Home Blog Page 8

West Bengal Elections 2026: कांग्रेस ने दूसरे चरण से पहले किया बड़ा बदलाव, बदले 7 उम्मीदवार…

0

West Bengal Elections 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण से पहले कांग्रेस ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए 7 सीटों पर उम्मीदवार बदल दिए हैं। कांग्रेस (AICC) ने 8 अप्रैल को नई सूची जारी की, जिसमें कई पुराने प्रत्याशियों की जगह नए चेहरों को मौका दिया गया है।

दूसरे चरण के मतदान से पहले पार्टी ने अपनी रणनीति में अहम बदलाव किया है।

इस नई सूची में कुल 8 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं, जिनमें 7 सीटों पर बदलाव किया गया है। सबसे प्रमुख बदलाव हावड़ा की सीट पर देखने को मिला, जहां पार्टी ने प्रणब भट्टाचार्य (Pranab Bhattacharya) को नया उम्मीदवार घोषित किया है।

West Bengal Elections 2026: कांग्रेस अकेले मैदान में

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने यह बदलाव स्थानीय समीकरणों, संगठनात्मक फीडबैक और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि नए उम्मीदवारों के जरिए वह अधिक प्रभावी तरीके से चुनावी मुकाबले में उतर सकती है। इस बार कांग्रेस 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए अकेले चुनाव लड़ रही है। ऐसे में पार्टी हर सीट पर मजबूत और जीतने वाले उम्मीदवार उतारने की रणनीति पर काम कर रही है।

Congress Candidate List: उम्मीदवारों के बदलाव के पीछे रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव से ठीक पहले उम्मीदवारों में बदलाव करना कांग्रेस की ‘डैमेज कंट्रोल’ और ‘री-स्टार्ट’ रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इससे पार्टी उन सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है, जहां पहले घोषित उम्मीदवारों को लेकर असंतोष या कमजोर प्रदर्शन की आशंका थी। दूसरे चरण के मतदान से पहले इस तरह का फेरबदल चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

हालांकि, प्रदेश में मुख्य टक्कर टीएमसी और बीजेपी के बीच माना जा रहा है। अचानक कांग्रेस के उम्मीदवार बदलने से न सिर्फ विपक्षी दलों की रणनीति पर असर पड़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के बीच भी नई हलचल देखने को मिल सकती है। अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह दांव कितना सफल होता है और क्या नए उम्मीदवार पार्टी को चुनावी मुकाबले में बढ़त दिला पाते हैं या नहीं।

Kal Ka Mausam: Noida-Delhi-UP में तूफानी बारिश? 3 दिन कहां IMD का ओलावृष्टि Alert? 24 घंटे कैसा मौसम?

0

उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। आज यानी 8 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर, नोएडा, गाजियाबाद, यूपी के मैदानी इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में तूफानी बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की पूरी संभावना है।

तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा, झोंकों में 60 किमी/घंटा तक) के साथ छिटपुट से मध्यम बारिश हो सकती है। IMD ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि आज कई इलाकों में ओले भी गिर सकते हैं।

अगर हम अगले 24 घंटे की बात करें, तो Delhi-NCR, Noida, Ghaziabad और UP के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है। कुछ जगहों पर ओले भी गिर सकते हैं, जो खासकर किसानों और बाहर खड़े वाहनों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। Uttarakhand के कुछ इलाकों में तो भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में सावधानी और जरूरी हो जाती है।

आइए विस्तार से समझें अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम?

  • IMD 24-Hour Weather Alert: 24 घंटे का मौसम, क्या हो रहा है दिल्ली-एनसीआर और यूपी में?
  • दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश।
  • छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना (खासकर दिल्ली, नोएडा, यूपी के कई जिलों में)।
  • तेज हवाएं 40-50 किमी/घंटा (झोंकों में 60 किमी/घंटा तक)।
  • उत्तराखंड में कहीं-कहीं भारी बारिश भी संभव।

नोएडा-दिल्ली-यूपी के लोगों को सलाह: सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम तक तूफानी बारिश शुरू हो सकती है। ओले गिरने की वजह से फसलें, वाहन और छतों को नुकसान पहुंच सकता है। बाहर निकलते समय छाता, रेनकोट और हेलमेट जरूर रखें।

