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Magh Purnima 2026: 1 या 2 फरवरी कब है माघ पूर्णिमा, दुविधा करें दूर…

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Magh Purnima 2026 date: माघ महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा को माघी पूर्णिमा (Maghi Purnima) के नाम से भी जाना जाता है. यह तिथि इसलिए भी विशेष होती है, क्योंकि इस दिन माघ मास का अंतिम स्नान (Magh Snan) किया जाएगा.

यही कारण है कि, माघी पूर्णिमा पर स्नान का महत्व काफी बढ़ जाता है. इसके साथ ही इस तिथि पर दान, पूजा, व्रत और जप का भी महत्व होता है.

माघ पूर्णिमा माघ महीने के अंतिम दिन मनाया जाता है. इसके बाद फाल्गुन मास (Falgun 2026) आरंभ हो जाता है. लेकिन माघ पूर्णिमा की तिथि को लेकर लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है. लोग दुविधा में हैं कि, माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को है या 2 फरवरी को. अगर आप भी दिन-तारीख को लेकर कंफ्यूजन में हैं तो यहां जानें माघ पूर्णिमा की सही तिथि, स्नान का समय और पूजा का शुभ मुहूर्त.

माघ पूर्णिमा 2026 कब है (Magh Purnima 2026 Exact Date)

दिक्र पंचांग के अनुसार (Magh Purnima Panchang) माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को रहेगी. क्योंकि रविवार 1 फरवरी को सुबह 05.52 से पूर्णिमा तिथि की शुरुआत होगी और 2 फरवरी को तड़के 3.28 पर समाप्त हो जाएगी. उदयातिथि के साथ ही 1 फरवरी को पूरे दिन पूर्णिमा तिथि रहेगी, इसलिए इसी दिन माघी पूर्णिमा का स्नान, दान, पूजन और व्रत आदि जैसे धार्मिक कार्य किए जाएंगे.

माघ पूर्णिमा शुभ मुहूर्त (Magh Purnima 2026 Shubh Muhurat)

माघ पूर्णिमा पर रवि पुष्य योग का निर्माण हो रहा है, जोकि सुबह 07.10 से रात 11.58 तक रहेगा. साथ ही इस तिथि पर सर्वार्थ सिद्धि, प्रीति योग और आयुष्मान योग भी रहेगा. इन योग को बहुत ही शुभ माना जाता है. इन योगों में किए स्नान, दान और पूजन का शीघ्र फल मिलता है. स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त को शुभ माना जाता है. वहीं पूजा के लिए सुबह 05.24 से 06.32 तक शुभ मुहूर्त रहेगा. स्नान और पूजन के बाद आप दान कर सकते हैं. पूर्णिमा का व्रत रखने वाले जातक 2 फरवरी को सुबह 06.33 से सुबह 07.55 के बीच पारण कर अपना व्रत खोल सकते हैं.

बजट 2026 से क्या हेल्थ सेक्टर का होगा कायाकल्प? जानें क्या है उम्मीदें…

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Union Budget 2026: आगामी यूनियन बजट से स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी उम्मीदें हैं, क्योंकि यह देश की स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा और गुणवत्ता तय करने में अहम भूमिका निभाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार यदि स्वास्थ्य बजट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करती है तो इससे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी और सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ढांचे, आधुनिक उपकरणों तथा दवाओं की उपलब्धता में सुधार होगा.

खास तौर पर ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों में डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की कमी दूर करने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं लाए जाने की उम्मीद है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच समान रूप से बढ़ सके.

हेल्थ सेक्टर की क्या उम्मीदें?

