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रायपुर की महापौर मीनल चौबे के बेटे ने सड़क पर केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया। वीडियो वायरल होने के बाद अब मेयर मीनल चौबे ने माफी मांगी है

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रायपुर की महापौर मीनल चौबे के बेटे ने सड़क पर केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया। वीडियो वायरल होने के बाद अब मेयर मीनल चौबे ने माफी मांगी है

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की महापौर मीनल चौबे के बेटे ने सड़क पर केक काटकर अपना जन्मदिन मनाया। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें मीनल चौबे के बेटे और समर्थक आतिशबाजी कर जन्मदिन मनाते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि अब मेयर मीनल चौबे ने इस पर माफी मांगी है और वादा किया है कि, दोबारा ऐसा नहीं होगा।

मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर महापौर मीनल चौबे के बेटे ने अपना जन्मदिन सड़क पर आतिशबाजी और केक काटकर मनाया। वायरल वीडियो दो दिन पहले का बताया जा रहा है। जिसमें मीनल चौबे के बेटे और समर्थक आतिशबाजी कर जन्मदिन मनाते हुए नजर आ रहे हैं।

युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पर भी हुई थी कार्रवाई 

उल्लेखनीय है कि, कुछ दिन पहले ही युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पर कार्रवाई हुई थी। उन्होंने भी सड़क पर केक काटकर और आतिशबाजी के साथ जन्मदिन मनाया था। मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

मेयर मीनल चौबे ने मांगी माफी 

सड़क पर केक काटने का वीडियो सामने आने के बाद अब मेयर मीनल चौबे ने माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि, मैंने वीडियो देखा जो मेरे घर के सामने की है। मेरे बेटे का जन्मदिन था, उसने सड़क पर केक काटा है। मैंने आज सुबह ही पढ़ा कि, हाईकोर्ट ने सड़कों पर केक काटने से मना किया है। जो भी हुआ गलत हुआ है मैंने अपने बेटे को समझाइश दी है।

संतरे का ऐसा फायदा आज तक नहीं सुना होगा, डिप्रेशन से दिलाता है छुटकारा

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माइक्रोबायोम में प्रकाशित रिसर्च में दावा किया गया है कि अगर हर दिन एक संतरे का सेवन करते है तो अवसाद यानी डिप्रेशन की बीमारी में कमी आती है।

हर दिन एक संतरा खाने से तनावमुक्त रह सकते हैं। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल और मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल की स्टडी में इस बात का पता चला है कि प्रतिदिन एक संतरा खाने से डिप्रेशन काफी हद तक कम होता है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल और मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने कहा कि प्रतिदिन एक संतरा खाने से व्यक्ति में 20 प्रतिशत तक डिप्रेशन कम हो सकता है।

माइक्रोबायोम में प्रकाशित रिसर्च में दावा किया गया है कि अगर हर दिन एक संतरे का सेवन करते है तो अवसाद यानी डिप्रेशन की बीमारी में कमी आती है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल और मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल के वैज्ञानिक डॉ राज मेहता की अगुवाई में किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि खट्टे फल आंत में पाए जाने वाले गुड बैक्टीरिया के बढ़ाते हैं और यह दिमाग के दो रसायनों के उत्पादन को प्रभावित करते हैं, जो मूड को बेहतर बनाने का काम करते हैं।

डोपामाइन को बढ़ता है

खट्टे फल में सेरोटोनिन और डोपामाइन पाया जाता हैं। जो डिप्रेशन को कम करने में सहायक होता है। शोधकर्ताओं ने 100,000 से ज्यादा महिलाओं पर इस शोध का अध्ययन किया। अध्ययन में पाया गया कि खट्टे फल जैसे संतरा खाने से डिप्रेशन का खतरा काफी कम हो जाता है, क्योंकि खट्टे फल फेकैलिबैक्टीरियम प्रूसनिट्जी बैक्टीरिया में वृद्धि करते हैं। जो मानव आंत में पाए जाने वाले गुड बैक्टीरिया होता है। यह न्यूरोट्रांसमीटर सेरोटोनिन और डोपामाइन के बढ़ाता जो अवसाद को कम करते है।

