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‘पंजाब में 50 बम आए, 18 फट चुके…’, बयान पर फंसे प्रताप सिंह बाजवा

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विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा (Pratap Singh Bajwa) ने बयान दिया था कि पंजाब में 50 बम आए हैं, जिसमें से 18 चल चुके हैं और 32 चलाए जाने हैं। बाजवा की इस जानकारी का सूत्र जानने के लिए पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस की टीम उनसे पूछताछ करने के लिए सेक्टर 8 स्थित उनके आवास पर पहुंची। टीम की अगुवाई नवजोत ग्रेवाल कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक काउंटर इंटेलिजेंस बाजवा से उनकी जानकारी का आधार जानना चाहती थी, लेकिन उन्होंने यह बताने से साफ इनकार कर दिया। बता दें कि पंजाब में 18 जगह पर बम धमाके हो चुके हैं।

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का वॉन्टेड जीशान बना ISI का मोहरा

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बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में वांटेड आरोपी जीशान अख्तर को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जीशान अख्तर अब पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के संपर्क में है और भारत में आतंक फैलाने के षड्यंत्र में अहम भूमिका निभा रहा है.

पंजाब के जालंधर में बीजेपी नेता मनोरंजन कालिया के घर पर ग्रेनेड हमले के पीछे भी आईएसआई का हाथ होने की बात सामने आई है. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टरों के जरिए आईएसआई ने भारत में छोटे-छोटे स्लीपर सेल मॉड्यूल तैयार किए हैं, जो पंजाब में अशांति फैलाने का काम कर रहे हैं.

फडणवीस सरकार में कम हुई हैसियत तो चाचा की ‘शरण’ में दादा, खूब गुफ्तगू करते दिखे

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बीते कुछ महीनों के भीतर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार को कई राजनीतिक झटके लगे हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे को सरकार से बाहर होना पड़ा है. मुंडे के गृह जिले बीड़ में सरपंच हत्याकांड के मुख्य आरोपी के साथ उनके करीबी रिश्ते में अजित पवार की भी फजीहत हुई. इस बीच देवेंद्र फडणवीस सरकार में भी अजित पवार को झटका लगा. बीते दिनों महाराष्ट्र की मुख्य सचिव ने एक आदेश जारी किया कि अब से सरकार के स्तर पर अजित पवार सभी फाइलें डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को भेजेंगे फिर एकनाथ शिंदे उन फाइलों को सीएम ऑफिस को बढ़ाएंगे. इसे सीधे तौर महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार में अजित पवार की हैसियत में कटौती के तौर पर देखा गया. इन राजनीतिक हलचल के बीच अजित पवार और उनके चाचा शरद पवार के बीच इन दिनों मुलाकातों का दौर बढ़ गया है.

इंडियन नेवी को मिलने वाले रफाल, फ्रांस नेवी के रफाल से कैसे होंगे अलग

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इंडियन नेवी के लिए फ्रांस से रफाल-एम (मरीन) फाइटर जेट लिए जाने हैं, जिसकी डील जल्द ही साइन हो सकती है। फ्रांस की नेवी भी रफाल-एम का इस्तेमाल करती है। लेकिन इंडियन नेवी को जो रफाल-एम मिलेंगे वे फ्रांस की नेवी से अलग होंगे। नेवी रफाल-एम का इस्तेमाल एयरक्राफ्ट कैरियर विक्रमादित्य और विक्रांत से करेगी। इसलिए इसकी जरूरत के हिसाब से ही रफाल में बदलाव किए जाएंगे। इंडियन नेवी के एयरक्राफ्ट कैरियर और फ्रांस के एयरक्राफ्ट कैरियर के सिस्टम में फर्क है। एयरक्राफ्ट कैरियर से रफाल किस तरह टेकऑफ करेगा, ये सिस्टम दोनों देशों के एयरक्राफ्ट कैरियर में अलग अलग है। इंडियन नेवी के दोनों एयरक्राफ्ट कैरियर में स्टोबार सिस्टम है।

