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10 वीं मजिल से गिरी नाबालिग लड़की : हादसे में गई जान, मचा हड़कंप

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ऐश्वर्या अंपायर सोसाइटी की बिल्डिंग के 10 वीं मजिल से एक नाबालिग लड़की गिर गई। हादसे में उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। यह मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर में ऐश्वर्या अंपायर सोसाइटी की बिल्डिंग के 10 वीं मजिल से एक नाबालिग लड़की गिर गई। हादसे में उसकी जान चली गई। यह घटना हत्या है या आत्महत्या पुलिस इसकी जांच कर रही है।

 

तीसरे विश्व युद्ध में सिर्फ 1 देश बचेगा सुरक्षित, कोई ताकत नहीं आएगी काम, यहां भागेंगे धरती के सारे लोग

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जिस तरह से पूरी दुनिया में माहौल बना हुआ है उससे संकेत कुछ ठीक नहीं लग रहे। ऐसे में लोग तीसरे विश्व युद्ध की संभावना जताते रहते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर तीसरा विश्व युद्ध शुरू होता है तो कौन सा देश सबसे सुरक्षित रहेगा

जिस तरह से पूरी दुनिया में माहौल बना हुआ है उससे संकेत कुछ ठीक नहीं लग रहे। एक तरफ रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म नहीं हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ इजरायल और गाजा के बीच लंबे समय से युद्ध चलता रहा। अब अमेरिका की सत्ता पर ट्रंप काबिज हैं। उनके तेवर भी तीखे लग रहे हैं। ऐसे में लोग तीसरे विश्व युद्ध की संभावना जताते रहते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर तीसरा विश्व युद्ध शुरू होता है तो कौन सा देश सबसे सुरक्षित रहेगा? आइए आज जानते हैं।

स्विट्जरलैंड

स्विट्जरलैंड हमेशा से तटस्थता और शांति के लिए जाना जाता है। इस देश ने पिछले कई दशकों से युद्ध में हिस्सा नहीं लिया है और अपनी तटस्थ स्थिति बनाए रखी है। गौरतलब है कि स्विट्जरलैंड की भौगोलिक स्थिति जो कि पहाड़ी है, उसे प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करती है। इसके अलावा यहां की सशस्त्र सेनाएं आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए तैयार रहती हैं।

जिसने इस पेड़ की 21 पत्तियां खा ली 21 दिन लगातार., जड़ से खत्म हो जाएगा उसका थाइराइड, बस जान लें सेवन का सही तरीका

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थयराइड एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो आजकल महिलाओं और पुरुषों दोनों में आम हो गई है। यह समस्या तब होती है जब थायराइड ग्रंथि उचित मात्रा में हार्मोन का निर्माण नहीं करती या अत्यधिक हार्मोन का निर्माण करती है।

यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह वजन बढ़ने, थकान, बाल झड़ने और अन्य गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। प्राकृतिक उपायों से थायराइड का इलाज करने में औषधीय पेड़-पौधे काफी लाभदायक हो सकते हैं। आज हम आपको एक ऐसे पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी 21 पत्तियों का सेवन 21 दिनों तक करने से थायराइड की समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। यह उपाय न केवल सुरक्षित है, बल्कि बेहद प्रभावी भी है।

कौन सा यह पेड़ है?इस औषधीय पेड़ का नाम है सहजन (मोरिंगा)। सहजन को आयुर्वेद में एक चमत्कारी औषधि के रूप में जाना जाता है। इसकी पत्तियां, फल, और छाल सभी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। सहजन की पत्तियों में विटामिन ए, सी, कैल्शियम, पोटैशियम, और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर को कई बीमारियों से लड़ने में मदद करते हैं।

सहजन की पत्तियां थायराइड के लिए कैसे फायदेमंद हैं?सहजन की पत्तियों में ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो थायराइड ग्रंथि के कार्य को सामान्य करने में सहायक होते हैं। ये पत्तियां हाइपोथायराइड (थायराइड हार्मोन की कमी) और हाइपरथायराइड (थायराइड हार्मोन की अधिकता) दोनों ही स्थितियों में फायदेमंद हैं।मेटाबॉलिज्म सुधारती हैं: सहजन की पत्तियां मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त करके थायराइड हार्मोन को संतुलित करती हैं।

एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण: इसमें सूजन को कम करने वाले गुण होते हैं, जो थायराइड ग्रंथि की सूजन को कम करते हैं।
डिटॉक्सिफिकेशन: सहजन की पत्तियां शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती हैं, जिससे थायराइड के लक्षणों में सुधार होता है।

सेवन का सही तरीकासहजन की पत्तियों का सेवन करने का सही तरीका बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि इसका पूरा लाभ मिल सके।ताजा पत्तियां चुनें: सहजन के पेड़ से 21 ताजा और हरी पत्तियां तोड़ें। ध्यान रखें कि पत्तियां साफ और कीटनाशक मुक्त हों।
धुलाई करें: पत्तियों को अच्छे से पानी में धो लें, ताकि उन पर लगी धूल और गंदगी हट जाए।
खाली पेट सेवन करें: हर सुबह खाली पेट इन पत्तियों को चबाकर खाएं। यदि चबाना मुश्किल हो, तो इन्हें पीसकर एक गिलास पानी के साथ सेवन करें।
लगातार 21 दिन करें सेवन: इस प्रक्रिया को लगातार 21 दिनों

तक करें। यदि थायराइड की समस्या गंभीर है, तो इसे डॉक्टर की सलाह लेकर आगे बढ़ाया जा सकता है।

कुछ महत्वपूर्ण बातेंइस उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें, खासकर यदि आप किसी अन्य बीमारी के लिए दवाइयां ले रहे हों।
सहजन की पत्तियों का सेवन करते समय शराब, तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन न करें।
नियमित योग और प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, जैसे कि सर्वांगासन और उज्जायी प्राणायाम।

सहजन के अन्य लाभसहजन न केवल थायराइड के लिए, बल्कि अन्य कई बीमारियों के इलाज में भी कारगर है:इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है।

हड्डियों को मजबूत करता है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद है।
खून की सफाई करता है।

केंद्रीय कर्मचारियों को मिला नया शानदार तोहफा

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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने नए वेतन आयोग से जुड़ा बड़ा तोहफा दिया है, जिससे सैलरी और भत्तों में बढ़ोतरी की उम्मीद है। इस फैसले से लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अगर आप भी केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं, तो यह अपडेट आपके लिए जरूरी है। जानिए नए वेतन आयोग से जुड़ी पूरी जानकारी नीचे।

केंद्र Sarkar ने इस साल देश की जनता के साथ-साथ सरकारी Karmchariyo और पेंशनर्स को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। Karmchariyo के लिए तो तोहफों की झड़ी लगा दी गई है। 8वें पे कमीशन के गठन का ऐलान, टैक्स में बड़ी छूट और अब DA (महंगाई भत्ता) में वृद्धि की सौगात देकर Sarkar ने Karmchariyo की मेहनत का सम्मान किया है। DA में होने वाली बढ़ोतरी से Karmchariyo की Salary में भी बंपर इजाफा देखने को मिलेगा, जिससे महंगाई के बढ़ते दामों के बीच उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

Sarkar ने घोषणा की है कि DA बढ़ोतरी का निश्चय ऑल इंडिया कन्ज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा। इन आंकड़ों में जुलाई 2024 से लेकर दिसंबर 2024 तक के महंगाई भत्ता के आंकड़े शामिल किए जाएंगे। इन आंकड़ों के आगमन के बाद यह तय किया जाएगा कि किस दिन कितने प्रतिशत DA बढ़कर Karmchariyo को दिया जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2025 से प्रभावी होगी, और इस तारीख से Karmchariyo के खाते में एरियर समेत DA राशि जमा की जाएगी।

 

 

Sarkar हर साल दो बार DA बढ़ोतरी करती है। पहली छमाही के लिए यह बढ़ोतरी 1 जनवरी से और दूसरी छमाही के लिए 1 जुलाई से दी जाती है। पिछले साल जनवरी 2024 में 4 प्रतिशत और जुलाई 2024 में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जिससे Karmchariyo को उनके महंगाई भत्ते में स्थिरता का अनुभव हुआ। इस बार भी अनुमानित वृद्धि 3-4 प्रतिशत तक होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मारुति Alto K10 6 एयरबैग के साथ हुई लॉन्च, जानिए क्या है इसकी खासियतें और कीमत

