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भारतीय रेलवे ने होली के लिए 10 नई स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की…

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होली के त्योहार पर विशेष ट्रेनें

होली के अवसर पर घर जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने विशेष व्यवस्थाएँ की हैं। त्योहारी सीजन में ट्रेनों में कंफर्म टिकट प्राप्त करना कठिन हो जाता है, इसलिए यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है।

इस क्रम में कोलकाता, बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच 10 नई होली स्पेशल ट्रेनों की सूची जारी की गई है। पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि इन स्पेशल ट्रेनों के संचालन से विशेष रूप से यूपी और बिहार जाने वाले यात्रियों को यात्रा में काफी सहूलियत मिलेगी और उन्हें टिकट की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

लालकुआं-कोलकाता स्पेशल ट्रेन का विवरण

रेलवे द्वारा जारी की गई नई सूची में लालकुआं-कोलकाता-लालकुआं स्पेशल (05060/05059) शामिल है। गाड़ी संख्या 05060 लालकुआं-कोलकाता स्पेशल 5 मार्च से 26 मार्च तक हर गुरुवार को लालकुआं से दोपहर 13.35 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 23.55 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 05059 कोलकाता-लालकुआं स्पेशल 7 मार्च से 28 मार्च तक प्रत्येक शनिवार को सुबह 5.00 बजे चलकर अगले दिन दोपहर 15.45 बजे लालकुआं पहुंचेगी। यह ट्रेन गोरखपुर, सीवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और बरौनी जैसे कई प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी।

सहरसा-पूर्णिया कोर्ट के बीच स्पेशल ट्रेनें

यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए सहरसा-पूर्णिया कोर्ट-सहरसा स्पेशल (05506/05505) का भी संचालन किया जाएगा। गाड़ी संख्या 05506 सहरसा-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल 6 मार्च से 15 मार्च तक हर मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को सहरसा से दोपहर 13.20 बजे चलकर 15.30 बजे पूर्णिया कोर्ट पहुंचेगी। वहीं वापसी में गाड़ी संख्या 05505 पूर्णिया कोर्ट-सहरसा स्पेशल 9 मार्च से 17 मार्च तक प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार और शनिवार को पूर्णिया कोर्ट से दोपहर 3 बजे रवाना होगी और शाम 6.30 बजे सहरसा पहुंचेगी। रास्ते में यह ट्रेन दौरम मधेपुरा, मुरलीगंज और बनमंखी स्टेशनों पर रुकेगी

सोगरिया-दानापुर और डानकुनी-पटना का शेड्यूल

रेलवे ने सोगरिया-दानापुर-सोगरिया होली स्पेशल (09803/09804) चलाने का भी निर्णय लिया है। यह गाड़ी 1 मार्च को सोगरिया से रात 11.10 बजे चलकर अगले दिन रात 11.45 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में यह 3 मार्च को दानापुर से रात 1.15 बजे रवाना होकर अगले दिन 1.10 बजे सोगरिया पहुंचेगी। इसके अलावा डानकुनी-पटना स्पेशल (03035/03036) 27 फरवरी और 4 मार्च को डानकुनी से रात 12.30 बजे चलेगी और दोपहर 2.45 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में यही गाड़ी 27 फरवरी और 4 मार्च को पटना से शाम 4.15 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 7 बजे डानकुनी पहुंचेगी।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का भारत दौरा: व्यापार और संबंधों को मजबूत करने की कोशिश…

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मार्क कार्नी का भारत दौरा

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी शुक्रवार को मुंबई पहुंचे और वे 2 मार्च तक भारत में रहेंगे। यह उनका पहला आधिकारिक दौरा है। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को पुनर्जीवित करना और व्यापार को बढ़ावा देना है।

