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छत्तीसगढ़ : राजीव भवन में कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक बलौदाबाजार आगजनी, खाद-बीज, कानून अव्यवस्था पर प्रदेशभर से जुटेंगे कांग्रेस…

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छत्तीसगढ़ : राजीव भवन में कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक बलौदाबाजार आगजनी, खाद-बीज, कानून अव्यवस्था पर प्रदेशभर से जुटेंगे कांग्रेस…

रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव को कांग्रेस में माहौल गरमाने लगा है। तारीख तय होने से पहले कांग्रेस में टिकट पाने शक्ति प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में उपचुनाव को लेकर बैठक आयोजित की गई थी।

राजीव भवन में कांग्रेस पदाधिकारियों की बैठक बलौदाबाजार आगजनी, खाद-बीज, कानून अव्यवस्था पर प्रदेशभर से जुटेंगे कांग्रेस की बैठक में नगरीय निकाय चुनाव सहित महत्वपूर्ण विषयों पर हुई चर्चा तारीख तय होने से पहले कांग्रेस में टिकट के लिए शक्ति प्रदर्शन का दौर शुरू…

बलौदाबाजार आगजनी, खाद-बीज, कानून अव्यवस्था के मामले में छत्‍तीसगढ़ कांग्रेस के पदाधिकारी व प्रदेशभर के कार्यकर्ता विधानसभा का घेराव करेंगे। 24 जुलाई को यह तारीख तय की गई है। कांग्रेस की मैराथन बैठक के दूसरे दिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राज्य स्तरीय बैठक में नगरीय निकाय चुनाव सहित महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही विधानसभा घेराव पर रणनीति बनी। रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव की तैयारी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पदाधिकारियों से चर्चा की।

बैज ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर अब हमको दक्षिण का चुनाव जीतना है भाजपा सरकार की छह माह का वादा खिलाफी दक्षिण के चुनाव में बड़ा मुद्दा है। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष धनेंद्र साहू, कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत सहित वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मौजूद थे।

ढेबर समर्थकों का शक्ति प्रदर्शन, मांगी टिकट

रायपुर दक्षिण विधानसभा उपचुनाव को कांग्रेस में माहौल गरमाने लगा है। तारीख तय होने से पहले कांग्रेस में टिकट पाने शक्ति प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है। बुधवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में उपचुनाव को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। बैठक शुरू होने से पहले ही राजीव भवन प्रत्याशी बनाने के नारे से गूंज उठा। ढेबर समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी।

छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रिपरिषद के अहम फैसले जो राज्य की आम जनता को सीधे फायदा पहुंचाएंगी…

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छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रिपरिषद के अहम फैसले जो राज्य की आम जनता को सीधे फायदा पहुंचाएंगी…

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं… जो प्रदेश के विकास और सामाजिक उत्थान के लिए काफी अहम ने जा रहे हैं.

इस बैठक में तमाम क्षेत्रों में सुधार करने के लिए कई साड़ी योजनाओं को मंजूरी दी गई है, जो राज्य की आम जनता को सीधे फायदा पहुंचाएंगी. इन फैसलों से छत्तीसगढ़ के विकास में एक नई दिशा मिलेगी जिससे राज्य के नागरिकों को और बेहतर जीवन के अवसर मिलेंगे. सरकार की तरफ से उठाए जा रहे ये कदम समाज के हर वर्ग को सम्मान और समानता के साथ जीने का मार्ग प्रशस्त करेंगे.

मंत्रिपरिषद के अहम फैसले

छत्तीसगढ़ सरकार ने स्थानीय निवासियों के लिए तमाम सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में 5 साल की छूट देने का फैसला लिया है, जिससे युवाओं को ज़्यादा रोजगार के अवसर मिलेंगे. इससे प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या से निजात पाना आसान रहेगा और युवाओं  को सुनहरा भविष्य मिल पाएगा.

कैबिनेट बैठक ने नई शिक्षा नीति 2020 को पूरी तरह से लागू करने का फैसला लिया है. इस नीति के तहत प्राथमिक स्तर से लेकर उच्चतर शिक्षा तक की सुविधाओं में सुधार किए जाएंगे, जिससे राज्य के स्कूली बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल पाएगी. इसमें  5+3+3+4 की स्कीम को भी समर्थन दिया गया है.

