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Diabetes में फायदेमंद परवल! करती है कंट्रोल ब्लड शुगर, मिलते हैं 5 फायदे…

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Parwal Benefits In Diabetes: आजकल बाजार में हरी-हरी परवल (Parwal) की सब्जी आपको आसानी से मिल जाएगी। ज्यादातर इसे ड्राई या ग्रेवी बनाकर खाना पसंद करते हैं। कुछ लोग परवल को पटल भी बोलते हैं।

परवल में भरपूर विटामिन ए, बी1, बी2 और सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है। परवल की सब्जी डायबिटीज मरीजों के लिए भी गुणकारी मानी जाती है। इसे खाने से ब्लड शुगर को कम करने में हेल्प मिलती है। चलिए जान लेते हैं हरी परवल के फायदे क्या-क्या है?

परवल, जिसे ट्रीचौसंथेस डाइओका (Trichosanthes Dioica) भी बोला जाता है, जो डायबिटीज वालों के लिए बहुत लाभदायक है। इसे खाने से ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। परवल में कई पोषक तत्व होते हैं जो डायबिटीज के मरीजों के लिए खासकर उपयोगी हो सकते हैं। आइए जानते हैं परवल के फायदे..

ब्लड शुगर कंट्रोल

परवल में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है जो डाइजेशन प्रोसेस को स्लो करती है और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद करती है। यह इंसुलिन सेंसिटिविटी को भी बेहतर करता है, जिससे डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।

वजन घटाने में मददगार

परवल कैलोरी में कम और फाइबर में हाई होता है, जिससे यह वजन घटाने में मददगार होता है। वजन कंट्रोल करने से ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना आसान हो जाता है, जो डायबिटीज को मैनेज करता है।

एंटीऑक्सीडेंट गुण

परवल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे विटामिन सी और विटामिन ए शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाव करते हैं। इससे सेल्स को नुकसान से बचाया जा सकता है और शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत किया जा सकता है।

पाचन में सुधार

परवल में मौजूद फाइबर पाचन को सुधारता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में हेल्प करता है। एक हेल्दी पाचन तंत्र डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है।

दिल की सेहत

परवल में पोटेशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है। एक हेल्दी ब्लड प्रेशर दिल की बीमारियों के खतरे को कम कर सकता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए जरूरी है।

परवल को अलग-अलग तरीकों से खाया जा सकता है, जैसे कि सब्जी, सूप या सलाद के तौर पर खा सकते हैं। इसे रेगुलर डाइट में शामिल करके डायबिटीज के मरीज अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं।

जून में बंद रहेंगे शराब के ठेके, जानें कब-कब और क्यों?

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जून में बंद रहेंगे शराब के ठेके, जानें कब-कब और क्यों?

देश भर में चुनावी माहौल चल रहा है। लोकसभा चुनाव के अंतिम पड़ाव की वोटिंग 1 जून 2024 को होनी है। इस दौरान शराब के शौकीन लोगों के लिए भी एक बड़ी खबर है। जून की शुरुआत के साथ 7वें चरण की वोटिंग होने वाले राज्यों में सभी शराब के ठेके बंद रहेंगे।

अंतिम वोटिंग पड़ जाने के बाद 4 जून को लोकसभा चुनाव के रिजल्ट (Lok Sabha Election 2024 Result) आएंगे और इस दिन दिल्ली में शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी।

न देशी, न विदेशी

दिल्ली में देशी, विदेशी, वाइन और बीयर समेत अन्य तरह की कोई भी शराब नहीं मिलेगी। हालांकि, जून में कुछ खास अवसर होने पर ही शराब की दुकानें बंद रहने वाली हैं। आइए जानते हैं कब और क्यों दिल्ली एनसीआर में शराब के ठेके बंद रहेंगे।

दिल्ली में इतने दिन बंद रहेंगे ठेके

दिल्ली एनसीआर में जून के महीने में दो दिनों के लिए शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी। लोकसभा चुनाव के रिजल्ट के कारण 4 जून 2024 को दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम में शराब की दुकानें बंद रहने वाली हैं। राजधानी दिल्ली में ईद उल-अज़हा यानी बकरा ईद के अवसर पर शराब की सभी दुकानें बंद होंगी। 4 जून और 17 जून को दिल्ली में ड्राई डे होने के कारण शराब के ठेके बंद रहेंगे।

दिल्ली में 25 मई को 6वें चरण के दौरान लोकसभा चुनाव की वोटिंग हुई थी। इससे एक दिन पहले 24 मई की शाम को ही दिल्ली में सभी जगह शराब बिक्री बंद हो गई थी। वहीं, अब 4 जून को चुनाव के रिजल्ट के दौरान शराब के ठेके बंद रहेंगे। जबकि, 17 जून 2024 को बकरा ईद होने के कारण शराब की दुकानें बंद रहेंगी।

भारत में ड्राई डे कब होता है?

