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द्विपक्षीय वार्ता” पीएम मोदी”  भारत-जापान के बीच नए अध्याय की शुरुआत’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम साने ताकाइची ने एक साझा प्रेस वार्ता की। इस दौरान भारत के पीएम ने दोनों देशों की साझेदारी को और सुदृढ़ करने का संकल्प दिखाया।

पीएम ताकाइची को प्रधानमंत्री ने छोटी बहन कह कर संबोधित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वागत करते हुए कहा, “भारत-जापान शिखर सम्मेलन के लिए छोटी बहन प्रधानमंत्री ताकाइची का भारत में अपनी पहली यात्रा पर स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री भी हैं और एक दूरदर्शी और लोकप्रिय नेता भी हैं। प्रधानमंत्री ताकाइची और मेरा विश्वास है कि टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप हमारे सहयोग का सबसे मजबूत स्तंभ बनेगी। इसी विजन को साकार करने के लिए, आज एआई के क्षेत्र में हमने एक ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी किया है।”

भारत के पीएम ने आगे कहा, “ताकाइची नारा प्रीफेक्चर से आती हैं, जो साझा बौद्ध विरासत का केंद्र है। जी7 में मैंने कहा था कि उथल पुथल के माहौल में यह एक वैश्विक स्ट्रेटजिक एसेट है। भारत-जापान की साझेदारी इस कसौटी पर खरी उतरती है। पिछले कई दशकों में ऑटोमोटिव से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक में जापान ने भारत की ग्रोथ स्टोरी का अहम हिस्सेदार बनकर दोस्ती और विश्वास की एक अमूल्य पूंजी बनाई है। आज ताकाइची की यात्रा से हम अपनी स्पेशल स्ट्रेटजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप के नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं।”

पीएम ने दोनों ही देशों को आर्थिक तौर पर काफी मजबूत बताते हुए आगे कहा, कि आज भारत और जापान दोनों ही विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में से हैं।एक स्वतंत्र, समृद्ध और नियम आधारित इंडो पैसिफिक हमारी साझा प्राथमिकता है।

प्रधानमंत्री ने तकनीकी क्षेत्र में हो रहे निवेश की चर्चा की। आगे कहा, “जापान की प्रीसिजन टेक्नोलॉजी और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमता का संगम वैश्विक एआई विकास को नई गति और शक्ति देगा। डिफेंस के क्षेत्र में आज हमने भारत और जापान के पहले को-डेव्लेपमेंट प्रोजेक्ट पर समझौता किया है। भारत और जापान की निवेशक के तौर पर साझेदारी निरंतर सुदृढ हो रही है। पिछले 1 वर्ष में करीब 120 नए व्यावसायिक समझौते हुए हैं, जिनसे भारत में 10 बिलियन डॉलर से अधिक जापानी निवेश आएगा।”

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की।

दोनों नेताओं के बीच निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, सप्लाई चेन, समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। यह बैठक 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है। इससे पहले राष्ट्रपति भवन में ताकाइची का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

साने ताकाइची प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार भारत आई हैं। तीन दिवसीय दौरे के दौरान वह इंडिया-जापान बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगी, जहां दोनों देशों के बीच निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर फोकस रहेगा।

पश्चिम बंगाल विधानसभा सदस्यों के लिए शुक्रवार से दो दिवसीय कार्यक्रम, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला करेंगे उद्घाटन…

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शुक्रवार को कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी, केंद्रीय संसदीय व अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी और अन्य सदस्य उद्घाटन सत्र में हिस्सा लेंगे। पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथींद्र बोस स्वागत भाषण देंगे और पश्चिम बंगाल सरकार के संसदीय कार्य मंत्री शंकर घोष धन्यवाद प्रस्ताव पेश करेंगे।

दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम के दौरान विधायी कार्य के प्रमुख आयामों पर केंद्रित तकनीकी सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इनमें ‘एक प्रभावी विधायक कैसे बनें; सदस्यों के लिए संसदीय परंपराएं, परिपाटी और शिष्टाचार’, ‘विधानमंडलों में प्रश्नों और अन्य प्रक्रियात्मक साधनों के माध्यम से कार्यपालिका की उत्तरदायित्व सुनिश्चित करना’, ‘भारतीय संसद की समिति प्रणाली’, ‘निजी सदस्य विधेयकों सहित विधायी प्रक्रिया’, ‘संसद में वित्तीय कार्य एवं बजटीय प्रक्रिया’, ‘संसदीय विशेषाधिकार और आचारनीति’ के साथ-साथ ‘राष्ट्रीय ई-विधान अनुप्रयोग (नेवा)’ विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इन सत्रों की अध्यक्षता और संबोधन अलग-अलग राज्यों के विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारियों, संसद सदस्यों, संवैधानिक विशेषज्ञों और देशभर के वरिष्ठ संसदीय विशेषज्ञों की ओर से किया जाएगा। इस कार्यक्रम से विचारों और सर्वोत्तम कार्य-पद्धतियों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ प्रतिभागियों की विधायी प्रक्रियाओं, संसदीय संस्थाओं व लोकतांत्रिक शासन के संबंध में समझ को और सुदृढ़ किए जाने की अपेक्षा है।

प्रबोधन कार्यक्रम का समापन 4 जुलाई को पश्चिम बंगाल विधानसभा के ऐतिहासिक सदन कक्ष में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि के समापन संबोधन के साथ होगा। इस सत्र को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, हरियाणा के राज्यपाल आशीम कुमार घोष, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष रथींद्र बोस संबोधित करेंगे।

इस कार्यक्रम का आयोजन लोकसभा सचिवालय के पार्लियामेंटरी रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसीज (प्राइड) की ओर से पश्चिम बंगाल विधानसभा के सहयोग से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नवनिर्वाचित सदस्यों को संसदीय और विधायी कार्यप्रणाली के अलग-अलग पहलुओं, जिनमें समिति प्रणाली, वित्तीय पर्यवेक्षण, संसदीय विशेषाधिकार व विधानमंडलों में डिजिटल पहलों का समावेश है, से परिचित कराना है। यह कार्यक्रम विधायकों, पीठासीन अधिकारियों और संसदीय विशेषज्ञों के बीच संवाद, विचार-विमर्श और अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए भी एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराएगा।

महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों और मुंबई महानगर क्षेत्र में बुधवार और गुरुवार को हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित…

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महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों और मुंबई महानगर क्षेत्र में बुधवार और गुरुवार को हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

इस बारिश के कारण गंभीर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिसके चलते प्रशासन ने आवश्यक कदम उठाए हैं। पनवेल, उरण, पालघर और रायगढ़ के स्थानीय निकायों ने सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा की है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में जलजमाव की स्थिति सामान्य होने के बाद ही कक्षाएं फिर से शुरू की जाएंगी.

स्कूलों की स्थिति

जहां उपनगरों और आसपास के जिलों में स्कूल बंद रहे, वहीं बृहन्मुंबई नगर निगम, नवी मुंबई नगर निगम, कल्याण-डोंबिवली नगर निगम और ठाणे नगर निगम के स्कूल खुले रहे। इन नगर निकायों ने स्कूल बंद करने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं दिया, लेकिन छात्रों की उपस्थिति सामान्य से काफी कम रही।

यातायात पर असर

भारी बारिश के कारण मुंबई और उसके उपनगरों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। वर्ली, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, जोगेश्वरी, मुंब्रा और नवी मुंबई के कई प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया है, जिससे वाहनों की गति रुक गई है.

लोकल ट्रेन और हवाई सेवाओं पर असर

मुंबई की लोकल ट्रेन सेवा भी बारिश से प्रभावित हुई है। हार्बर लाइन पर एक ओवरहेड तार टूटने के कारण ट्रेनों की आवाजाही में भारी देरी हुई, जिससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, खराब मौसम के कारण मुंबई आ रही तीन उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा, लेकिन बाद में मौसम में सुधार होने पर वे सुरक्षित मुंबई लौट आईं.

बारिश का रिकॉर्ड

बृहन्मुंबई नगर निगम द्वारा शाम 6 बजे जारी की गई मॉनसून रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई के विभिन्न हिस्सों में बारिश का स्तर असमान लेकिन भारी रहा। कोलाबा वेधशाला ने सुबह 8.30 से शाम 5.30 बजे के बीच 30 मिमी बारिश दर्ज की, जबकि सांताक्रूज़ में यह आंकड़ा 108 मिमी तक पहुंच गया.