बैठक ने ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ का गठन करने का फैसला लिया है. इस विभाग के माध्यम से सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी और जनता के शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी. नए विभाग के गठन से सरकार की सेवाओं में पारदर्शिता और शिकायतों के समाधान में सुधार किया जाएगा. इसमें ई-समीक्षा और ई-लोकसेवा की गारंटी भी शामिल होंगी.

आवास योजनाओं में भी कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं. इसमें कमजोर वर्ग और आवासहीन परिवारों के लिए आवास घर मुहैया कराने का फैसला किया गया है… जिससे इन परिवारों को पक्के आवास की सुविधा मिल सकेगी. इससे नवा रायपुर में बेघर परिवारों को रहने के लिए छत मिल पाएगी.वन अधिकार अधिनियम के तहत वन अधिकार पट्टा धारकों के लिए भूमि के ट्रांसफर की प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा, जो इन लोगों के ज़िंदगी में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा.  इसमें वन अधिकार पट्टा धारकों के लिए भूमि के ट्रांसफर की प्रक्रिया में काफी तरह के सुधार करने का फैसला लिया गया है.

छत्तीसगढ़ : प्रदेश में अब तक औसतन से कम बारिश हुई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई, खेती-किसानी के लिए पर्याप्त बारिश नहीं हुई…

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छत्तीसगढ़ : प्रदेश में अब तक औसतन से कम बारिश हुई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई, खेती-किसानी के लिए पर्याप्त बारिश नहीं हुई…

9 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में 260.8 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी, जबकि प्रदेश में अब तक 214.4 मिलीमीटर (8.44 इंच) बारिश हुई, जो औसत से 28 फीसदी कम है.

छत्तीसगढ़ में अब तक औसतन से कम बारिश हुई, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में इतनी कम बारिश हुई कि जिससे धान की रोपाई भी नहीं हो सकती. यानी कि अब तक खेती-किसानी के लिए पर्याप्त बारिश नहीं हुई.

मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के 13 जिलों में अब तक औसत बारिश हो चुकी है, जबकि 20 जिलों में औसत से कम पानी गिरा. हालांकि इस बार प्रदेश में सामान्य से 106 फीसदी अधिक बारिश होने का अनुमान था, लेकिन अब तक औसतन से 28 फीसदी कम बरसात हुई.

9 जुलाई तक छत्तीसगढ़ में 214.4 मिलीमीटर (8.44 इंच) हुई, जो औसत से 28 फीसदी कम है, जबकि 1 जून से अब तक  प्रदेश में 260.8 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी.

छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक बारिश सुकमा जिले में दर्ज की गई. यहां अब तक 314.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सबसे कम बारिश सरगुजा में रिकॉर्ड किया गया. यहां अब 103.6 मिलीमीटर ही बारिश हुई है. इधर, छत्तीसगढ़ के बस्तर में मानसून की एंट्री के बाद भी बारिश नहीं हो रही है. यहां अब तक हल्की बारिश दर्ज की गई, जो खेती-किसानी के लिए  पर्याप्त नहीं.

बस्तर जिले में 9 जुलाई तक सिर्फ 244.4 MM बारिश ही दर्ज की गई है, जो सामान्य से 26 फासदी कम है. मौसम विभाग की माने तो बस्तर में अब तक 331.5 MM बारिश होनी चाहिए थी.

मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार, 10 जुलाई को छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. हालांकि 11 से 13 जुलाई तक मानसून की गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे प्रदेश में अच्छी बारिश होने के आसार हैं.

IMD के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 11 जुलाई से तेज बारिश होने के आसार हैं. दरअसल, मौसम विभाग ने 11 जुलाई को बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा, जशपुर, कोरिया, बीजापुर, सरगुजा, बलरामपुर, सूरजपुर, पेंड्रा, रायगढ़, कोरबा और बिलासपुर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि 12 जुलाई को दुर्ग, गौरेला-प्रेंड्रा-मरवाही, बालोद, बेमेतरा, बिलासपुर, बस्तर, कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर, सूरजपुर , बलरामपुर, कोरबा, राजनांदगांव, कोंडागांव, जशपुर, कोरिया में भारी बारिश के आसार हैं.