इंटरनेट सेवाएं बंद, 150 से ज्यादा लोग गिरफ्तार

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 पश्चिम बंगाल में वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर चल रहा विरोध अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। पुलिस ने मुर्शिदाबाद से 12 अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। इसी के साथ गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर 150 हो गई है। हिंसा में 3 की मौत के बाद पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। रविवार को मुर्शिदाबाद के हालात की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि पिछले कुछ घंटों में कोई नई हिंसा नहीं देखने को मिली है। पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों ने सभी पर बारीकी से नजर रखी है।

इंदौर विधायक गोलू शुक्ला के बेटे की माता टेकरी पर दादागीरी, पुजारी से मारपीट कर देर रात खुलवाया मंदिर

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देवास की माता टेकरी पर अपने दोस्तों के साथ पहुंचे विधायक गोलू शुक्ला के पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला पर दादागीरी करने का आरोप मंदिर के पुजारी ने लगाया है। मामला शुक्रवार देर रात का है, जब विधायक पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला 15 गाड़ियों का काफिला लेकर चामुंडा माता मंदिर पहुंचा, तब तक पट बंद हो चुके थे। पट बंद होने के बावजूद उनसे पुजारी पर दबाव बनाया और उनके साथ मारपीट की। घटना की शिकायत पुजारी ने देवास के कोतवाली थाने में की। विधायक पुत्र की ये हरकत अब चर्चा में बनी हुई है।

घटना के अनुसार रुद्राक्ष अपने दोस्तों के साथ 15 गाड़ियों का काफिला लेकर मंदिर पहुंचा था। इनमें लालबत्ती की कार भी थी और वह चालू थी। रुद्राक्ष कार से उतरा और दोस्तों के साथ मंदिर पहुंचा। रात के एक बज चुके थे। इस कारण मंदिर के पट बंद हो गए थे। शुक्ला ने पुजारी पर कहा कि वे और उसके दोस्त पूजा करना चाहते हैं, इसलिए गेट खोल दो। पुजारी ने धार्मिक मान्यता का हवाला देते हुए गेट खोलने से इनकार कर दिया। इससे नाराज रुद्राक्ष पहले होमगार्ड से बदसलूकी की। पुजारी पर गेट खोलने का दबाव बनाया। पुजारी उपदेशनाथ ने इस घटना की शिकायत थाने में की। इस मामले में पुलिस ने देवास निवासी जीतू रघुवंशी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

समंदर में केसरी का करतब, तंजानिया में नेवी चीफ की हाई लेवल मीटिंग

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वार से पस्त चीन को भारत भी शिकस्त देने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए भारत, चीन या अमेरिका की धरती नहीं बल्कि अफ्रीका से लगे समुद्री इलाके में बड़े खेल की तैयारी चल रही है. इसी संदर्भ में नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी 12 से 16 अप्रैल तक तंजानिया की आधिकारिक यात्रा पर हैं. इस यात्रा का उद्देश्य भारत और तंजानिया के बीच समुद्री सहयोग और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना है. यह भारत की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें हिंद महासागर क्षेत्र में रक्षा साझेदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया है. इस दौरान 13 अप्रैल 2025 को दार-एस-सलाम में भारत और तंजानिया पीपुल्स डिफेंस फोर्स की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित पहले बड़े बहुपक्षीय अभ्यास अफ्रीका इंडिया मैरीटाइम एंगेजमेंट (AIKEYME) का उद्घाटन होगा

मनोहरपुर-दौसा NH पर कार और ट्रेलर की टक्कर, खाटू श्याम जा रहे एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत

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रविवार सुबह जमवारामगढ़ क्षेत्र में मनोहरपुर-दौसा नेशनल हाईवा पर भीषण सड़क हादसा हुआ है, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। घटना नेकावाला टोल प्लाजा के पास घटी, जब खाटू श्याम मंदिर के दर्शन करने जा रहे एक ही परिवार की कार की ट्रेलर से जबरदस्त टक्कर हो गई। इस हादसे में कार सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में एक 1 साल के बच्चे की भी मौत हुई है। सभी मृतक एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। जिस गाड़ी से ये लोग जा रहे थे, उस गाड़ी में उत्तर प्रदेश का नंबर प्लेट है।

पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश बनाने की कौन रच रहा साजिश

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पश्चिम बंगाल का मुर्शिदाबाद जिला इन दिनों हिंसा की आग में झुलस रहा है. यहां नए वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, वहीं 15 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. पुलिस ने इस हिंसा के मामले में 150 से ज्यादा उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है. इस हिंसा के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. वहीं सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चरम पर है. टीएमसी विधायकों के बयान, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुस्लिम नेताओं के साथ बैठक और बीजेपी नेताओं के सोशल मीडिया पर तीखे हमले इस सवाल को जन्म दे रहे हैं कि क्या पश्चिम बंगाल को अस्थिर करने की कोई साजिश रची जा रही है?

मुर्शिदाबाद के जंगीपुर, सुती और शमशेरगंज जैसे इलाकों में वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, वाहनों में आग लगाई और राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया. पुलिस के अनुसार, हिंसा की शुरुआत एक अफवाह से हुई, जिसमें दावा किया गया कि पुलिस कार्रवाई में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई. इसके बाद भीड़ ने उग्र रुख अख्तियार कर लिया. हालात को नियंत्रित करने के लिए बीएसएफ की 8 कंपनियों को तैनात किया गया है. वहीं कलकत्ता हाई कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. कोर्ट ने साफ कहा कि वह ‘आंखें मूंदकर नहीं बैठ सकता’ और शांति बहाली उसका प्राथमिक लक्ष्य है.

इस बीच, टीएमसी विधायकों के बयान ने विवाद को और हवा दी. जंगीपुर के टीएमसी विधायक ने दावा किया कि वक्फ कानून के खिलाफ प्रदर्शन अचानक से हिंसक हो उठे और इसमें कोई सियासी साजिश नहीं थी. उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार हर धर्म की संपत्तियों की रक्षा करती है. यह केंद्र का कानून है, जिसका जवाब केंद्र को देना चाहिए.’ हालांकि, उनके इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए इसे ‘हिंसा को जायज ठहराने की कोशिश’ करार दिया. बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी हिंसा को प्रायोजित कर रही है ताकि मुस्लिम वोट बैंक को अपने पक्ष में रख सके.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस हिंसा के बीच मुस्लिम नेताओं के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें टीएमसी के कई वरिष्ठ नेता शामिल थे. सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में ममता ने मुस्लिम समुदाय को आश्वासन दिया कि उनकी सरकार वक्फ संपत्तियों की रक्षा करेगी और बंगाल में इस कानून को लागू नहीं होने देगी. ममता ने पहले भी सार्वजनिक मंचों से कहा है, ‘मुझे गोली मार दो, लेकिन मैं बंगाल को धार्मिक आधार पर बंटने नहीं दूंगी.’ कोलकाता में ‘नवकार महामंत्र दिवस’ के दौरान उन्होंने एकता पर जोर देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि उनकी सरकार हर धर्म का सम्मान करती है. ममता का यह रुख उनके 30% मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जो टीएमसी की सियासी ताकत का आधार है.

दूसरी ओर, बीजेपी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है. बीजेपी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘ममता बनर्जी बंगाल को दूसरा बांग्लादेश बनाना चाहती हैं. मुर्शिदाबाद में हिंसा सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ावा देने का नतीजा है.’ वहीं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने भी सोशल मीडिया कर एक पोस्ट में कहा, “टीएमसी की गुंडागर्दी और हिंसा बंगाल को अराजकता की ओर ले जा रही है. ममता सरकार को जवाब देना होगा.’ बीजेपी नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद में हिन्दू परिवार को टार्गेट करके हमला किया जा रहा है, जिसके पीछे टीएमसी का हाथ है.

