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छत्तीसगढ़ में आज से शुरू होगा बजट सत्र, CM साय कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में होंगे शामिल, पक्ष-विपक्ष में होंगी विधायक दल की बैठकें

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छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज से बजट सत्र की शुरुआत होगी. CM साय सुबह कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भाग लेंगे, फिर किसान सम्मान समारोह में शामिल होंगे और शाम को बीजेपी कार्यालय व विधायक दल की बैठक करेंगे.

कांग्रेस और भाजपा दोनों की बैठकें आज आयोजित होंगी, जहां विधानसभा सत्र पर चर्चा होगी. प्रदेश कांग्रेस की फैक्ट फाईंडिंग कमेटी बिलासपुर का दौरा करेगी.

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज से बजट सत्र की शुरुआत होने जा रही है. बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा. इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी जाएगी. अभिभाषण के बाद सभी सदस्य निर्माणाधीन नए विधानसभा परिसर का निरीक्षण करने जाएंगे.

आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुबह 9:55 बजे विधानसभा में कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में भाग लेंगे. 11:00 AM बजे विधानसभा से निकलने के बाद वे शांति सरोवर जाएंगे. इसके बाद दोपहर 1:00 बजे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में किसान सम्मान समारोह में शामिल होंगे.

मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे बीजेपी प्रदेश कार्यालय का दौरा करेंगे. इसके बाद शाम 7 बजे नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे. रात 9:30 बजे मुख्यमंत्री अपने निवास पर लौटेंगे.

छत्तीसगढ़ में विधानसभा बजट सत्र की आज से शुरुआत हो रही है. बजट सत्र के दौरान कांग्रेस की शाम 6 बजे बैठक होगी. इस बैठक में विधायक दल के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी हिस्सा लेंगे. बैठक की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत करेंगे, और इसमें सत्तापक्ष को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी.

इसके साथ ही, आज शाम भाजपा विधायक दल की बैठक भी होगी. यह बैठक मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में शाम 7 बजे नए मुख्यमंत्री निवास में होगी, जहां विधानसभा सत्र पर चर्चा होगी और विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए विधायकों को दिशा-निर्देश दिए जाएंगे.

अखिल भारतीय गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता : समापन समारोह में सीएम साय हुए शामिल, कहा- छत्तीसगढ़ खेल हब बनने की ओर अग्रसर

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छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय जशपुर में स्व. दिलीप सिंह जूदेव स्मृति अखिल भारतीय गोल्ड कप फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने फाइनल मुकाबले का आनंद लिया और विजेता टीम को बधाई दी।

उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए सराहा और भविष्य में ऐसे आयोजनों को और अधिक भव्य बनाने का आश्वासन दिया।

प्रतियोगिता का आयोजन 8 फरवरी से 23 फरवरी 2025 तक जशपुर के रणजीता स्टेडियम में किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, प्रदेश के खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने पर खिलाड़ियों को 3 करोड़, रजत पदक पर 2 करोड़ और कांस्य पदक पर 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। खेलों के प्रति खिलाड़ियों के बढ़ते उत्साह और सरकार के समर्थन से छत्तीसगढ़ खेल हब बनने की ओर अग्रसर है।

फुटबॉल प्रतियोगिता में आनंद लेते हुए सीएम साय
रणजीता स्टेडियम के जीर्णोद्धार की घोषणा

सीएम साय ने कहा कि, रणजीता स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। प्रतियोगिता में देशभर के 16 राज्यों से आई राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के फाइनल मैच में रेलवे नागपुर और एमईजी बैंगलूरू की टीमें आमने-सामने रहीं। कई सालों के बाद रणजीता स्टेडियम में राष्ट्रीय स्तर की टीमों को खेलते हुए देखना खेल प्रेमियों के लिए रोमांचक अनुभव रहा।

IND vs PAK: ‘मैंने कभी नहीं सोचा था कि..”, पाकिस्तान की हार के बाद वसीम अकरम का फूटा गुस्सा, बयान से मची खलबली

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भारत ने पाकिस्तान (IND vs PAK, Champions Trophy 2025) को 6 विकेट से हराकर चैंपियंस ट्रॉफी में धमाकेदार जीत हासिल की. भारत की ओऱ से विराट कोहली  ने कमाल किया और 100 रनों की नाबाद पारी खेली.