मौसम संबंधी चेतावनी मुख्य बिंदु

  • एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण, उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य प्रदेश में आज, 08 अप्रैल को ओलावृष्टि के साथ तीव्र वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है।
  1. ii) पूर्वी भारत में 08 अप्रैल को हल्की से मध्यम वर्षा, ओलावृष्टि, गरज के साथ बिजली की…

IMD Hailstorm Alert Three Days:अगले 3 दिनों (8-11 अप्रैल) में कहां-कहां IMD का ओलावृष्टि अलर्ट?

IMD के अनुसार आज 8 अप्रैल सबसे ज्यादा एक्टिव दिन है। ओलावृष्टि का मुख्य अलर्ट इन राज्यों में:

  • उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश।
  • मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ (8-9 अप्रैल)।
  • पूर्वी भारत: पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड, ओडिशा (8 अप्रैल)।
  • उत्तर-पूर्व: मेघालय (8-9 अप्रैल)।

9 अप्रैल के बाद ओलावृष्टि की तीव्रता कम हो जाएगी। केवल जम्मू-कश्मीर और कुछ पूर्वी राज्यों में हल्की-फुल्की बारिश और छिटपुट ओले संभव हैं। अगले 3 दिनों का बड़ा ट्रेंड (8-11 अप्रैल) उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के ज्यादातर हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से कम या सामान्य के आसपास रहेगा। 11 अप्रैल के बाद तापमान धीरे-धीरे सामान्य से ऊपर जाना शुरू होगा। कुल मिलाकर ठंडक बनी रहेगी, लेकिन बारिश की तीव्रता कम होती जाएगी।

क्षेत्र-वार IMD की पूरी चेतावनी (Deep Breakdown)

उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India Weather): आज जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड में भारी बारिश/बर्फबारी + गरज-चमक + तेज हवाएं (40-60 किमी/घंटा)। 9-11 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश जारी। दिल्ली-यूपी-पंजाब-हरियाणा में आज छिटपुट ओले + मध्यम बारिश।

उत्तर-पूर्व भारत (Northeast India Weather): अगले 5 दिनों तक व्यापक हल्की-मध्यम बारिश और गरज-चमक। 8-9 अप्रैल को मेघालय में छिटपुट ओले। 9-12 अप्रैल को अरुणाचल, असम आदि में भारी बारिश के आसार।

पूर्वी भारत (Eastern India Ka Mausam): 8 अप्रैल को पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, झारखंड, ओडिशा में गरज के साथ बहुत तेज हवाएं (50-70 किमी/घंटा, झोंकों में 80 किमी/घंटा तक)। कहीं-कहीं ओलावृष्टि और भारी बारिश। 9-12 अप्रैल को हल्की बारिश जारी।

मध्य भारत (Central India Ka Masuam): आज मध्य प्रदेश और 8-9 अप्रैल को छत्तीसगढ़ में गरज-चमक + छिटपुट ओले + हल्की-मध्यम बारिश।

दक्षिण भारत (South India Ka Mausam): केवल तटीय आंध्र, रायलसीमा, तमिलनाडु और तेलंगाना में आज हल्की बारिश और गरज-चमक। बाकी दक्षिण में मौसम शुष्क।

मौसम को लेकर मुख्य सलाह?

  • आज और कल फसल वाले किसानों को ओलावृष्टि से बचाव के उपाय करने चाहिए।
  • शहरों में ट्रैफिक जाम और पानी भराव की समस्या बढ़ सकती है।
  • बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ने की आशंका है, इसलिए खुले में न रहें।
  • तापमान गिरने से सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होगी।

IMD लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। अगली अपडेट के लिए आधिकारिक ऐप या वेबसाइट चेक करते रहें। कल (9 अप्रैल) का मौसम अपडेट जल्द आएगा। फिलहाल दिल्ली-नोएडा-यूपी वालों को तैयार रहना होगा। तूफान, बारिश और ओले का कॉम्बो आज रात तक सक्रिय रह सकता है। सुरक्षित रहें, सूखे रहें!

