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छत्तीसगढ़ : आज नौतपा का चौथा दिन है और राजधानी रायपुर समेत प्रदेशभर के जिलों में तेज धूप के साथ भीषण गर्मी…

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छत्तीसगढ़ : आज नौतपा का चौथा दिन है और राजधानी रायपुर समेत प्रदेशभर के जिलों में तेज धूप के साथ भीषण गर्मी…

आज नौतपा का चौथा दिन है और राजधानी रायपुर समेत प्रदेशभर के जिलों में तेज धूप के साथ भीषण गर्मी पड़ रही है। इसी क्रम में इस महीने के आखिरी तक रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग में लू की संभावना है। आज नौतपा का चौथा दिन है और राजधानी रायपुर समेत प्रदेशभर के जिलों में तेज धूप के साथ भीषण गर्मी पड़ रही है। इसी क्रम में इस महीने के आखिरी तक रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग में लू की संभावना है। साथ अधिकतम तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सोमवार को प्रदेश में सबसे गर्म बेमेतरा जिला रहा है, मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 28 से 30 में तक छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के कई जिलों में एक दो जगह पर ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति बनने की संभावना है। यानी कि इन संभागों के कुछ जिलों में लू के हालात बने रहेंगे। आने वाले चार दिनों तक प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। प्रदेश के मुंगेली, बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, महासमुंद और रायगढ़ जिला में अधिकतम तापमान 42 डिग्री से पार हो गया है। इन जिलों में लू की संभावना बने रहेगी। मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले 31 में तक प्रदेश में तापमान में कोई गिरावट की संभावना नहीं है साथ ही मौसम शुष्क रहेगा और लू चलने की संभावना है। सोमवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बेमेतरा में 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है वही सबसे कम न्यूनतम तापमान बलरामपुर में 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। आज राजधानी रायपुर में सुबह से तेज धूप है। यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ : बेमेतेरा के पिरदा में बारूद फैक्ट्री में धमाके के मामले में कांग्रेस ने उठाए सरकार पर गंभीर सवाल, तीन दिन बाद भी नहीं हुई FIR…

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बेमेतरा जिले की बेरला तहसील के पिरदा गांव में स्थित स्‍पेशल ब्‍लास्‍ट फैक्ट्री में हुए हादसे के 72 घंटे बाद किसी भी जिम्मेदार पर एफआइआर दर्ज नहीं की गई है। इस पर पूर्व मंत्री भूपेश बघेल ने सरकार ने पांच सवाल पूछते हुए हादसे के आरोपितों को बचाने का आरोप लगाया है।

बेमेतेरा के पिरदा में बारूद फैक्ट्री में धमाके के मामले में कांग्रेस ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विपक्ष ने कहा है कि राजधानी से महज 22 किमी. दूर गांव में फैक्ट्री में धमाके से लोगों के शरीर के चिथड़े उड़ गए। प्रशासन को अब तक गायब लोगों की जानकारी नहीं मिल पाई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाए हैं। आखिरकार उन्हें पहुंचने में देरी क्यों हो रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से कहा है कि बेमेतरा में नौ लोगों की मौत के बाद भी अभी तक एक भी एफआइआर दर्ज नहीं की गई है। यह गंभीर सवाल है। घटना के 72 घंटे बाद भी एफआइआर दर्ज नहीं है। दोषियों को किसका संरक्षण मिल रहा है। अब तक कितने मजदूर लापता है। इसकी जानकारी भी प्रशासन को नहीं है।

बेमेतरा ब्लास्ट: किसकी “गारंटी” और किसके “सुशासन” में गुनेहगारों को संरक्षण दिया जा रहा है? सत्ता के किस करीबी को बचाने का प्रयास?

जवाब तो देना होगा-

1. 48 घंटे बाद भी घटना की अब तक FIR क्यों नहीं?

2. क्या प्रशासन ने फैक्ट्री प्रबंधन से पूछा है कि घटना वाले दिन कितने मजदूर वहां…

पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने उठाएं यह सवाल

1. घटना के 72 घंटे बाद भी अब तक एफआइआर क्यों नहीं?

2. क्या प्रशासन ने फैक्ट्री प्रबंधन से पूछा है कि घटना वाले दिन कितने मजदूर काम पर गए थे?

3. अब तक कितने मजदूर लापता हैं, क्योंकि प्रशासन के नौ लोगों के दावे को ग्रामीण नकार रहे हैं।

4. क्षमता से अधिक रखी विस्फोटक सामग्री को क्यों निकाला जा रहा है? जांच में विस्फोटक सामग्री की मात्रा क्या दर्ज की जाएगी?

