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Holika Dahan: सीएम विष्णुदेव साय सहित नेताओं ने दी होलिका दहन की शुभकामनाएं…

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होलिका दहन पर आज रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कई जगह होली मिलन समारोह का आयोजिन किया जा रहा है.

आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है. आज शाम 5 बजकर 57 मिनट तक चतुर्दशी तिथि रहेगी, इसके बाद पूर्णिमा लग जाएगी. जिससे आज ही होलिका दहन किया जाएगा. लेकिन 3 मार्च को चंद्रग्रहण के कारण रंगों का त्योहार 4 मार्च बुधवार को मनाया जाएगा. होलिका दहन को लेकर सीएम साय और दूसरे नेताओं ने शुभकामनाएं दी है.

सीएम विष्णुदेव साय ने होलिका दहन की दी शुभकामनाएं

सीएम साय ने एक्स पर लिखा- “सत्य, धर्म और अटूट आस्था की शाश्वत विजय के प्रतीक पावन पर्व होलिका दहन की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं. मेरी कामना है कि होलिका की यह पवित्र अग्नि हमारे जीवन और समाज से समस्त बुराइयों, कष्टों एवं नकारात्मकताओं का दहन कर सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रकाश फैलाए. यह पावन अवसर हम सभी के जीवन में नई आशा, नई ऊर्जा और आपसी प्रेम-सद्भाव का संदेश लेकर आए – यही मंगलकामना है.”

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने दी होलिका दहन की शुभकामनाएं

प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने होलिका दहन की शुभकामनाएं दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा- “अहंकार पर भक्ति की विजय के प्रतीक ‘होलिका दहन’ की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनायें.”

सीएम साय का आज का कार्यक्रम

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज रायपुर में आयोजित होली मिलन समारोह के कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे.

  • शाम 4 बजे रायपुर प्रेस क्लब में होली मिलन समारोह
  • शाम 5 बजे विधानसभा रोज धरसीवां में होली मिलन कार्यक्रम
  • शाम साढ़े 6 बजे होली मिलन समारोह कार्यक्रम में सीएम साय होंगे शामिल.

होलिका दहन क्यों किया जाता है

होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इससे एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है. भक्त प्रहलाद की अग्नि से रक्षा और होलिका का दहन प्रमुख प्रचलित कथा है. इस कथा के अनुसार पवित्र अग्नि में बुराई स्वरूप होलिका का दहन हुआ और उनकी गोद में बैठे अच्छाई स्वरूप प्रहलाद को कुछ भी नहीं हुआ.

CG: रायपुर में खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय का कैंडल मार्च, अमेरिका-इजराइल के खिलाफ लगाए नारे…

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राजधानी रायपुर में रविवार को कई शिया मुसलमानों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर मोमबत्ती जुलूस निकाला. इस जुलूस में बच्चे भी शामिल थे.

खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय का प्रदर्शन 

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार (1 मार्च) को कई शिया मुसलमानों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त करने और अमेरिका और इजराइल की निंदा करने के लिए मोमबत्ती जुलूस निकाला गया. इजराइल और अमेरिका द्वारा शनिवार (28 मार्च) को तेहरान पर किए गए हमले में खामेनेई मारे गए थे, जिसे लेकर यह जुलूस मोमिनपारा इलाके में आयोजित किया गया.

आंदोलन में पोस्टरों पर ट्रंप और नेतन्याहू की निंदा करने वाले नारे

इस जुलूस में बच्चे भी शामिल हुए और प्रदर्शनकारियों के हाथों में खामेनेई के समर्थन में पोस्टर थे. प्रदर्शनकारियों द्वारा लहराए गए कुछ पोस्टरों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की निंदा करने वाले नारे भी लिखे हुए थे. इस आंदोलन से एक दिन पहले काले कुर्ते पहने पुरुषों के एक समूह ने उसी इलाके में ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ नारे लगाए. एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल को भी तैनात किया गया था.

खामेनेई सिर्फ राजनेता नहीं, बल्कि शिया समुदाय के धार्मिक मार्गदर्शक भी

आंदोलन में लोगों का कहना है कि खामेनेई सिर्फ एक राजनेता नहीं थे, बल्कि मुख्य रूप से शिया समुदाय के धार्मिक मार्गदर्शक और एक इस्लामी नेता थे. खोमेनेई ने इस्लामी सिद्धांतों और सचाई के साथ शासन प्रणाली को स्थापित किया था. आंदोलन कर रहे शिया मुसलमानों ने कहा कि खामेनेई हमेशा उत्पीड़न के खिलाफ खड़े रहे और अलग-अलग देशों में अन्याय झेल रहे लोगों का साथ दिया. वहीं आंदोलन हो रहे इलाकों के सड़कों पर इजरायली और अमेरिकी झंडे के साथ-साथ ट्रंप और नेतन्याहू की तस्वीरें भी पड़ी हुई मिली.