जलभराव और मौसम का अलर्ट

गुरुवार दोपहर को समुद्र में आई 4.16 मीटर ऊंची लहरों और भारी बारिश के कारण स्थिति और गंभीर हो गई। अंधेरी, सांताक्रूज़, खार, बांद्रा, कुर्ला, विक्रोली, पवई, घाटकोपर, भांडुप और मुलुंड जैसे निचले इलाकों से जलभराव की सबसे ज्यादा शिकायतें मिलीं। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए मुंबई और उसके उपनगरों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया है। प्रशासन ने नागरिकों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है.

 ” रूस की ऊर्जा संकट और भारत की भूमिका” “रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच नई रणनीतिक साझेदारी…”

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रूस की ऊर्जा संकट और भारत की भूमिका

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष का सबसे बड़ा प्रभाव अब रूस की ऊर्जा प्रणाली पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। यूक्रेन के निरंतर ड्रोन हमलों ने रूस की कई तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा संरचनाओं को गंभीर नुकसान पहुँचाया है। इसके परिणामस्वरूप, रूस के विभिन्न क्षेत्रों में पेट्रोल की कमी, लंबी कतारें और ईंधन वितरण पर नियंत्रण जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो गई हैं। इस स्थिति में, भारत ने एक विश्वसनीय मित्र और रणनीतिक साझेदार के रूप में रूस को तुरंत पेट्रोल की आपूर्ति शुरू कर दी है.

पेट्रोल की आपूर्ति और आयात योजनाएँ

सूत्रों के अनुसार, भारत ने समुद्री मार्ग से रूस को कम से कम साठ हजार टन पेट्रोल भेजा है। दो बड़े टैंकर, जिनमें तीस से चालीस हजार टन ईंधन है, पहले ही रवाना हो चुके हैं। जानकारी के अनुसार, रूस भविष्य में हर महीने लगभग चार लाख टन पेट्रोल विभिन्न देशों से आयात करने की योजना बना रहा है, जिसमें भारत और बेलारूस की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.

रूस की रिफाइनिंग क्षमता पर प्रभाव

यूक्रेन के हमलों ने रूस की लगभग एक तिहाई रिफाइनिंग क्षमता को प्रभावित किया है। कई रिफाइनरियों में आग लगने और उत्पादन ठप होने के कारण ईंधन की आपूर्ति बाधित हुई है। जून में, रूस का पेट्रोल उत्पादन सत्रह प्रतिशत तक गिर गया। गर्मियों में पेट्रोल और डीजल की मांग में तेजी आती है, विशेषकर कृषि क्षेत्र में, जिससे ईंधन संकट ने प्रशासन के लिए नई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं.

पेट्रोल पंपों पर स्थिति

रूस के कई क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई स्थानों पर पेट्रोल की बिक्री सीमित कर दी गई है। सोशल मीडिया पर लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी स्वीकार किया है कि यूक्रेनी हमलों के कारण कुछ क्षेत्रों में समस्याएँ उत्पन्न हुई हैं, लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया है कि स्थिति को नियंत्रित किया जा रहा है.

भारत की ऊर्जा क्षमता और रणनीतिक संतुलन

इस पूरे घटनाक्रम में भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। जून में, भारत ने रूस से रिकॉर्ड स्तर पर कच्चा तेल खरीदा, जिसमें प्रतिदिन लगभग सत्ताईस लाख बैरल रूसी तेल का आयात शामिल है। भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी पचास प्रतिशत से अधिक हो गई है। अब भारत उसी तेल को रिफाइन करके रूस को पेट्रोल के रूप में भेज रहा है, जो भारत की ऊर्जा क्षमता और रिफाइनिंग ताकत का स्पष्ट उदाहरण है.

भारत की स्वतंत्र विदेश नीति

इसका सामरिक महत्व और भी बढ़ गया है। पश्चिमी प्रतिबंधों और युद्ध के दबाव के बीच, भारत ने अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को बनाए रखा है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार निर्णय लेगा और अपने मित्र देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखेगा. यही कारण है कि आज रूस और भारत की साझेदारी केवल तेल व्यापार तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह वैश्विक राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनती जा रही है.

रक्षा क्षेत्र में सहयोग

रक्षा क्षेत्र में भी इसी साझेदारी की ताकत दिखाई दे रही है। भारत और रूस की संयुक्त कंपनी ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने संकेत दिया है कि यदि रूस चाहे तो उसे ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की आपूर्ति की जा सकती है। यह बयान अंतरराष्ट्रीय रक्षा जगत में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

ब्रह्मोस मिसाइल की क्षमताएँ

ब्रह्मोस दुनिया की सबसे घातक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक मानी जाती है। इसकी मारक क्षमता चार सौ पचास किलोमीटर से अधिक है, जबकि कुछ संस्करण आठ सौ किलोमीटर तक वार करने में सक्षम हैं। यह मिसाइल विभिन्न प्लेटफार्मों से दागी जा सकती है, और इसकी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली और लक्ष्य भेदन क्षमता इसे बेहद खतरनाक बनाती है.