5. प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को जो मुआवज़ा देने की घोषणा की है उसे लेने से ग्रामीणों ने इंकार कर दिया है। क्या प्रशासन मुआवजा बढ़ाएगा?

बेमेतरा हादसे की गंभीरता से जांच करें सरकार: कांग्रेस

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि धमाके से लोगों के शरीर के चिथड़े उड़ गए, लेकिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अभी तक घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाए हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह गंभीर घटना है। सरकार को गंभीरता से इसकी जांच करनी चाहिए, लेकिन अब तक यह गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है।

प्रदेशभर के उद्योगों की होगी जांच

इधर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने विस्फोटकों व बारूदों का प्रयोग करने वाले प्रदेशभर के उद्योगों की जांच करने के निर्देश उद्योग विभाग को दिए हैं। उद्योग मंत्री ने मुख्यमंत्री से बेमेतरा के औद्योगिक हादसे पर चर्चा की। मंत्री ने बताया कि उद्योग व्यवस्था में सुरक्षा के साथ कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। शासन द्वारा अधिकारियों को पूरा अधिकार दिया गया है ताकि वे सुरक्षा मानकों का नियमित जांच कर सके।

राजनंदगांव : सातवें और अंतिम चरण के चुनाव में नौ राज्यों की 57 सीटों पर 1 जून को चुनाव होंगे।

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राजनंदगांव : लोकसभा चुनाव के परिणाम आने में अब कुछ ही दिन शेष बचा है। सातवें और अंतिम चरण के चुनाव में नौ राज्यों की 57 सीटों पर 1 जून को चुनाव होंगे। इसी के साथ लोकसभा चुनाव संपन्न हो जाएंगे। वहीं अब तक 486 सीटों पर शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न हो गए हैं। जिसके बाद एक ओर जहां नेता अपने-अपने हार जीत का हिसाब लगा रहे हैं देश के अलग-अलग राज्यों में हार जीत का अनुमान लगाया”

राजनांदगांव लोकसभा सीट पर 71.76 प्रतिशत हुआ मतदान

इस अनुमान के बाद अब स्थानीय सट्टा बाजार की भविष्यवाणी भी राजनीतिक नेताओं में खलबली मचा दी है। फलोदी की तरह राजनांदगांव सियासी दलों के नेताओं के रातों की नींद उड़ा दी है। देखना बेहद दिलचस्प होगा कि राजनांदगांव के सियासी अखाड़े में जीत ​किस पार्टी के नेता की होती है।

राजनांदगांव का अनुमान बता रहे हैं। इन दावों की न पुष्टि करते हैं और न ही इसे प्रोत्साहित करते हैं। यह सिर्फ अनुमानों पर आ​धारित है। देखते हैं राजनांदगांव सीट पर जनता ने किस पर अपना भरोसा जताया है…

बीजेपी और कांग्रेस में तगड़ा मुकाबला : कांग्रेस ने राजनांदगांव सीट में जीत दर्ज करने के लिए राहुल गांधी ने इस बार नया दांव खेला है। पार्टी आलाकमान ने राजनांदगांव सीट से इस बार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उम्मीदवार बनाया।

इधर बीजेपी ने एक बार फिर संतोष पांडेय पर भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट दिया है। दोनों ने खूब प्रचार प्रसार किए हैं.. ऐसे में देखना बेहद दिलचस्प होगा कि बीजेपी के गढ़ में क्या कांग्रेस कमाल कर पाएगी। इससे पहले सट्टा बाजार के अनुमान ने कांग्रेस नेताओं में खलबली मचा दी है। यहां तगड़ी फाइट होगी और जीत का आंकड़ा बेहद कम होगा।

खत्म हो सकता है करियर : बताया है कि राजनांदगांव लोकसभा सीट में कांग्रेस की हार हो रही है। वहीं संतोष पांडेय एक बार फिर जीत हासिल कर रहे हैं। वहीं जीत का यह अंतर ज्यादा नहीं होगा।

यह दावे कितने सच साबित होंगे हैं यह तो 4 जून को ही पता चलेगा। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की बुरी हार का दावा किया है। अगर यह अनुमान सच साबित होता है तो भूपेश बघेल की राजनीतिक करियर पर बड़ा अघात लग सकता है। संभवता: उनका राजनीतिक करियर भी खतरे में आ सकता है।