‘राज्य सरकार और केंद्र सरकार इस स्थिति को लेकर चिंतित’- विजय शर्मा 

राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ईरान और खाड़ी देशों में फंसे छत्तीसगढ़ के छात्र सहित अन्य लोगों के बारे में कहा कि, सरकार के पास वीजा पर विदेश यात्रा करने वालों का रिकॉर्ड है और वहां गए सभी लोगों के पास वीजा सहित अन्य दस्तावेज भी मौजूद है. ऐसे में केंद्र सरकार भी सभी रिकॉर्ड अपने पास रखती है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार इस स्थिति को लेकर चिंतित है, अगर किसी भी तरह की समस्या आती है तो, हम केंद्र के साथ मिलकर उसका समाधान निकालेंगे.

CG: सरगुजा से राज्यसभा की मांग पर सियासी संग्राम, अमरजीत भगत की हाईकमान से बड़ी मांग…

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छत्तीसगढ़ में राज्यसभा सीट को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कांग्रेस हाईकमान से क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार चयन करते समय सभी संभागों के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखना चाहिए।

कांग्रेस में अंदरखाने हलचल!

अमरजीत भगत का कहना है कि सरगुजा संभाग से वर्तमान में लोकसभा, विधानसभा और नगरीय निकायों में कांग्रेस का कोई जनप्रतिनिधि नहीं है। ऐसे में संगठनात्मक और राजनीतिक संतुलन के लिहाज से सरगुजा संभाग को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व दिया जाना आवश्यक है।

क्या बदलेगा टिकट का गणित?

उन्होंने कहा कि सरगुजा लंबे समय से कांग्रेस का मजबूत आधार रहा है लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में यहां से पार्टी का कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं है। इस कारण कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है। यदि राज्यसभा में इस क्षेत्र को अवसर दिया जाता है तो इससे संगठन को मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा।

अजय चंद्राकर का पलटवार

अमरजीत के इस बयान पर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पहले कांग्रेस यह स्पष्ट करे कि वह “क्षेत्रीय संतुलन” की परिभाषा क्या मानती है। चंद्राकर ने कहा, “जब केटीएस तुलसी, रंजीता रंजन और राजीव शुक्ला को राज्यसभा भेजा गया तब कौन सा क्षेत्रीय संतुलन देखा गया था?”

उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि अगर छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेताओं की चलेगी, तब तो वे अपने लोगों को राज्यसभा भेज पाएंगे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चरणदास महंत और दीपक बैज क्या छत्तीसगढ़ के बाहर के नेता हैं? अजय चंद्राकर ने बयान देते हुए यह भी कहा कि अमरजीत को सरगुजा महाराज के चरणों में “सरेंडर” हो जाना चाहिए, जिससे क्षेत्रीय राजनीति में हलचल और बढ़ गई है।

CG: होली से पहले गर्मी का अटैक! 5 दिन में 3°C तक चढ़ेगा पारा…

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छत्तीसगढ़ में गर्मी ने दस्तक दे दी है और मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. रायपुर में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका है, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 14.9 डिग्री दर्ज किया गया है.

प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह शुष्क है और बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है. न्यूनतम तापमान अगले सात दिनों तक लगभग स्थिर रहने की संभावना है, जिससे सुबह-शाम हल्की ठंडक बनी रह सकती है. अगर आप छत्तीसगढ़ का लेटेस्ट वेदर अपडेट और अपने शहर का तापमान जानना चाहते हैं तो यह रिपोर्ट आपके लिए जरूरी है.

छत्तीसगढ़ में अब मौसम ने पूरी तरह करवट ले ली है और गर्मी की दस्तक साफ महसूस होने लगी है. मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में अगले 5 दिनों तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. इसके बाद दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. राहत की बात यह है कि न्यूनतम तापमान में अगले 7 दिनों तक ज्यादा परिवर्तन की संभावना नहीं है.

5 दिन में और बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में दिन का तापमान लगातार बढ़ेगा, जिससे दोपहर में गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा. फिलहाल प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क है और बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है.

रात के तापमान में नहीं होगा बड़ा बदलाव
हालांकि दिन गर्म होंगे, लेकिन रात के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा. यानी सुबह और देर रात हल्की ठंडक बनी रह सकती है. अगले 7 दिनों तक न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर रहने की संभावना है.

पिछले 24 घंटे: बारिश गायब
बीते 24 घंटों में प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश दर्ज नहीं की गई. वर्षा के आंकड़े ‘निरंक’ रहे, यानी प्रदेश में पूरी तरह शुष्क मौसम बना रहा.

रायपुर और अंबिकापुर में तापमान का फर्क
रायपुर-अधिकतम तापमान 35.6°C
अंबिकापुर- न्यूनतम तापमान 14.9°C
मैदानी इलाकों में गर्मी का असर तेज होता दिख रहा है, जबकि उत्तरी क्षेत्रों में हल्की ठंडक अब भी कायम है.