स्वास्थ्य बीमा कवरेज के विस्तार, निवारक देखभाल, डिजिटल हेल्थ और मेडिकल रिसर्च में निवेश को भी इस बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किए जाने की संभावना है. डॉ. एन.के. सोनी के अनुसार, हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीक और प्रिवेंटिव सेवाओं के लिए अधिक आवंटन से खासकर टियर-II और टियर-III शहरों में मरीजों के इलाज के नतीजों में सुधार होगा. डिजिटल हेल्थ और बीमा सुविधाओं की बेहतर पहुंच से न सिर्फ इलाज सस्ता होगा, बल्कि मरीजों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा, जिससे एक मजबूत और टिकाऊ हेल्थकेयर इकोसिस्टम तैयार हो सकेगा.

वहीं महिला और बाल स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिए जाने की भी व्यापक अपेक्षा है. मानसी बंसल झुनझुनवाला का कहना है कि मातृ स्वास्थ्य, पोषण, समय पर जांच और नवजात देखभाल पर बढ़ा हुआ खर्च दीर्घकालिक रूप से समाज के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाएगा. इसके साथ ही टेलीमेडिसिन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक मेडिकल टेक्नोलॉजी में निवेश से बेहतर डायग्नोसिस और गुणवत्तापूर्ण इलाज तक मरीजों की पहुंच आसान होगी.

महिला हेल्थ पर फोकस की जरूरत

महिला स्वास्थ्य को लेकर विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि निवारक और विशेषीकृत देखभाल पर फोकस समय की मांग है. डॉ. संदीप सोनारा के अनुसार, समय पर निदान, उन्नत इमेजिंग तकनीक और न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी जैसी सुविधाओं तक शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पहुंच बढ़ाने से एंडोमेट्रियोसिस जैसी जटिल बीमारियों में बेहतर परिणाम मिलेंगे और लंबे समय में सामाजिक व आर्थिक बोझ भी घटेगा.

कुल मिलाकर, आगामी यूनियन बजट से स्वास्थ्य क्षेत्र में संरचनात्मक सुधार, तकनीकी नवाचार और समावेशी नीतियों की मजबूत उम्मीद की जा रही है. यदि सरकार प्राथमिक, निवारक और विशेषीकृत स्वास्थ्य सेवाओं को संतुलित रूप से सशक्त करती है, तो इससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, गुणवत्ता और किफ़ायत में व्यापक सुधार होगा और भारत एक भविष्य-तैयार तथा समान हेल्थकेयर सिस्टम की ओर तेजी से आगे बढ़ सकेगा.

Republic Day 2026: शेरशाह से बॉर्डर तक,  गणतंत्र दिवस पर घर बैठे देखें…

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गणतंत्र दिवस हर भारतीय के लिए गर्व और देशभक्ति का दिन होता है. इस दिन हम उन वीर सैनिकों को याद करते हैं जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की परवाह नहीं की. बॉलीवुड की कई फिल्मों ने भी युद्ध, सैनिकों की बहादुरी और देशभक्ति को पर्दे पर बड़े ही रोमांचक और भावुक अंदाज में दिखाया है.

ये फिल्में परिवार के साथ देखने के लिए भी शानदार अनुभव देती हैं.

जेपी दत्ता की फिल्म ‘बॉर्डर’ साल 1997 में रिलीज हुई थी और इसे बॉलीवुड की क्लासिक वॉर फिल्म माना जाता है. ये फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान राजस्थान के लोंगेवाला पोस्ट की कहानी दिखाती है जहां सिर्फ 120 भारतीय सैनिक अपनी पोस्ट की रक्षा करते हैं. फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ और अक्षय खन्ना मुख्य भूमिका में थे. सैनिकों की हिम्मत, दोस्ती और देशभक्ति का जज्बा पर्दे पर बेहद रोमांचक तरीके से दिखाया गया है. ये फिल्म उस साल की बड़ी हिट भी रही है.

इस कड़ी में बीते शुक्रवार इसका सीक्वल ‘बॉर्डर 2’ रिलीज हुआ. इसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी ने आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ऑफिसर्स की भूमिका निभाई है.