हार्ट के लिए अच्छा

हार्वर्ड मेडिकल स्कूल और मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल के डॉक्टर राज मेहता ने कहा कि संतरा खाने से मूड अच्छा रहता है। अगर आप अपनी डाइट में खट्टे फलों को शामिल करते हैं तो आप निश्चित तौर पर अवसाद के जोखिम से कम करते हैं। डॉ राज मेहता ने कहा कि खट्टे फलों में कई गुण होते हैं, जिनमें इम्यून पॉवर को बढ़ाते हैं। हार्ट को हेल्दी रखते हैं। पाचन तंत्र में सुधार लाना समेत कई शरीर को कई तरह के फायदे देते हैं। खट्टे फल विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर से भरपूर होते हैं।

99% लोग अनजान, इस रंग के प्याज में भरा सेहत का खजाना, खरीदते समय रखें इस बात का ध्यान

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प्याज खाने का जायका बढ़ा देता है. लेकिन इसकी खासियत सिर्फ इतनी नहीं है. यह सेहत से जुड़ी समस्याओं में भी मददगार हो सकता है. पर इसके लिए सही रंग के प्याज का चुनना जरूरी है, तो चलिए जानते हैं प्याज के रंगों के पीछे कौन-कौन से सेहतमंद गुण हैं, और आपके लिए कौन सा विकल्प फायदेमंद है !

प्याज रसोई का एक अहम हिस्सा है, जो न केवल खाने का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है. प्याज मुख्य रूप से दो रंग के आते हैं-लाल और सफेद. कलर के आधार पर इसमें मौजूद पोषक तत्व भी अलग-अलग होते हैं. ऐसे में कौन सा प्याज अधिक पोषण प्रदान करता है? यह समझना जरूरी है.

लाल और सफेद प्याज दोनों ही कम कैलोरी वाले होते हैं, जो वजन कम करने वाले व्यक्तियों के लिए आदर्श हैं. हालांकि, सफेद प्याज में लाल प्याज की तुलना में थोड़ी कम कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं. इसके अलावा दोनों प्रकार के प्याज में विटामिन और खनिज होते हैं, जैसे विटामिन C, B विटामिन और पोटेशियम. हालांकि, लाल प्याज में थोड़ा अधिक विटामिन C होता है !

यदि कुंडली में हैं सूर्य दोष तो धारण करें इस धातु की अंगूठी, बन जाएंगे सारे काम

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जिस तरह तांबे के लोटे से हम भगवान सूर्य को अर्घ्य देते हैं व हर पूजा पाठ में तांबे के लोटे में पानी भरकर प्रतिमाओं को अर्पित करते हैं ठीक उसी तरह तांबे की अंगूठी धारण करने से हमें कई समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

उज्जवल प्रदेश डेस्क. जिस तरह तांबे के लोटे से हम भगवान सूर्य को अर्घ्य देते हैं व हर पूजा पाठ में तांबे के लोटे में पानी भरकर प्रतिमाओं को अर्पित करते हैं ठीक उसी तरह तांबे की अंगूठी धारण करने से हमें कई समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

ज्योतिष की मानें तो तांबे को सूर्य और मंगल का धातु कहा गया है। इस धातु का हमेशा उपयोग करने पर हमेशा शुभ फल की प्राप्ति होती है। यहां तक की भगवान को जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा कहा जाता है कि तांबे की धातु से बनी अंगूठी पहनना भी काफी शुभ माना जाता है। तांबे की अंगूठी पहनने से कई फायदे मिलते हैं। ऐसी मान्यता है कि तांबे की अंगूठी पहनने से वह लगातार हमारे शरीर के संपर्क में रहती है, जिससे हमारे शरीर को तांबे के औषधीय गुण मिलते हैं।

