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आत्मानंद स्कूलों में टीचिंग-नॉन टीचिंग स्टाफ की बंपर भर्ती…

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आत्मानंद स्कूलों में टीचिंग-नॉन टीचिंग स्टाफ की बंपर भर्ती…

छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल (SEGES) में भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। अब टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के करीब 3 हजार पदों पर नियुक्तियां (Atmanand School Recruitment 2026) स्टेट लेवल एग्जाम के जरिए की जाएंगी। इसके लिए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

16 जून से नया शिक्षा सत्र शुरू होने जा रहा है। इससे पहले स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता लाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए केंद्रीयकृत भर्ती व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है।

जिला स्तर की भर्ती पर लगी रोक

डीपीआई ने स्वामी आत्मानंद स्कूलों में जिला स्तर पर चल रही संविदा भर्ती प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। अब सभी रिक्त पदों के लिए एक ही स्टेट लेवल एग्जाम आयोजित किया जाएगा।

एग्जाम के बाद राज्य स्तर पर मेरिट लिस्ट तैयार होगी, जिसे संबंधित जिलों को भेजा जाएगा। इसी मेरिट के आधार पर उम्मीदवारों को नियुक्ति दी जाएगी। इस संबंध में सभी कलेक्टरों, जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और स्वामी आत्मानंद विद्यालय समिति के अध्यक्षों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

751 स्कूलों में पढ़ते हैं 4.5 लाख स्टूडेंट्स

प्रदेश में वर्तमान में 403 इंग्लिश मीडियम और 348 हिंदी मीडियम समेत कुल 751 स्वामी आत्मानंद स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों में करीब 4.50 लाख स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं। लंबे समय से बड़ी संख्या में पद खाली होने के कारण कई स्कूलों में स्टाफ की कमी महसूस की जा रही थी।

किन पदों पर होगी भर्ती : पद- रिक्त पद:-

  • प्रिंसिपल 66
  • लेक्चरर 993
  • मिडिल स्कूल हेडमास्टर 53
  • टीचर 583
  • प्राइमरी हेडमास्टर 36
  • असिस्टेंट टीचर 645
  • लैब असिस्टेंट 252
  • लाइब्रेरी असिस्टेंट 101
  • अकाउंटेंट 97
  • असिस्टेंट ग्रेड-3 116
  • कुल रिक्त पद 2912

जल्द आएगी भर्ती गाइडलाइन

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि भर्ती से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइन, पात्रता, शैक्षणिक योग्यता और एग्जाम शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।

क्यों अहम है नया सिस्टम

नई व्यवस्था लागू होने से पूरे राज्य में एक समान चयन प्रक्रिया लागू होगी। अलग-अलग जिलों में अलग नियमों और चयन प्रक्रिया की स्थिति खत्म होगी। साथ ही स्थानीय दबाव, भाई-भतीजावाद और अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा। एक आवेदन, एक परीक्षा और एक मेरिट लिस्ट के जरिए पूरी भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

 

CG: अगले 5 दिनों तक आंधी-बारिश का अलर्ट, जानिए, क्यों बदल रहा मौसम?

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भीषण गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों को अगले पांच दिनों तक राहत मेलेगी। मौसम विभाग ने प्रदेशभर में मेघगर्जन, तेज हवा, वज्रपात और वर्षा होने की संभावना जताई है। रविवार को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। रायपुर शहर के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार को आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहेगा। गरज-चमक, अंधड़ और बारिश की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 42 व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

अगले दो दिनों में तापमान होगी गिरावट

मौसम विभाग का कहना है के अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की और गिरावट हो सकती है। वहीं रविवार को राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रहा। रायपुर का अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग के अनुसार, रविवार को प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा पेंड्रा रोड में हुई। यहां 70 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं बलौदा और महासमुंद में 10 मिलीमीटर वर्षा हुई। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी वर्षा हुई है।

सामान्य से सात डिग्री कम रहा तापमान

मौसम विभाग के अनुसार, अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान सामान्य से सर्वाधिक 7.2 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। बिलासपुर का अधिकतम तापमान सामान्य से 5.2 डिग्री व अंबिकापुर का 5.1 डिग्री कम रहा। पेंड्रारोड में अधिकतम तापमान 4.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री कम दर्ज किया गया।

रायपुर में अधिकतम तापमान सामान्य से 1.7 डिग्री व न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री कम रहा। वहीं जगदलपुर में अधिकतम तापमान 1.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री कम दर्ज किया गया।

60 किमी प्रतिघंटा तक चल सकती है हवा

मौसम विभाग ने सोमवार के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है। साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। अगले दो दिनों के दौरान भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और हल्की बारिश होने के आसार बने हुए हैं।

जानिए, क्यों बदल रहा मौसम?