मंगलवार को राजधानी रायपुर, कांकेर, धमतरी, बालोद, बस्तर, नारायणपुर, दंतवाड़ा, सुकमा समेत कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई.

छत्तीसगढ़ : सीएम साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

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छत्तीसगढ़ : सीएम साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में निम्नानुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा वन और जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वन अधिकार अधिनियम के तहत व्यक्तिगत वन अधिकार पत्रधारकों की मृत्यु होने पर वारिसानों के नाम पर काबिज वन भूमि का हस्तांतरण राजस्व या वन अभिलेखों में दर्ज करने संबंधित कार्यवाही के लिए प्रक्रिया प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इससे भविष्य में नक्शा का जिओ रिफ्रेंसिंग होने से भूखण्ड का आधार नंबर भी लिया जाएगा। इसका उपयोग नामांतरण, सीमांकन, बटवारा आदि में किया जाएगा।

प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था के लिए मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को छत्तीसगढ़ राज्य में पूर्ण रूप से लागू करने का निर्णय लिया गया। नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 5वीं तक बच्चों को स्थानीय भाषा-बोली में शिक्षा दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्री-प्राइमरी से 12 वीं तक सबको शिक्षा उपलब्ध कराने की अनुशंसा की गई है। इस नवीन शिक्षा नीति के तहत समतामूलक और समावेशी शिक्षा प्रदान करने के साथ ही प्रचलित शैक्षणिक संरचना 10+2 के स्थान पर 5+3+3+4 लागू किया गया है।

मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ सशस्त्र सहायक प्लाटून कमाण्डर (नर्सिंग), प्रधान आरक्षक (नर्सिंग), मेल नर्स, फिमेल नर्स, लैब टेक्निशियन, फार्मासिस्ट, नर्सिंग असिस्टेंड, कम्पाउण्डर, ड्रेसर, आरक्षक (बैण्ड), आरक्षक (श्वान दल) भर्ती प्रक्रिया वर्ष-2023 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के स्थानीय निवासियों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी। यह छूट अनारक्षित वर्ग को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा के अतिरिक्त एक बार के लिए 05 वर्ष की छूट एवं आरक्षित वर्ग को पहले से 05 वर्ष की आयु शिथिलीकरण के अतिरिक्त, एक बार के लिए, निर्धारित आयु सीमा में 05 वर्ष की और छूट प्रदान की जाएगी।

प्रदेश में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के सफल क्रियान्वयन, सुशासन एवं जनसमस्याओं के समाधान के लिए एक पृथक विभाग ‘‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग‘‘ का गठन किया गया है। जिसमें ई-समीक्षा, ई-लोकसेवा गारंटी एवं डिजिटल सेक्रेटरियेट को शामिल किए जाने के संबंध में मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। पूर्व में ये शाखाएं सामान्य प्रशासन विभाग में थी। नवा रायपुर में आवासहीन, आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न वर्ग के परिवारों को आवास मुहैया के लिए पंजीयन की तिथि में तीन वर्ष की वृद्धि कर दी गई है।

राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत नवा रायपुर में आवासों का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें हितग्राहियों को न्यूनतम मूल्य में आवास प्रदान करने के लिए पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों को यथावत् रखते हुए आवासों के पंजीयन की तिथि को 31 मार्च 2024 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 तक कर दिया गया है। इस निर्णय से अभी तक रिक्त मकानों के पंजीयन की संभावनाओं में वृद्धि होगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र (State Capital Region) तथा संबंधित प्राधिकरण की स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया के लिए नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को अधिकृत किया गया है और इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को प्रशासकीय विभाग बनाया गया है।