विराट कोहली को उनके शानदार शतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया. भारत ने 4 विकेट खोकर 242 रन के लक्ष्य को हासिल कर लिया. बता दें कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. पहले खेलते हुए पाकिस्तान ने 241 रन बनाए थे. वहीं, भारत ने 4 विकेट खोकर 244 रन बनाकर मैच को जीत लिया. भारत के खिलाफ पाकिस्तान को मिली हार के बाद पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम भड़क गए हैं.

वसीम ने टेन स्पोर्ट्स के साथ बात करते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और चयनकर्ताओं को फटकार लगाई है. वसीम ने कप्तान मोहम्मद रिजवान की भी आलोचना की है. वसीम अकरम ने माना है कि रिजवान ने मैच में बेहद ही खराब कप्तानी की है. वसीम ने पाकिस्तान के हार (Wasim Akram on Pakisatn Defeat vs India in Champions Trophy)के बाद बयान दिया और कहा, “हमें अब हार की आदत हो गई है, मैच में रिजवान की कप्तानी बेहद ही खराब रही है. हम पिछले कुछ समय से व्हाइट बॉल क्रिकेट में हारे जा रहे हैं. अब वक्त आ गया है कि कोई बड़ा फैसला करने का. बोल्ड फैसला करने का..बोल्ड फैसला क्या है. अब हमें यंग खिलाड़ियों को, निडर खिलाड़ियों को व्हाइट बॉल क्रिकेट में लेकर आना होगा.

पूर्व पाकिस्तानी गेंदबाज ने अपनी बात आगे ले जाते हुए कहा, “चाहे आपको टीम में पांच से 6 खिलाड़ियों को बदलने पड़े, आपको यह फैसला करना ही होगा, आप अगले 6 महीने मैच हारे लेकिन फिर भी आप उन लड़कों को सपोर्ट करें, और 2026 के वर्ल्डकप के लिए पाकिस्तान की टीम आप अभी से तैयार करें.”

‘स्विंग ऑफ सुल्तान’ ने अपनी बात आगे ले जाते हुए कहा, “बस बहुत हो गया. .स्टार्स बना दिए.. काफी मौके दे दिए..पाकिस्तान ने पिछले 5 मैचों में गेंदबाजों ने केवल 24 विकेट लिए हैं .60 की औसत के साथ .. सबसे हताश करने वाली बात ये है कि विश्व क्रिकेट के 14 टीमों में पाकिस्तान की गेंदबाजी औसत दूसरी सबसे खराब गेंदबाजी परफॉर्मेंस है. इससे बु्रा और क्या हो सकता है. इसमें ओमान भी है और यूएसए भी है. ”

पूर्व महान पाकिस्तानी तेज गेंदबाज वसीम ने आगे कहा, “अब पाकिस्तान बोर्ड को सबसे पहले चयनकर्ता, कप्तान और कोच को बुलाए और उनसे पूछना चाहिए कि आपके ये टीम का चयन किस तरह से किया है. ये फैक्ट है. सबको पता था कि टीम अच्छी नहीं बनी है. इन्होंने टीम के फाइनल ऐलान के समय एक घंटे की मीटिंग की थी, लेकिन फिर भी टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया. कप्तान का भी कसूरवार है इसमें..क्योंकि वह टीम का लीडर है. उसको भी नहीं पता कि उसको अपने ही टीम कौन -कौन से मैच विनर चाहिए तो यह तो गजब बात है. .आप मैच की परिस्थिति को नहीं पढ़ पा रहे हैं. यह तो और भी शर्मनाक है. यह देखना काफी निराशा भरा था कि पाकिस्तान जब गेंदबाजी कर रहा था तो 15 से 20 ओवर के बाद से पाकिस्तानी फैन्स स्टेडियम से बाहर जा चुके थे. ऐसा मैंने पाकिस्तान के इतिहास में पहले कभी नहीं देखा था. यह पाकिस्तान क्रिकेट के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है. पाकिस्तान में क्रिकेट का जुनून है और इस तरह का खेल देखना दिल टूटने जैसा है.”