2019 में 1.11 लाख वोटों से बीजेपी को मिली थी जीत…

साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार संतोष पांडे ने ( Phalodi Satta Market ) इस सीट पर 1.11 लाख वोटों से जीत हासिल की थी। बीजेपी ने इस बार भी यहां से संतोष पांडे को टिकट दिया है। यहां 1999 से उनकी ही पार्टी (2007 के उपचुनाव को छोड़ कर) जीतती रही है।

1999 से पांच बार जीती है बीजेपी
साल विजेता पार्टी
1999 रमन सिंह बीजेपी
2004 प्रदीप गांधी बीजेपी
2007 (उपचुनाव) देवव्रत सिंह कांग्रेस
2009 मधुसूदन यादव बीजेपी
2014 अभिषेक सिंह बीजेपी
2019 संतोष पांडे बीजेपी

Employees Regularization: 7 लाख कर्मचारियों की चुनाव परिणाम पर टिकी निगाहें, कर्मचारियों की ये हैं मांग…

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Employees Regularization: 7 लाख कर्मचारियों की चुनाव परिणाम पर टिकी निगाहें, कर्मचारियों की ये हैं मांग…

Employees Regularization: आचार संहिता हटने के बाद कमेटी किस गति से काम कर सरकार को रिपोर्ट सौंपती है, इस पर प्रदेशभर के लाखों अनियमित कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई हैं।

लंबे अरसे से नियमितिकरण के लिए संघर्षरत छत्तीसगढ़ के लाखों कर्मचारियों को भाजपा सरकार से बड़ी उमीदें हैं। साय सरकार ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के पहले कमेटी का गठन कर दिया था, अब आचार संहिता हटने के बाद कमेटी किस गति से काम कर सरकार को रिपोर्ट सौंपती है, इस पर प्रदेशभर के लाखों अनियमित कर्मचारियों की निगाहें टिकी हुई हैं।

माना जा रहा है कि प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी आचार संहिता के बाद इस मामले में जरूर कुछ न कुछ एक्शन लेगी। शासन द्वारा गठित कमेटी का अध्यक्ष निहारिका बारिक प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी को बनाया गया है। जबकि, सदस्य के रूप में प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी विभाग, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, सचिव वित्त विभाग और सचिव सामान्य प्रशासन विभाग (शासकीय कर्मचारी कल्याण शाखा) शामिल हैं।

Employees Regularization: यहां हैं सबसे अधिक अनियमित कर्मचारी
शासन के विभिन्न विभागों में थोक के भाव में हजारों कर्मचारी आउटसोर्सिंग (प्लेसमेंट), सेवा प्रदाता, ठेका, जॉबदर, संविदा, दैनिक वेतनभोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर पर कार्यरत श्रमिक, मानदेय, अशंकालिक, पृथक अनियमित कर्मचारी तैनात हैं। जानकारी के अनुसार, शासन के सभी विभागों को मिलाकर प्रदेश में सात लाख से अधिक अनियमित कर्मचारी तैनात हैं। सबसे अधिक अनियमित कर्मचारियों की संया नगरीय निकाय, वन विभाग, पुलिस, ऊर्जा, कृषि, पंचायत विभाग में हैं।
कई बार कर चुके हैं धरना- प्रदर्शन विभिन्न विभागों में तैनात कर्मचारियों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर कांग्रेस सरकार में कई बार आंदोलन, धरना-प्रदर्शन कर चुके हैं। इसके अलावा, मंत्रियों, विधायकों और शासन के आला अधिकारियों तक को ज्ञापन सौंप चुके हैं।

Employees Regularization: कर्मचारियों की ये हैं मांग.

प्रशिक्षित गौसेवक, मैत्री 1200
मीटर रीडर 6000
कैपा सुरक्षा श्रमिक 29
आयुष योग प्रशिक्षक 182
पंचायत भृत्य 5000
पंचायत कंप्यूटर ऑपरेटर 5654
किसान मित्र 9254
स्कूल सफाई कर्मी 43301
मध्याह्न रसोइया 87025
मितानिन 72240
आंगनबाड़ी /मिनी कार्यकर्त्ता 52474
आंगनबाड़ी सहायिका 46660
राजस्व ग्राम अधिकारी (पटेल) 16000
स्वछता दीदी 9000
बिहान कैडर 115632
(पेपोइंट, बीसी सखी ) डिजिटल महिला 5000
बहुउद्देशीय पुनर्वास सहायक कार्यकर्त्ता 28
दिव्यांग कार्यकर्ता 1600
पृथक अनियमित कर्मचारी- 39934