किसी खास अवसर या राष्ट्रीय छुट्टी होने पर सरकार की ओर से ड्राई डे की घोषणा की जाती है। अलग-अलग राज्य की सरकार द्वारा ड्राई डे की तारीख तय की जा सकती है। ड्राई डे पर शराब के ठेके बंद रहते हैं।

राहुल, ममता के बाद अब केजरीवाल ने भगवान वाले बयान पर पीएम मोदी पर कसा तंज…

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद अब दिल्ली के मुख्यमंत्री व आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘भगवान’ वाले बयान को लेकर तंज कसा है.

उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से सवाल किया है. AAP नेता ने पूछा है कि क्या वह पीएम मोदी को भगवान का अवतार मानता है, इसको लेकर वह अपना रुख स्पष्ट करे.

सीएम केजरीवाल ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, ‘2014 में मोदी जी ने कहा कि वे देश के प्रधान सेवक हैं. 2019 में उन्होंने कहा कि वे चौकीदार हैं. अब 2024 में मोदी जी कह रहे हैं कि वे अपनी मां की कोख से पैदा नहीं हुए हैं, बल्कि वे भगवान के अवतार हैं, उनकी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि भगवान जगन्नाथ जी भी मोदी जी के भक्त हैं. क्या RSS भी मानता है कि मोदी जी भगवान के अवतार हैं? RSS अपना रुख साफ करे.’

केजरीवाल ने संबित पात्रा के बयान पर साधा निशाना

बीजेपी के पुरी लोकसभा सीट से उम्मीदवार संबित पात्रा ने भगवान जगन्नाथ पर दिए बयान को लेकर कहा था कि उनकी जुबान फिसल गई थी. उन्होंने कहा था कि भगवान जगन्नाथ भी पीएम मोदी के भक्त हैं. जुबान फिसलने को लेकर पात्रा ने बिना शर्त माफी मांगी थी. उन्होंने कहा कि वह तीन दिनों तक उपवास करके प्रायश्चित करेंगे. बीजेपी नेता ने स्पष्ट किया था कि जुबान की फिसल गई थी और वह यह कहना चाहते थे कि प्रधानमंत्री भगवान जगन्नाथ के कट्टर ‘भक्त’ हैं. इसी बयान पर केजरीवाल ने निशाना साधा है.

इससे पहले सीएम ममता बनर्जी कहना था कि पीएम मोदी खुद को भगवान का बेटा कह रहे हैं. उन्होंने पीएम से पूछा था कि क्या भगवान एनआरसी के नाम पर लोगों को जेल भेजने के लिए भेजता है? भगवान ऐसी चीजें नहीं कर सकते हैं. वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बायोलॉजिकल वाले बयान पर सवाल उठाए.

पीएम मोदी ने दिया था ये बयान

पीएम मोदी ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था, ‘पहले जब मां जिंदा थीं तब मुझे लगता था कि शायद बायोलॉजिकल मुझे जन्म दिया गया है. मां के जाने के बाद इन सारे अनुभवों को मैं जोड़कर देखता हूं तो मैं कंवेंस हो चुका हूं… गलत हो सकता हूं… आलोचक, लेफ्ट लोग तो मेरी धज्जियां उड़ा देंगे, मेरे बाल नोच लेंगे… मैं कंवेंस हो चुका हूं कि परमात्मा ने मुझे भेजा है. ये ऊर्जा बायोलॉजिकल शरीर से नहीं मिली है, ये ऊर्जा, ईश्वर को मुझसे कुछ काम लेना है इसलिए मुझे विधा भी दी है, सामर्थ्य भी दिया है… और मैं कुछ नहीं हूं.’