बीजेपी के इन दावों ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी, जहां बीजेपी समर्थक इसे ‘वोटबैंक की राजनीति’ और टीएमसी समर्थक इसे ‘सांप्रदायिक ध्रुवीकरण’ का हथियार बता रहे हैं. हालांकि, टीएमसी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा, ‘2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी अशांति फैलाना चाहती है. यह हिंसा उनकी साजिश का हिस्सा है.” ममता ने भी स्पष्ट किया कि वक्फ कानून केंद्र का फैसला है और उनकी सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि उनकी सरकार हर धर्म की संपत्तियों की रक्षा करेगी.

इस हिंसा ने एक बार फिर बंगाल की सियासत में धार्मिक ध्रुवीकरण के खतरे को उजागर कर दिया है. बीजेपी जहां इसे अवैध घुसपैठ और सांप्रदायिक हिंसा से जोड़कर देख रही है, वहीं टीएमसी इसे केंद्र सरकार की नीतियों का नतीजा बता रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद 2026 के विधानसभा चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है. मुर्शिदाबाद, जहां मुस्लिम आबादी लगभग 66% है, टीएमसी का गढ़ रहा है, लेकिन बीजेपी इस क्षेत्र में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है.

कलकत्ता हाई कोर्ट की सख्ती और केंद्रीय बलों की तैनाती के बाद मुर्शिदाबाद में स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है. लेकिन सवाल यह है कि क्या यह हिंसा वाकई से अचानक से भड़की थी, या इसके पीछे कोई गहरी सियासी साजिश है? ममता बनर्जी की मुस्लिम नेताओं के साथ बैठक और बीजेपी के आक्रामक रुख ने इस आग में और घी डालने का काम किया है. पश्चिम बंगाल को ‘बांग्लादेश बनाने’ का आरोप लगाने वाली बीजेपी और इसे ‘सांप्रदायिक साजिश’ करार देने वाली टीएमसी के बीच यह जंग अब सड़कों से सोशल मीडिया और विधानसभा तक पहुंच चुकी है. ऐसे में, सच्चाई क्या है और इसका जवाब कौन देगा, यह वक्त ही बताएगा.

BJP जहां कभी नहीं बना सकी सरकार, उस स्‍टेट के बूते बदला राज्‍यसभा का गणित, अब ‘वन नेशन, वन इलेक्‍शन’ की बारी

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देश में कुछ महीनों के अंतराल पर कोई न कोई चुनाव होता रहता है. इसे देखते हुए गठबंधन बनने और बिगड़ने का खेल भी जारी रहता है. बीजेपी को हाल में ही इस दिशा में बड़ी सफलता हाथ लगी है. भाजपा दक्षिण भारत के बड़े राज्‍यों में से एक तमिलनाडु में अपने बूते पर पहली बार सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है. तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में चुनावी गोटी बिछाने का काम अभी से ही शुरू हो गया है. भाजपा ने प्रदेश में ऐसा कदम उठाया है, जिससे एक तीर से दो निशाने साधने वाली कहावत चरितार्थ होती है. दरअसल, बीजेपी ने AIADMK के साथ चुनावी गठजोड़ किया है. इसके लिए शुक्रवार 11 अप्रैल 2025 को अमित शाह खुद तमिलनाडु पहुंचे थे. AIADMK अब एनडीए का हिस्‍सा है और इस बात की पूरी संभावना है कि आने वाले समय में पार्टी सरकार में भी भागीदार बन जाए. AIADMK के बीजेपी की अगुआई वाले गठबंधन में शामिल होने का एक और बड़ा प्रभाव हुआ है. एनडीए राज्‍यसभा में और मजबूत हो गया है. ऐसे में भविष्‍य में महत्‍वाकांक्षी ‘वन नेशन, वन इलेक्‍शन’ बिल को संसद से पास कराना आसान हो जाएगा.