमोन, स्पाइडरमैन, यूनिकॉर्न या मिनियंस थीम वाले पेन होल्डर उनकी स्टडी टेबल को रंगीन और आकर्षक बना देते हैं। यह डिजाइन प्री-स्कूल और प्राइमरी क्लास के बच्चों के लिए अच्छा विकल्प है।

9 Kids pen stand ideas | pen, crafts, diy holder

क्यूट हाउस या कैसल शेप पेन होल्डर: घर या महल (कैसल) की आकृति में बने पेन होल्डर बच्चों की स्टडी टेबल को आकर्षक बना देते हैं। इनमें कई छोटे-छोटे सेक्शन होते हैं, जहां पेन, पेंसिल और अन्य स्टेशनरी को अलग-अलग रखा जा सकता है। अगर आप किसी बच्चे को यूनिक और डेकोरेटिव गिफ्ट देना चाहते हैं, तो यह डिजाइन बेहतरीन रहेगा।

LACUM® 's Kids DIY वुडन पेन स्टैंड क्राफ्ट सेट, वुडन पेन होल्डर मेकिंग किट, रिटर्न गिफ्ट आइडिया (3 का पैक) : Amazon.in: कार्यालय का सामान

पांडा, भालू, खरगोश, डायनासोर या हाथी की शेप में बने पेन होल्डर बच्चों के कमरे को क्यूट लुक देते हैं। ये सिर्फ स्टेशनरी रखने के लिए ही नहीं, बल्कि स्टडी टेबल की सजावट के लिए भी शानदार माने जाते हैं।

AccuPrints क्यूट एस्ट्रोनॉट पेन पेंसिल होल्डर, ऑफिस डेस्क ऑर्गनाइज़र के लिए पेन स्टैंड, बच्चों के लिए क्रिएटिव पेन कप ऑर्गनाइज़र, डेस्क, स्कूल ...

DIY और क्राफ्ट स्टाइल पेन होल्डर: अगर बच्चा क्रिएटिव एक्टिविटी पसंद करता है, तो DIY पेन होल्डर किट एक शानदार गिफ्ट हो सकती है। इसमें बच्चा खुद रंग भरकर या स्टिकर्स लगाकर अपना पेन होल्डर तैयार कर सकता है। इससे उसकी क्रिएटिविटी और फाइन मोटर स्किल्स डेवलप होती हैं।

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अगर बच्चा पढ़ाई के दौरान पेंसिल, पेन, स्केल, मार्कर और कैंची जैसी कई चीजें इस्तेमाल करता है, तो रोटेटिंग पेन होल्डर काफी काम आता है। इसमें अलग-अलग सेक्शन बने होते हैं, जिससे हर स्टेशनरी आइटम अपनी जगह पर रखा जा सकता है। घूमने वाला डिजाइन बच्चों को भी काफी पसंद आता है।

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लेटेस्ट वुडन पेन होल्डर डिजाइन: प्रीमियम लुक के लिए वुडन पैटर्न वाला पेन होल्डर चुन सकते हैं इसमें डिजिटल या एनालॉग घड़ी लगी भी मिल जाती है। इससे बच्चे समय देखकर अपनी पढ़ाई बेहतर तरीके से प्लान कर सकते हैं। यह डिजाइन 8 साल से बड़े बच्चों के लिए अच्छा ऑप्शन है।

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यह सिर्फ पेन रखने के लिए नहीं, बल्कि पूरी स्टेशनरी को बैलेंस्ड रखने के लिए बनाया जाता है। इसमें पेंसिल, स्केल, इरेजर, शार्पनर, नोटपैड और पेपर क्लिप्स रखने के लिए अलग-अलग कंपार्टमेंट होते हैं। अगर बच्चा रोजाना पढ़ाई करता है, तो यह मल्टीफंक्शनल डिजाइन उसके लिए बेहद यूजफुल साबित होगा।

ई-20 फ्यूल के इस्तेमाल को लेकर चिंताओं पर 29 ऑटो निर्माता कंपनियों को पत्र लिखा…

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आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने पुरानी गाड़ियों में ई-20 फ्यूल के इस्तेमाल को लेकर चिंताओं पर 29 ऑटो निर्माता कंपनियों को पत्र लिखा है।

राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने तीन कंपनियों- मारुति, टोयोटा और हीरो को अलग-अलग पत्र भेजे हैं, जिन्होंने पहले एक सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि ई-20 फ्यूल से पुरानी गाड़ियों में कोई समस्या नहीं होगी। केजरीवाल ने कहा, “आज मैंने 29 ऑटो निर्माता कंपनियों को पत्र लिखा है। मैंने तीन कंपनियों- मारुति, टोयोटा और हीरो को अलग-अलग पत्र भेजे हैं, जिन्होंने एक सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि ई-20 फ्यूल से पुरानी गाड़ियों में कोई समस्या नहीं होगी। मैंने इन तीन कंपनियों को बताया है कि वे अपनी ओनर मैनुअल में यह साफ तौर पर लिखें कि पुरानी गाड़ियों में ई-10 से ज्यादा इथेनॉल वाले फ्यूल का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।”

केजरीवाल ने कंपनियों से पूछे दो सवाल

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कंपनियों से दो खास सवाल पूछे हैं। केजरीवाल ने पूछा, “तो, मैंने उनसे दो सवाल पूछे हैं: अगर ई-20 के इस्तेमाल से माइलेज में पांच प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आती है या किसी कंपोनेंट को नुकसान होता है, तो क्या मुआवजा दिया जाएगा? उन्हें जनता को बताना चाहिए कि क्या 2023 से पहले बनी उनकी गाड़ियों में ई-20 का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर हां, तो माइलेज की समस्या या किसी कंपोनेंट के खराब होने की स्थिति में, क्या कंपनी नुकसान की भरपाई करेगी?”

पुरी ने आरोपों को ‘गलतबयानी’ बताया

इससे पहले, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा था कि ई-20 फ्यूल से ग्राहकों को होने वाली समस्याओं की खबरें “गलतबयानी” हैं, और इस बात पर जोर दिया कि उच्च ई-25 मिश्रण की ओर कदम केवल परीक्षण पूरे होने और वाहन निर्माताओं के साथ चर्चा के बाद ही उठाया जाएगा।

20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल को लेकर हुए विवाद को खारिज करते हुए पुरी ने कहा कि कार निर्माताओं और उपभोक्ताओं दोनों ने इस फ्यूल को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, “वाहन निर्माता, साथ ही इन वाहनों की सर्विस करने वाले लोग, सभी कहते हैं कि कोई कठिनाई नहीं है। यह अचानक इतनी दिलचस्पी क्यों?” उन्होंने कहा, “यह एक गलतबयानी है और मैं इससे ज्यादा कड़े शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहता।”

मंत्री ने उल्लेख किया कि भारत धीरे-धीरे इथेनॉल मिश्रण बढ़ा रहा है। “हम पिछले साढ़े तीन साल से ई-15 का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम पिछले साल अप्रैल से ई-20 पर हैं। अप्रैल 2025 से अप्रैल 2026 तक, यह पहले ही एक साल हो चुका है, और अब हम उससे पांच महीने और आगे हैं,” उन्होंने कहा।

पुरी के अनुसार, वर्तमान में 20 करोड़ दोपहिया और 20 लाख चार पहिया वाहन इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल पर चल रहे हैं। उन्होंने कहा, “कार निर्माता ई-20 के साथ सहज हैं। उनमें से हर एक ने इस संबंध में बयान दिया है। उपभोक्ता भी उत्पाद की सराहना करते हैं।”

E25 पर सरकार नहीं करेगी जल्दबाजी

ई-25 पर जाने की मांगों पर, पुरी ने कहा कि सरकार इस फैसले में जल्दबाजी नहीं कर रही है। “अगर कोई ई-25 का सुझाव दे रहा है, तो हमने यह स्पष्ट कर दिया है कि हम परीक्षण कर रहे हैं। उन परीक्षणों में समय लगेगा। एक बार रिपोर्ट उपलब्ध हो जाने पर, हम उनका मूल्यांकन करेंगे। फिर हम हितधारकों और वाहन निर्माताओं के साथ निष्कर्षों पर चर्चा करेंगे। आखिरकार, मैं न तो कार बनाता हूं और न ही फ्यूल,” उन्होंने कहा।

मंत्री ने ई-85 के रोलआउट पर भी जानकारी दी और कहा कि यह अभी शुरू ही हुआ है। उन्होंने कहा, “हमने अभी ई-85 का रोलआउट शुरू किया है, और उस रोलआउट में कुछ समय लगेगा क्योंकि नए पेट्रोल पंप और संबंधित बुनियादी ढांचे को स्थापित करने की जरूरत है।”

सरकार अपने इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल कार्यक्रम के तहत आयात निर्भरता में कटौती करने और किसानों का समर्थन करने के लिए देश भर में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य रख रही है। पुरी ने कहा कि यह बदलाव तकनीकी डेटा और उद्योग की प्रतिक्रिया के आधार पर चरणों में आगे बढ़ रहा है।

200 से शुरू करें ये छोटा बिजनेस, हर महीने होगी बंपर कमाई!