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, विदर्भ और उत्तरी तेलंगाना क्षेत्र के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तथा उससे जुड़ी द्रोणिका के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदल रहा है। इसी कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल छाने, गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

प्रमुख शहरों का तापमान

शहर अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C)
रायपुर 40.3 24.0
बिलासपुर 38.0 23.0
पेंड्रारोड 35.4 19.8
अंबिकापुर 35.1 19.2
जगदलपुर 36.3 21.6
दुर्ग 39.1 24.0
राजनांदगांव 42.0 22.0

 

महंगा होगा बस का सफर! डीजल के दाम बढ़ने का असर, किराए में भारी बढ़ोतरी के आसार…

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छत्तीसगढ़ में डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण बस किराया बढ़ सकता है. छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने परिवहन मंत्री से मिलकर सामान्य बसों के किराए में 50% और एसी बसों में 30% बढ़ोतरी की मांग की है.

छत्तीसगढ़ में बस का सफर जल्द ही काफी महंगा हो सकता है. डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने बस ऑपरेटरों की चिंता बढ़ा दी है. इसी समस्या को लेकर छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने सरकार के सामने किराए में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है.

छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के प्रतिनिधियों ने हाल ही में प्रदेश के परिवहन मंत्री से मुलाकात की. इस बैठक में महासंघ ने अपनी मांगों को विस्तार से रखा. उन्होंने सरकार से सामान्य बसों के किराए में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का आग्रह किया है. साथ ही, एसी डीलक्स बसों के किराए में भी 30 प्रतिशत तक की वृद्धि का प्रस्ताव दिया गया है.

2021 के बाद नहीं बढ़ा किराया
महासंघ का तर्क है कि प्रदेश में यात्री किराए में आखिरी बार संशोधन साल 2021 में किया गया था. पिछले तीन सालों में वाहनों के रखरखाव और संचालन का खर्च भी लगातार बढ़ता जा रहा है. संगठन के मुताबिक, किराए में उस अनुपात में बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे अब बस संचालन आर्थिक रूप से कठिन हो गया है.

सिर्फ डीजल ही नहीं, अन्य खर्चों का भी बढ़ा बोझ
बस ऑपरेटरों का कहना है कि केवल ईंधन ही महंगा नहीं हुआ है, बल्कि बस से जुड़े अन्य सभी खर्चे भी बढ़ गए हैं. टायर, बीमा और स्पेयर पार्ट्स की कीमतों में भारी उछाल आया है. इसके साथ ही बस बॉडी का निर्माण और कर्मचारियों के वेतन में भी काफी वृद्धि हुई है. इन सब कारणों से ऑपरेटरों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है.

सुरक्षा नियमों से बढ़ा अतिरिक्त खर्च
सरकार द्वारा लागू किए गए नए सुरक्षा नियमों ने भी बस मालिकों की जेब पर बोझ डाला है. फिटनेस, सीट बेल्ट, स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन और हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जैसे नियमों को अनिवार्य करने से अतिरिक्त खर्च बढ़ा है. संगठन का दावा है कि इन परिस्थितियों के कारण 90 प्रतिशत से ज्यादा बस ऑपरेटर भारी आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं. फिलहाल, सरकार महासंघ की इन मांगों पर विचार-विमर्श कर रही है.

छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी…

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त्रिस्तरीय पंचायतों के आम एवं उप चुनाव के लिए मतदान शुरू हो चुका है. त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन के अंतर्गत पंच पद के लिए कुल 1136 पद निर्धारित थे, जिनमें 385 पदों पर कोई नामांकन प्राप्त नहीं हुआ तथा 4 पदों पर नामांकन निरस्त किए गए. 640 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन संपन्न हुआ है, जबकि शेष 107 पदों पर मतदान कराया जा रहा है, जिनके लिए कुल 246 उम्मीदवार मैदान में हैं.

सरपंच पद के लिए कुल 82 पदों में से 30 पदों पर नामांकन प्राप्त नहीं हुए तथा 3 नामांकन निरस्त हुए. 15 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन संपन्न हुआ है और शेष 34 पदों पर मतदान हो रहा है. कुल 105 अभ्यर्थी चुनाव लड़ रहे हैं. इसी प्रकार जनपद सदस्य के 10 पदों पर सभी स्थानों पर सविरोध निर्वाचन होगा तथा इन पदों के लिए कुल 41 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. नगरीय निकाय निर्वाचन के अंतर्गत पार्षद पद के कुल 71 स्थानों पर मतदान कराया जा रहा है. इन पदों के लिए कुल 221 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं.

छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की सचिव शिखा राजपूत तिवारी ने कहा कि नगरीय निकायों के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से तथा त्रि-स्तरीय पंचायतों के चुनाव मतपेटी (बैलेट बॉक्स) के माध्यम से कराया जा रहा है.

सूरजपुर के शिवनंदनपुर में तेजी से बढ़ रहा मतदान प्रतिशत

दोपहर 1 बजे तक 63 फीसदी तक मतदान हो चुका है.पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 62.8 है जबकि महिला मतदाताओं ने अबतक 64.80 फीसदी मतदान कर दिया है.