Tamil Nadu Elections 2026: तमिलनाडु चुनाव के बीच आयोग का बड़ा एक्शन, नए मुख्य सचिव की नियुक्ति…

0

Tamil Nadu Elections 2026: तमिलनाडु में आगामी चुनावों से पहले आयोग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने (ECI) ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है।

आयोग ने सख्त कदम उठाया है। ECI ने बुधवार (8 अप्रैल) को राज्य के मुख्य सचिव एन. मुरुगानंदम को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह पर वरिष्ठ IAS अधिकारी एम. साई कुमार को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है।

इस फैसले को चुनावों के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव आयोग का यह कदम ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में चुनावी माहौल तेजी से गर्म हो रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की प्रशासनिक पक्षपात या प्रभाव को रोकना उसकी प्राथमिकता है।

Tamil Nadu Elections 2026: बड़े प्रशासनिक फेरबदल

इस बड़े बदलाव के साथ ही आयोग ने एक और अहम निर्णय लेते हुए वरिष्ठ IPS अधिकारी संदीप मित्तल को डीएवीसी (DVAC) और आर्म्ड पुलिस (Armed Police) का प्रमुख नियुक्त किया है। उन्होंने डेविडसन देवासिरवाथम की जगह ली है। DVAC जैसे संवेदनशील विभाग में यह बदलाव चुनाव के दौरान भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

EC ने तत्काल प्रभाव से लागू की नियुक्तियां

ECI ने अपने आधिकारिक आदेश में राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि इन सभी नियुक्तियों को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए और उसी दिन शाम 6 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट भेजी जाए। इसके साथ ही आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव से जुड़े पद पर तैनात नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग का यह कदम चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बेहद अहम है।

चुनाव आयोग के इस कदम को एक बड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। आयोग किसी भी तरह के संभावित दुरुपयोग या प्रशासनिक हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। तमिलनाडु में होने वाले चुनावों के मद्देनजर यह फैसला राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस प्रशासनिक बदलाव का चुनावी माहौल पर क्या असर पड़ता है।

New Labour Code: नौकरीपेशा लोगों के लिए खुशखबरी! बची हुई छुट्टियों के मिलेंगे पैसा, क्या कहता है नए लेबर कोड…

0

New Labour Code: भारत में काम करने वाले करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए 2026 की शुरुआत बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड (New Labour Codes) के तहत अब छुट्टियों के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं।

अब कर्मचारियों को अपनी ‘अर्न्ड लीव’ (Earned Leave) या कमाई हुई छुट्टियों का पैसा पाने के लिए कंपनी छोड़ने या रिटायरमेंट तक का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

नए नियमों के लागू होने के बाद, कर्मचारी अपनी बची हुई छुट्टियों को हर साल ही पैसे में बदल सकेंगे। आइए जानते हैं क्या है यह नया नियम और इससे आपकी जिंदगी पर क्या असर पड़ेगा।

New Labour Code के तहत पूरे देश में लागू होगा एक जैसा नियम

इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, नए लेबर कोड के तहत अब ‘अर्न्ड लीव’ के नियम पूरे देश में एक समानकर दिए जाएंगे। अभी तक अलग-अलग राज्यों में छुट्टियों के नियम अलग-अलग थे, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाली कंपनियों और उनके कर्मचारियों के लिए काफी भ्रम की स्थिति रहती थी। अब एक मानक सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसमें यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों को साल में कितनी छुट्टियां मिलेंगी और उन्हें कैसे मैनेज किया जाएगा।

Annual Leave Encashment Rules: हर साल छुट्टियों के बदले मिलेगा पैसा

नए लेबर कोड का सबसे आकर्षक पहलू लीव एनकैशमेंट की सुविधा है। अब तक ज्यादातर राज्यों और निजी संस्थानों में यह नियम था कि आप अपनी छुट्टियों को केवल इस्तीफा देने या रिटायरमेंट के समय ही भुना सकते थे। नए नियमों के तहत, कर्मचारी कैलेंडर वर्ष के अंत में अपनी बची हुई छुट्टियों के बदले नकद भुगतान (Cash) की मांग कर सकते हैं। अब आपको अपनी मेहनत की छुट्टियों का पैसा पाने के लिए सालों इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी। यह अधिकार अब पूरे देश के कर्मचारियों को मिलेगा।

छुट्टियों को बचाने के लिए क्या हैं नियम?