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आज के समय में हर कोई एक्स्ट्रा इनकम (Extra Income) कमाना चाहता है, लेकिन जब भी अपना काम शुरू करने की बात आती है, तो सबसे बड़ा रोड़ा बजट बन जाता है। लोग सोचते हैं कि बिजनेसर शुरू करने के लिए हजारों-लाखों रुपये चाहिए।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ 200 रुपए की मामूली रकम से भी एक ऐसा बिजनेस शुरू किया जा सकता है, जो आपको हर महीने रेगुलर कमाई करके दे? आज हम आपको एक ऐसे ही एवरग्रीन और हाई-डिमांड छोटे बिजनेस (Small Business Idea) के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे आप अपने घर के एक छोटे से कोने से शुरू कर सकते हैं और बाद इसे बड़े कारोबार में बदल सकते हैं।

तुलसी के पौधों का बिजनेस (Tulsi Plant Nursery Business)

तुलसी के पौधों की नर्सरी और सप्लाई का काम सिर्फ 200 रुपए के निवेश में शुरू होने वाले सबसे बेहतरीन और पवित्र बिजनेस में से एक है। भारतीय संस्कृति में तुलसी के पौधे का धार्मिक, आध्यात्मिक और औषधीय (Medicinal) महत्व बहुत ज्यादा है। हर हिंदू घर के आंगन में आपको तुलसी का पौधा जरूर मिलेगा। यही वजह है कि इसकी डिमांड साल के 365 दिन बनी रहती है।

200 रुपए में कैसे शुरू होगा बिजनेस?

इस बिजनेस को शुरू करने की लागत इतनी कम है कि कोई भी आसानी से कर सकता है। किसी भी लोकल बीज भंडार या ऑनलाइन स्टोर से आपको 50 से 70 रुपए में हाई क्वॉलिटी वाले तुलसी के सैकड़ों बीज (Seeds) मिल जाएंगे। नर्सरी वाले काले छोटे प्लास्टिक बैग्स (Grow Bags) थोक के भाव में मात्र 50 पैसे से 1 रुपए पीस मिलते हैं। 50 रुपए में आपको 50 से 80 बैग्स मिल जाएंगे। अपने आसपास के किसी बगीचे या खेत से मिट्टी ले आएं। इसमें मिलाने के लिए 50-60 रुपए की गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट (Vermicompost) खरीद लें। इस तरह आपका कुल निवेश सिर्फ 170 से 200 रुपए हुए।

बिजनेस शुरू करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

पौध तैयार करें (Germination)

छोटे ग्रो बैग्स में खाद और मिट्टी का सही मिश्रण भरें। हर बैग में 2-3 तुलसी के बीज डालें और हल्का सा पानी छिड़कें। इन्हें ऐसी जगह रखें जहां हल्की धूप आती हो।

पौधों की देखभाल (Plant Care)

जब पौधे 4-5 इंच के हो जाएं, तो खराब पत्तियों को हटा दें। नियमित रूप से और सीमित मात्रा में पानी देते रहें। एक महीने के अंदर आपका पौधा बेचने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा।

ब्रांडिंग और पैकेजिंग (Branding and Packaging)

अपने पौधों को आकर्षक दिखाने के लिए ग्रो बैग्स को साफ रखें। आप चाहें तो इन पर छोटे-छोटे धार्मिक या हेल्थ बेनिफिट्स वाले कोट्स के स्टिकर लगा सकते हैं, जो कस्टमर्स को अट्रैक्ट करते हैं।

मार्केटिंग और सेल (Marketing and Sales)

अपने तैयार पौधों को बेचने के लिए डेली बेसिस पर लोकल सोसाइटियों, मंदिरों के बाहर खासकर किसी खास दिन या फेस्टिवल पर और लोकल नर्सरी वालों से संपर्क करें।

कितनी होगी कमाई, कितना प्रॉफिट?