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मारुति सुजुकी ने Alto K10 की सुरक्षा को एक नया स्तर दिया है। अब यह 6 एयरबैग्स के साथ स्टैंडर्ड रूप में उपलब्ध होगी। यह अपग्रेड इसे सेगमेंट की सबसे सुरक्षित कारों में से एक बनाता है। Alto K10 में अब फ्रंट ड्राइवर और पैसेंजर एयरबैग के अलावा, साइड और कर्टन एयरबैग्स भी जोड़े गए हैं। इसके अलावा कार में ABS (EBD के साथ), इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), रिवर्स पार्किंग सेंसर और ऑटो गियर शिफ्ट (AGS) टेक्नोलॉजी जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।

 

पंचायत चुनाव में अनूठी मिसाल : एक ही परिवार से बने पंच- सरपंच- जनपद सदस्य और जिला पंचायत सदस्य

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मुंगेली के पंचायत चुनाव में पंच, सरपंच, जनपद सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव होता है। ऐसे में इन चारों पदों के लिए एक ही परिवार के सदस्यों का चुनाव होना चर्चा जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नगरीय निकाय चुनाव और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का महासमर अभी खत्म नहीं हुआ है। अभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में उपाध्यक्ष का चुनाव होना है। पंचायत क्षेत्रो में उपसरपंच, जनपद, जिला पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होना बाकी है। जिसको लेकर दावेदारों में होड़ मची हुई है और जोर आजमाईश का खेल जारी है। इस बीच इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर आम ज़ुबानी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का एक परिणाम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। दरअसल, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पंच ,सरपंच, जनपद सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव होता है। ऐसे में इन चारों पदों के लिए एक ही परिवार के सदस्यों का चुनाव होना चर्चा जिले भर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

जानिए कौन है ये लोग

मुंगेली जिले के लोरमी ब्लाक के ग्राम मानिकपुर में एक ऐसा परिवार है। जहां एक ही परिवार के चार सदस्य उक्त चारों पदों के लिए निर्वाचित हुए हैं। यह बात सामने आई है कि इस परिवार का क्षेत्र की राजनीति और समाजसेवा में पिछले तीस पैंतीस वर्षों से एक विशेष दखल है। वर्तमान में इस परिवार का नेतृत्व सतनामी समाज के गौकरण भास्कर करते हैं जो कि सामाजिक पदाधिकारी भी है। इस परिवार से त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए हुए मतदान के परिणाम में पंच पद के लिए धरमीन बाई भास्कर को मतदाताओं ने चुना है। सरपंच पद के दिलीप भास्कर को 950 वोटों से जीत दिलाई है, तो वहीं मनीता दिलीप भास्कर को जनपद पंचायत सदस्य के लिए 2000 प्लस वोटों से जीत मिली है और शांति देवचरण भास्कर को 17000 प्लस वोटों से ऐतिहासिक चुनाव जीताकर मतदाताओं ने जिला पंचायत सदस्य के रूप में सेवा का अवसर दिया है।

लगातार चौथी बार बनीं सरपंच 

उल्लेखनीय है कि, उक्त परिवार से सन 1995 में  द्रोपदी रिखीराम भास्कर सरपंच चुनी गई थी। सन 2000 में गौकरण भास्कर को सरपंच बनाया गया था। 2005 में दिलीप भास्कर को पंच, तथा 2010, 2015, 2020 में सरपंच चुना गया था। अब 2025 में चौथे बार सरपंच चुना गया है। सन 2015 में मनीता दिलीप भास्कर जनपद पंचायत सदस्य चुनकर आई थीं व अब दुसरी बार फिर जनपद पंचायत सदस्य चुनकर आई है। इसी परिवार से देवचरण भास्कर 2015 में सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष बनें तो अब शांति देवचरण भास्कर पहली बार जिला पंचायत सदस्य के रूप में चुनी गई. अबकी बार भाजपा अधिकृत प्रत्याशी के रूप में रिकार्ड तोड़ मतों से ऐतिहासिक जीत हासिल कर पुनः जिला पंचायत सदस्य के रूप में सामने आई हैं। ऐसा माना जाता है कि मुंगेली जिले के मानिकपुर गांव के उक्त भास्कर परिवार क्षेत्र के गांव समाज विशेष के लोगों के साथ काफी मजबूती से जुड़े हुए,जिसका नतीज़ा भी चुनाव परिणाम के रूप में सामने आया है।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू एवं उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्यपाल श्री रमेन डेका को जन्मदिवस पर दी शुभकामनाएं