कवर्धा में तेजी से बढ़ रहा है मतदान प्रतिशत, वोटरों की अभी लगी है लंबीलंबी कतारें

कबीरधाम के मतदान केंद्रों पर वोटरों में वोट डालने को लेकर जबरदस्त उत्साह बना हुआ है. कड़ी धूप के बावजूद लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए वोटिंग सेंटर पर आ रहे हैं. महिलाएं भी बड़ी संख्या में वोट डालने आ रही हैं.

धमतरी में मतदान केंद्रों पर कड़ी धूप के बावजूद लगी वोटरों की कतारें

त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन के तहत वोटर अपने पसंद के सरपंच और पंच के लिए मतदान कर रहे हैं. मतदान प्रक्रिया दोपहर 3 बजे तक चलेगी. चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जा रहा है.

कबीरधाम के सहसपुर लोहारा में वोटिंग में आई तेजी

सुबह 11 बजे तक मतदान 27. 34 फीसदी तक पहुंचा. अभी भी वोटरों की भारी भीड़ मतदान केंद्रों के बाहर लाइन में खड़ी है.

जीपीएम में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी, वोटिंग को लेकर मतदाताओं में उत्साह

ग्राम पंचायत मुरमुर में सरपंच पद और भर्रीडांड में पंच पद के लिए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं. दोनों स्थानों पर बैलेट पेपर के माध्यम से मतदान कराया जा रहा है।

कबीरधाम के सहसपुर लोहारा में मतदान में आई तेजी, मतदान केंद्र पर वोटरों की कतार हुई लंबी

सहसपुर लोहारा में मतदान करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. सुबह 9 बजे तक यहां मतदान 10. 73 फीसदी दर्ज किया गया.

सूरजपुर में मतदान केंद्र पर नजर आई लापरवाही, दिव्यांग वोटर को होना पड़ा परेशान

मतदान केंद्र पर दिव्यांग वोटर को वोट डालने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा. यहां तैनात पुलिसकर्मियों और परिजनों ने बुजुर्ग को पकड़कर मतदान कक्ष तक पहुंचाया. व्हीलचेयर या रैंप की व्यवस्था नहीं की गई थी.

सूरजपुर के नगर पंचायत शिवनंदनपुर में 9 बजे तक 12 फीसदी से ज्यादा मतदान दर्ज

नगर पंचायत शिवनंदनपुर में मतदान करने वालों की भीड़ बढ़ती जा रही है. राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 9 बजे तक 12 फीसदी से ज्यादा मतदान दर्ज किया चुका है.

बालोद में मतदान के लिए वोटरों की लगी लाइन, मतदान केंद्र पर पीने के पानी का किया गया इंतजाम

पलारी नगर पंचायत में पहली बार त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव हो रहा है. 3766 मतदाता आज अपना वोट डालेंगे. सुबह से ही वोट डालने वालों की कतार मतदान केंद्र के बाहर लगी है. मतदान स्थल से 300 मीटर की दूरी के बाद चाय और नाश्ते का स्टॉल लगा है.

बैकुंठपुर जनपद पंचायत के 23 मतदान केंद्रों पर वोटिंग जारी

कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड में त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन की प्रक्रिया जारी है. 23 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है. मतदान दोपहर 3 बजे तक होगा. 8 पंच पदों और 1 जनपद पंचायत सदस्य पद के लिए कुल 24 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. निर्वाचन में 6,639 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं.

सूरजपुर में मॉक पोल के बाद मतदान प्रक्रिया शुरू

मॉक पोल की प्रक्रिया के बाद मतदान शुरू हो चुका है. मतदान केंद्र पर महिला ओर पुरूष वोटर बड़ी संख्या में वोट डालने के लिए लाइन में खड़े हैं. यहां शाम 5 बजे तक मतदान होगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने लोगों से बढ़-चढ़कर मतदान करने की अपील की है. ओबीसी मुक्त अध्यक्ष पद के लिए बीजेपी कांग्रेस समेत तीन प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. 15 वार्डो में पार्षद पद के 52 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं. कुल 4 हजार 642 मतदाताओं में 2 हजार 335 पुरुष और 2 हजार 307 महिला मतदाता करेंगे मतदान.

धमतरी में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू, वोटिंग सेंटर पर लोगों की भारी भीड़

त्रिस्तरीय पंचायत उप निर्वाचन के लिए मतदान शुरू हो चुका है. सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लोगों की भारी भीड़ लाइन में खड़ी है. लोग बारी बारी से अपने वोट डाल रहे हैं. मतदान शाम 3 बजे तक चलेगा. जिले के 2 सरपंच और 20 पंच पदों के लिए मतदान जारी है.