मान लीजिए आपने 200 रुपए में 60 से 70 पौधे तैयार किए। बाजार में एक स्वस्थ तुलसी का पौधा आराम से 30 से 50 रुपए में बिक जाता है। अगर आप कम से कम 35 रुपए में भी एक पौधा बेचते हैं, तो 60 पौधों से आपकी कुल कमाई 2,100 रुपए तक हो सकती है। यानी सिर्फ 200 रुपए लगाकर आप 10 गुना से ज्यादा का प्रॉफिट कमा सकते हैं। जैसे-जैसे आपका एक्सपीरिएंस बढ़ेगा, आप राम तुलसी, श्याम तुलसी, वन तुलसी और कपूर तुलसी जैसी अलग-अलग वैरायटी उगाकर अपने इस छोटे से काम को एक बड़ी होम-नर्सरी में बदल सकते हैं। सोसाइटियों में बल्क सप्लाई करके आप हर महीने 15,000 से 20,000 रुपए की पार्ट-टाइम इनकम आसानी से बना सकते हैं।

कमाई बढ़ाने के टिप्स

आप इन पौधों को सिर्फ ऑफलाइन ही नहीं, बल्कि अपने लोकल फेसबुक ग्रुप्स और वॉट्सऐप स्टेटस के जरिए होम डिलीवरी (Home Delivery) के ऑप्शन के साथ प्रमोट कर सकते हैं। लोग अपने घरों के लिए फ्रेश पौधे तुरंत खरीद सकते हैं। इससे आपकी ऑनलाइन कमाई भी शुरू हो सकती है। इसके अलावा आप तुलसी की पत्तियां, माला बेचकर भी मोटी कमाई कर सकते हैं।

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी बिकवाली ने निवेशकों को बड़ा झटका…

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“कुछ घंटों में साफ हो गए 9 लाख करोड़ रुपये! जानिए शेयर बाजार क्यों टूटा”

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी बिकवाली ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया। कुछ ही घंटों के कारोबार में निवेशकों की करीब 9 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति घट गई।

सेंसेक्स 1,700 अंक से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 24,000 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे सिर्फ घरेलू कारण नहीं, बल्कि मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत भी जिम्मेदार रहे।

सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट, सभी सेक्टर दबाव में”

दोपहर करीब 2 बजे सेंसेक्स 1,700 अंक से ज्यादा टूटकर 76,472.78 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी50 में 438 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर करीब 471 लाख करोड़ रुपये रह गया।

हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंटरग्लोब एविएशन, मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और भारती एयरटेल जैसे बड़े शेयरों में 2 से 4 फीसदी तक गिरावट रही। वहीं निफ्टी बैंक, FMCG और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी 2 फीसदी से अधिक टूट गए।

आखिर शेयर बाजार क्यों टूटा? समझिए 5 बड़े कारण”

इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर दिया गया बयान माना जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ अंतरिम सीजफायर समझौता खत्म हो गया है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई।

तनाव बढ़ने के साथ ही ब्रेंट क्रूड करीब 5 फीसदी चढ़कर 78 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। होर्मुज स्ट्रेट के जरिए तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी। इसके अलावा यूरोप, एशिया और अमेरिका के बाजारों से मिले कमजोर संकेत, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया।

अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और रुपये की चाल पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी। ऐसे समय में घबराकर फैसले लेने के बजाय निवेशकों को लंबी अवधि की रणनीति अपनानी चाहिए और वैश्विक घटनाक्रम पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

अगर भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता है, तो बाजार में उतार-चढ़ाव कुछ समय तक जारी रह सकता है। वहीं हालात सामान्य होने पर बाजार में रिकवरी की संभावना भी बनी रहेगी।

PPF क्या है? PPF में पैसा लगाना कितना फायदेमंद है?

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PPF क्या है? PPF में पैसा लगाना कितना फायदेमंद है? PPF में 2 हजार मंथली इन्वेस्ट पर मेच्योरिटी अमाउंट क्या होगा?

Public Provident Fund:

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई इनकम का कुछ पार्ट फ्यूचर के लिए सेव करना चाहता है। सवाल उठता है, इन्वेस्ट कहां करें, जहां रिस्क कम हो और सेविंग्स भी बढ़ती रहे।

इसके लिए PPF अच्छा ऑप्शन माना जाता है। जानिए PPF की हर डिटेल्स

PPF क्या है और कैसे काम करता है?