साल 2003 में जेपी दत्ता ने एक और वॉर-ड्रामा फिल्म ‘एलओसी कारगिल’ बनाई. ये फिल्म भारतीय सेना के ऑपरेशन विजय पर आधारित थी. फिल्म में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन और अजय देवगन जैसे बड़े कलाकार नजर आए. इस फिल्म ने युद्ध की कठिनाइयों और सैनिकों की बहादुरी को बेहद प्रभावशाली ढंग से दिखाया. लोग इसे देखकर भावनात्मक रूप से भी झकझोर गए.

आदित्य धर की फिल्म ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ 2019 में रिलीज हुई थी. ये फिल्म 2016 में पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित थी. विक्की कौशल ने मेजर विहान सिंह शेरगिल का किरदार निभाया था. फिल्म ने रिलीज होते ही खूब चर्चा बटोरी और लोगों ने इसे बेहद पसंद किया. इसे साल की सबसे हिट फिल्मों में से एक माना गया था.

सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म ‘शेरशाह’ साल 2021 में रिलीज हुई. ये मेजर विक्रम बत्रा की बायोपिक है जिन्होंने कारगिल युद्ध में देश की खातिर अपनी जान दे दी. फिल्म में उनकी बहादुरी और देशभक्ति को बड़े ही प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया. विष्णुवर्धन द्वारा निर्देशित ये फिल्म न केवल भावनाओं को छूती है बल्कि लोगों के अंदर देशभक्ति की भावना भी जगाती है.

साल 2026 की शुरुआत में आई फिल्म ‘इक्कीस’ में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई. ये फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और परमवीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल के बलिदान पर आधारित है. धर्मेंद्र की ये आखिरी फिल्म थी. ‘इक्कीस’ सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं बताती बल्कि सैनिकों के दर्द, संघर्ष और उनके साहस को भी दिखाती है.

छत्तीसगढ़: सिनेमा के नए युग की शुरुआत! सीएम ने किया ‘चित्रोत्पला फिल्म…

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छत्तीसगढ़ का बरसों पुराना सपना आज साकार हो गया है. चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी.

इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी.

चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंच मिलेगा, निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी. यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के ग्राम माना-तूता में चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ चित्रोत्पला फिल्म सिटी तथा ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण की आधारशिला रखी. इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों, फिल्म कलाकारों, और निर्माता-निर्देशकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.

छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर फोकस- सीएम

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के अभिनय और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. चित्रोत्पला फिल्म सिटी के माध्यम से प्रदेश के हजारों हुनरमंद कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा. स्थानीय फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण से जुड़ी सभी तकनीकी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी.

उन्होंने फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के लिए केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में प्रदेश की कला और कलाकारों को उचित सम्मान मिल रहा है.

चित्रोत्पला फिल्म सिटी भूमिपूजन कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने भूमिपूजन के साथ ही फिल्म निर्माण और कन्वेंशन सेंटर से संबंधित विभाग को चार प्रस्ताव प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण गतिविधियों को नई गति मिलेगी और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों को बड़े पर्दे पर स्थान मिलेगा.

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज का यह अवसर छत्तीसगढ़ पर्यटन एवं फिल्म विकास उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह केवल एक निर्माण परियोजना की शुरुआत नहीं है, बल्कि राज्य के सांस्कृतिक, आर्थिक और रचनात्मक भविष्य की सशक्त नींव है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता से परिपूर्ण राज्य है और इस पहल से पर्यटन के साथ-साथ फिल्म उद्योग को भी नया आयाम मिलेगा.

इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष नीलू शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल तथा पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव उपस्थित थे.

चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के भूमिपूजन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने परियोजना के प्रस्तावित मास्टर प्लान का अवलोकन किया. उन्होंने अधिकारियों से निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं तथा परियोजना पर आधारित एक लघु फिल्म भी देखी.