कनाडा अमेरिका के साथ अपने खराब संबंधों के प्रभाव को कम करने के लिए भारत, चीन और मध्य पूर्व के देशों के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहता है। एएफपी के अनुसार, मुंबई में पहुंचने के बाद, कार्नी का नई दिल्ली जाने से पहले व्यापारिक नेताओं से बातचीत करने का कार्यक्रम है, जहां सोमवार को उनकी पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात होने की संभावना है। हाल के वर्षों में, भारत और कनाडा के बीच संबंध तब और बिगड़ गए जब पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक कनाडाई नागरिक की हत्या में भारत की संलिप्तता का आरोप लगाया, जिसे भारत ने बार-बार खारिज किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रूडो के विपरीत, कार्नी पंजाब नहीं जाएंगे, जो सिख अलगाववादी राजनीति का केंद्र है। विश्लेषकों का मानना है कि यह भारतीय अधिकारियों के साथ टकराव से बचने का एक कदम है।

कार्नी की यात्रा का महत्व

विशेषज्ञों का कहना है कि कार्नी की विदेश नीति अधिक व्यावहारिक है, जो कुछ हद तक डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और आक्रमण की धमकियों के दौरान वाशिंगटन के साथ तनाव से प्रभावित है। व्यापारिक नेताओं ने इस यात्रा को प्रतीकात्मकता के बजाय सीधे व्यापार और निवेश पर केंद्रित बताया है। यह दौरा भारत और यूरोपीय संघ के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते के बाद हो रहा है, जिससे कनाडा के साथ भी ऐसे समझौते की उम्मीद बढ़ गई है। रॉयटर्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय अधिकारियों ने पहले संकेत दिया था कि बातचीत में दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौता और ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में छोटे समझौते शामिल हो सकते हैं।

आगे की योजनाएं

भारत के बाद, कार्नी ऑस्ट्रेलिया और जापान का दौरा भी करेंगे। यह अमेरिका पर निर्भरता को कम करने, कनाडा के व्यापार में विविधता लाने और ‘मिडिल-पावर’ अर्थव्यवस्थाओं के साथ संबंधों को मजबूत करने की एक व्यापक योजना का हिस्सा है।

Tamil Nadu Politics में बड़ा उलटफेर, पूर्व CM O Panneerselvam अब DMK में हुए शामिल…

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तमिलनाडु के तीन बारमुख्यमंत्री रहे और अन्नाद्रमुक से 2022 में निष्कासित ओ पनीरसेल्वम शुक्रवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) में शामिल हो गए।

पनीरसेल्वम ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की सुप्रीमो दिवंगत जे जयललिता के विश्वासपात्र माने जाते थे। अपने मातृ संगठन में फिर से शामिल होने के लिए तीन साल के असफल प्रयास के बाद वह द्रमुक में शामिल हो गए। ओ पनीरसेल्वम अपने समर्थकों के साथ द्रमुक में शामिल हुए।

कर्नाटक कांग्रेस में ‘पावर गेम’ तेज! DK Shivakumar समर्थकों की गुप्त बैठक, 40 विधायकों ने की मुख्यमंत्री बदलने की मांग…

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कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार में नेतृत्व को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुँचता दिख रहा है। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के वफादार विधायकों ने बेंगलुरु के एक निजी होटल में शक्ति प्रदर्शन करते हुए आलाकमान से राज्य के शीर्ष पद (मुख्यमंत्री) पर शिवकुमार की ताजपोशी का रास्ता साफ करने की मांग की है।

होटल में ‘रणनीति’ और 40 विधायकों का साथ

मगाडी के विधायक एच.सी. बालकृष्ण द्वारा आयोजित इस बैठक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, लगभग 40 समान विचारधारा वाले विधायक इस बैठक में शामिल हुए। आधिकारिक तौर पर इसे बालकृष्ण के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मिलन समारोह बताया गया, लेकिन अंदरूनी चर्चा पूरी तरह नेतृत्व परिवर्तन पर केंद्रित थी।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार रात को लगभग ”समान विचारधारा वाले 40 विधायक” होटल में जुटे और शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद पर आसीन कराने के लिए पैरवी करने का निर्णय लिया। शिवकुमार के वफादार बालकृष्ण ने संवाददाताओं से कहा कि उनका जन्मदिन शनिवार को है। ”मैं शुक्रवार सुबह से यहां (बेंगलुरु) नहीं रहूंगा, इसलिए मैंने बृहस्पतिवार को समान विचारधारा वाले लोगों को मिलने के लिए एक साथ आमंत्रित किया। हमने सभी को बुलाया और यह बैठक की।”

