Home छत्तीसगढ़ CG: रायपुर में खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय का कैंडल मार्च,...

CG: रायपुर में खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय का कैंडल मार्च, अमेरिका-इजराइल के खिलाफ लगाए नारे…

2
0

राजधानी रायपुर में रविवार को कई शिया मुसलमानों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर मोमबत्ती जुलूस निकाला. इस जुलूस में बच्चे भी शामिल थे.

खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय का प्रदर्शन 

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार (1 मार्च) को कई शिया मुसलमानों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त करने और अमेरिका और इजराइल की निंदा करने के लिए मोमबत्ती जुलूस निकाला गया. इजराइल और अमेरिका द्वारा शनिवार (28 मार्च) को तेहरान पर किए गए हमले में खामेनेई मारे गए थे, जिसे लेकर यह जुलूस मोमिनपारा इलाके में आयोजित किया गया.

आंदोलन में पोस्टरों पर ट्रंप और नेतन्याहू की निंदा करने वाले नारे

इस जुलूस में बच्चे भी शामिल हुए और प्रदर्शनकारियों के हाथों में खामेनेई के समर्थन में पोस्टर थे. प्रदर्शनकारियों द्वारा लहराए गए कुछ पोस्टरों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की निंदा करने वाले नारे भी लिखे हुए थे. इस आंदोलन से एक दिन पहले काले कुर्ते पहने पुरुषों के एक समूह ने उसी इलाके में ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ नारे लगाए. एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल को भी तैनात किया गया था.

खामेनेई सिर्फ राजनेता नहीं, बल्कि शिया समुदाय के धार्मिक मार्गदर्शक भी

आंदोलन में लोगों का कहना है कि खामेनेई सिर्फ एक राजनेता नहीं थे, बल्कि मुख्य रूप से शिया समुदाय के धार्मिक मार्गदर्शक और एक इस्लामी नेता थे. खोमेनेई ने इस्लामी सिद्धांतों और सचाई के साथ शासन प्रणाली को स्थापित किया था. आंदोलन कर रहे शिया मुसलमानों ने कहा कि खामेनेई हमेशा उत्पीड़न के खिलाफ खड़े रहे और अलग-अलग देशों में अन्याय झेल रहे लोगों का साथ दिया. वहीं आंदोलन हो रहे इलाकों के सड़कों पर इजरायली और अमेरिकी झंडे के साथ-साथ ट्रंप और नेतन्याहू की तस्वीरें भी पड़ी हुई मिली.

‘राज्य सरकार और केंद्र सरकार इस स्थिति को लेकर चिंतित’- विजय शर्मा 

राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ईरान और खाड़ी देशों में फंसे छत्तीसगढ़ के छात्र सहित अन्य लोगों के बारे में कहा कि, सरकार के पास वीजा पर विदेश यात्रा करने वालों का रिकॉर्ड है और वहां गए सभी लोगों के पास वीजा सहित अन्य दस्तावेज भी मौजूद है. ऐसे में केंद्र सरकार भी सभी रिकॉर्ड अपने पास रखती है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार इस स्थिति को लेकर चिंतित है, अगर किसी भी तरह की समस्या आती है तो, हम केंद्र के साथ मिलकर उसका समाधान निकालेंगे.