सक्रिय सिस्टम का असर?
कोमोरिन क्षेत्र से विदर्भ तक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है और एक द्रोणिका तमिलनाडु, कर्नाटक और मराठवाड़ा से गुजर रही है. हालांकि फिलहाल इसका छत्तीसगढ़ के मौसम पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है.

रायपुर का लोकल अपडेट (02 मार्च)
रायपुर में आसमान मुख्यतः साफ रहेगा.
अधिकतम तापमान – 35°C
न्यूनतम तापमान – 22°C
दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का असर साफ महसूस होगा.

“दिल्ली में पिंक कार्ड क्रांति, महिलाओं का बस सफर होगा फ्री, 2 मार्च से शुरुआत”

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राजधानी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में महिलाओं के लिए एक स्वर्णिम युग की शुरुआत होने जा रही है. आगामी 2 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में ‘पिंक मोबिलिटी कार्ड’ (Pink Mobility Card) का शुभारंभ करेंगी.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे दिल्ली की महिलाओं के लिए महिला सशक्तिकरण की दिशा में अब तक की सबसे बड़ी सौगात बताया है.

यह नया पिंक कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) तकनीक पर आधारित होगा. इस कार्ड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके जरिए महिलाएं डीटीसी (DTC) बसों में पूरी तरह मुफ्त यात्रा कर सकेंगी. इसके अलावा, दिल्ली मेट्रो और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) में भी इसी एक कार्ड से डिजिटल भुगतान कर सफर किया जा सकेगा.

तीन रंगों में मिलेंगे स्मार्ट कार्ड

सरकार ने परिवहन व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए कार्ड्स को तीन श्रेणियों में बांटा है:

पिंक कार्ड: विशेष रूप से महिलाओं के लिए (मुफ्त बस यात्रा हेतु).

ब्लू कार्ड: आम यात्रियों के नियमित इस्तेमाल के लिए.

ऑरेंज कार्ड: मासिक पास बनवाने वाले यात्रियों के लिए.

शुरुआती चरण में पिंक और ब्लू कार्ड जारी किए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी दिल्ली परिवहन निगम (DTC) को सौंपी गई है.

50 केंद्रों पर बनेंगे कार्ड, आधार से होगी पुष्टि

महिलाओं की सुविधा के लिए पूरी दिल्ली में करीब 50 विशेष केंद्र खोले जाएंगे. ये कार्ड डीएम (DM) और एसडीएम (SDM) कार्यालयों के साथ-साथ चुनिंदा डीटीसी केंद्रों पर भी उपलब्ध होंगे. कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के जरिए पहचान की पुष्टि अनिवार्य होगी, ताकि योजना का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुँचे और फर्जीवाड़े को रोका जा सके.

डिजिटल विजन और आधुनिक परिवहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन से प्रेरित है. यह एक ‘टच-फ्री’ स्मार्ट कार्ड होगा, जिससे नकद लेनदेन की जरूरत खत्म हो जाएगी. डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए सरकार को यह समझने में भी आसानी होगी कि किन रूट्स पर महिलाओं की संख्या अधिक है, ताकि वहां बसों की संख्या बढ़ाई जा सके.

Jantar Mantar AAP Rally: आज से देश में बदलाव की गिनती शुरू. BJP के खिलाफ जंतर-मंतर पर गरजे अरविंद केजरीवाल…

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल रैली कर देश को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि 140 करोड़ लोग मिलकर इस सरकार को उखाड़ फेंकेंगे.

ये लोग सत्ता की राजनीति करें और हम जनता के लिए काम करेंगे. आज से यह बदलाव की गिनती शुरू हो गई है.

उन्होंने कहा कि कोर्ट ने साफ कर दिया कि

केजरीवाल कट्टर ईमानदार था, है और रहेगा. कांग्रेस के भ्रष्टाचार से तंग आकर लोगों ने बड़ी उम्मीदों से बीजेपी को पूर्ण बहुमत दिया. आज देश का हर सेक्टर बर्बाद है. इस दौरान दिल्ली, पंजाब, गुजरात, गोवा समेत विभिन्न प्रांतों से आए आप नेताओं, कार्यकर्ताओं और हजारों आम लोगों ने पढ़ा-लिखा दमदार है, मेरा केजरीवाल कट्टर ईमानदार है के जमकर नारे लगाए.