दैनिक वेतनभोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर, संविदा, समतुल्य मानदेय/ जॉबदर (न्यूनतम वेतन/ संविदा दर तुल्य) पर कार्यरत कर्मचारियों को तत्काल नियमित/ स्थायीकरण किया जाए। जॉबदर में कार्यरत कर्मचारियों को मासिक न्यूनतम वेतन पर समायोजित किया जाए तथा नियत अवधि में नियमितीकरण/ स्थायीकरण हो।

न्यूनतम मानदेय कर्मचारियों को एक नियत अवधि में नियमितीकरण/ स्थायीकरण किया जाए। विगत वर्षों में निकाले और छंटनी किए गए अनियमित कर्मचारियों को पुन: बहाल किया जाए। अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन किया जाए तथा एक नियत अवधि में नियमितीकरण/ स्थायीकरण किया जाए। आउटसोर्सिंग (प्लेसमेंट) के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को विभाग में समायोजित पश्चात् एक नियत अवधि में नियमितीकरण/ स्थायीकरण किया जाए। ठेका/समिति के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को विभाग में समायोजित कर, एक नियत अवधि में नियमितीकरण/ स्थायीकरण किया जाए। सेवा प्रदाता के रूप में कार्यरत कर्मचारियों को विभाग में समायोजित कर, एक नियत अवधि के भीतर नियमितीकरण/ स्थायीकरण किया जाए।

धरना-प्रदर्शन के दौरान अनियमित कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमा को शून्य किया जाए।

प्लेसमेंट (आउटसोर्सिंग)-40615
ठेका/सेवा प्रदाता-30946
मानदेय-44654
जॉब दर-6832
अंशकालीन-5831
दे.वे.भो./कलेक्टर दर/ श्रमायुक्त दर श्रमिक-31821
संविदा-49935

Employees Regularization

Employees Regularization: सिर्फ दिखावे के लिए न हो कमेटी
कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए शासन द्वारा गठित कमेटी की बैठक आचार संहिता हटने के बाद होगी। इसके बाद कर्मचारी संघों के पदाधिकारियों से भी उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी। इसके बाद कमेटी द्वारा रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। – निहारिका बारिक, प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सामान कार्य करने के बावजूद ये नियमित कर्मचारी से आधे से कम वेतन में कार्य करने को विवश हैं। जनवरी 2014 एवं मार्च 2019 में भी शासन द्वारा कमेटी गठित की गई थी, लेकिन कमेटी की कोई अनुशंसा प्रकाश में नहीं आई। इससे प्रदेश के अनियमित कर्मचारियों को आशंका है कि यह कमेटी भी दिखावा मात्र का न हो।

Price Hike : छत्‍तीसगढ़ में महंगी होगी बिजली, CSPDCL कर रहा दरों में 20 प्रतिशत वृद्धि की तैयारी…

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Price Hike : छत्‍तीसगढ़ में महंगी होगी बिजली, CSPDCL कर रहा दरों में 20 प्रतिशत वृद्धि की तैयारी…

चुनावी आचार संहिता खत्म होते ही कई सेक्टर में बिजली का झटका लगने वाला है। राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रस्ताव व जनसुनवाई के बाद राज्य विद्युत नियामक आयोग अगले महीने नई दरें जारी कर सकता है। चुनावी साल की वजह से बीते वर्ष नहीं लागू की गई थी बिजली की नई दरें, राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने दिया 20 प्रतिशत तक टैरिफ में वृद्धि का प्रस्ताव, संगठनों ने विभाग से लाइन लास कम करने की रणनीति बनाने की मांग की.

चुनावी आचार संहिता खत्म होते ही कई सेक्टर में बिजली का झटका लगने वाला है। राज्य विद्युत वितरण कंपनी के प्रस्ताव व जनसुनवाई के बाद राज्य विद्युत नियामक आयोग अगले महीने नई दरें जारी कर सकता है। राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने 4,420 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय की जरूरत बताते हुए 20 प्रतिशत तक टैरिफ में वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। वितरण कंपनी की हर साल लाइन लास, बिजली चोरी के बाद राजस्व को हो रहे नुकसान का आंकड़ा लगभग 3,000 करोड़ रुपये है। बिजली की नई दरों में घरेलू उपभोक्ताओं पर कम,वहीं व्यवसायिक उपभोक्ताओं पर ज्यादा भार आने की संभावना है।