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छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका के जन्मदिवस के अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  सहित देश-प्रदेश के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों, मंत्रियों और नागरिकों ने राज्यपाल को उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएं दी।

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू ने अपने संदेश में राज्यपाल के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि श्री डेका ने अपने प्रशासनिक अनुभव और जनसेवा के प्रति समर्पण से प्रदेश की जनता के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्यपाल के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने राज्यपाल की सेवा भावना की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्यपाल को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “राज्यपाल के रूप में आपके मार्गदर्शन से हम संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य कर रही है” साथ ही मुख्यमंत्री ने मां कामाख्या से राज्यपाल के उत्तम स्वास्थ्य एवं सुखमय जीवन की कामना भी की।

प्रसिद्ध माघ मड़ई मेला में वन मंत्री श्री केदार कश्यप हुए शामिल

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वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम मर्दापाल में आयोजित पारंपरिक भंगाराम माता मावली माघ मड़ई मेला में शामिल हुए। मंत्री श्री कश्यप ने भंगाराम मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मेला मड़ई छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा और संस्कृति की पहचान है। यह अवसर अपनों से मिलने और संपर्क का माध्यम होता है। इससे हमारी युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति को जानने समझने का मौका मिलता है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, मेला समिति के पदाधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम मर्दापाल में आयोजित पारंपरिक भंगाराम माता मावली माघ मड़ई मेला में शामिल हुए

छात्र जीवन सर्वश्रेष्ठ समय : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर सांसद संतोष पांडेय, महापौर मधुसूदन यादव, प्रशासनिक अधिकारी, समाजसेवी, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव समारोह में शामिल हुए

डॉ. सिंह ने महाविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नेक) द्वारा बीप्लस प्लस ग्रेड मिलने पर बधाई दी और इसे गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन व्यक्ति का सर्वश्रेष्ठ समय होता है, जो वापस नहीं आता, इसलिए विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद व सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लेना चाहिए। उन्होने छत्तीसगढ़ के युवाओं की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि वे अमेरिका, यूरोप सहित दुनिया के बड़े संस्थानों में अपनी बुद्धिमत्ता से देश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने नवीन शिक्षा नीति को रोजगारोन्मुख बताते हुए कहा कि इससे युवाओं के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी। साथ ही, उन्होंने महाविद्यालय में अधोसंरचना सुधार, नए कक्षों के निर्माण, नियमित स्टाफ की नियुक्ति और अन्य सुविधाओं के विस्तार के लिए बजट में प्रावधान करने की घोषणा की।

इस अवसर पर प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में लुमिना, कल्याणी, सोनम चंद्राकर, आंचल कसार, ओमेश्वरी, धनश्री चंचल सोनटेके, लक्ष्मी साहू, सुनील कुमार साकरे, योगिता, नम्रता द्विवेदी, दीपांशु साहू, साहिल राय, अशुतोष उपाध्याय, एकता वर्मा, तरूण कुमार, कार्तिका साहू, मिथलेश साहू, भाविका साहू सहित अन्य छात्र शामिल थे।

सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह के प्रयासों से राजनांदगांव में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई है, जिससे क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएं बेहतर हुई हैं। उन्होंने महाविद्यालय के रिकॉर्ड रूम के लिए 55 हजार रुपये और साइकल स्टैंड के लिए 25 लाख रुपये देने की घोषणा की। महापौर मधुसूदन यादव ने कहा कि जिले के प्रमुख महाविद्यालयों कमला कॉलेज, दिग्विजय कॉलेज और शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय में विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मिल रही है। उन्होंने महाविद्यालय की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।