फिल्म शूटिंग, फेस्टिवल और रोजगार के नए अवसर

उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में छत्तीसगढ़ में न्यूटन, जहानाबाद, कौन प्रवीण तांबे, द ग्रेट इंडियन मर्डर, और ग्राम चिकित्सालय जैसी फिल्मों एवं वेब सीरीज़ की शूटिंग हो चुकी है, जिससे राज्य में वाणिज्यिक फिल्म निर्माण की व्यापक संभावनाएं स्पष्ट होती हैं.

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से स्थानीय कलाकारों एवं तकनीशियनों को नए अवसर प्राप्त होंगे. फिल्म फेस्टिवल, अवॉर्ड शो एवं अन्य मनोरंजन कार्यक्रमों के आयोजन की संभावनाएं भी सुदृढ़ होंगी. इसके साथ ही राज्य के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार होगा तथा फिल्म टूरिज्म के साथ सामान्य पर्यटन में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी.

Chhattisgarh: जागरूकता से थमेंगे सड़क हादसे! सीएम ने सड़क सुरक्षा…

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा सम्मान समारोह में शामिल हुए.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जन जागरूकता से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी. यातायात नियमों के प्रति सजगता ही हमें जनहानि से बचा सकती है.

मुख्यमंत्री साय ने सड़क सुरक्षा का संदेश देते हुए स्वयं हेलमेट पहनकर बाइक चालकों के दल के साथ स्कूटी चलाई. चलाई.कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के पंडरी में आधुनिक लाइसेंस सेंटर कार्यालय भवन पंडरी का भूमिपूजन और प्रदेश भर में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 12 नवीन मार्गों में 12 नवीन बसों का शुभारंभ किया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मानव जीवन अनमोल है. उन्होंने बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए यातायात नियमों के पालन की अपील आम नागरिकों से की जिससे वाहन दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके. आज इस कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा के लिए कार्य कर रहे राहगीरों, पुलिस मितान, चिकित्सकों, यातायात पुलिस कर्मियों सहित अन्य लोगों को सम्मानित किया गया है. ये सभी लोग इस कार्य में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

सड़क सुरक्षा बने जनआंदोलन- सीएम साय

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में किसी माता की कोख सूनी हो जाती है, कई भाई अपनी बहन से हमेशा के लिए बिछड़ जाते हैं, और कई बच्चे अनाथ हो जाते हैं. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए रायपुर पुलिस ने अभिनव पहल करते हुए 4500 पुलिस मितान बनाए हैं. ये पुलिस मितान गांवों में सड़क सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे. अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम ज्यादा होता है. ऐसे में पुलिस मितान की बड़ी भूमिका होगी. हमने इन पुलिस मितान साथियों को हेलमेट और फर्स्ट ऐड किट भी वितरित किए हैं.

कार्यक्रम में परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि आज का कार्यक्रम मात्र एक औपचारिकता ना रहे बल्कि सड़क सुरक्षा का जनांदोलन बने. सड़क दुर्घटना में तत्काल सहायता करने वाले राहगीरों को 25 हजार की राशि का प्रावधान किया गया है. सड़क दुर्घटना प्रभावितों के इलाज के लिए डेढ़ लाख के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है.

सड़क सुरक्षा योद्धाओं का सम्मान- सांसद बृजमोहन

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि ये महीना कई माताओं की गोद सूनी होने से बचाने का महीना है. हेलमेट पहनना अब अनिवार्य किया जाना चाहिए. एक्सीडेंट से कई परिवार उजड़ रहे हैं. छत्तीसगढ़ बहुत तेजी से विकसित हो रहा है. सड़क दुर्घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है. हेलमेट को अनिवार्य करने से वाहन चलाते हुए मोबाइल पर बात करना भी बंद होगा और लोगों की जान बचेगी.

कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा मितान साथियों को 25 हजार व 5 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई और सड़क सुरक्षा के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले चिकित्सा अधिकारियों, यातायात सिपाहियों, वाहनचालकों, भारत स्काउट गाइड के सदस्यों, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, एनएचएआई के अधिकारी तथा एनएसएस व एनसीसी कैडेट्स को भी सम्मानित किया गया.