बिजली की नई दरें लागू होने से उद्योग-व्यापार क्षेत्र में दिखेगा असर

चुनावी साल की वजह से बीते वर्ष बिजली की नई दरें लागू नहीं की गई थीं, लेकिन इस बार नई दरें लागू करने की तैयारी है। इसका असर ज्यादातर उद्योग-व्यापार क्षेत्र में आ सकता है। उद्योगपतियों ने जनसुनवाई में अपना पक्ष रखा है। संगठनों की मांग है कि विभाग को पहले लाइन लास कम करने की रणनीति बनानी चाहिए, ताकि विद्युत दरें बढ़ाने की आवश्यकता ना पड़े। बिजली दरें बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने कहा, राज्य विद्युत वितरण कंपनी से प्राप्त सुझावों के आधार पर जनसुनवाई हो चुकी है। बिजली की नई दरें अगले महीने जारी हो सकती है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के एमडी आरके शुक्ला ने कहा, लाइन लास को रोकने के लिए लगातार काम जारी है। केंद्र सरकार की वितरण क्षेत्र में सुधार योजना के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में युद्धस्तर पर काम हो रहा है। आने वाले समय में हम लाइन लास काफी कम कर लेंगे। छत्तीसगढ़ विद्युत उपभोक्ता महासंघ के अध्यक्ष श्याम काबरा ने कहा, प्रदेश में लाइन लास 16 से 18 प्रतिशत हैं, वहीं गुजरात में यह तीन प्रतिशत के करीब है। हमने सुझाव दिया है कि कि कई ऐसे तरीके हैं, जिनका अनुपालन करते हुए वितरण राजस्व में नुकसान को कम कर सकते हैं। प्रदेश के कुछ क्षेत्र में 50 प्रतिशत तक लाइन लास है। घाटे की भरपाई टैरिफ दरें ही बढ़ाकर करना उचित नहीं है।

65 लाख बिजली उपभोक्ता, जनसुनवाई में 65 भी नहीं पहुंचे

प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 65 लाख हैं,लेकिन बिजली की नई दरें तय करने के लिए विद्युत नियामक आयोग की जनसुनवाई में 65 उपभोक्ता भी नहीं पहुंचे। विशेषज्ञों का कहना है कि नियामक आयोग की जनसुनवाई इससे पहले प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित होती थी, जिसमें जनसमुदाय जुड़ते थे, लेकिन 2012 से इसे बंद कर दिया गया। जनसुनवाई में सुझावों के लिए आनलाइन विकल्प भी उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए। इसका विपरीत प्रभाव यह हो रहा है कि टैरिफ दरों में सीएसपीडीएल के प्रस्तावों पर ही नियामक आयोग मुहर लगा रहा है। इसी आधार पर बिजली की दरें घोषित हो रही हैं।

छत्तीसगढ़ : लोकसभा आम निर्वाचन-2024 के तहत डाक मतपत्रों की गणना 11 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के मुख्यालय जिलों में सम्पन्न होगी।

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छत्तीसगढ़ : लोकसभा आम निर्वाचन-2024 के तहत डाक मतपत्रों की गणना 11 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के मुख्यालय जिलों में सम्पन्न होगी।

लोकसभा आम निर्वाचन-2024 के तहत मतगणना 4 जून 2024 को होगी। मतगणना के दौरान ईवीएम में दर्ज वोटों के साथ ही डाक मतपत्रों की भी गणना की जाएगी।

डाक मतपत्रों की गणना 11 संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के संबंधित रिटर्निंग अधिकारी के मुख्यालय जिलों में सम्पन्न होगी। इसके लिए सभी संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों में अन्य संबंधित जिलों से डाक मतपत्रों का परिवहन रिटर्निंग अधिकारी के मुख्यालय जिलों में पूर्ण कर लिया गया है।

छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि प्रदेश में 25 मई की स्थिति में कुल 41 हजार 877 डाक मतपत्र प्राप्त हो चुके हैं। इनमें निर्वाचन ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों-अधिकारियों के सुविधा केन्द्रों से अंतिम रूप से प्राप्त कुल 26 हजार 936 डाक मतपत्र, होम वोटिंग के अंतर्गत 85 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के मतदाताओं से प्राप्त कुल 2 हजार 761 और दिव्यांगजनों के कुल 1 हजार 453 डाक मतपत्र तथा अनिवार्य सेवा श्रेणी के 779 डाक मतपत्र भी शामिल हैं।

इनके साथ ही सेवा मतदाताओं को जारी किए गए ईटीपीबी डाक के माध्यम से प्रत्येक दिवस प्राप्त हो रहे हैं और 25 मई की स्थिति में कुल 9 हजार 948 ईटीपीबी प्राप्त हो चुके हैं। डाक विभाग के माध्यम से ईटीपीबी की प्राप्ति मतगणना दिवस 4 जून को मतगणना प्रारम्भ होने के पूर्व तक की जाएगी।