षडयंत्र रच कर दिल्लीवालों को परेशान किया-केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले चार साल से बीजेपी ने षडयंत्र रच कर दिल्ली के लोगों को बहुत परेशान और दुखी किया. उन्होंने आरोप लगाए कि केजरीवाल चोर है, भ्रष्टाचारी है, केजरीवाल ने शराब घोटाला किया है, केजरीवाल 100 करोड़ खा गया. लेकिन जज साहब ने फैसला सुना दिया- केजरीवाल कट्टर ईमानदार है. पूरा केस फर्जी है, कोई सबूत नहीं है.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं अपने देश से बहुत प्यार करता हूं. जब मैं आईआईटी में पढ़ता था, तो मेरे बहुत अच्छे नंबर आए. मैं चाहता तो नौकरी करने अमेरिका जा सकता था. मेरे बहुत सारे दोस्त विदेश गए हैं. लेकिन उस समय मेरे मन में ख्याल आया कि देश का बहुत बुरा हाल है. अगर बड़े-बड़े संस्थाओं से पढ़ कर सारे लोग विदेश चले जाएंगे तो अपने देश को कौन संभालेगा, कौन ठीक करेगा.

उन्होंने आगे कहा कि मैं अमेरिका नहीं गया. मैं अपने देश में रहा और इनकम टैक्स विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर की नौकरी करने लगा. उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि मेरे पास एक सीए आया और उसने अपना केस करवाया और कहा कि सेवा बताइए. बोला कि कितने पैसे लगेंगे? मैंने कहा कि मैं रिश्वत नहीं लेता. उसने कहा कि आपके नाम पर पैसे लाया हूं, नहीं लेंगे तो खुद रख लूंगा.

मुझसे इतनी नफरत क्यों-केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि धीरे-धीरे पूरे विभाग में फैल गया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है. एक पैसा नहीं लेता है. पूरे विभाग के लोग मेरी ईमानदारी की कसमें खाया करते थे. फिर किस्मत ने मुझे दिल्ली का मुख्यमंत्री बना दिया. 10 साल दिल्ली का मुख्यमंत्री रहा. 10 साल के अंदर एक रुपए का भ्रष्टाचार नहीं मिला. इन 10 सालों में पता नहीं कितनी फाइलों पर साइन किए थे. कोई एक ठेकेदार खड़ा होकर कह दे कि केजरीवाल ने पैसे मांगे थे, मैं राजनीति छोड़ दूंगा.

गुजरात की सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे-केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दुबई, अमेरिका, टोक्यो, जर्मनी, फ्रांस समेत अन्य देशों की सड़कें बहुत शानदार हैं. गाड़ियां 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती हैं, लेकिन गुजरात में 30 किमी रफ्तार से गाड़ियां दौड़ती हैं. राजकोट से जूनागढ़ 104 किमी है. इतना सफर तय करने में 4 घंटे लगते हैं. क्योंकि सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2014 तक बीजिंग में भारत से ज्यादा प्रदूषण होता था, लेकिन 12 साल में बीजिंग ने अपना प्रदूषण खत्म कर दिया. आज पूरे उत्तर भारत के अंदर सांस लेना मुश्किल हो रहा है. गुजरात में 20 हजार करोड़ रुपए का कोकीन हेरोइन पकड़ा गया. गुजरात में हर साल 30 हजार करोड़ रुपए की नकली दारू बिकती है. अगर हिम्मत है तो एक्शन लेकर दिखाएं.

आप से अब भी लोगों को उम्मीद-केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के अंदर उम्मीदें खत्म हो गई थीं, लोगों ने कहना चालू कर दिया था कि इस देश का कुछ नहीं हो सकता है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार आई और देश के लोगों को एक उम्मीद दी. आप की सरकार ने दिल्ली में स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी, सड़कें ठीक की. आम आदमी पार्टी ने 140 करोड़ लोगों को उम्मीद दी कि देश सुधर सकता है.

प्रधानमंत्री मोदी ने पुडुचेरी में विकास योजनाओं का उद्घाटन किया…

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रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने पुडुचेरी के विकास में रुकावटें पैदा की हैं। एक कार्यक्रम में बोलते हुए, उन्होंने बताया कि कांग्रेस के शासन में भ्रष्टाचार, अपराध और गरीबों की समस्याएं बढ़ी हैं।

मोदी ने यह भी कहा कि एनडीए सरकार, जो दो इंजन वाली है, पुडुचेरी के विकास को तेज करेगी। उन्होंने कांग्रेस-डीएमके के पूर्व शासनकाल में लोगों को हुई कठिनाइयों का उल्लेख किया, जिसमें राजनीतिक अस्थिरता और भ्रष्टाचार शामिल थे।

मोदी ने कहा कि जब वह पहले यहां आए थे, तब उन्होंने ‘सर्वश्रेष्ठ पुडुचेरी’ का नारा दिया था, जिसका अर्थ व्यापार, शिक्षा, आध्यात्मिकता और पर्यटन है। पिछले चार वर्षों में यह दृष्टिकोण सफल रहा है। उन्होंने पुडुचेरी में बुनियादी ढांचे, शहरी सेवाओं, औद्योगिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए 2,700 करोड़ रुपये की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं पुडुचेरी के निवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगी। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा कि पुडुचेरी के लोगों के बीच आकर उन्हें खुशी हो रही है। आज कई विकास कार्यों का शुभारंभ किया जा रहा है, जो जीवन स्तर में सुधार लाएंगे और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देंगे। पीएम ई-बस सेवा, स्मार्ट सिटी मिशन के तहत एकीकृत कमांड और कंट्रोल सेंटर, और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आवास जैसी महत्वपूर्ण पहलों का उद्घाटन किया गया।