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत आयोजित की गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया. उन्होंने प्रदर्शनी में सड़क सुरक्षा पर स्कूल व कॉलेज के बच्चों द्वारा बनाई गई पेंटिंग और साइंस मॉडल की सराहना की.

इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी और पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर नवीन अग्रवाल, परिवहन सचिव एस प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी रविशंकर सहित बड़ी संख्या में स्काउट गाइड व एनसीसी कैडेट्स और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे.

Republic Day 2026: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार कॉम्बैट परेड, कर्तव्य…

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26 जनवरी 2026 को मनाया जा रहा गणतंत्र दिवस भारत के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है. इस बार कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड पारंपरिक सेरेमोनियल स्वरूप से हटकर पूरी तरह कॉम्बैट थीम पर आधारित होगी.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला गणतंत्र दिवस होगा, जिसमें भारत अपनी वास्तविक युद्ध-तैयारी और आधुनिक सैन्य सोच का सीधा प्रदर्शन करेगा. यह बदलाव केवल परेड की शैली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की बदलती रक्षा रणनीति और तीनों सेनाओं की संयुक्त युद्ध क्षमता को दर्शाता है.

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में पहली बार थलसेना, वायुसेना और नौसेना के मार्चिंग दस्ते पारंपरिक वर्दी के बजाय पूरी तरह लड़ाकू भूमिका में नजर आएंगे. कर्तव्य पथ पर तीनों सेनाएं संयुक्त रूप से युद्ध-तैयार स्वरूप में मार्च करती दिखाई देंगी. यह परेड भारत की इंटीग्रेटेड डिफेंस अप्रोच का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है. अब तक गणतंत्र दिवस परेड में सेरेमोनियल अनुशासन और परंपरा को प्राथमिकता दी जाती रही है, लेकिन इस बार फोकस वास्तविक युद्ध स्थितियों के प्रदर्शन पर होगा.

जंग के मैदान जैसी बैटल एरे का प्रदर्शन

इस वर्ष की परेड में कर्तव्य पथ को एक तरह से युद्ध क्षेत्र की तरह प्रस्तुत किया जाएगा. भारतीय सेना की बैटल एरे इस तरह दिखाई जाएगी, जैसे सैनिक वास्तविक युद्ध में तैनात हों. इसमें विशेष बलों की इकाइयां, इन्फैंट्री और स्काउट्स के दस्ते, मुख्य युद्धक टैंक, भारी तोपें, रॉकेट सिस्टम और मिसाइल प्लेटफॉर्म शामिल होंगे.

कैवलरी भी बदलेगी परंपरा, दिखेगी कॉम्बैट गियर में

अब तक गणतंत्र दिवस परेड में कैवलरी यानी घुड़सवार टुकड़ी पारंपरिक सेरेमोनियल पोशाक में दिखाई देती रही है. लेकिन 2026 में यह परंपरा भी बदलेगी. इस बार कैवलरी यूनिट युद्ध-तैयारी की वेशभूषा में, कॉम्बैट गियर के साथ कर्तव्य पथ पर मार्च करेगी.

ऑपरेशन सिंदूर में उपयोग हुए हथियारों की झलक

गणतंत्र दिवस परेड 2026 में उन आधुनिक हथियार प्रणालियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इसमें ड्रोन वॉरफेयर सिस्टम, एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम और अत्याधुनिक सर्विलांस व टार्गेटिंग उपकरण शामिल होंगे. यह प्रदर्शन भारत की तकनीक-आधारित और नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध क्षमता को सामने लाएगा, जहां सूचना, निगरानी और सटीक हमले की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है.

‘समाज एकजुट हुआ तो 300 सीटें जीतेंगे’, चंद्रशेखर आजाद का दावा…

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उत्तर प्रदेश के आगरा में जीआईसी ग्राउंड में रविवार (25 जनवरी) आजाद समाज पार्टी की ओर से एक विशाल रैली आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद शामिल हुए.