छत्तीसगढ़ में विज्ञान और नवाचार की नई क्रांति: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में बनेगी साइंस सिटी

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साइंस सिटी बनेगा वैज्ञानिक शोध और नवाचार का हब, छत्तीसगढ़ विज्ञान के क्षेत्र में रचेगा इतिहास- मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित

छत्तीसगढ़ अब शिक्षा, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में साइंस सिटी की स्थापना की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाए जा रहे हैं। नवा रायपुर के सेक्टर-13 में 30 एकड़ भूमि पर बनने वाली इस साइंस सिटी को आधुनिकतम तकनीकों से युक्त किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ को विज्ञान और तकनीक का नया केंद्र बनाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर आज उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विजन के अनुरूप इस परियोजना को तेजी से और समयबद्ध रूप से पूरा करने की रणनीति पर चर्चा हुई।

बैठक में अपर मुख्य सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्रीमती रेणु जी पिल्ले, छत्तीसगढ़ रीजनल साइंस सेंटर के महानिदेशक  डॉ. एस. कर्मकार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का विजन: छत्तीसगढ़ बनेगा विज्ञान और नवाचार का अग्रणी राज्य

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विजन के अनुरूप  छत्तीसगढ़ को केवल प्राकृतिक संसाधनों का राज्य नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचारों के केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाना है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बैठक में निर्देशित किया कि साइंस सिटी को “एडुटेनमेंट” (शिक्षा + मनोरंजन) की अवधारणा पर विकसित किया जाए, जिससे छात्रों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि विकसित करने का अवसर मिले।

बैठक में बताया गया कि साइंस सिटी में कई अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, जो इसे देश के अग्रणी विज्ञान केंद्रों में शामिल करेंगी। इसमें अंतरिक्ष एवं खगोल विज्ञान केंद्र, स्मार्ट सिटी एवं ग्रीन टेक्नोलॉजी सेक्शन, जलवायु परिवर्तन केंद्र, रोबोटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब, एयरोस्पेस रिसर्च सेक्शन, वर्चुअल एक्सपेरिमेंट लैब, थ्रीडी थिएटर और इमर्सिव डिस्प्ले जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी। इन नवाचारों के माध्यम से छात्रों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुचि विकसित करने का अवसर मिलेगा।

उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि साइंस सिटी सिर्फ एक शैक्षिक संस्थान नहीं, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक केंद्र बनेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि इसमें छात्रों के लिए एक्सपेरिमेंटल लर्निंग ज़ोन बनाए जाएं, जहां वे वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप से समझ सकें।

बैठक में चर्चा हुई कि साइंस सिटी छत्तीसगढ़ के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। यह न केवल छत्तीसगढ़ में विज्ञान पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि यहां के युवाओं और वैज्ञानिकों को वैश्विक स्तर के अनुसंधान और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराएगी।

साइंस सिटी का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व

साइंस सिटी न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए विज्ञान शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देने वाली परियोजना होगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस केंद्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विज्ञान सम्मेलन और शोध कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिससे यहां के विद्यार्थी और शोधकर्ता दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों के साथ काम करने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

समयबद्ध क्रियान्वयन और तकनीकी नवाचारों पर विशेष जोर

बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस परियोजना को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और इसे भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया जाए। उन्होंने कहा कि साइंस सिटी को नवाचार और अनुसंधान का वैश्विक स्तर का केंद्र बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी सुविधाओं को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि  छत्तीसगढ़ की यह साइंस सिटी देश की प्रमुख विज्ञान परियोजनाओं में से एक होगी और यह प्रदेश के वैज्ञानिक और तकनीकी विकास में अभूतपूर्व योगदान देगी। बैठक में बताया गया कि साइंस सिटी के विभिन्न सेक्शनों को इस तरह डिज़ाइन किया जाए कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रदर्शनियों, नवाचार प्रतियोगिताओं और शोध परियोजनाओं की मेजबानी कर सकें। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द से जल्द मूर्त रूप देने के लिए राज्य सरकार, वैज्ञानिक समुदाय और शिक्षाविदों के सहयोग से एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे छत्तीसगढ़ विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सके।