इसके लिए राज्य सरकार द्वारा चालू वित्तीय वर्ष की बजट में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम 2002 के (यथा संशोधित 2022) में संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया गया। राज्य शासन के समस्त विभाग आदि आवश्यकतानुसार सामग्री, वस्तुओं एवं सेवाओं जिनकी दरें एवं विशिष्टियां भारत सरकार के डीजीएसएण्डडी की जेम वेबसाइट में उपलब्ध हो का क्रय जेम वेबसाईट से उनकी नियमावली निर्धारित प्रक्रिया पालन करते हुए क्रय करेंगे। अतिरिक्त आवश्यकता होने पर सामग्री, वस्तु एवं सेवाओं के क्रय के लिए वित्त विभाग की सहमति आवश्यक होगी। वर्तमान में प्रचलित सीएसआईडीसी के सभी रेट कान्ट्रेक्ट इस माह के अंत में निरस्त करने का भी निर्णय लिया गया। यह कदम भ्रष्टाचार निवारण की दृष्टि से लिया गया है।

मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य संवर्ग के भारतीय वन सेवा में वर्ष 1992 से 1994 तक के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद पर पदस्थ 06 अधिकारियों को गैर-कार्यात्मक आधार पर यथास्थान  प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर के समतुल्य वेतनमान 01 जनवरी 2024 से प्रदान करने हेतु भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, से सहमति प्राप्त करने का निर्णय लिया गया। अधीक्षण अभियंता (सिविल) से मुख्य अभियंता (सिविल) के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित न्यूनतम अवधि 05 वर्ष में केवल एक बार के लिए 01 वर्ष की छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ प्रदेश के जरूरतमंद सर्वेक्षित 47 हजार 90 आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण के तहत 01 अप्रैल से 30 अप्रैल 2023 तक प्रदेश में कुल 59.79 लाख परिवारों का सर्वेक्षण पूर्ण किया गया, जिसमें 47 हजार 90 परिवार ऐसे पाए गए जो आवासहीन है, किन्तु उनका नाम सामाजिक आर्थिक एवं जातिगत जनगणना की स्थायी प्रतीक्षा सूची में नहीं है। ऐसे आवासहीन परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण से आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ : कोर्ट में ईओडब्‍ल्‍यू ने जमानत नहीं दिए जाने का अनुरोध किया। ईओडब्ल्यू कोर्ट में जमानत आवेदन और प्रोडक्शन वारंट पर बहस…

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छत्तीसगढ़ : कोर्ट में ईओडब्‍ल्‍यू ने जमानत नहीं दिए जाने का अनुरोध किया। ईओडब्ल्यू कोर्ट में जमानत आवेदन और प्रोडक्शन वारंट पर बहस…

शराब घोटाले में दर्ज किए गए एफआइआर में आय से अधिक संपत्तियों का ब्यौरा दिया गया है। रानू साहू, समीर बिश्नोई और सौम्या चौरसिया द्वारा अपनी आय से कई गुना चल-अचल संपत्तियां अर्जित की गई है। इसे देखते हुए ईओडब्ल्यू ने जमानत नहीं दिए जाने का अनुरोध किया।

सौम्या चौरसिया की याचिका पर सुनवाई चार हफ्ते के लिए बढ़ी। कोर्ट में ईओडब्‍ल्‍यू ने जमानत नहीं दिए जाने का अनुरोध किया। ईओडब्ल्यू कोर्ट में जमानत आवेदन और प्रोडक्शन वारंट पर बहस.

कोयला घोटाले में जेल बंद दीपेश टांक को सुप्रीम कोर्ट ने राहत के बाद मंगलवार शाम रिहा कर दिया गया। दीपेश को सात अगस्त तक के लिए अंतरिम जमानत दी गई है।

वहीं ईओडब्ल्यू में दर्ज मामले में निलंबित आइएएस रानू साहू के जमानत और कारोबारी दीपेश टांक प्रोडक्शन वारंट पर कोर्ट ने एक दिन के लिए फैसला सुरक्षित रखा है। बुधवार को फैसला होगा।

ईओडब्ल्यू की विशेष कोर्ट में मंगलवार को जमानत आवेदन और प्रोडक्शन वारंट पर बहस हुई। बचाव के वकील ने तर्क दिया है कि उनके पक्षकारों को परेशान करने ईओडब्ल्यू द्वारा एफआइआर दर्ज की गई। जबकि ईडी द्वारा दर्ज मामले में उनके पक्षकारों को अंतरिम जमानत दी गई है।