डेलॉयट इंडिया के निदेशक तरुण गर्ग ने इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत करते हुए बताया कि, नए लेबर कोड (विशेषकर OSH Code) के प्रावधानों में छुट्टियों को संचित करने के लिए स्पष्ट नियम दिए गए हैं। कर्मचारियों को 30 दिनों तक की छुट्टियों को अगले साल के लिए बचाकर (Carry Forward) ले जाने की अनुमति होगी। यदि किसी कर्मचारी के पास 30 दिनों से अधिक छुट्टियां बच जाती हैं, तो वह उन अतिरिक्त छुट्टियों के बदले पैसा पाने का हकदार होगा। कर्मचारी अपनी सभी बची हुई छुट्टियों के लिए साल के अंत में भुगतान की मांग भी कर सकता है।

कर्मचारियों के लिए क्यों है यह फायदेमंद?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियम से कर्मचारियों के पास साल के अंत में अतिरिक्त नकदी (Cash Flow) बढ़ेगी। अक्सर देखा जाता था कि काम के दबाव के कारण कर्मचारी अपनी छुट्टियां नहीं ले पाते थे और कई बार वे छुट्टियां लैप्स (Lapse) हो जाती थीं।

अब छुट्टियों का पैसा हर साल मिलने से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और उन्हें अपनी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा। नए लेबर कोड के माध्यम से सरकार श्रम कानूनों को सरल और कर्मचारी-अनुकूल बनाने की कोशिश कर रही है। छुट्टियों के नियमों में यह बदलाव न केवल पारदर्शिता लाएगा, बल्कि निजी क्षेत्र में काम करने वाले मध्यम वर्ग को बड़ी वित्तीय राहत भी देगा।

Baramati Bypoll 2026: सुनेत्रा पवार की बढ़ी चुनौती, अजित की बारामती में 53 उम्मीदवारों को क्‍या दे पाएंगी मात?

0

Baramati Bypoll 2026: महाराष्ट्र की हाई-प्रोफाइल बारामती विधानसभा उपचुनाव इस बार खासा दिलचस्प और चुनौतीपूर्ण बन गया है। अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर महायुति को शुरुआत में उम्मीद थी कि सुनेत्रा पवार को निर्विरोध जीत मिलेगी, सहानुभूति दिलाएगा।

लेकिन, यह आकलन गलत साबित हुआ, विपक्षी-निर्दलीय सक्रियता ने समीकरण बदल दिए।

उपमुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के लिए यह मुकाबला 2024 के चुनाव से कहीं ज़्यादा कठिन हो गया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों मुताबिक, इस उपचुनाव के लिए कुल 53 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, जो 2024 में अजित पवार के खिलाफ उतरे 23 प्रत्याशियों से दोगुने से भी अधिक हैं।

वहीं कांग्रेस ने आकाश मोरे (धनगर समुदाय) को मैदान में उतारकर जातीय कार्ड खेला, जिससे राजनीतिक समीकरण जटिल हो गए। इसके अलावा करुणा मुंडे और अभिजीत बिचुकले जैसे चर्चित नाम भी मैदान में उतरकर मुकाबले को बहुकोणीय बना रहे हैं।

सुनेत्रा पवार के अरमान पर फिरा पानी

महाविकास अघाड़ी (MVA) के घटक दलों, शरद पवार की एनसीपी (SP) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने अजित पवार के सम्मान में कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ‘निर्विरोध’ चुनाव की अपील को दरकिनार कर कांग्रेस ने अलग राह चुनकर आकाश मोरे को मैदान में उतारा है। 53 उम्मीदवारों का मैदान में उतरना बारामती में राजनीतिक घमासान और कठिन हो गया है।