चर्चा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ”यदि पार्टी में ऐसी ही स्थिति रही तो भविष्य में हमारे लिए कठिनाई होगी। (शीर्ष नेतृत्व को) उन्हें इस मुद्दे (नेतृत्व विवाद) को सुलझाना चाहिए। हमने तय किया है कि हम उनसे ऐसा करने का आग्रह करेंगे।” दिल्ली जाने के सवाल पर बालकृष्ण ने कहा कि मामला राष्ट्रीय राजधानी जाने का नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में आलाकमान को कर्नाटक में हो रही घटनाओं की जानकारी है।

उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जाते हैं तो उन्हें नेतृत्व परिवर्तन को लेकर लगातार सवालों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, ”हमारे क्षेत्रों में यही चर्चा होती है और इससे हम असहज महसूस करते हैं। हमें शीर्ष नेतृत्व से इस पर विराम लगाने का अनुरोध करना चाहिए।”

बालकृष्ण ने कहा कि नेताओं को अलग-अलग बुलाने से समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा कि जब विधायक मिलते हैं तो स्वाभाविक रूप से इस विषय पर बातचीत होती है। उन्होंने कहा, ”कई विधायकों का मानना है कि जब तक यह मुद्दा सुलझेगा नहीं, तब तक हमारे लिए स्थिति कठिन रहेगी और भविष्य अनिश्चित रहेगा।”

बालकृष्ण ने संकेत दिया कि इससे 2028 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति पर असर पड़ सकता है। कर्नाटक कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष पद में बदलाव की मांग पर बालकृष्ण ने कहा कि यदि शीर्ष नेतृत्व चाहे तो बदलाव कर सकता है। शिवकुमार पिछले 10 वर्षों से इस पद पर हैं। उन्होंने कहा, ”हम केवल अंतिम निर्णय चाहते हैं। अध्यक्ष बदलें या कोई और, यह मुख्य बात नहीं है। हमारी मांग है कि यहां पार्टी की स्थिति को अंतिम रूप दिया जाए।”

यह पूछे जाने पर कि क्या वह मुख्यमंत्री बदलने की वकालत कर रहे हैं, बालकृष्ण ने कहा, ”शीर्ष नेतृत्व ने कहा है कि निर्णय लिया जाएगा। अध्यक्ष बदलना हो या मुख्यमंत्री, यह उनका अधिकार है। लेकिन निर्णय अवश्य होना चाहिए। हम चाहते हैं कि भ्रम समाप्त हो।” यह बैठक छह मार्च से शुरू हो रहे कर्नाटक विधानसभा के बजट सत्र से लगभग एक सप्ताह पहले हुई। कुछ अन्य विधायकों ने कहा कि वे चाहते हैं कि शिवकुमार, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया का स्थान लें।

राज्य में सत्ता संघर्ष नवंबर 2025 से तेज हुआ, जब कांग्रेस सरकार ने अपने ढाई वर्ष का कार्यकाल पूरा किया। कांग्रेस के सत्ता में आने के समय ऐसी खबरें आई थीं कि सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता-साझाकरण का समझौता हुआ है, जिसके तहत सिद्धरमैया पहले ढाई वर्ष मुख्यमंत्री रहेंगे और उसके बाद शिवकुमार कार्यभार संभालेंगे। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि कभी नहीं हुई। शिवकुमार समय-समय पर संकेत देते रहे हैं कि ऐसा समझौता हुआ था और इसके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। वहीं सिद्धरमैया का कहना है कि वह पूरे पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेंगे।

Holi से पहले रेल यात्रियों को Alert! UTS App से नहीं मिलेगा General Ticket, जानें नया तरीका…

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क्या आप होली पर्व के दौरान अपने घर जाने का प्लान कर रहे हैं? लेकिन आपको अभी तक ट्रेन की टिकट नहीं मिली है। हालांकि अब आपको 1 मार्च से UTS ऐप पर ट्रेन का जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक नहीं कर सकते हैं।

भारतीय रेलवे के अनुसार, 1 मार्च 2026 से UTS ऐप बंद हो जाएगा। ऐसे में जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए आप RailOne ऐप इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि आप 1 मार्च से UTS ऐप पर न तो जनरल टिकट बुक होगा और न ही किसी और तरह की सेवा मिलेगी।

UTS इस्तेमाल करने वाले क्या करें?