अभियोजन पक्ष के उपसंचालक मिथलेश वर्मा ने विरोध करते हुए बताया कि शराब घोटाले में दर्ज किए गए एफआइआर में आय से अधिक संपत्तियों का ब्यौरा दिया गया है। रानू साहू, समीर बिश्नोई और सौम्या चौरसिया द्वारा अपनी आय से कई गुना चल-अचल संपत्तियां अर्जित की गई है। इसे देखते हुए जमानत नहीं दिए जाने का अनुरोध किया। विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा है।

दीपेश टांक के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि, ईओडब्ल्यू ने अभी तक बाकी लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन दीपेश को गिरफ्तार नहीं किया था। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दीपेश टांक को परेशान करने की नीयत से इस तरह की चीजें की जा रही है। जो प्रकरण है उसमें दीपेश टांक का कोई लेना-देना नहीं है।

रानू साहू और सुनील अग्रवाल को कोयला मामले में राहत के बाद सौम्या चौरसिया की ओर से बिलासपुर में जमानत याचिका लगाई गई थी। कोर्ट ने सुनवाई चार हफ्ते के लिए बढ़ा दी है। कोई ने ईडी को जवाब देने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। अपने खिलाफ दर्ज मामले को खत्म करने सौम्या चौरसिया ने याचिका लगाई है।

छत्तीसगढ़ : शराब घोटाले मामले में (ईओडब्ल्यू) ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। उसके पास से नकली होलोग्राम सप्लाई का सबूत भी बरामद किया गया है।

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छत्तीसगढ़ : शराब घोटाले मामले में (ईओडब्ल्यू) ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। उसके पास से नकली होलोग्राम सप्लाई का सबूत भी बरामद किया गया है।

छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित ढाई हजार करोड़ के शराब घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने मंगलवार को एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। उसके पास से नकली होलोग्राम सप्लाई का सबूत भी बरामद किया गया है।

आबकारी घोटाले में डुप्लीकेट होलोग्राम से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगा है। प्रकरण में डुप्लीकेट होलोग्राम सप्लाई करने वाली कंपनी प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड का स्टेट हेड दिलीप पांडे को गिरफ्तार किया गया है।

अफसरों ने बताया कि आबकारी घोटाले में डुप्लीकेट होलोग्राम से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगा है। प्रकरण में डुप्लीकेट होलोग्राम सप्लाई करने वाली कंपनी प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड का स्टेट हेड दिलीप पांडे को गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ के दौरान उपलब्ध जानकारी के आधार पर नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन आफिस के भूतल-कक्ष में होलोग्राम प्रिंटिंग के सेटअप से जुड़े हुए इंडस्ट्रीयल कम्प्यूटर के हार्ड ड्राइव को, जिसके माध्यम से डुप्लीकेट होलोग्राम के सीरियल नंबरों की छपाई की गई थी, उसे विधिवत वीडियोग्राफी कराकर जब्त किया गया है।

अफसरों ने बताया कि इसके अतिरिक्त प्रिज्म कंपनी के नोएडा स्थित मुख्यालय से डुप्लीकेट होलोग्राम छपवा कर रायपुर तक परिवहन के लिए उपयोग में आने वाले दस्तावेज, जिसमें डुप्लीकेट होलोग्राम की संख्या एवं अन्य विवरण होते थे, आरोपित दिलीप पांडे द्वारा उसे भी बरामद कराया गया है।

इन दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है। पूछताछ के दौरान इस बात की पुष्टि हुई है कि सिंडीकेट के मुख्य आरोपित अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरूणपति त्रिपाठी के संलिप्तता में प्रिज्म होलोग्राफी के मालिक विधु गुप्ता द्वारा 2019 से 2022 के बीच तक फर्जी होलोग्राम छत्तीसगढ़ स्थित डिस्टलरियों को उपलब्ध कराये गए थे। प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही जारी है।

छत्तीसगढ़ : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में आयोजित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, जिलाध्यक्षों, विधायक की बैठक…

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छत्तीसगढ़ : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय में आयोजित प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, जिलाध्यक्षों, विधायक की बैठक…

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, जिलाध्यक्षों, विधायक की हुई बैठक, बैठक में पार्टी के भीतर वाद-विवाद और अंर्तकलह की बातें आई सामने, नई दिल्ली से लौटने के बाद से ही दीपक बैज ने दिए बदलाव के संकेत.