रूस की रुचि

रूस अब ब्रह्मोस के उन आधुनिक संस्करणों को खरीदने में रुचि दिखा रहा है जिन्हें भारत ने उन्नत किया है। यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस ने बड़ी संख्या में सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया है, जिससे अतिरिक्त उत्पादन क्षमता और आधुनिक मिसाइल प्रणाली रूस के लिए रणनीतिक रूप से उपयोगी साबित हो सकती है.

भारत की वैश्विक पहचान

इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट होता है कि आधुनिक युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि ऊर्जा ढांचे और आर्थिक क्षमता पर भी लड़े जाते हैं। भारत ने यह साबित किया है कि मजबूत अर्थव्यवस्था, उन्नत रक्षा तकनीक और संतुलित कूटनीति किसी भी देश को वैश्विक शक्ति केंद्र बना सकती है.

भारत का समर्थन

मोदी अपने दोस्तों का साथ देने के लिए जाने जाते हैं, और जैसे ही रूस पर संकट आया, भारत ने तुरंत उसके साथ मजबूती से खड़ा होने का निर्णय लिया। यह उस भरोसे का प्रमाण है जिसने भारत और रूस की मित्रता को दशकों तक मजबूत बनाए रखा है. भारत ने हर मोर्चे पर अपनी भूमिका निभाई है, चाहे वह रिकॉर्ड स्तर पर तेल खरीदना हो या रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देना हो.

” भारत का उपभोक्ता बाजार वैश्विक निवेशकों.. उत्पादन और तकनीकी संचालन का विस्तार…” 

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भारत का उपभोक्ता बाजार और वैश्विक निवेश

भारत का उपभोक्ता बाजार वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रहा है, जिससे बहुराष्ट्रीय और घरेलू कंपनियाँ अपने उत्पादन और तकनीकी संचालन का विस्तार कर रही हैं। अगले दो वर्षों में, प्रमुख ब्रांडों द्वारा लगभग 5,000 नई नौकरियों का सृजन होने की उम्मीद है, क्योंकि वे देश भर में नए उत्पादन केंद्र और वैश्विक क्षमता केंद्र (GCCs) स्थापित कर रहे हैं। यह भर्ती का दौर तब हो रहा है जब कई विदेशी बाजारों में वृद्धि धीमी है, जो भारत को दीर्घकालिक निवेश के लिए महत्वपूर्ण बनाता है। खाद्य और पेय, व्यक्तिगत देखभाल, स्वास्थ्य सेवा, उपभोक्ता वस्त्र और औद्योगिक निर्माण जैसे क्षेत्रों की कंपनियाँ इंजीनियरिंग, तकनीक, उत्पादन, डिजिटल और कॉर्पोरेट कार्यों में भर्ती बढ़ा रही हैं।

पेप्सिको ने उज्जैन में एक पेय स्वाद निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए 1,266 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है। इस नए संयंत्र से लगभग 500 प्रत्यक्ष नौकरियाँ सृजित होने की उम्मीद है और यह भारत में कंपनी का दूसरा स्वाद निर्माण इकाई होगा। पेप्सिको के अंतरराष्ट्रीय पेय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूजीन विलेम्सन ने कहा, “भारत हमारे लिए वैश्विक स्तर पर एक रणनीतिक विकास बाजार बना हुआ है।”

कैरीयर ग्लोबल भी भारत में अपने संचालन का विस्तार कर रहा है। कंपनी श्री सिटी में अपने नए 100 मिलियन डॉलर के उत्पादन संयंत्र के लिए 1,500 कर्मचारियों की भर्ती करने की योजना बना रही है। यह संयंत्र कैरीयर की व्यापक विस्तार रणनीति का हिस्सा है।

हेलियन, जो पहले GSK कंज्यूमर हेल्थकेयर के नाम से जाना जाता था, मध्य प्रदेश में एक नए उत्पादन इकाई में 2,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है। इस संयंत्र से लगभग 500 प्रत्यक्ष नौकरियाँ सृजित होने की उम्मीद है।