यदि आप UTS ऐप के माध्यम से जनरल या प्लेटफॉर्म टिकट बुक कराते थे, तो अब आपको रेलवे के RailOne ऐप पर शिफ्ट हो जाना चाहिए। यह एक ऑल-इन-वन ऐप है, जिस पर टिकट बुकिंग से लेकर यात्रा से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी। अगर आप UTS या IRCTC ऐप का यूज करते है, तो आपको इस ऐप पर अकाउंट नहीं बनाना पड़ेगा। इसका अर्थ यह है कि आपका पुराना यूजरनेम और पासवर्ड RailOne में भी काम करेगा।

आखिर क्यों बंद हो रहा है UTS ऐप ?

आपको बता दें कि, UTS ऐप का इस्तेमाल जनरल और अनरिजर्व्ड टिकट बुक करने के लिए होता है। ऐसे में भारतीय रेल भी नहीं चाहता है कि अब लोगों को अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग ऐप रखने पड़ें। इस वजह से UTS ऐप के फीचर्स को Railone ऐप पर शिफ्ट कर दिया गया है। गौरतलब है कि अब यात्रियों को अलग-अलग ऐप में कन्फ्यूज नहीं होना पड़ेगा और तमाम सुविधाएं एक ही जगह मिल जाएंगी।

RailOne ऐप पर कैसे बुक करें जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट

RailOne ऐप में जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने के लिए आपको सबसे पहले ऐप में लॉग इन करना होगा।

फिर आपको होम स्क्रीन पर मौजूद Unreserved ऑप्शन पर क्लिक करें।

इसके बाद आपको From और To पर स्टेशन चुनकर Proceed To Book पर क्लिक करना होगा।

जनरल टिकट की तरह ही आपको RailOne ऐप के होम स्क्रीन पर प्लेटफॉर्म टिकट बुक करने का ऑप्शन मिल जाएगा। कैसे बुक करें प्लेटफॉर्म टिकट-

सबसे पहले Platform ऑप्शन पर क्लिक करें और प्लेटफॉर्म टिकट बुक करवा सकते हैं।

इसके बाद Platform ऑप्शन पर क्लिक करें और स्टेशन चूज करके पेमेंट जरुर करें।

फिर आपको फोन पर ही अपनी प्लेटफॉर्म टिकट मिल जाएगी।

अरविंद केजरीवाल- सिसोदिया के बरी होने पर बोले अखिलेश-सत्य और न्याय की जीत…

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दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के बरी होने के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किया है. उन्होंने लिखा कि आज दिल्ली के लोकप्रिय पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के साथ सत्य और न्याय दोनों खड़े हैं.

उन्होंने आगे लिखा कि आरोप कभी इतना बड़ा नहीं हो सकता कि वो सच को आच्छादित कर ले. आज हर ईमानदार आशा भरी सांस लेगा और भाजपा के समर्थक शर्म के मारे घोर आत्म-लज्जित हो रहे होंगे. भाजपा ने दिल्ली के निवासियों से विश्वासघात किया है.

अखिलेश यादव ने लिखा कि जो कपटजीवी सनातनी शंकराचार्य जी, साधु, संतों, संन्यासियों तक पर झूठे आरोप लगाने का महापाप करते हैं, वो भला किसी सरकार, दल या किसी व्यक्ति को बदनाम करने के लिए किस हद तक जा सकते हैं, इसकी कल्पना कोई शरीफ आदमी कर ही नहीं सकता है.