इस हेतु मतगणना स्थल में डाक विभाग के प्रतिनिधि की ओर से प्रातः 8 बजे के पूर्व तक प्राप्त सभी ईटीपीबी डिलीवर किए जाएंगे। मतगणना स्थल में प्रवेश के लिए डाक विभाग के प्रतिनिधि को आईडी कार्ड/पास जारी किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि डाक मतपत्रों की गणना 11 रिटर्निंग अधिकारियों के मुख्यालय जिलों में 4 जून को प्रातः 8 बजे से प्रारम्भ हो जाएगी।

इसके लिए आवश्यक व्यवस्था एवं तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। डाक मतपत्रों को जिला मुख्यालयों में ट्रेज़री स्थित स्ट्रांग-रूम में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ रखा गया है। मतगणना दिवस को इन मतपेटियों का परिवहन प्रातः 6 बजे निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों/उनके प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सम्पूर्ण सुरक्षा के साथ काउंटिंग सेण्टर में किया जाएगा। इन 11 जिलों में डाक मतपत्रों की मतगणना 8 बजे प्रारम्भ होने के आधे घंटे बाद अर्थात साढ़े 8 बजे से ईवीएम के मतों की गणना प्रारम्भ की जाएगी। इन 11 मुख्यालय जिलों को छोड़कर शेष 22 जिलों में 8 बजे से ही ईवीएम में दर्ज मतों की गणना प्रारम्भ कर दी जाएगी।

11 संसदीय क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों के मुख्यालय जिलों में डाक मतपत्रों की गणना के लिए पृथक से काउंटिंग हॉल तैयार किए गए हैं, जिसमें एक टेबल में अधिकतम 500 डाक मतपत्रों की गणना की जाएगी। काउंटिंग हेतु प्रत्येक टेबल के लिए एक-एक अतिरिक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारी भी अधिसूचित किए गए हैं। डाक मतपत्रों की गणना हेतु प्रत्येक टेबल में एक एएआरओ के साथ एक मतगणना पर्यवेक्षक, दो मतगणना सहायकों एवं एक माइक्रो आब्जर्वर की भी नियुक्ति की जाएगी।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्राप्त डाक मतपत्रों की जानकारी प्रत्येक दिवस सभी निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को जिला स्तर पर प्रदान की जा रही है।

लोकसभा आम निर्वाचन में प्रथम चरण के मतदान अंतर्गत बस्तर लोकसभा क्षेत्र में विभिन्न श्रेणी के मतदाताओं से कुल 3 हजार 264 डाक मतपत्र प्राप्त हुए हैं। वहीं द्वितीय चरण के मतदान अंतर्गत राजनांदगांव, महासमुंद और कांकेर लोकसभा क्षेत्रों से क्रमशः 1 हजार 568, 4 हजार 242 और 6 हजार 326 डाक मतपत्र अब तक प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में तृतीय चरण में मतदान अंतर्गत सरगुजा लोकसभा क्षेत्र से 2 हजार 440 डाक मतपत्र, रायगढ़ से 3 हजार 585, जांजगीर-चांपा से 5 हजार 682, कोरबा से 2 हजार 789, बिलासपुर से 3 हजार 607, दुर्ग से 3 हजार 525 और रायपुर लोकसभा क्षेत्र से 4 हजार 849 डाक मतपत्र प्राप्त हुए हैं।

छत्तीसगढ़ : कोयला घोटाला मामला सौम्या चौरसिया को नहीं मिली HC‌ से अंतरिम जमानत, EOW ने फिर किया‌ कोर्ट में पेश…

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छत्तीसगढ़ : कोयला घोटाला मामला सौम्या चौरसिया को नहीं मिली HC‌ से अंतरिम जमानत, EOW ने फिर किया‌ कोर्ट में पेश…

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला मामले को लेकर हाईकोर्ट ने सौम्या की अंतरिम जमानत को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज रानू साहू और सौम्या चौरसिया को कोर्ट में पेश किया गया है।

छत्तीसगढ़ में चर्चित शराब घोटाले मामले को लेकर आज बिलासपुर हाई कोर्ट ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल की उपसचिव रही सौम्या चौरसिया की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने सौम्या चौरसिया की अर्जी को खारिज करते हुए अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।