मोदी ने कहा कि भारत में उच्च गुणवत्ता वाले बुनियादी ढांचे के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। बेहतर बुनियादी ढांचे का मतलब है बेहतर सड़कें, जल आपूर्ति, तटीय बुनियादी ढांचा, स्कूल और अस्पताल। ये सुविधाएं लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित करती हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुडुचेरी चिकित्सा पर्यटन का केंद्र बन सकता है, क्योंकि यहां पहले से ही नौ मेडिकल कॉलेज हैं। जेआईपीएमईआर के क्षेत्रीय कैंसर केंद्र के आधुनिकीकरण से स्वास्थ्य सेवा में और सुधार होगा। पीएम-अभिम परियोजना के तहत गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए तीन क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला भी रखी गई है।

भारत में WhatsApp पर नए SIM Binding नियमों का प्रभाव…

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1 मार्च 2026 से भारत में WhatsApp और अन्य मैसेजिंग ऐप्स जैसे Telegram और Signal में महत्वपूर्ण परिवर्तन लागू हो गए हैं। कई उपयोगकर्ताओं को यह महसूस हो रहा है कि उनका WhatsApp ‘बंद’ हो रहा है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है।

यह बदलाव सरकार के नए SIM Binding नियमों के कारण है, जिसके तहत बिना सक्रिय SIM कार्ड के ऐप का सही तरीके से काम करना संभव नहीं होगा।

नया SIM Binding नियम क्या है?

दूरसंचार विभाग (DoT) ने नवंबर 2025 में Telecom Cyber Security Rules के तहत ये नियम जारी किए थे।

इस नियम के अनुसार, WhatsApp अकाउंट जिस मोबाइल नंबर से रजिस्टर्ड है, उसका SIM कार्ड फोन में सक्रिय और भौतिक रूप से मौजूद होना आवश्यक है।

यदि SIM कार्ड हटा दिया गया, डिएक्टिवेट हो गया, या किसी अन्य SIM का उपयोग करने की कोशिश की गई, तो ऐप काम करना बंद कर सकता है या लॉगिन/फंक्शनलिटी में सीमितता आ सकती है।

WhatsApp Web या डेस्कटॉप पर सेशन अब हर 6 घंटे में ऑटो लॉगआउट हो जाएगा, और फिर से QR कोड से वेरिफाई करना होगा।

ये नियम फर्जी नंबरों, क्लोनिंग, OTP स्कैम, साइबर धोखाधड़ी और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लागू किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इससे डिजिटल धोखाधड़ी में काफी कमी आएगी।

किसे प्रभावित करेगा?

वे लोग जो एक ही SIM से कई फोन पर WhatsApp का उपयोग करते थे।

जिनका SIM फोन में नहीं है, जैसे eSIM उपयोगकर्ता या विदेश में रहने वाले जो स्थानीय SIM का उपयोग करते हैं।

पुराने या डुअल SIM सेटअप जहां रजिस्टर्ड SIM सक्रिय नहीं रहती।

इससे करोड़ों उपयोगकर्ता प्रभावित हो सकते हैं, विशेषकर जो मल्टी-डिवाइस फीचर का अधिक उपयोग करते हैं।

WhatsApp पूरी तरह से बंद नहीं हो रहा है

कोई ऐप बंद नहीं हो रहा है, केवल SIM सत्यापन की प्रक्रिया को सख्त किया गया है।

यदि आपका SIM फोन में सक्रिय है और वही नंबर उपयोग कर रहे हैं, तो कोई समस्या नहीं आएगी।

WhatsApp ने परीक्षण शुरू कर दिया है, और कंपनियां नियमों का पालन कर रही हैं।

यदि समस्या आ रही है तो क्या करें?

सुनिश्चित करें कि आपका WhatsApp अकाउंट जिस नंबर से है, वही SIM फोन में लगा हो।

यदि नंबर बदलना है, तो WhatsApp में अकाउंट शिफ्ट या चेंज नंबर फीचर का उपयोग करें

(Settings Account Change Number)

WhatsApp Web उपयोगकर्ताओं को बार-बार लॉगिन करना पड़ सकता है।

यदि SIM खो गया या क्षतिग्रस्त है, तो जल्दी नया SIM सक्रिय करवाएं और अकाउंट रिकवर करें।

निष्कर्ष

ये नियम भारत में पहली बार इतनी सख्ती से लागू हुए हैं, और इसका उद्देश्य धोखाधड़ी को रोकना है। यदि आपके WhatsApp में कोई समस्या आ रही है, तो विवरण साझा करें-मैं मदद कर सकता हूं!

