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छत्तीसगढ़ : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सांसद संतोष पांडेय द्वारा कथित महादेव ऐप घोटाले को लेकर लोकसभा में दिए गए बयान की आलोचना की है।

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छत्तीसगढ़ : पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सांसद संतोष पांडेय द्वारा कथित महादेव ऐप घोटाले को लेकर लोकसभा में दिए गए बयान की आलोचना की है।

उन्होंने सवाल किया कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद इस ऐप पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया गया है। बघेल ने यह भी कहा कि वह संसद में उनके खिलाफ निराधार आरोप लगाने के लिए पांडेय के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखेंगे।

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले पांडेय ने लोकसभा में अपने भाषण में भूपेश बघेल का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस शासन में पूर्व मुख्यमंत्री, भगवान महादेव के नाम पर छह हजार करोड़ रुपये से अधिक का सट्टा संचालित कर रहे थे।

उनकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, बघेल ने एक बयान में कहा कि छत्तीसगढ़ में उनकी सरकार (2018-2023) के दौरान, महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के संबंध में 70 से अधिक प्राथमिकी दर्ज की गई, कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और करोड़ों रुपये की नकदी, मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए गए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ”राजनांदगांव के सांसद पांडेय ने संसद में मेरे खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री महादेव ऐप के जरिए छह हजार करोड़ रुपये का सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोप निराधार हैं।” बघेल ने पूछा, ”सरकार बदल गई है लेकिन महादेव ऐप अभी भी चालू है, तो क्या वे अब इसका नाम ‘विष्णु देव साय ऐप’ रखने जा रहे हैं।”

उन्होंने कहा केंद्र और राज्य में भाजपा की सत्ता होने के बावजूद, ऐप पर प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। हमने (पिछली कांग्रेस सरकार) (ऐप के प्रवर्तकों के खिलाफ) लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। वे (ऐप के प्रमोटर) विदेश में हैं और यह (भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र) उन्हें पकड़कर देश में लाने में सक्षम नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं संसद में ऐसे व्यक्ति के खिलाफ निराधार आरोप लगाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखूंगा जो सदन का सदस्य नहीं है। मैं इस मुद्दे पर कानूनी सलाह भी लूंगा और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई करूंगा।’’

छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा/भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सट्टेबाजी ऐप घोटाले में अपनी प्राथमिकी में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ ऐप के प्रवर्तक रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर, शुभम सोनी, अनिल कुमार अग्रवाल तथा 14 अन्य को आरोपी बनाया है। भाजपा के यहां की सत्ता में आने के बाद राज्य की एजेंसी ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा सौंपी गई एक रिपोर्ट के आधार पर इस साल मार्च में मामला दर्ज किया था।

ईडी ने अब तक रायपुर की अदालत में महादेव ऐप से जुड़े धनशोधन के मामले में तीन अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) दायर की है। ईडी ने इस मामले में पहले भी राज्य में कई छापे मारे थे।

ईडी ने पहले भी कहा है कि महादेव ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी ऐप से संबंधित जांच में छत्तीसगढ़ के कई उच्च पदस्थ नेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता सामने आई है।

ईडी ने इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। ईडी के अनुसार इस मामले में अपराध की अनुमानित आय लगभग छह हजार करोड़ रुपये है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भाजपा के शीर्ष नेताओं ने पिछले विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान महादेव ऐप मामले को लेकर बघेल पर निशाना साधा था।

भूपेश बघेल ने इससे पहले महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में ईडी की कार्रवाई को ‘राजनीतिक साजिश’ करार दिया था और संघीय एजेंसी पर अपने ‘राजनीतिक आकाओं’ के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था।

Monsoon 2024: मानसून सक्रिय होने के बाद पूरे प्रदेश में बारिश का दौर जारी, अगले दो दिनों तक अच्छी बारिश होगी।

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Monsoon 2024: मानसून सक्रिय होने के बाद पूरे प्रदेश में बारिश का दौर जारी, अगले दो दिनों तक अच्छी बारिश होगी।