इसके साथ ही मामले में परिवर्तन निदेशालय को नोटिस भी जारी किया गया है, जिसमें कई जवाब भी मांगे गए हैं। वहीं कैसे की अगली सुनवाई ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद यानी 10 जून के बाद होना तय किया गया है।‌

हाईकोर्ट में सौम्या चौरसिया की तरफ से पैरवी कर रहे एडवोकेट हर्षवर्धन ने सौम्या चौरसिया को अपने बच्चों की परवरिश के आधार पर कोर्ट से जमानत मांगी। जिस पर जस्टिस एनके व्यास ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। इसके साथ ही ईडी को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है।

आज कोर्ट में पेशी : वही छत्तीसगढ़ में कोयला घोटाला मामले को लेकर अब EOW लगातार जांच कर रही है। जिसे लेकर बीते दिनों निलंबित आईएएस रानू साहू और सौम्या चौरसिया को रिमाइंड में लेकर पूछताछ की गई थी। चार दिनों की रिमांड पूरी होने के बाद आज दोपहर रायपुर के स्पेशल कोर्ट में उन्हें पेश किया जाएगा। जहां से EOW की टीम फिर से आज दोनों की रिमांड लेने की कोशिश करेगी।

रानू और सौम्या के भाई से की गई पूछताछ : EOW ने कोयला घोटाला मामले को लेकर रानू साहू और सौम्या चौरसिया के भाई से पूछताछ की जा चुकी है। EOW ने रानू साहू के भाई पीयूष साहू और सौम्या चौरसिया के भाई अनुराग चौरसिया से पूछताछ की है। इस पूछताछ में जमीन संबंधित दस्तावेजों की चर्चा है। जानकारी के मुताबिक कोयले घोटाले से अर्जित पैसे से कई जगह जमीन और संपत्ति खरीदी गई है।

छत्तीसगढ़ : बलरामपुर में बजरंग दल के नेता और एक युवती की हत्या का एक मामला…

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छत्तीसगढ़ : बलरामपुर में बजरंग दल के नेता और एक युवती की हत्या का एक मामला…

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में बजरंग दल के नेता और एक युवती की हत्या का एक मामला सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि रोड किनारे यह दोनों की लाश मिली है। जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर में बजरंग दल के जिला सह संयोजक और एक युवती की संदिग्ध हालत में लाश मिली है। दोनों शव आस-पास जंगल में पड़े हुए थे।

वारदात की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच में जुट गई है। वहीं दूसरी ओर घटना के विरोध में व्यापारियों ने शहर बंद कर दिया है। आशंका जताई जा रही है कि युवक-युवती की हत्या प्रेम प्रसंग के चलते हुई है। यह पूरा मामला बलरामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम डुमरखी जंगल का है।

जानकरी के अनुसार सोमवार की सुबह बजरंग दल के सह संयोजक सुजीत सोनी जिसकी उम्र 25 वर्ष और किरण काशी उम्र 20 वर्ष नाम की युवती का शव डुमरखी ढाबे से करीब 100 मीटर दूर जंगल में संदिग्ध हालत में मिला है। दोनों की हत्या कर बलरामपुर-अंबिकापुर मुख्यमार्ग NH-343 किनारे शवों को फेंक दिया गया। दोनों के गले और हाथ में निशान मिले हैं। बताया जा रहा है कि हत्या करने के बाद युवक-युवकी की लाश की जलने की कोशिश की गई है। फ़िलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। लेकिन पुलिस ने आशंका जताई है की दोनों की हत्या प्रेम प्रसंग की वजह से हुई है।

बजरंग दल के सह संयोजक सुजीत सोनी व्यवसायी परिवार से है और युवती कॉलेज की छात्रा है। वहीं इस घटना के बाद व्यापारियों में काफी आक्रोश है। उन्होंने अपनी दुकाने बंद कर शहर के चांदो चौक पर चक्काजाम कर दिया है। बलरामपुर एसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में दोनों की हत्या की गई है। दोनों के गले और हाथ में निशान मिले हैं। अंबिकापुर से FSL की टीम बलरामपुर पहुंच रही है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बलरामपुर थाना प्रभारी नरेंद्र त्रिपाठी की टीम मौके पर पहुंची।

युवक ने हत्या से पहले लगाया था स्टेटस : मृतक सुजीत सोनी परिजनों ने बताया कि शाम को घर से निकला था और वापस नहीं लौटा। उसके मोबाइल पर कई बार फोन किया गया, लेकिन जवाब नहीं मिला। युवक की स्कूटी भी घटनास्थल के पास मिली है। युवक का मोबाइल भी शव के पास मिला है। वहीं युवक ने अपनी हत्या से 20 घंटे पहले फोन पर स्टेटस लगाया था। जिसमें उसने लिखा था कि जब ऊपर वाले का हाथ हो सर पर तो नीचे वालों से क्या डरना।