Arvind Kejriwal : केजरीवाल को डॉक्टर्स ने दी PET-CT स्कैन की सलाह, AAP बोली- हो सकते हैं कैंसर के लक्षण, जानें मामला…

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Arvind Kejriwal : दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने देश की शीर्ष अदालत से कहा है कि उनकी अंतरिम जमानत को 7 दिन के लिए बढ़ाया जाए, क्योंकि उन्हें मेडिकल टेस्ट कराना है.

केजरीवाल ने अपनी याचिका में कहा है कि PET-CT स्कैन और अन्य मेडिकल टेस्ट करवाने के लिए उनकी अंतरिम जमानत को एक हफ्ते के लिए बढ़ा दिया जाए.

आम आदमी पार्टी का कहना है कि अरविंद केजरीवाल में जो लक्षण दिख रहे हैं, वो किडनी की गंभीर समस्या होने या कैंसर की ओर भी संकेत कर रहे हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च को अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में गिरफ्तार किया. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को दिल्ली सीएम को लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए 1 जून तक अंतरिम जमानत देने का फैसला किया. उन्हें 2 जून को सरेंडर करने का आदेश भी दिया गया.

केजरीवाल का नहीं बढ़ रहा वजन: आतिशी

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, आप नेता आतिशी ने कहा, “अरविंद केजरीवाल ने अपनी अंतरिम जमानत की अवधि 7 दिन बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. जब वह ईडी की न्यायिक हिरासत में थे तो उनका वजन 7 किलो घट गया था.” उन्होंने कहा, “अचानक वजन कम होना डॉक्टरों के लिए चिंता का विषय है. हिरासत से बाहर आने और मेडिकल निगरानी में रहने के बावजूद उनका दोबारा से वजन नहीं बढ़ रहा है.”

केजरीवाल का बढ़ गया कीटोन लेवल: आतिशी

आतिशी ने बताया कि दिल्ली सीएम के टेस्ट से पता चला है कि उनका कीटोन लेवल बहुत ज्यादा हाई हो गया है. उन्होंने कहा, “हाई कीटोन लेवल के साथ-साथ अचानक से वजन कम होना कई गंभीर बीमारियों का भी संकेत हो सकता है, जिसमें कैंसर के साथ-साथ किडनी को नुकसान होना भी शामिल है.” आतिशी ने बताया कि डॉक्टर्स ने केजरीवाल को सलाह दी है कि उन्हें पूरे शरीर का PET स्कैन और अन्य टेस्ट करवाने होंगे.

दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा, “ऐसी बीमारियों का जल्दी पता लगाना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि ये तेजी से बढ़ने वाली बीमारियां हैं. यही वजह है कि हमने 7 दिन की मोहलत मांगी है, ताकि केजरीवाल ये टेस्ट करा पाएं. साथ ही जो भी दवा शुरू करने की जरूरत हो वह शुरू कर सकें. फिर एक हफ्ते बाद 2 जून की बजाय 9 जून को वह सरेंडर करें.”

Lok Sabha Election: ‘BJP को 2019 जैसी सीटें नहीं मिल रहीं’, चुनाव विश्लेषक का ये दावा उड़ा देगा बीजेपी की नींद….

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Lok Sabha Election: ‘BJP को 2019 जैसी सीटें नहीं मिल रहीं’, चुनाव विश्लेषक का ये दावा उड़ा देगा बीजेपी की नींद….

लोकसभा चुनाव के लिए 6 चरण की वोटिंग हो चुकी है. आखिरी चरण का मतदान 1 जून को होना है. 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आएंगे. नतीजों से पहले चुनाव विश्लेषक संजय कुमार ने बड़ा दावा किया है.

उन्होंने दावा किया है कि बीजेपी के लिए इस बार का चुनाव 2024 की तरह नहीं है. इस बार बीजेपी को 2019 की तरह सीटें नहीं मिलती दिख रही हैं.

एक चैनल से बातचीत में संजय कुमार ने बताया, 2019 के चुनाव में नेशनल लहर थी. राष्ट्रवाद का मुद्दा था, बालाकोट था. लेकिन इस बार ऐसा कोई मुद्दा नहीं है. अलग अलग राज्यों में अलग अलग पार्टियों के पक्ष में माहौल दिखाई पड़ता है. माहौल के हिसाब से बीजेपी को 2019 की जैसी सीटें मिलती नहीं दिख रही हैं.