प्रदेश में जुलाई में अच्छी बारिश होने का ट्रेंड रहा है। पिछले 10 साल का ट्रेंड तो यही बताता है। पिछले साल जुलाई में 184 मिमी बारिश हुई थी, जो पिछले 10 साल में तीसरी सर्वाधिक बारिश है। मानसून सक्रिय होने के बाद पूरे प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों तक अच्छी बारिश होगी।
एक-दो स्थान पर भारी बारिश होने के आसार हैं। वहीं मध्य व दक्षिण छत्तीसगढ़ में वर्षा तो होगी, लेकिन कुछ कम होगी। प्रदेश में अभी सामान्य से 24 फीसदी कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 156 मिमी पानी बरस गया है। वास्तव में 205 मिमी बारिश हो जानी थी। वहीं रायपुर में 14 फीसदी कम पानी गिरा है। अभी तक 150 मिमी पानी बरस चुका है। जबकि सामान्य बारिश 175 मिमी है। मौसम विभाग 19 फीसदी तक कम बारिश को सामान्य मानता है।

इसलिए अभी रायपुर जिले में सामान्य बारिश हुई है। पिछले 24 घंटे में सरगुजा संभाग के दुलदुला में 90 मिमी से ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई। इसी तरह कोटा, रतनपुर व बेलगहना में 80, कटघोरा व कापू में 70, पाली व दर्री में 60 मिमी पानी गिरा।

बारिश का मौसम शुरू होते ही पिछले 20 दिनों से अधिकांश फ्लाइटों के विलंब से आने का सिलसिला चल रहा है। दिल्ली में हुए हादसे के बाद वहां से फ्लाइटे सर्वाधिक प्रभावित हुए है। वहीं मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, बैंगलुरू और इंदौर के साथ ही अन्य फ्लाइटे 25 मिनट से लेकर 2 घंटे विलंब से रायपुर आ रही है। वहीं हवाई यात्रियों की संख्या में लगातार कमी आई है।

स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट अथॉरिटी रायपुर से मिली जानकारी के अनुसार 16 से 30 जून तक 698 फ्लाइटों में 99871 यात्रियों का आवागमन हुआ। जबकि 1 से 15 जून तक 686 उड़ानों में 1 लाख 2125 यात्रियों ने हवाई सफर किया। इसमें औसतन पिछले 15 दिनों में 2200 से ज्यादा यात्रियों की कमी आई है।

मानसूनी सीजन को देखते हुए रोजाना औसतन 46 फ्लाइटों के जरिए 6600 यात्रियों का आवागमन हो रहा है। जबकि समर सीजन में यात्रियों की संख्या 7000 हवाई यात्री सफर कर रहे थे। बताया जाता है कि सामान्य दिनों की अपेक्षा भीड़ कम होने के कारण यात्रियों को आसानी से हवाई टिकटें मिल रही है। वहीं किराए में कमी आई है।

छत्तीसगढ़ : 40 वर्षों तक कोयले की जरूरत को पूरी करने के बाद एसईसीएल की बलगी खदान बंद…

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छत्तीसगढ़ : 40 वर्षों तक कोयले की जरूरत को पूरी करने के बाद एसईसीएल की बलगी खदान बंद…

40 वर्षों तक कोयले की जरूरत को पूरी करने के बाद एसईसीएल की बलगी खदान बंद हो गई है। यहां काम करने वाले मजदूरों को दूसरे खदानों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

40 वर्षों तक कोयले की जरूरत को पूरी करने के बाद एसईसीएल की बलगी खदान बंद हो गई है। यहां काम करने वाले मजदूरों को दूसरे खदानों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। आने वाले दिनों में इस खदान के कामगारों को रजगामार, बगदेवा और ढेलवाडीह में स्थानांतरित किया जाएगा। भले ही खदान बंद हो रही है लेकिन कोरबा के विकास में इस माइंस के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
कोल इंडिया की तत्कालीन सहयोगी कंपनी डब्ल्यूसीएल (वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) ने 90 के दशक में कोयला खनन के लिए बलगी में प्रक्रिया शुरू की। वर्ष 1983 से इस खदान से कोयला बाहर निकलना शुरू हुआ जो 2024 तक जारी रहा। अब बलगी खदान में कोयला खत्म हो गया है और कंपनी ने इस खदान को बंद करने का निर्णय लिया है। इसके लिए कागजी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बलगी कोयला खदान अंडरग्राउंड है और यहां लगभग 500 मजदूर काम करते हैं।