बलौदाबाजार में त्रिस्तरीय पंचायत उपनिर्वाचन के लिए मतदान शुरू, कुकुरदी में सुबह से ही मतदाताओं की भारी भीड़

त्रिस्तरीय पंचायत उप-निर्वाचन 2026 के तहत सरपंच और पंच के रिक्त पदों को भरने के लिए सुबह 7 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. लोकतंत्र के इस उत्सव में ग्रामीण बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. विशेषकर ग्राम पंचायत कुकुरदी से भारी उत्साह की खबरें आ रही हैं, जहां सुबह से ही लोग मतदान केंद्रों पर लंबी कतारों में लगकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं.

कवर्धा के नगर पंचायत सहसपुर लोहारा अध्यक्ष पद के उपचुनाव के लिए मतदान शुरू

कबीरधाम जिले की नगर पंचायत सहसपुर लोहारा में अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव का मतदान शुरू हो चुका है. अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस – भाजपा समेत 6 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला मतदाता करेंगे. नगर पंचायत अध्यक्ष स्वर्गीय संतोष मिश्रा के आकस्मिक निधन के बाद यह पद रिक्त हो गया था. इससे पहले नगर पंचायत में भाजपा का कब्जा था. उपचुनाव में भाजपा ने सरिता संतोष मिश्रा को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने रोशन वैष्णव को मैदान में उतारा है.

पलारी नगर पंचायत के सभी 15 मतदान केंद्रों की कमान महिला अधिकारी संभाल रही हैं

बालोद के नवनिर्मित नगर पंचायत पलारी में ‘नगर पालिका आम निर्वाचन 2026’ के तहत सुबह 8 बजे से वोट डाले जाएंगे. शाम 5 बजे तक मतदान होगा. पलारी के इतिहास में यह पहला मौका है जब नगर पंचायत के सभी 15 मतदान केंद्रों पर पीठासीन अधिकारी से लेकर मतदान अधिकारी क्रमांक 1, 2 और 3 के पदों पर केवल महिला कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है. चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. पूरे 15 मतदान केंद्रों को 2 सेक्टरों में विभाजित किया गया है. दोनों ही सेक्टरों में कानून व्यवस्था पर नजर रखने और सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए दो सेक्टर ऑफिसर तैनात किए गए हैं.

सूरजपुर के नवगठित नगर पंचायत शिवनंदनपुर में पहली बार वोट डाले जाएंगे

नवगठित नगर पंचायत शिवनंदनपुर में चुनाव को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है. नगर पंचायत के अध्यक्ष और पार्षद पदों के लिए मतदान अब से थोड़ी देर बाद शुरू होगा. मतदान को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं. नगर पंचायत शिवनंदनपुर में अध्यक्ष पद इस बार अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मुक्त श्रेणी के लिए निर्धारित है. अध्यक्ष पद के लिए भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस सहित कुल तीन प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. वहीं नगर पंचायत के 15 वार्डों में पार्षद पद के लिए कुल 52 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.

देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ने के बाद अब दालों की कीमतों में तेजी….

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Pulses Price Hike: ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, तो ट्रांसपोर्टेशन पर खर्च भी बढ़ा है. ऊपर से बेमौसम बारिश की वजह से फसलों की पैदावार भी प्रभावित हुई हैं, इनसे अब दालों की कीमतों में इजाफा हो रहा है.

Pulses Price Hike after Petrol-Diesel: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ने के बाद अब दालों की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. इससे आम जनता की रसोई का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के मद्देनजर एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें बीते 15 दिनों में 7.50 रुपये तक बढ़ गई हैं. वहीं, अब ट्रांसपोर्टेशन और मौसम की मार से दालों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं.

क्यों बढ़ रही हैं दालों की कीमत?

  • पेट्रोल-डीजल के दाम इन दिनों बढ़े हैं. क्रूड ऑयल महंगा होने से पहले ही आयात महंगा हो गया है. अब देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत में बढ़ोतरी का असर मालभाड़े पर पड़ रहा है. ट्रकों का किराया पहले के मुकाबले काफी बढ़ गया है. इससे मंडियों से किराना दुकानों तक दाल पहुंचाने की लागत बढ़ गई है.
  • बेमौसम बारिश और अल-नीनो (El Nino) की वजह से देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में उड़द और तुअर या अरहर की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.
  • अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की मजबूती और ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों की वजह से आयात भी महंगा हो गया है इसलिए देश में दालों की कीमतें बढ़ती जा रही हैं.

अभी कितनी है कीमत? 

दाल कीमत
अरहर 115-150 रुपये
उड़द 110-140 रुपये
मूंग 95-130 रुपये
मसूर 85-110 रुपये
चना दाल 80-95 रुपये

अरहर के सबसे बढ़े दाम

थोक बाजार में इस समय अरहर के दाल के दामों में सबसे तेजी देखने को मिल रही है. कारोबारियों का कहना है कि थोक बाजार में अरहर दाल 12 फीसदी महंगी होकर 9000-12250 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गई हैं. उत्तर प्रदेश की मंडियों में इसका औसत थोक भाव 10440 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास है. वहीं, सिलीगुड़ी जैसी कुछ और बड़ी मंडियों में कीमत अधिकतम 11000 प्रति क्विंटल पर पहुंच गई हैं.