400 पार सिर्फ नारा- संजय कुमार

बीजेपी के 400 पार के टारगेट पर संजय कुमार ने कहा, 400 पार का सिर्फ नारा था और इस नारे के बारे में चर्चा नहीं करनी चाहिए. ऐसी कोई उम्मीद नहीं दिख रही कि 400 पार सीटें आएंगी. दूसरी बात है कि क्या बीजेपी 300 सीटें पार कर पाएगी? जिस तरह से हमने 6 दौर की वोटिंग देखी.कोई एक नेशनल मुद्दा नहीं है. हर दौर में मुद्दे बदलते रहे. संकेत बड़े साफ हैं 2024 के चुनाव और 2019 के चुनाव में बड़ा अंतर है.

प्रशांत किशोर और योगेंद्र यादव ने भी की भविष्यवाणी

लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले प्रशांत किशोर और योगेंद्र यादव ने भी भविष्यवाणी की है. पीके ने दावा किया है कि बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में आ रही है. प्रशांत किशोर ने कहा कि उन्हें लगता है कि बीजेपी पिछले बार के 303 सीटों के प्रदर्शन से इस बार बेहतर करेगी.

वहीं, योगेंद्र दावा ने इससे उलट दावा किया है. उनका दावा है कि 2019 की तुलना में बीजेपी को बड़ा नुकसान होता दिख रहा है. बीजेपी बहुमत के आंकड़े 272 तक भी नहीं पहुंच रही है. योगेंद्र यादव ने दावा किया कि इस बार बीजेपी 240 से 260 सीट सीटों पर जीत हासिल कर सकती है. जबकि भाजपा के सहयोगी दलों को चुनावों में 35 से 45 सीटें हासिल कर सकते हैं.

मानहानि केस: UP कोर्ट में आज पेश नहीं हुए राहुल गांधी…

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मानहानि केस: UP कोर्ट में आज पेश नहीं हुए राहुल गांधी…

कांग्रेस नेता राहुल गांधी मानहानि केस में सोमवार को यूपी की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश नहीं हुए. कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 7 जून को रखी है. बीजेपी नेता विजय मिश्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ 2018 में ये मानहानि केस दर्ज कराया था.

सीएम अरविंद केजरीवाल ने अंतरिम जमानत बढ़ाने के लिए SC में क्यों दाखिल की याचिका?

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सीएम अरविंद केजरीवाल ने अंतरिम जमानत बढ़ाने के लिए SC में क्यों दाखिल की याचिका?

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोमवार (27 मई) को अंतरिम जमानत बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की. इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य का हवाला दिया है. याचिका में कहा गया है कि उनका वजन सात किलो ग्राम तक कम हो गया है, ऐसे में कई और जांच की जरूरत है. दिल्ली सरकार में मंत्री और AAP की नेता आतिशी ने न्यूज़ एजेंसी पीटीआई से कहा, ”दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अंतरिम जमानत को 7 दिनों के लिए बढ़ाने के लिए याचिका दाखिल की है. जब अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई तो उनका एकदम से सात किलो वजन घट गया. वो वजन अब तक बढ़ा नहीं है. ये वजन क्यों घटा है, ये डॉक्टर को पता नहीं चला है. उन्होंने कई टेस्ट कराए हैं, जिसमें उनका किटोन लेवल बहुत उच्च है.”

‘कई और टेस्ट की जरूरत’

आतिशी ने कहा, ”वजन घटना और किटोन लेवल इतना अधिक आना, बहुत ही गंभीर बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं, ऐसा डॉक्टर्स का कहना है. ये किडणी में सीरियस प्रॉब्लम के लक्षण हो सकते हैं, यहां तक की कैंसर के भी लक्षण हो सकते हैं. इसलिए डॉक्टर्स का मानना है कि अरविंद केजरीवाल को बहुत सारे टेस्ट कराने की जरूरत है. इसलिए डॉक्टरों ने सुझाव दिया है कि उन्हें अपने पूरे शरीर का PET Scan और इस तरह के अन्य गंभीर परीक्षणों सहित कई तरह की जांच करवाने की आवश्यकता है.”