GCC का विस्तार और कुशल प्रतिभा की मांग

भारत में वैश्विक क्षमता केंद्रों में भी नए निवेश हो रहे हैं। मैकडॉनल्ड्स और लोरियल अपने आगामी GCCs के लिए भर्ती कर रहे हैं, जबकि कार्ल्सबर्ग और डाबर अपने डिजिटल संचालन का विस्तार कर रहे हैं। लोरियल का हैदराबाद में पहला वैश्विक तकनीकी केंद्र इस क्षेत्र में सबसे बड़े निवेशों में से एक है। 3,500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ, यह केंद्र 2030 तक लगभग 2,000 कुशल नौकरियाँ सृजित करने की उम्मीद है।

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि GCCs अब आकर्षक करियर गंतव्य बनते जा रहे हैं क्योंकि कंपनियाँ अपनी भारतीय टीमों को अधिक वैश्विक जिम्मेदारियाँ सौंप रही हैं।

स्थानीय मांग निवेश को समर्थन देती है

कार्यकारी अधिकारियों का मानना है कि भारत की मजबूत उपभोक्ता मांग नए निवेशों को उचित ठहराती है, भले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता हो। कई नए संयंत्र न केवल घरेलू ग्राहकों की सेवा करेंगे बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों को भी लक्षित करेंगे।

कैरीयर ग्लोबल के सीईओ डेविड गिटलिन ने कहा, “जब आप उन क्षेत्रों को देखते हैं जिनमें हम विशेष रूप से रुचि रखते हैं, तो मुझे विश्वास नहीं होता कि आने वाले दशक में कोई ऐसा वर्ष होगा जिसमें हम भारत में कम से कम दो अंकों की वृद्धि नहीं करेंगे।”

इस बीच, डाबर तमिलनाडु में अपने ग्रीनफील्ड उत्पादन संयंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है, जिससे लगभग 250 लोगों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

हाल ही में HSBC के खरीद प्रबंधक सूचकांक (PMI) सर्वेक्षण ने भी संकेत दिया कि भारत के निजी क्षेत्र की वृद्धि जून में धीमी हुई, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियाँ दीर्घकालिक औसत से काफी ऊपर बनी रहीं, जो मजबूत घरेलू मांग और बेहतर उत्पादन स्थितियों द्वारा समर्थित हैं।

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पहले टी20 मैच रद्द…

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भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे पहले टी20 मैच को बारिश के कारण पूरा नहीं किया जा सका, जिसके चलते इसे रद्द करना पड़ा। लगातार बारिश और खराब मौसम ने खेल को प्रभावित किया, और अंततः अंपायरों ने इसे बेनतीजा घोषित कर दिया।

हालांकि मैच का कोई परिणाम नहीं निकला, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने पहले ही शानदार खेल दिखाकर दर्शकों का मनोरंजन किया। श्रेयस अय्यर और अभिषेक शर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी ने फैंस का दिल जीत लिया। दोनों ने शुरुआती ओवरों में इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए तेजी से रन बनाए।

श्रेयस अय्यर ने अपनी क्लासिक स्ट्रोक प्ले और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण पेश किया, जबकि अभिषेक शर्मा ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए रनगति को बनाए रखा। इन दोनों के बीच की साझेदारी ने भारतीय पारी को मजबूत शुरुआत दी और टीम को एक अच्छी स्थिति में पहुंचाया।

बारिश के कारण मैच कई बार रुका, लेकिन मौसम में सुधार न होने के कारण खेल को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। दर्शकों को पूरा मुकाबला देखने का मौका नहीं मिला, जिससे क्रिकेट प्रेमियों में निराशा देखने को मिली।

टीम इंडिया के लिए यह मुकाबला भले ही बिना परिणाम के समाप्त हुआ हो, लेकिन बल्लेबाजी में दिखाया गया आक्रामक रुख आगामी मैचों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। टीम प्रबंधन भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आया।

अब सभी की नजरें सीरीज के अगले मुकाबलों पर हैं, जहां दोनों टीमें बेहतर मौसम में खेल दिखाने की कोशिश करेंगी। उम्मीद है कि अगले मैचों में दर्शकों को पूरा रोमांच देखने को मिलेगा।

” भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम…”

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भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाईची ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक की।