PPF यानी Public Provident Fund केंद्र सरकार की एक लॉन्ग टर्म सेविंग स्कीम है। इसका मकसद लोगों को सिक्योर इन्वेस्टमेंट के साथ फ्यूचर के लिए सेविंग्स करने का मौका देना है। इस स्कीम में जमा पैसे पर सरकार की गारंटी होती है। इसलिए इसे कम रिस्क वाला ऑप्शन माना जाता है। PPF अकाउंट बैंक या पोस्ट ऑफिस (Post Office) में ओपन करवाया जा सकता है। इसमें हर फाइनेंसियल ईयर के दौरान फिक्स टाइम के अंदर पैसा जमा किया जा सकता है। जमा अमाउंट पर सरकार द्वारा घोषित इंट्रेस्ट मिलता है। यह ब्याज समय-समय पर घटता-बढ़ता रहता है। इसकी मैच्योरिटी 15 साल होती है। जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

PPF में इन्वेस्ट करने के फायदे

सेफ इन्वेस्टमेंट

यह केंद्र सरकार की स्कीम है, इसलिए इसमें जमा पैसों की सुरक्षा को लेकर कस्टमर का भरोसा बाकियों की अपेक्षा ज्यादा रहता है।

लॉन्ग टर्म सेविंग

15 साल का टाइम होने के कारण यह फ्यूचर की जरूरतों जैसे बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट या बड़े फाइनेन्सियल टारगेट के लिए फायदेमंद हो सकता है।

टैक्स में भी मिलता है बेनिफिट

PPF को उन इन्वेस्टमें ऑप्शन के तौर पर देखा जाता है, जहां इनकम टैक्स के तहत कुछ फायदा मिलता है।

कंपाउंड ब्याज का फायदा

PPF में मिलने वाले ब्याज पर ब्याज मिलता है। लॉन्ग टर्म में इस कंपाउंड का असर सेविंग्स को बढ़ाने में जरूरी भूमिका निभाता है।

PPF अकाउंट कौन खोल सकता है, क्या ये सभी के लिए है?

कोई नागरिक अपने नाम से PPF अकाउंट ओपन कर सकता है। बच्चों के नाम पर माता-पिता अकाउंट खुलवा सकते हैं। हालांकि, इससे जुड़े नियम समय-समय पर बदलते रहते हैं। इसकी डिटेल जानकारी नजदीकी बैंक या पोस्ट ऑफिस जाकर पता कर सकते हैं। अगर आपका टारगेट कम रिस्क के साथ लॉन्ग टर्म सेविंग्स करना है, तो PPF बेहतर ऑप्शन हो सकता है। लेकिन अगर कम टाइम में ज्यादा रिटर्न चाहिए तो अदर ऑप्शन को भी देखा जा सकता है।

PPF अकाउंट खोलने के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए

सेविंग्स बैंक अकाउंट (अधिकांश बैंक में PPF खोलने के लिए)

  1. आधार कार्ड
  2. PAN कार्ड
  3. पासपोर्ट साइज फोटो
  4. मोबाइल नंबर
  5. ईमेल आईडी (ऑप्शनल)

PPF की कुछ शर्तें

  • मिनिमम डिपोजिट: ₹500 हर साल
  • मैक्सिमम डिपोजिट: ₹1.5 लाख हर साल
  • लॉक-इन टाइम: 15 साल

PPF में 2000 रु. मंथली जमा करने पर मेच्योरिटी अमाउंट क्या होगा?

अगर 15 साल तक ₹2,000 मंथली PPF में जमा किया जाए तो जानें कितनी होगी मेच्योरिटी राशि। बता दें जुलाई-सितंबर 2026 के लिए सरकार ने PPF की ब्याज दर 7.1% रखा है।

  • मंथली- ₹2,000
  • सालाना – ₹24,000
  • 15 साल में कुल जमा अमाउंट – ₹3,60,000
  • अनुमानित मैच्योरिटी अमाउंट- लगभग ₹6.4 लाख
  • अनुमानित इंट्रेस्ट- लगभग ₹2.8 लाख

Vegetables: 15-20 दिनों में तैयार हो जाएगी ये सब्जियां, घर में बनाएं मिनी वेजिटेबल गार्डन…