नई दिल्ली से लौटने के बाद से ही बैज ने बदलाव के संकेत दे दिए हैं। कांग्रेस बड़े पैमाने पर जिला अध्यक्षों को बदलने पर विचार विमर्श कर रही है। साथ ही राज्य स्तरीय पदाधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। विधानसभा लोकसभा में जिन सीटों पर कांग्रेस को हार मिली है, वहां के जिलाध्यक्षों को साफ संकेत दे दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस बड़ा बदलाव करने जा रही है। मंगलवार को राजीव भवन स्थित प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय में दो दिवसीय बैठक की शुरुआत हुई। दोपहर दो बजे की बैठक में जिलाध्यक्षों, विधायकों व जनप्रतिनिधियों के साथ हार के कारणों पर चर्चा हुई।

साथ ही यह पूछा गया कि क्यों न इस प्रदर्शन पर पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। सूत्रों के मुताबिक बदलाव की इस कड़ी में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी संगठन से बाहर हो सकते हैं। वहीं, पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव व वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष डा. चरणदास महंत के चहेतों को जगह मिल सकती है।

पार्टी के भीतर वाद-विवाद और अंर्तकलह की बातें सामने आई। इससे नई दिल्ली की फैक्ट फाइडिंग टीम भी आश्चर्यचकित रही। टीम के सामने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार को भी हार के कारणों में शामिल किया गया। इन सब विषयों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री की करीबियों पर गाज गिर सकती है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज की अध्यक्षता में आयोजित मंगलवार को बैठक में एक-एक जिलाध्यक्षों से सवाल-जवाब किया गया। राजीव भवन में शाम चार बजे से प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उपाध्यक्ष गुरमुख सिंह होरा, अंबिका मरकाम, राज्यसभा सदस्य फूलोदेवी नेताम आदि नेतागण शामिल थे।

बड़े पैमाने पर होगा बदलाव

नईदिल्ली से लौटने के बाद से ही बैज ने बदलाव के संकेत दे दिए हैं। कांग्रेस बड़े पैमाने पर जिला अध्यक्षों को बदलने पर विचार विमर्श कर रही है। साथ ही राज्य स्तरीय पदाधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। विधानसभा लोकसभा में जिन सीटों पर कांग्रेस को हार मिली है, वहां के जिलाध्यक्षों को साफ संकेत दे दिए गए हैं।

साथ ही जिला स्तर पर संगठनात्मक ढांचे में भी फेरबदल होगा। प्राप्त सुझावों के आधार पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की बैठक में बदलाव पर अंतिम निर्णय होगा। बुधवार को पार्टी की बैठक में नगरीय निकाय चुनावों को लेकर चर्चा होगी।

महंगाई, बिजली दर सहित लोगों के मुद्दे को आक्रामक रूप से उठाएंगे

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि बढ़ी हुई बिजली की दर, कानून व्यवस्था, फर्जी नक्सली घटनाएं, किसानों की आत्महत्या, खाद बीज पर महंगाई सहित जनहितों क मुद्दे को विधानसभा के मानसून सत्र में आक्रामक तरीके से उठाएंगे।

राज्य सरकार के राजस्व शिविर पर बैज ने कहा कि पटवारी हड़ताल पर हैं, तहसीलदारों ने खुलेआम नाराजगी व्यक्त की है। सरकार व्यवस्था नहीं संभाल पा रही है। कांग्रेस जनहितों के मुद्दे पर सदन के भीतर से लेकर सड़क की लड़ाई लड़ेगी।

छत्तीसगढ़ : इन दिनों मानसून सक्रिय है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश स्थानों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