छत्तीसगढ़ का भविष्य विज्ञान और नवाचार में – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को केवल पारंपरिक संसाधनों और कृषि राज्य तक सीमित नहीं रखा जाएगा। अब हमें आगे बढ़कर विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में देश और दुनिया के अग्रणी राज्यों में शामिल होना है। साइंस सिटी इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसर खोलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना सिर्फ एक शैक्षिक केंद्र नहीं होगी, बल्कि यह प्रदेश के युवाओं और वैज्ञानिकों को वैश्विक मंच प्रदान करने का एक सशक्त प्रयास है। अब छत्तीसगढ़ सिर्फ धान का कटोरा नहीं, बल्कि विज्ञान और नवाचार की राजधानी बनने की ओर अग्रसर हो रहा है I

सड़क हादसा : महाकुंभ से भिलाई लौट रहे श्रद्धालुओं की कार हुई दुर्घटनाग्रस्त, परिवार के एक व्यक्ति की मौत 6 घायल

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महाकुंभ से भिलाई लौट रहे एक परिवार के सात सदस्यों से भरी कार शहडोल-पंडरिया मार्ग पर ग्राम तरच के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 60 वर्षीय राखी सिकदार की मौत हो गई, जबकि 6 अन्य घायल हो गए।

हादसा शुक्रवार को हुआ जब तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले पेड़ से टकराई और फिर सड़क किनारे खाई में जा गिरी। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बजाग ले जाया गया। जहां से तीन की स्थिति नाजुक होने के कारण उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया। मृतिका राखी सिकदार सेक्टर 9 अस्पताल में नर्स थी जो सेवानिवृत हो चुकी थी। उनके शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया और फिलहाल सेक्टर 9 अस्पताल के मरचुरी में रखा गया है।

भिलाई नगर के शहडोल-पंडरिया मार्ग पर ग्राम तरच के पास शुक्रवार को तेज रफ्तार कर अनियंत्रित होकर पहले पेड़ से टकराई इसके बाद सड़क किनारे खाई में जा गिरी। प्रयागराज से भिलाई लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी इस कार के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण एक महिला की मौत हो गई जबकि 6 अन्य घायल हो गए। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बजाग ले जाया गया। बीएमओ दीपेंद्र धुर्वे के अनुसार, 60 वर्षीय राखी सिकदार के सिर और गले में गहरी चोटें आई थीं, जिसके कारण इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम के उपरांत शव को परिजनों के सुपुर्द कर भिलाई जिला दुर्ग छत्तीसगढ़ भेज दिया गया। फिलहाल बॉडी को सेक्टर 9 अस्पताल के मरचुरी में रखा गया है।

टैक्स फ्री मिल रही है मारुति की 7-सीटर अर्टिगा! ऐसे खरीदेंगे तो बच जाएंगे 1 लाख रुपये से ज्यादा

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जब भी देश की नंबर वन 7-सीटर कार अर्टिगा की बात की जाती है तो सबसे ऊपर मारुति सुजुकी अर्टिगा का नाम आता है. अब अर्टिगा की फरवरी की सीएसडी कीमतों की डिटेल आ गई है.

ऐसे में कैंटीन स्टोर्स डिपार्टमेंट यानी CSD पर जवानों से 28 फीसदी की बजाय सिर्फ 14 फीसदी GST ही ली जाती है. इसके चलते यहां से कार खरीदने पर जवानों के टैक्स का बड़ा अमाउंट बच जाता है.

Cars24 के मुताबिक, मारुति सुजुकी अर्टिगा के Lxi वैरिएंट की सीएसडी कीमत 7.89 लाख रुपये है. जबकि इसकी सिविल एक्स-शोरूम कीमत 8.84 लाख रुपये है. इस वैरिएंट पर ग्राहकों के 95 हजार रुपये टैक्स के बच रहे हैं. वैरिएंट के हिसाब से इस कार पर 1 लाख से ज्यादा की बचत हो जाती है.