कंपनी ने यहां काम करने वाले अपने नियमित मजदूरों को दूसरे खदान में स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। यहां से मजदूरों को धीरे-धीरे रजगामार, बगदेवा और ढेलवाडीह भेजा जाएगा। बलगी के कोयले में कार्बन की मात्रा अधिक होने के कारण यहां से भिलाई स्थित स्टील प्लांट को कोयला आपूर्ति की योजना बनाई गई। इसके लिए दोनों कंपनियों के बीच एमओयू हुआ। बलगी खदान के कोयले से लंबे समय तक भिलाई स्टाल प्लांट को इंधन की आपूर्ति की जाती रही।

नए नियम के तहत बलगी खदान को संचालित करने के लिए इन्वायरनमेंट क्लीयरेंस की जरूरत है। तब तक के लिए मैनपावर को दूसरे खदानों में अस्थाई तौर पर स्थानांतरित किया जा रहा है। खदान को बंद कर दिया गया है।

छत्तीसगढ़ : बीजेपी ने कई जगहों में प्रदर्शन किया। दूसरी ओर बीजेपी सांसद संतोष पांडेय ने सदन में जोरशोर से राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया…

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छत्तीसगढ़ : बीजेपी ने कई जगहों में प्रदर्शन किया। दूसरी ओर बीजेपी सांसद संतोष पांडेय ने सदन में जोरशोर से राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया…

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान को लेकर अब सड़क पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। छत्तीसगढ़ बीजेपी ने कई जगहों में प्रदर्शन किया। दूसरी ओर बीजेपी सांसद संतोष पांडेय ने सदन में जोरशोर से राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडेय ने कहा कि आप एक तरफ तो भगवान शंकर का फोटो दिखाते हैं लेकिन दूसरी तरफ आपके ही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल महादेव के नाम पर सट्टा खिलाया करते थे। संतोष पांडेय ने सदन में अटल जी की कविता ‘हिन्दू तन-मन, हिन्दू जीवन, रग-रग हिन्दू मेरा परिचय’ पढ़ते हुए राहुल गाँधी की टिप्पणी पर जमकर नाराजगी जाहिर की।

प्रदेशभर में जारी बीजेपी विरोध प्रदर्शन के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राहुल के बयान पर सफाई दी। कहाकि बीजेपी ने राहुल गांधी के बयान के साथ काट-छांट की हैं। राहुल गांधी ने भाजपा और आरएसएस पर हिन्दूओं के नाम पर हिंसा करने की बात कही है। उन्होंने कहा हैं कि हिन्दू समाज अहिंसक है। कांग्रेस ने राहुल गांधी के भाषण का वीडियो भी साझा किया हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को अपने राजधानी रायपुर स्थित निवास कार्यालय से सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 पोर्टल का शुभारंभ किया।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को अपने राजधानी रायपुर स्थित निवास कार्यालय से सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 पोर्टल का शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को अपने राजधानी रायपुर स्थित निवास कार्यालय से सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 पोर्टल का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा, छत्तीसगढ़ में निवेश करने वाले और उद्योग लगाने वाले उद्यमियों को राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता सुशासन और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति है। इसी क्रम में आज निवेशकों और नए उद्योग लगाने वालों की सुविधा के लिए विभिन्न क्लीयरेंस और स्वीकृतियां त्वरित रूप से प्रदान करने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल 2.0 का शुभारंभ किया गया है।

उन्होंने कहा, प्रशासनिक दखल कम कर प्रक्रिया को सरलीकृत बनाने के लिए यह बड़ी पहल की गई है। यह पोर्टल उद्यमियों के लिए अत्यंत आसान और उपयोग करने में सुगम होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, प्रदेश में संसाधनों के विपुल भंडार है और औद्योगिक विकास के भी असीम अवसर उपलब्ध हैं। उद्योग विभाग की इस नई व्यवस्था से सभी सुविधाएं एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया आसान होने से निवेश में उनकी रुचि बढ़ेगी और युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