सामजिक सम्मान में कमी आती है

ज्योतिष की मानें तो यदि जातक की कुंडली में सूर्य दोष हो तो आदमी को कड़ी मेहनत के बाद भी उसका व फल नहीं मिलता जिसका की वह हकदार है। इसके साथ ही उसे सामजिक सम्मान में उतना नहीं मिलता जितना की उसे चाहिए होता है। इसलिए यदि आपका कमजोर सूर्य के कारण जीवन में परेशानियां आप कम नहीं कर पा रहे तो ऐसे में तांबे की अंगूठी पहनें।

शारीरिक तनाव में भी कमी आती है।

ज्योतिष की मानें तो तांबे की अंगूठी पहनने से मानसिक और शारीरिक तनाव में भी कमी आती है। साथ ही इससे गुस्सा भी काफी हद तक काबू में रहता है।

समाज में पद प्रतिष्ठा

बता दें कि तांबे का संबंध सूर्य है और सूर्य को यश और सम्मान का प्रतीक है। इस तरह तांबे की अंगूठी लगातार पहनने से आदमी को समाज में पद औरप्रतिष्ठा और सम्मान की प्राप्ति होती है।

वास्तु के अनुसार अंगुली पर धारण करें

ज्योतिष की मानें तो तांबे की अंगूठी को सूर्य की उंगली में धारण की जाए तो बेहद शुभदायक होता है। इसे पहनने से यदि आपकी कुंडली में सूर्यं से संबंधित कोई दोष होगा तो उसका प्रभाव कम होने लगता है। इसके साथ ही किसी आदमी की पर यदि मंगल की क्रूर दशा हो, तो उसके लिए भी तांबा बेहद लाभकारी है। इससे मंगल के अशुभ प्रभाव समाप्त हो जाते हैं।

किरण सिंह देव ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चयन के लिए सभी जिलों में की पर्यवेक्षकों की नियुक्ति, देखें किसे कहां की मिली जिम्मेदारी

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भारतीय जनता पार्टी के (BJP) छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चयन के लिए सभी 33 जिलों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। जो इस प्रकार है:-

पनीर का ज्यादा सेवन सेहत के लिये है हानिकारक, जान लें ये जरुरी जानकारी….

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स्वास्थ्य : स्वस्थ रहने के लिये खान-पान पर ध्यान देना काफी जरुरी है, वहीँ वर्तमान में कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर पनीर सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। पनीर से सैकड़ों भारतीय व्यंजन बनाएं जाते हैं। जब भी घर में मेहमान आने वाले होते हैं लोग पनीर का कोई न कोई व्यंजन ज़रूर बनाते हैं। या फिर जब भी कुछ स्पेशल डिश बनानी हो तो पनीर का नाम सबसे पहले आता है। पनीर न सिर्फ खाने में टेस्टी होता हैं, बल्कि यह सेहत के लिए भी काफी लाभकारी है। पनीर में विटामिन, प्रोटीन और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं ज़्यादा मात्रा में पनीर का सेवन आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे में कई लोग हैं जो ज्यादा पनीर का ज्यादा सेवन करने से बीमार भी हो सकते हैं। ऐसे में किन लोगों को पनीर का सेवन कम से कम या न के बराबर करना चाहिए?

इन लोगों को नहीं करना चाहिए पनीर का सेवन :