‘ये देश के दुश्मनों से मिले हुए हैं’

अखिलेश ने कहा कि आजादी से पहले, वर्तमान सत्ता के जो संगी-साथी देश के दुश्मनों से मिले हुए थे और स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी के फंदों तक पहुंचाने के लिए, आजादी के दीवानों के खिलाफ मुख़बिरी जिनका काम रहा है और जो देश को गुलाम बनानेवाले साम्राज्यवादियों के माफी-वजीफे पर रहकर अपनी भूमिगत भूमिका निभाते रहे हैं, छल-छलावे के वो विचारवंशी भाजपाई, आज किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लिए ये समाचार किसी नैतिक मृत्युदंड से कम नहीं है.

अखिलेश यादव और सपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पिछले साल दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) के समर्थन में प्रचार किया था. उन्होंने खुद आप प्रमुख केजरीवाल के साथ एक रोड शो में भाग लिया था.

दिल्ली शराब केस में 4 साल बाद कैसे बरी हो गए केजरीवाल-सिसोदिया, 6 पॉइंट्स में समझें…

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दिल्ली के कथित शराब घोटाले मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने

अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया है. फैसला सुनाते हुए जज जितेंद्र सिंह ने सीबीआई की ओर से पेश सबूतों को स्वीकार योग्य नहीं माना.

जज ने कहा कि आपने जो भी सबूत पेश किए हैं, वे केवल बयानों पर आधारित हैं. आपके (सीबीआई के) पास इस मामले में कोई ठोस प्रमाण है ही नहीं. हम इंतजार करते रहे, लेकिन सीबीआई इस मामले में ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई.

2022 में दिल्ली कथित शराब घोटाला सामने आने के बाद से अब तक सीबीआई इस मामले में 5 चार्जशीट दाखिल कर चुकी थी. केस में 300 से ज्यादा गवाह पेश किए गए थे, लेकिन कोर्ट ने उन्हें पर्याप्त नहीं माना. उलटे कोर्ट ने सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दे दिए. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सीबीआई के एक-एक आरोप कोर्ट में कैसे ध्वस्त हो गए?

दिल्ली शराब केस में कुल 5 चार्जशीट दाखिल

दिल्ली शराब केस में सीबीआई ने कुल 5 चार्जशीट दाखिल की. इनमें एक मुख्य और 4 पूरक चार्जशीट दाखिल कीग गई. सीबीआई ने सबसे पहला चार्जशीट 25 नवंबर 2022 को दाखिल की गई. इसके बाद सीबीआई ने अप्रैल 2023, और जुलाई 2023 में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की. 2024 में इस केस में सीबीआई ने 2 चार्जशीट दाखिल की. कुल मिलाकर इस केस में केंद्रीय जांच एजेंसी ने 1000 से ज्यादा पन्नों का चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की. केस में पहले 17 आरोपी बनाए गए थे, बाद में 23 आरोपी बनाए गए.

इस केस में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, के कविता और दुर्गेश पाठक जैसे बड़े राजनेताओं को भी आरोपी बनाया गया था. दिल्ली शराब केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच एजेंसी के पास थी. मनीष सिसोदिया को आरोपी नंबर-8 और अरविंद केजरीवाल को आरोपी नंबर-18 बनाया गया था.

सीबीआई के दावे और कोर्ट का फैसला

सीबीआई ने चार्जशीट में सबसे बड़ा आरोप यह लगाया था कि दिल्ली में जब नई शराब नीति तैयार की जा रही थी, उस वक्त थोक विक्रेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए 5 प्रतिशत के लाभ को 12 प्रतिशत कर दिया गया. चार्जशीट में कहा गया कि पॉलिसी बनाते वक्त यह तय किया गया कि इस 12 प्रतिशत में से 6 प्रतिशत का कमीशन सत्ताधारी पार्टी को मिलेगा.

कोर्ट ने सीबीआई की इस आरोप को नहीं माना. कोर्ट ने कहा कि सीबीआई इसको लेकर ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई है. यह आरोप सिर्फ बयानों के आधार पर लगाया गया है.

सीबीआई के चार्जशीट के मुताबिक मई 2021 में विजय नायर के कहने पर दिल्ली के गौरी अपार्टमेंट में एक बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में दिनेश अरोड़ा, अरुण पिल्लई और अभिषेक बोनिपल्ली शामिल थे. सीबीआई ने यह आरोप दिनेश अरोड़ा के हवाले से चार्जशीट में फाइल किया.