मार्च 2 के लिए स्टॉक्स पर ध्यान: तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव…

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निवेशकों को सोमवार, 1 मार्च को एक अस्थिर बाजार के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनावों के प्रति तीव्र प्रतिक्रिया दे रही हैं।

हाल ही में अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले, ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मृत्यु, और होर्मुज जलडमरूमध्य के अस्थायी बंद होने से तेल की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है। यह वृद्धि भारत के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे ऊर्जा, पर्यटन और सोने से जुड़े वित्तीय क्षेत्रों पर प्रभाव डालेगी। निवेशकों को सोमवार को कुछ विशेष स्टॉक्स पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ये ईरान-इजराइल तनावों के प्रति तीव्र प्रतिक्रिया देंगे, जो तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं और जोखिम-संवेदनशील क्षेत्रों में अस्थिरता ला सकते हैं।

तेल-संवेदनशील स्टॉक्स पर ध्यान: सप्ताह की शुरुआत में कच्चे तेल से जुड़े स्टॉक्स पर नजर रखी जाएगी। अपस्ट्रीम तेल अन्वेषक जैसे ONGC और Oil India को लाभ होने की संभावना है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में हर एक डॉलर की वृद्धि से उनकी वार्षिक आय में 300-400 करोड़ रुपये की वृद्धि हो सकती है। दूसरी ओर, डाउनस्ट्रीम रिफाइनर्स जैसे HPCL, BPCL, और इंडियन ऑयल को दबाव का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि एक डॉलर की वृद्धि से EBITDA में 200-300 करोड़ रुपये की कमी आ सकती है। अन्य क्षेत्र, जैसे पेंट और टायर निर्माता, जो कच्चे तेल के डेरिवेटिव्स पर निर्भर हैं, भी कीमतों में वृद्धि होने पर मुनाफे में कमी देख सकते हैं।

पर्यटन क्षेत्र में व्यवधान: ईरानी मिसाइल हमलों का प्रभाव पर्यटन से जुड़े कंपनियों पर भी पड़ेगा। एयरलाइंस जैसे IndiGo और SpiceJet, होटल श्रृंखलाएं जैसे इंडियन होटल्स, और यात्रा बुकिंग प्लेटफार्म जैसे Yatra और Ixigo (Le Travenues Tech) उड़ानों की रद्दीकरण और अस्थायी हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण प्रभावित होने की संभावना है। दुबई एयरपोर्ट, जो मध्य पूर्व का एक प्रमुख केंद्र है, हर साल भारत से लगभग 11.9 मिलियन यात्रियों को संभालता है, जिससे व्यवधान विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है। फरवरी में, Ixigo और Yatra Online के शेयर पहले ही 20 प्रतिशत तक गिर चुके थे, जो इस क्षेत्र की भू-राजनीतिक घटनाओं के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।

सोने के वित्तीय और धातु स्टॉक्स पर नजर: बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम अक्सर निवेशकों को सुरक्षित संपत्तियों की ओर आकर्षित करते हैं। सोना और चांदी, जो पहले से ही रिकॉर्ड स्तर के करीब हैं, में पैनिक खरीदारी हो सकती है, जिससे Manappuram और Muthoot Finance जैसे वित्तीय संस्थानों को लाभ होगा। ज्वेलरी से जुड़े कंपनियां जैसे Titan, Senco, और Kalyan Jewellers, विशेष रूप से मध्य पूर्व में मौजूदगी के साथ, फिर से रुचि देख सकते हैं। धातुओं के क्षेत्र में, अमेरिकी डॉलर की संभावित मजबूती कीमतों पर दबाव डाल सकती है, हालांकि Nifty Metal Index ने फरवरी में 8 प्रतिशत की वृद्धि की, जिसमें Lloyds Metals, Tata Steel, Jindal Steel, Welspun Corp, SAIL, Adani Enterprises, और Vedanta ने 10-15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।

मध्य पूर्व में हवाई रक्षा प्रणाली की भूमिका: संघर्ष की नई परिभाषा…

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हालिया संघर्ष में अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन, जिसमें इजराइल और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं, और ईरान के बीच लड़ाई ने एक बार फिर हवाई रक्षा प्रणालियों को केंद्र में ला दिया है।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हवाई हमलों में मौत के बाद, तेहरान ने “नरक की आग” छोड़ने की धमकी दी है। मध्य पूर्व में शांति अब हवाई रक्षा प्रणाली की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। पिछले साल के गहन बारह दिवसीय युद्ध के विपरीत, यह संघर्ष एक विस्तृत क्षेत्र में फैल रहा है, जिसमें फारसी खाड़ी भी शामिल है। अब बड़ा सवाल यह है कि कौन अधिक मिसाइलें दाग सकता है, बल्कि कौन अधिक को रोक सकता है। हवाई रक्षा क्षमताएं – देशों की यह क्षमता कि वे कितनी तेजी से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन का पता लगा सकते हैं, उनका ट्रैक कर सकते हैं और उन्हें नष्ट कर सकते हैं – अंततः यह तय कर सकती हैं कि यह संघर्ष कितना लंबा चलेगा और इसकी लागत कितनी होगी।