व्यवसायियों को आवश्यक विभागीय अनुमति-सहमति और क्लीयरेंस के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और न ही अलग-अलग विभागों में आवेदन करने की आवश्यकता होगी।

उन्होंने कहा कि नए पोर्टल में विभागीय अधिकारियों को भी जिमेदारियां दी गई है और उन पर आवेदनों के समय पर निराकरण की जवाबदेही भी होगी। उद्योग विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर इसकी समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, वाणिज्य और उद्योग विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुयमंत्री के सलाहकार धीरेन्द्र तिवारी, सचिव पी. दयानंद और उद्योग विभाग के संचालक अरूण प्रसाद सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

  • – उद्योग विभाग की नई व्यवस्था से सभी सुविधाएं एक क्लिक पर मिलेगी.
    – उद्योगों की स्थापना की प्रक्रिया आसान होने से निवेश में रुचि बढ़ेगी और युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे.
    – व्यवसायियों को आवश्यक विभागीय अनुमति-सहमति और क्लियरेंस के लिए भटकना नहीं पड़ेगा.
    – अलग अलग विभागों में आवेदन करने की जरुरत नहीं पड़ेगी.
    – नए पोर्टल में विभागीय अधिकारियों को भी जिम्मेदारियां दी गई है.
    – अधिकारियों पर आवेदनों के समय पर निराकरण की जवाबदेही होगी.
    – उद्योग विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर समीक्षा करने के निर्देश

यह 2016 से 2021 तक छत्तीसगढ़ में व्यापार करने में आसानी को दर्शाने वाला चार्ट दिया गया है। यह पिछले कुछ वर्षों में रैंकिंग और स्कोर दोनों को दर्शाता है। नीली रेखा रैंकिंग को दर्शाती है, और हरी धराशायी रेखा स्कोर को दर्शाती है। जैसा कि देखा जा सकता है, छत्तीसगढ़ ने इन वर्षों में व्यापार करने में आसानी के मामले में लगातार अच्छी रैंकिंग और उच्च स्कोर बनाए रखा है।

अरविंद केजरीवाल की याचिका पर CBI को दिल्ली HC का नोटिस, 17 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

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अरविंद केजरीवाल की याचिका पर CBI को दिल्ली HC का नोटिस, 17 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कथित उत्पाद शुल्क नीति घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया।

मामले की सुनवाई जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की अध्यक्षता वाली बेंच ने की। कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी कर 7 दिन के अंदर जवाब मांगा है।

केजरीवाल ने कथित उत्पाद शुल्क नीति घोटाले से संबंधित भ्रष्टाचार के एक मामले में सीबीआई द्वारा अपनी गिरफ्तारी को सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक ने ट्रायल कोर्ट के 26 जून के आदेश को भी चुनौती दी, जिसके द्वारा उन्हें तीन दिनों के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में भेज दिया गया था। 29 जून को, ट्रायल कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में केजरीवाल को 12 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिसमें कहा गया था कि उनका नाम मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक के रूप में सामने आया है और चूंकि जांच अभी भी जारी है, इसलिए उनसे आगे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता हो सकती है।

केजरीवाल को सीबीआई ने 26 जून को तिहाड़ जेल से गिरफ्तार किया था, जहां वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज संबंधित धन-शोधन मामले में 3 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में थे। सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के समक्ष दावा किया था कि आप प्रमुख ने जांच में सहयोग नहीं किया और जानबूझकर गोल-मोल जवाब दिए। संघीय एजेंसी ने यह भी आशंका जताई थी कि केजरीवाल गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। 26 जून को केजरीवाल को तीन दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में भेजते समय, ट्रायल कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने से इनकार कर दिया था।

Pradosh Vrat 2024: इस प्रदोष व्रत में बन रहा खास योग, ऐसे बरसेगी भगवान शिव की कृपा, जाने तिथि और शुभ मुहूर्त…

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Pradosh Vrat 2024: इस प्रदोष व्रत में बन रहा खास योग, ऐसे बरसेगी भगवान शिव की कृपा, जाने तिथि और शुभ मुहूर्त…

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत मानव कल्याण के लिए बहुत लाभदायक माना जाता है, यह व्रत महीने में 2 बार, शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. यह व्रत भगवान शिव के साथ साथ सम्पूर्ण शिव परिवार की कृपा प्राप्त करने के लिए रखा जाता है.