इस मुलाकात में व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

राष्ट्रपति भवन में जापान की प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया गया, जो दोनों देशों के बीच मजबूत कूटनीतिक रिश्तों का प्रतीक है। यह बैठक भारत-जापान विशेष रणनीतिक साझेदारी के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बैठक के दौरान, दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग को और गहरा करने, तकनीकी साझेदारी को बढ़ाने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने पर विचार किया। इसके अलावा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल टेक्नोलॉजी और ऊर्जा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की गई।

भारत और जापान के संबंध हाल के वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं, और यह बैठक उसी दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देश आर्थिक साझेदारी के साथ-साथ रक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रयासरत हैं।

कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की उच्चस्तरीय मुलाकातें न केवल दोनों देशों के बीच विश्वास को मजबूत करती हैं, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

हालांकि इस बैठक के विस्तृत आधिकारिक बिंदु अभी तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन यह माना जा रहा है कि भारत और जापान आने वाले समय में कई नए समझौतों और सहयोग परियोजनाओं की घोषणा कर सकते हैं।

इस मुलाकात के परिणामों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि भारत और जापान दोनों ही वैश्विक मंच पर तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाएं और रणनीतिक साझेदार के रूप में देखे जाते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रमुख कंपनी OpenAI ने अमेरिकी सरकार को 5 प्रतिशत हिस्सेदारी देने पर विचार…

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रमुख कंपनी OpenAI ने अमेरिकी सरकार को 5 प्रतिशत हिस्सेदारी देने पर विचार किया है, जैसा कि एक रिपोर्ट में बताया गया है।

” यह प्रस्ताव उस समय आया है जब एआई कंपनियों पर उन्नत एआई मॉडलों के दुरुपयोग को लेकर गंभीर जांच हो रही है, जिससे सार्वजनिक जीवन पर संभावित प्रभाव बढ़ रहा है।”

“इस मुद्दे ने उद्योग के लाभ और नैतिकता के बीच बहस को भी तेज कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, OpenAI ने यह तर्क दिया है कि यदि जनता को कंपनी में वित्तीय हिस्सेदारी दी जाती है, तो अमेरिकी नागरिक एआई से होने वाले आर्थिक लाभों में भाग ले सकेंगे। प्रारंभिक अध्ययन बताते हैं कि यह संभावित हिस्सेदारी लगभग 42.6 अरब डॉलर की होगी, क्योंकि एआई कंपनी का हालिया मूल्यांकन लगभग 852 अरब डॉलर है।”‘

“सैम आल्टमैन के नेतृत्व में OpenAI का यह कदम वाशिंगटन में बढ़ते राजनीतिक दबाव को कम करने के लिए है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रस्ताव अमेरिकी सरकार के हितों के साथ मेल खाता है और जांच को एक साथ संबोधित करता है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी सरकार को 5 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव यह स्पष्ट करता है कि सभी अमेरिकी नागरिक एआई के विकास से लाभान्वित होंगे, न कि केवल कुछ एआई उद्योग के नेता। एआई कंपनियों को सुरक्षा, गलत सूचना, नौकरी छिनने और बाजार के संकेंद्रण जैसे जोखिमों पर बढ़ते सवालों का सामना करना पड़ रहा है। यह प्रस्ताव सुनिश्चित करेगा कि उद्योग अमेरिकी सरकार के साथ काम करने के लिए तैयार है और पूरी प्रणाली या ढांचे को दरकिनार नहीं करेगा। यह नया प्रस्ताव पहले की चर्चाओं पर आधारित है, जिसमें कहा गया था कि जनता को एआई के विकास से लाभ मिलना चाहिए। अप्रैल 2026 में, OpenAI ने एक ‘पब्लिक वेल्थ फंड’ का प्रस्ताव रखा था, जिसका उद्देश्य एआई कंपनियों से जुड़े संपत्तियों को धारण करना और आर्थिक लाभों का वितरण करना था। हालांकि, यह पहली बार है जब यह घोषणा की गई है कि OpenAI ने सीधे अमेरिकी सरकार को 5 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का सुझाव दिया है।'”

cg “प्रभावित किसानों को ऋण वितरण शुरू, 2,391 किसानों को मिला 5.81 करोड़ रुपये का खरीफ ऋण”

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” प्रभावित किसानों को ऋण वितरण शुरू, 2,391 किसानों को मिला 5.81 करोड़ रुपये का खरीफ ऋण कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम के विशेष प्रयासों से हुआ संभव”

कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम के विशेष प्रयासों से हुआ संभव”