CSD और शोरूम कीमतों में कितना अंतर?

मारुति अर्टिगा के अलग-अलग वेरिएंट पर CSD और सिविल शोरूम की कीमतों में काफी अंतर है. इसके Lxi (O) वेरिएंट की CSD कीमत 7.89 लाख रुपये और शोरूम कीमत 8.84 लाख रुपये है. इस तरह दोनों की कीमतों में पूरे 95 हजार रुपये तक का अंतर है. इसके अलावा Zxi (O) वेरिएंट की CSD कीमत 9.99 लाख रुपये और शोरूम कीमत 11.03 रुपये है. इस तरह दोनों की कीमतों में पूरे 1 लाख 4 हजार रुपये का अंतर है.

अर्टिगा का इंजन और फीचर्स

अर्टिगा का सीएनजी वेरिएंट लगभग 26.11 किमी प्रति किलोग्राम का माइलेज देता है. कार के इंजन की बात की जाए तो इसका इंजन 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ आता है. इसके स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो मार्केट में ये कार एक बेहतरीन एमपीवी मानी जाती है.

मारुति सुजुकी अर्टिगा में 1462 सीसी का पेट्रोल इंजन मिलता है. ये इंजन 101.64 बीएचपी की अधिकतम पावर के साथ 136.8 एनएम का पीक टॉर्क जनरेट करता है. साथ ही इसे मैनुअल ट्रांसमिशन का विकल्प मिल जाता है. कंपनी के अनुसार ये कार 20.51 किमी प्रति लीटर का माइलेज भी प्रदान करती है.

हम बंदर आदि का चर्चा नहीं करते. बागेश्वर बाबा पर क्यों भड़क गए पप्पू यादव?

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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है. पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने एक बार फिर महाकुंभ को लेकर बड़ा बयान दिया है. दरअसल, बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री ने दावा किया था कि महाकुंभ में 60 करोड़ लोग अभी तक पहुंचे हैं

अब धीरेन्द्र शास्त्री के इसी दावे पर पप्पू यादव ने उन्हें घेरा है. सांसद ने बाबा पर अटैक करते हुए कहा, हम ऐसे बाबा को बंदर कहते हैं, जो पब्लिक और गरीब के बारे में कुछ भी बोल देता है. इस लिए हम बंदर आदि की चर्चा नहीं करते हैं.

पप्पू यादव ने धीरेन्द्र शास्त्री के इस दावे को खारिज कर दिया है. दरअसल, पप्पू यादव बेगूसराय पहुंचे थे जहां उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए नीतीश कुमार पर अपनी बात रखी और उनके प्रति नरम रुख दिखाया. साथ ही बीजेपी पर जमकर हमला बोला.

पप्पू यादव ने बाबा बागेश्वर को घेरा

बेगूसराय में मीडिया से बात करते समय बाबा बागेश्वर के 60 करोड़ लोगों के स्नान करने और हिंदुओं के जागने के दावे पर पप्पू यादव गुस्सा हो गए. उन्होंने कहा, हम को तो समझ में नहीं आता है की आप लोग किस बागेश्वर की बात करते हैं. ये आस्था से जुड़ी चीज है. जब बागेश्वर और उसके मां-बाप पैदा नहीं हुए थे, तब से कुंभ चला आ रहा है. इसको कुंभ का क्या पता, ये लोग तो बंदर है.

हम ऐसे बाबा को बंदर कहते हैं, जो पब्लिक और गरीब के बारे में कुछ भी बोल देता है. इस लिए हम बंदर आदि की चर्चा नहीं करते हैं.