क्यों अरहर के सबसे ज्यादा उछले दाम?

भारत अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए म्यांमार और अफ्रीकी देशों से बड़े पैमाने पर अरहर दाल आयात करता है. पश्चिम एशिया में तनाव के चलते समुद्री मालभाड़ा इतना अधिक बढ़ गया है कि विदेशों से अरहर दाल भारत आते-आते महंगी होती जा रही है.

हिमाचल नगर निगम चुनावों में BJP का दबदबा, 3 निगमों पर कब्जा…

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हिमाचल प्रदेश के नगर निगम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार में से तीन नगर निगमों में जीत दर्ज की है. चुनाव परिणामों के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने दावा किया कि नगर निगम, नगर निकाय और पंचायत चुनावों में मिले जनसमर्थन ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की नीतियों से असंतुष्ट है. उन्होंने कहा कि यह परिणाम कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनमत हैं और 2027 के विधानसभा चुनावों की तस्वीर भी साफ कर रहे हैं.

नगर निगमों में भाजपा की बड़ी जीत

शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में राजीव बिंदल ने बताया कि मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगमों में भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल की है. मंडी नगर निगम की 14 में से 12 सीटों, धर्मशाला की 17 में से 11 सीटों और सोलन की 17 में से 10 सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे. वहीं पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस को बढ़त मिली, लेकिन भाजपा ने पिछली बार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है. बिंदल ने कहा कि चार में से तीन नगर निगमों में मिली सफलता प्रदेश में बदलते राजनीतिक माहौल का संकेत है.

पंचायत और निकाय चुनावों में भी भाजपा को बढ़त

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 17 मई को हुए नगर निकाय चुनावों में 25 नगर परिषदों में से 18 और 22 नगर पंचायतों में से 12 स्थानों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने बढ़त हासिल की. उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के कांग्रेस की जीत संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने अधिकृत उम्मीदवार ही घोषित नहीं किए थे, इसलिए जीत का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है. बिंदल के अनुसार पंचायत चुनावों में भी भाजपा समर्थित 3,759 पंचायतों में से करीब 2,780 प्रधान और 2,930 उपप्रधान निर्वाचित हुए हैं, जो 74 से 77 प्रतिशत सफलता दर को दर्शाता है.

बिंदल ने कांग्रेस सरकार पर नगर निकायों में सत्ता बनाए रखने के लिए नियमों में बदलाव करने का आरोप लगाया. उन्होंने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव संबंधी संशोधनों को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि भाजपा इस मुद्दे को न्यायालय और जनता के बीच उठाएगी. उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, कर्मचारियों की समस्याएं, अधूरे वादे और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जनता में भारी नाराजगी है, जिसका असर चुनाव परिणामों में साफ दिखाई दिया है. नतीजे सरकार के खिलाफ रेफरेंडम जैसे हैं ऐसे में सरकार ज्यादा समय तक सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है.

हिमाचल में 4 नगर निगम चुनावों के नतीजे घोषित, BJP का पलड़ा रहा भारी, कांग्रेस का क्या रहा हाल?

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हिमाचल में 4 नगर निगम चुनावों के नतीजे घोषित, BJP का पलड़ा रहा भारी, कांग्रेस का क्या रहा हाल?

Himachal MC Election Results: हिमाचल प्रदेश के मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगमों में बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज करते हुए अपना परचम लहराया है. पालमपुर में कांग्रेस को बढ़त मिली है.

हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों- धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन के चुनाव नतीजे आ गए हैं. इन परिणामों में BJP ने मंडी, धर्मशाला और सोलन में शानदार जीत दर्ज करते हुए अपना परचम लहराया है, वहीं पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस को बढ़त मिली है. मंडी में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है. कुल 14 वार्डों में से भाजपा ने 12 पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है.

सोलन में भाजपा ने 10 सीटें जीतकर बढ़त बनाई. वहीं, कांग्रेस के खाते में 6 सीटें आई हैं. धर्मशाला निगम में भी भाजपा ने 11 सीट जीत कर कांग्रेस को पांच सीटों में समेट दिया. जबकि पालमपुर, चारों नगर निगमों में से ऐसा रहा जहां 15 में से 11 सीट जीतकर कांग्रेस ने अपनी साख बचाई.