Sunetra Pawar vs 53 Candidates: सुनेत्रा पवार को चुनौती दे रहे 53 उम्‍मीदवार

28 जनवरी 2026 को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में निधन के बाद बारामती की सीट खाली हुई है। 2024 के विधानसभा चुनाव में बारामती से जीत दर्ज की थी, तब उनके विरोध में कुल 23 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे और अजित पवार ने सभी को हराते हुए लगातार आठवीं बार ये चुनाव जीता था। वहीं इस बार सुनेत्रा पवार को टक्‍कर देने के लिए चुनाव मैदान में 53 उम्‍मीदवार है।

सीएम फडणवीस से मिली सुनेत्रा पवार

यह लड़ाई अब अपेक्षा से कहीं अधिक कठिन है। इस राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नई रणनीति बनाने के लिए सुनेत्रा पवार ने हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर चर्चा की। इस भेंट में, राज्यसभा सांसद पार्थ पवार भी साथ थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने सुनेत्रा पवार को आश्वासन दिया कि भाजपा ‘बड़े भाई’ के रूप में मजबूती से खड़ी रहेगी; उनकी जीत सुनिश्चित करने को सभी आवश्यक सहायता व सहयोग का वादा किया।

क्‍या अजित पवार का बारामती जीत पाएंगी सुनेत्रा पवार?

बारामती में राजनीतिक वर्चस्व कायम रखने के लिए स्वर्गीय अजित पवार के निधन पश्चात् सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा देकर उपमुख्यमंत्री का पद संभाला। वे इसी रिक्त विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं, जिसके लिए 6 अप्रैल को नामांकन दाखिल किया। महायुति और एनसीपी को उम्‍मीद है कि सुनेत्रा पवार को अजित पवार के समर्थकों का सहानुभूति वोट मिलेगा। याद रहे अजित पवार बारामती से 2024 तक लगातार 8 बार विधायकी का चुनाव जीतते रहे।

महायुति के नेता निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवारों को मनाने में जुटे हैं ताकि वोटों का बिखराव रोका जा सके। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल 2026 है। यदि अधिकांश प्रत्याशी मैदान में डटे रहते हैं, तो सुनेत्रा पवार के लिए मतदाताओं को एकजुट करना बड़ी चुनौती होगी।

कब होगा बारामती उपचुनाव?

उपचुनाव के लिए मतदान 23 अप्रैल को होगा और नतीजे 4 मई को घोषित होंगे। करुणा मुंडे व अभिजीत बिचुकले समेत कुल 55 उम्मीदवार मैदान में उतरने से मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।

CG: मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप से युवाओं को मिलेगा प्रशासनिक क्षेत्र में करियर का अवसर…

0

IIM रायपुर के सहयोग से संचालित दो वर्षीय MBA कार्यक्रम के लिए जागरूकता अभियान तेज’

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के युवाओं को सुशासन और पब्लिक पॉलिसी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप” के तहत संचालित दो वर्षीय MBA इन पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

इस क्रम में भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर के प्रतिनिधि श्री बिनॉय टी एवं श्री एस.एन. मंडल द्वारा जशपुर सहित प्रदेश के उत्तरी जिलों का दौरा कर विद्यार्थियों को इस कोर्स की जानकारी दी जा रही है। टीम द्वारा विभिन्न इंजीनियरिंग एवं स्नातक महाविद्यालयों में पहुंचकर कार्यक्रम की विशेषताओं, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। साथ ही पंपलेट वितरण के माध्यम से भी अधिक से अधिक युवाओं तक जानकारी पहुंचाई जा रही है।

यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ शासन एवं IIM रायपुर के संयुक्त प्रयास से संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों की पूरी फीस राज्य शासन द्वारा वहन की जाएगी। इसके साथ ही विद्यार्थियों को प्रति माह 50 हजार रूपए की छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम की विशेषता यह है कि अभ्यर्थियों को IIM रायपुर में उच्च स्तरीय कक्षा शिक्षण के साथ-साथ राज्य शासन के विभिन्न विभागों के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण (फील्ड एक्सपोजर) का अवसर भी मिलेगा, जिससे उन्हें नीति निर्माण और प्रशासनिक कार्यों का वास्तविक अनुभव प्राप्त होगा।