इसलिए इस दिन भगवान शिव के साथ सम्पूर्ण शिव परिवार की पूजा अर्चना की जाती है और व्रत रखा जाता है. मान्यता है कि पूर्ण श्रद्धा और विधि विधान के साथ प्रदोष व्रत रखने से भक्तों को मोक्ष की प्राप्ति होती है. संतान सुख की प्राप्ति के लिए भी यह व्रत रखा जाता है. इस प्रदोष व्रत पर बहुत से शुभ संयोग बन रहे हैं, इसलिए ये प्रदोष व्रत बहुत खास माना जा रहा है.

प्रदोष व्रत तिथि और शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, इस बार आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 3 जुलाई 2024, दिन बुधवार की सुबह 7 बजकर 10 मिनट से होगा, और इसका समापन अगले दिन यानी 4 जुलाई 2024 की सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर होगा. प्रदोष व्रत में त्रयोदशी तिथि के प्रदोष काल के समय पूजा अर्चना करना अत्यंत शुभ माना जाता है, इसलिए उदया तिथि के अनुसार, इस बार जुलाई माह का पहला प्रदोष व्रत 3 जुलाई 2024, दिन बुधवार को रखा जाएगा. यह प्रदोष व्रत बुधवार के दिन पड़ रहा है इसलिए यह व्रत बुध प्रदोष व्रत होगा.

इस प्रदोष व्रत पर बन रहे हैं शुभ संयोग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार के बुध प्रदोष व्रत के दिन बहुत से शुभ संयोग बन रहे हैं, इसलिए ये प्रदोष व्रत अत्यंत शुभ और कल्याणकारी माना जा रहा है. इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र जैसे बहुत शुभ योग बनेंगे जो इस व्रत के प्रभाव को बहुत बढ़ा देंगे.

सर्वार्थ सिद्धि योग

इस बुध प्रदोष व्रत पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा. ज्योतिष शास्त्र में सर्वार्थ सिद्धि योग एक अत्यंत शुभ योग माना जाता है. मान्यता है कि इस योग के दौरान सभी ग्रह शुभ स्थिति में होते हैं और व्यक्ति को सफलता प्राप्त करने में मदद करते हैं. इसलिए इस योग के दौरान किए गए सभी कार्य सफल होते हैं.

रोहिणी नक्षत्र

इस प्रदोष व्रत के दिन रोहिणी नक्षत्र का भी प्रभाव रहेगा. यह नक्षत्र 3 जुलाई की सुबह से आरंभ होकर अगले दिन 4 जुलाई की सुबह 4 बजकर 7 मिनट तक प्रभावी रहेगा. रोहिणी नक्षत्र बहुत शुभ माना जाता है. इस दौरान भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है.

NTA-NEET मुद्दे पर ‘INDIA’ के छात्र संगठनों का हल्लाबोल, 3 जुलाई को करेंगे प्रदर्शन

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NTA-NEET मुद्दे पर ‘INDIA’ के छात्र संगठनों का हल्लाबोल, 3 जुलाई को करेंगे प्रदर्शन

नीट यूजी परीक्षा का परिणाम 4 जून के घोषित किया गया था. तभी से इस मामले पर जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है. छात्रों के साथ ही उनके अभिवावक भी परीक्षा में धांधली का आरोप लगा रहे हैं.

इस मामले पर जमकर राजनीति भी हो रही है. वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में भी इस मुद्दे को उठाया. इस बीच खबर है कि नीट और एनटीए को लेकर बुधवार 3 जुलाई को इंडिया गठबंधन से जुड़े छात्र संगठन सड़कों पर उतरेंगे.

नीट परीक्षा के परिणाम को लेकर पूरा विपक्ष और उनसे जुड़े छात्र संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. संगठनों की मांग है की नीट परीक्षा दोबारा से कराई जाए और भविष्य के लिए एनटीए को रद्द कर नई व्यवस्था लागू की जाए. इसके साथ ही छात्र संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं.