रैली में उन्हें सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे. जैसे ही चंद्रशेखर आजाद मंच पर पहुंचे, जनता की ओर से जमकर नारे लगाए गए. रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने मुस्लिम समाज से आजाद समाज पार्टी के साथ जुड़ने की अपील की और कहा कि मुस्लिम समाज पार्टी के साथ खड़ा हो जाए, 15 दिन में माहौल बदलने वाला है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनी तो बहन और बेटियों की तरफ बुरी नजर रखने वालों को किसी लायक नहीं छोड़ा जाएगा.

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने पर 5 किलो राशन मिले या नहीं, लेकिन अच्छी शिक्षा, अच्छा उपचार और रोजगार जरूर मिलेगा. सरकार धर्म के नाम पर लोगों को लड़ाना चाहती है, जबकि हमारी सरकार बनने पर अधिकारी आपकी सुनवाई करेंगे. अमीरों की तिजोरी से पैसा निकालकर गरीबों को दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर समाज एकजुट हो जाए तो प्रदेश में 300 सीटें जीतेंगे. रैली में एक बड़ा जनसैलाब देखने को मिला और लोगों में खासा उत्साह नजर आया.

अविमुक्तेश्वरानंद से वैचारिक मतभेद

रैली के बाद मीडिया से बातचीत में चंद्रशेखर आजाद ने प्रयागराज में संत अविमुक्तेश्वरानंद के मामले पर कहा कि उनसे वैचारिक मतभेद हैं, क्योंकि वे मनुस्मृति को मानते हैं और हम संविधान को मानते हैं, लेकिन प्रयागराज में जो हुआ वह गलत था. छोटे ब्रह्मचारियों के बाल पकड़ कर डंडों से पीटा गया, इसके लिए सरकार को माफी मांगनी चाहिए.

यूजीसी बिल का किया समर्थन

यूजीसी को लेकर चंद्रशेखर ने कहा कि नए नियमों का विरोध वही लोग कर रहे हैं जिन्होंने नियम पढ़े नहीं हैं. 2027 समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर अति पिछड़ा वर्ग को 15 प्रतिशत अलग से आरक्षण, निजी क्षेत्र में आरक्षण, बेहतर चिकित्सा, अच्छी शिक्षा, मजबूत कानून व्यवस्था लागू की जाएगी और महंगाई को कमजोर किया जाएगा. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि व्यापारियों से छापे के नाम पर अधिकारी रिश्वतखोरी कर रहे हैं.

T20 वर्ल्ड कप से पहले भारत के लिए आई खुशखबरी, फिट हुआ धाकड़ बल्लेबाज;

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम पूरी तरह तैयार हैं. इस बड़े टूर्नामेंट से पहले भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है. पहले मैच को छोड़कर अन्य दोनों मुकाबलों में टीम ने एकतरफा जीत हासिल की, बीते रविवार को तो टीम ने 154 के लक्ष्य को 10 ही ओवरों में पूरा कर लिया.

अभिषेक शर्मा शानदार लय में हैं, तो वहीं कप्तान सूर्यकुमार यादव भी शानदार फॉर्म में लौट आए हैं. इस बीच टीम के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई, तिलक वर्मा फिट हो गए हैं.

तिलक वर्मा टी20 वर्ल्ड कप 2026 का हिस्सा हैं, जो पेट की समस्या के चलते टीम से बाहर चल रहे हैं. वैसे टीम में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव जैसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं, लेकिन भारतीय टीम की ताकत ये हैं कि अगर टीम का टॉप आर्डर फ्लॉप हो जाए तो मिडिल आर्डर के बल्लेबाज रनों की गति को ध्यान में रखते हुए अच्छी पारियां खेलते हैं. हार्दिक पांड्या, तिलक वर्मा ऐसे ही मिडिल आर्डर बल्लेबाज हैं.