यह फेलोशिप विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए उपलब्ध है तथा इसमें राज्य शासन की आरक्षण नीति लागू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी एवं आवेदन के लिए IIM रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि IIM रायपुर की टीम द्वारा जशपुर जिले के सभी विकासखंडों के महाविद्यालयों का भ्रमण कर विद्यार्थियों को इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को सुशासन के क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा अवसर मिल सके।

CG” भारत निर्वाचन आयोग ने ‘अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम-2026’ का शुभारंभ किया…

0

आयोग चुनावों को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में लेता है : मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार

भारत निर्वाचन आयोग ने 07 अप्रैल को नई दिल्ली में असम, केरल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के आगामी आम चुनावों के लिए अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP), 2026 की शुरुआत की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त  डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) में इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) भारत में चुनावों को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में लेता है और इसे ‘मिशन मोड’ में सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करता है। उन्होंने प्रतिभागियों से राज्यों के दौरे का आनंद लेने तथा भारत की विविधता को सीखने, देखने व अनुभव करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्रतिनिधि 8-9 अप्रैल 2026 को असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा करेंगे। द्वितीय चरण में प्रतिनिधि 20 अप्रैल 2026 से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु राज्यों का दौरा करेंगे।

कार्यक्रम के पहले चरण में दिल्ली स्थित पांच विदेशी मिशनों के प्रतिनिधियों सहित 23 देशों के 43 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। प्रतिनिधियों को IIIDEM में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का प्रदर्शन दिखाया गया तथा उन्होंने ‘मॉक पोल’ (दिखावटी मतदान) के माध्यम से मतदान प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।

प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रक्रिया में तकनीकी हस्तक्षेपों एवं प्रशासनिक सुरक्षा उपायों में गहरी रुचि दिखाई। इस दौरान विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।

प्रतिनिधि 8 अप्रैल  को असम, केरल एवं केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की यात्रा करेंगे। वे प्रेषण एवं वितरण केंद्रों, जिला नियंत्रण कक्षों तथा मीडिया निगरानी केंद्रों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन करेंगे तथा 9 अप्रैल 2026 की सुबह वास्तविक मतदान प्रक्रिया के साक्षी बनेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) भारत निर्वाचन आयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य अन्य देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग एवं सहभागिता को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम भारत के चुनावी ढांचे, संस्थागत तंत्र एवं परिचालन व्यवस्था का व्यापक अवलोकन प्रदान करता है तथा विदेशी प्रतिनिधियों को चुनाव प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रथाओं एवं नवाचारों से अवगत कराता है। IEVP अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष भारत की चुनावी प्रणाली की सुदृढ़ता को प्रदर्शित करता है तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में अपनाई जाने वाली श्रेष्ठ चुनावी प्रक्रियाओं को साझा करने का अवसर प्रदान करता है।

वरिष्ठों ने फहराया झंडा, पुरोधाओं को किया नमन, भाजपा स्थापना दिवस पर मुख्यालय में बंटे लड्डू…

0

राजनांदगांव। भाजपा का स्थापना दिवस 6 अप्रैल को जिला भाजपा कार्यालय में बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत ध्वजारोहण और वंदे मातरम के साथ हुई। इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने झंडारोहण कर, अपने पुरोधाओं को नमन किया। भाजपा नेताओं ने स्थापना दिवस के अवसर पर सेवा, सुशासन और राष्ट्रहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

इस मौके पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता खूबचंद पारख ने कहा कि राष्ट्रवाद का जो बीज 1951 में बोया गया था, वह आज वटवृक्ष बनकर पूरे देश में खड़ा है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो अपने स्वार्थ से पहले “राष्ट्र सर्वोपरि” के सिद्धांत पर काम करती है। श्री पारख ने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि 6 अप्रैल 1980 को भाजपा का गठन हुआ था और आज समर्पित कार्यकर्ताओं के बल पर यह दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की यात्रा केवल एक राजनैतिक दल की यात्रा नही है बल्कि राष्ट्र निर्माण की सतत विचाधार का सतत प्रवाह है।

‘उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सेवाए समर्पण और संगठन की भावना के साथ कार्य करते हुए समाज के हर वर्ग तक पार्टी की नीतियों और योजनाओं को पहुंचाएं।”