  • फूड पॉइज़निंग : पनीर में अधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। जिसके कारण अगर आपने इसका सेवन अधिक और खराब क्वालिटी का किया तो फूड पाइजनिंग की समस्या हो सकती हैं। बाज़ार में नकली पनीर भारी मात्रा में बिकता है।
  • एलर्जी : अगर लैक्टोस इनटोलरेंस की समस्या है रो आप इसका सेवन संभलकर करे। क्योंकि ऐसे लोगों के लिए पनीर का सेवन करने से एलर्जी हो सकता है। हालांकि पनीर में कम मात्रा में लैक्टोस होता है, लेकिन फिर भी सावधानी के तौर पर कम सेवन करना बेहतर होता है।
  • पाचन तंत्र कर सकता है कमजोर : अधिक पनीर खाने से प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाती है और इस प्रकार पनीर दस्त का कारण बन सकता है और सूजन के साथ  गैस की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यह पचने में भी भारी होता है।
  • हार्ट पेशेंट : अगर आप हार्ट की प्रॉब्लम से पीड़ित है तो आपको ज्यादा पनीर खाने से परहेज करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि, पनीर में अधिक मात्रा में फैट पाया जाता है। जिसकी वजह से अधिक पनीर खाने से कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ सकती हैं जिससे आपको दिल संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोग चाहें तो लो फैट पनीर या टोफू का सेवन कर सकते हैं। ऐसे में पनीर का सेवन नहीं करना चाहिये।
  • हाई ब्लड प्रेशर : हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को ज्यादा पनीर खाने से दूर रहना चाहिए। दरअसल,पनीर में सोडियम की मात्रा अधिक होती है। इसलिए इसके ज्यादा सेवन से हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है।

राजनांदगांव : दिग्विजय कॉलेज का वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह आज

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दिग्विजय कॉलेज का वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह 1 मार्च को दोपहर 12 से शाम 7 बजे तक होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष डॉ.रमन सिंह होंगे। अध्यक्षता सांसद संतोष पांडेय करेंगे। विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, नव निर्वाचित महापौर मधुसूदन यादव, अशोक शर्मा, खूबचंद पारख, सुरेश एच लाल, सुरेश डुलानी, संतोष अग्रवाल, सचिन बघेल आदि रहेंगे।

नोएडा में न्यूज चैनल में IIT बाबा के साथ मारपीट, लगाए कई आरोप, बोले- ‘डंडे से मारा और कमरे में बंद.

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान मशहूर हुए आईआईटी बाबा ने एक प्राइवेट न्यूज चैनल पर इंटरव्यू के दौरान उनके साथ मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगाया है

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सुर्खियों में आए आईआईटी बाबा ने एक न्यूज चैनल में डिबेट के दौरान मारपीट का आरोप लगाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि न्यूज डिबेट के दौरान उनके साथ बदसलूकी की गई. वहीं, उन्होंने स्थानीय पुलिस पर भी इस मामले में उदासीनता दिखाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि नोएडा सेक्टर 126 के थाने में जाकर पुलिस अफसरों से शिकायत की, लेकिन उन्होंने चुप्पी साध ली और थाने से वापस लौटा दिया!

इस मामले में आईआईटी बाबा ने कहा कि 28-02-2025 को मुझे एक प्राइवेट न्यूज चैनल ने इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया. इंटरव्यू के दौरान लोगों ने मेरे साथ बदसलूकी की. इस दौरान बाहर से कुछ भगवा वेश धारण किए लोग न्यूज रूम के अंदर आए और मेरे साथ हाथापाई की. मुझे जबरदस्ती एक कमरे के भीतर बंद करने का प्रयास किया गया. इस मौके वहां मौजूद स्वामी वेदमूरती नंद सरस्वती नाम के एक भगवाधारी शख्स ने मुझ पर डंडे से प्रहार भी किया. पूरी घटना के दौरान मैने इंस्टाग्राम पर वीडियो चालू कर दिया था !

 

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना,सोलर पैनल से घरों में होने लगी रोशनी, बिजली बिल की भी बचत