सोलन नगर निगम चुनाव के नतीजे

  • कुल वार्ड- 17
  • भाजपा- 10
  • कांग्रेस- 6
  • निर्दलीय- 1
  • वार्ड नं 1 भाजपा की नीलम सोपाल की जीत
  • वार्ड नं 2 भाजपा की सुषमा शर्मा की जीत
  • वार्ड नं 3 निर्दलीय गौरव राजपूत जीते
  • वार्ड नं 4 भाजपा के रोहित भारद्वाज विजयी
  • वार्ड नं 5 भाजपा की डॉ. प्रियंका पांजा की जीत
  • वार्ड नं 6 भाजपा की रेखा साहनी की जीत
  • वार्ड नं 7 कांग्रेस की पूजा कुमारी जीतीं
  • वार्ड नं 8 भाजपा के सुरेंद्र कुमार जीते
  • वार्ड नं 9 कांग्रेस की मीनाक्षी शर्मा की जीत
  • वार्ड नं 10 कांग्रेस के अंकुश सूद जीते
  • वार्ड नं 11 भाजपा की सरिता ठाकुर की जीत
  • वार्ड नं 12 भाजपा की प्रियंका अग्रवाल की जीत
  • वार्ड नं 13 कांग्रेस के नरेन्द्र कुमार जीते
  • वार्ड नं 14 कांग्रेस की सुलक्षणा कौड़ा जीते
  • वार्ड नं 15 भाजपा के अभिषेक ठाकुर की जीत
  • वार्ड नं 16 भाजपा की सीमा कुमारी की जीत
  • वार्ड नं 17 कांग्रेस की अरूणा ठाकुर की जीत

धर्मशाला नगम निगम के नतीजे

  • कुल वार्ड-17
  • भाजपा-11
  • कांग्रेस-5
  • निर्दलीय-1
  • वार्ड 1 भाजपा रेखा देवी, फर्स्टगंज जीती
  • वार्ड 2 भाग सुनाग शमशेर सिंह, भाजपा जीत
  • वार्ड 3 आशा देवी, मैक्लोडगंज , भाजपा जीत
  • वार्ड 4 नीनू शर्मा, कांग्रेस प्रत्याशी, कश्मीर हाउस जीत
  • वार्ड 5 खजांची मोहल्ला, शैलजा कांग्रेस जीत
  • वार्ड 6 करिश्मा, कोतवाली बाजार, भाजपा जीत
  • वार्ड 7 आशु , भाजपा, सेक्ट्रियट जीत
  • वार्ड 8 खेल परिसर, प्रेरणा गुलेरिया, भाजपा जीत
  • वार्ड 9 नरेश कुमार, आजाद प्रत्याशी, सकोह जीत
  • वार्ड 10 सुदेश, श्यामनगर, कांग्रेस जीत
  • वार्ड 11 अनुराग कुमार, रामनगर, कांग्रेस, जीत
  • वार्ड 12  बडोल, मीना कुमारी, भाजपा जीत
  • वार्ड 13 दाड़ी, हर्ष ओबरॉय, भाजपा जीत
  • वार्ड 14 अनोज विष्ट, कंडी दाड़ी, कांग्रेस जीत
  • वार्ड 15 खनियारा के प्रवीण प्रकाश भाजपा प्रत्याशी की जीत
  • वार्ड – 16 सिद्धपुर, अनुपम कटोच, भाजपा जीत
  • वार्ड 17 सिद्धवाड़ी, विशाल जंबाल, भाजपा जीत

पालमपुर नगर निगम चुनाव के नतीजे

  • कुल वार्ड-15
  • कांग्रेस-11
  • भाजपा-4
  • वार्ड नंबर 1  कांग्रेस, इंद्र पाल- 858
  • वार्ड नंबर 2 कांग्रेस, राधा सूद -419
  • वार्ड नंबर 3 कांग्रेसस, रणजीत कौर-1019
  • वार्ड नंबर 4 कांग्रेस, शैलजा चौहान- 598
  • वार्ड नंबर 5 कांग्रेस, रविंदर कुमार-615
  • वार्ड नंबर 6 कांग्रेस, कविता मिन्हास- 719
  • वार्ड नंबर 7 कांग्रेस, सविता राठौर-1062
  • वार्ड नंबर 8 कांग्रेस, रितेश ठाकुर-955
  • वार्ड नंबर 9  भाजपा की मीनू-701
  • वार्ड नंबर 10 नीलम मालिक कांग्रेस, जीत
  • वार्ड नंबर 11 किरण देवी, भाजपा, जीत
  • वार्ड नंबर 12 से ललित भाजपा विजयी
  • वार्ड नंबर 13 से अंचना कांग्रेस से विजयी
  • वार्ड नंबर 14 से मोनिका शर्मा भाजपा की जीत
  • वार्ड. 15 कांग्रेस राजकुमार विजयी घोषित

मंडी नगर निगम के परिणाम क्या?

कुल सीटें- 14
भाजपा-12
कांग्रेस-1
निर्दलीय-1

वार्डवार विजेता

खलियार – अलकनंदा हांडा (निर्दलीय)
पुरानी मंडी – सरिता हांडा (भाजपा)
पड़दल – निर्मल (भाजपा)
नेला – नरवदा देवी (कांग्रेस)
मंगवाईं – कृष्णा ठाकुर (भाजपा)
सन्यारड़ – वीरेंद्र सिंह आर्य (भाजपा)
तल्याहड़ – जितेंद्र कुमार (भाजपा)
पैलेस कॉलोनी-I – गुरदीप कौर (भाजपा)
पैलेस कॉलोनी-II – सुमन (भाजपा)
सुहड़ा – नेहा (भाजपा)
समखेतर – जितेंद्र (भाजपा)
भगवाहन – गगन (भाजपा)
थनेहड़ा – रजनी शर्मा (भाजपा)
धौंधी – रीता देवी (भाजपा)

मंडी नगर निगम में भाजपा ने 14 में से 11 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है, जबकि कांग्रेस को 1 सीट और 1 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहा. एक सीट पर चुनाव नहीं हुआ है.