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अगर आपके घर में छोटा-सा बैकयार्ड, खाली कोना या थोड़ी सी खुली जगह है, तो आप वहां अपना मिनी वेजिटेबल गार्डन तैयार कर सकते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि कुछ ऐसी सब्जियां भी होती हैं जो केवल 15 से 20 दिनों में तैयार होने लगती हैं।

इससे न केवल ताजी और ऑर्गेनिक सब्जियां मिलती हैं, बल्कि गार्डनिंग का आनंद भी दोगुना हो जाता है। आज हम आपको ऐसी जल्दी बढ़ने वाली सब्जियों के बारे में बताएंगे, जिन्हें आप अपने बैकयार्ड में आसानी से उगा सकते हैं। आजकल बाजार में मिलने वाली सब्जियों में केमिकल और पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल आम हो गया है। ऐसे में घर पर उगाई गई सब्जियां ज्यादा सेफऔर ताजी होती हैं। इसके अलावा, गार्डनिंग तनाव कम करने और प्रकृति के करीब रहने का शानदार तरीका भी है। थोड़ी-सी जगह और नियमित देखभाल से आप अपने परिवार के लिए रोजाना ताजी सब्जियां उगा सकते हैं।

15-20 दिनों में तैयार हो जाएगी मेथी

मेथी सबसे तेजी से बढ़ने वाली हरी सब्जियों में से एक है। इसके बीज सीधे मिट्टी में बोए जा सकते हैं और कुछ ही दिनों में अंकुर निकल आते हैं। लगभग 15 से 20 दिनों के भीतर इसकी कोमल पत्तियां कटाई के लिए तैयार हो जाती हैं। मेथी को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती। बस मिट्टी को हल्का नम रखें और रोजाना कुछ घंटों की धूप मिलने दें।

धनिया आसानी से उगाएं

धनिया लगभग हर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। इसके बीज बोने के बाद 15 से 20 दिनों में ताजी पत्तियां मिलने लगती हैं। बेहतर अंकुरण के लिए बीजों को हल्का तोड़कर बोना चाहिए।धनिया की पत्तियां सलाद, चटनी और सब्जियों में स्वाद बढ़ाने का काम करती हैं।

मूली की पत्तियां और माइक्रोग्रीन्स

हालांकि मूली की जड़ बनने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन इसकी हरी पत्तियां 20 दिनों के भीतर उपयोग के लिए तैयार हो जाती हैं। इसके अलावा मूली के माइक्रोग्रीन्स भी बहुत पौष्टिक माने जाते हैं। माइक्रोग्रीन्स उगाने के लिए गहरे गमले की भी जरूरत नहीं पड़ती। एक ट्रे में भी इन्हें आसानी से उगाया जा सकता है।

तेजी से बढ़ने वाली हरी सब्जी पालक

पालक भी मिनी वेजिटेबल गार्डन के लिए बेहतरीन ऑप्शन है। इसके बीज बोने के लगभग 18 से 20 दिनों के भीतर कोमल पत्तियां कटाई योग्य हो जाती हैं। पालक में आयरन, फाइबर और कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं, इसलिए इसे घर पर उगाना स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।

सलाद प्रेमियों के लिए बेस्ट लेट्यूस

अगर आप सलाद खाना पसंद करते हैं, तो लेट्यूस जरूर उगाएं। इसकी कुछ किस्में 20 दिनों के भीतर छोटी-छोटी पत्तियां देने लगती हैं। नियमित कटाई करने पर यह लंबे समय तक प्रोडक्शन देता रहता है।

किचन वेस्ट से उगाएं हरा प्याज

हरा प्याज उगाने के लिए नए बीज खरीदने की भी जरूरत नहीं होती। बाजार से लाए गए प्याज के सफेद जड़ वाले हिस्से को मिट्टी में लगा दें। कुछ ही दिनों में नई हरी पत्तियां निकलने लगेंगी। यह तरीका कम खर्चीला होने के साथ-साथ पर्यावरण फ्रेंडली भी है।

सरसों के माइक्रोग्रीन्स

सरसों के बीजों से उगाए गए माइक्रोग्रीन्स केवल 10 से 15 दिनों में तैयार हो जाते हैं। इनमें भरपूर पोषण होता है और इन्हें सलाद, सैंडविच तथा सूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रखें जल्दी बढ़ने वाली सब्जियों के लिए मिट्टी का उपजाऊ होना जरूरी है। गार्डन सॉइल, वर्मी कम्पोस्ट और कोकोपीट का मिश्रण सबसे अच्छा माना जाता है। हर 15 दिन में जैविक खाद डालने से पौधों की ग्रोथ बेहतर होती है। अधिकतर सब्जियों को रोजाना कम से कम 4 से 6 घंटे धूप की जरूरत होती है। साथ ही मिट्टी को हमेशा हल्का नम रखें।