इंडिया ब्लॉक से जुड़े छात्र संगठन करेंगे विरोध

इंडिया ब्लॉक से जुड़े छात्र संगठन NSUI, समाजवादी पार्टी, RJD, IASA समेत 6 संगठनों के प्रतिनिधियों ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर इस मामले को लेकर जकर हमला बोला. इस दौरान संगठनों ने कहा कि एनटीए बहुत बड़ा घोटाला है. ऐसे में इसे रद्द कर देना चाहिए. संगठनों ने कहा कि परीक्षा में हुई धांधली से छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है.

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने कहा कि एनटीए की नाकामी गुजरात के गोधरा से शुरू होकर दिल्ली तक आ गई. अध्यक्ष ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर एनटीए को बचाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का कहना है कि कुछ भी नहीं हुआ है जबकी CBI ने गुजरात, बिहार से कई लोगों को गिरफ्तार किया है जिससे सब कुछ साफ हो गया है.

सभी छात्रों ने मिलकर एक साझा प्रस्ताव पास किया जिसमें यह मांग की गई हैं.

  • NTA को बैन किया जाए.
  • NEET की परीक्षा दोबारा कराई जाए.
  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें

‘नीट मामले पर संसद शांत’

छात्र नेताओं का कहना है कि संसद का कल आखिरी दिन है लेकिन इस मुद्दे पर संसद शांत है. नेताओं ने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी के खिलाफ आवाज नहीं उठाने दी जा रही है. ऐसे में बुधवार को देश भर में इंडिया गठबंधन के सभी छात्र संगठन दिल्ली के जंतर-मंतर के साथ ही देशभर में विरोध प्रदर्शन करेंगे. नेताओं ने यह भी कहा कि CUET का रिजल्ट नहीं आया है. लेकिन अभी से छात्रों में रिजल्ट को लेकर डर है. उन्होंने कहा कि कई सेंटरों पर शिकायत आई थी कि वहां छात्रों को अलग से जाकर परीक्षा देने दी. छात्र नेताओं ने कहा कि एनटीए अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है.

‘शिक्षा मंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब देना चाहिए’

इसके साथ ही छात्र नेताओं ने कहा कि प्रीमियम कोचिंग सेंटर्स को बचाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि अगर पैसों का लेन-देन नहीं हुआ है तो शिक्षा मंत्री को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह हुत बड़ा स्कैम है. अग्निवीर की तरह इन परीक्षाओं में भी छात्र घटते जाएंगे. ग्रामीण इलाकों में जहां 60% छात्र मेडिकल की परीक्षा देते थे अब वो घटकर 20% के करीब रह गए हैं.

Budget 2024: सैलरी क्लास को बजट में मिल सकता है तोहफा, हो सकता है टैक्स छूट का ऐलान

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Budget 2024: सैलरी क्लास को बजट में मिल सकता है तोहफा, हो सकता है टैक्स छूट का ऐलान

जट की तैयारियां हो चुकी हैं और 2024-25 का पूर्ण बजट इस महीने के आखिर तक पेश किया जा सकता है. उम्मीद की जा रही है कि इस बार बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सैलरी कलास को बड़ा तोहफा दे दें.

उनके लिए टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दें.

वित्त मंत्रालय में इस बात पर गहन विचार विमर्श किया गया है कि आम आदमी को टैक्स के बोझ से राहत कैसे दी जाए. इसके लिए सरकार अब बजट में मानक कटौती की लिमिट बढ़ाने का ऐलान कर सकती है.

न्यू टैक्स रिजीम बनेगा आकर्षक

सरकार देश में कंजप्शन को बढ़ावा देना चाहती है. इसलिए कुछ साल पहले न्यू टैक्स रिजीम को लॉन्च किया गया. जहां पुरानी टैक्स रिजीम बचत को बढ़ावा देने का लक्ष्य लेकर बनाई गई थी, वहीं नई टैक्स रिजीम में तमाम छूट को खत्म करके टैक्स छूट की सीमा बढ़ा दी गई.