कोर्ट ने कहा कि किसी आरोपित को गवाह बनाकर केस फाइल करना सही नहीं है. सीबीआई अलग से इसको लेकर कोई सबूत नहीं ला पाई है.

सीबीआई ने अपने पहले पूरक चार्जशीट में लिखा- मनीष सिसोदिया ने अपने पद का दुरुपयोग किया. आबकारी नीति में इस तरह बदलाव किया, जिससे नीति का फायदा सिर्फ कुछ खास कंपनियों को मिल सके. इसके लिए मनीष सिसोदिया को रिश्वत दी गई. आरोप में कहा गया कि मनीष सिसोदिया ने प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए रवि धवन कमेटी की सिफारिश भी नहीं मानी थी.

CG: दो करोड़ रुपए के गबन के आरोप में एसबीआई की निलंबित अधिकारी गिरफ्तार…

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छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो/आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (एसीबी/ईओडब्ल्यू) ने बिलासपुर जिले में एक राष्ट्रीयकृत बैंक की निलंबित महिला अधिकारी को दो करोड़ रुपये से अधिक का गबन करने के आरोप में बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) बिल्हा शाखा में ‘कैशियर’ के रूप में पदस्थ रही तेजवथ थीरापतम्मा को 2,06,37,600 रूपये गबन करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि एसबीआई के बिल्हा शाखा के प्रबंधक ने शिकायत की थी कि 19 दिसंबर 2024 से दो जनवरी 2025 के बीच बैंक ‘कैशियर’ और अन्य कर्मचारियों ने बैंक के रिकॉर्ड और खातों में छेड़छाड़ कर 2,06,37,600 रूपये का गबन किया।

उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद एसीबी ने बैंक की तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।

अधिकारियों ने बताया कि स्टेट बैंक द्वारा विभागीय स्तर पर की गई जांच में भी थीरापतम्मा और अन्य के खिलाफ आर्थिक अनियमितता के सबूत मिले थे। इसके बाद थीरापतम्मा को निलंबित कर दिया गया था।

उन्होंने बताया कि एसीबी बिलासपुर की टीम पिछले कुछ दिनों से थीरापतम्मा की तलाश कर रही थी।

अधिकारियों ने बताया कि थीरापतम्मा के बृहस्पतिवार को बिल्हा स्थित स्टेट बैंक में गोपनीय रूप से आने की सूचना मुखबिर से प्राप्त होने के बाद उसे एसीबी बिलासपुर की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के मोबाइल को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

उन्होंने बताया कि थीरापतम्मा को हिरासत में लेने के लिए उसे विशेष न्यायालय, बिलासपुर में पेश किया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज हंगामे के आसार! सदन में पेश होंगी तीन महत्वपूर्ण रिपोर्टें, दो अलग विषय पर ध्यानाकर्षण भी, जानें मुख्य बातें…

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छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र जारी है। आज सदन में तीन महत्वपूर्ण रिपोर्टें पेश की जाएंगी, जिनमें बिजली नियामक आयोग, मनरेगा और गौसेवा आयोग की रिपोर्ट शामिल है। इसके अलावा, सदन में दो अलग-अलग विषयों पर ध्यानाकर्षण किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय पर सदस्यों के बीच सामान्य चर्चा भी होगी। सत्र में दो अशासकीय संकल्प भी प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।

धान खरीद में कुप्रबंधन का आरोप

बता दें की छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को राज्य सरकार पर धान खरीद में बड़े पैमाने पर कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि दो लाख से अधिक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं।

इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए, कांग्रेस सदस्य आसन के समीप आ गए। उसके बाद वे विधानसभा के नियमानुसार कुछ समय के लिए स्वतः ही निलंबित हो गए।शून्य काल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए, विपक्ष के नेता चरण दास महंत और कांग्रेस के अन्य सदस्यों ने मामले की विस्तृत चर्चा की मांग की एवं इस संबंध में स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार धान खरीद योजना के तहत पर्याप्त व्यवस्था करने में विफल रही है।