इस कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसडीएम खेमलाल वर्मा, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. निर्मला उमरे, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष रवि सिन्हा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

सुकली बाई का सपना साकार छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के मोतिमपुर गांव में रहने वाली सुकली बाई मेरावी की जिंदगी कभी संघर्ष से भरी थी

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छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के मोतिमपुर गांव में रहने वाली सुकली बाई मेरावी की जिंदगी कभी संघर्ष से भरी थी। बैगा जनजाति से ताल्लुक रखने वाली सुकली बाई और उनका परिवार एक कच्चे मकान में गुजर-बसर कर रहा थाकृएक ऐसा घर जिसे घर कहना भी मुश्किल था। बारिश के दिनों में चारों तरफ से पानी टपकता, दीवारों से सीलन टपकती, और ज़मीन पर फैली नमी से उठती दुर्गंध पूरे घर को घेर लेती। रात के अंधेरे में कीड़े-मकोड़ों और सांप-बिच्छुओं का डर बना रहता।

सुकली बाई की सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चों के लिए सुरक्षित आशियाना बनाना था। लेकिन सीमित आमदनी और आर्थिक तंगी के कारण यह सपना उनके लिए दूर की कौड़ी बना हुआ था। हर साल बरसात में भीगते हुए वे सिर्फ एक ही बात सोचतींकृष्काश मेरा भी पक्का घर होता! फिर वह दिन आया, जब प्रधानमंत्री आदिवासी महा न्याय अभियान योजना (पीएम जनमन योजना) के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना की सौगात उन्हें मिली। जब ग्रामसभा में उनके नाम से आवास स्वीकृत हुआ, तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। उन्हें जैसे उम्मीद की नई रोशनी मिल गई।

सरकार द्वारा पहले 40 हजार रुपये की पहली किश्त उनके खाते में सीधे भेजी गई। यह उनके लिए एक नया सफर थाकृएक पक्के घर की नींव रखने का सफर! जैसे-जैसे घर की दीवारें खड़ी होती गईं, वैसे-वैसे सुकली बाई के सपनों को भी मजबूती मिलती गई। दूसरी किश्त में 60 हजार, तीसरी किश्त में 80 हजार, और आखिर में अंतिम किश्त के 20 हजार रुपये मिलते ही उनका आशियाना तैयार हो गया।

जब सुकली बाई ने पहली बार अपने नए पक्के मकान में कदम रखा, तो उनकी आंखों में आंसू थेकृखुशी और संतोष के। अब न बारिश की चिंता, न ठंड का डर, न ही किसी कीड़े-मकोड़े का खतरा। उनका घर अब सिर्फ चार दीवारों का ढांचा नहीं था, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका था। उनका सामाजिक दायरा भी बदलने लगा। रिश्तेदार अब खुशी-खुशी उनके घर आते और रात भर ठहरते। जो कभी तिरस्कार करते थे, वे अब उनके आवास की तारीफ करते नहीं थकते। उनके जीवन में सिर्फ एक मकान ही नहीं बना, बल्कि एक नई पहचान मिली।

प्रधानमंत्री जनमन योजना से मिले आवास के साथ-साथ उन्हें मनरेगा के तहत 95 दिनों का रोजगार मिला, जिससे 23,085 रुपये की मजदूरी भी उनके खाते में जमा हुई। स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण की सुविधा भी उन्हें मिली। धीरे-धीरे सरकारी योजनाओं का लाभ मिलते गए और उनका जीवन पहले से कहीं अधिक सहज और खुशहाल हो गया। आज सुकली बाई अपने आंगन में बैठकर जब अपने पक्के घर की दीवारों को निहारती हैं, तो उन्हें यकीन नहीं होता कि यह वही घर है जिसकी उन्होंने कभी सिर्फ कल्पना की थी। वे कहती हैं कि प्रधानमंत्री जनमन योजना ने मेरे जीवन की सबसे बड़ी कमी को पूरा कर दिया। अब मेरा भी एक मजबूत, सुरक्षित और सुंदर घर है। इस योजना ने सिर्फ एक मकान नहीं दिया, बल्कि मुझे समाज में सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई पहचान दी है।