पिछले साल बजट में सरकार ने न्यू टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन की सुविधा दी और टैक्स स्लैब में बदलाव किया. इससे न्यू टैक्स रिजीम में इफेक्टिव टैक्स फ्री इनकम 7.5 लाख रुपए की हो गई. इस बार उम्मीद की जा रही है कि सरकार न्यू टैक्स रिजीम में मानक कटौती के दायरे को और बढ़ा सकती है.

पुरानी टैक्स रिजीम में बदलाव नहीं

सरकार न्यू टैक्स रिजीम में ज्यादा से ज्यादा लोगों को शिफ्ट कराने पर फोकस कर रही है. इसलिए न्यू टैक्स रिजीम को आकर्षक बनाने की बात की जा रही है. जबकि पुरानी टैक्स रिजीम में कोई बदलाव नहीं होने की उम्मीद है.

टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार जहां एक तरफ न्यू टैक्स रिजीम को आकर्षक बनाने की बात कर रही है. वहीं कैपिटल गेन टैक्स सिस्टम के मैकेनिज्म की भी समीक्षा की जा रही है. अगर कैपिटल गेन टैक्स सिस्टम में बदलाव होता है, तो निश्चित तौर पर इसका लाभ ओल्ड टैक्स रिजीम के टैक्सपेयर्स को भी मिल सकता है.

रूस से जंग में यूक्रेन में सैनिकों की कमी, अब कैसे लड़ेगा जेलेंक्सी का देश?

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रूस से जंग में यूक्रेन में सैनिकों की कमी, अब कैसे लड़ेगा जेलेंक्सी का देश?

रूस और यूक्रेन के बीच जंग को 2 साल से ज्यादा वक्त हो चुके हैं. रूस ने यूक्रेन पर जब आक्रमण की शुरुआत की थी तब लगा था कि रूसी सेना थोड़े ही दिनों में इस जंग को जीत लेगी, लेकिन यूक्रेनी सैनिकों ने अमेरिका, नाटों की सैन्य मदद से इस लड़ाई को बड़ी ही बहादुरी के साथ लड़ा है.

रूसी सेना ने तीसरे साल में यूक्रेन के कई इलाकों पर अपना कब्जा जमा लिया है और यूक्रेन को अब सैनिकों की कमी का सामना करना पड़ रहा है.

नाटों की एक रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि यूक्रेन के पास सैनिकों की भारी कमी हो गई है. रिपोर्ट के मुताबिक देश के पास जंग के मैदान में महज 50 हजार से 70 हजार ही एक्टिव सोल्जर बचे हैं. वहीं रूस ने इस जंग में करीब 5 लाख सैनिकों को जंग में उतार रखा है. ये सैनिक यूक्रेन के इलाकों में तैनात है और लगातार आगे बढ़ रहे हैं.

दो लाख सैनिकों की जरूरत

जंग में रूस के सैनिकों की मौजूदगी यूक्रेनी सैनिकों से कई गुना ज्यादा है. इसके अलावा यूक्रेन के पास गोला बारूद की भी भारी कमी है. अमेरिका और कई यूरोपीय देशों ने यूक्रेन की इस मांग को पूरा करने की बात कही है. लेकिन रूस की विशाल सेना के मुकाबले सब नाकाफी पड़ रहा है. खबरों के मुताबिक को इस साल के अंत तक यूक्रेन को करीब 2 लाख सैनिकों की जरूरत है.

जबरन किया जा रहा फौज में शामिल

यूक्रेन सरकार इस कमी को पूरा करने के लिए आम नागरिकों को जबरदस्ती सेना में भर्ती कर रही है. सरकार ने सेना में भर्ती होने की उम्र 27 से घटाकर 25 साल कर दी है. फैसले के बाद एक 25 साल के यूक्रेनी नौजवान ने NBC से कहा कि मुझे अपने देश से प्यार है, मैं यूक्रेनी सेना को दान देता हूं. लेकिन दुर्भाग्य से सेना की फ्रंट लाइन में लड़ने के लिए बहुत तैयार नहीं हूं क्योंकि मेरे पास अनुभव नहीं है और मैं शायद किसी को मारने के लिए तैयार नहीं हूं, भले ही वह कोई रूसी ही क्यों न हो.