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रायपुर-सोलर पैनल लगाने से हर महीने बिजली बिल में बचत होते देख अब छत्तीसगढ़ में भी प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों में भी सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं।क्रेडा के अधिकारियों के अनुसार राज्य में अभी तक करीब ढाई लाख लोग प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के पोर्टल में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जिनमें से लगभग 40 हजार लोगों ने घरों में सोलर पैनल लगाने के लिए आवेदन भी किए हैं। इनमें से एक हजार से अधिक लोगों के घरों में सोलर पैनल लग गए हैं। इससे उनके घरों में बिजली का उत्पादन भी होने लगा है, जिससे बिजली बिल में हर महीने अच्छी बचत भी होनी लगी है। यही कारण है कि सोलर पैनल को लेकर लोगों की सोच भी सकारात्मक हुई है, जिससे पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री सूर्य पर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगाकर उपभोक्ता हर महीने घर में ही 360 यूनिट बिजली तैयार कर रहे है. जिससे बिजली बिल में 20 हजार रुपए तक की बचत हो रही है। इस योजना का लाभ लेने के लिए रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों से आवेदन किए जा रहे हैं। इनमें नक्सल प्रभावित मोहला-मानपुर सुकमा, नारायणपुर जैसे जिले भी शामिल है।

सब्सिडी के साथ बैंक लोन

इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी के रूप में छूट दी जा रही है। उपभोक्ता को बैंक से दो लाख रुपए का लोन और हजार रुपए की सब्सिडी में मिल रही। सोलर पैनल की लाइफ 25 वर्ष की है। इस तरह उपभोक्ता को सोलर पैनल लगाने से 4 लाख 21 हजार 200 रुपए की बचत होगी।

दो साल में करीब डेढ़ लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य

क्रेडा के अनुसार इस योजना के तहत प्रदेश में दो वर्ष में करीब डेढ़ लाख घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिलो में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इसके तहत लोगों को सोलर पैनल के फायदों के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।

होली के दिन पड़ेगा साल का पहला चंद्रग्रहण, जानें भारत में इसका सूतक मान्य होगा या नहीं?

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इस साल 14 मार्च को होली का त्योहार पड़ रहा है। वहीं, साल का पहला चंद्रग्रहण भी इसी दिन लगने वाला है। ऐसे में सभी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है कि चंद्रग्रहण का सूतक भारत में मान्य होगा नहीं? दरअसल, हर साल फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष में पूर्णिमा की तिथि पर शाम के वक्त होलिका दहन होता है, वहीं इसके अगले दिन रंगोत्सव मनाया जाता है। इस साल 13 मार्च को होलिका दहन और 14 मार्च को होली मनाई जाएगी। लेकिन इस बार चंद्रग्रहण पर होली का साया पड़ रहा है। होली के दिन पड़ने वाले चंद्रग्रहण का समय सुबह 9:29 बजे से दोपहर 3:29 तक रहने वाला है। राहत की बात है कि यह चंद्रग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। ऐसे में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। इसका प्रभाव मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अफ्रीका के अधिकांश क्षेत्र के अलावा प्रशांत, अटलांटिक, आर्कटिक महासागर, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, पूर्वी एशिया और अंटार्कटिका पर पड़ेगा।

भारत में चंद्रग्रहण दिखाई नहीं देगा, क्योंकि चंद्रग्रहण भारतीय समय अनुसार दिन में घटित होने वाला है। चंद्रग्रहण का ज्योतिषीय, धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व होता है। धार्मिक दृष्टि से इसका कारण राहु-केतु माने जाते हैं। ज्योतिष के अनुसार, ये ग्रहण केतु के कारण लगने वाला है। राहु और केतु को सांप की भांति माना गया है, जिनके डसने पर ग्रहण लगता है। वहीं, कुछ का मानना है कि जब राहु और केतु चंद्रमा को निगलने की कोशिश करते हैं, तब चंद्रग्रहण लगता है।

14 मार्च को लगने वाला यह चंद्रग्रहण कन्या राशि में होगा। इसलिए कन्या राशि के जातकों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इस राशि से संबद्ध जातकों के लिए ये चंद्रग्रहण अशुभ फल देने वाला रहेगा। अगर चंद्रग्रहण के वैज्ञानिक दृष्टिकोण की बात करें, तो ये एक खगोलीय घटना है। जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आते हैं, तो इस दौरान सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर पड़ता है, लेकिन चंद्रमा पर नहीं पड़ता है। इस घटना को ही चंद्रग्रहण कहते हैं।