60 करोड़ के आंकड़े पर उठाए सवाल

पप्पू यादव ने महाकुंभ में 60 करोड़ लोगों के स्नान करने की बात को लेकर कहा, भारत की आबादी एक सौ चालीस करोड़ की है जिसमें 23 से 24 करोड़ लोग जैन, बुद्ध महावीर, सिख, मुस्लिम और आंबेडकर वादी विचारधारा के लोग हैं. बचे चौरासी करोड़ लोग पांच किलो आनाज खाने वाले लोग हैं जिसके पास पैसा नहीं होता है. उस में से अगर एक करोड़ लोग चले भी गए तो साउथ के लोग आते नहीं है, तो हम इनसे जानना चाहते हैं की जिनकी मौत का पता नहीं चला, जिनके लिए यह बाथरूम और खाने की व्यवस्था नहीं कर पाए उनका क्या.

साथ ही उन्होंने कहा, अब ये शुरू हो गया की अब डिजिटल पर कुंभ मेला कर लो, अब डिजिटल में भी कुंभ स्नान होने लगा, इतना बड़ा महापाप और महाझूठ. हम आपसे पूछते हैं की आप ही बताए की कितने लोग गए होंगे?

स्कूल के बाथरूम में फ्लश दबाते ही हुआ ब्लास्ट! चौथी क्लास की छात्रा झुलसी

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छत्तीसगढ़ से एक निजी स्कूल के बाथरूम में फ्लश दबाते ही अचानक सोडियम ब्लास्ट का मामला सामने आया है. इस घटना में एक चौथी कक्षा की छात्रा गंभीर रूप से झुलस गई है.

माना जा रहा है कि स्कूल के ही अन्य शरारती छात्रों ने इस वारदात को अंजाम दिया है.

दरअसल न्यायधानी बिलासपुर में स्थित सेंट विंसेंट पालोटी स्कूल में ये घटना तब घटी जब छात्रा स्कूल में वाशरूम यूज कर रही थी. फिलहाल छात्रा को बर्न एंड ट्रामा यूनिट अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद स्कूल की कार्यप्रणाली भी कठघरे में है.

फ्लश दबाते ही हुआ ब्लास्ट, बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता में पेरेंट्स
स्कूल में रिसेस के दौरान कक्षा चौथी की एक 10 वर्षीय छात्रा स्तुति मिश्रा वाशरूम गई हुई थी. वाशरूम यूज करने के बाद जैसे ही छात्रा ने टायलेट फ्लश दबाया, तभी अचानक वाशरूम में सिल्वर पाउच में पहले से मौजूद सोडियम ब्लास्ट हो गया. और इस ब्लास्ट में छात्रा गंभीर रूप से झुलस गई. बताया जा रहा है, किसी ने प्लानिंग के साथ पहले से टॉयलेट में सोडियम डाल दिया था, जिसके कारण ये हादसा हुआ.

गंभीर हालत में घायल छात्रा को बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है. इधर सोडियम ब्लास्ट और छात्रा के झुलसने से स्कूल प्रबंधन की भूमिका भी कठघरे में है. पैरेंट्स छात्र- छात्राओं के सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं. पैरेंट्स का कहना है कि पहले भी स्कूल में कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं. ऐसे में घटना के लिए सीधे तौर पर स्कूल प्रबंधन जिम्मेदार है.

बच्ची की चीख सुनकर टॉयलेट की तरफ दौड़े शिक्षक, दरवाजा तोड़कर छात्रा को निकाला बाहर
जानकारी के मुताबिक जैसे ही धमाका हुआ, बच्ची की जोरदार चीख सुनाई दी. बच्ची की चीख सुनकर बच्चे और टीचर्स घबरा गए और टॉयलेट की तरफ दौड़े. टॉयलेट का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसके चलते दरवाजा तोड़कर घायल छात्रा को बाहर निकाला गया. घटना के बाद से स्कूल में हड़कंप मचा हुआ है. प्रबंधन घटना को शरारती छात्रों का करतूत मान रहा है.

इसके साथ ही छात्रों व स्टाफ से भी घटना की जानकारी इकट्ठी की जा रही है. प्रबंधन को आशंका है कि बाहर से सोडियम लाकर शरारती छात्रों ने ही इस घटना को अंजाम दिया है. हालांकि, छात्र छात्राओं के किसी विवाद और झगड़े से प्रबंधन ने इनकार किया है.