Ebola Virus: इबोला का नया स्ट्रेन ग्लोबल इमरजेंसी घोषित, इससे भारत को कितना डरना चाहिए?

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Ebola Outbreak: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला के नए प्रकोप की पुष्टि हुई है और शुरुआती जेनेटिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह वायरस कई हफ्तों, संभव है कई महीनों से चुपचाप फैल रहा था.

दुनिया एक बार फिर इबोला वायरस को लेकर सतर्क हो गई है. डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला के नए प्रकोप की पुष्टि हुई है और शुरुआती जेनेटिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह वायरस कई हफ्तों, संभव है कई महीनों से चुपचाप फैल रहा था. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस नए स्ट्रेन के व्यवहार और इसकी क्षमता को लेकर अभी भी कई सवालों के जवाब नहीं मिले हैं. ऐसे में दुनिया के कई देशों की तरह भारत में भी यह सवाल उठने लगा है कि क्या इस वायरस से डरने की जरूरत है.

कैसे फैलता है इबोला वायरस?

एक्सपर्ट  के अनुसार इबोला उन वायरसों में शामिल नहीं है जो हवा के जरिए तेजी से फैलते हैं. यह वायरस शरीर में तभी प्रवेश करता है जब इंफेक्टेड व्यक्ति के खून, लार, मल, यूरिन या अन्य शारीरिक द्रव के सीधे संपर्क में आया जाए. लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के एक्सपर्ट डॉ. डेविड हेमन, जिन्होंने 1976 में पहली बार इबोला पर स्टडी किया था, बताते हैं कि यह वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में मुख्य रूप से शारीरिक लिक्यूड के जरिए फैलता है. यही कारण है कि मरीजों की देखभाल करने वाले स्वास्थ्यकर्मी और परिवार के सदस्य सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं.

शरीर में कैसे फैलता है यह?

वायरस शरीर में प्रवेश करने के बाद सीधे इम्यून सिस्टम पर हमला करता है. जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ मेंज के वायरोलॉजी प्रोफेसर डॉ. बोडो प्लाख्टर के अनुसार वायरस पहले लसीका ग्लैंड में अपनी संख्या बढ़ाता है और फिर खून के जरिए शरीर के अलग-अलग अंगों तक पहुंच जाता है.  यह उन सेल्स को निशाना बनाता है जो सामान्य परिस्थितियों में शरीर को इंफेक्शन से बचाती हैं. जब यही इन्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है तो वायरस तेजी से पूरे शरीर में फैलने लगता है.

पहचानना क्यों होता है मुश्किल?

इबोला की सबसे बड़ी चुनौती इसके शुरुआती लक्षण हैं. शुरुआत में मरीज को सामान्य बुखार, सर्दी, इंफेक्शन या मलेरिया जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. कई बार मरीज को कुछ समय के लिए राहत भी महसूस होती है, लेकिन इसके बाद बीमारी गंभीर रूप ले सकती है. डॉ. डेविड हेमन के अनुसार बाद के चरण में शरीर के विभिन्न हिस्सों से ब्लड निकलने जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. यही वह समय होता है जब मरीज सबसे ज्यादा संक्रामक होता है और इंफेक्शन फैलने का खतरा बढ़ जाता है.

भारत में क्या स्थिति है?

अब सवाल यह है कि भारत को कितना डरना चाहिए. मई 2026 तक भारत में इबोला का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है. हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली बेवसाइट clinikk के एक्सपर्ट के आकलन के मुताबिक भारतीय आबादी के लिए फिलहाल सीधा खतरा कम है. देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर निगरानी व्यवस्था, स्वास्थ्य जांच, बड़े अस्पतालों में त्वरित जांच सुविधाएं और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की चेतावनी सिस्टम संभावित मामलों की पहचान में मदद कर रही हैं. हालांकि अफ्रीकी देशों के साथ यात्रा और व्यापारिक संबंधों को देखते हुए सतर्कता बनाए रखना जरूरी माना जा रहा है.

CS June 2026 Exam: कल से शुरू होंगी CS जून 2026 परीक्षाएं…

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CS June 2026 Exam: जून 2026 की सीएसईईटी परीक्षा पहली बार ऑफलाइन मोड में आयोजित की जा रही है. ऐसे में अभ्यर्थियों को परीक्षा से जुड़ी सभी जरूरी तैयारी पहले से पूरी करने की सलाह दी है.