छत्तीसगढ़ : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने EVM को लेकर सवाल खड़ा किया है।

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छत्तीसगढ़ : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने EVM को लेकर सवाल खड़ा किया है। दूसरी ओर भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि…

छत्तीसगढ़ में ईवीएम पर सवाल-जवाब और बवाल जमकर हो रहा है। देश में लोकसभा चुनाव को लेकर 4 जून को परिणाम आने वाले हैं।‌

लोकसभा चुनाव के परिणाम से पहले छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने EVM को लेकर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग को इस शंका का समाधान करना चाहिए।

वहीं सुप्रीम कोर्ट के वकीलों ने पीआईएल दाखिल करके इसकी मांग की थी। दूसरी तरफ इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता अरुण साव ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के साथ ही कांग्रेस ने हार का बहाना भी ढूंढना शुरू कर दिया है।

साव ने कहा कि अंतिम चरण में विपक्षी गठबंधन का सफाया होता दिख रहा है। इसके साथ ही EVM पर प्रश्न चिन्ह उठाने को लेकर कहा कि न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया कि ईवीएम में छेड़छाड़ नहीं हुई है।

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी लगातार हार का बहाना ढूंढ रहे हैं। इसलिए यह लोग ईवीएम का सहारा ले रहे हैं।‌

दीपक बैज के भाजपा नेता और पीएम मोदी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं के बयान को लेकर साव ने कहा कि मानसिक स्थिति तो विपक्ष के दलों की खराब हो गई है। इसीलिए जो मुद्दे जनता के बीच नहीं है उन्हें भी लाने की कोशिश कर रहे हैं। अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस की ही मानसिक स्थिति खराब है।

नक्सलवाद को लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस ने 5 साल में नक्सलियों को छत्तीसगढ़ में पालने पोसने का काम किया है। अब छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार आने के बाद कार्रवाई हो रही है तो यह लोग अलग-अलग तरह का भ्रम फैला रहे हैं। साव ने कहा कि प्रदेश की जनता सब देख रही है यही वजह है कि आज कांग्रेस हाशिए पर पहुंच चुकी है।

राजनांदगांव : कार सवार तीन बदमाशों ने एक पेट्रोल पंप के मैनेजर से करीब 114 लाख से ज्यादा रकम लेकर फरार, आरोपियों की तलाश जारी…

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राजनांदगांव : कार सवार तीन बदमाशों ने एक पेट्रोल पंप के मैनेजर से करीब 114 लाख से ज्यादा रकम लेकर फरार, आरोपियों की तलाश जारी…

वारदात की खबर जैसे ही पुलिस तक पहुंची, नेशनल हाईवे के अलावा आसपास के प्रमुख रास्तों में नाकेबंदी कर दी गई। मामले में पुलिस नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। कार में सवार तीन लोगों ने मैनेजर पर हमला कर दिया। बैग में रखे 14 लाख से ज्यादा रकम लेकर फरार हो गए। सोमवार को नेशनल हाईवे स्थित ग्राम चिचोला के पार कार सवार तीन बदमाशों ने एक पेट्रोल पंप के मैनेजर के साथ मारपीट कर 14 लाख रुपये लूट लिए। सीसीटीवी फुटेज में एक सफेद रंग की कार कैद हुई है। मामले में पुलिस नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। बता दें कि सोमवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे घोरतलाव स्थित मारूति फ्यूल के मैनेजर राजाराम विश्नोई 14 लाख रुपए बैंक में जमा करने के लिए बाइक से राजनांदगांव निकले थे। जैसे ही वे चिचोला से लगभग 5 किमी दूर झंडातालाब-भरकाटोला के बीच स्थित एक बायो डीजल पंप के पास पहुंचे। तभी पीछे से आ रही एक ब्रेजा कार में सवार तीन लोगों ने मैनेजर पर हमला कर दिया और बैग में रखे 14 लाख से ज्यादा रकम लेकर फरार हो गए। वारदात की खबर जैसे ही पुलिस तक पहुंची, नेशनल हाईवे के अलावा आसपास के प्रमुख रास्तों में नाकेबंदी कर दी गई। वहीं आईजी दीपक झा ने पूरे मामले की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए हैं।