पुलिस मामले की जांच में जुटी
स्कूल में धमाके की सूचना पर घटना स्थल पहुंची पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है. पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम ने भी घटना की जांच शुरू की है. घटना स्थल को सील कर दिया गया है. साथ ही प्रबंधन, स्टाफ व छात्रों से भी पूछताछ जारी है. पुलिस अधिकारियों की माने तो जांच के बाद ही घटना के असल कारणों का खुलासा होगा.

बिलासपुर CSP निमितेश सिंह ने बताया कि घटनास्थल से फॉरेंसिक टीम ने सैम्पल कलेक्ट किये हैं. फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार ओर आगे की जांच की जाएगी. पुलिस के मुताबिक अभी तक स्कूल प्रशासन, स्टॉफ छात्र छात्राओं और छात्रों के परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं. ये बच्चों की शरारत है या किसी ने षड्यंत्र पूर्वक घटना को अंजाम दिया गया है. ये जांच के बाद साफ हो पायेगा.

एयरटेल सिम है क्या.. 365 दिन तक वैलिडिटी.. रोज़ 3GB डेटा.. OTT.. भरपूर देने वाले 3 प्लान्स..

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कंपनी समय-समय पर नए-नए प्लान्स और ऑफ़र देती रहती है। खासकर, इस कंपनी के हर नए प्लान को अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है।

यही कारण है कि कई ग्राहक एयरटेल के प्रीपेड प्लान्स में रिचार्ज करने में ज्यादा रुचि दिखाते हैं।

ठीक है, अब हम मुद्दे पर आते हैं। यानी एयरटेल के पास ऐसे 3 प्रीपेड प्लान्स हैं, जो ज्यादा वैलिडिटी और ज्यादा डेटा लाभ प्रदान करते हैं। आइए, इन तीन प्रीपेड प्लान्स के लाभ और वैलिडिटी के बारे में जानकारी देखें।

एयरटेल ₹3999 प्रीपेड प्लान (Airtel Rs 3999 prepaid plan) में रोज़ाना 2.5GB डेटा दिया जाता है। इस प्लान की वैलिडिटी 365 दिन है। इसलिए एयरटेल ₹3999 प्रीपेड प्लान के जरिए कुल 912.5GB डेटा मिलता है। इसके अलावा, इस प्लान में रोज़ 2.5GB डेटा खत्म होने के बाद इंटरनेट स्पीड 64Kbps तक घट जाती है। इसी तरह, इस प्लान में एक साल के लिए डिज़्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) की सब्सक्रिप्शन भी दी जाती है।

इसके अलावा, एयरटेल ₹3999 प्लान में अनलिमिटेड लोकल (Unlimited Local), STD (STD), और रोमिंग वॉयस कॉल्स (Roaming Voice Calls) की सुविधा भी मिलती है। इस प्लान के तहत, अपोलो 24/7 सर्किल (Apollo 24/7 Circle) की सब्सक्रिप्शन, फ्री हैलो ट्यून (Hellotunes), अनलिमिटेड 5G डेटा (Unlimited 5G Data), और रोज़ 100 SMS की सुविधा भी दी जाती है, जो उल्लेखनीय है।

एयरटेल ₹1798 प्रीपेड प्लान (Airtel Rs 1798 prepaid plan) में रोज़ाना 3GB डेटा मिलता है। खास बात यह है कि इस प्लान की वैलिडिटी 84 दिन है। इस प्लान में कुल 252GB डेटा मिलता है। साथ ही, यह प्लान बेसिक नेटफ्लिक्स (Netflix) सब्सक्रिप्शन भी प्रदान करता है।

इस प्लान में एयरटेल द्वारा अनलिमिटेड लोकल (Unlimited Local), STD (STD) और रोमिंग वॉयस कॉल्स (Roaming Voice Calls) की सुविधा दी जाती है। इसके अलावा, रोज़ 100 SMS भी मिलते हैं। इस प्लान में और भी कई शानदार लाभ हैं।

यह प्लान अनलिमिटेड 5G डेटा (Unlimited 5G Data), फ्री हैलो ट्यून (Free Hellotunes), और अपोलो 24/7 सर्किल (Apollo 24/7 Circle) जैसी सुविधाएँ भी देता है।