महंत ने आरोप लगाया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद में विसंगतियों को नियंत्रित करने में राज्य सरकार की ‘अनियमितताओं और प्रशासनिक विफलताओं’ ने किसानों को बुरी तरह प्रभावित किया है।

महंत ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान, सरकार ने 25,24,339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा, जो मौजूदा सरकार के समय में खरीदी गई सबसे कम मात्रा है। उन्होंने दावा किया कि 27,36,171 पंजीकृत किसानों में से 2,11,832 किसान अपनी उपज नहीं बेच पाए।

उन्होंने इसे जानबूझकर मुश्किल खरीद प्रक्रिया बताया। महंत ने आरोप लगाया कि प्रभावित किसानों में से 1,30,369 अनुसूचित क्षेत्रों के हैं तथा आदिवासी किसान सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में 50,050 किसानों ने खरीद के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन केवल 41,092 ही अपना धान बेच पाए।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में शोर-शराबा

महंत ने सरकार पर पंजीकरण सत्यापन, ज़मीन की जांच, टोकन सिस्टम, किसानों के घरों पर जाकर जांच और भुगतान संबंधी रुकावटें पैदा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इससे बहुत ज़्यादा परेशानी हुई।

इस बीच संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने पीठासीन अधिकारी से स्थगन प्रस्ताव को निरस्त करने का अनुरोध किया और कहा कि बजट पर चर्चा के दौरान सदस्यों को मुद्दे उठाने का पूरा मौका मिलेगा।

उमेश पटेल और संगीता सिन्हा समेत कांग्रेस के विधायकों उन किसानों के आत्महत्या की कोशिश करने का ज़िक्र किया, जो कथित तौर पर अपना धान बेचने में असफल रहे थे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। बघेल ने दावा किया कि उनकी गैरमौजूदगी में (राजस्व) अधिकारी भी उनके खेत पर आए थे, जिससे पता चलता है कि किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने पीठासीन अधिकारी से चर्चा कराने का अनुरोध किया तथा सरकार से इस मुद्दे पर जवाब देने को कहा।

सदन की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि स्थगन प्रस्ताव पहले ही अस्वीकार हो चुका है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को बजट की चर्चा के दौरान बोलने का मौका मिलेगा।

इसके बाद फैसले से नाखुश कांग्रेस के सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी और वे आसन के समीप आ गए, जिसके बाद विधानसभा के नियमों के अनुसार वह स्वतः निलंबित हो गए। सभापति ने 32 कांग्रेसी विधायकों के निलंबन की घोषणा की, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया।

CG: अग्निवीर बनने का सपना होगा पूरा, 8वीं-10वीं पास युवा भी कर सकते हैं आवेदन, जानें पूरी प्रक्रिया और अंतिम तिथि…

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जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, गरियाबंद द्वारा भारतीय अग्निवीर थल सेना भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीयन भारतीय थल सेना के संबंध में अग्निवीर भर्ती के लिए इच्छुक अभ्यर्थी 01 अप्रैल 2026 तक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू ज्वाईन इंडियन आर्मी के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

जिला रोजगार एवं स्वरोजगार केंद्र से प्राप्त जानकारी के अुनसार ऐसे अविवाहित पुरुष एवं महिला अभ्यर्थी, जिनका जन्म तिथि 01 जुलाई 2005 से 01 जुलाई 2009 के मध्य है, वे अग्निवीर के विभिन्न पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। जैसे अग्निवीर जनरल ड्यूटी पुरुष एवं महिला, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क, स्टोर कीपर तथा अग्निवीर ट्रेड्समैन

इसके अतिरिक्त सिपाही के पद के लिए केवल पुरुष अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। जिनकी जन्म तिथि 01 जुलाई 2002 से 01 जनवरी 2008 के मध्य होनी चाहिए। ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम जुलाई अथवा अगस्त 2026 में आयोजित होने की संभावना है। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी सेना भर्ती कार्यालय रायपुर के दूरभाष क्रमांक 0771-2965212 एवं 0771-2965214 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र, गरियाबंद के दूरभाष क्रमांक 07706-241269 पर भी संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।