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर की वित्तीय अनियमितताओं से प्रभावित किसानों को राहत प्रदान करते हुए खरीफ ऋण वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार की त्वरित पहल से अब किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक ऋण एवं कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह सब  कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के विशेष प्रयासों से संभव हुआ है ।

4,533 किसानों के लिए 111 करोड़ रुपये की ॠण सीमा

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित अंबिकापुर द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, बलरामपुर जिले की चार प्रभावित समितियों के अंतर्गत 4,533 किसानों के लिए 11098.269 लाख रुपये (लगभग 111 करोड़ रुपये) की एनसीएल (ऋण सीमा) स्वीकृत की गई है। इसमें शंकरगढ़ क्षेत्र के 1,542 किसानों के लिए 163.66 करोड़ रुपये, रामानुजगंज क्षेत्र के 1,502 किसानों के लिए 153.13 करोड़ रुपये, रामचंद्रपुर क्षेत्र के 1,320 किसानों के लिए 146.91 करोड़ रुपये तथा कुसमी क्षेत्र के 169 किसानों के लिए 24.62 करोड़ रुपये की ऋण सीमा स्वीकृत की गई है।

2,391 किसानों को 5 करोड़ 81 लाख 65 हजार रुपये का खरीफ ऋण वितरित

खरीफ ऋण वितरण भी तेजी से प्रारंभ कर दिया गया है। अब तक 2,391 किसानों को 5 करोड़ 81 लाख 65 हजार रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है। इसमें रामानुजगंज के 1,575 किसानों को 4.83 करोड़ रुपये, शंकरगढ़ के 659 किसानों को 78.02 लाख रुपये तथा कुसमी के 157 किसानों को 19.61 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया है।

गौरतलब है कि वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान हुई वित्तीय अनियमितताओं के कारण प्रभावित किसानों को समय पर ऋण, खाद एवं बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहे थे। राज्य सरकार ने मामले में दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की है तथा जांच जारी है।

किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता

कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि  किसानों के हितों की रक्षा  हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावित किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराकर खरीफ सीजन की बुवाई को गति देने के साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी किसान को कृषि कार्यों के लिए वित्तीय संसाधनों की कमी का सामना न करना पड़े।

“रिमझिम फुहारों के बीच सादगी और आत्मीयता से मना खाद्य मंत्री दयालदास बघेल का जन्मोत्सव विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने दी शुभकामनाएं, रक्तदान शिविर में 80 यूनिट रक्त संग्रह”

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“रिमझिम फुहारों के बीच सादगी और आत्मीयता से मना खाद्य मंत्री दयालदास बघेल का जन्मोत्सव”

“विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने दी शुभकामनाएं, रक्तदान शिविर में 80 यूनिट रक्त संग्रह”

प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा सतनामी समाज के वरिष्ठ नेता श्री दयालदास बघेल का जन्मोत्सव मंगलवार को उनके गृहग्राम कुंरा में रिमझिम फुहारों के बीच उत्साह, आत्मीयता और जनसहभागिता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अनेक मंत्री, सांसद, विधायक और जनप्रतिनिधियों ने उनके निवास पहुंचकर जन्मदिन की शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

जन्मोत्सव में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, समाजजनों, पार्टी कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। शुभचिंतकों ने मंत्री श्री बघेल को लड्डुओं से तौलकर उनका अभिनंदन किया तथा उपस्थित लोगों के बीच मिठाइयों का वितरण किया। इस अवसर पर सत्य, पवित्रता और सामाजिक समरसता के प्रतीक के रूप में सफेद रंग का विशेष केक भी काटा गया।

सेवा और सामाजिक सरोकारों को समर्पित इस अवसर पर युवाओं द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 80 यूनिट रक्तदान किया। रक्तदान शिविर को समाज सेवा और मानवता के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण बताया गया।

जन्मोत्सव के अवसर पर आबकारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री विजय बघेल, विधायक श्री धर्मलाल कौशिक, श्री संपत अग्रवाल, श्री ईश्वर साहू, श्री दीपेन्द्र साहू, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, सामाजिक पदाधिकारी, , ग्रामीण एवं समाजजन उपस्थित थे।

इस अवसर पर सभी अतिथियों ने मंत्री श्री दयालदास बघेल के स्वस्थ, दीर्घायु एवं सफल सार्वजनिक जीवन की कामना करते हुए उनके सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों की सराहना की।