सीएम केजरीवाल को 2 जून को करना होगा सरेंडर

बता दें कि सीएम केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर प्रचार करने के लिए 21 दिन की अंतरिम जमानत दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि उन्हें दो जून को सरेंडर करना होगा. साथ ही सुप्रीम कोर्टने कहा था कि जमानत के दौरान अपने कार्यालय या दिल्ली सचिवालय नहीं जा सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, केजरीवाल किसी भी सरकारी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते हैं. अगर करना होगा तो इसके लिए उन्हें उपराज्यपाल की मंजूरी लेनी होगी. दिल्ली आबकारी नीति मामले में ईडी ने अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया था.

राजनांदगांव। जिला पंचायत सीईओ ने जिला-राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई तीनों जिले में किया दौरा…

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राजनांदगांव। जिला पंचायत सीईओ ने जिला-राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई तीनों जिले में किया दौरा…

कार्यों में गति लाने के दिए निर्देश, गंदगी पाये जाने पर तीन सचिवों पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई, ग्राम भंवरमरा के ऑक्सीजोन में स्वच्छता बनाये रखने हेतु सामुदायिक शौचालय निर्माण हेतु स्थल का किया गया चयन, हर ग्राम में करेंगे कचरा संग्रहण और बनाएंगे ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम.

जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह द्वारा जिला राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी एवं खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई तीनों जिले में कार्यों में गति एवं प्रगति लाने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों का निरन्तर दौरा एवं निरीक्षण किया जा रहा है।

इसी कड़ी में जिला पंचायत सीईओ ने विकासखण्ड जनपद पंचायत क्षेत्र राजनांदगांव एवं डोंगरगांव के ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर आकस्मिक निरीक्षण किया।

उन्होंने राजनांदगांव विकासखण्ड के ग्राम भंवरमरा के ऑक्सीजोन में स्वच्छता बनाये रखने हेतु सामुदायिक शौचालय निर्माण हेतु स्थल का चयन किया गया एवं कार्ययोजना के संबंध में ग्रामीणों से चर्चा की।

जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने ग्राम भोडिया में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ कराये जाने हेतु निर्देश दिए तथा ग्राम स्तर पर कचरे का ढेर पाये जाने पर ग्राम पंचायत सचिव के ऊपर 250 रूपए पंचायत राज अधिनियम के तहत जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई तथा भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति पाये जाने पर कठोर दण्डात्मक कार्रवाई हेतु सचेत किया गया।

जिला पंचायत सीईओ ने तालाब गहरीकरण का निरीक्षण किया। उन्होंने डोंगरगांव विकासखण्ड के ग्राम-खुर्सीपार में नाली से निकलने वाले ग्रेवाटर रोड में बहने के कारण तथा साफ-सफाई नहीं होने से गहरी नाराजगी व्यक्त की और ग्राम पंचायत सचिव पर तत्काल 250 रूपए का जुर्माना लगाने की कार्रवाई की।

उन्होंने ग्राम नदिया में अमृत सरोवर का निरीक्षण किया, जिसमें इनलेट एवं आउटलेट के सुधार एवं वृक्षारोपण की तैयारी हेतु निर्देश दिया। साथ ही गंदगी पाये जाने के कारण ग्राम पंचायत सचिव के ऊपर 250 रूपए का जुर्माना लगाने की कार्रवाई की गई। जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम भाखरी (रातापायली) का निरीक्षण किया गया । जहां उन्होंने वृक्षारोपण का अवलोकन किया। साथ ही गेप-फिलिंग की जगह पर वृक्ष लगाने हेतु निर्देश दिए।

जिला पंचायत सीईओ ने ग्राम किरगी में कचरा संग्रहण कर रहे स्वच्छागग्राहियों को और अच्छे से कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया। साथ ही ग्रामीण स्तर पर गंदगी पाये जाने पर ग्राम पंचायत सचिव के ऊपर 250 रूपए का जुर्माना लगाने की कारईवाई किया। उन्होंने ग्राम अमलीडीह में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केन्द्र का अवलोकन किया।

यहां एकत्र हो रहे प्लास्टिक के प्रसंस्करण, प्रबंध एवं उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की। प्लास्टिक अपशिष्ट के संग्रहण एवं प्रसंस्करण के प्रयास और अच्छे से करने हेतु निर्देश दिया गया। इस दौरान जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी तथा ग्रामवासी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ : विष्णुदेव साय सरकार प्रदेश में गौवंश अभ्यारण्य योजना ले कर आ रही है।, इस संदर्भ में कार्य योजना बनाने के आवश्यक निर्देश…