स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि संतोष अग्रवाल ने पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को पार्टी के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भाजपा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद व डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचार और अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन एवं लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है।

इन महान नेताओं के आदर्शों ने भाजपा को एक सशक्त वैचारिक आधार प्रदान किया है जो आज भी संगठन को दिशा देने का कार्य कर रहा है। जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने कहा कि भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यह मुकाम कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता के कारण हासिल हुआ है।

उन्होंने पार्टी के मूल मंत्र “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” को दोहराते हुए कहा कि भाजपा लगातार देश और समाज के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम को वरिष्ठ नेता सुरेश एच लाल व योगेश दत्त मिश्रा ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम का संचालन भावेश बैद ने किया वहीं आभार भाजपा उपाध्यक्ष तरुण लहरवानी ने किया। इस मौके पर सचिन सिंह बघेल, रमेश पटेल, अशोक चौधरी, प्रकाश सांखला, जिला महामंत्री सौरभ कोठारी, बंटी लाल, रोहित चंद्राकर, पूर्णिमा साहू, रेखा मेश्राम सहित मंडल के अध्यक्ष पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर भाजपा जिला कार्यालय में लाइटिंग की गई। फूल मालाओं से सजावट हुई। रंगोलियां बनाई गई। भाजपा का कमल का फूल भी बनाया गया।

12 तक चलेगा गांव चलो, बस्ती चलों अभियान

भारतीय जनता पार्टी का 47 वां स्थापना दिवस राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर जिला कार्यालय के साथ-साथ मंडल एवं बूथ स्तर पर मनाया गया। भाजपा जिला कोषाध्यक्ष और स्थापना दिवस के जिला संयोजक भावेश बैद ने बताया कि स्थापना दिवस के अवसर पर बीजेपी 7 से 12 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में ‘ गांव-बस्ती चलो अभियान ‘ चलाएगी। इस अभियान के दौरान बीजेपी के सभी जनप्रतिनिधि सांसद, विधायक, मेयर और नगर पालिका अध्यक्षों से लेकर पार्टी के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों और नेता शामिल होंगे। इस दौरान वह गांव जाकर शासन की योजनाओं के हितग्राहियों और आम लोगों से संवाद करेंगे।

CG: श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना – जिले के नागरिकों को करायी जाएगी तीर्थयात्रा…

0

राजनांदगांव: श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना के तहत जिले के 18 वर्ष या 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग एवं 75 वर्ष से कम आयु वर्ग के 91 नागरिकों को 29 अप्रैल से 2 मई 2026 तक अयोध्या धाम की यात्रा करायी जाएगी। यात्रा के संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय जिला पंचायत से प्राप्त की जा सकती है।

CG: जिले के सभी 498 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में मनाया गया चावल उत्सव…

0

राजनांदगांव: कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में आज जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत संचालित सभी 498 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने एवं प्रत्येक पात्र हितग्राही तक सुगमता से खाद्यान्न पहुंचाने के उद्देश्य से उत्साहपूर्वक चावल उत्सव मनाया गया। चावल उत्सव के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्थानीय निगरानी समितियों के सदस्यों की उपस्थिति में राशन दुकानों से हितग्राहियों को पात्रतानुसार खाद्यान्न का वितरण किया गया।

जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक माह की 7 तारीख को जिले की समस्त शासकीय उचित मूल्य दुकानों में अनिवार्य रूप से चावल उत्सव मनाया जा रहा है। इस पहल से न केवल वितरण प्रणाली में सुधार आया है, बल्कि ग्रामीणों को एक निश्चित तिथि पर राशन मिलने से उनकी समस्याओं का भी निराकरण हो रहा है।

वितरण प्रक्रिया की निगरानी के लिए नियुक्त नोडल अधिकारियों ने केन्द्रों का निरीक्षण किया। शासन द्वारा अंत्योदय एवं प्राथमिकता वाले राशन कार्ड धारकों को निर्धारित मात्रा में गुणवत्तापूर्ण चावल प्रदान किया गया। जिला प्रशासन द्वारा सभी राशन कार्ड धारकों से प्रतिमाह की 7 तारीख को आयोजित होने वाले चावल उत्सव का लाभ लेने की अपील की है।