5वां टी20 खेल सकते हैं तिलक वर्मा

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार तिलक वर्मा 31 जनवरी को होने वाले तिरुवनंतपुरम में न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें टी20 में उपलब्ध रहेंगे. बता दें कि विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान उनके पेट का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद डॉक्टर्स ने उन्हें 2 हफ्ते आराम करने को कहा था. वह बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में फिट होने के लिए मेहनत कर रहे हैं. वैसे टीम मैनेजमेंट नहीं चाहता कि तिलक की वापसी में कोई जल्दबाजी की जाए, इसके बजाय वह चाहते हैं कि तिलक टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए पूरी तरह फिट हो जाएं.

ट्रेनिंग शुरू कर चुके हैं तिलक

बीसीसीआई ने पहले बताया था कि तिलक वर्मा फिजिकल ट्रेनिंग शुरू कर चुके हैं. उनके सिम्प्टम्स पूरी तरह से सही हो जाएंगे और घाव ठीक होने की प्रक्रिया संतोषजनक होगी तब वह धीरे-धीरे स्किल-बेस्ड एक्टिविटीज में लौटेंगे. बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने उनको लेकर कहा था कि न्यूजीलैंड के खिलाफ शुरूआती 3 मैचों से वह बाहर हैं, ट्रेनिंग और स्किल फेज में उनकी प्रोग्रेस के आधार अन्य 2 मैचों में उनकी उपलब्धता पर फैसला लिया जाएगा.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत का स्क्वॉड

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, इशान किशन, हार्दिक पंड्या, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, एक्सर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रिंकू सिंह.

गणतंत्र दिवस की परेड में यूपी की झांकी ने सभी को चौंकाया, कालिंजर किले…

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उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ आधुनिकता के संगम ने आज गणतंत्र दिवस के मौके पर नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर प्रदेश की झांकी ने सभी को मंत्र-मुग्ध कर दिया. बुंदेलखंड की प्राचीन विरासत और आधुनिक उत्तर प्रदेश का अनूठा संगम देख लोग तालियां बजाते हुए अपने स्थानों से खड़े होने पर मजबूर हो गए.

प्रदेश की झांकी की थीम ‘बुंदेलखंड की शाश्वत भव्यता’ पर आधारित थी.

प्रदेश की झांकी के सामने वाले हिस्से में एकमुखी शिवलिंग (कालिंजर की प्रसिद्ध मूर्तियों में से एक) का भव्य चित्रण नजर आ रहा था. यह बुंदेलखंड की गहरी आध्यात्मिकता और असाधारण वास्तुकला विरासत का उदहारण है. बीच का हिस्सा इस क्षेत्र की जीवित शिल्प परंपराओं को उजागर करता है, मिट्टी के बर्तन (मृद्भांड कला), मनके का काम (मनका शिल्प) और जीवंत स्थानीय हाट. ये सभी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना के अंतर्गत आते हैं, जो बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान और आर्थिक आत्मनिर्भरता की रीढ़ हैं.

कालिंजर किले का शानदार चित्रण

झांकी में मुख्य आकर्षण का केंद्रकालिंजर किले का शानदार जीवंत चित्रण था, जिसके अन्दर नक्काशीदार पत्थर के खंभे, द्वार और ऐतिहासिक भव्यता को जीवंत किया गया था. ट्रेलर के पिछले हिस्से में नीलकंठ महादेव मंदिर का पूजनीय दृश्य था, जो क्षेत्र के आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करता है.

बुन्देली लोक नृत्य ने झांकी को जीवंत बनाया

झांकी में पारंपरिक बुंदेली लोक नर्तकों ने रंग-बिरंगे परिधानों, लय और गति से जीवंत बनाय दिया. यह बुन्देलखंड की सांस्कृतिक पहचान को बिलकुल सजीव दर्शा रही थी. इसके बाद झांकी आधुनिक उत्तर प्रदेश के शक्तिशाली चित्रण में बदल गई, कालिंजर किले से प्रेरित वास्तुकला के मुखौटे के अंदर एक्सप्रेसवे, औद्योगिक विकास, विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और नए जमाने के विनिर्माण के दृश्य आकर्षित कर रहे थे.