हवाई रक्षा का महत्व

हवाई रक्षा का महत्व

मिसाइल रक्षा प्रणालियाँ लक्ष्यों पर पहुँचने से पहले आने वाले खतरों का पता लगाने और उन्हें नष्ट करने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। ये निम्नलिखित पर निर्भर करती हैं:

लॉन्च का पता लगाने के लिए उपग्रह और ग्राउंड-आधारित रडार

गति की गणना के लिए कमांड सेंटर

आने वाली मिसाइल को नष्ट करने के लिए इंटरसेप्टर्स

इंटरसेप्टर्स दो मुख्य तरीकों से काम करते हैं:

निकटता विस्फोट, जहाँ एक वारहेड लक्ष्य के निकट विस्फोट करता है।

हिट-टू-किल, जहाँ इंटरसेप्टर सीधे मिसाइल से टकराता है।

आधुनिक युद्ध में, रक्षा केवल सुरक्षा के बारे में नहीं है, यह रणनीति को आकार देती है। यदि एक पक्ष अधिकांश आने वाले हमलों को रोक सकता है, तो वह युद्ध को खींच सकता है। यदि उसके पास इंटरसेप्टर्स की कमी हो जाती है, तो संतुलन तेजी से बदल जाता है।

इजराइल की परतदार सुरक्षा

इजराइल की परतदार सुरक्षा

इजराइल दुनिया के सबसे जटिल परतदार हवाई रक्षा नेटवर्कों में से एक का संचालन करता है। 2025 के बारह दिवसीय युद्ध के दौरान, इसे 500 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलों और उससे भी अधिक “आत्मघाती ड्रोन” का सामना करना पड़ा।

इसके सिस्टम में शामिल हैं:

एरो 3 – अंतरिक्ष में बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करता है

एरो 2 – वायुमंडल के भीतर खतरों का सामना करता है

डेविड का स्लिंग स्टनर इंटरसेप्टर्स के साथ

आयरन डोम – शॉर्ट-रेंज रॉकेट और ड्रोन को रोकता है

आयरन बीम – ड्रोन के खिलाफ उच्च-ऊर्जा लेजर

एरो 3 और अमेरिकी नौसेना के विध्वंसक SM-3 मिसाइलों का उपयोग करते हुए 2025 में पहले रक्षा पंक्ति का गठन किया गया। लेकिन भारी उपयोग ने जल्दी ही स्टॉक को कम कर दिया। “आयरन बीम” अब अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। मिसाइल इंटरसेप्टर्स की तुलना में जो प्रति शॉट लाखों में खर्च होते हैं, लेज़र्स का उपयोग करना बहुत सस्ता है। इससे इजराइल को अपने महंगे इंटरसेप्टर्स जैसे एरो 3 और स्टनर को “राशन” करने की अनुमति मिलती है।

अमेरिका की भूमिका: महंगी लेकिन शक्तिशाली

अमेरिका की भूमिका: महंगी लेकिन शक्तिशाली

संयुक्त राज्य अमेरिका ने क्षेत्र में कई प्रणालियाँ तैनात की हैं:

पैट्रियट

THAAD

SM-6

अप्रत्यक्ष अग्नि सुरक्षा क्षमता AIM-9X मिसाइलों का उपयोग करते हुए

पैट्रियट इंटरसेप्टर्स, विशेष रूप से PAC-3 MSE संस्करण, प्रति शॉट लगभग 4 मिलियन डॉलर की लागत रखते हैं। ईरान की रणनीति सस्ते मिसाइलों की बड़ी संख्या में फायरिंग करना है, जिसे संतृप्ति हमले के रूप में जाना जाता है, जिसका उद्देश्य इन महंगे रक्षा प्रणालियों को थका देना है।

हथियार नियंत्रण और अप्रसार केंद्र के अनुसार, “संयुक्त राज्य अमेरिका के पूरे देश को लंबी दूरी की मिसाइल हमले से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया एकमात्र कार्यक्रम GMD [ग्राउंड-बेस्ड मिडकोर्स डिफेंस] कार्यक्रम है। GMD का परीक्षण रिकॉर्ड खराब है: अत्यधिक स्क्रिप्टेड परीक्षणों में केवल 55% की सफलता दर, जिसमें पिछले छह प्रयासों में तीन चूक शामिल हैं।” यहां तक कि उन्नत प्रणालियों के भी सीमाएँ हैं। पैट्रियट ने एकल रात में मजबूत सफलता प्राप्त की है, लेकिन जैसा कि रूस ने यूक्रेन में प्रदर्शित किया, प्रतिकूल पक्ष धोखे और चालाक वारहेड के साथ अनुकूलित होते हैं। समय के साथ, यदि हमले बड़े और अधिक जटिल हो जाते हैं, तो सफलता की दर गिर सकती है।