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छत्तीसगढ़ : इन दिनों मानसून सक्रिय है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश स्थानों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

छत्तीसगढ़ में इन दिनों मानसून सक्रिय है। प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बारिश हो रही है। इसी बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के अधिकांश स्थानों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

वहीं आज सुबह से ही प्रदेश में बादल छाए हुए हैं। राजधानी रायपुर में बूंदाबांदी भी हुई है। इसके साथ ही कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई है। आगामी दोनों तक कुछ जिलों में मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही अधिकांश स्थानों में गरज चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, एक चक्रवती परिसंचरण दक्षिण आंध्र प्रदेश तट के पास मध्य पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर औसत समुद्र तल से 5.8 और 7.6 किलोमीटर के मध्य स्थित है। इसके प्रभाव से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है।

11 जुलाई तक अधिकांश जगहों पर मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं दक्षिण भागों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम एक्सपर्ट के अनुसार, रायपुर समेत प्रदेश के कई जगहों पर बारिश रुक गई थी। इससे अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही उमस भी बढ़ गया था। हालांकि अब मानसून सक्रिय होने से प्रदेशभर में बारिश हो रही है।

इन जिलों में येलो अलर्ट जारी : मौसम विभाग में सुकमा, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, दुर्ग, राजनंदगांव, कबीरधाम और खैरागढ़ समेत एक-दो जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट किया गया है।

छत्तीसगढ़ :  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार कांग्रेस ने प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ बिजली कटौती को लेकर प्रदर्शन किया।

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छत्तीसगढ़ :  प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार कांग्रेस ने प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ बिजली कटौती को लेकर प्रदर्शन किया।

”लगातार बिजली कटौती से किसान परेशान हो चूके है, रोपाई का समय है ना तो बारिश आ रही और ना ही बिजली कैसे रोपाई होगी, विभाग के द्वारा स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा हैं, स्मार्ट मीटर लगाकर ठेकेदारों को लाभ पहुचाने का कार्य कर रही प्रदेश अपराध का गढ़ बनता जा रहा है, लगातार लड़ाई झगडे, आगजनी, हत्या जैसे अपराध बढ़ता जा रहा है। ”

जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला पेंड्रा मरवाही ने आज जिले में व्यापक समस्याओं के निराकरण को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन व कलेक्टर कार्यालय का घेराव आयोजन सेमरा तिराहे में किया।

”धरना प्रदर्शन के बाद अपनी 13 सूत्रीय समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है और स्थानीय प्रशासन के द्वारा जल्द समस्याओं का निराकरण के आश्वासन के बाद कलेक्टर घेराव नही किया गया। साथ ही अगर आने वाले दिनों समस्याओं का समाधान नही होने की स्थिति में आगे उग्र प्रदर्शन करने की बात कही है।”

सोमवार को प्रदेशभर में बिजली कटौती को लेकर कांग्रेसी प्रदर्शन कर रहे हैं। कबीरधाम जिले में कवर्धा शहर के सिग्नल चौक व पंडरिया के गांधी चौक में कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठे है।

”पंडरिया में धरना को संबोधित करते हुए नीलू चन्द्रवंशी ने कहा कि कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल में इतना बिजली संकट नहीं था। भाजपा के 6 माह की सरकार में ही लोग परेशान हैं।”

”हमारी सरकार ने 5 साल में एक पैसा बिजली बिल में नहीं बढ़ाया था। हमारी सरकार में कोई भी गरीब बिजली की समस्या से परेशान नहीं हुआ। अब तो बिजली बिल हाफ योजना समाप्त कर दी गई।”

आज प्रदेश की जनता बिजली बिल से परेशान है। अब दिन में कभी भी बिजली गुल हो जाती है, जिससे किसान, मरीज, स्टूडेंट, बुजुर्ग, महिलाएं बिजली कटौती से परेशान हैं।