एयरटेल ₹979 प्रीपेड प्लान (Airtel Rs 979 prepaid plan) में रोज़ाना 2GB डेटा मिलता है। इस शानदार प्लान की वैलिडिटी 84 दिन है। इस प्लान में कुल 168GB डेटा मिलता है। इसके अलावा, एयरटेल एक्सट्रीम प्ले (Airtel Xstream Play) की सब्सक्रिप्शन भी इस प्लान में दी जाती है।

इस प्लान में भी एयरटेल द्वारा अनलिमिटेड लोकल (Unlimited Local), STD (STD), और रोमिंग वॉयस कॉल्स (Roaming Voice Calls) की सुविधा दी जाती है। इसके अतिरिक्त, रोज़ 100 SMS, अपोलो 24/7 सर्किल (Apollo 24/7 Circle), विंक म्यूज़िक (Wynk Music), हैलो ट्यून (Hello Tunes), और अनलिमिटेड 5G डेटा (Unlimited 5G Data) जैसे लाभ भी इस प्लान के साथ मिलते हैं।

इस वैज्ञानिक ने कर दिया दूध का दूध, पानी का पानी! खोल दिया संगम के पानी का राज! उड़ जाएगी नींद!

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महाकुंभ में अब तक 60 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा में स्नान कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद गंगा जल पूरी तरह से शुद्ध और रोगाणुमुक्त बना हुआ है।

इस रहस्य से पर्दा उठाते हुए प्रसिद्ध वैज्ञानिक पद्मश्री डॉक्टर अजय सोनकर ने बताया कि गंगा में मौजूद 1100 प्रकार के बैक्टीरियोफेज हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म कर जल को शुद्ध बनाए रखते हैं।

गंगा जल की स्व-शुद्धिकरण क्षमता का वैज्ञानिक आधार

गंगा नदी में पाए जाने वाले बैक्टीरियोफेज सूक्ष्म जैविक तत्व होते हैं, जो हानिकारक बैक्टीरिया को पहचानकर उन्हें खत्म कर देते हैं।

बैक्टीरियोफेज, बैक्टीरिया से 50 गुना छोटे होते हैं लेकिन इनकी शक्ति अत्यधिक प्रभावी होती है।
ये बैक्टीरिया के अंदर प्रवेश कर उनके आरएनए को निष्क्रिय कर देते हैं और उन्हें पूरी तरह से समाप्त कर देते हैं।
स्नान के दौरान शरीर से निकले हानिकारक जीवाणुओं को गंगा में मौजूद बैक्टीरियोफेज तुरंत नष्ट कर देते हैं।
इनका असर केवल हानिकारक बैक्टीरिया पर होता है, जबकि लाभकारी जीवाणु पूरी तरह से सुरक्षित रहते हैं।

गंगा को ‘सिक्योरिटी गार्ड’ क्यों कहा जाता है

गंगा जल में मौजूद बैक्टीरियोफेजों को वैज्ञानिक गंगा का सुरक्षा कवच भी कहते हैं। दुनिया की अन्य मीठे जल की नदियों में इस प्रकार की प्राकृतिक शुद्धिकरण प्रक्रिया देखने को नहीं मिलती। महाकुंभ जैसे आयोजनों में जब लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं, तब यह प्रक्रिया और तेज हो जाती है।

डॉ. सोनकर के अनुसार, गंगा जल में मौजूद 1100 प्रकार के बैक्टीरियोफेज विभिन्न प्रकार के हानिकारक जीवाणुओं को पहचानकर खत्म कर देते हैं।
एक बैक्टीरियोफेज कुछ ही समय में 100-300 नए फेज उत्पन्न कर अन्य बैक्टीरिया पर हमला करता है।
यह प्रक्रिया समुद्री जल की स्वच्छता प्रणाली के समान होती है, जिसे वैज्ञानिक ओशनिक एक्टिविटी कहते हैं।
गंगा जल में होने वाली यह स्व-शुद्धिकरण प्रक्रिया जल को प्राकृतिक रूप से स्वच्छ बनाए रखती है।