खाड़ी का कारक: यूएई का चिओंगुंग II

खाड़ी का कारक: यूएई का चिओंगुंग II

फारसी खाड़ी संकीर्ण है। तटीय ईरान से दागी गई एक मिसाइल यूएई तक कुछ ही मिनटों में पहुँच सकती है। इससे प्रतिक्रिया का समय बहुत कम हो जाता है।

यूएई ने दक्षिण कोरियाई चिओंगुंग II प्रणाली को तैनात किया है। यह उपयोग करता है:

360° रडार कवरेज

ऊर्ध्वाधर लॉन्च क्षमता

हिट-टू-किल इंटरसेप्शन

पुरानी पैट्रियट रडार की तुलना में जो केवल 120° के कोन को स्कैन करते थे, चिओंगुंग II किसी भी दिशा से खतरों का जवाब दे सकता है बिना लॉन्चर को भौतिक रूप से घुमाए। यह “समुद्र को स्किमिंग” करने वाली मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए भी डिज़ाइन किया गया है जो खाड़ी के पानी के ऊपर कम उड़ती हैं। इंटरसेप्टर अंतिम क्षणों में अपने स्वयं के रडार सीकर को चालू करता है ताकि लक्ष्य का स्वतंत्र रूप से ट्रैक किया जा सके। यह इसे खाड़ी की भूगोल के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाता है।

ईरान की हवाई रक्षा नेटवर्क

ईरान की हवाई रक्षा नेटवर्क

ईरान ने अपनी एक परतदार रक्षा प्रणाली बनाई है, हालांकि यह आधुनिक पश्चिमी प्रणालियों के खिलाफ कम परीक्षण की गई है। प्रमुख प्रणालियाँ शामिल हैं:

बावर-373, जो सैयद-4बी मिसाइलों का उपयोग करता है

आर्मन प्रणाली 360° रडार के साथ

सेवोम-ए-खोर्दाद

टोर-M1

ईरान का दावा है कि बावर-373 लंबी दूरी पर स्टील्थ विमानों का पता लगा सकता है। हालाँकि, तेहरान और इस्फ़हान के पास रिपोर्ट की गई हमलों से पता चलता है कि अमेरिकी और इजरायली बल इन रक्षा प्रणालियों में प्रवेश कर रहे हैं। ईरान की प्रणालियाँ मोबाइल हैं, जिससे उन्हें नष्ट करना कठिन होता है। लेकिन सभी हवाई रक्षा बैटरी की तरह, उन्हें कई इंटरसेप्टर्स को फायर करने के बाद फिर से लोड करना पड़ता है। उस विंडो के दौरान, वे कमजोर होते हैं।

लागत का समीकरण

लागत का समीकरण

इस वृद्धि का एक प्रमुख कारक लागत है। ईरानी ड्रोन और मिसाइलें अपेक्षाकृत सस्ती हैं। अमेरिकी और इजरायली इंटरसेप्टर्स महंगे हैं। उत्पादन क्षमता सीमित है। यदि ईरान लगातार बड़े सैल्वो फायर कर सकता है, तो यह गठबंधन के स्टॉक को तनाव में डाल सकता है। यदि अमेरिका, इजराइल, और खाड़ी के राज्य अपनी प्रणालियों को प्रभावी ढंग से एकीकृत कर सकते हैं और इंटरसेप्टर्स को बचा सकते हैं – विशेष रूप से लेज़र्स और सस्ते इंटरसेप्टर्स का उपयोग करके – तो वे ईरान की रणनीति को कमजोर कर सकते हैं।

क्या तय करेगा वृद्धि?

क्या तय करेगा वृद्धि?

हवाई रक्षा अब युद्ध की गति को आकार दे रही है। यदि गठबंधन प्रणालियाँ:

उच्च इंटरसेप्शन दर बनाए रखें

इंटरसेप्टर की कमी से बचें

महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की रक्षा करें

तो ईरान की मिसाइल रणनीति विफल हो सकती है। लेकिन यदि स्टॉक कम हो जाते हैं, या यदि संतृप्ति हमले रडार और लॉन्चरों को अभिभूत कर देते हैं, तो नुकसान तेजी से बढ़ सकता है। आधुनिक युद्ध में, हवाई रक्षा अब केवल सुरक्षा नहीं है – यह सहनशीलता को निर्धारित करती है। जो पक्ष अपने ढाल को लंबे समय तक बनाए रखता है, वह इस संघर्ष को कैसे आगे बढ़ाना है, यह निर्धारित कर सकता है।