CS June 2026 Exam: इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया की और से आयोजित कंपनी सेक्रेटरी जून 2026 परीक्षा 1 जून से शुरू होने जा रही है. इस परीक्षा में शामिल होने वाले सीएसईईटी, सीएस एग्जीक्यूटिव और सीएस प्रोफेशनल कार्यक्रमों के अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर जाने से पहले सभी जरूरी डॉक्यूमेंट तैयार रखने की सलाह दी गई है. ICSI ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित डॉक्यूमेंट के बिना किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी.

कब तक चलेंगी परीक्षाएं?

जून 2026 की सीएसईईटी परीक्षा पहली बार ऑफलाइन मोड में आयोजित की जा रही है. ऐसे में अभ्यर्थियों को परीक्षा से जुड़ी सभी जरूरी तैयारी पहले से पूरी करने की सलाह दी है. वहीं आईसीएसआई की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार सीएसईईटी जून परीक्षा 1 जून से 4 जून तक आयोजित की जाएगी. वहीं सीएस एग्जीक्यूटिव और सीएस प्रोफेशनल परीक्षा 1 से 7 जून 2026 तक आयोजित की जाएगी. उम्मीदवारों को अपने संबंधित पेपर की डेट और समय की जानकारी एडमिट कार्ड में दिए गए डिटेल के अनुसार जांच लेने की सलाह दी गई है.

परीक्षा केंद्र पर कौनकौन से डॉक्यूमेंट ले जाना जरूरी?

आईसीएसआई ने कहा है कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले उम्मीदवार के दस्तावेजों की जांच की जाएगी. इसलिए सभी अभ्यर्थियों को अपने साथ जरूरी डॉक्यूमेंट अनिवार्य रूप से लेकर जाना होगा. परीक्षा केंद्र पर सीएसईईटी की एग्जीक्यूटिव या सीएस प्रोफेशनल का संबंध एडमिट कार्ड साथ रखना जरूरी होगा. इसके अलावा स्टूडेंट आईडी कार्ड और एक वैलिड फोटो पहचान पत्र भी साथ ले जाना होगा. पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या कोई दूसरा वैलिड फोटो आईडी स्वीकार की जाएगी.

एडमिट कार्ड में फोटो या सिग्नेचर होने पर क्या करें?

आईसीएसआई ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वह परीक्षा से पहले अपने एडमिट कार्ड को अच्छी तरह जांच लें. अगर एडमिट कार्ड पर फोटो या सिग्नेचर नहीं है तो उम्मीदवार का हाल ही का पासपोर्ट साइज फोटो चिपकाना होगा और उसे किसी राजपत्रित अधिकारी, आईसीएसई अधिकारी या सदस्य, मान्यता प्राप्त स्कूल के प्रिंसिपल या किसी राष्ट्रीयकृत बैंक के प्रबंधक से सत्यापित कराना होगा. इसके अलावा संस्थान ने साफ कर दिया है कि वैलिड एडमिट कार्ड के बिना किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा हॉल में एंट्री नहीं दी जाएगी. ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वह परीक्षा से एक दिन पहले ही सारे जरूरी डॉक्यूमेंट की जांच कर ले और उन्हें सुरक्षित रूप से अपने साथ रखें.

लोकतंत्र की हत्या कर रही BJP बंगाल में कल्याण बनर्जी पर हुए अटैक पर आया ममता बनर्जी का पहला रिएक्शन….

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पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं पर हुए कथित हमलों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया कि TMC के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी पर प्लान के तहत हमला किया गया था. ममता बनर्जी ने रविवार (31 मई 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि BJP समर्थकों ने कल लोकसभा के फ्लोर लीडर अभिषेक बनर्जी पर बेरहमी से हमला किया और उन्हें लिंच करने की कोशिश की. इस घटना से जुड़े डरावने वीडियो सार्वजनिक रूप से मौजूद हैं. उन्होंने आगे कहा कि आज कल्याण बनर्जी भी BJP के योजनाबद्ध हमले का शिकार हुए. BJP लोकतंत्र की हत्या कर रही है. दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में शनिवार (30 मई 2026) को TMC के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था. इस दौरान उनके खिलाफ नारेबाजी हुई और कथित तौर पर धक्का-मुक्की तथा हमला किए जाने के आरोप लगे. घटना के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भी ले जाया गया था. इसके बाद रविवार (31 मई 2026) को हुगली जिले के चंदिताला क्षेत्र में TMC सांसद कल्याण बनर्जी के साथ भी हंगामे की खबर सामने आई. बताया गया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने जा रहे कल्याण बनर्जी को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया, काले झंडे दिखाए और विरोध प्रदर्शन किया. घटना के दौरान उनके साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की भी हुई.

पश्चिम बंगाल की राजनीति

पश्चिम बंगाल की राजनीति में ताजा घटनाओं के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. TMC जहां BJP पर राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगा रही है, वहीं BJP की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया का इंतजार है. ममता बनर्जी के बयान ने राज्य में राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है. दोनों घटनाओं को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.