जिला मुख्यालय कोंडागांव के जयस्तंभ चौक में जिला कांग्रेस कमेटी के द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार के विरोध में धरना प्रदर्शन गया। इस बारे में पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने बताया कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के द्वारा अघोषित बिजली कटौती और बिजली बिल में बेतहाशा वृद्धि किया गया है, जिससे कि छत्तीसगढ़ वासियों और किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ में उत्पन्न हो रहे बिजली को बाहरी राज्यों को बेच रही है,परंतु छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ वासियों के लिए किसी भी प्रकार की संवेदना ना रखते हुए अघोषित बिजली कटौती और बिजली बिल में बेतहाशा वृद्धि कर रही है।

बीजापुर में भी अघोषित बिजली की कटौती व बिजली की दरों में किये गए बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने आवापल्ली मुख्यालय में भाजपा सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर उसूर ब्लाक के मुख्यालय आवापल्ली में कांग्रेस ने बिजली की अघोषित कटौती तथा बिजली की दरों में किये गए बढ़ोतरी के विरोध में राज्य सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौपा गया।

”धरना प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष कलमेश कारम ने कहा कि जब से प्रदेश में भाजपा की साय सरकार बनी है, तब से ही क्षेत्र में बिजली की कटौती की जा रही है। बिजली विभाग पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। ”

”बलरामपुर रामनुजगंज प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिशानिर्देश में कार्यक्रम प्रभारी डॉ. दिनेश यादव महामंत्री प्रदेश किसान कांग्रेस के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा मधु गुप्ता के अध्यक्षता में जिला कांग्रेस के उपाध्यक्ष अजय गुप्ता के उपस्थित में आज का धरना प्रदर्शन भारत माता चौक में किया गया।”

”धरना प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ में विद्युत दरों में बढ़ोतरी एवं बिजली कटौती के साथ ही बालौदाबाज़ार में कलेक्ट्रेट जलाने की घटना, सहकारी समितियों में धान का गबन एवं लॉ एंड ऑर्डर की विफलता सहित अन्य मुद्दों पर वक्ताओं के द्वारा छत्तीसगढ़ भाजपा सरकार को जमकर घेरा वही विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौपा गया।”

छत्तीसगढ़ : कोयला घोटाला मामले में निलंबित IAS रानू साहू को SC से मिली जमानत…

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छत्तीसगढ़ : कोयला घोटाला मामले में निलंबित IAS रानू साहू को SC से मिली अंतरिम जमानत…

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने निलंबित आईएएस रानू साहू पर साल 2015 से 2022 तक करीब चार करोड़ रुपए की अचल संपत्ति स्वयं के नाम से और पारिवारिक सदस्यों के नाम से खरीदने का आरोप लगाया है।

उन्होंने बताया कि उनके सेवा में आने के बाद से 2022 तक का कुल वेतन 92 लाख रुपये है। निलंबित आईएएस समीर बिश्नोई का साल 2010 से 2022 तक का कुल वेतन 93 लाख रुपये है। इस अवधि में उनकी पत्नी प्रीति गोधरा के नाम से पांच करोड़ रुपये की कई अचल संपत्ति क्रय की है, जो वेतन से 500 गुना ज्यादा है।

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उपसचिव रही सौम्या चौरसिया ने अपने और परिवार के नाम पर नौ करोड़ 20 लाख रुपये की 29 अचल संपत्ति होना बताया है। ईओडब्ल्यू ने बताया कि साल 2021 से 2022 के बीच करोड़ों की संपत्ति खरीदी गई है।

कोयला घोटाले मामले में राहू साहू एक साल से वहीं कारोबारी दीपेश टांक डेढ़ साल से जेल में बंद है। एक तरफ जहां रानू साहू को राहत मिली है। वहीं, दूसरी तरफ ईओडब्ल्यू ने उनके खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की है। ईओडब्ल्यू की नई कार्रवाई के बाद माना जा रहा है कि रानू साहू को एक बार फिर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

कोर्ट ने रानू साहू और दीपेश टांक को 7 अगस्त तक के लिए अंतरिम जमानत दी है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने बचाव पक्ष की तरफ से पैरवी की। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस भुवन की डबल बेंच ने जमानत के आदेश जारी किए।

हालांकि ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज नई एफआईआर से रानू साहू, उप सचिव सौम्या चौरसिया और समीर बिश्नोई की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। तीनों पर आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है।