कुल मिलकर उत्तर प्रदेश की झांकी ने इस बार कर्तव्य पथ पर इतिहास रच दिया. इस झांकी के जरिये प्रदेश के विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को प्रस्तुत किया कि किस प्रकार उत्तर प्रदेश आज अपनी संस्कृति के साथ आधुनिकता से कदम मिला रहा है.

70 प्रतिशत टैरिफ घटाएगा भारत…. इंडिया-EU ट्रेड डील के बीच 27 देशों…

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भारत यूरोपीयन यूनियन (EU) देशों की कारों पर टैरिफ घटाकर 40 प्रतिशत तक कर सकता है. अभी 110 प्रतिशत टैरिफ लागू है. अमेरिका की टैरिफ धमकियों के बीच भारत की यूरोपीयन यूनियन के साथ मंगलवार (27 जनवरी, 2026) को ट्रेड डील होने वाली है, जिसे मदर ऑफ द डील्स भी कहा जा रहा है.

कुछ दिन पहले ही ईयू ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील सस्पेंड करने का फैसला किया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर नियंत्रण चाहते हैं और कई ईयू देश इसके खिलाफ हैं. वह खुलकर इस फैसले की आलोचना भी कर चुके हैं, जिसके बाद ट्रंप ने फरवरी से आठ ईयू देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है.

10 प्रतिशत तक हो सकता है टैरिफ

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार दो सूत्रों ने बताया है कि भारत सरकार यूरोपीयन यूनियन के 27 देशों की कारों पर टैरिफ में तत्काल कटौती करने के लिए तैयार हो गई है. उन्होंने यह भी बताया कि यह टैरिफ आने वाले समय में और घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया जाएगा. इस तरह यूरोपीय ऑटोमोबाइल कंपनियों जैसे फॉक्सवेगन, मर्सडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू के लिए इंडियन मार्केट में पहुंच आसान हो जाएगी.

सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि यह बेहद गोपनीय जानकारी है, जिसमें लास्ट-मिनट पर बदलाव भी हो सकते हैं. हालांकि, भारतीय वाणिज्य मंत्रालय और यूरोपीयन कमीशन ने इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है.

27 जनवरी को भारत और ईयू के बीच साइन होगा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

भारत और यूरोपीय यूनियनके बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 27 जनवरी को साइन हो सकता है. इसे दोनों पक्षों की ओर से ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है और इससे भारत की ईयू के साथ ट्रेड सरप्लस साल 2031 तक 51 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एफटीए पर बातचीत करीब एक दशक पहले शुरू हुई थी, लेकिन दुनिया में बढ़ती व्यापारिक अनिश्चितता को देखते हुए दोनों देशों ने इसे तेजी से आगे बढ़ाया है.

एमके ग्लोबल की ओर से रविवार को जारी एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता ईयू के साथ भारत की व्यापारिक स्थिति को काफी मजबूत कर सकता है. इस समझौते से वित्त वर्ष 2031 तक यूरोपीय संघ के साथ भारत का ट्रेड सरप्लस 50 अरब डॉलर से अधिक बढ़ सकता है, जिससे भारत के कुल निर्यात में ईयू संघ की हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2025 के 17.3 प्रतिशत की तुलना में बढ़कर लगभग 22-23 प्रतिशत हो सकती है, जिससे भारत की निर्यात वृद्धि को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा. हालांकि, वर्तमान में ईयू के निर्यात बाजार में भारत की हिस्सेदारी केवल 0.8 प्रतिशत है, फिर भी यह समझौता यूरोप के लिए भी तेजी से महत्वपूर्ण होता जा रहा है.