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छत्तीसगढ़ : विष्णुदेव साय सरकार प्रदेश में गौवंश अभ्यारण्य योजना ले कर आ रही है।, इस संदर्भ में कार्य योजना बनाने के आवश्यक निर्देश…

छत्तीसगढ़ सरकार सड़कों पर खुले में घूमने वाले मवेशियों को लेकर बड़ी योजना लाने जा रही है। मिली जानकारी के मुताबिक स्वामी विहीन गौवंशों की सुरक्षा एवं दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विष्णुदेव साय सरकार प्रदेश में गौवंश अभ्यारण्य योजना ले कर आ रही है। सीएम विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को इस संदर्भ में कार्य योजना बनाने के आवश्यक निर्देश दिए हैं।

छत्तीसगढ़ में पशुधन विकास विभाग, पंचायत, राजस्व एवं वन विभाग के समन्वय से गौवंश अभ्यारण्य संचालित करने की योजना है। इस योजना के क्रियान्वयन से सड़कों पर भूखे-प्यासे भटकने वाले गौवंश को न केवल नियमित आहार मिल सकेगा वरन् उनकी उचित देखभाल और चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध होगी। गौवंश अभ्यारण्य पशुधन के लिए उचित रहवासी वातावरण से परिपूर्ण होगा।

गौरतलब है कि सड़कों पर घूम रहे स्वामी विहीन पशुधन न केवल यातायात के लिए बाधा बन रहे हैं वरन् आए दिन दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं। भूख से बेहाल पशुधन द्वारा कूड़ा-कचरा एवं प्लास्टिक खाने से उनके स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। गौवंश अभ्यारण्य योजना इसे रोकने की दिशा में सकारात्मक कदम साबित होगी।

सीएम विष्णुदेव साय ने कहा है कि ठोस कार्ययोजना के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त, सेवा, सुरक्षा और संवर्धन का ध्येय वाक्य ले कर प्रदेश में स्वामी विहीन पशुधन के लिए गौवंश अभ्यारण्य की रूप रेखा बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। प्रस्तावित योजना लागू होने पर न केवल सड़कों पर भूखे-प्यासे भटकने वाले गौवंशों को नियमित आहार, देखभाल और चिकित्सकीय सुविधा मिलेगी वरन् दुर्घटनाओं पर भी लगाम लगेगी।

छत्तीसगढ़ : दिल्ली के अस्पताल में 7 बच्चों की मौत, सीएम विष्णुदेव साय ने जताया दुख…

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छत्तीसगढ़ : दिल्ली के अस्पताल में 7 बच्चों की मौत, सीएम विष्णुदेव साय ने जताया दुख…

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में बेबी केयर न्यू बॉर्न अस्पताल में आग लगने की घटना पर दुख व्यक्त किया है। सीएम विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स में अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

सीएम विष्णुदेव साय ने एक्स पर लिखा कि नई दिल्ली के विवेक विहार स्थित अस्पताल में लगी आग से नवजात शिशुओं के निधन की खबर से मन अत्यंत दुःखी है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत शिशुओं की आत्मा को शांति और शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करें।

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने राजकोट गेमजोन हादसे पर जताया दुख ज्ञात हो कि पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में बेबी केयर न्यू बॉर्न अस्पताल में शनिवार देर रात आग लगने की घटना में सात शिशुओं की मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि यह अस्पताल अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के बिना चल रहा था। दिल्ली पुलिस ने इस घटना के संबंध में आईपीसी की धारा 304A, 336 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है।

बेबी केयर न्यू बॉर्न अस्पताल के मालिक डॉ. नवीन किची को आरोपी के रूप में मुकदमा दर्ज किया गया है। डीसीपी ने कहा कि अस्पताल में 12 नवजात शिशु भर्ती थे और एक की आग लगने की घटना से पहले ही मौत हो चुकी थी।

सभी 12 नवजात शिशुओं को शेष लोगों की सहायता से बचा लिया गया और इलाज के लिए पूर्वी दिल्ली एडवांस एनआईसीयू अस्पताल, विवेक विहार में स्थानांतरित कर दिया गया। इस बीच, दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग पर नियंत्रण पा लिया गया।