UGC-NET परीक्षा लीक के आरोपों पर राहुल गांधी केंद्र पर हमलावर…

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कथित तौर पर UGC NET पेपर लीक के दावों पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर जुबानी हमला बोला है। एक्स हैंडल पर किए गए पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि बार-बार परीक्षा लीक होने के बाद भी छात्रों की कड़ी मेहनत को नजरअंदाज किया जा रहा है।

समाजशास्त्र के प्रश्न पत्र लीक होने का आरोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में कहा, ”नीट पेपर लीक के कुछ ही हफ्तों बाद अब खबरें आ रही हैं कि UGC-NET परीक्षा से ठीक पहले 100 पन्नों की एक PDF लीक हुई। यह PDF उस प्रश्न-पत्र की तरह है, जो सिर्फ़ NTA के पास उपलब्ध होती है। PDF के लगभग 90 सवाल समाज शास्त्र के असली प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं। वही प्रश्नपत्र ₹2.25 लाख रुपये में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में बेचा जा रहा था। इसी नेटवर्क ने CSIR-NET, HTET और ADA जैसी आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भी दावा किया।

NEET और NET में बार-बार सामने आए घोटालों के बाद भी मोदी सरकार आंखें मूंदकर सो रही है, क्योंकि लाखों छात्रों की रात-रात जागकर की गई सालों की मेहनत उनके लिए कोई मायने नहीं रखती। सारा देश जानता है कि प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से किसी भी तरह की जवाबदेही या कार्रवाई की उम्मीद बेकार है। न जांच होगी, न छात्रों को न्याय मिलेगा। बदलाव का एकमात्र औज़ार हमारी सम्मिलित आवाज़ है। देश भर के छात्रों की गूंज, जो भारत में शिक्षा क्रांति लाकर रहेगी”।

मानसून के दौरान उद्योगों द्वारा किए जा रहे वृक्षारोपण कार्यों की हुई समीक्षा…

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“हरित आवरण बढ़ाने के लिए उद्योगों को दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश, 33 प्रतिशत क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित करने पर जोर”

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानसून 2026 के दौरान राज्य की औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा, समन्वय एवं आगामी कार्ययोजना के संबंध में आज राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइंस के न्यू कन्वेंशन हॉल में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव श्री राजू अगसिमनी ने उद्योगों द्वारा प्रस्तावित एवं संचालित वृक्षारोपण कार्यों की प्रगति, पौधों के संरक्षण एवं रखरखाव, निगरानी व्यवस्था तथा उद्योगवार कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि वृक्षारोपण केवल लक्ष्य पूरा करने तक सीमित न रहे, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण एवं उनकी जीवित रहने की दर भी सुनिश्चित की जाए।

बैठक में उद्योगों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक हेक्टेयर क्षेत्र में न्यूनतम 2,500 पौधों का रोपण किया जाए तथा त्रि-स्तरीय (थ्री-लेयर) पौधारोपण को बढ़ावा देते हुए सघन ग्रीन बेल्ट विकसित की जाए। सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत क्षेत्र में हरित क्षेत्र विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।

सदस्य सचिव ने बरगद, पीपल, नीम, आम सहित स्थानीय एवं पर्यावरण की दृष्टि से लाभकारी प्रजातियों के अधिकाधिक पौधे लगाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरणीय दायित्वों का निर्वहन भी समान रूप से आवश्यक है। उद्योगों को परिसर के भीतर एवं बाहर (इनडोर एवं आउटडोर) दोनों स्तरों पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया।

बैठक में पर्यावरणीय निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए। सभी उद्योगों को अपने ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (एनालाइजर) को 24 घंटे संचालित रखने तथा प्रत्येक तीन माह में उसका नियमित कैलिब्रेशन कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में यह भी बताया गया कि शीघ्र ही विभागीय मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी राज्य के उद्योगपतियों के साथ बैठक कर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी कार्यों की समीक्षा करेंगे।

बैठक में राज्य की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के अधिकृत प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।